मुंबई में कोरोना के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी के मिले संकेत, खबरों के बीच इन शेयर पर टूटे निवेशक, खरीदने की लूट

मुंबई बीएमसी के अफसरों ने कहा है कि सिंगापुर, हांगकांग, पूर्वी एशिया और अन्य देशों में कोरोना मामलों में बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं। बीएमसी का स्वास्थ्य विभाग इस पर नियंत्रण रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।  देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक बार फिर कोरोना के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं। मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में कुछ 53 कोरोना के पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए बीएमसी ने कोरोना मरीजों के लिए गाइडलाइन जारी की है।  बीएमसी ने नई गाइडलाइन में लोगों को बताया है कि नगरपालिका अस्पतालों में कोविड-19 रोगियों के उपचार एवं मार्गदर्शन की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। मुंबई महानगरपालिका के अस्पतालों में मरीजों के लिए विशेष बिस्तर और विशेष कमरों की व्यवस्था भी की गई है। कोरोना को लेकर बीएमसी कर्मचारी फिर अलर्ट बीएमसी की ओर से जारी बयान के अनुसार पिछले कुछ दिनों में सिंगापुर, हांगकांग, पूर्वी एशिया और अन्य देशों में COVID मामलों की संख्या बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं। बृहन्मुंबई नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग COVID-19 के प्रसार पर नियंत्रण रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है। जनवरी 2025 से अप्रैल 2025 तक कोविड मरीजों की संख्या बहुत कम आई थी। हालांकि, मई से अब तक कुछ मरीज देखे गए हैं, लेकिन बृहन्मुंबई नगर निगम प्रशासन नागरिकों से न घबराने की अपील कर रहा है। बीएमसी के अस्पताल में अलग से बेड की व्यवस्था बृहन्मुंबई नगर निगम के अस्पतालों में कोरोना मरीजों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कई कदम उठाए गए हैं. कोरोना मरीजों के लिए सेवन हिल्स अस्पताल में 20 बिस्तर (एमआईसीयू), 20 बिस्तर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए और 60 सामान्य बिस्तर हैं. इसके अलावा, कस्तूरबा अस्पताल में 2 गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) बेड और 10 बेड का वार्ड है. यदि आवश्यक हुआ तो यह क्षमता बढ़ाई जा सकती है. कोविड-19 के लक्षण COVID-19 के सामान्य लक्षणों में मुख्य रूप से बुखार, खांसी (सूखी या कफ के साथ), गले में खराश या दर्द, थकान महसूस होना, शरीर में दर्द और सिरदर्द शामिल हैं। इसके साथ ही कभी-कभी सर्दी, नाक बहना, स्वाद या गंध का एहसास न होने जैसे लक्षण भी शामिल हो सकते हैं। ये लक्षण प्रायः सामान्य सर्दी-जुकाम के समान हो सकते हैं। प्रत्येक व्यक्ति में भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। गंभीर मामलों में सांस लेने में कठिनाई एक बड़ा खतरे का संकेत है। कोविड से बचने के उपाय अगर आपको कोई भी लक्षण महसूस हो तो आपको तुरंत किसी नगरपालिका क्लिनिक, अस्पताल या पारिवारिक चिकित्सक से परामर्श जरूर लें। ताकि कोरोना को फैलने से समय पर रोका जा सके। इस बीच, कोविड वैक्सीन बनाने वाली कंपनी के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखी जा रही है। साथ ही अन्य फार्मा सेक्टर के शेयरों में भी खरीदारी बढ़ी है। आज मंगलवार को ग्लोबल वैक्सीन निर्माता फाइजर इंक की भारतीय यूनिट फाइजर लिमिटेड के शेयर एनएसई पर 13% तक चढ़ गए और 5,009 रुपये के पार पहुंच गए थे। इन शेयरों में भी तेजी अजंता फार्मा के शेयर में आज तेजी है। इसके अलावा, एबॉट इंडिया लिमिटेड, डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज लिमिटेड में तेजी है। डिवीज़ लैबोरेटरीज लिमिटेड, सनफार्मा, सिप्ला समेत के शेयर फोकस में हैं। बता दें कि पिछली बार कोविड के समय शेयर बाजार पस्त पड़ गया था, बावजूद फार्मा कंपनी के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई थी। ऐसे में निवेशकों में फार्मा कंपनी के शेयरों को लेकर एक बार फिर उत्साह नजर आ रहा है और वे खरीदारी को लेकर अलर्ट हो गए हैं। बता दें कि ग्लोबल मार्केट में बीते सोमवार को साउथ कोरियाई डायग्नोस्टिक किट निर्माता सुगेंटेक इंक. सोमवार को 29% तक उछल गया था। जापान में, कोविड वैक्सीन निर्माता दाइची सैंक्यो के शेयरों में 7.4% तक की बढ़ोतरी हुई थी, जब यूबीएस द्वारा इसके टारगेट प्राइस को भी बढ़ा दिया गया। हांगकांग में, शंघाई जुंशी बायोसाइंसेज कंपनी, जो कोविड टीके भी बनाती है, के शेयरों में 4.3% तक की बढ़ोतरी हुई थी। भारत में स्थिति कंट्रोल बता दें कि देश के विभिन्न राज्यों में कुल 257 सक्रिय COVID मामले दर्ज हैं। इनमें से ज्यादातर मामले केरल, तमिलनाडु और महाराष्ट्र से सामने आए हैं। सरकार के मुताबिक, स्थिति कंट्रोल में और लगातार निगरानी में है। इस बार संक्रमण के लिए ओमिक्रोन के नए वेरिएंट JN.1 और इसके सब-वेरिएंट्स LF.7 और NB.1.8 को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। हालांकि, यह खतरनाक है भी नहीं। अभी इस तरह का कोई प्रमाण नहीं मिला है।   recent visitors 46

