Kohli ने टेस्ट क्रिकेट से किया संन्यास का ऐलान, इंग्लैंड दौरे से पहले लिया बड़ा फैसला

मुंबई भारत के दिग्गज क्रिकेटर विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया. उन्होंने यह चौंकाने वाला फैसला इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले लिया है. भारतीय क्रिकेट टीम 20 जून से इंग्लैंड में 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी. इसमें कोहली का चयन लगभग तय था, लेकिन पिछले साल टी20 को अलविदा कहने वाले विराट अपने दोस्त रोहित शर्मा के नक्शेकदम पर चलते हुए टेस्ट से भी अलग हो गए. रोहित ने पिछले हफ्ते ही टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा था. कोहली ने टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। कोहली ने अपने इंस्टाग्राम पर एक लंबा पोस्ट लिखते हुए टेस्ट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया। कोहली का बल्ला क्रिकेट का सबसे लंबे फॉर्मेट में काफी समय से खामोश चल रहा था। वहीं, रोहित शर्मा के संन्यास के बाद कोहली के रिटायरमेंट को लेकर भी अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि, रोहित के साथ कोहली का रिटायर होने का फैसला टीम इंडिया के लिए बड़ा झटका है। माना जा रहा था कि विराट ने अपने रिटायरमेंट को लेकर बीसीसीआई को पहले ही जानकारी दे दी थी। हालांकि, बोर्ड विराट को मनाने में लगा हुआ था और हर किसी की चाहत थी कि किंग कोहली इंग्लैंड दौर पर जाएं। कोहली ने लिखा भावुक पोस्ट विराट कोहली ने अपने इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट लिखा। उन्होंने लिखा, “टेस्ट क्रिकेट में इस ब्लू जर्सी को मैंने 14 साल पहले पहना था। ईमानदारी से कहूं तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह फॉर्मेट मुझे इतनी ऊंचाइयों तक लेकर जाएगा। इस फॉर्मेट ने मुझे टेस्ट किया, मेरे करियर को शेप दिया और मुझे कई ऐसी सीख दीं, जिन्हें मैं अपनी आगे की जिंदगी में याद रखूंगा। सफेद जर्सी में खेलना मेरे लिए निजी तौर पर काफी खास रहा है। चुपचाप मेहनत करना, लंबे दिन, छोटे-छोटे मोमेंट जिनको कोई नहीं देखता है, लेकिन वह हमेशा आपके साथ रहते हैं।” कोहली ने आगे लिखा, “मैं इस फॉर्मेट से खुद को दूर कर रहा हूं और यह मेरे लिए आसान नहीं है। हालांकि, इस समय यह सही लग रहा है। मैंने अपना सबकुछ इस फॉर्मेट को दिया, जो भी मेरे पास था और बदले में इस फॉर्मेट से मुझे बहुत कुछ मिला, जिसकी शायद मैंने उम्मीद भी नहीं की थी। मैं इस फॉर्मेट से अलविदा ले रहा हूं, लेकिन मेरा दिल कृतज्ञता से भरा हुआ है। इस गेम के लिए और उन लोगों के लिए, जिनके साथ मैंने फील्ड शेयर की,  इसके साथ ही उन सभी लोगों का भी धन्यवाद जो इस रास्ते में मेरे साथ चले। मैं हमेशा ही अपने टेस्ट करियर की तरफ मुड़कर स्माइल के साथ देखूंगा।” जीवन भर याद रखेंगे टेस्ट से मिले सबक कोहली ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर लिखा, ''टेस्ट क्रिकेट में पहली बार बैगी ब्लू जर्सी पहने हुए 14 साल हो गए हैं. ईमानदारी से कहूं तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह प्रारूप मुझे किस सफर पर ले जाएगा. इसने मेरी परीक्षा ली, मुझे आकार दिया और मुझे ऐसे सबक सिखाए जिन्हें मैं जीवन भर अपने साथ रखूंगा.'' विराट ने आगे क्या कहा? कोहली ने कहा, "सफेद कपड़ों में खेलना बहुत ही निजी अनुभव होता है. शांत रहना, लंबे दिन, छोटे-छोटे पल जिन्हें कोई नहीं देखता लेकिन जो हमेशा आपके साथ रहते हैं. जैसे ही मैं इस प्रारूप से दूर हो रहा हूं, यह आसान नहीं है – लेकिन यह सही लगता है. मैंने इसमें अपना सबकुछ दिया है और इसने मुझे मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा दिया है. मैं दिल से आभार के साथ जा रहा हूं – खेल के लिए, उन लोगों के लिए जिनके साथ मैंने मैदान साझा किया और हर एक व्यक्ति के लिए जिसने मुझे इस दौरान महसूस कराया. मैं हमेशा अपने टेस्ट करियर को मुस्कुराते हुए देखूंगा.'' विराट कोहली का टेस्ट करियर विराट ने भारत के लिए 123 टेस्ट मैच खेले. इस दौरान 210 पारियों में 9230 रन बनाए. उनका औसत 46.85 का रहा. कोहली के बल्ले से टेस्ट में 30 शतक और 31 अर्धशतक निकले. विराट का उच्चतम स्कोर नाबाद 254 रन रहा. कोहली ने अपना आखिरी टेस्ट शतक पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछले साल के अंत में लगाया था. जानें कैसा रहा कप्तानी का रिकॉर्ड विराट टेस्ट इतिहास में भारत के सबसे सफल कप्तान रहे हैं. विराट ने 68 टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की जिसमें 40 में टीम को जीत हासिल हुई. कोहली ने जब कप्तानी संभाली थी, तब भारतीय टीम सातवें स्थान पर थी. लेकिन खुद एवं साथी खिलाड़ियों की मेहनत की बदौलत कोहली ने वर्ल्ड नंबर-1 पॉजिशन पर पहुंचाया था. विराट कोहली का इंटरनेशनल  क्रिकेट कर‍ियर 123 टेस्ट, 210 पारी, 9230 रन, 46.85 एवरेज, 30 शतक, 31 अर्धशतक 302 वनडे, 290 पारी, 14181 रन, 57.88 एवरेज, 51 शतक, 74 अर्धशतक, 5 125 टी20, 117 पारी, 4188 रन, 48.69 एवरेज, 1 शतक, 38 अर्धशतक, 4. recent visitors 45

