क्या आप जानते हैं, तरबूज के यह 5 फायदे

गर्मी के दिनों में ठंडा-ठंडा, मिठास से भरा तरबूज किसे पसंद नहीं होता। लेकिन यह केवल स्वाद में ही बेमिसाल नहीं है बल्कि सेहत के लिए भी बेहतरीन फल है। यकीन न हो, तो जरूर जानिए तरबूज के यह 5 अनमोल लाभ… -गर्मी के दिनों में शरीर में पानी की कमी से निपटने के लिए यह बढ़िया विकल्प है। तरबूज में पानी की मात्रा सबसे अधिक पाई जाती है जिसे खाने पर आपके शरीर में पानी की आपूर्ति होती है। -वजन कम करने के लिए रोजाना तरबूज का सेवन बेहतरीन विकल्प है। इसे खाने पर पेट भी जल्दी भरता है और शरीर में वसा का संग्रह भी नहीं होता। इतना ही नहीं, यह आपके शरीर को पोषण भी देता है। -तरबूज में विटामिन-ए और सी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो आपकी प्रतिरोधक क्षमता में तो इजाफा करता ही है साथ ही आंखों की सेहत के लिए भी फायदेमंद है। -तरबूज का सेवन आपकी त्वचा में ताजगी और नमी बनाए रखने के साथ ही खूबसूरती को बढ़ाने में भी मददगार है। यह झुर्रियों से बचाने में भी कारगर है। तरबूज के टुकड़े को त्वचा पर रगड़ने पर त्वचा की बेहतर सफाई की जा सकती है। -तरबूज में मौजूद लाइकोपीन कैंसर कोशिकाओं को समाप्त कर इस गंभीर बीमारी से आपकी रक्षा करता है। तरबूज को काला नमक और काली मिर्च के साथ खाने पर अपचन की समस्या दूर होता है और पाचन तंत्र बेहतर कार्य करता है।   recent visitors 68

सनी देओल ने शेयर किया वीडियो, बोले ‘अर्जुन’ की आग अब भी दिलों में जल रही है

मुंबई,  सनी देओल इन दिनों अपनी फिल्म 'बॉर्डर 2' को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। फैंस उनकी इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। दर्शकों को सनी देओल की अधिकतर फिल्मों के नाम और कहानी जुबानी याद हैं। उनकी 1985 में एक फिल्म आई थी, जिसका नाम था 'अर्जुन'… लोगों ने इस फिल्म को काफी पसंद किया। इस फिल्म को 40 साल पूरे हो चुके हैं। फिल्म को लेकर सनी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया।   सनी देओल ने अपने इंस्टाग्राम पर फिल्म से जुड़े कुछ सीन्स साझा किए। वीडियो की शुरुआत फिल्म के एक डायलॉग से होती है, जिसमें सनी कहते हैं, 'मैं उस महाभारत का अर्जुन हूं त्रिवेदी साहब, जिस महाभारत के दुर्योधन आप हैं।' इसके बाद रोमांटिक और एक्शन सीन्स देखने को मिलते हैं और बैकग्राउंड में गाना 'ममैया केरो केरो मामा' प्ले हो रहा है। इस वीडियो को शेयर करते हुए सनी ने कैप्शन में लिखा, '''अर्जुन' जैसी फिल्में, जो कभी क्लासिक थीं, अब समय के साथ पीछे छूट चुकी हैं। भले ही फिल्म का प्रिंट फीका पड़ गया हो, लेकिन इसकी आग अभी भी हमारे दिलों में जलती है। फिल्म की भावना, असर और जज्बा आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। अब वक्त है कि हम सिर्फ फिल्मों को नहीं, बल्कि उन कहानियों की आत्मा को भी फिर से जिंदा करें, जो उन लोगों की आवाज बनी थीं, जिन्हें समाज में भुला दिया गया।'' फिल्म में सनी देओल के साथ एक्ट्रेस डिंपल कपाड़िया नजर आई थीं। इस फिल्म को राहुल रवैल ने निर्देशित किया था। 1985 की यह छठी सबसे ज्यादा कमाने वाली फिल्म थी। फिल्म 'अर्जुन' मालवंकर नाम के एक लड़के की कहानी है, जो मुंबई के मीडिल क्लास परिवार से था। इसका किरदार सनी देओल ने निभाया। फिल्म में दिखाया गया है कि वह पढ़ा-लिखा नौजवान है, फिर भी बेरोजगार है। इसमें उसके दोस्तों का एक ग्रुप भी है, जो बेरोजगार है। फिल्म की कहानी जैसे आगे बढ़ेगी, तो दर्शकों को देखने को मिलेगा कि कैसे सनी देओल सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार को खत्म करते हैं और सभी से बदला लेते हैं। recent visitors 49

इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) के अंतर्गत विभागीय समन्वय हेतु संयुक्त जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन

अलीराजपुर  दिनांक 13 मई 2025 को पुलिस नियंत्रण कक्ष, जिला अलीराजपुर में इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (Inter-Operable Criminal Justice System – ICJS) के प्रभावी क्रियान्वयन एवं विभागीय समन्वय सुदृढ़ करने हेतु एक संयुक्त जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में माननीय न्यायालय, पुलिस विभाग, जिला लोक अभियोजन कार्यालय, जेल प्रशासन तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य विभिन्न आपराधिक प्रकरणों के निपटान हेतु डिजिटल प्रणाली को सशक्त बनाना, विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करना एवं ICJS के पांच प्रमुख स्तंभों–पुलिस, न्यायालय, अभियोजन, जेल एवं फॉरेंसिक प्रयोगशाला के मध्य सूचना के निर्बाध आदान-प्रदान की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी एवं त्रुटिरहित बनाना था। संयुक्त वर्कशॉप मे सर्वप्रथम पुलिस अधीक्षक अलीराजपुर श्री राजेश व्यास द्वारा संयुक्‍त वर्कशॉप में उपस्थित हुये माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलीराजपुर श्री अनीष कुमार मिश्रा, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री राजेन्द्र सेवतिया एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री ज्योत्सना आर्य का स्वागत किया। इसके पश्चात श्री व्यास द्वारा सीसीटीएनएस (CCTNS) प्रणाली के अंतर्गत "इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS)  पोर्टल से संबंधित एक प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया। इस प्रेजेंटेशन में निम्नलिखित सात मुख्य बिंदुओं पर विशेष जानकारी दी गई, जो निम्‍नानुसार है- Police to Court (e-Signed Chargesheet):चार्जशीट को डिजिटल रूप से तैयार कर न्यायालय को ई-साइन के माध्यम से भेजा जाना, जिससे समयबद्धता, प्रामाणिकता और कागज रहित प्रक्रिया सुनिश्चित हो। इसमें वर्तमान में तकनीकी सहयोग एवं प्रशिक्षण की निरंतर आवश्यकता है। एफएसएल रिपोर्ट की इलेक्ट्रॉनिक उपलब्धता:FSL रिपोर्ट अब CCTNS पर SHO एवं SP स्तर तक उपलब्ध होनें पर प्रकरण मे त्‍वरित कार्यवाही हो सकती है।   MedLeaPR (MLC रिपोर्ट का डिजिटल एकीकरण):CCTNS पोर्टल से MLC हेतु अनुरोध भेजे जा रहे हैं, किन्तु समस्त MLC रिपोर्ट अभी भी डिजिटल माध्यम से नहीं मिल पा रही हैं। यदि चिकित्सा संस्थानों के द्वारा MLC रिपोर्ट डिजिटल माध्यम से भेजी जायेगी तो इससे भी प्रकरण में त्‍वरित निराकरण सुनिश्चित होगा। अभियोजन विभाग – E-Prosecution Portal:मसौदा चार्जशीट एवं विधिक राय अब ई-पोर्टल के माध्यम से भेजनें हेतु पुलिस विभाग के द्वारा अधिक से अधिक विवेचकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे भविष्‍य मे फिजिकल दस्तावेजों की निर्भरता कम की जा सके। Online Summon/Warrant (e-Court Integration):e-Court एवं CCTNS के माध्यम से समन/वारंट भेजनें व प्राप्‍त होनें पर समय/मानव संसाधन की बचत होगी, इस हेतु पुलिस विभाग के अधि/कर्म0 को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। E-Sakshya App (डिजिटल साक्ष्य एकत्रीकरण):यह ऐप जांच अधिकारियों को घटनास्थल से फोटो/वीडियो प्रमाण एकत्र कर डिजिटल रूप से सुरक्षित करने में सहायक है। इसके उपयोग में तकनीकी जानकारी, उपकरणों की कमी जैसी चुनौतियाँ सामने आई हैं परंतु इसमें भी अधिक से अधिक अनुसंधान अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाकर कार्य किया जा रहा है। BAMS (जमानत पचिका मॉड्यूल) एवं उच्च न्यायालय से एकीकरण:उच्च न्यायालय द्वारा केस डायरी की मांग CCTNS माध्यम से की जाती है, एवं उत्तर भी डिजिटल रूप से भेजे जानें के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाकर दस्‍तावेजों को ऑनलाईन भेजनें हेतु प्रयास किये जा रहे हैं। संयुक्त वर्कशॉप के समापन के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अनीष कुमार मिश्रा द्वारा संबोधन में कहा गया कि पुलिस अनुसंधान की प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक, तकनीकी और त्रुटिरहित बनाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को अनुसंधान की बारीकियों से अवगत कराया और सुझाव दिया कि समयबद्ध एवं तकनीकी-आधारित अनुसंधान से प्रकरणों में शीघ्र न्याय संभव है। साथही अनुसंधान के दौरान महिलाओं/बच्‍चीयों पर होनें वाले अपराधों में पीडिता की उम्र का निर्धारण निहित दस्‍तावेजों के आधार पर किये जानें हेतु पुलिस अधिकारियों को बताया। इस संयुक्त वर्कशॉप में पुलिस विभाग के समस्त राजपत्रित अधिकारीगण, थाना प्रभारी, जिला अभियोजन अधिकारी, जेल विभाग, एवं चिकित्सा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 49

ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना के एमओयू बाद योजना की सूत्रधार अर्चना चिटनिस ने ताप्ती तट पहुंचकर किया नमन

बुरहानपुर। ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना हमारे देश के खोजी और अन्वेक्षण प्रिय अभियंताओं की भूगर्भीय जल संचय हेतु ऐतिहासिक पहल है। जिसके लिए 30-35 वर्ष तक भू-वैज्ञानिक कभी ताप्ती कछार के बजाडा झोन तो कभी सतपुड़ा की तलहटी में जल रिसाव पर अपने-अपने प्रयोग कर खोजी धर्म का कर्तव्य निर्वहन करते हुए इस ताप्ती नदी के कछार में इस परियोजना की कल्पना को साकार करने में सफल हो सके हैं। जल प्रबंधन की दिशा में उठाया गया यह एक ऐतिहासिक कदम है। इस परियोजना के माध्यम से वर्षों से जल संकट झेल रहे क्षेत्रों को नई उम्मीद मिली है। हमारे वैज्ञानिकों ने जिस दूरदृष्टि, शोध और तकनीकी नवाचार से इस योजना को साकार किया है, वह वास्तव में राष्ट्र के लिए गर्व की बात है। यह सिर्फ एक जल परियोजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते हमारे कदमों की एक ठोस मिसाल है। जब विज्ञान, नीति और जनकल्याण एक साथ मिलते हैं, तब ऐसे परिवर्तनकारी प्रयास जन्म लेते हैं। ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना इसी सोच का सशक्त प्रतीक है। यह बात ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना की सूत्रधार एवं विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कही। मंगलवार को श्रीमती चिटनिस ने ताप्ती तट स्थित बुरहानपुर जिले के ग्राम पंचायत तांदली के लिंगा गांव से मां ताप्ती को नमन किया जहां इस योजना के संबंध में उन्हें ताप्ती पाटबंधारे विकास महामंडल महाराष्ट्र के अधिकारियों ने पहली बार प्राथमिक जानकारी दी थी और इस स्थान पर ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना का बिजारोपण हुआ। जहां से श्रीमती चिटनिस ने इस कार्य को करने का बीड़ा उठाया था। तत्पश्चात श्रीमती अर्चना चिटनिस की उपस्थिति में बुरहानपुर में पत्रकारों के समक्ष योजना का प्रस्तुतिकरण कर इसकी विस्तृत जानकारियों से अवगत कराया। योजना की विस्तृत जानकारी तकनीकी विशेषज्ञ एवं पूर्व सूचना राज्य आयुक्त वी.डी.पाटिल, ताप्ती कार्पाेरेशन जलगांव महाराष्ट्र के कार्यपालन यंत्री उत्तम दाभड़े, जलगांव के अधीक्षक यंत्री यशवंतराव बडाने, वेबकाप्स के मुकेश चौहान इंदौर ने दी।प्रेसवार्ता में महापौर श्रीमती माधुरी पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष गंगाराम मार्काे, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ.मनोज माने, पूर्व महापौर अतुल पटेल, वीरेन्द्र तिवारी, प्रदीप पाटिल, गोपाल चौधरी, मनोज लधवे, राजेश चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण उपस्थित रहे। योजना की सूत्रधार श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना में महाराष्ट्र के धारणी से ताप्ती नदी के दोनों कछार से नहरे बननी हैं। योजना के तहत 273 किलोमीटर लंबी नहर का निर्माण किया जाएगा। जिससे 11.76 क्यूबिक मीटर जल का पुनर्भरण रिचार्ज किया जाएगा। योजना से मध्यप्रदेश के 1,23,082 हेक्टेयर क्षेत्र में एवं महाराष्ट्र के 2,34,706 हेक्टेयर में सिंचाई प्रस्तावित है। दोनों ओर की नहरें ताप्ती कछार में स्थित भूभ्रंश फाल्ट के नजदीक से गुजरने वाली हैं तथा इन नहरों के माध्यम से कंट्रोलेड भूजल पुनर्भरण प्रस्तावित हैं। पुनर्भरण संरचना भू स्तर को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय भूजल बोर्ड सीजीडब्ल्यूबी के वैज्ञानिक निर्धारित करेंगे। इस प्रकार भूगर्भ की संरचना का आधार लेकर लगभग एक लाख करोड़ लीटर 30 टीएमसी पानी का हर वर्ष पुनर्भरण होना है। जिसमें मध्यप्रदेश का 1.23 लाख हेक्टेयर एवं महाराष्ट्र का 2.34 लाख हेक्टेयर पुनर्भरण से लाभान्वित होने वाला है तथा 48 हजार हेक्टेयर सीधी सिंचाई से लाभ होगा। जिससे मध्यप्रदेश के बुरहानपुर एवं खंडवा तथा महाराष्ट्र के जलगांव, बुलढाणा, अकोला और अमरावती जिले के क्षेत्र सम्मिलित हैं। इस योजना की अनुमानित लागत 19 हजार करोड़ रुपए के आसपास है। इसका समुचित लाभांश क्षेत्र 3.57 लाख हेक्टेयर है। श्रीमती अर्चना चिटनिस ने बताया कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजनांतर्गत मुख्य रूप से चार जल संरचनाएं प्रस्तावित हैं। खरिया गुटीघाट बांध स्थल पर लो डायवर्सन वियर: यह वियर दोनों राज्यों की सीमा पर मध्यप्रदेश की खंडवा जिले की खालवा तहसील एवं महाराष्ट्र की अमरावती तहसील में प्रस्तावित है। इसकी जल भराव क्षमता 8.31 टीएमसी प्रस्तावित है। इस योजना में ताप्ती के दाएं तट पर 221 किलोमीटर और बायी तट पर 255 किलोमीटर की नहर अर्थात् महाराष्ट्र धारणी के खरिया गुटी घाट से एक ताप्ती से 3 ताप्ती होकर मध्यप्रदेश की सीमा में सतपुड़ा की तलहटी और नदी के मध्य होकर जल रिसाव की प्रक्रिया के माध्यम से योजना को क्रियान्वित की जाएगी। दाई तट नहर प्रथम चरण: प्रस्तावित खरिया गुटीघाट वियर क़े दाएं तट से 221 किलोमीटर लंबी नहर प्रस्तावित है, जो मध्यप्रदेश में 110 किलोमीटर बनेगी। इस नहर से मध्यप्रदेश के 55 हज़ार 89 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। बाई तट नहर प्रथम चरण: प्रस्तावित खरिया गुटीघाट वियर के बाएं तट से 135.64 किलोमीटर लंबी नहर प्रस्तावित है जो मध्यप्रदेश में 100.42 किलोमीटर बनेगी। इस नहर से मध्यप्रदेश के 44 हज़ार 993 हेक्टर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है। बाईं तट नहर द्वितीय चरण: यह नहर बाईं तट नहर प्रथम चरण के आर डी 90.89 किलोमीटर से 14 किलोमीटर लम्बी टनल के माध्यम से प्रवाहित होगी। इसकी लंबाई 123.97 किलोमीटर होगी, जिससे केवल महाराष्ट्र के 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है। recent visitors 33