ई-पॉस प्रणाली का उपयोग हितग्राहियों द्वारा प्रत्येक माह पृथक बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कर राशन सामग्री का उठाव किया जाएगा

बेमेतरा प्रदेश के राशन कार्डधारियों को राज्य शासन ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जून, जुलाई और अगस्त माह का एक साथ चावल का आवंटन जारी कर दिया है। राशन कार्डधारी को सुविधानुसार एक या तीन माह का चावल उठाव करने का विकल्प होगा। राशन कार्डधारियों को तीन माह का चावल एकमुश्त उठाव करने की बाध्यता नहीं होगी। अन्य राशन सामग्री (शक्कर, नमक, चना, गुड़) का वितरण: नागरिक आपूर्ति निगम में उपलब्ध स्टॉक के आधार पर प्रत्येक माह पृथक-पृथक आबंटन कर वितरण किया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा पत्र जारी कर चावल उत्सव के आयोजन की तिथि का निर्धारण कर उत्सव के दिन 03 महीने का चावल वितरित किया जाए। तीन माह के चावल एवं अन्य राशन सामग्री के परिवहन के लिए वाहन और सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था की जाए। चावल उत्सव के आयोजन के लिए प्रत्येक उचित मूल्य के लिए नोडल अधिकारी की ड्यूटी लगाई जाए, जिनके द्वारा समय सीमा के भीतर राशन सामग्री का भंडारण और चावल वितरण के बाद सत्यापन की कार्रवाई की जाए। इसके अलावा चावल वितरण की सूचना का उचित मूल्य की दुकानों में पोस्टर-बैनर तथा अन्य माध्यमों से प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। माह जून में 03 माह का चावल एवं राशन सामग्री उठाव 31 मई तक कर लिया जाए। ई-पॉस प्रणाली का उपयोग हितग्राहियों द्वारा प्रत्येक माह पृथक बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कर राशन सामग्री का उठाव किया जाएगा। साथ ही ई-पॉस मशीन से रसीद जनरेट कर हितग्राहियों को प्रदाय की जाएगी। चावल उत्सव का आयोजन माह जून में उचित मूल्य दुकानों में तीन माह की चावल वितरण हेतु “चावल उत्सव” का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दुकान स्तर की निगरानी समिति की उपस्थिति में वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। recent visitors 38

