वजन कम करना आसान और उसे मेनटेन रखना आसान काम नहीं, बिना सर्जरी-दवा डॉक्टर ने किया कायापलट

नई दिल्ली वजन कम करना आसान और उसे मेनटेन रखना आसान काम नहीं। यह बात हम 2024 ओलिम्पिक्स में रेसलर विनेश फोगाट के साथ हुई घटना से सीख चुके हैं। एथलीट्स के अलावा हर इंसान को अपने आपको फिट रखना जरूरी है। हमारे आसपास ऐसे कई ऐसे लोग हैं जिनकी वेट लॉस जर्नी हैरतंगेज होने के साथ प्रेरणा देने वाली है। ऐसी ही इंस्पायरिंग जर्नी है एक एनीस्थियोलॉजिस्ट डॉक्टर की। ट्विटर पर उन्होंने कई पोस्ट डाले हैं जिसमें गजब का ट्रांसफॉर्मेशन दिख रहा है। उन्होंने बताया है कि कैसे अपना 120 किलो वजन कम किया। इससे उनकी काया पलट गई। हैरानी की बात है कि उनकी रंगत में भी निखार है। डॉक्टर ने बताया है कि ऐसा क्यों और कैसे हुआ। बीमार और मोटी थीं डॉक्टर जब वेट लॉस की बात होती है तो कई लोगों को ये काम असंभव लगता है। जब हमें आसपास कोई उदाहरण मिल जाता है तो इच्छाशक्ति को थोड़ा बल मिलता है। ट्विटर पर Dr_Vee नाम से हैंडल है जिस पर वेट लॉस से जुड़े कई हैरान करने वाले पोस्ट हैं। एक पोस्ट में उन्होंने पहले और बाद की तस्वीर लगाकर लिखा है, एक डॉक्टर और इतने बीमार रहने वाले मोटे इंसान के तौर पर मैं इतना कह सकती हूं कि कभी-कभी वजन कम करना ही अकेला सॉल्यूशन होता है। सारी बीमारियां हुईं दूर डॉक्टर अपनी जर्नी के बारे में लिखती हैं, जब भी मैं अपनी डॉक्टर के पास हड्डी, स्किन या पीरियड की समस्या को लेकर जाती तो मुझसे हमेशा कहा जाता कि वजन नम करो। एक बार मैंने ऐसा कर लिया तो तबसे शरीर में दर्द से लेकर डार्क स्किन और इररेग्युलर पीरियड्स तक सब ठीक हो गया। मोटापे और पीसीओएस का कनेक्शन यह सिर्फ कॉमन सेंस नहीं बल्कि अगर PCOS जैसी चीजों की तरफ देखा जाए तो फिजियोलॉजी यही है कि एस्ट्रोजन फैट सेल्स से निकलता है इसलिए सिर्फ वजन कम करना ही आखिरी उपाय है। वजन की वजह से ही जोड़ों में प्रेशर पड़ता है। गले के आसपास की स्किन का काला होना एकेन्थोसिस नाइग्रेकेन्स (acanthosis nigricans) है जो कि इंसुलिन रेजिस्टेंस की वजह से होता है। ये सारी चीजें इशारा करती हैं कि शरीर की हेल्थ ठीक नहीं है। कितने समय में कम किया वजन अपनी तस्वीरों के बारे में डॉक्टर ने लिखा है, हां ये दोनों तस्वीरों में मैं हूं और ये अनएडिटेड हैं। कोई बैरियाटिक सर्जरी या फैट लॉस गोली नहीं खाई है। वजन कम करने में 1 साल लगा और टोन्ड बॉडी पाने और इसको मेनटेन करने में कई महीने। 6-7 साल से इतना वजन मेनटेन कर रखा है। कैसे हुआ वेट लॉस कॉन्सेप्ट सिंपल है, आप जितनी कैलोरी खा रहे हैं उससे ज्यादा बर्न करनी है। डायट और एक्सरसाइज दोनों जरूरी हैं। डायट सबसे अहम है और एक ही फॉर्म्युला सबको सूट नहीं कर सकता। मेरी स्किन का कलर कैसे बदला? मैं जेनेटिकली डार्क रंग की नहीं हूं। जब 3 साल की उम्मर में मेरा वजन बढ़ना शुरू हुआ तो चेहरा और गर्दन डार्क होने लगे। मैंने खान-पान की आदतें बदलीं और एक्सरसाइज की तो ये रिवर्स हो गया। हॉरमोनल बैलेंस भी ठीक हो गया। कैसी है डायट डॉक्टर ने बताया है कि उन्होंने चावल खाने पूरी तरह से बंद कर दिए। सिर्फ मिलेट्स खाती हैं। डायट से शुगर और फ्राइड फूड्स हटा दिए और जल्दी खाने की सलाह दी। डॉक्टर ने बताया वह होल फूड्स, हाई फाइबर और प्रोटीन रिच डायट लेती हैं। बाहर के खाने में साउथ इंडियन खाती हैं। recent visitors 113

