मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पचमढ़ीवासियों ने माना आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से विधायक पिपरिया श्री ठाकुरदास नागवंशी के नेतृत्व में पचमढ़ीवासियों ने मंत्रालय में भेंट की। उन्होंने पचमढ़ी नगर की नजूल भूमि को अभयारण्य की सीमा से पृथक करने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुष्प-गुच्छ और पुष्पहार से अभिवादन किया। इस अवसर पर पूर्व साडा अध्यक्ष श्री कमल धूत और श्री नवनीत नागपाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि साथ थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में 6 मई को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में इस आशय का निर्णय लिया गया था।   recent visitors 53

सोनू निगम ने एफआईआर रद्द करने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख किया, सुनवाई की तारीख तय

बेंगलुरु,  'कर्नाटक भाषा विवाद' को लेकर मुसीबत में फंसे गायक सोनू निगम ने दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले की सुनवाई 15 मई को होगी। एफआईआर बेंगलुरु में एक कार्यक्रम के दौरान कन्नड़ गाने की मांग को लेकर गुस्से में आए निगम के पहलगाम आतंकी हमले से जोड़ने वाले उनके कमेंट से संबंधित है। न्यायमूर्ति शिवशंकर अमरन्नावर की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को सोनू निगम की याचिका को स्वीकार करते हुए सुनवाई की तारीख 15 मई तय की। कर्नाटक पुलिस ने 22 अप्रैल को एक कार्यक्रम के दौरान निगम की टिप्पणियों पर विवाद के बाद 3 मई को एफआईआर दर्ज की थी। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(2) (आपराधिक धमकी), 352 (सार्वजनिक उपद्रव भड़काने वाले बयान) और 352(1) (शांति भंग करने या किसी अन्य अपराध को भड़काने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर कर्नाटक रक्षण वैदिके के बेंगलुरु सिटी जिला इकाई के अध्यक्ष धर्मराज ए. ने दर्ज करवाई है। बेंगलुरु के वीरगोनगर में सोनू निगम का एक शो आयोजित था, जिसमें परफॉर्मेंस के दौरान एक युवक ने उनसे कन्नड़ में गाने की मांग की, जिसके बाद बहस शुरू हो गई थी। सोनू ने कहा था, "कन्नड़, कन्नड़, कन्नड़ इसलिए पहलगाम में हमला हुआ। वहां पर जान ले रहे थे तब भाषा नहीं पूछी गई थी।" उनकी इस टिप्पणी को लेकर जमकर हो-हल्ला मचा और जबरदस्त विरोध देखने को मिला। इस विवाद के बाद सोनू निगम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट भी शेयर किया और माफी मांगते हुए बताया कि वह हमेशा से कर्नाटक की भाषा, संस्कृति, संगीत, कलाकारों का सम्मान करते आए हैं। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान कुछ लोग शोर मचाने के साथ ही धमकी दे रहे थे। पोस्ट के अंत में सोनू ने कर्नाटक के लोगों पर यह फैसला छोड़ दिया कि गलती किसकी है। recent visitors 55

मुख्यमंत्री की घोषणा पर जिला प्रशासन की त्वरित अमल, बल्दाकछार में विभागों द्वारा कार्यवाही शुरू

बलौदाबाजार,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा पर जिला प्रशासन द्वारा त्वरित अमल की जा रही है। इसी कड़ी में कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर जल संसाधन  एवं  क्रेड़ा विभाग के एसडीओ और सब इंजीनियर आज विकासखंड कसडोल अंतर्गत ग्राम बल्दाकछार पहुंचे और सर्वे का काम शुरू किया। मुख्यमंत्री की घोषणा अनुरूप नदी  तट को कटाव से बचाने के लिए महानदी में तटबंध निर्माण हेतु मंगलवार को जल संसाधन विभाग के इंजिनीयर द्वारा  सर्वे किया गया । कार्यपालन अभियंता ने बताया   कि महानदी के बाढ़ से प्रति वर्ष तेजी से हो रहे कटाव से ग्राम बल्दाकछार को सुरक्षित रखने हेतु नदी के दाएं तट में पक्का तटबंध बनाना आवश्यक है। इसके लिए सर्वे का कार्य जारी है।महानदी के तट में  लगभग डेढ़ किलोमीटर की लम्बाई में हो रहे कटाव को रोकने के लिए  लगभग 5 मीटर स्लांट हाईट में सीमेंट कांक्रिट की संरचना बनाकर कटाव को रोका जाएगा। इस कार्य की निर्माण  लागत 888.00 लाख अनुमानित है। तटबंध निर्माण से महानदी के बाढ़ के पानी से हो रहे कटाव को रोका जा सकता है। इसीतरह मुख्यमंत्री की घोषणा अनुरूप ग्राम बल्दाकछार  में हाई मास्ट लाइट लगाने हेतु क्रेड़ा विभाग के इंजीनियर ने सरपंच व ग्रामीणों के साथ सर्वे किया। क्रेड़ा के इंजीनियर ने बताया कि ग्राम बल्दाकछार में हाई मास्ट सयंत्र स्थापना  हेतु गुड़ी चौक एवं कमारपारा का चयन सरपंच एवं ग्रामवासियों के साथ संयुक्त रूप से किया गया। स्वीकृति हेतु प्राक्कलन प्रस्तुत किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार अंतर्गत 9 मई 2025 को आकस्मिक निरीक्षण में ग्राम बल्दाकछार पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर कई घोषणाएं की और अधिकारियों को जरुरी निर्देश दिये थे। recent visitors 50

