चिलवाहा बायोगैस संयंत्र में हर दिन पांच टन बायो गैस और 50 टन बायोमास पैलेट का निर्माण होगा

भोपाल मध्य प्रदेश के रायसेन जिले को उद्योग के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि मिलने वाली है। रायसेन तहसील के ग्राम चिलवाहा में बायो गैस संयंत्र (biogas plant) की स्थापना के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। केंद्र सरकार के ग्लोबल बायो फ्यूल एलायंस के तहत कपर्दी बायो एनर्जी लिमिटेड द्वारा चिलवाहा में बायोगैस संयंत्र लगाया जा रहा है। जिसमें हर दिन पांच टन बायो गैस और 50 टन बायोमास पैलेट का निर्माण होगा। खास बात यह कि ये उत्पाद नरवाई से बनाए जाएंगे, जो जिले के किसानों से ही खरीदी जाएगी। संयंत्र लगाने के लिए कंपनी ने पांच एकड़ जमीन पर कार्य शुरू कर दिया है। फिलहाल जमीन की लेवलिंग का काम किया जा रहा है।  कंपनी के कार्यकारी अधिकारी अभिषेक पाठक ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस का शुभारंभ किया था, जिसके तहत 2030 तक शुद्ध-शून्य कार्बर उत्सर्जन का लक्ष्य तय किया था। इसी के तहत बायो गैस प्लांट की स्थापना जिले में की जा रही है। रायसेन. संयंत्र लगाने शुरू हुआ काम। बायो गैस प्लांट बनने के बाद होंगे ये फायदे     नरवाई से बनाएंगे बायो गैस तथा बायोमास पैलेट     स्थानीय किसानों से नरवाई (पराली) खरीदी जाएगी। जिससे किसानों को फायदा होगा।     किसान नरवाई जलाना बंद करेंगे।     पर्यावरण सुरक्षित होगा।     क्षेत्र में बायो गैस के उपयोग से पर्यावरण सुरक्षित होने के साथ तापमान पर नियंत्रण होगा।     15 हजार हैक्टेयर फसल की नरबाई का उपयोग बायो गैस बनाने में होगा।     संयंत्र में गोवंश के अवशेष का उपयोग भी बायोगैस बनाने में किया जाएगा, जिससे गोवंश पालकों को भी अतिरिक्त आय होगी।     संयंत्र में गैस बनाने से जैविक खाद बनेगा, जिसे किसानों को दिया जाएगा।     यह खाद पूर्ण जैविक होगा, जिससे किसानों की फसलों का उत्पादन बढ़ने के साथ रसायनों से मुक्ति मिलेगी। किसानों के साथ पर्यावरण को फायदा अभिषेक पाठक ने बताया कि चिलवाहा में बनने वाली बायो गैस और बायोमास पैलेट इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लिमिटेड को देंगे, जिसके जरिए यह उपभोक्ताओं तक पहुंचेगी। गैल कंपनी से भी इस संबंध में अनबंध किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि जिले में गैल कंपनी ने रसोई गैस सप्लाई पर काम शुरू किया है। घरों में पाइप लाइन लगाई जा रही है। recent visitors 60

राजधानी भोपाल से होगी प्रदेशभर में बसों की निगरानी, बीमा-फिटनेस खत्म होते ही जाएगा संदेश

भोपाल बाणगंगा चौराहा हादसे से सबक लेते हुए परिवहन विभाग ने प्रदेश में बसों की निगरानी के लिए नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। हादसे में जिस बस से महिला डॉक्टर की मौत हुई थी, उसका फिटनेस सर्टिफिकेट ही नहीं था। अब ऐसी लापरवाही रोकने के लिए एक केंद्रीकृत निगरानी सिस्टम शुरू किया जा रहा है, जिसकी कमान भोपाल में बने कंट्रोल रूम के हाथ में होगी। भोपाल स्थित परिवहन आयुक्त के कैंप ऑफिस में यह कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है, जहां से पूरे मध्यप्रदेश की बसों के फिटनेस, परमिट, पीयूसी और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) की निगरानी की जाएगी। परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा ने बताया कि इस व्यवस्था की जिम्मेदारी एआरटीओ स्तर के अधिकारियों को दी गई है। पूरे प्रदेश से जुटाया जा रहा डेटा राज्यभर से पंजीकृत 57 