रायपुर रेलवे स्टेशन पर टला हादसा, आधा दर्जन रेल यात्री लिफ्ट में फंसे, लिफ्ट का दरवाजा तोड़ निकाला बाहर

रायपुर छत्तीसगढ़ के रायपुर रेलवे स्टेशन से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां प्लेटफार्म नंबर पर एक पर लगे लिफ्ट में आधा दर्जन रेल यात्री फंस गए, जिससे स्टेशन पर हड़कंप मच गया। फंसे हुए लोगों को दरवाजा तोड़कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। जानकारी के अनुसार दूसरे प्लेटफार्म से जब ओवरब्रिज क्रॉस कर यात्री प्लेटफार्म नंबर एक पर आ रहे थे, इसी दौरान अचानक, लिफ्ट में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। इससे लिफ्ट रुक गई। लिफ्ट के रुक जाने से उसमें सवार रेल यात्रियों में घबराहट फैल गई। लिफ्ट में एक बच्‍चा सहित पांच यात्री सवार थे। तुरंत इस घटना की जानकारी स्‍टेशन अधीक्षक को दी गई। स्टेशन प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत राहत कार्य शुरू किया और लिफ्ट का दरवाजा तोड़कर फंसे हुए रेल यात्रियों को बाहर निकाला। इस घटना ने स्टेशन पर मौजूद यात्रियों में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और लिफ्ट की नियमित जांच और रखरखाव के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। घटना के बाद लिफ्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और यात्रियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त उपाय किए जा रहे हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से इस असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है और उन्हें आश्वासन दिया है कि उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है। recent visitors 93

दूसरे देशों के साथ जर्मनी की वायु सेना भी पहली बार भारतीय जमीन पर सैन्य अभ्यास में शामिल हो रही है

