एशिया कप में भारत के न होने से पाकिस्तान को होगा भारी नुकसान, लगेगा 200 करोड़ का झटका

नई दिल्ली  भारत और पाकिस्तान के बीच माहौल काफी ज्यादा खराब चल रहा है। इसकी शुरुआत पिछले महीने भारत के जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से हुई। पाकिस्तान द्वारा किए गए पहलगाम में आतंकी हमले से 26 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई थी। उनका नाम पूछकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया था। इससे पूरे भारत में बदले की आग फेल गई थी। भारत ने पाकिस्तान के इस नापाक काम का जवाब ऑपरेशन सिंदूर के जरिए दिया। 6 और 7 मई की रात को भारत ने पाकिस्तान में आतंकियों के कई ठिकानों को तहस-नहस कर दिया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव के कारण माहौल और भी ज्यादा गंभीर हो गया। भारत में चल रहे आईपीएल को भी एक हफ्ते के लिए सस्पेंड कर दिया गया था। हालांकि, उसके बाद दोनों देशों के बीच सीजफायर हो गया। इस सब के चलते भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते एक बार फिर काफी ज्यादा खराब हो हए। हिंदुस्तान हर जगह पाकिस्तान का विरोध कर रहा है। इसी के चलते अब इंडिया क्रिकेट लेवल पर भी पाकिस्तान का विरोध करने पर पूरी तरह से अग्रसर है। बीसीसीआई ने किया पाकिस्तान का विरोघ  रिपोर्ट के मुताबिक, भारत-पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए संघर्ष के बाद बीसीसीआई ने आगामी महिला इमर्जिंग टीम्स एशिया कप और मेंस एशिया कप 2025 से अपना नाम वापस ले लिया है। यानी दोनों प्रतियोगिताओं में भारतीय टीम हिस्सा नहीं लेगी। बता दें कि मेंस एशिया कप इस बार भारत में होना था। लेकिन, भारत के हाथ खींचने के बाद यह टूर्नामेंट रद्द भी हो सकता है क्योंकि अधिकांश प्रायोजक हिंदुस्तान से ही हैं। भारत के न होने से पाकिस्तान को होगा भारी नुकसान बता दें कि एशिया कप का पिछला संस्करण 2023 में वनडे फॉर्मेट में खेला गया था। इसकी मेजबानी पाकिस्तान के पास थी। लेकिन भारत ने पाकिस्तान जाने से मना कर दिया था, जिसके चलते टीम इंडिया के सभी मैच श्रीलंका में हाइब्रिड मॉडल के तहत खेले गए थे। इससे पाकिस्तान को काफी नुकसान झेलना पड़ा था। अब अगर भारत पाकिस्तान का विरोध करता है और एशिया कप खेलने से मना कर देता है तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को भारी वित्तीय नुकसान हो सकता है। बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया कप और आईसीसी आयोजनों में भारत की भागीदारी से पीसीबी को अनुमानित ₹165–220 करोड़ (20–26 मिलियन डॉलर) प्रति साइकल मिलते हैं। ये मैच वैश्विक स्तर पर बहुत कमाई करने वाले होते हैं और भारत-पाकिस्तान के मुकाबले नियमित रूप से रिकॉर्ड तोड़ व्यूयरशिप और विज्ञापनदाताओं से भारी प्रीमियम आकर्षित करते हैं। एशिया कप के 2024–2032 के प्रसारण अधिकार सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया को 170 मिलियन डॉलर की भारी राशि में बेचे गए थे, जिसका मुख्य कारण भारत की भागीदारी थी। टूर्नामेंट के सबसे बड़े आकर्षण भारत के बिना, इस सौदे पर फिर से बातचीत हो सकती है और इसकी कीमत काफी कम हो सकती है – जिससे राजस्व का पूल कमजोर हो जाएगा और पीसीबी का हिस्सा कम हो जाएगा। वर्तमान में प्रत्येक पूर्ण एसीसी सदस्य को प्रसारण आय का 15% मिलता है। recent visitors 46

ट्रेन के टॉयलेट में आधा घंटे तक फंसी रही महिला, रेलवे चुकाएगा 40 हजार का जुर्माना