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका, पहलगाम आतंकी घटना का नाम ‘शहीद हिंदू घाटी टूरिस्ट प्लेस’ रखा जाए

चंडीगढ़ जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में जिस स्थान पर 26 पर्यटकों को धर्म पूछकर मार डाला गया था, उसके नामकरण को लेकर एक अर्जी मंगलवार को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में पहुंची। इस जनहित याचिका में मांग की गई कि जिस स्थान पर इन लोगों को आतंकियों ने बेरहमी से मार डाला था, उसका नाम- 'शहीद हिंदू घाटी टूरिस्ट प्लेस' रखा जाए। इसके अलावा हमले में मारे गए लोगों को शहीद का दर्जा दिया जाए। इस अर्जी को चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस सुमीत गोयल की बेंच ने खारिज कर दिया। बेंच ने कहा कि ऐसी मांग पर फैसला सरकार या फिर संबंधित अथॉरिटीज की ओर से ही किया जा सकता है। इसमें अदालत की कोई भूमिका नहीं हो सकती। अदालत ने कहा, 'किसी स्थान को कुछ घोषित करना अथवा स्मारक तय करना या फिर नाम में बदलाव करना यह सरकार का काम है। इसके अलावा किसी दिवंगत व्यक्ति को बलिदानी का दर्जा देना भी हमारे हाथ में नहीं है। यह पूरी तरह से सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।' बेंच ने कहा कि अदालत पॉलिसी मेकिंग का काम नहीं कर सकती। हम इससे खुद को दूर ही रखते हैं क्योंकि यह पूरी तरह से संसद या फिर विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में आता है। हालांकि अदालत ने याचिकाकर्ता को यह सुझाव भी दिया कि वह सरकार के समक्ष ज्ञापन दे सकते हैं। उसकी तरफ से ही इस पर कानून के दायरे में विचार किया जा सकता है। इस पर हम विचार नहीं कर सकते।   recent visitors 64

ऑपरेशन सिंदूर में सिर्फ आतंकियों बल्कि पाकिस्तानी सेना को भी इतने जख्म दिए कि उसे भरने में लंबा वक्त लगेगा: सेना

नई दिल्ली सेना ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में चिनार कोर ने पीओके की लीपा घाटी में स्थित सैन्य ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इसे फिर खड़ा करने में 8 से 12 महीने का वक्त लग जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने न सिर्फ आतंकियों बल्कि पाकिस्तानी सेना को भी इतने जख्म दिए कि उसे भरने में लंबा वक्त लगेगा। भारतीय सेना की चिनार कोर ने पीओके की लीपा घाटी में स्थित सैन्य ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। सेना अधिकारियों का कहना है कि इस बुनियादी ढांचे को फिर से खड़ा करने में पाकिस्तान को 8 से 12 महीने का समय लग सकता है। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा ज़िले के अग्रिम क्षेत्र तंगधार स्थित नियंत्रण रेखा (LoC) का दौरा करने पर देखा गया कि मई के दूसरे सप्ताह में ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय जवाबी कार्रवाई के बाद पीओके में पाकिस्तानी सैन्य ढांचा तबाह हो चुका है। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हमने कम से कम तीन पोस्ट, एक गोला-बारूद डिपो, ईंधन भंडारण सुविधा और तोपखाने जैसे कई ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। हमारी जवाबी कार्रवाई इतनी प्रभावशाली थी कि पाकिस्तान को इन सबको दोबारा तैयार करने में लंबा वक्त लगेगा।" पाक के हर हमले का सटीक जवाब एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान सेना ने भारी हथियारों के साथ-साथ हवाई साधनों का भी इस्तेमाल किया, लेकिन भारतीय एयर डिफेंस और 'आकाशदीप' रडार प्रणाली की वजह से वह कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा पाए। भारतीय सेना ने केवल उन्हीं पाक ठिकानों को निशाना बनाया जहां ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाया जा सकता था। अधिकारियों के अनुसार, इस जवाबी कार्रवाई में कम से कम 64 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 96 घायल हुए। हर सीजफायर का तीन गुना जवाब चिनार कोर के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया, "हमारा संदेश साफ था—हम हर सीज़फायर उल्लंघन का तीन गुना जवाब देंगे।" 7 मई को मुज़फ्फराबाद के पास 25 मिनट तक चले सटीक हमले में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। यह हमला 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किया गया था। सेना अधिकारियों ने बताया कि हमले के दौरान एक पाकिस्तानी ब्रिगेड कमांडर ने मस्जिद में छिपते हुए सैनिकों को संदेश भेजा—"पहले जानें बचाओ, दफ्तर बाद में खुल जाएंगे।" पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने हर प्रयास को नाकाम किया। अंततः दोनों देशों ने 10 मई को संघर्ष विराम पर सहमति जताई। recent visitors 44