हर घर तिरंगा अभियान जिले में पूरी गरिमा के साथ उत्सव के रूप में मनाया जाए- कलेक्टर नीरज कुमार सिंह

उज्जैन  उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत जिले में स्वतंत्रता दिवस के पूर्व तिरंगा यात्राएं, तिरंगा रैली, तिरंगा मैराथन, तिरंगा संगीत कार्यक्रम, तिरंगा कैनवास, तिरंगा सेल्फि और तिरंगा मेले जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंगी । जिले में देशभक्ति की भावना पर केंद्रित तिरंगा यात्राएं ,दौड़/ मैराथन, बाइक-साइकिल -कार रैली भी जन भागीदारी से आयोजित की जाएंगी। हर घर पर तिरंगा लगाने ,तिरंगे के साथ डीपी लगाने के साथ ही वेबसाइटों पर तिरंगा बैनर लगाने की गतिविधियों को जन अभियान बनाया जाएगा। प्रशासनिक संकुल भवन में आयोजित बैठक में कलेक्टर सिंह ने निर्देश दिए  कि आगामी रविवार को प्रातः 10:30 बजे शहर में सागर स्टेडियम से शहीद पार्क तक तिरंगा यात्रा निकाली जाएं। उन्होंने नगर निगम उज्जैन, उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा विभाग आदि सभी विभागों को तिरंगा यात्रा में शामिल होने और सभी आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर नीरज सिंह ने परिवहन विभाग को ऑटो वाहन रैली निकाले जाने के संबंध में भी निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर सिंह ने स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सभी ऐतिहासिक इमारतें, शासकीय भवनों और प्रमुख चौक-चौराहों पर रोशनी किए जाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मृणाल मीना, अपर कलेक्टर महेंद्र कवचे, अपर कलेक्टर अनुकूल जैन सहित सभी विभागों की जिलाधिकारी उपस्थित रहें।   recent visitors 112

सदन में आपका आचरण सबसे खराब है, चिल्लाने की हिम्मत कैसे की, सांसद पर भड़के जगदीप धनखड़