हजार बसों की जानकारी एकत्र की जा रही है। इसमें बसों का रजिस्ट्रेशन, परमिट, फिटनेस, पीयूसी और VLTD की स्थिति शामिल है। यह सारा डेटा कंप्यूटर में फीड कर एक एनालिटिकल सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा, जो दस्तावेजों की वैधता खत्म होने से पहले ही अलर्ट भेजेगा। अलर्ट सिस्टम देगा पहले से सूचना सिस्टम में ऐसा अलर्ट फीचर जोड़ा गया है, जो किसी दस्तावेज की वैधता खत्म होने से 7 दिन पहले कंट्रोल रूम की स्क्रीन पर अलर्ट दिखाएगा। जैसे अगर किसी बस का परमिट 15 तारीख को समाप्त हो रहा है, तो 8 तारीख से ही अलर्ट दिखने लगेगा। चिन्हित बसों की जानकारी संबंधित जिले के आरटीओ को भेजी जाएगी, जो बस मालिक को नोटिस जारी कर दस्तावेज अपडेट कराने को कहेगा। तय समय तक दस्तावेज अपडेट नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।     तीन चरणों में लागू होगा प्रोजेक्ट     पहला चरण: 26 हजार शैक्षणिक बसें     दूसरा चरण: 20 हजार यात्री बसें     तीसरा चरण: 11 हजार औद्योगिक संस्थानों की बसें पहले चरण की मॉनिटरिंग इसी महीने के अंत तक शुरू हो जाएगी। भोपाल आरटीओ का नया प्रभार बाणगंगा हादसे के बाद भोपाल आरटीओ रहे जितेंद्र शर्मा को निलंबित कर दिया गया था। उनके स्थान पर सीहोर के जिला परिवहन अधिकारी रितेश तिवारी को भोपाल आरटीओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। साथ ही, निलंबन के बाद खाली हुए नरसिंहपुर जिला परिवहन अधिकारी का कार्यभार जबलपुर की संभागीय उप परिवहन आयुक्त रमा दुबे को दिया गया है। सचिव परिवहन विभाग मनीष सिंह ने गुरुवार को इस संबंध में आदेश जारी किए। हर जिले से रजिस्टर्ड बसों की जानकारी मंगाई जा रही है। इसमें रजिस्ट्रेशन, परमिट, फिटनेस, पीयूसी की वैधता और वीएलटीडी की स्थिति शामिल है। सारा डेटा कंप्यूटर में फीड कर एक एनालिटिकल सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा। तीन चरणों में शुरू होने वाले इस प्रोजेक्ट के पहले चरण की मॉनिटरिंग इसी महीने के अंत तक शुरू हो जाएगी। परिवहन विभाग बुलवा रहा है 57 हजार बसों की जानकारी, आरटीओ को बताएंगे बस का फिटनेस कब खत्म हो रहा है नोटिस से पहले अलर्ट जैसे ही अलर्ट सिस्टम में कोई बस चिन्हित होगी, उसका डेटा संबंधित जिले के आरटीओ को भेजा जाएगा। वहां से बस मालिक को नोटिस भेजकर दस्तावेज समय रहते अपडेट कराने को कहा जाएगा। तय समय तक अपडेट नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी। कैसे काम करेगा सिस्टम: डिप्टी टीसी किरण शर्मा ने बताया कि सॉफ्टवेयर में ऐसा अलर्ट सिस्टम होगा, जो किसी भी दस्तावेज की वैधता खत्म होने से 7 दिन पहले स्क्रीन पर जानकारी ब्लिंक करेगा। मसलन, अगर किसी बस का परमिट 15 तारीख को खत्म हो रहा है, तो 8 तारीख से ही कंट्रोल रूम में अलर्ट आने लगेगा। रितेश तिवारी को भोपाल आरटीओ का अतिरिक्त प्रभार बाणगंगा चौराहा पर अनफिट बस से हुए हादसे के बाद खाली हुए भोपाल आरटीओ के पद का प्रभार रितेश तिवारी को सौंपा गया है। अब तक वह जिला परिवहन अधिकारी सीहोर थे। अब उन्हें भोपाल क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी का भी अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उनका मूल पद सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी है। तीन दिन पहले बाणगंगा चौराहा पर हुए हादसे के बाद भोपाल संभागायुक्त संजीव सिंह ने भोपाल आरटीओ रहे जितेंद्र शर्मा को निलंबित कर दिया था। तब जितेंद्र शर्मा के पास नरसिंहपुर जिले के आरटीओ का भी अतिरिक्त प्रभार था। उनके निलंबन आदेश के बाद नरसिंहपुर जिला जिला परिवहन अधिकारी का पद भी खाली हो गया था। इसलिए जबलपुर कार्यालय संभागीय उप परिवहन आयुक्त रमा दुबे को नरसिंहपुर जिला परिवहन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। सचिव परिवहन विभाग मनीष सिंह ने गुरुवार को आदेश जारी कर दिए हैं। recent visitors 48