नवीन जिन्दल की मानवीय पहल — 20,000+ जिन्दल स्टील के कर्मचारी सीमावर्ती गांवों के पुनर्वास के लिए देंगे एक दिन का वेतन 

 रायपुर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता ने जहां देश को गौरव से भर दिया, वहीं जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले हजारों नागरिकों को भीषण मानवीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तानी सेना द्वारा की गई बर्बर गोलाबारी में निर्दोष लोगों की जान गई और घर-गांव तबाह हो गए। ऐसे कठिन समय में जिन्दल स्टील के चेयरमैन और कुरुक्षेत्र से लोकसभा सांसद श्री नवीन जिन्दल ने एक संवेदनशील और मानवीय पहल करते हुए इन पीड़ित परिवारों के पुनर्वास में सहयोग का संकल्प लिया है। इस पहल के तहत श्री नवीन जिन्दल ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है। इस सहयोग में जिन्दल स्टील समूह के 20,000 से अधिक कर्मचारियों द्वारा स्वेच्छा से अपना एक दिन का वेतन देना भी शामिल है। यह सहायता एक व्यक्तिगत दायित्व के साथ साथ एक सामूहिक राष्ट्रीय कर्तव्य भी है। श्री जिन्दल ने कहा, “सीमा पर रहने वाले हमारे नागरिक भी सैनिकों से कम नहीं  हैं। उनका साहस, धैर्य और बलिदान प्रेरणास्पद है। आज जब वे कठिनाई में हैं, तो उनकी सहायता करना हम सभी का नैतिक और राष्ट्रीय कर्तव्य है। हम देशवासियों से अपील करते हैं कि वे भी इस पुनीत कार्य में योगदान दें।” गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में निर्दोष नागरिकों की नृशंस हत्या के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से सीमा पार स्थित आतंकी ठिकानों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई की। इस दौरान पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी में कई भारतीय गांव प्रभावित हुए, जिससे कई नागरिक विस्थापित हो गए। जिन्दल स्टील का यह योगदान कोई नया उदाहरण नहीं है। इससे पूर्व भी कंपनी ने कोविड-19 संकट के दौरान देशभर में ऑक्सीजन आपूर्ति से लेकर मुफ्त भोजन वितरण तक अनेक राहत कार्य किये थे और पीएम केयर्स फंड में 25 करोड़ रुपये का योगदान दिया था। 2013 की उत्तराखंड आपदा में भी कंपनी ने सहायता की थी। इस तरह जिन्दल स्टील हर संकट में राष्ट्र के साथ खड़ी रही है। श्री नवीन जिन्दल का यह निर्णय न केवल एक आर्थिक सहायता है, बल्कि देश से उनके गहरे प्रेम और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रमाण भी है। सीमावर्ती क्षेत्रों के हमारे नागरिकों को यह भरोसा दिलाना आवश्यक है कि संकट की इस घड़ी में देश उनके साथ खड़ा है। जिन्दल स्टील परिवार की यह एकजुटता न केवल पुनर्वास की दिशा में एक ठोस कदम है, बल्कि यह राष्ट्र सेवा की भावना को भी जीवंत बनाती है — यही संकल्प एक सशक्त और एकजुट भारत की नींव है। recent visitors 37