नई दिल्ली पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक मुकाबले से पहले भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट को अयोग्य ठहराये जाने के मुद्दे पर चर्चा कराए जाने की मांग को राज्यसभा में आसन की ओर से खारिज किए जाने के बाद विपक्ष ने गुरुवार को उच्च सदन से बहिर्गमन किया। इस दौरान विपक्ष के कुछ सदस्यों के अमर्यादित आचरण से दुखी होकर सभापति जगदीप धनखड़ यह कहते हुए आसन छोड़कर चले गए कि वह कुछ समय के लिए आसन पर बैठने में खुद को सक्षम नहीं पा रहे हैं। सुबह सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर धनखड़ ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और उसके बाद शून्यकाल आरंभ करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) अजीत गोपचड़े को अपना मुद्दा उठाने को कहा। इसके तुरंत बाद कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस सहित विपक्ष के कुछ सदस्य अपने स्थान पर खड़े हो गए और फोगाट को अयोग्य ठहराए जाने के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग करने लगे। हंगामे के बीच ही गोपचड़े अपना मुद्दा उठा रहे थे। इसी दौरान तृणमूल के डेरेक ओब्रायन कुछ कहते हुए सुने गए। सभापति ने जब हंगामा कर रहे सदस्यों की बात को अनसुनी कर दिया तो सदन में शोरगुल और तेज हो गया। विपक्षी सदस्यों की ओर से फोगाट के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी गई। सभापति ने इसके बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को मौका दिया। उन्होंने कहा कि कल ही हमने यह मुद्दा उठाया था और यह बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने कहा, 'यह मुद्दा व्यक्तिगत तौर पर किसी के लिए चिंता में डालने वाला नहीं है।' खरगे अभी बोल ही रहे थे कि सभापति ने उनसे पूछा कि वह कौन सा मुद्दा उठाना चाहते हैं। खरगे ने कहा कि फोगाट का मुद्दा। इस पर सभापति ने खरगे से पूछा कि क्या वह इस मुद्दे पर चर्चा चाहते हैं? नेता प्रतिपक्ष ने कहा, 'चर्चा कीजिए…इसके पीछे कौन है? और कैसे केवल 100 ग्राम…।' सभापति ने खरगे को मुद्दा उठाने देने से रोकते हुए कहा कि वह इस सदन को ऐसे मंच के रूप में इस्तेमाल नहीं करने देंगे। उन्होंने खरगे से कहा कि वह नियमों का उपयोग करें। इसी दौरान विपक्ष के सदस्यों का हंगामा शुरू हो गया। हंगामा देख सभापति ने डेरेक का नाम लेकर कहा कि वह आसन पर चिल्ला रहे हैं। उन्होंने डेरेक से कहा, 'सदन में आपका आचरण सबसे खराब है। आप आसन पर चिल्ला रहे हैं। मैं इसकी निंदा करता हूं। अगली बार मैं आपको दरवाजा दिखा दूंगा। आपने आसन पर चिल्लाने की हिम्मत कैसे की?' विपक्ष के नेता की ओर हाथ करते हुए सभापति ने कहा कि और वरिष्ठ नेता इस पर (डेरेक के आचरण पर) कोई ध्यान नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा, ''यह दुर्भाग्यपूर्ण आचरण है।'' इसी दौरान नारेबाजी करता हुआ समूचा विपक्ष सदन से बहिर्गमन कर गया। सभापति ने इस पर कहा, 'हमने सबसे बदसूरत दृश्य देखा है। हमने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र का काला दौर देखा है। हम जानते हैं कि यह कैसे शुरू होता है। इसकी शुरुआत सबसे पहले संसदीय संस्थाओं को चुनौती देने से होती है। और यह चुनौती जून 1975 में दी गई थी। यहां एक गंभीर चुनौती थी। क्या कोई इस तरह का आचरण कर सकता है।' सभापति की इस टिप्पणी के बाद सदन के नेता जे पी नड्डा ने कहा कि विपक्ष ने आसन को तकलीफ पहुंचाई और यह संसदीय मर्यादाओं का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने कहा, 'यह सच में निंदनीय है।' उन्होंने विशेषतौर पर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों के आचरण की निंदा करते हुए कहा कि यह उनके लिए चिंतन करने वाला प्रश्न है। उन्होंने कहा, 'जहां तक विनेश फोगाट का सवाल है। यह पक्ष और विपक्ष का सवाल नहीं है। यह देश का सवाल है। सारा देश उनके साथ खड़ा है। यह भारतीय खेल को आगे बढ़ाने का विषय है, जिसमें सब लोग भावनात्मक तरीके से जुड़े हुए हैं और विनेश के साथ खड़े हैं।' उन्होंने कहा कि खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विनेश को चैंपियन ऑफ चैंपियंस कहा है और यह भी कहा है कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा, 'दुर्भाग्य इस बात का है इसको भी हम पक्ष और विपक्ष में बांटने का प्रयास कर रहे हैं। शायद विपक्ष विषय विहीन हो चुका है। मुद्दा विहीन हो चुका है। कोई ठोस मुद्दा नहीं है उनके पास।' इसके बाद धनखड़ ने कहा कि इस पवित्र सदन को अराजकता का केंद्र बनाना, भारतीय प्रजातंत्र के ऊपर कुठाराघात करना, सभापति की गरिमा को धूमिल करना और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण वातावरण बनाना यह अब मर्यादित आचरण नहीं है। उन्होंने कहा, 'मैं हाल के दिनों में देख रहा हूं, जिस तरीके से आसन को चुनौती दी जा रही है। शब्दों से, पत्र के द्वारा, अखबार के माध्यम से…कितनी गलत टिप्पणी की है। मैंने देखा है। मेरे को यह चुनौती नहीं दी जा रही है। यह सभापति के पद को दी जा रही है। यह चुनौती है इसलिए दी जा रही है कि जो व्यक्ति इस पद पर बैठा है वह इसके लायक नहीं है, ऐसा यह सोचते हैं।'   recent visitors 131

कोलार 8 लाख की लूट का खुलासा, जिसकी गाड़ी बुक की उसी को बनाया था शिकार, 3 बदमाश गिरफ्तार