BLA ने भारत से पाकिस्तान के परमाणु खतरों को रोकने के कोशिशों का समर्थन करने की गुजारिश की

नई दिल्ली बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने क्षेत्रीय बदलाव की चेतावनी देते हुए कहा है कि साउथ एशिया में 'एक नई व्यवस्था जरूरी हो गई है.' इसने विदेशी प्रॉक्सी होने के दावों को खारिज कर दिया है. ग्रुप ने खुद को आने वाले वक्त में इलाके की एक गतिशील और निर्णायक पार्टी करार दिया है. इसके अलावा, बीएलए ने दावा किया कि उसने पाकिस्तानी सैन्य और खुफिया साइट्स को निशाना बनाते हुए कब्जे वाले बलूचिस्तान में 51 से ज्यादा जगहों पर 71 हमले किए. बीएलए ने कहा, "हम इस बात को मजबूती के साथ खारिज करते हैं कि बलूच राष्ट्रीय प्रतिरोध किसी राज्य या शक्ति का प्रतिनिधि है. बीएलए न तो मोहरा है और न ही मूक दर्शक. इलाके के मौजूदा और भविष्य के सैन्य, राजनीतिक और रणनीतिक गठन में हमारी अपनी सही जगह है और हम अपनी भूमिका के बारे में पूरी तरह से सचेत हैं." बीएलए ने पाकिस्तान पर तीखा हमला करते हुए आतंकवाद को बढ़ावा देते हुए भ्रामक शांति बयानबाजी का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. भारत को सीधे संबोधित करते हुए बीएलए ने कहा, "पाकिस्तान की तरफ से शांति, युद्ध विराम और भाईचारे की हर बात महज एक धोखा, जंग की रणनीति और एक अस्थायी चाल है." इसमें कहा गया है, "यह एक ऐसा राज्य है, जिसके हाथ खून से रंगे हैं और जिसका हर वादा खून से लथपथ है." 51 से ज़्यादा जगहों पर हमला बीएलए ने एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए दावा किया कि उसने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों के खिलाफ़ बड़े पैमाने पर हमला किया है. बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलूच के मुताबिक, "इस हफ्ते की शुरुआत में भारत-पाकिस्तान सैन्य तनाव के चरम पर रहा. बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी सेना के लिए एक और मोर्चा खोल दिया, क्योंकि इसने कब्जे वाले बलूचिस्तान में 51 से ज़्यादा जगहों पर 71 हमले किए, जो कई घंटों तक चले." टारगेट्स में सैन्य काफिले, खुफिया केंद्र और खनिज परिवहन वाहन शामिल थे. बलूच ने कहा, "इन हमलों का मकसद केवल दुश्मन को खत्म करना नहीं था, बल्कि आने वाले वक्त में मजबूत जंग के लिए तैयारी को ठोस करने के लिए सेना की तैयारी, जमीनी कंट्रोल और डिफेंस स्थिति को जांचना था." बीएलए ने पाकिस्तान की सेना और खुफिया संस्था आईएसआई पर भी आरोप लगाया और इसे आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली जगह बताया. बयान में कहा गया, "पाकिस्तान न सिर्फ ग्लोबल आतंकवादियों को बढ़ावा देने की जगह है, बल्कि लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और आईएसआईएस जैसे घातक आतंकवादी समूहों के राज्य प्रायोजित विकास का केंद्र भी रहा है. आईएसआई इस आतंकवाद के पीछे का नेटवर्क है. पाकिस्तान हिंसक विचारधारा वाला परमाणु राज्य बन गया है."   recent visitors 35