भारत ने साफ किया, संघर्षविराम को लेकर हुई चर्चाओं में व्यापार या दबाव जैसी कोई बात नहीं हुई, ट्रंप का दावा किया खारिज

वाशिंगटन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सीजफायर की कहानी में  व्यापार धमकी का मसाला डालते हुए दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम (Ceasefire) कराने के लिए अमेरिका ने दोनों देशों को व्यापार रोकने की धमकी  दी थी। ट्रंप के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। हालांकि भारत सरकार ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज  कर दिया है।भारत ने साफ किया है कि संघर्षविराम को लेकर हुई चर्चाओं में व्यापार या दबाव जैसी कोई बात नहीं हुई थी। भारत के अनुसार, यह निर्णय दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधी बातचीत  का नतीजा था। क्या कहा था डोनाल्ड ट्रंप ने? व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि  “हमने भारत और पाकिस्तान से कहा कि अगर उन्होंने लड़ाई नहीं रोकी, तो अमेरिका उनके साथ व्यापार नहीं करेगा। जैसे ही यह बात कही, दोनों देश रुक गए।” उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका की इस ‘सख्त चेतावनी’ ने  परमाणु युद्ध  को टाल दिया।“यह एक परमाणु युद्ध में बदल सकता था, जिससे लाखों लोग मारे जाते। हमने इसे रोक दिया।” भारत का जवाब   सरकारी सूत्रों ने ट्रंप के बयान को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति  जे. डी. वेंस  ने 9 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की थी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 8 और 10 मई को विदेश मंत्री  एस. जयशंकर और 10 मई को एनएसए अजीत डोभाल से बात की।सूत्रों के अनुसार, इन सभी बातचीतों में कहीं भी व्यापार रोकने या दबाव बनाने की कोई चर्चा नहीं हुई ।  कैसे हुआ सीजफायर का फैसला? भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम की जानकारी सबसे पहले ट्रंप ने सार्वजनिक की थी। इसके बाद पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार ने भी पुष्टि की।इसके बाद भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री  ने कहा कि यह फैसला दोनों देशों के DGMO स्तर की बातचीत के बाद हुआ। पाकिस्तान की ओर से पहल की गई थी, जिसके बाद आपसी सहमति से संघर्षविराम लागू किया गया। प्रधानमंत्री मोदी का बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश को संबोधित करते हुए बताया कि भारत ने आतंकवाद और पाकिस्तान के कायराना हमलों का पूरी ताकत से जवाब दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर  तनाव कम करने की अपील  की।मोदी ने बताया कि 10 मई को पाकिस्तान ने भारत के DGMO से संपर्क कर संघर्षविराम पर चर्चा शुरू की।  ट्रंप के बयान भले ही चर्चा में हों, लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि  सीजफायर किसी बाहरी दबाव का नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिति और सुरक्षा कारणों से लिया गया निर्णय था। recent visitors 49

