चित्तौड़गढ़ में तस्करों के खिलाफ दूसरी बड़ी कार्रवाई, सात क्विंटल से ज्यादा डोडा चूरा जब्त

चित्तौड़गढ़ जिले की बेगूं थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दूसरी बड़ी सफलता हासिल की है। शनिवार रात की गई कार्रवाई में पुलिस ने सात क्विंटल से अधिक डोडा चूरा जब्त किया। आरोपी तस्कर भूसे की आड़ में यह अवैध सामग्री तस्करी कर रहा था। इससे एक दिन पहले ही पुलिस ने 9 क्विंटल से ज्यादा डोडा चूरा बरामद किया था। पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार जिले में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बेगूं सीआई शिवलाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शनिवार रात को कोटा नेशनल हाईवे-27 पर मेनाल सीमा क्षेत्र स्थित एक हाईवे पार्किंग पर नाकाबंदी की। नाकाबंदी के दौरान एक पिकअप वाहन, जिसमें गेहूं का भूसा भरा हुआ था, लाडपुरा से मेनाल की ओर आते हुए देखा गया। पुलिस ने जब वाहन को रुकने का इशारा किया तो चालक ने वाहन को भगा ले जाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस टीम ने उसे चारों ओर से घेरकर पकड़ लिया। जब पिकअप में लदे भूसे को हटाकर तलाशी ली गई, तो पीछे की ओर छिपाकर रखे गए 29 बोरियों में अधकूचला व पिसा हुआ डोडा चूरा बरामद हुआ। इसका कुल वजन 6 क्विंटल 98 किलो 190 ग्राम निकला। पुलिस ने अवैध डोडा चूरा और पिकअप वाहन को जब्त कर लिया और बनवारीलाल पुत्र रामेश्वरलाल यादव को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना बेगूं में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उक्त मादक पदार्थ कहां से लाया गया और इसे कहां ले जाया जा रहा था। आरोपी से तस्करी के नेटवर्क के बारे में गहन पूछताछ की जा रही है। उल्लेखनीय है कि बेगूं पुलिस ने इससे एक दिन पहले भी नेशनल हाईवे पर नाकाबंदी के दौरान 9 क्विंटल 9 किलो 590 ग्राम डोडा चूरा जब्त किया था। उस मामले में बीकानेर जिले के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। recent visitors 42

यूक्रेन में खूनी खेल बंद करने व्लादिमीर पुतिन से बात करेंगे डोनाल्ड ट्रंप

वॉशिंगटन रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता बेनतीजा रहने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि युद्धविराम के लिए वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात करेंगे। उन्होंने कहा, हम राष्ट्रपति पुतिन से यह 'खूनी खेल' बंद करने के लिए बात करेंगे। ट्रंप ने शनिवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि विषय होगा "रक्तपात रोकना।" अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह इसके बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और नाटो के सदस्यों से भी बात करने की योजना बना रहे हैं। ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ‘उम्मीद है कि यह एक उपयोगी दिन होगा।’ एक दिन पहले रूस ने कहा कि तुर्की में यूक्रेन के साथ हुई वार्ता के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। रूस ने कहा कि हो सकता है दोनों देशों के बीच कोई समझौते की स्थिति बने। तुर्किए में हुई वार्ता में दोनों देशों के बीच केवल 1000 बंदियों की रिहाई पर ही समझौता हो पाया था। शांति वार्ता के तुरंत बाद ही रूस ने यूक्रने की एक यात्री बस पर ड्रोन अटैक कर दिया जिसमें कम से कम 9लोगों की मौत हो गई। वहीं पांच से ज्यादा घायल हो गए। इसके बाद भड़के जेलेंस्की ने कहा कि यूरोप के देशों को रूस पर कड़े प्रतिबंध लगा देने चाहिए जिससे उसे सीजफायर के लिए तैयार होना पड़े। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव को फोन कर शुक्रवार को तुर्किये के शहर इस्तांबुल में यूक्रेन और रूस के प्रतिनिधिमंडलों के बीच हुई सीधी वार्ता के नतीजों पर चर्चा की। रूस के विदेश मंत्रालय के वेब पोर्टल पर जारी बयान में कहा गया है, ‘मार्को रुबियो ने युद्धबंदियों की अदला-बदली पर हुए समझौतों और युद्धविराम के लिए आवश्यक शर्तों को रेखांकित करते हुए प्रत्येक पक्ष के अपने स्वयं के प्रस्ताव तैयार करने के इरादे का स्वागत किया।’ बयान में कहा गया है, ‘उन्होंने बातचीत के जरिए समाधान की दिशा में प्रयासों का समर्थन जारी रखने के लिए अमेरिका की तत्परता की पुष्टि की।’ विदेश मंत्री लावरोव ने इस्तांबुल में वार्ता फिर से शुरू करने के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रस्ताव को अंततः स्वीकार करने के लिए यूक्रेन को प्रोत्साहित करने में अमेरिका द्वारा निभाई गई रचनात्मक भूमिका को स्वीकार किया। recent visitors 33