रायपुर में शालीमार कंस्ट्रक्शन कंपनी के कैंप में हुए सिलेंडर ब्लास्ट ने दो मजदूरों की जान ले ली

 रायपुर रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के अभनपुर में भारतमाला सड़क परियोजना के तहत शालीमार कंस्ट्रक्शन कंपनी के कैंप में रविवार शाम हुए सिलेंडर ब्लास्ट ने दो मजदूरों की जान ले ली। हादसे में फरमान अली और शहदाब अली दम घुटने और आग की चपेट में आने से मृत्यु हो गई। दोनों उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के रहने वाले थे। तीसरा मजदूर बिलाल अली बाल-बाल बच गया। घटना ने दोनों मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा दिया है। हादसे का भयावह मंजर     रविवार शाम करीब 6:30 बजे बिलाल अली, फरमान अली और शहदाब अली कंटेनर के बाहर खाना बना रहे थे। अचानक बारिश शुरू होने पर तीनों गैस सिलिंडर को कंटेनर के अंदर ले गए। खाना बनाते समय सिलिंडर में रिसाव होने से आग फैल गई।     सामने का दरवाजा सिलिंडर के पास होने और पीछे का दरवाजा बाहर से बंद होने से तीनों अंदर फंस गए। आग और धुएं से तीनों बेहोश होने लगे। बिलाल ने किसी तरह कंटेनर की खिड़की तोड़कर मदद के लिए आवाज दी, जिसके बाद लोगों ने उसे खींचकर बाहर निकाला। फरमान और शहदाब आग और धुएं की चपेट में आकर दम तोड़ गए। पुलिस की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही अभनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की जांच शुरू की। बिलाल को हल्की चोटें आईं। उसे प्राथमिक इलाज दिया गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में सिलिंडर लीकेज को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। परिवारों में मातम     अमरोहा के कबीरपुर गांव निवासी फरमान और शहदाब के घरों में हादसे की खबर से कोहराम मच गया। फरमान तीन बच्चों के पिता थे। चार भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके एक भाई की पहले ही करंट लगने से मौत हो चुकी है।     शहदाब अपने परिवार के मुखिया थे, जिनके पिता का पहले निधन हो चुका है। उनकी चार बहनों की शादी की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर थी। गांव के आसिफ ने बताया कि दोनों परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। परिजन हादसे की खबर मिलते ही रायपुर के लिए रवाना हो गए। पुलिस चौकी प्रभारी का बयान ब्रजघाट पुलिस चौकी प्रभारी नितेंद्र वशिष्ठ ने बताया कि युवकों की मौत की सूचना मिली है और स्वजन रायपुर पहुंच रहे हैं। पुलिस मामले की पूरी जानकारी जुटा रही है। हादसे ने निर्माण कैंपों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। recent visitors 33