भोपाल  ट्रेन में यात्रा के दौरान हुई असुविधा के लिए यात्री की शिकायत की अनदेखी रेलवे को भारी पड़ गई। इस पर भोपाल के जिला उपभोक्ता आयोग ने रेलवे को आदेश दिया है कि वह सेवा में कमी के लिए उपभोक्ता को 40 हजार रुपये का हर्जाना अदा करे। उपभोक्ता ने आयोग में परिवाद कर शिकायत की थी कि यात्रा के दौरान ट्रेन के दरवाजों में तकनीकी खराबी की वजह से उसकी पत्नी करीब आधे घंटे तक टॉयलेट में बंद रह गई थीं। कन्याकुमारी से भोपाल आ रहे थे राजधानी के रविदास नगर के उमेश पांडेय ने जिला उपभोक्ता आयोग में भारतीय रेल प्रबंधक के खिलाफ परिवाद दायर किया था। उनका कहना था कि 20 अप्रैल 2022 को वह त्रिकुल एक्सप्रेस से थर्ड एसी में कन्याकुमारी से भोपाल के लिए परिवार के साथ रवाना हुए थे। इस दौरान उनकी बर्थ फटी हुई थी, टॉयलेट की सीट टूटी थी। उनकी पत्नी टॉयलेट गई तो गेट अंदर से लॉक हो गया। उनके पास मोबाइल भी नहीं था। इस कारण वह करीब आधे घंटे तक उसमें बंद रहीं। ऑनलाइन शिकायत की लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ सहयात्रियों की मदद से उन्हें किसी तरह बाहर निकाला जा सका। उन्होंने रेलवे में ऑनलाइन शिकायत की लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। उपभोक्ता आयोग को उन्होंने कोच के फोटोग्राफ, अपने टिकट की छायाप्रति, रेलवे को की गई शिकायत और वहां से आए जवाब की प्रति भी सौंपी थी। रेलवे ने कस्टमर मानने से ही किया इनकार सुनवाई के दौरान रेलवे ने पहले तो यात्री को कस्टमर मानने से इन्कार कर दिया। यह भी तर्क दिया कि टिकट में यात्रा का अधिकार मिलता है, सुविधाओं का नहीं। टॉयलेट की सुविधा निश्शुल्क होती है, जिस कारण इस मामले को निरस्त किया जाए। जवाब में रेलवे ने यह भी कहा कि शिकायत के बाद मदुरई स्टेशन पर मैकेनिक ने टॉयलेट सीट को सुधारने का प्रयास किया, लेकिन उसे निर्धारित समय पर ठीक नहीं किया जा सका और ट्रेन को अधिक देर तक नहीं रोका जा सकता था। इस तर्क को आयोग ने खारिज कर दिया और रेलवे पर सेवा में कमी का हर्जाना लगाया। recent visitors 45