आज शनिवार17 मई 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- कुछ लोगों के लिए ट्रिप पर जाने के योग हैं। सही प्रैक्टिस से आप अपने टीचर को खुश कर सकते हैं। अपने आस-पास के लोगों से तारीफ पाना आपके लिए सबसे खुशी की बात रहेगी। वृषभ राशि- पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है। ऑफिस के दौरान सभी जरूरी रूल्स का पालन करें। हेल्दी रहने के लिए रोजाना एक्सरसाइज करें। आज दिन बच्चों और परिवार के साथ समय बिताने का है। मिथुन राशि- आज आपका कोई नया क्रश सामने आ सकता है। किसी शादी या महत्वपूर्ण इवेंट में शामिल होने के लिए विदेश यात्रा का योग बन रहा है। स्टूडेंट्स के लिए अच्छी तैयारी करना आसान हो जाएगा। कर्क राशि- पैसों की प्रॉब्लम होने पर कोई दोस्त आपकी आर्थिक सहायता कर सकता है। आज आपका काम समय पर पूरा हो जाएगा। मम्मी पापा के लिए कोई खास प्लान बनाने से उनका मूड खुश रहेगा। सिंह राशि- पढ़ाई के लिए विदेश जाने का मौका कुछ लोगों को मिल सकता है। जिसे आप पसंद करते हैं, उससे बात करने की आपकी कोशिश आज पूरी हो सकती है। पैसों के मामले में किसी चुनौती को आप अच्छे से संभाल लेंगे। कन्या राशि- अलगाव के बाद कुछ लोगों की लव लाइफ में अच्छे दिन आने वाले हैं। वजन घटाने के लिए डाइट पर फोकस करें। निवेश का कोई लाभदायक अवसर आपके सामने आ सकता है। तुला राशि- किसी शुभ समाचार से परिवार में खुशियां आएंगी। टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों के लिए बेहतरीन अवसर नजर आ रहे हैं। वर्क फ्रॉम होम वालों का दिन भी अच्छा रहने वाला है। वृश्चिक राशि- आप किसी करीबी की शादी या फंक्शन में भी शामिल होने की योजना बना सकते हैं। आज आपको पढ़ाई या जरूरी प्रोजेक्ट को प्राथमिकता देने की सलह दी जाती है। धनु राशि- मौसम का लुत्फ उठाने के लिए अप लॉन्ग ड्राइव पर भी जा सकते हैं। आज अपने पार्टनर के साथ कुछ बेहतरीन पल बिताएं। मौज-मस्ती भरी छुट्टियों पर कुछ जातकों का पैसा खर्च हो सकता है। मकर राशि- हेल्दी खाने से सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। पैसों की सिचूऐशन मजबूत रहने वाली है। ऑफिस में थोड़ी उथल-पुथल हो सकती है, लेकिन चीजें आपके पक्ष में काम करेंगी। कुंभ राशि- सोच समझकर और सलह के साथ ही आगे बढ़ें। अपने बजट पर टिके रहें। स्टूडेंट्स आज सकारात्मक मानसिकता में रहेंगे। आपका साथी कोई पुराना मुद्दा उठा सकता है, जिससे जीवन में परेशानी बढ़ सकती है। मीन राशि- रोजाना मेडिटेशन करना आपके लिए अच्छा रहेगा। कुछ लोगों के वेतन या पॉकेट मनी में बढ़ोतरी मिलने के संकेत हैं। ऑफिस में जरूरी टास्क आज के आज ही पूरा कर लें। recent visitors 67

कर्नल सोफिया-विजय शाह मामले पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 19 मई को, शाह के वकील ने अदालत से समय मांगा था