जाैनपुर में पुलिस टीम को कुचलने वाला बदमाश ढेर, दो साथी घायल

जौनपुर जाैनपुर में बीत रात में पशु तस्करों ने पिकअप से थाना जलालपुर की चौकी प्रभारी पराउगंज प्रतिमा सिंह व अन्य पुलिस कर्मियों को जान मारने की नियत से टक्कर मारा था। हादसे में प्रतिमा को गंभीर चोट आने पर ट्राॅमा सेंटर वाराणसी में ईलाज चल रहा है। जिले में सतर्कता के साथ गोतस्करों के खिलाफ चेंकिग अभियान के निर्देश दिए गए थे। 17 मई को प्रभारी निरीक्षक चंदवक सत्य प्रकाश सिंह ने खुज्जी मोड़ पर अपने फोर्स के साथ चेंकिग कर रहे थे। रात करीब 11.50 बजे आजमगढ़-वाराणसी रोड़ पर आजमगढ़ की तरफ से गोतस्कर एक पिकअप में सवार होकर वाराणसी की तरफ जा रहे थे। रोकने का इशारा करने पर वे भागने लगे। घटना की सूचना पर  समस्त पुलिस बल को सक्रिय किया गया। जिले की एसओजी टीम के साथ आसपास के थाने की पुलिस बल ने पिकअप (UP 65 PT 9227) का पीछा किया। पिकअप व गोतस्करों की तलाश और पीछा करते हुए पुलिस गांव ताला बेला, थाना चोलापुर (वाराणसी) पहुची जहां पर गोतस्करों ने पिकअप को छोड़ दो मोटर साइकिल से चंदवक की तरफ भागने लगे। इसी दाैरान पुलिस टीम पर मोटर साइकिल पर बैठे एक गोतस्कर ने जान मारने की नियत से फायर कर दिया। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की। नरेंद्र यादव पुत्र हौसिला प्रसाद यादव निवासी रमना चौबेपुर (वाराणसी) गोलू पुत्र संकठा यादव निवासी टड़िया थाना अलीनगर (चंदाैली) के पैर में गोली लगी है। इसके साथ ही सलमान पुत्र मुसाफिर निवासी मुथरापुर कोटवा थाना जलालपुर (जौनपुर) को सीने में गोली लगने के कारण गंभीर रुप से घायल होने पर सीएचसी डोभी बीरीबारी भर्ती कराया गया। यहां से डाक्टरों बेहतर ईलाज हेतु जिला चिकित्सालय जौनपुर रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान उसकी माैत हो गई। वहीं दूसरे मोटरसाइकिल पर सवार बदमाश राहुल यादव पुत्र तहसीलदार निवासी तालाबेला थाना चोलापुर (वाराणसी) राजू यादव आजाद यादव भाग गए। इनकी गिरफ्तारी हेतु टीमें लगाई गई हैं।   recent visitors 40