सुशासन तिहार: सीएम साय ने लगाई पीएचई के सब इंजीनियर को फटकार

  जीपीएम छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार का तीसरे चरण जारी है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हेलीकॉप्टर आज जीपीएम जिले के चुकतीपानी गांव में उतरा. मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और सरकारी योजनाओं का फीडबैक लिया. ग्रामीणों ने गांव में पेयजल व्यवस्था की समस्या से अवगत कराया. जिसपर मुख्यमंत्री ने चौपाल के बीच जल जीवन मिशन के काम में लापरवाही से नाराज होकर पीएचई के सब इंजीनियर को जमकर फटकार लगाई. उन्होंने कहा कि काम करो या फिर सस्पेंड होने के लिए तैयार रहो. सुशासन तिहार के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का अलग-अलग अंदाज देखने को मिला. सीएम साय ने कड़े लहजे में पीएचई के सब इंजनियर को फटकार लगाते हुए कहा कि “या तो ईमानदारी से काम करो या फिर सस्पेंड होने को तैयार रहो. ये सरकार का काम है, कोई मजाक नहीं. गेट आउट…“ इस विशेष अभियान में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अलग-अलग जिलों में बिना पूर्व सूचना के पहुंच रहे हैं. इसी कड़ी में आज मुख्यमंत्री साय का हेलीकॉप्टर जीपीएम जिले के चुकतीपानी गांव में उतरा है. सीएम साय के आगमन पर ग्रामीणों ने उनका पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया. आदिवासी बाहुल्य गांव, चुकतीपानी में सीएम साय ने आज चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सरकार के विभिन्न योजनाओं का फीडबैक लिया. चुकतीपानी में मुख्यमंत्री की घोषणा बता दें कि 5 मई से ‘सुशासन तिहार’ के तीसरे चरण की शुरुआत हो चुकी है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 31 मई तक आकस्मिक दौरे पर निकलेंगे। इस विशेष अभियान के दौरान मुख्यमंत्री किसी भी समय, किसी भी जिले या गांव में अचानक पहुंच सकते हैं. सीएम साय का दौरा पूरी तरह गोपनीय रखा गया है. स्थानीय प्रशासन से लेकर आम जनता तक, किसी को भी इस बात की जानकारी नहीं होगी कि मुख्यमंत्री साय कब और कहां पहुंचेंगे. सीएम साय किसी भी जिले में पहुंचकर आमजनों से सीधे संवाद करेंगे और ग्रामीणों से मिलकर योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक लेंगे. वे समाधान शिविरों में भी शामिल होंगे और लोगों की समस्याओं को मौके पर ही सुनकर समाधान की दिशा में कार्य करेंगे. recent visitors 47

एक वर्ष में स्टार्ट-अप में 30 और महिला स्टार्ट-अप में 34 प्रतिशत की वृद्धि – नई स्टार्टअप नीति हुई लागू