नई दिल्ली भारतीय वायु सेना पहली बार कई देशों के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रही है. इसमें दूसरे देशों के साथ जर्मनी की वायु सेना भी पहली बार भारतीय जमीन पर सैन्य अभ्यास में शामिल हो रही है. दुनिया के कई हिस्सों से दर्जनों युद्धक विमानों का बेड़ा दक्षिण भारत के सुलुर एयरबेस पर पहुंच चुका है. मंगलवार से शुरू हो रहा यह सैन्य अभ्यास कई मामलों में अनोखा है. इसे तरंग शक्ति नाम दिया गया है. इसमें जर्मनी समेत 10 देश अपने विमानों के साथ हिस्सा ले रहे हैं. इस मौके पर जर्मन रक्षा मंत्री भी भारत आए हैं. पर्यवेक्षकों को भी मिला दें तो कुल 18 देशों की इसमें भागीदारी है. दक्षिण एशिया में इस तरह के सैन्य अभ्यास कम ही होते हैं. भारतीय वायु सेना ने 51 मित्र देशों को इस सैन्य अभ्यास के लिए निमंत्रण भेजा था. यह अभ्यास दो चरणों में हो होगा. पहला चरण मंगलवार, 6 अगस्त से 14 अगस्त तक है. इसमें जर्मनी, फ्रांस, स्पेन और ब्रिटेन भारत के साथ युद्ध की अलग-अलग स्थितियों का अभ्यास करेंगे. भारत और जर्मनी रक्षा संब्ध बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं तरंग शक्ति का दूसरा चरण इसी महीने के आखिर में होना है. इसके लिए राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर तैयारी चल रही है. इसमें ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, सिंगापुर, ग्रीस, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका हिस्सा लेंगे. पिछले हफ्ते भारतीय वायु सेना के वाइस चीफ एयर मार्शल एपी सिंह ने पत्रकारों से कहा, "इस अभ्यास का मकसद अंतरराष्ट्रीय समुदाय के हमारे मित्रों के साथ रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करना है." जर्मन विमानों पर रहेगी नजर पहली बार जर्मनी के विमान इस अभ्यास के लिए भारत आए हैं. इस अभ्यास से पहले ही दोनों देश अपने रक्षा संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में बढ़ने का एलान कर चुके हैं. जर्मन वायु सेना लुफ्तवाफे यूरोफाइटर टायफून जेट विमानों का बेड़ा ले कर आई है. इसके साथ ही एयरबस ए400एम परिवहन विमान को भी भारतीय अभ्यास में तैनात किया गया है. भारतीय सेना अंतरराष्ट्रीय बाजार में मध्यम आकार के परिवहन विमानों की तलाश में है. वायु सेना के रिटायर हो चुके एयर मार्शल अनिल चोपड़ा ने डीडब्ल्यू को बताया, "भारतीय वायु सेना मध्यम आकार के परिवहन विमानों की तलाश में है. इसके लिए तीन विमानों पर नजर हैः ब्राजील का एमब्रेयर सी-390, एयरबस ए400एम जिसमें जर्मनी साझीदार है और लॉकहीड सी-130 जो अमेरिका की ओर से पहले ही उड़ान भर रहे हैं." चोपड़ा ने यह भी कहा, "हमने जर्मनों और फ्रांसीसियों के साथ मध्यपूर्व में कुछ अभ्यासों के दौरान एयरबस ए400एम को पहले उड़ाया है, वहां इन देशों ने हमें ये विमान दिखाए थे. देखते हैं आगे यह कैसे बढ़ता है." भारत को लेकर जर्मन कंपनियों की उम्मीद बढ़ी रक्षा पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह अभ्यास भारत को यूरो फाइटर और ए400एम को वास्तविक परिस्थितियों में परखने का एक अच्छा मौका देगा. दिल्ली में मनोहर पर्रिकर इंस्टिट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस की एसोसिएट फेलो स्वास्ति राव का कहना है, "जर्मनी के ए400एम की भार उठाने की क्षमता 37 टन है, अगर आप भारत के टेंडर को देखें तो, हमारी जो जरूरत है, जर्मनी उससे थोड़ा ज्यादा दे रहा है जो भारत के लिए अच्छा है." राव ने ध्यान दिलाया कि भारत को मध्यम आकार के परिवहन विमान की जरूरत लद्दाख इलाके में चीन के साथ चल रहे तनाव की वजह से है. राव का कहना है, "अगर आप जानते हैं कि बेहद ऊंचाई वाले ये इलाके कितने अहम हैं और कठिन हैं तो उन परिस्थितियों में ऐसे भार उठाने की क्षमता वाले विमान हमारे हक में होंगे और हम बेहतर योजना बना सकेंगे." राव के मुताबिक समय की भूमिका अहम होती है और 2-3 विमानों के बार-बार चक्कर लगाने से ऐसे हालात में काम नहीं बनता. इसकी बजाय एक ही साथ सब कुछ ले जाने की क्षमता काफी फायदेमंद साबित हो सकती है. भारत क्या हासिल करना चाहता है बड़े अंतरराष्ट्रीय अभ्यास के साथ भारत अपने आपको भारत प्रशांत श्रेत्र में एक मजबूत ताकत के रूप में दिखाना चाहता है. विशेषज्ञों का कहना है कि रूस पर निर्भर रही भारतीय वायु सेना में इस विशाल सैन्य अभ्यास के जरिए पश्चिमी देशों के ज्यादा उन्नत हथियारों के शामिल होने से आए बदलाव को भी दिखाने की कोशिश हो रही है. दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायु सेना ने इस अभ्यास के जरिए अपनी बढ़ती ताकत का भी प्रदर्शन किया है. चोपड़ा का कहना है, "इस तरह के जटिल और कई तरह की ताकत वाले अभ्यास में बड़ी योजना बनानी पड़ती है. कई सारे बड़े ताकत वाले विमान उड़ान भरेंगे. कई कई महीनों तक योजना बनाने और वायु शक्ति के मामले में आपसी समझ को बढ़ाने के साथ ही वास्तविक अभियानों पर हमारा ध्यान है. यह सब सुलुर में दिखेगा." जर्मनी का क्या फायदा है? जर्मनी का भारत के प्रति रुख बदल रहा है. खासतौर से यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद जर्मनी भारत के साथ रक्षा संबंधों को आगे बढ़ा रहा है. जर्मनी की दिलचस्पी भारत प्रशांत क्षेत्र में भी है क्योंकि चीन उस इलाके में अपना प्रभाव बढ़ा रहा है और इलाके के देशों पर उसने दबाव बढ़ाने की नीति अपनाई है. इस स्थिति में भारत के साथ रक्षा समझौते काफी अहम साबित होंगे. विशेषज्ञों का कहना है कि बहुत दिलचस्पी होते हुए भी भारत प्रशांत क्षेत्र में जर्मनी के लिए अकेले बहुत कुछ करना संभव नहीं होगा क्योंकि जर्मन मॉडल डिफेंस प्लेयर का मॉडल नहीं है. जर्मनी के पास बेहतहीन रक्षा उद्योग है लेकिन मजबूत सेना नहीं.   recent visitors 91