Massive fire near Charminar in Hyderabad, eight people including children die

हैदराबाद तेलंगाना में ऐतिहासिक चारमीनार के पास गुलजार हाउस की एक इमारत में रविवार को भीषण आग लग गई। हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई। यहां एक निजी अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आठ लोगों को मृत अवस्था में लाया गया था। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने घटना पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को इमारत में फंसे लोगों को बचाने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने का निर्देश दिया। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी भी मौके पर पहुंचे अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, उन्हें सुबह करीब 6.30 बजे एक फोन आया। इसके बाद वे घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान कई लोग बेहोश पाए गए। उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घटनास्थल का दौरा करने के बाद केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने मीडिया से कहा कि पुलिस ने बताया कि आग दुर्घटना में आठ लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में कुछ बच्चे भी शामिल हैं। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष जी किशन रेड्डी ने कहा, 'आज चारमीनार के पास गुलजार हाउस की एक इमारत में शॉर्ट सर्किट की वजह से हुए हादसे में कुछ लोगों की मौत हो गई है और कुछ घायल हैं। यह घटना सुबह 6 बजे के आसपास हुई। ऐसी घटनाएं बहुत दुखद होती हैं। यहां के लोगों ने बताया कि दमकल विभाग के पास पूरे उपकरण नहीं थे। मैं केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री से बात करूंगा और इस घटना में जिन लोगों की मृत्यु हुई है उनके परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाने की कोशिश करूंगा।' करीब 20 लोगों को अस्पताल ले जाया गया घटनास्थल पर मौजूद एआईएमआईएम के एक विधायक ने मीडिया को बताया कि शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार करीब 20 लोगों को अस्पताल ले जाया गया है। सीएमओ की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि घायलों को तुरंत अस्पतालों में भेजने और उचित चिकित्सा सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। recent visitors 34

तिरंगा यात्रा के अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने शहीदों के परिजनों को शाल और श्रीफल भेंटकर किया सम्मानित

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर जिले के दुलदुला तहसील के चराईडाड़ गांव में तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने गांव के शिव मंदिर के प्रांगण में शहीदों के परिजनों को शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने आपरेशन सिंदूर की सफलता पर भारतीय सेना के प्रति सम्मान और राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए एकजुटता प्रकट करने के उद्देश्य से हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बगीचा विकासखंड के शहीद जवान  एल. के. तिर्की की पत्नी  रोजालिया तिर्की, शहीद जवान एमानुएल केरकेट्टा की पत्नी  निर्मला केरकेट्टा, शहीद जवान अलेक्जेंडर लकडा की पत्नी अल्मा लकड़ा, शहीद जवान प्रभु प्रकाश की पत्नी  ईमालिया एक्का, शहीद जवान  सुनीत लकड़ा के परिजनऐलिन लकड़ा, शहीद जवानएच. सी. इलिसियुस लकड़ा के परिजन कान्ति लकड़ा और जशपुर विकास खंड के भूतपूर्व सैनिक नायक राजू राम, कांसाबेल विकास खंड के भूतपूर्व सैनिक स्वर्गीय रजनीश बड़ा के परिजन मनोभा केरकेट्टा, कुनकुरी विकास खंड के भूतपूर्व सैनिक स्वर्गीय फबीयानोस लकड़ा की पत्नी सुशन लकड़ा और शहीद जवान  सिमोन केरकेट्टा की बहु  माटिल्डा केरकेट्टा को सम्मानित किया। विधायक जशपुर रायमुनी भगत, नगर पालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, पद्मश्री जगेश्वर यादव, विक्रमादित्य सिंह जूदेव, भरत साय, सुनील गुप्ता, कृष्णा राय, सरगुजा कमिश्नर नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, जनप्रतिनिधिगण, आम नागरिक तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। recent visitors 33