नई दिल्ली सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी के बाद मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कुंवर विजय शाह के खिलाफ हाई कोर्ट ने एफआईआर का आदेश दिया था। विजय शाह ने हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी जिस पर शुक्रवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन शीर्ष अदालत अब 19 मई को इस पर सुनवाई करेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री विजय शाह के वकील मनिंदर सिंह ने कुछ अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करने के लिए अदालत से समय मांगा है। इस वजह से अगली सुनवाई के लिए 19 मई की तारीख तय की गई है। कर्नल कुरैशी पर मंत्री विजय शाह ने विवादित टिप्पणी की थी। उनकी टिप्पणी के बाद पूरे देश में उनकी आलोचना हो रही है। विपक्ष उन्हें कैबिनेट से बर्खास्त करने की मांग भी उठा रहा है। पहलगाम आतंकवादी हमले के खिलाफ भारत द्वारा शुरू किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी को वायु सेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ नियमित प्रेस ब्रीफिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और इसे उन्होंने बखूबी निभाया। लगातार ब्रीफिंग की वजह से देश में उन्होंने चर्चा बटोरी। उनके खिलाफ दिया गया बयान विजय शाह की असंवेदनशीलता को प्रदर्शित करता है। विजय शाह ने अपने बयान के लिए माफी भी मांगी है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा है कि कर्नल कुरैशी उनकी सगी बहन से भी बढ़कर हैं। इस बीच, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने विंग कमांडर व्योमिका सिंह को लेकर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया है। उनके खिलाफ भी पूरे देश में आक्रोश है। उधर, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंत्री विजय शाह को बर्खास्त किए जाने की मांग करते हुए शुक्रवार को कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल मंगू भाई पटेल को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने के बाद मंत्री को बर्खास्त करने की मांग करते हुए वे राजभवन के गेट नंबर 2 पर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने कांग्रेस विधायकों को समझा-बुझाकर वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस विधायक नहीं माने। हंगामे के बीच पुलिस ने धरना दे रहे विधायकों को हिरासत में ले लिया। recent visitors 59

बिहार सरकार के मंत्रियों ने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा और इसे उनकी नौटंकी करार दिया

पटना कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दरभंगा दौरे के दौरान दलित छात्रावास में कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। इस घटना ने बिहार की सियासत का तापमान बढ़ा दिया है। बिहार सरकार के मंत्रियों ने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा और इसे उनकी नौटंकी करार दिया है। बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि वह अराजकता की मानसिकता वाले व्यक्ति हैं। परिवारवाद और जमींदारी के अहंकार में ये लोग कानून की धज्जियां उड़ाते हैं। ये संविधान का मजाक बनाते हैं और लोकतंत्र में विश्वास नहीं रखते। जनता के बीच घड़ियाली आंसू बहाकर ये सिर्फ वोट बैंक की राजनीति करते हैं। ये नेता नहीं, अभिनेता की भूमिका निभाना चाहते हैं। लेकिन, बिहार की धरती पर जनता को नेतृत्व चाहिए, नौटंकी नहीं। उनका यह कदम लोकतंत्र के खिलाफ है और जनता ऐसी हरकतों को बेहतर तरीके से समझ रही है। वहीं, बिहार सरकार के नगर विकास मंत्री जीवेश मिश्रा ने भी राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी बिहार में ड्रामा करने आए थे। अगर उन्हें दलितों से मिलना था तो अब तक क्या कर रहे थे? 