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने जशप्योर ब्रांड के उत्पादों की सराहना की

रायपुर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और स्वावलंबन की भावना से ओतप्रोत "जशप्योर" ब्रांड के उत्पादों की सराहना की।  केंद्रीय मंत्री चौहान ने "जशप्योर" के उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 'जशप्योर' न केवल एक ब्रांड है, यह छत्तीसगढ़ी माटी की महक, आदिवासी बहनों की मेहनत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का प्रतीक बन चुका है। उल्लेखनीय है कि मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें जशपुर जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा तैयार की गई जशप्योर ब्रांड की खाद्य पदार्थों से सुसज्जित विशेष परंपरागत टोकरी भेंट की।छत्तीसगढ़ की पहचान बन चुके "जशप्योर" ब्रांड की यह टोकरी केवल उपहार नहीं थी, बल्कि आत्मनिर्भरता, परिश्रम और स्वदेशी कौशल का एक जीवंत प्रतीक थी। छींद कांसा की हस्तनिर्मित टोकरी में सजाए गए उत्पादों में डेकी, कुटा, जवां फूल चावल, टाऊ पास्ता, महुआ कुकीज, रागी, मखाना लड्डू, महुआ गोंद लड्डू, महुआ च्यवनप्राश, ग्रीन टी, शहद और हर्बल सिरप जैसे विविध उत्पाद शामिल थे।  केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने उत्पादों में गहरी रुचि दिखाई और प्रत्येक वस्तु की जानकारी बड़े उत्साह से ली। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों में केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि हमारे जनजातीय समुदाय का परिश्रम और गौरव झलकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को आत्मसात करते हुए, ऐसे लोकल ब्रांड्स को सशक्त बना रही है जो न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवंत बनाए रखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की स्व सहायता समूहों की महिलाएं केवल उत्पाद नहीं बना रहीं, बल्कि आत्मनिर्भर  छत्तीसगढ़ की नींव गढ़ रही हैं। recent visitors 45

डिनो मोरिया का खुलासा, ‘द रॉयल्स’ में मैंने अपने व्यक्तित्व की झलक दी

मुंबई, ईशान खट्टर और भूमि पेडनेकर की वेब सीरीज 'द रॉयल्स' नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई है। इस सीरीज को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। सीरीज में एक्टर डिनो मोरिया भी हैं। दर्शकों को उनका काम पसंद आया है। लोग उनके किरदार की तारीफ कर रहे हैं। लोगों से मिल रही सराहना से खुश डिनो मोरिया ने कहा है कि वह शो के किरदार में अपनी खुद की झलक दिखा रहे थे। डिनो मोरिया ने अपने किरदार के बारे में बताया कि उन्हें एक सनकी किरदार 'सलाहुद्दीन' को निभाने में बहुत मजा आया। यह किरदार उनकी असली जिंदगी के स्वभाव से काफी मिलता-जुलता है। उन्होंने कहा, "इस किरदार को निभाना मेरे लिए एक मजेदार सफर रहा। शूटिंग के दौरान मैंने खूब मजे किए, हंसी-मजाक किया और सेट पर समय का आनंद लिया। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि मुझे यह अवसर देने के लिए आपका धन्यवाद। मैं कैमरे के सामने खुद को पेश कर रहा था। अपने किरदार के जैसा मैं असल जिंदगी में हूं, मुझे यह काफी पसंद आया। यह मजेदार और खुशमिजाज था।" सीरीज में एक रॉयल फैमिली की कहानी है, जिनके महाराजा अपनी वसीयत में खूब सारा कर्ज छोड़ जाते हैं, जिससे अब शाही परिवार परेशान है। ऐसे में उन्हें एक कंपनी से ऑफर आता है कि वे उनके शाही महल को रॉयल बीएनबी में बदलना चाहते हैं। इसमें मेहमान रॉयल फैमिली के साथ रहेंगे। सीरीज में भूमि पेडनेकर ने सोफिया शेखर का किरदार निभाया है, जो एक एम्बिशियस लड़की है और अपनी कंपनी रॉयल और बीबी को टॉप पोजीशन पर पहुंचाने के लिए एड़ी-चोटी का दम लगाती है। वहीं ईशान खट्टर मोरपुर के मोतीबाग महल के महाराज के बड़े बेटे अविराज सिंह की भूमिका में हैं। सीरीज में डिनो की कॉमिक टाइमिंग और बेहतरीन डायलॉग डिलीवरी है, जो कहानी में ताजगी का तड़का लगाने का काम करती है। इस सीरीज में दिग्गज अभिनेत्री जीनत अमान, साक्षी तंवर, विहान समत, काव्या त्रेहान, चंकी पांडे, नोरा फतेही, उदित अरोड़ा, लीसा मिश्रा और सुमुखि सुरेश भी शामिल हैं। यह सीरीज नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम करने के लिए उपलब्ध है। recent visitors 48