ब्रुकलिन ब्रिज से टकराया मैक्सिकन नौसेना का जहाज, 19 लोग घायल, 4 की हालत गंभीर

न्यूयॉर्क अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में शनिवार शाम को एक बड़ा हादसा हुआ जब मैक्सिकन नौसेना का जहाज ‘Cuauhtémoc’ ब्रुकलिन ब्रिज से टकरा गया। इस हादसे में जहाज पर सवार कम से कम 19 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे की पुष्टि न्यूयॉर्क सिटी के मेयर एरिक एडम्स ने एक प्रेस ब्रीफिंग में की है। यह दुर्घटना स्थानीय समयानुसार रात 8:26 बजे हुई, जब जहाज ब्रुकलिन ब्रिज के नीचे से गुजरने का प्रयास कर रहा था। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में हादसे के ठीक पहले के क्षण कैद हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि जहाज ब्रिज के काफी नजदीक पहुंच जाता है और उसके 147 फीट ऊंचे दो मस्तूल पुल से टकरा जाते हैं। जहाज रोशनी से सजा हुआ था और उसपर अधिकतर कैडेट सवार थे। टक्कर के समय जहाज के ऊपरी हिस्से पर कई सफेद ड्रेस में नाविक मौजूद थे, जो टक्कर लगते ही नीचे गिरने लगे। कुछ ने मस्तूल को पकड़कर गिरने से बचने की कोशिश की। घटनास्थल पर मौजूद लोग भी डर के मारे इधर-उधर भागते नजर आए। न्यूयॉर्क फायर डिपार्टमेंट (FDNY) के मुताबिक, दुर्घटना के तुरंत बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। अभी तक सभी घायलों की पहचान उजागर नहीं की गई है, लेकिन सभी चोटें जहाज पर सवार लोगों को ही आई हैं। हादसे की वास्तविक वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। आपको बता दें कि ‘Cuauhtémoc’ मैक्सिकन नौसेना का एक प्रतिष्ठित प्रशिक्षण पोत है, जो अक्सर अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों का दौरा करता है और नौसैनिक कैडेटों को प्रशिक्षण देने के लिए उपयोग में लाया जाता है। इसमें कुल 277 लोग सवार थे, जिनमें नाविक, अधिकारी और कैडेट शामिल थे। recent visitors 40