55 साल की उम्र में भी वे बच्चों वाली हरकत कर रहे हैं। अगर उन्हें दलितों की चिंता होती तो उनकी सरकार के समय दलितों की स्थिति इतनी खराब नहीं होती। राहुल गांधी जहां जाते हैं, केवल हंगामा करते हैं। यह उनका मकसद है। बिहार और भारत की जनता इसे अच्छे से समझती है।” एफआईआर के सवाल पर जीवेश मिश्रा ने कहा, “एफआईआर क्यों न दर्ज हो? उनके खिलाफ सबूत हैं। कानून तोड़ना, संविधान की अवहेलना करना और इसे जेब में रखने की मानसिकता गांधी परिवार की पुरानी आदत है। राहुल गांधी की चर्चा करना समय की बर्बादी है। कानून के उल्लंघन को लेकर अगर कार्रवाई की गई है तो यह न्यायसंगत है।" वहीं बिहार भाजपा की प्रवक्ता संगीता कुमारी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बिहार दौरे को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनके बिहार आने-जाने से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला, क्योंकि बिहार की जनता ने अपना मूड बना लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने बिहार में विकास की गंगा बहाई है। विशेष रूप से महिलाओं के उत्थान और समग्र विकास के लिए किए गए कार्यों ने जनता का दिल जीत लिया है। बिहार की जनता पूरी तरह से एनडीए के साथ है और यहां राहुल गांधी का कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। recent visitors 70

केरल भाजपा के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने किया कटाक्ष, जनता पहले ही नकार चुकी, चिदंबरम जैसे नेता अब समझ रहे

नई दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा है कि इंडिया ब्लॉक बिखर रहा है। उनके इस बयान पर भाजपा की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कटाक्ष किया। कांग्रेस की हार का इतिहास याद दिलाते हुए कहा कि उन्हें बहुत देर से गठबंधन की सच्चाई समझ आई। राजीव चंद्रशेखर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "भारत की जनता बहुत पहले यह निर्णय ले चुकी है। जनता ने 2019 में निर्णय लिया, 2024 में निर्णय लिया। कांग्रेस के कुछ नेता भी अब इसे स्वीकार कर रहे हैं।" भाजपा नेता ने आगे कहा, "कोई भी राजनीतिक गठबंधन जिसका आधार अवसरवादिता है, भ्रष्टाचार है, जो वंशवाद को बढ़ावा देती है, और जो सिर्फ प्रधानमंत्री के विरोध के नाम पर बनी है, क्या उसे कभी भी भारत के लोगों का समर्थन मिल पाएगा? भारत की जनता ने भाजपा और नरेंद्र मोदी को एक भरोसेमंद ताकत के रूप में स्वीकार किया है। भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जो देश के मूल्यों में विश्वास करती है और राजनीति को लोगों के जीवन को विकसित करने का जरिया मानती है। प्रधानमंत्री देश के विकास के लिए सातों दिन और चौबीस घंटे काम करते हैं। देश को समृद्ध बनाना, ताकतवर बनाना, उनकी राजनीति का आदर्श है। यही वजह है भाजपा और नरेंद्र मोदी को लगातार जनता का समर्थन मिल रहा है।" इंडिया ब्लॉक अपने भ्रष्टाचार को छुपाने और नरेंद्र मोदी का विरोध करने के नाम पर बना गठबंधन है। ऐसे गठबंधन को जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। पूर्व केंद्रीय गृह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने गुरुवार को कहा था, "इंडिया ब्लॉक का भविष्य उज्जवल नहीं है, मुझे नहीं लगता कि गठबंधन में शामिल दल और नेता एकजुट हैं। यह एक कमजोर गठबंधन लगता है। अगर यह बरकरार रहा तो मुझे बेहद खुशी होगी। मौजूदा समय में देश में बीजेपी से सशक्त कोई दूसरा राजनीतिक दल नहीं है।" चिदंबरम के बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी हमलावर हो गई है। भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आईएनएस से बात करते हुए कहा, "पी चिदंबरम ने कांग्रेस पार्टी को आईना दिखाया है। इंडिया ब्लॉक बिना किसी मिशन, नीति और नेता का गठबंधन है। गठबंधन के सभी दल अपने भ्रष्टाचार को छुपाने और मोदी विरोध के नाम पर एक साथ हैं, लेकिन इनमें एकजुटता नहीं है। दिल्ली में आप और कांग्रेस साथ हैं, पंजाब में अलग, बंगाल में तृणमूल और कांग्रेस अलग हैं और दिल्ली में एक साथ। ऐसे गठबंधन का भविष्य अंधकारमय है।" recent visitors 62