देश के सामने बहुत सारी समस्याएं हैं, 24 घंटे बच्चों को हिंदू-मुसलमान सिखाते हैं: अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नए स्टूडेंट विंग ASAP का गठन किया, जिसका पूरा नाम है- एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स। 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक ने इस मौके पर मेनस्ट्रीम और अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स का अंतर बताते हुए भाजपा और कांग्रेस पर तीखे हमले किए। केजरीवाल ने कहा कि नेताओं के बच्चे विदेश में पढ़ते हैं, जबकि जनता के बच्चों से हिंदू-मुसलमान कराते हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश के सामने बहुत सारी समस्याएं हैं। खाने को नहीं है, पढ़ाई नहीं हैं, इलाज नहीं है, अस्पताल नहीं, सड़कें नहीं हैं। कोई खुश नहीं है। महिलाएं दुखी हैं, स्टूडेंट दुखी हैं,व्यापारी दुखी हैं। सबकी जड़ एक ही है, मेनस्ट्रीम पॉलिटिक्स। भाजपा कांग्रेस और अन्य दलों की जो राजानीति है, जो एक ही ढर्रे पर चलती आर रही है। यह मेनस्ट्रीम पॉलिटिक्स सभी समस्याओं की जड़ है। अरविंद केजरीवाल ने इस दौरान भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार पर भी जोरदार प्रहार किया। उन्होंने राजनीति में हिस्सा लेने की जरूरत बताते हुए कहा, 'आम आदमी पार्टी की जब दिल्ली में सरकार थी तो 24 घंटे बिजली आती थी, आज दिल्ली में पावर कट लगने लगे हैं। बिजली आपके घर आएगी या नहीं इसमें भी राजनीति है। बिजली सस्ती मिलेगी या नहीं इसमें भी राजनीति है। आपको राजनीति का हिस्सा बनना पड़ेगा,इसमें दिलचस्पी लेनी पड़ेगी। जिस तरह की राजनीति चल रही है हमारे देश में वह सभी समस्याओं की जड़ है।' आम आदमी पार्टी ने 10 साल दिल्ली में राज किया और अब पंजाब में हमारी सरकार है। दिल्ली में जिस तरह का काम हमने किया और जिस तरह की राजनीति की, उसे ऑल्टरनेटिव पॉलिटिक्स कहते हैं। हम कहते हैं कि स्कूल बनने चाहिए, ये लोग कहते हैं अच्छे स्कूल नहीं होने चाहिए। हम कहते हैं कि लोगों को इलाज मिलना चाहिए, हमने शानदार अस्पताल बनाए। स्कूल अच्छे कर दिए। स्कूलों को फीस नहीं बढ़ाने दी। तीन महीने नहीं हुए इनकी सरकार बने हुए स्कूलों को बर्बाद करना शुरू कर दिया, क्योंकि यह इनकी राजनीति का हिस्सा नहीं है। 24 घंटे बच्चों को हिंदू-मुसलमान सिखाते हैं: केजरीवाल केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा माफिया को कंट्रोल किया था लेकिन भाजपा की सरकार बनने के तीन महीने के भीतर स्कूलों की फीस बढ़ गई। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने बिजली कंपनियों पर लगाम कसी थी। फिर से पावर कट लग रहे हैं। केजरीवाल ने कहा, 'एक तरफ पूरी दुनिया एआई की बात कर रही है और ये लोग आपके बच्चों को 24 घंटे हिंदू-मुसलमान सिखाते हैं। इनके बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं और आपके बच्चों के हाथ में डंडा देकर मस्जिद के सामने हिंदू मुसलमान कराते हैं।' recent visitors 66

शेयर मार्केट गिरावट के ट्रैक पर तेजी से भाग रहा, सेंसेक्स 873 अंक टूटकर हुआ बंद, निफ्टी भी धड़ाम