भोपाल मध्यप्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप सेंटर ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। स्टार्ट-अप्स की संख्या, महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों में वृद्धि और राज्य में नवाचार को प्रोत्साहन देने वाली विभिन्न पहलों के चलते पिछला वर्ष अत्यंत सफल रहा है। स्टार्ट-अप्स में हुआ इज़ाफ़ा पिछले एक वर्ष में राज्य में मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप्स की संख्या 4012 से बढ़कर 5230 हो गई, जिसमें 30 फीसदी की वृद्धि हुई है। महिलाओं द्वारा संचालित स्टार्ट-अप्स में 34 फीसदी की वृद्धि हुई है। इनकी संख्या 1864 से बढ़कर 2490 तक पहुँच गई हैं। इन प्रयासों से यह स्पष्ट है कि महिला उद्यमिता को विशेष बल दिया जा रहा है। आज प्रदेश में स्टार्ट-अप्स की संख्या 5300 से अधिक हो चुकी है। निवेश को मिली नई दिशा गत एक वर्ष में राज्य सरकार ने स्टार्ट-अप्स के लिए फंडिंग सुनिश्चित करने हेतु SEBI-अनुमोदित वैकल्पिक निवेश निधियों (AIFs) से साझेदारी की। 5 AIFs का चयन हुआ, जिनमें से 3 Silver Needle, Equanimity Ventures और Unicorn India Ventures Fund ने कुल ₹10.90 करोड़ का निवेश किया। सरकार ने ₹3.03 करोड़ का अंशदान किया। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में हुआ नीति का शुभारंभ ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नई "मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप नीति एवं क्रियान्वयन योजना 2025" का शुभारंभ किया गया। इस दौरान 2500 से अधिक स्टार्ट-अप्स ने भाग लिया और “फ्यूचर फ्रंटियर्स: स्टार्ट-अप पिचिंग सेशन” में 20 स्टार्ट-अप्स को निवेशकों के समक्ष पिच करने का मौका मिला, जिसमें से 19 को निवेशकों द्वारा रुचि पत्र प्राप्त हुए। महिलाओं और कृषि स्टार्ट-अप्स को मिला मंच महिला उद्यमियों को योजनाओं से जोड़ने के लिये 13 अगस्त 2024 को “प्रदेश महिला उद्यमी सम्मेलन” का हुआ। जिसमें 40 से अधिक महिला स्टार्ट-अप्स ने भाग लिया। कृषि क्षेत्र के लिए GAP फंड के माध्यम से फंडिंग की सुविधा दी गई और कृषि आधारित स्टार्ट-अप्स को विभिन्न कार्यक्रमों में भागीदारी का अवसर मिला। राज्यभर में हुआ स्टार्ट-अप जागरूकता का प्रसार मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप सेंटर ने पूरे वर्ष में 50 से अधिक कार्यक्रमों में भाग लिया तथा आयोजन किया, जिनमें 20 से अधिक शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक संगठनों, सरकारी विभागों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों तक की सहभागिता शामिल रही। साथ ही, प्रदेश में आयोजित रीजनल इंडस्ट्रीज़ कोंक्लेव तथा RAMP योजना जैसी पहलों के माध्यम से स्टार्ट-अप्स को जागरूक किया गया। नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने हेतु आयोजित “स्टार्ट-अप क्लीनिक”, “स्टार्ट-अप मार्गदर्शन सत्र” और “इनक्यूबेटर आउटरीच वर्कशॉप” जैसे आयोजनों से प्रदेश में स्टार्ट-अप संस्कृति को मजबूत आधार मिला है। मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप सेंटर ने राज्य में नवाचार और उद्यमिता का वातावरण तैयार किया है साथ ही निवेश, जागरूकता और सहभागिता के नए आयाम भी स्थापित किए हैं।   recent visitors 32