मुख्यमंत्री ने की किसान-कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की समीक्षा, प्रबंधन पर दें विशेष ध्यान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में रागी, कोदो-कुटकी, ज्वार-बाजरा, मक्का जैसे श्रीअन्न का उत्पादन बढ़ाया जाए और किसानों को श्रीअन्न उत्पादन के लिए प्रोत्साहि त किया जाए। किसानों द्वारा उत्पादित श्रीअन्न अब सरकार खरीदेगी। उन्होंने कहा कि तुअर उत्पादक किसानों को अच्छे किस्म के खाद, बीज और उत्पादन वृद्धि के लिए प्रोत्साहन भी दिया जाए। इसके लिए किसानों को फसल अनुदान देने और उनकी फसल का बीमा कराने जैसे नवाचार भी किये जा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव सहकारिता श्री अशोक बर्णवाल, सचिव कृषि श्री एम. सेल्वेन्द्रम सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। कृषि उपज मंडी के अलावा फल व सब्जी मंडी, मसाला मंडी स्थापना के लिए भी करें प्रयास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की सभी मंडियों में प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी मंडियों का विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों से आकस्मिक निरीक्षण करायें। मंडियों की व्यवस्थाओं को और भी बेहतर बनाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई जरूरतों के मुताबिक अब अलग-अलग मंडियों की स्थापना पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंडियों का फसलवार मॉडल तैयार करें। कृषि उपज मंडी के अलावा अब फल व सब्जी मंडी, मसाला मंडी या अन्य विशेष पैदावार की मंडी स्थापना के लिए भी प्रयास किए जाएं। इसके लिए रोडमैप तैयार किया जाए और यदि आवश्यकता है तो इसमें प्रायवेट सेक्टर को भी सम्मिलित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंडियों में जारी वर्तमान व्यवस्थाओं का समुचित तरीके से किसानों के हित में प्रबंधन किया जाए। मंडी शुल्क की प्राप्त राशि से किसानों की कल्याण गतिविधियों पर फोकस किया जाए। आदर्श बनें प्रदेश की कृषि उपज मंडियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की कृषि उपज मंडियों को आदर्श बनाया जाए। मंडियों में कृषि आधारित सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों। मंडियों में किसानों को फसल बेचने में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मंडी में अपनी फसल बेचने आने वाले हर किसान को उसकी उपज का सही दाम मिले किसी का भी नुकसान न होने पाए। मंडियों को और अधिक आधुनिक बनाया जाए यहां किसानों को उनके उपज में गुणवत्ता संवर्धन के बारे में भी बताया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी मंडियां अपने विकास कार्यों के लिए आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने कृषि अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्थानीय निकायों से नई मंडियों की स्थापना/ फसल भण्डारण क्षमता बढ़ाने के लिए समन्वय करें, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए अधिक सुविधाएं मिल सकें। किसानों को मिले प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। प्रदेश के किसानों को रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर उन्नत किस्म के बीज, आधुनिक कृषि यंत्रों, अच्छा भाव, अनुदान आदि का प्रोत्साहन मिले। उन्होंने कहा कि श्रीअन्न रागी, कोदो-कुटकी, मक्का, ज्वार, बाजरा की फसलों को प्रोत्साहन दिया जाए। इन फसलों के उत्पादक क्षेत्र को अच्छी पैदावार करने के लिए प्रोत्साहन मिले। आवश्यकता अनुसार अनुदान की राशि भी बढ़ाई जाए। ग्रीष्मकालीन मूंग में खरपतवारनाशकों के उपयोग को करें हतोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीष्मकालीन मूंग में खरपतवारनाशकों के उपयोग से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए खरपतवारनाशकों को हतोत्साहित करने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा मिले। स्वाभाविक फसलों की पैदावार पर विशेष जोर दिया जाए। कृषि उद्योग समागम के अनुभवों से आगे बढ़ें, किसानों को मिले बेहतर परिणाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के हर संभाग में किसान मेलों का आयोजन करने का निर्णय लिया है। इन मेलों में कृषि आधारित उद्योगों में निवेश पर जोर दिया जा रहा है। हाल ही में मंदसौर जिले के सीतापुर में आयोजित कार्यक्रम में किसानों को कृषि के आधुनिक यंत्रों और तकनीक से अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीतामऊ में हुए कृषि उद्योग समागम के अनुभवों को सामने रखें और इन अनुभवों के आधार पर आगे होने वाले कृषि उद्योग समागमों की तैयारी करें, जिससे किसानों को इन समागमों से अधिक और बेहतर परिणाम प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि किसानों को खेतों में नरवाई जलाने से रोकने के प्रयास किए जाएं। किसानों को हैप्पी सीडर कृषि यंत्र का उपयोग करने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने कृषि यंत्रों को प्रोत्साहन और हर ग्राम पंचायत में हैप्पी सीडर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। तीन फसलों को जल्द ही मिलेगा जीआई टैग बैठक में बताया गया कि राज्य शासन की प्रगतिशीलता से प्रदेश में उत्पादित होने वाली 3 फसलों को बहुत जल्द जीआई-टैग मिल जाएगा। सचिव कृषि ने बताया कि डिंडोरी जिले की नागदमन मकुटकी, सिताही कुटकी और बैंगनी अरहर की फसल को जीआई टैग परीक्षण के लिए भेजा गया है, उम्मीद है कि जल्द ही इन फसलों को जीआई टैग प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि ई-अनुज्ञा प्रणाली लागू करने के बाद प्रदेश में बीते एक अप्रैल 2025 से प्रदेश की सभी 259 मंडियों में ई-मंडी योजना भी लागू कर दी गई है। सभी मंडियों में अब डिजीटल तरीके से रिकार्ड कीपिंग की जा रही है। 26,27 एवं 28 मई को नरसिंहपुर में होगा कृषि आधारित उद्योगों का सम्मेलन बैठक में सचिव कृषि ने जानकारी दी कि आगामी 26, 27 एवं 28 मई को जिला मुख्यालय नरसिंहपुर में कृषि आधारित उद्योगों का सम्मेलन सह विशाल कृषि मेला आयोजित किया जाएगा। आयोजन में कृषि आधारित उद्योगों के बारे में जानकारी के अलावा दुग्ध उत्पादन, मत्स्य उत्पादन, शाक-सब्जी उत्पादन, श्रीअन्न उत्पादन, उद्यानिकी, बागवानी, उन्नति किस्म के बीज, खाद, उर्वरक की जानकारी सहित उन्नत कृषि उपकरणों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि तीन दिन अलग-अलग गतिविधियां होंगी। इस दौरान उन्नत कृषि उपकरणों के साथ किसानों से आधुनिक कृषि उपकरणों की बुकिंग भी कराई जाएगी। कृषि के क्षेत्र में नए र्स्टाट-अप्स के बारे में जानकारी भी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि नरसिंहपुर के बाद 8 से 10 जून 2025 तक सतना में विशाल … Read more