विजय शाह ने कर्नल सोफिया के धर्म की ओर इशारा करते हुए उन्हें पाकिस्तानियों की बहन बता आपत्तिजनक बयान दिया

इंदौर प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने ऑपरेशन सिंदूर की प्रशंसा करते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी का नाम लिए बिना उन्हें लेकर अनर्गल बातें कह दीं। उन्होंने महू विधानसभा क्षेत्र की एक सभा में कहा कि जिन लोगों ने बेटियों का सिंदूर उजाड़ा था, मोदीजी ने उन्हीं की बहन भेजकर उनकी हालत खराब कर दी। इस तरह विजय शाह ने कर्नल सोफिया के धर्म की ओर इशारा करते हुए उन्हें पाकिस्तानियों की बहन बता दिया।   विजय शाह का पूरा बयान विजय शाह ने कहा कि उन्होंने (आंतकियों ने) कपड़े उतारकर हिंदुओं को मारा। पीएम मोदी ने उनकी बहन को जहाज में उनके घर भेज ऐसी-तैसी करवा दी। विजय शाह यहीं नहीं रुके। आगे बोले कि पीएम मोदी कपड़े तो उतार नहीं सकते थे, इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा। अगर तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। हमारी बहनों के मान-सम्मान और सुहाग का बदला तुम्हारी जाति और समाज की बहन को भेजकर लिया। भारत की जिन बेटियों पर सबको नाज है, उन बेटियों को लेकर ये शर्मनाक बयान दिया गया है। उन्हें आतंकवादियों की बहन बताया गया है। विजय शाह ने दी बयान पर सफाई इस बयान पर विवाद होने के बाद विजय शाह ने मीडिया को सफाई दी कि हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ने वालों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया गया है। मेरे भाषण को अलग संदर्भ में न देखें। कुछ लोग इसे अलग संदर्भ में देख रहे हैं। वो हमारी बहनें हैं। उन्होंने पूरी ताकत से सेना के साथ मिलकर काम किया है। इस कार्यक्रम में स्थानीय विधायक उषा ठाकुर भी उपस्थित थीं।   कांग्रेस ने की माफी की मांग नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस बयान की निंदा करते कहा कि सेना का अधिकारी हो या सैनिक हो, उसका कोई धर्म नहीं होता। उसका धर्म देश होता है। उसकी देशभक्ति होती है। भाजपा बार-बार मजहब (धर्म) की बात करती है और यह निंदनीय है। विजय शाह को इस बयान पर माफी मांगनी चाहिए। शिवराज सिंह चौहान ने की थी कार्रवाई उल्लेखनीय है कि विजय शाह इससे पहले भी कई बार विवादित बयान देकर घिर चुके हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी को लेकर द्विअर्थी बात कहने पर उन्हें मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था। मध्य प्रदेश में जन्मी हैं सोफिया कुरैशी बता दें, कर्नल सोफिया कुरैशी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर नियमित प्रेस ब्रीफिंग की थी। कर्नल सोफिया आर्मी कम्युनिकेशन की विशेषज्ञ हैं। उनका जन्म मध्य प्रदेश के छतरपुर में हुआ। recent visitors 33