चीन के पैन झानले ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया

नानटेरे चीन के पैन झानले ने पेरिस ओलंपिक की तैराकी प्रतियोगिता में पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल में 46.40 सेकंड का समय लेकर अपने ही पिछले विश्व रिकॉर्ड में सुधार करके स्वर्ण पदक जीता। पेरिस ओलंपिक में तैराकी प्रतियोगिता पिछले चार दिन से चल रही है लेकिन इससे पहले कोई विश्व रिकॉर्ड नहीं बना था। चीन का यह वर्तमान ओलंपिक खेलों में तैराकी में यह पहला स्वर्ण पदक है। पैन ने इससे पहले फरवरी में दोहा में विश्व चैंपियनशिप में 46.80 सेकंड का समय लेकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इस 19 वर्षीय खिलाड़ी ने बाद में कहा, ‘‘यह वास्तव में जादुई पल है। यह रिकॉर्ड केवल चीन की टीम के लिए नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए है। यह इस रिकार्ड को तोड़ने की दिशा में उठाया गया छोटा कदम है।’’ ऑस्ट्रेलिया के काइल चाल्मर्स ने 47.48 सेकंड का समय लेकर रजत और रोमानिया के डेविड पोपोविसी ने 47.49 का समय लेकर कांस्य पदक जीता। recent visitors 110

मनिका बत्रा और श्रीजा अकुला का टेटे महिला एकल में सफर खत्म

पेरिस भारत की मनिका बत्रा और श्रीजा अकुला का शानदार सफर बुधवार को यहां पेरिस ओलंपिक टेबल टेनिस महिला एकल स्पर्धा के प्री क्वार्टर फाइनल में अपने से ऊंची रैंकिंग की खिलाड़ियों से हार कर खत्म हो गया। मनिका को जापान की मियू हिरानो ने 1-4 (11-6, 11-9, 12-14, 11-8, 11-6) से शिकस्त दी। सुबह प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंच कर अपने जन्मदिन का जश्न मनाने वाली श्रीजा को अंतिम 16 मुकाबले में विश्व की नंबर एक खिलाड़ी चीन की सुन यिंगशा ने 4-0 (12-10, 12-10, 11-8, 11-3) से हराया। श्रीजा 38 मिनट तक चले इस मुकाबले के शुरुआती दो सेट में क्रमश: चार और पांच गेम प्वाइंट को भुनाने में विफल रही। इन दोनों सेट में चीन की खिलाड़ी ने अपने अनुभव का इस्तेमाल कर शानदार वापसी की। इसके बाद तीसरे और चौथे गेम में श्रीजा ने कुछ अच्छे शॉट लगाये लेकिन यिंगशा की गति और करारे प्रहार को उनके पास कोई जवाब नहीं था। इसके साथ ही एकल वर्ग में भारतीय खिलाड़ियों का सफर खत्म हो गया। मनिका और श्रीजा का ओलंपिक प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचना किसी भारतीय खिलाड़ी का एकल वर्ग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। अनुभवी मनिका सोमवार को राउंड 16 में जगह बनाने वाली पहली भारतीय बनी थीं और श्रीजा ने बुधवार सुबह को सिंगापुर की जियान झेंग को कड़े मुकाबले में 4-2 से हराकर प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बनायी। मनिका ने मैच के बाद कहा, ‘‘मैं और प्रयास कर सकती थी। मैंने जिस तरह से शुरूआत की, उससे खुश नहीं थी। अंदर से मुझे खराब महसूस हो रहा है। तीसरे गेम के बाद मेरा आत्मविश्वास बढ़ा लेकिन वह काफी अच्छा खेली। दुख हो रहा है। मुझे थोड़ा संयमित होना था। ’’ इस भारतीय स्टार ने कहा कि वह अपनी क्षमता के अनुरूप नहीं खेल सकीं जिससे उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा फोरहैंड अच्छा नहीं था। नहीं पता क्यों। ऐसा हो जाता है। मैं आज दुखी हूं लेकिन मुझे देश के लिए टीम स्पर्धा के लिए तैयार होना होगा। ’’ मनिका ने दो गेम में अच्छी बढ़त बनाई हुई थी लेकिन मियू ने तेज स्ट्रोक्स से अपने खेल में सुधार करते हुए भारतीय खिलाड़ी को और इतिहास बनाने से रोक दिया। मनिका ने पहला गेम जल्दी गंवा दिया और दूसरे में वह 5-1 से बढ़त बनाये थी लेकिन मियू ने तेज स्ट्रोक्स से मनिका को बैकफुट पर करते हुए 9-7 की बढ़त बनायी। मियू की गलती से स्कोर 9-9 हुआ। मनिका ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को गेम प्वाइंट दे दिया और लियू ने इसे अपने नाम कर 2-0 से बढ़त बना ली। मनिका को वापसी का अच्छा मौका मिला क्योंकि मियू ने तीसरे गेम में कई सहज गलतियां की। भारतीय खिलाड़ी 7-2 से आगे हो गई लेकिन मियू ने जल्द ही स्कोर 9-9 से बराबर किया। मनिका ने तीन गेम प्वाइंट बचाये और इसे 14-12 से जीत लिया। लेकिन इसके बाद इस लय को जारी नहीं रख सकी और अगले दो गेम गंवाकर बाहर हो गईं। इससे पहले श्रीजा ने 9-11, 12-10, 11-4, 11-5, 10- 12, 12-10 से जीत दर्ज कर प्री क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई। इससे भारतीय टेबल टेनिस के इतिहास में यह पहली बार हुआ कि दो खिलाड़ियों ने अंतिम 16 में जगह बनाई। श्रीजा ने 51 मिनट तक चला यह मुकाबला पहला गेम गंवाने के बाद जीता।   recent visitors 126