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से जान रहे योजनाओं की हकीकत

बिलासपुर सुशासन तिहार के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का उड़न खटोला बिलासपुर जिले के कोटा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम आमागोहन में उतरा। वनांचल के आदिवासी ग्राम में मुख्यमंत्री श्री साय को अपने बीच पाकर ग्रामीणों में उत्साह और खुशी का माहौल था। वे चिलचिलाती धूप की परवाह किए बगैर अपने राज्य के मुखिया को एक झलक देखने और उन्हें सुनने के लिए घण्टो डटे रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर में जहाँ ग्रामीणों से संवाद किया वहीं मुख्यमंत्री ने समाधान पेटी में डाले गए आवेदनों की निराकरण की स्थिति भी जानी। उन्होंने सुशासन तिहार की सार्थकता को बताते हुए कहा कि आज सुशासन तिहार के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सरकार आपके गाँव में आई है। हमने बीते डेढ़ वर्षों में राज्य के लोगों के हित में कार्य किया है। जो सरकार अच्छा काम करती है उनकी ही हिम्मत होती है जनता के बीच जाने की। सुशासन तिहार एक तरह से हमारा रिपोर्ट कार्ड भी है और हमारी सरकार के द्वारा किए गए कार्यों का आंकलन करने का अवसर भी। इसके माध्यम से सरकार योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन की स्थिति भी जान रही है।    सुशासन तिहार के तीसरे चरण के तहत बिलासपुर जिले के कोटा ब्लॉक के अंतर्गत दूरस्थ आदिवासी ग्राम आमागोहन के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री श्री साय शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी के आशीर्वाद से राज्य में हमारी सरकार बनी और डेढ़ वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवधि में लोकसभा,नगरीय निकाय,नगर पंचायत में हमारी सरकार बनी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत किए गए सभी वादों को पूरा किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शपथ लेते ही अगले दिन से 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने दुर्ग और अम्बिकापुर में भी राज्यवासियों को 3-3 लाख पीएम आवास दिये। इसके अलावा पीएम जनमन आवास और नक्सल क्षेत्रों में आत्म समर्पित परिवारों को आवास दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आवास प्लस में जिनका नाम है उनको भी आवास दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने किसानों का वादा पूरा कर 31 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी का निर्णय लिया। दो वर्ष से बकाया धान बोनस राशि भी दी। उन्होंने कहा कि 70 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वन्दन योजना की राशि उनके खाते में देकर आर्थिक समृद्धि और महिला सशक्तिकरण का द्वार खोला। जिनका नाम छूट गया है उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है,आने वाले दिनों में छूटे हुए हितग्राहियों का नाम भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले हितग्राहियों के हित में निर्णय लेते हुए प्रति मानक बोरा की राशि 4 हजार से 5500 रुपये किया गया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही रामलला दर्शन योजना प्रारंभ कर हितग्राहियों को रामलला का दर्शन कराया है। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने बड़े-बुजुर्गों की इच्छाओं को पूरा करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री तीर्थ योजना को प्रारंभ किया है। इस योजना से तीर्थ यात्रा के इच्छुक परिवार अन्य तीर्थ स्थल का लाभ उठा पाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने 24 अप्रैल से ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ की है। इस योजना से सभी ग्राम पंचायत जुड़ेंगे और ग्रामीणों को गाँव में ही बैंक जैसी सुविधाएं उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्र में किसी भी योजना के हितग्राहियों को राशि निकालने में सुविधा होगी। वही जाति, निवास सहित अन्य दस्तावेज भी मिल पाएंगे। अभी 1460 पंचायत में यह प्रारंभ की गई है। इससे ग्रामीणों को बैंक तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के साथ कार्यवाही भी कर रही है।  उन्होंने बताया कि जमीन की रजिस्ट्री के साथ सरकार ने नामांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ की है। इससे कोई अधिकारी नामान्तरण के नाम पर किसी को घुमा नहीं पायेगा। एक घण्टे से कम समय में नामांतरण हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी को पूरा करने वाली यह सरकार सुशासन की दिशा में कार्य कर रही है। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानन्द, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सुर्यवंशी,कलेक्टर, एसपी आदि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बेलगहना में कॉलेज,आमागोहन में विद्युत सब स्टेशन और सामुदायिक भवन की घोषणा की मुख्यमंत्री श्री साय ने आमागोहन के समाधान शिविर में आई मांग को ध्यान रखकर बेलगहना में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कॉलेज खोलने की घोषणा की। उन्होंने आमागोहन सहित आसपास के ग्रामों में लो वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए 33 केव्ही का विद्युत सब स्टेशन और विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के लिए सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा की। समाधान शिविर में पहुँचे बिलासपुर सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन लाल साहू ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से प्रदेश के कोने-कोने में शिविर का आयोजन कर आवेदन लिए गए। मुख्यमंत्री जी हर छोटे छोटे गाँव में जा रहे हैं। गाँव की समस्याओं का निराकरण भी हो रहा है।  यह सौभाग्य है कि सुशासन तिहार के अंतर्गत वे बिलासपुर जिले के अंतिम छोर के आदिवासी क्षेत्र के गाँव आमागोहन आये। इसके लिए मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में सरकार बनने के कुछ दिनों के भीतर ही मोदी की गारंटी को पूरा किया गया है। अब वे योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी लेने गाँव-गांव जा रहे हैं। उन्होंने बेलगहना में उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज,आमागोहन में विद्युत सब स्टेशन सहित अन्य मांग भी रखी। शासन की योजनाओं से जीवन में आया बदलाव समाधान शिविर में पीएम आवास, महतारी वंदन योजना, पीएम सम्मान निधि के किसानों ने योजना का लाभ उठाकर जीवन में आए बदलाव को बयां किया। पीएम आवास की हितग्राही छोटे लाल ने बताया कि पहले वे खपरैल वाले मिट्टी के घर में रहते थे। इससे साँप,बिच्छु का खतरा बना रहता था। अब पक्का मकान बनने से बारिश के दिनों में होने वाली समस्या दूर हो गई है। महतारी वंदन योजना की हितग्राही … Read more