मुंबई कोरोना की आहट से भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मचा हुआ है। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन सेंसेक्स 872.98 अंक टूटकर 81,186.44 अंक पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी की बात करें तो 261.55 अंक फिसलकर 24,683.90 अंक पर रहा। शेयर मार्केट अब बड़ी गिरावट की ओर बढ़ चला है। सेंसेक्स 489 अंकों के नुकसान के साथ 81570 पर आ गया है। निफ्टी गिरावट का शतक लगाकर 135 अंक नीचे 24810 पर है। एनएसई पर 2780 स्टॉक्स ट्रेड कर रहे हैं। इनमें 1039 हरे और 1664 लाल हैं। गिरावट के बावजूद 108 स्टॉक्स में अपर सर्किट लगा है और 44 एक साल के हाई पर पहुंच गए हैं। शेयर मार्केट गिरावट के ट्रैक पर तेजी से भाग रहा है। सेंसेक्स 277 अंकों के नुकसान के साथ 81781 पर आ गया है। निफ्टी 75 अंक नीचे 24870 पर है। सेंसेक्स में इटर्नल, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति, बजाज फिनसर्व टॉप लूजर हैं। वहीं, टाटा स्टील, आईटीसी, इन्फोसिस, एनटीपीसी, इंडसइंड बैंक टॉप गेनर्स की लिस्ट में हैं। शेयर मार्केट अच्छी शुरुआत के बाद लड़खड़ाने लगा है। सेंसेक्स 200 से अधिक अंकों की गिरावट के साथ 81804 पर आ गया है। निफ्टी भी 25000 के नीचे ट्रेड कर रहा है। इसमें 61 अंकों की गिरावट है और 24884 के लेवल पर आ गया है। शेयर मार्केट की शुरुआत आज हरे रंग से हुई है। बीएसई का 30 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 56 अंकों की बढ़त के साथ 82116 पर खुला। जबकि, एनएसई का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी तेजी के अर्धशतक के साथ 50 अंक ऊपर 24996 के लेवल से मंगलवार के कारोबार की शुरुआत की। एशियाई बाजारों से सकारात्मक संकेतों पर घरेलू शेयर मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50 की ग्रीन ओपनिंग की उम्मीद है। एशियाई शेयर चार सत्रों में पहली बार चढ़ गए। इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी 50 लाल निशान पर बंद हुए। सेंसेक्स 271 अंक (0.33 प्रतिशत) गिरकर 82,059.42 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 75 अंक (0.30 प्रतिशत) फिसलकर 24,944.45 पर बंद हुआ। सेंसेक्स के लिए प्रमुख ग्लोबल संकेत एशियाई शेयरों में चार सत्रों में पहली बार तेजी आई। जापान का निक्केई 0.50 पर्सेंट ऊपर 37686 के लेवल पर बंद हुआ। कोरिया का कोस्पी भी बढ़त पर रहा। गिफ्ट निफ्टी टुडे गिफ्ट निफ्टी 25,076 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद से लगभग 85 अंक की बढ़त के साथ भारतीय शेयर बाजार सूचकांकों के लिए सकारात्मक शुरुआत का संकेत दे रहा था। वॉल स्ट्रीट का हाल नैस्डैक कंपोजिट 0.02 प्रतिशत ऊपर 19,215.46 पर और डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 137.33 अंक या 0.32 प्रतिशत चढ़कर 42,792.07 पर बंद हुआ। वहीं, एसएंडपी भी मामूली बढ़त के साथ 5963 के लेवल पर बंद हुआ। मंगलवार के लिए ट्रेड सेटअप LKP सिक्योरिटीज के रुपक डे के मुताबिक निफ्टी 25,000 का स्तर पार नहीं होने तक दबाव बना रहेगा। अगर निफ्टी 24,750 से नीचे टूटा, तो गहरी गिरावट संभव है। वहीं, 25,000 के ऊपर बढ़त से 25,250-25,350 का टार्गेट मुमकिन। बजाज ब्रोकिंग के अनुसार, इमीडिएट सपोर्ट 54,800 है। recent visitors 64