सुरक्षाबलों ने विस्फोटक भी किया बरामद, छत्तीसगढ़-बीजापुर में चार नक्सली गिरफ्तार

बीजापुर. बीजापुर जिले में चलाये जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत डीआरजी व थाना आवापल्ली की टीम ने पुन्नूर चार नक्सलियों को विस्फोटक सहित गिरफ्तार किया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आवापल्ली थाना और डीआरजी की टीम नक्सल विरोधी अभियान पर ग्राम पुन्नूर की ओर निकली थी। अभियान के दौरान जवानों ने पुन्नूर से नक्सली महेंद्र इरपा उर्फ करमा पिता रामा स्वामी इरपा उम्र 30 निवासी पटेलपारा बड़े पुन्नूर, जोगा मिडियम उर्फ महेश पिता सन्नू मिडियम उम्र 24 निवासी पटेलपारा बड़े पुन्नूर, राकेश सोढ़ी पिता चिन्नामुत्ता उम्र 23 निवासी स्कूलपारा छोटा पुन्नूर व धर्मेंद्र इरपा उर्फ धरमा पिता इरपा उम्र 34 निवासी पटेलपारा बड़े पुन्नूर थाना आवापल्ली शामिल हैं। पकड़े गए नक्सली 21 दिसम्बर 2023 को दुगाइगुड़ा व चेरामन्गी के बीच रॉयल बस में आगजनी की घटना में शामिल थे। इनके कब्जे से विस्फोटक, प्रतिबंधित नक्सल संगठन का पाम्पलेट बैनर बरामद किया गया हैं। सभी नक्सलियों के विरुद्ध आवापल्ली थाना में वैधानिक कार्यवाही कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया है। recent visitors 103