मोटिवेशन: खपत और बचत के बीच बनाये रखें संतुलन

उदारीकरण के मौजूदा दौर में सरकारी क्षेत्र में नौकरी के अवसर कम होते जा रहे हैं. दूसरी ओर निजी एवं कारपोरेट क्षेत्र में नौकरी के मौके में बढ़ोतरी देखी जा रही है. नौकरी के स्वरुप आदि में भी अनेक बदलाव दिखाई पड़ते रहे हैं. सरकारी नौकरी में प्रचलित वेतन के स्थान पर अब निजी एवं कारपोरेट क्षेत्र में पैकेज या सी टी सी जैसी शब्दावली का चलन बढ़ गया है. जैसा कि हम जानते रहे हैं, वेतन का सरल व सीधा अर्थ होता है महीने के अंत में हाथ में मिलने वाली राशि. लिहाजा उस राशि से महीने भर की सारी जरूरतें पूरी करनी की अपेक्षा होती है और साथ में भविष्य के लिए कुछ बचत की भी. सामान्यतः बचत के लिए आम नौकरीपेशा आदमी गुल्लक से लेकर डाकघर या बैंक में बचत या मियादी जमा खाते का सहारा लेता रहा है. कुछ लोग बेशक सोने -चांदी खरीद कर बचत को अंजाम देते रहे हैं. जीवन बीमा को भी जोखिम प्रबंधन के साथ दृसाथ बचत का एक बेहतर जरिया माना जाता रहा है. बहरहाल, पैकेज और सी टी सी के इस जमाने में कहने को तो बहुत कमाने का एहसास होता है, परन्तु महीने के अंत में खाते में बैलेंस देखकर निराशा होती है. दिलचस्प बात तो यह भी है कि इसके बावजूद आज हमें चिंता नहीं सताती, क्यों कि हमें आजकल चार्वाक के सिद्धांत, ऋण लो और घी पीओ को घुट्टी में पिलाने की हर संभव संस्थागत कोशिशें होती हैं, जिसमें क्रेडिट कार्ड, ओवर ड्राफ्ट जैसी लुभावने व आसान, पर वास्तव में काफी मंहगी सुविधाएं शामिल हैं. ऐसे में कमाने की एक सीमा होने के बावजूद खर्च करने की सीमा उससे आगे चली जाती है. गौरतलब बात है कि जब हम अपने कमाए हुए पैसे को कैश (नकद) के रूप में खर्च करने जाते हैं तो मनोवैज्ञानिक दवाब के तहत हम सोचने लगते हैं कि खरीदे जाने वाली चीज की हमें आवश्यकता है भी कि नहीं, या हम यूं ही बिना वजह उसे खरीद रहे हैं. लेकिन अगर कैश के बजाय क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए सामान खरीदने की बात हो, तो फिर कहने ही क्या ? ज्ञातव्य है कि निम्न या मध्यम वर्ग के लोगों के लिए बचत अनायास शायद ही हो पाता है. इसके लिए तो सोच दृविचार कर निर्णय लेना पड़ता है और लेना चाहिए भी. कहते है न, लक्ष्मी चंचल होती है. ऐसे भी, हमारे पॉकेट में रखा सौ रुपया अपने आप एक सौ दस रूपये होने से रहे, लेकिन इसके उलट शाम तक जरुरत दृ बेजरूरत खर्च हो कर सौ से कम होने की संभावना प्रबल रहती है. दरअसल, बचत के मुख्यतः तीन सिद्धांत प्रचलन में है . एक जिसे अधिकांश लोग अपनाते हैं और वह है, कुल मासिक कमाई से 30 दिनों में होने वाले खर्चे के बाद जो राशि बची रहे, उसे बचत के लिए रखा जाय. दूसरा यह कि महीने में सभी आवश्यक चीजों पर होने वाले अनुमानित औसत खर्च के लिए राशि अलग रख कर बची हुई राशि को वेतन मिलते ही बचत के मद में रख दें या फिर तीसरा तरीका जैसा प्रसिद्ध इन्वेस्टमेंट गुरु वारेन बफेट कहते हैं वह यह कि बचत की राशि निर्धारित कर अलग रख लें, फिर बची राशि से महीने भर खर्च करें. कुछ भी करें-कहें, पैसे की फिजूलखर्च से बचने और उसकी बचत के एकाधिक फायदे तो हैं ही, व्यक्ति, समाज और देश – सबके लिए.     recent visitors 62

14 मई यानी बुधवार को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि, कल 11 बजे तक रहेगा अनुराधा नक्षत्र