22 से 30 अगस्त तक भोपाल में एयरफोर्स की होने वाली अग्निवीर भर्ती की भर्ती, , साढ़े सात हजार युवा होंगे शामिल

भोपाल राजधानी Bhopal के मोतीलाल नेहरू Police स्टेडियम में आगामी 22 अगस्त से 30 अगस्त तक प्रदेश के 15 जिलों Bhopal , अशोकनगर, बैतूल, छिंदवाड़ा, दमोह, गुना, हरदा, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, पन्ना, पांढुर्ना, रायसेन, राजगढ़, सीहोर और विदिशा के पुरूष उम्मीदवारों के लिए अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर ऑफिस सहायक एवं अग्निवीर ट्रेड्समैन रैली का आयोजन किया जाएगा. साथ ही Madhya Pradesh एवं छतीसगढ़ के सभी जिलों के लिए सिपाही फार्मा, सिपाही तकनीकी नर्सिंग सहायक और धर्मगुरू की भी सेना भर्ती रैली का आयोजन साथ में किया जाएगा. रोजगार तलाश रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है. राजधानी भोपाल में 22 से 30 अगस्त तक सेना में भर्ती का आयोजन होने जा रहा है. भोपाल के मोतीलाल नेहरू पुलिस स्टेडियम में सेना भर्ती का आयोजन किया जाएगा. इस भर्ती प्रक्रिया में मध्य प्रदेश के 15 जिलों के युवा शामिल हो सकेंगे. सेना भर्ती कार्यालय भोपाल से प्राप्त जानकारी अनुसार, 22 अगस्त से 27 अगस्त तक अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्नि वीर तकनीकी, अग्निवीर ऑफिस सहायक और अग्निवीर ट्रेड्समैन भर्ती का आयोजन होगा. युवा इस भर्ती प्रक्रिया में ले सकेंगे भाग इसी तरह 29 अगस्त को सिपाही फार्मा, सिपाही तकनीकी, नर्सिंग सहायक की रैली का आयोजन किया जाएगा. उल्लेखनीय है कि सेना के जरिये अप्रैल 2024 में सामान्य ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया था. ऑनलाइन परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले उम्मीदवार शारीरिक दक्षता सहित अन्य भर्ती प्रक्रियाओं के लिए भर्ती रैली में भाग ले सकेंगे.  15 जिलों के युवा हो सकेंगे शामिल सेना भर्ती के लिए मध्य प्रदेश के 15 जिलों के युवा शामिल हो सकेंगे. इन जिलों में अशोक नगर, भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा, दमोह, गुना, हरदा, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, पन्ना, पांढुर्णा, रायसेन, राजगढ़, सीहोर और विदिशा के पुरुष उम्मीदवारों के लिए भर्ती आयोजन किया जाएगा. इसके तहत अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर ऑफिस सहायक एवं अग्निवीर ट्रेड्समैन के लिए भर्ती रैली का आयोजन किया जाएगा. इसके साथ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के लिए सिपाही फार्मा, सिपाही तकनीकी, नर्सिंग सहायक और सेना भर्ती रैली का आयोजन साथ में ही किया जाएगा. एक दिन पहले तक प्रवेश भर्ती रैली में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र पर अंकित तारीख के एक दिन पहले विश्राम स्थली में रात 9 बजे तक ही प्रवेश दिया जाएगा. भर्ती रैली के लिए अभ्यर्थियों की दौड़ का आयोजन रात्रि 2 बजे से प्रारंभ होगा. ये डॉक्यूमेंट्स लाना जरूरी भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए प्रवेश पत्र और सभी दस्तावेज रैली अधिसूचना के अनुसार, साथ में आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर भी लेकर आना अनिवार्य है. भर्ती रैली में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र संबंधितों को ईमेल पर भेज दिया गया है. recent visitors 132