वह भद्रजन थे: प्रधानमंत्री मोदी, गंभीर, हरभजन ने अंशुमन गायकवाड़ को याद किया

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर और कोच अंशुमन गायकलाड़ अब नहीं रहे। अंशुमन लंबे समय से ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे। उनकी हालत को देख कपिल देव ने मदद के लिए पूरा सपोर्ट किया। कपिल देव ने उनकी मदद के लिए अपनी पेंशन डोनेट करने का फैसला किया था। वहीं, बीसीसीआई ने भी मदद करते हुए उनके इलाज के लिए 1 करोड़ रुपये देने का एलान किया था, लेकिन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को अंशुमान मात नहीं दे सके और 71 साल की उम्र में वह दुनिया छोड़कर चले गए। अंशुमन गायकवाड़ के निधन पर गौतम गंभीर समेत कई बड़ी हस्तियों ने दुख का इजहार किया है। दरअसल, पूर्व भारतीय कोच अंशुमन गायकवाड़ का 71 साल की उम्र में ब्लड कैंसर की वजह से निधन हो गया। 12 साल के करियर में गायकवाड़ ने 40 टेस्ट और 15 वनडे मैच खेले, जिसमें उन्होंने 2254 रन बनाए। 1983 में जालंधर में पाकिस्तान के खिलाफ 201 रन उनके करियर का सर्वोच्च स्कोर रहा। अंशुमन की बीमारी का सबसे पहले उजागर पूर्व क्रिकेटर संदीप पाटिल ने किया था। पाटिल ने बताया था कि गायकवाड़ एक साल से ज्यादा समय से अपनी बीमारी से बहादुरी से लड़ रहे हैं और लंदन में उनका इलाज चल रहा है। अंशुमन की बीमारी की जानकारी मिलने के बाद 1983 विश्व विजेता कप्तान कपिल देव ने उनकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया। मोहिंदर अमरनाथ, सुनील गावस्कर, संदीप पाटिल, दिलीप वेंगसरकर, मदन लाल, रवि शास्त्रा और कीर्ति आजाद जैसे पूर्व दिग्गजों ने भी उनकी बीमारी के इलाज के लिए पैसे जुटाने में मदद की। लेकिन अंशुमन कैंसर जैसी बीमारी से लड़ते-लड़ते दुनिया को अलविदा कह गए। उनके निधन के बाद क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ पड़ी। पीएम मोदी से लेकर भारत के नए कोच गौतम गंभीर समेत कई क्रिकेटर्स उनके निधन पर दुख जता रहे हैं। वह भद्रजन थे: प्रधानमंत्री मोदी, गंभीर, हरभजन ने अंशुमन गायकवाड़ को याद किया  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और हरभजन सिंह ने अंशुमन गायकवाड़ के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें वास्तविक भद्रजन बताया। एक खिलाड़ी, कोच और चयनकर्ता के रूप में भारतीय क्रिकेट की सेवा करने वाले गायकवाड़ का रक्त कैंसर के कारण शनिवार को निधन हो गया। उन्होंने भारत की तरफ से 40 टेस्ट और 15 एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। प्रधानमंत्री मोदी ने गायकवाड़ के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट में बहुत बड़ा योगदान दिया है। मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, ‘‘अंशुमन गायकवाड़ जी को क्रिकेट में उनके योगदान के लिए याद किया जाएगा। वह एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी और उत्कृष्ट कोच थे। उनके निधन से दुख हुआ। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ओम शांति।’’ भारत की सीमित ओवरों की श्रृंखला के लिए अभी श्रीलंका गए गंभीर ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, ‘‘अंशुमन गायकवाड़ जी के निधन की खबर से दुखी हूं। भगवान उनके परिवार और प्रियजनों को शक्ति दे।’’ हरभजन के गायकवाड़ के साथ बहुत अच्छे संबंध थे। उन्होंने 1998 में जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था तब गायकवाड टीम के कोच थे। हरभजन ने कहा, ‘‘अंशुमन गायकवाड़ का निधन दिल तोड़ने वाली खबर है। उनके कोच रहते हुए टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण की मेरे साथ सुखद यादें जुड़ी हैं। वह वास्तव में भद्रजन थे। उनके निधन से भारतीय क्रिकेट को बड़ी क्षति पहुंची है। उनकी आत्मा को शांति मिले। परिवार के प्रति संवेदना।’’ गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘‘अंशुमान गायकवाड़ जी के निधन से गहरा दुख हुआ, एक महान क्रिकेटर, जिनके क्रिकेट कौशल ने भारतीय क्रिकेट का गौरव बढ़ाया। दुख की इस घड़ी में उनके परिजनों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। ओम शांति।’’ भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव जय शाह ने कहा, ‘‘अंशुमन गायकवाड़ के परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। पूरे क्रिकेट जगत के लिए यह दुखद है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।’’ बीसीसीआई ने हाल में गायकवाड़ के उपचार के लिए एक करोड़ रुपये दिए थे, जिनका लंदन के किंग्स कॉलेज अस्पताल में इलाज चल रहा था। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान रमीज़ राजा ने भी गायकवाड़ को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ‘‘अंशुमान गायकवाड़ के निधन से बहुत दुखी हूं। एक मिलनसार, विनम्र सज्जन व्यक्ति। वह मेरे दिवंगत भाई के दोस्त थे, जिससे मैं उनका प्रशंसक बन गया। कैंसर के खिलाफ बहादुरी से लड़े और अपनी बल्लेबाजी की तरह अपना सब कुछ झोंक दिया।’’   recent visitors 109