मदर्स डे पर माँ ने अपने बेटे पर झूठी वसीयत बनाकर संपत्ति हड़पने और मारपीट करने का लगाया, इंसाफ की लगाई गुहार

   जयपुर मदर्स डे पर जब पूरा देश मां के त्याग और ममता को नमन कर रहा था, उसी दिन जयपुर की 81 वर्षीय बुजुर्ग मां हरबीर कौर ने अपने बेटे की बेरहमी और धोखे की कहानी दुनिया के सामने रखी। पूर्व न्यायाधीश की पत्नी हरबीर कौर ने अपने बेटे मुनिंद्र सिंह पर झूठी वसीयत बनाकर संपत्ति हड़पने, गाली-गलौज और मारपीट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बेटा उन्हें और उनकी बेटी पूनम सिंह को जबरन घर से निकालना चाहता है। हरबीर कौर ने वर्ष 2023 में सोडाला थाने में (प्रकरण संख्या 175/23) इस संबंध में एक मामला दर्ज कराया था, जिसमें वर्ष 2000 और 2003 की दो फर्जी वसीयतों का जिक्र है। अदालत ने एफएसएल जांच के आदेश भी दिए मगर पुलिस ने न तो जांच शुरू की, न ही रिपोर्ट अदालत में पेश की। परिवार का आरोप है कि सोडाला थाना पुलिस इस मामले में लगातार हीलहवाल कर रही है और बार-बार फाइनल रिपोर्ट लगाने का दबाव बना रही है। पूनम सिंह ने बताया कि उन्होंने फोटो, वीडियो और प्रत्यक्षदर्शी गवाहों सहित तमाम सबूत पुलिस को सौंपे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिवार ने राष्ट्रीय महिला आयोग में भी शिकायत की थी, जहां से जांच रिपोर्ट जयपुर पुलिस कमिश्नर को भेजी गई लेकिन दो महीने बाद भी उस रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिस किसके दबाव में काम कर रही है? पीड़ित परिवार का कहना है कि जब मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है, तब एफआर लगाने का कोई वैधानिक या नैतिक तुक नहीं बनता। परिजन आरोप लगा रहे हैं कि सोडाला थाना और उसके कुछ वरिष्ठ अधिकारी जान-बूझकर मामले को कमजोर कर रहे हैं। पूनम सिंह ने मीडिया को बताया कि 3 नवंबर 2023 को मुनिंद्र सिंह और उसकी पत्नी रेनू सिंह ने उनके और उनकी मां के साथ मारपीट की। इसके साथ ही रेनू सिंह ने धमकी दी कि तुझे काटकर गंगा में बहा देंगे। पुलिस ने इस गंभीर घटना पर भी पहले सिर्फ साधारण रिपोर्ट बनाई और एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया। बाद में अदालत के आदेश पर मामला (FIR संख्या 0447/23) दर्ज किया गया। माँ की पुकार: अब तो इंसाफ दिलाओ हरबीर कौर और पूनम सिंह ने प्रशासन और न्याय पालिका से अपील की है कि आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई हो। हरबीर कौर ने कहा कि जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा, हम चुप नहीं बैठेंगे। यह सिर्फ मेरा नहीं, उन सभी मांओं का सवाल है, जो अपनों के हाथों ठगी जाती हैं। recent visitors 52