मुरैना में आरोपितों ने पहले पीड़ित को धमकाया और फिर रात को गोलीबारी की, ग्रामीणों ने किया हाइवे जाम

मुरैना मुरैना के बरेह गांव में चार आरोपितों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर एक व्यक्ति की हत्या कर दी। आरोपितों ने पहले पीड़ित को धमकाया और फिर रात को गोलीबारी की। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया, लेकिन आरोपितों के मकान तोड़ने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने अंबाह-मुरैना रोड पर जाम लगा दिया। फायरिंग करने से मना करने पर मारी गोली अंबाह थाना क्षेत्र के बरेह गांव में प्रदीप सिंह तोमर, रामवरन सिंह तोमर के घर के सामने फायरिंग कर रहा था, जब रामवरन ने रोका तो धमकी देकर चला गया। देर रात को आरोपित आकर घर के सामने गाली गलौच किया और फायरिंग कर दी, जिसमें एक गोली अधेड़ के सीने में जा लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपित मौके से भाग निकले। पुलिस ने रामवरन के भाई राजवीर तोमर की शिकायत पर आरोपित प्रदीप सिंह तोमर, अमर सिंह तोमर व दो अज्ञात पर हत्या का मामला दर्ज किया है। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार की दोपहर ग्रामीणों ने बरेह गांव पर मुरैना-अंबाह रोड को जाम कर दिया। आरोपितों के मकान तोड़ने की मांग रामवरन सिंह तोमर का सुबह होने पर पीएम कराया गया। इस बीच स्वजन व ग्रामीणों की मांग थी कि आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके मकानों को तोड़ा जाए। इस मांग को लेकर दोपहर एक बजे के करीब ट्रैक्टर में शव रखकर ग्रामीणों ने बरेह गांव पर अंबाह-मुरैना रोड नेशनल हाइवे पर जाम लगा दिया। पुलिस एसडीओपी रवि भदौरिया, टीआइ व पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन शाम पांच बजे तक ग्रामीण एक ही मांग कर रहे थे कि आरोपितों के मकान तोड़े जाएं। recent visitors 75

बांग्लादेश में तख्तालपट के बाद पाकिस्तानी मीडिया भी खुश नजर आ रहा है और इसे असली आजादी बता रहा

ढाका बांग्लादेश में हुए तख्तापलट के पीछे पाकिस्तान और चीन का हाथ बताया जा रहा है। पाकिस्तान में पलने वाले कट्टरपंथी संगठनों ने हसीना सरकार के खिलाफ प्रदर्शन को हवा देने का पूरा काम किया। वहीं अब बांग्लादेश में तख्तालपट के बाद पाकिस्तानी मीडिया भी खुश नजर आ रहा है और इसे असली आजादी बता रहा है। बता दें कि बांग्लादेश में आर्मी चीफ जनरल वकाल-उज-जमान ने अंतरिम सरकार बनाई है और नोबल विजेता यूनुस को अंतरिम सरकार का मुखिया बनाया है। शेख हसीना के इस्तीफे के बाद भी हिंसा नहीं रुकी है। पाकिस्तानी मीडिया की बात करें तो डॉन न्यूज ने अपने संपादकीय में इसे 'हसीना का पतन' बताया है। इस संपादकीय में कहा गया कि अगर सेना ने मौके पर दखल ना दिया होता तो स्थिति और खराब हो जाती। इस संपादकीय में कहा गया है कि विपक्ष को पिछले 15 सालों में दबाया गया और यह तख्तापलट उसी दबे हुए आक्रोश का नतीजा है। पाकिस्तान में 'ट्रिब्यून' अखबार के फ्रंट पेज पर इसे बांग्लादेश की जनता की जीत बताया गया है। जियो टीवी नेटवर्क ने लीड स्टोरी में कहा, 'खूनी प्रदर्शन के बाद पीएम शेख हसीना ने छोड़ा पद, बांग्लादेश से भाग निकलीं।' शेख हसीना की तस्वीर लगाई गई है जिसमें वह दुखी दिखाई दे रही हैं। पाकिस्तान के टीवी चैनलों पर इसे भारत के लिए झटका बताया जा रहा है। एक टीवी चैनल पर अमेरिका में पाकिस्तान की राजदूत रह चुकीं मादिहा लोधी ने कहा कि हसीना भारत की ओर और पाकिस्तान के खिलाफ थीं। जनता ने उन्हें ताकत दिखा दी। द ट्रिब्यून अखबार ने बांग्लादेश की सत्ता संभालने वाले सेना प्रमुख जनरल वकार का गुणगान किया है। बांग्लादेश के अखबारों ने अलग-अलग तरह से इसे पेश किया है। 'प्रोथोम आलो' ने लिखा है कि शेख हसीना अंत में भी बल प्रयोग करना चाहती थीं और रक्तपात करके भी सत्ता में बनी रहना चाहती थीं। 'सामयिक' पत्रिका ने लिखा है कि यह छात्रों की खून से सनी जीत है। 'नया दिगंत' ने मोहम्मद यूनुस को कोट करते हुए कहा है कि यह छात्रों की दूसरी और असली आजादी है। 'न्यू एज' ने लिखा है कि बांग्लादेश में जल्द बनेगी राष्ट्रीय सरकार। recent visitors 86