क्रिमिनल जस्टिस की एक्ट्रेस ने भी झेला कास्टिंग काउच, कहा- डायरेक्टर जबरदस्ती करने…

मुंबई बॉलीवुड की तमाम एक्ट्रेस कई बार कास्टिंग काउच का जिक्र करती नजर आ चुकी हैं। अब एक्ट्रेस मीता वशिष्ठ ने अपने साथ हुए कास्टिंग काउच की घटना का किस्सा सुनाया है। मीता ने बताया कि ये घटना उनके साथ चेन्नई फिल्म फेस्टिवल के दौरान हुई थी। उन्होंने बताया कि कैसे वो उस घटना के बाद और स्ट्रॉन्ग हो गईं। उन्होंने कहा कि फिल्म के बहाने एक डायरेक्टर ने उन्हें अपने साथ दो महीने के लिए रहने को कहा और कैसे वो उस डायरेक्टर को वहां से चकमा देकर भागीं। सालों पहले हुई थे ये घटना द लल्लनटॉप से खास बातचीत में बताया कि ये घटना बहुत साल पहले हुई थी। उन्होंने बताया कि उस डायरेक्टर ने जो इस फिल्म से पहले फिल्म बनाई थी उसकी एक्ट्रेस को नेशनल अवार्ड तक मिल गया था। मीता ने कहा कि वो डायरेक्टर मुझे लीड रोल दे रहा था, लेकिन उसकी शर्त थी कि मैं उसके साथ दो महीने तक रहूंगी। इस घटना के दौरान उस डायरेक्टर का इतना पारा चढ़ गया था कि वो मीता वशिष्ठ के साथ जबरदस्ती करने को तैयार था। हालांकि, एक्ट्रेस वहां से भाग निकलीं। जब डायरेक्टर ने मीता को अपने साथ रुकने को कहा मीता वशिष्ण ने कहा कि उस डायरेक्टर ने उनसे अंग्रेजी में कहा था कि आप मेरे साथ दो महीने रहेंगी, तो उन्हें लगा कि डायरेक्टर की अंग्रेजी कमजोर है और वो उन्हें ये कहना चाह रहे हैं कि उन्हें दो महीने तक फिल्म की तैयारी के लिए हैदराबाद आना पड़ेगा। मीता ने आगे कहा कि जब डायरेक्टर को लगा कि मुझे समझ नहीं आया तो उसने उनसे कहा कि आप समझ रही हैं ना जब मैं ये कह रहा हूं कि आपको मेरा साथ रहना पड़ेगा? इसके बाद मीता को समझ आया और उन्होंने उस डायरेक्टर को फिल्म करने से मना कर दिया। मीता ने कहा कि तब तक उसको हवस का इतना पारा चढ़ गया था कि वो खड़ा हो गया और कहा कि नहीं-नहीं आप मुझे मना कैसे कर सकती हैं। इसके बाद, मीता ने डायरेक्टर को कहा सर, मैं आपको मना कर रही हूं। डायरेक्टर ने रोका मीता का रास्ता मीता ने कहा कि जब वो मना करके दरवाजे की तरफ जाने लगीं तो वो दरवाजे के पास हाथ खोलकर खड़ा हो गया। तब एक्ट्रेस थोड़ा सा घबरा गईं। हालांकि, उस वक्त एक्ट्रेस उसके ऊपर जोर-जोर से हंसने लगीं और डायरेक्टर से कहा कि सर, ये क्या कर रहे हो? मेरा रास्ता क्यों रोक रहे हो। मीता के हंसने पर वो डायरेक्टर सकपका गया। इतने में मीता ने दरावाजा खोला और भाग के उस कमरे तक पहुंचीं जहां उनके सभी दोस्त बैठे थे। मीता जब उस कमरे में गईं तो उनके दोस्त वहीं बैठे हुए थे। वो डायरेक्टर मीता का पीछा करते-करते उस रूम तक आ गया था। हालांकि, वहां बाकी लोगों को देखकर वो डायरेक्टर बौखलाया और वहां से चला गया। recent visitors 141