उन्नाव में सनसनीखेज घटना: दंपती व दो बेटियों की मौत, जांच में जुटी पुलिस

उन्नाव एक गांव में घर के अंदर युवक का शव फंदे से तो पत्नी और दो बेटियों के शव चारपाई पर पड़े मिले। पत्नी के सीने पर तकिया होने से तीनों का मुंह दबाकर हत्या का अनुमान है। थानाक्षेत्र के साहबखेड़ा गांव निवासी अमित (35) पुत्र उमेशचंद्र यादव खेती कर परिवार का पालन पोषण करते थे। रविवार को पड़ोसी गांव रामबक्श खेड़ा में रहने वाली मृतक की बुआ के लड़के की शादी थी। रायबरेली जिले के डलमऊ बरात गई थी, मृतक के माता-पिता और अन्य चार भाई परिवार के साथ उसी में शामिल होने गए थे। अमित पत्नी गीता (30), निधि (6) और खुशी (10) के साथ घर पर था। सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे मृतक का छोटा भाई अजीत घर आया लेकिन सभी का अलग-अलग घर होने से वह अपने घर चला गया। कुछ देर बाद टिकरी गांव निवासी गल्ला व्यापारी बागड़ गांव में ही गेहूं खरीदने के लिए आया। मृतक अमित के घर के पास पेड़ होने से वह उसी के नीचे रुककर आराम करने लगा। तभी उसकी नजर अमित के घर में लगे जिंगले में गई तो देखा लाल गमछा और उसमें बाल दिख रहे थे। उसने अजीत को बताया, दरवाजा खटखटाना पर जब नहीं खुला तो अजीत छत के रास्ते घर के अंदर पहुंचा और नजारा देख चीख पड़ा। अजीत के मुताबिक भाई अमित का शव गमछे के फंदे से लटक रहा था। गीता चारपाई पर थी, एक तरफ बड़ी बेटी और दूसरी ओर छोटी बेटी का शव पड़ा था। मृतका गीता के सीने पर तकिया पड़ी थी। दर्दनाक घटना की खबर सुन ग्रामीणों की भीड़ लग गई। थानाध्यक्ष फोर्स और फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचे। एसपी दीपक भूकर, एएसपी अखिलेश सिंह और सीओ ऋषिकांत शुक्ला ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक के पिता उमेशचंद्र ने गांव के दूसरे यादव परिवार से चल रही मुकदमे बाजी में हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। थानाध्यक्ष राजेश पाठक ने बताया कि दंपती और उनकी दो बेटियों की मौत हुई है। जांच की जा रही है पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। recent visitors 41

मदर्स डे पर 60 सालों से सुरक्षित प्रसव करवाने वाली दाई मां को उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने सम्मानित, पैर छूकर लिया आशीर्वाद