14 मई यानी बुधवार को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है. द्वितीया तिथि आज देर रात 2 बजकर 30 मिनट तक रहेगी. आज पूरा दिन, पूरी रात पार कर कल सुबह 7 बजकर 2 मिनट तक शिव योग रहेगा. साथ ही आज दोपहर पहले 11 बजकर 47 मिनट तक अनुराधा नक्षत्र रहेगा. इसके अलावा आज रात 12 बजकर 11 मिनट पर सूर्य वृष राशि में प्रवेश करेंगे. जानिए बुधवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय. शुभ मुहूर्त ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि- 14 मई 2025 को देर रात 2 बजकर 30 मिनट तक रहेगी. अनुराधा नक्षत्र- 14 मई को आज दोपहर पहले 11 बजकर 47 मिनट तक अनुराधा नक्षत्र रहेगा, उसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र लग जाएगा. शिव योग-14 मई को पूरा दिन, पूरी रात पार कर कल सुबह 7 बजकर 2 मिनट तक. 14 मई 2025 ग्रह-गोचर- आज रात्रि के समय सूर्य और गुरु ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे. राहुकाल का समय दिल्ली- दोपहर 12:18 – 01:59 PM मुंबई- दोपहर 12:35 – 02:13 PM चंडीगढ़- दोपहर 12:19 – 02:02 PM लखनऊ- दोपहर 12:03 – 01:44 PM भोपाल- दोपहर 12:17 – 01:56 PM कोलकाता- दोपहर पहले 11:33 – 01:12 PM अहमदाबाद- दोपहर 12:36 – 02:15 PM चेन्नई- दोपहर 12:05 – 01:41 PM सूर्योदय और सूर्यास्त का समय सूर्योदय- सुबह 5:31 am सूर्यास्त- शाम 7:03 pm recent visitors 51

मार्केट कैप में कहीं नहीं टिकता पड़ोसी देश, पाकिस्तान के स्टॉक एक्सचेंज की हालत बदतर

नई दिल्ली बीते कुछ दिनों में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की वजह से दोनों देश के स्टॉक एक्सचेंज उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरे हैं। इस दौरान भारत के मुकाबले पाकिस्तान के स्टॉक एक्सचेंज की हालत बदतर हो गई थी। हालात ये हो गए कि पाकिस्तान के कराची स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग कुछ देर के लिए बंद करनी पड़ी। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज की ऐतिहासिक गिरावट की वजह से मार्केट कैपिटल भी गिर गया। स्थिति ये है कि भारत की कई बड़ी कंपनियों का मार्केट कैपिटल पाकिस्तान के कराची स्टॉक एक्सचेंज से ज्यादा है। किस कंपनी का कितना मार्केट कैपिटल अकेले मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैपिटल पाकिस्तान के कुल कैपिटल से कई गुना अधिक है। सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत 1415 रुपये के स्तर पर थी। वहीं, मार्केट कैपिटल करीब 19.17 लाख करोड़ रुपये पर है। एचडीएफसी बैंक के शेयर की कीमत 1923.10 रुपये पर है। वहीं, मार्केट कैपिटल 14.75 लाख करोड़ रुपये है। टाटा की कंपनी टीसीएस के शेयर मंगलवार को 3515 रुपये पर थे। वहीं, मार्केट कैपिटल 12.73 लाख करोड़ रुपये था। इसी तरह, एयरटेल और आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैपिटल क्रमश: 10.38 लाख करोड़ रुपये और 10.20 लाख करोड़ रुपये है। ये सभी आंकड़े भारतीय रुपये में हैं। बता दें कि इंफोसिस समेत कई अन्य लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटल भी पाकिस्तन स्टॉक एक्सचेंज से ज्यादा है। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का हाल भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम होने के बाद अब पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज रिकवरी मोड में है। बीते सोमवार को इस स्टॉक एक्सचेंज में करीब 9.5 प्रतिशत की रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई। मंगलवार को भी निवेशकों का भरोसा बरकरार रहा और एक्सचेंज ने 1.5 प्रतिशत की छलांग लगाई। मंगलवार को कराची स्टॉक एक्सचेंज 1,18,700 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैपिटल बढ़कर ₹15 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये के पार पहुंच गया है। बता दें कि 1 पाकिस्तानी रुपये भारत के 0.30 पैसे के बराबर हैं। इस आधार पर देखें तो पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैपिट 4.55 लाख करोड़ भारतीय रुपये के करीब है। पिछले सप्ताह किस कंपनी का क्या हाल बीते सप्ताह मार्केट कैपिटल के लिहाज से शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। इसके बाद क्रमश: एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फाइनेंस और आईटीसी का स्थान रहा। recent visitors 62