ठग लाइफ के ट्रेलर पर लोगों ने जताई नाराजगी

मुंबई एक्टर कमल हासन की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘ठग लाइफ’  का ट्रेलर रिलीज हो गया है. ट्रेलर में रोमांटिक सीन्स काफी चर्चा में आ गया है. दरअसल, फिल्म में कमल हासन के अपनी उम्र से आधी एक्ट्रेसेज के साथ रोमांस करने से उनके फैंस नाराज हैं और उन्हें ट्रोल कर रहे हैं. बता दें कि कमल हासन के साथ इस फिल्म में सिलंबरासन लीड रोल में नजर आएंगे. मणिरत्नम के निर्देशन में बनी फिल्म ‘ठग लाइफ’ के ट्रेलर में दिखाए गए रोमांटिक सीन्स को देखने के बाद कुछ दर्शक नाराज हैं. कमल हासन और त्रिशा कृष्णन के बीच दिखाए गए रोमांटिक सीन और अभिरामी के साथ लिप-लॉक को लेकर सोशल मीडिया, खासकर रेडिट पर जमकर बहस छिड़ हुई है. एक यूजर ने ट्रेलर का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, “नहीं भगवान, कृपया नहीं!” एक यूजर ने कमेंट किया, “त्रिशा, श्रुति हासन से सिर्फ 3 साल बड़ी हैं.” एक अन्य यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, “सिर्फ 30 साल का अंतर है. व्यावहारिक रूप से आत्मा के साथी!” एक कमेंट में कहा गया कि “अभिरामी और कमल का 30 साल के अंतर के साथ लिप-लॉक शेयर करना अजीब लगता है.” फिल्म ‘ठग लाइफ’ से मणिरत्नम और कमल हासन की जोड़ी की वापसी हुई है, जो साल 1987 की क्लासिक फिल्म नायकन के बाद दोनों पहली बार एक साथ काम कर रहे हैं. इस फिल्म के जरिए दोनों दिग्गज एक बार फिर दर्शकों के सामने यूनिक कहानी के साथ लौटे हैं. फिल्म 5 जून 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. recent visitors 57

कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा की मौत के मामले में भाई अनुराग मिश्रा ने थाने में शिकायत कराई, दिग्विजय सिंह की मुश्किलें बढ़ीं