चावल के आटे का स्क्रब इस्तेमाल करें: त्वचा से मृत त्वचा और गंदगी हटाएं

हर लड़की चाहती है कि मेरी स्किन इतनी ज्यादा क्लीन और स्मूथ हो जाए कि हाथ लगाते ही गोल सॉफ्ट लगें। लेकिन केमिकल वाले ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से स्किन ड्राई हो जाती है। लेकिन आपके किचन में ही एक ऐसा पाउडर मौजूद है जो चेहरे की सारी गंदगी को साफ कर डेड स्किन को रीमूव कर चमकती और कोमल त्वचा देने में मदद कर सकता है। हम बात कर रहे हैं चावल के आटे की, जो सेहत के साथ-साथ आपकी त्वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद है। पुराने समय से ही चावल के आटे का इस्तेमाल चेहरे के लिए किया जाता रहा है। ये सफेद पाउडर आपके स्किन के लिए कितना फायदे है और इससे आप स्क्रब कैसे बना सकते हैं, आइए आपको बताते हैं। चावल के आटे के स्क्रब के फायदे चावल का आटा हमारी स्किन के लिए किसी कॉसमेटिक से कम नहीं है। ये डेड स्किन को साफ कर त्वचा को कोमल बनाने में मदद करता हैं। इसमें विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो त्वचा को नरिश करने का काम करते हैं। चावल के आटे में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो सूजन और रेडनेस को कम करने में फायदेमंद होते हैं। चावल का आटा एजिंग साइन को कम करता है क्योंकि इसमें मौजूद एमिनो एसिड त्वचा को टाइट करने में मदद करते हैं। साथ ही चेहेर से गंदगी को साफ कर ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स को कम करने में भी फायदेमंद होता है। चावल के आटे का स्क्रब कैसे बनाएं? चावल के आटे का स्क्रब बनाना बहुत आसान है। बस इन सामग्री की जरूरत होगी- चावल का आटा- 2 चम्मच दही- 1 चम्मच शहद- 1 चम्मच नींबू का रस- कुछ बूंदें (ऑयली स्किन के लिए) नारियल का तेल- 1 चम्मच (ड्राई स्किन के लिए) ऐसे करें स्क्रब तैयार सबसे पहले एक कटोरे में चावल का आटा लें। अब इसमें दही, शहद और अपनी स्किन के अनुसार नारियल का तेल या नींबू का रस मिला लें। सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें। लीजिए चावल के आटे का स्क्रब तैयार है। अब इसे अपने चेहरे पर लगाएं और हल्के हाथों से घिसें। 3-4 मिनट कर स्क्रब से मसाज करें और फिर 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें। समय पूरा होने के बाद नॉर्मल पानी से फेस वॉश कर लें।​ चावल के आटे में कॉफी मिलाकर बनाएं स्क्रब आप चाहें तो चावल के आटे और कॉफी का स्क्रब भी बना सकते हैं। इसमें एंटी एजिंग गुण होते हैं जिसे अगर दही और चावल के आटे में मिलाकर लगाने से झुर्रियां कम होती है। साथ ही ग्लोइंग स्किन के लिए ये बहुत ही फायदेमंद नुस्खा है। आप स्क्रब बनाकर एक जार में स्टोर कर सकते हैं। ध्यान रखें रोज स्क्रब न करें बल्कि हफ्ते में 3 बार ही करें। recent visitors 202