अजमेर मातृ दिवस के अवसर पर राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने जिले के कोटड़ी गांव पहुंचकर 85 वर्षीय सुवा दाई मां को सम्मानित किया, जिन्होंने अपने जीवन के 60 वर्षों में 2800 से अधिक बच्चों का सुरक्षित प्रसव कराकर नि:स्वार्थ सेवा और मातृत्व का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। महज 24 वर्ष की आयु में इस सेवा यात्रा की शुरुआत करने वाली सुवा दाई मां ने उस समय अपनी महती भूमिका निभाई, जब गांवों में बिजली, चिकित्सा और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। आज भी वे कोटड़ी, झाखोलाई, भेरवई और करडाला गांवों की महिलाओं को प्रसव सहायता, गर्भावस्था परामर्श और पोषण व स्वच्छता से जुड़ी सलाह देती हैं। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने इस मौके पर कहा कि सुवा दाई मां त्याग, समर्पण और मातृत्व की प्रतिमा हैं। उन्होंने उस समय मां और नवजात के लिए सुरक्षा और ममता का कवच प्रदान किया, जब आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं केवल सपने जैसी थीं। उस समय उनकी सेवा भावना किसी से कम नहीं आंकी जा सकती। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे नायकों को मंच पर लाना हमारा कर्तव्य है, जो चमक-धमक से दूर रहकर समाज को जीवन देने का कार्य करते हैं। सुवा दाई मां की कहानी यह बताती है कि हर महिला में शक्ति है बस उसे पहचान और सम्मान की आवश्यकता है। इस मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों ने सुवा दाई मां के सम्मान में अपनी उपस्थिति से आयोजन को गरिमा प्रदान की। उपमुख्यमंत्री ने सुवा दाई मां के हाथों जन्मी पहली बच्ची, जो अब 61 वर्ष की हैं से भी मुलाकात की। मातृ दिवस के इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ने पैर छूकर सुवा दाई मां से आशीर्वाद लिया और शॉल ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। साथ ही उन्हें जयपुर आने के लिए आमंत्रित कर कहा कि यह मातृ दिवस एक प्रेरणा है कि असली मातृत्व सिर्फ जन्म देने में नहीं, बल्कि उसे संवारने और निःस्वार्थ सेवा में निहित है। उपमुख्यमंत्री ने सभी ग्रामीण महिलाओं को मातृ दिवस की शुभकामनाएं भी दीं। recent visitors 44

बलरामपुर में रेत माफिया ने आरक्षक को कुचला, अवैध खनन रोकने पहुंची टीम पर खनन माफिया का हमला

बलरामपुर  अवैध रेत का उत्खनन रोकने गए वन व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम पर खनन माफियाओं ने हमला कर दिया। खाना माफिया के द्वारा ट्रैक्टर चढ़ा कर पुलिस आरक्षक को कुचल दिया गया। घटना में आरक्षक शिव भजन सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बलरामपुर रामानुजगंज एसपी वैभव बैंकर मौके के लिए रवाना हो गए हैं। जिले के लिब्रा घाट में रेत का अवैध उत्खनन चल रहा है। रेत के अवैध उत्खनन के लिए झारखंड से आकर रेत माफिया के द्वारा अवैध उत्खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने अवैध उत्खनन की शिकायत की थी। जिसके बाद वन विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर गई हुई थी। इस दौरान अवैध उत्खनन रोकने गई टीम पर रेत माफिया ने हमला कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार पीछे से आकर रेत उत्खनन करने में लगे ट्रैक्टर ने आरक्षक शिव भजन सिंह को कुचल दिया। हादसे में आरक्षक की मौके पर ही मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार लिब्रा घाट में बड़ी मात्रा में अवैध उत्खनन चल रहा है। पड़ोसी राज्य झारखंड से आकर यहां माफिया खनन को अंजाम दे रहे है। सुदूर जंगली गांव होने की वजह से प्रशासन को भी इसकी जानकारी नहीं हो पाती। ग्रामीण माफियाओं के डर से उन्हें कुछ नहीं कह पाते,इसलिए उन्होंने प्रशासन से शिकायत की थी। जिसके बाद कार्यवाही के लिए पहुंची टीम पर माफिया ने हमला कर दिया। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है और उससे पूछताछ कर घटना के संबंध में जानकारी ले रही है। यह अभी जानकारी पूछी जा रही है कि किसकी शह पर कौन अवैध उत्खनन कर रहा था और कब से कर रहा था। घटना की सूचना मिलते ही बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर मौके पर जाने के लिए निकल गए हैं। recent visitors 32