भारत ने बांग्लादेश पर आर्थिक की स्ट्राइक, आने वाले सामान पर लगाया प्रतिबंध

नई दिल्ली पाकिस्तान की लंका लगाने के बाद अब भारत सरकार ने बांग्लादेश का बैंड बजाने की पूरी तैयारी कर ली है। भारत ने बांग्लादेश पर आर्थिक स्ट्राइक करते हुए आने वाले सामान पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं। पाकिस्तान और चीन परस्त मोहम्मद यूनुस सरकार के खिलाफ भारत ने कड़ा एक्शन लेते हुए  जमीनी रास्तों से रेडिमेड कपड़ों, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों जैसे कुछ सामानों के आयात पर शनिवार को प्रतिबंध लगा दिए। सिर्फ न्हावा शेवा (जवाहरलाल नेहरू पोर्ट, नवी मुंबई) और कोलकाता समुद्री बंदरगाहों के माध्यम से आयात की अनुमति होगी। भारत सरकार के इस फैसले से आने वाले दिनों में बांग्लादेश की युनूस सरकार (Muhammad Yunus) को कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वाणिज्य मंत्रालय के तहत कार्यरत विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। हालांकि, यह प्रतिबंध उन बांग्लादेशी सामानों पर लागू नहीं होगा जो भारत के रास्ते नेपाल और भूटान भेजे जाएंगे। इन परिवर्तनों के लिए देश की आयात नीति में एक नया पैराग्राफ जोड़ा गया है, जो बांग्लादेश से भारत में इन वस्तुओं के आयात को तत्काल प्रभाव से विनियमित करेगा। इससे पहले भारत ने बांग्लादेश को दी गई ट्रांसशिपमेंट सुविधा नौ अप्रैल को वापस ले ली थी। अधिसूचना के अनुसार, बांग्लादेश से तैयार कपड़ों का इंपोर्ट अब केवल न्हावा शेवा और कोलकाता बंदरगाहों के माध्यम से ही किया जा सकेगा, न कि किसी भूमि बंदरगाह के माध्यम से। इसके अतिरिक्त, प्रोसेस्ड फूड, फल और फलों के स्वाद वाले या कार्बोनेटेड पेय, कपास और सूती धागे का वेस्ट, प्लास्टिक और PVC तैयार माल (पिगमेंट, डाई, प्लास्टिसाइज़र जैसे कच्चे इनपुट को छोड़कर) और लकड़ी के फर्नीचर सहित अन्य श्रेणियों के सामानों को भी विशिष्ट बंदरगाह प्रतिबंधों के अंतर्गत लाया गया है। इन वस्तुओं को असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम में स्थित लैंड कस्टम्स स्टेशंस (LCS) या इंटीग्रेटिड चेक पोस्ट (ICP) के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में चंग्रबांधा और फुलबारी लैंड कस्टम्स स्टेशंस के माध्यम से इंपोर्ट नहीं किया जा सकता है। हालांकि, डीजीएफटी ने स्पष्ट किया कि ये बंदरगाह प्रतिबंध भारत से होकर नेपाल और भूटान जाने वाले बांग्लादेशी माल पर लागू नहीं होंगे। इसके अलावा, बांग्लादेश से मछली, एलपीजी, खाद्य तेल और कुचल पत्थर का आयात इन प्रतिबंधों से मुक्त रहेगा। यह घटनाक्रम पिछले महीने सरकार द्वारा ट्रांसशिपमेंट सुविधा को समाप्त करने के कदम के बाद हुआ है, जिसके तहत बांग्लादेश को बंदरगाहों और हवाई अड्डों तक पहुंच के लिए इंडियन लैंड पोर्ट का उपयोग करके तीसरे देशों को माल निर्यात करने की अनुमति दी गई थी। नेपाल तथा भूटान को छोड़कर अन्य देशों को बांग्लादेश भारत के रास्ते सामानों का निर्यात नहीं कर सकता। बताया जा रहा है कि यह निर्णय बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस द्वारा हाल ही में चीन में दिए गए विवादास्पद बयान के संदर्भ में लिया गया है। चीन में युनूस ने कहा था कि भारत के सात पूर्वोत्तर राज्य, जो बांग्लादेश के साथ लगभग 1,600 किमी की सीमा साझा करते हैं के पास समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है। समुद्री रास्ते के लिए भारत के ये राज्य बांग्लादेश पर निर्भर हैं। युनूस ने यह भी कहा था कि बांग्लादेश इस क्षेत्र में हिंद महासागर का एकमात्र संरक्षक है। यूनुस ने चीन को बांग्लादेश के माध्यम से दुनियाभर में माल भेजने के लिए भी आमंत्रित किया था। युनूस के इस बड़बोलेपन को भारत ने बेहद गंभीरता से लिया। बांग्लादेश के इस दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप भारत के भीतरी इलाकों से पूर्वोत्तर तक पहुंच बंद हो गई। बांग्लादेश के भूमि-बंदरगाह प्रतिबंधों के कारण, पूर्वोत्तर राज्यों को स्थानीय रूप से निर्मित वस्तुओं को बेचने के लिए बांग्लादेश के बाजार तक पहुंच की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे बाजार तक पहुंच केवल प्राथमिक कृषि वस्तुओं तक ही सीमित हो गई है। वहीं दूसरी ओर, बांग्लादेश को पूरे पूर्वोत्तर बाजार तक खुली पहुंच हासिल है। इससे अस्वस्थ निर्भरता पैदा हो रही है तथा पूर्वोत्तर राज्यों में विनिर्माण क्षेत्र का विकास अवरुद्ध हो रहा है। दरअसल भारतीय परिधान क्षेत्र ने पहले भी चिंता जताई थी और सरकार से व्यापार असंतुलन का हवाला देते हुए बांग्लादेश को दिए गए ऐसे ट्रांजिट विशेषाधिकारों को वापस लेने का आग्रह किया था। यह निर्णय बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस द्वारा भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर हाल ही में की गई टिप्पणियों का नतीजा बताया जा रहा है। यूनुस ने चीन में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कथित तौर पर कहा था कि भारत के पूर्वी हिस्से में सात भू-आबद्ध राज्य हैं, जिन्हें सात बहनें कहा जाता है और उनके पास समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है। हम समुद्र (बंगाल की खाड़ी) के संरक्षक हैं। उन्होंने चीन को दुनिया भर में इसके माध्यम से माल भेजने के लिए आमंत्रित भी किया था। recent visitors 42