भोपाल कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा की मौत के मामले में उनके भाई अनुराग मिश्रा ने थाने में शिकायत की है. अनुराग मिश्रा ने 28 साल बाद भोपाल के टीटी नगर थाने पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह समेत कई लोगों के खिलाफ शिकायत की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि सरला की मौत हत्या थी, जिसके अधिकारियों की मिलीभगत से आत्महत्या दिखाया गया. फरवरी 1997 में सरला मिश्रा की भोपाल के टीटी नगर स्थित आवास में जलने से मौत हो गई थी. अनुराग ने बताया कि पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है. फरवरी 1997 में सरला मिश्रा की भोपाल के टीटी नगर स्थित आवास में जलने से मौत हो गई थी। करीब 1 महीने पहले कोर्ट में पुलिस ने इस मामले में खात्मा रिपोर्ट कोर्ट में पेश की थी। कोर्ट ने रिपोर्ट में गंभीर खामियां पाते हुए इसे खारिज कर दिया और दोबारा जांच के आदेश दे दिए थे। अनुराग मिश्रा ने कहा कि, कोर्ट ने बहन सरला मिश्र की मौत के मामले में जो आदेश दिया है, उसके तहत ही शिकायत दर्ज कराई है। यह स्पष्ट रूप से सामने आया है कि यह हत्या थी, जिसे आत्महत्या में बदल दिया गया। इस मामले को बदलने वालों में तत्कालीन टी.आई. एस.एम. जेडी, डॉ. सत्यपति, डॉ. योगीराज शर्मा, महेंद्र सिंह करचुरी और अन्य शासकीय कर्मचारी व अधिकारी शामिल हैं। इन सभी की जांच होनी चाहिए। इसके अलावा, जिनके कारण यह केस दबाया गया, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, उनके भाई लक्ष्मण सिंह और राजनीतिक लोगों की भी जांच होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा- पुलिस जांच में कई गंभीर खामियां 17 अप्रैल को भोपाल कोर्ट की न्यायाधीश पलक राय ने अपने आदेश में कहा कि मृतका के मृत्यु पूर्व बयान की मेडिकल पुष्टि नहीं की गई। बयान के समर्थन में जो कागज के टुकड़े मिले, उनकी भी स्वतंत्र जांच नहीं कराई गई। घटनास्थल से कोई फिंगर प्रिंट भी नहीं लिया गया। परिवार ने इसे हत्या बताया था और कुछ नेताओं पर आरोप भी लगाए थे। साल 2000 में पुलिस ने केस की फाइल बंद कर दी थी। खात्मा रिपोर्ट अगले 19 वर्ष तक कोर्ट में पेश नहीं की गई। फरवरी 2025 में हाईकोर्ट ने आदेश दिए कि पहले खात्मा रिपोर्ट में बयान दर्ज हों और फिर कार्रवाई की जाए। इसके बाद भोपाल कोर्ट में सुनवाई चली और अनुराग के बयान दर्ज हुए। टीआई बोले- वैधानिक कार्रवाई करेंगे टीटी नगर थाना टीआई मानसिंह ने बताया कि कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा के भाई अनुराग मिश्रा ने एक आवेदन दिया है, जिसमें कोर्ट का आदेश भी लगा हुआ है। इस मामले में पुनः जांच के लिए आवेदन दिया गया है इसमें विवेचना अधिकारी टी.आई. एस.एम. जेडी, डॉ. सत्यपति, डॉ. योगीराज शर्मा, महेंद्र सिंह करचुरी समेत अन्य के नाम शामिल है। इस मामले में जांच के बाद जो भी वैधानिक कार्रवाई होगी की जाएगी। भाई ने कहा- हत्या हुई, पुलिस ने माना सुसाइड कोर्ट के आदेश के बाद अनुराग मिश्रा ने बताया था- हम शुरू से कहते आ रहे हैं कि उनकी हत्या हुई है। पुलिस ने संदिग्ध स्थिति में जला मानकर 309 में केस दर्ज कर लिया और कहा था कि इन्होंने आत्महत्या की है। हम उसी समय के जांच अधिकारी से कहते रहे कि इसमें हत्या हुई है। हमनें लिखकर दिया फिर भी उसकी जांच नहीं हुई। घटनास्थल पर सबसे पहले मेरे माता-पिता पहुंचे थे। उन्हें घटना वाले मकान से बाहर करके ताला लगा दिया था। पुलिस ने माता-पिता और मेरी एक और सगी बड़ी बहन के बयान नहीं लिए। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह से झगड़ा हुआ था सरला के भाई अनुराग मिश्रा ने कहा था कि मेरी बड़ी बहन कांग्रेस की सक्रिय नेता थीं। उनका दस जनपथ पर सोनिया गांधी के घर पर आना-जाना था। उनकी मौत जिन परिस्थितियों में हुई उसमें कई ऐसे तथ्य हैं जो यह बताते हैं कि उनकी हत्या हुई थी, लेकिन पुलिस ने उस वक्त नेताओं को बचाने के लिए 2000 में खात्मा लगा दिया था। भाई ने आरोप लगाया कि मेरी बहन की हत्या हुई है। उनका तत्कालीन सीएम से झगड़ा हुआ था। जिस समय खात्मा लगाया गया था उस समय दिग्विजय सिंह की सरकार थी। 19 साल बाद कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार आई तो रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई। ‘कोर्ट के आदेश के तहत ही शिकायत दर्ज करवाई‘ सरला मिश्रा की मौत के मामले में पुलिस ने करीब एक महीने पहले कोर्ट में मामले में क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी. लेकिन कोर्ट ने रिपोर्ट में कई खामियां पाई थी और रिपोर्ट को खारिज करते हुए फिर से जांच के आदेश दिए थे. अनुराग मिश्रा ने बताया कि कोर्ट के आदेश के आधार पर ही टीटी नगर थाने में शिकायत की है. ‘दिग्विजय सिंह और उनके भाई की जांच हो’ अनुराग मिश्रा ने आरोप लगाया कि हत्या के मामले को आत्महत्या में बदलने वालों में तत्कालीन TI एस एम जेडी, डॉ सत्यपति, डॉ योगीराज शर्मा, महेंद्र सिंह करचुरी और अन्य सरकारी अधिकारी शामिल हैं. इन सभी लोगों की जांच होनी चाहिए. इसके अलावा केस को दबाने में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उनके भाई लक्ष्मण सिंह की भी जांच होनी चाहिए. recent visitors 89