भोपाल  रातीबड़ थाना पुलिस ने बुधवार को 19 जुलाई को लूटी गई एक कैब के मामले का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने कार को जब्त कर तीन लुटेरों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपित कोलार के रहने वाले हैं और उनका आपराधिक रिकॉर्ड भी है। पुलिस ने 75 से ज्यादा बदमाशों के रिकॉर्ड खंगाले और लगभग 500 सीसीटीवी खंगालने के बाद आरोपितों की गिरफ्तारी करने में कामयाब मिली है। आरोपितों से कार समेत करीब आठ लाख कीमत का माल बरामद हुआ है। आरोपितों ने आठ माह पहले सीहोर में भी इस तरह से एक कार लूट की घटना की थी। यह है घटनाक्रम पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक अशोका गार्डन का रहने वाला योगेश यादव कार चालक है। वह वर्तमान में रेलवे पुलिस से सेवानिवृत्त लक्ष्मीकांत नगादच की कैब चलाया था। 19 जुलाई को तीन लोग उसके पास आए और रातीबड़ जाने के लिए कैब बुक की। बाद में उसे रातीबड़ में ग्राम सरबर पर रोका और आगे फार्महाउस पर छोड़ने का झांसा देकर अंधेरे में लेकर गए और उससे बुरी तरह मारपीट करने के बाद झाड़ियों में फेंककर भाग गए थे। बाद में पीड़ित कार चालक ने उसी दिन बिलकिसगंज सीहोर में एफआइआर दर्ज कराई। शून्य पर मामले की केस डायरी रातीबड़ थाने पहुंची। जहां 26 जुलाई को असल कायमी होने के बाद पुलिस आरोपितों की तलाश में लगी। आरोपितों तक ऐसे पहुंची पुलिस रातीबड़ थाना पुलिस ने इस लूट के आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए दो टीमें बनाईं। एक टीम को थाना प्रभारी रासबिहारी शर्मा ने नेतृत्व किया और दूसरी का एसआई राघवेंद्र सिकरवार ने किया। दोनों टीमों ने मिलकर करीब 500 सीसीटीवी खंगाले और 75 बदमाशों का रिकॉर्ड चेक किया तो पता चला कि एक अपराध इस तरह से बिलकिसगंज में भी हुआ था। इस पर तीन आरोपितों की पहचान हुई, जो कोलार के रहने वाले थे। बाद में पुलिस ने तीनों आरोपित को गिरफ्तार किया। संगीन मामले दर्ज हैं आरोपितों पर पुलिस ने आम्र विहार कालोनी कोलार रोड निवासी योगेश नाथ, फाइन एवेन्यू प्रियंका नगर के पास कोलार निवासी आकाश राय, रोड कालोनी कोलार रोड निवासी केशव अहिरवार को गिरफ्तार किया है। योगेश नाथ पर हत्या के प्रयास से लेकर लूट के मामले दर्ज हैं। बाकी दोनों आरोपितों का भी आपराधिक रिकार्ड है। आरोपितों के विरुद्ध थाना कोलार, चूनाभट्टी, टीटी नगर, कमलानगर एवं उमरावगंज रायसेंन में भी पूर्व से लूट, अडीबाजी, मारपीट, जान से मारने की धमकी जैसे मामले दर्ज हैं। recent visitors 141

विनेश के भारत आने के बाद वह उनसे बात करेंगे और उन्हें 2028 ओलंपिक में खेलने के लिए राजी करेंगे: चाचा महावीर फोगाट