हमारे लिए पैसे का महत्व नहीं है, संबंधों का महत्व है – सीएम यादव

चित्रकूट सीएम डॉ. मोहन यादव आज सतना के चित्रकूट में आयोजित प्रदेश स्तरीय आभार सह-उपहार कार्यक्रम में सम्मिलित हुए और लाड़ली बहनों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के पावन पर्व पर सरकार बहनों को 250 रुपए अतिरिक्त देगी और ये राशि प्रतिमाह जारी होने वाली 1250 रुपए की राशि से अलग है। इसी के उज्जवला योजना की हितग्राही लाड़ली बहनों को गैस सिलेंडर के लिए 450 रूपये भी दिए जाएँगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मंच से बहनों के लिए गीत भी गाया। मुख्यमंत्री ने मंच से गाया ‘एक हज़ारों में मेरी बहना है’ सतना में आयोजित कार्यक्रम में लाड़ली बहनों ने एक विशाल राखी मुख्यमंत्री को भेंट की। इसके बाद सीएम मोहन यादव ने मंच से ‘फूलों का तारों का सबका कहना है..एक हज़ारों में मेरी बहना है’ गीत गाकर उनसे प्रति अपनी स्नेहासिक्त भावनाओं का इज़हार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘रक्षाबंधन का त्योहार हमारे परस्पर संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है। हमारे हज़ारों साल से ये परंपरा रही है कि त्योहारों के माध्यम से हम समाज में अंतिम पंक्ति में बैठे लोगों के साथ भी संबंधों का निर्वाह कर सकें। हमने मकर संक्रांति का पर्व भी मनाया था। गुड़ी पड़वा भी मनाया। इसके बाद गुरु पूर्णिमा का पर्व आया। अब राखी का त्योहर आया है। हमारी बहनें माता पिता के बाद सबसे अधिक हमसे प्रेम करती हैं। ये हमारी संस्कृति है। हमारे परिवार में एक दूसरे को लेकर चलने का भाव सदा रहा है। बहनें शादी से पहले भी और बाद में भी अपने भाई के साथ सदैव अपने संबंध बनाए रखती हैं।’ ‘किसी हाल में बंद नहीं होगी लाड़ली बहना योजना’ इस अवसर पर सीएम ने कहा कि ‘बहुत सारे लोग सरकार बनने के बाद कह रहे थे कि ये योजना बंद हो जाएगी…तुम्हारी पार्टी बंद हो जाएगी लेकिन हमारी योजना बंद नहीं होगी। ये भाई और बहनों के बीच का रिश्ता है। तुम बोलते बोलते रहो..हम देते रहेंगे देते रहेंगे। जो रोते रहेंगे वो रोते रहेंगे..उससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता। पैसे का महत्व नहीं है..संबंधों का महत्व है। 1 करोड़ 39 लाख बहनों से हमें असीम प्यार मिला है।’ सीएम ने कहा कि राखी 19 अगस्त की है लेकिन हम पूरे महीने इस त्योहार को मनाएँगे क्योंकि हमें तो प्रदेश की लाखों करोड़ों बहनों से राखी बँधवाना है।’ उन्होंने कहा कि ‘आज बहनों ने जो विशाल राखी दी है उस स्नेह से मैं गद्गद हूँ। जिसकी इतनी बहनें हों वो कितना भाग्यशाली है। आज से ये उत्सव प्रारंभ हुआ है पूरे महीने चलेगा। दस तारीख को एक साथ सिंगल क्लिक के जरिए 1250 और 250 रूपये दोनों राशि मिलाकर 1500 रूपये दिए जाएँगे। ये राशि रक्षाबंधन पर्व के दस दिन पहले ही लाड़ली बहनों के खाते में आ जाएगी ताकि आप सभी अच्छे से अपना त्योहार मना सकें। इसी के साथ जो भी बहनें उज्जवला गैस कनेक्शन की हितग्राही हैं और जिन्होंने लाड़ली बहना ने उज्जवला योजना के फ़ॉर्म भरे थे..उन सबके खाते में 450 रूपये भी डाले जाएँगे।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि हम रोज़गार कि दिशा में भी लगातार काम कर रहे हैं और बड़े पैमाने पर रोज़गार स्थापित करेंगे। recent visitors 102