मूसलाधार बारिश से पुरानी नदी में आई बाढ़, राजस्थान-ब्यावर में टापू पर फंसे 30 लोगों को देर रात निकाला

ब्यावर. देर रात ब्यावर जिले में मूसलाधार बारिश के बाद मकरेड़ा तालाब की चादर चलने से पुरानी नदी में बहुत ज्यादा पानी आ गया। जिससे गोपालपुर गांव ब्यावर खास के पास लगभग 30 लोग नदी के टापू में फंस गए। देर रात चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में उपखंड अधिकारी गौरव बुढ़ानिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ की टीम शामिल रही। वृत्ताधिकारी राजेश कसाना, तहसीलदार लालाराम यादव, सीआई गंगाराम खावा, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीम की सहायता से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। करीब 8 घंटे तक चले इस राहत और बचाव कार्य के बाद सभी ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ग्रामीणों ने इस त्वरित कार्रवाई के बाद प्रशासन का आभार जताया और प्रशासन जिंदाबाद के नारे लगाए। recent visitors 171

स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारी बैठक सम्पन्न, छत्तीसगढ़ के राजभवन में 14 को स्वागत समारोह

रायपुर. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2024 को राज्यपाल श्री रमेन डेका की गरिमामय उपस्थिति में राजभवन में शाम को ‘‘स्वागत समारोह‘‘ का  आयोजन किया जाएगा। जिसमें देश की रक्षा के लिए शहादत करने वाले सैनिकों के परिजनों, पद्मश्री, पद्मभूषण से सम्मानित राज्य के नागरिकों, जनप्रतिनिधियोें सहित गणमान्य नागरिकांे एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित किया जाएगा। राजभवन में राज्यपाल के सचिव श्री यशवंत कुमार की अध्यक्षता में स्वतंत्रता समारोह के सुचारू आयोजन के लिए आज बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजभवन परिसर एवं आस-पास की साफ-सफाई, दीवालों में रंग रोगन, वर्षा को देखते हुए मैदान का समतलीकरण कार्य कराने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार परिसर स्थित उद्यान की साफ-सफाई, राजभवन में रोशनी की व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था, यातायात नियंत्रण व्यवस्था, सुचारू बिजली व्यवस्था, आमंत्रण पत्र वितरण, अतिथियों की बैठक व्यवस्था, अतिथियों के आगमन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था आदि महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश सचिव ने संबंधित अधिकारियों को दिए गए। बैठक में राज्यपाल के उप सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, राजभवन के अधिकारी रायपुर जिला प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी, नगर-निगम, लोक निर्माण विभाग, सी.एस.ई.बी. एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 99