नई दिल्ली पेरिस ओलंपिक में कुश्ती की 50kg कैटेगरी से अधिक वजन के चलते डिस्क्वालिफआई हुई विनेश फोगाट ने आज यानी गुरुवार, 8 अगस्त को तड़के सुबह संन्यास का ऐलान कर दिया। उनके इस ऐलान के बाद पूरा देश स्तब्ध है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मां, कुश्ती मेरे से जीत गई, मैं हार गई…माफ करना आपका सपना मेरी हिम्मत सब टूट चुके इससे ज्यादा ताकत नहीं रही अब। अलविदा कुश्ती 2001-2024। आप सबकी हमेशा ऋणी रहूंगी माफी। विनेश फोगाट के रिटायरमेंट के ऐलान के बाद फैंस निराश थे कि वह अब इस पहलवान को फिर से कभी लड़ते हुए नहीं देख पाएंगे। हालांकि अब उनके चाचा महावीर फोगाट ने विनेश के रिटायरमेंट वापस लेने की थोड़ी उम्मीद जगाई है। उनका कहना है कि विनेश के भारत आने के बाद वह उनसे बात करेंगे और उन्हें 2028 ओलंपिक में खेलने के लिए राजी करेंगे।   भारतीय कुश्ती के एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे महावीर फोगट ने विनेश की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए एएनआई से कहा “वह इस बार ओलंपिक स्वर्ण लाने वाली थी, लेकिन अयोग्य घोषित कर दी गई। इस तरह के झटके के बाद दुखी होना स्वाभाविक है और इसलिए उसने यह निर्णय लिया। एक बार जब वह घर वापस आ जाएगी, तो हम उससे 2028 ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा करने के बारे में बात करने की कोशिश करेंगे।” हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि अयोग्य ठहराए जाने के बावजूद विनेश फोगाट को ओलंपिक रजत पदक विजेता के समान सम्मान और पुरस्कार मिलेगा। इस पर महावीर ने कहा, “मुख्यमंत्री द्वारा यह एक अच्छी पहल है। उन्होंने इस तथ्य को स्वीकार किया है कि उसे रजत पदक मिला है। यह एक अच्छा कदम है और मैं इसका समर्थन करता हूं। मैं हरियाणा सरकार को धन्यवाद देता हूं, अगर अन्य एथलीटों के साथ कभी ऐसा होता है तो इससे उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा।”   गुरुवार को सीएम सैनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में विनेश के प्रति अपने समर्थन पर जोर दिया। सैनी ने लिखा, "ओलंपिक रजत पदक विजेताओं को राज्य सरकार जो सम्मान, पुरस्कार और सुविधाएं देती है, वे सब फोगट को भी दी जाएंगी।" उन्होंने विनेश के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, "हरियाणा की हमारी बहादुर बेटी विनेश फोगट ने शानदार प्रदर्शन किया और ओलंपिक के फाइनल में प्रवेश किया। कुछ कारणों से वह भले ही ओलंपिक का फाइनल नहीं खेल पाई हो, लेकिन वह हम सभी के लिए चैंपियन है।" recent visitors 118

सबसे शक्तिशाली भारतीय सब्जी कांतोलाः स्वास्थ्य लाभ

कंटोला की सब्जी खाने के फायदे कांटोल (Kantola) जिसे कई स्थानों पर ककोड़ा, मीठा करेला या कर्कोटका भी कहा जाता है, एक पौष्टिक सब्जी है जो अपने अद्वितीय स्वाद और स्वास्थ्य लाभों के लिए जानी जाती है। पाचन में सुधार कांटोल में उच्च मात्रा में फाइबर होता है जो पाचन तंत्र को सुचारू रूप से काम करने में मदद करता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। डायबिटीज करे कंट्रोल कांटोल का नियमित सेवन ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है। इसमें ऐसे गुण होते हैं जो शरीर में शुगर के स्तर को संतुलित रखते हैं। कांटोल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है, जिससे यह शुगर के रोगियों के लिए एक बढ़िया विकल्प है। वजन घटाने में सहायक कांटोल में कैलोरी की मात्रा कम होती है, जो वजन घटाने की प्रक्रिया में सहायक होती है। इसमें वसा की मात्रा भी बहुत कम होती है, जिससे यह वजन घटाने के लिए एक आदर्श सब्जी बन जाती है। इम्यून सिस्टम को करती है मजबूत कांटोल में विटामिन सी की अच्छी मात्रा होती है जो इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में मदद करता है और शरीर को संक्रमणों से बचाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। कोलेस्ट्रॉल करती है कम कांटोल का नियमित सेवन रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है, जिससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है। ब्लड प्रेशर रहता है कंट्रोल इसमें पोटैशियम की मात्रा होती है जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक होती है। कांटोल को सब्जी के रूप में पकाया जा सकता है। इसे तला हुआ, भुना हुआ या करी के रूप में बनाया जा सकता है। recent visitors 143

वक्फ बोर्ड संशोधन बिल लोकसभा में पेश, विपक्ष ने किया पुरजोर विरोध, हुआ जोरदार हंगामा

नई दिल्ली वक्फ बोर्ड संशोधन बिल को आज लोकसभा में पेश किया गया। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया। इस बिल पर समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने कहा, "सरकार की मंशा पहले से यही रही है। भाजपा को इसका नाम बदलना चाहिए और इसे 'भारतीय जमीन हथियाओ और अपने अपने लोगों को बांट दो' कहना चाहिए। आप कौन होते हैं लोगों द्वारा दान में दी गई जमीन छीनने वाले?" कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, "हम हिंदू हैं लेकिन साथ ही हम दूसरे धर्मों की आस्था का भी सम्मान करते हैं। यह बिल महाराष्ट्र, हरियाणा चुनावों के लिए खास है। आप यह नहीं समझते कि पिछली बार भारत की जनता ने आपको साफ तौर पर सबक सिखाया था। यह संघीय व्यवस्था पर हमला है।" recent visitors 102