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महापुरूषों की प्रतिमाओं पर ना विधुत सज्जा और ना तिरंगा ध्वज क्यों।

Why are there no electrical decorations or tricolour flags on the statues of great men? कल गणतंत्र दिवस पर विशेष समारोह आयोजित किया गया प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के आदमकद बेनर होर्डिंग पोस्टर्स लगाऐं गये। इन्दौर। तिरंगा ध्वज उससे छोटा रखा गया मुख्य आयोजन जगह पर क्यों सवाल, साथ ही गणतंत्र दिवस था क्या नगरनिगम, मप्र शासन इन राष्ट्रीय नेताओं, महापुरूषों की, शहीदों की, बलिदानीयों की प्रतिमाओं के आसपास रोशनी नहीं करवा सकती थी। तिरंगा ध्वज खातिर जहां जहां स्टैंड बना हुआ है वहां वहां ध्वज नहीं फहराया जा सकता था। हालात यह है कि राजमोहल्ला स्थित भगतसिंह प्रतिमा पर गंदा कटा फटा राष्ट्रीय ध्वज लगा हुआ है,, और स्टैंड पर अन्य ध्वज,,, राष्ट्रीय संपतियों, शासकीय कार्यालयों पर, नगरनिगम कार्यालय पर आदि जगहों पर रोशनी की गई इन प्रतिमाओं पर क्यों नहीं कि। मप्र कांग्रेस कमेटी ने सीधे सीधे भाजपा सरकार और जिला प्रशासन तथा नगरनिगम परिषद् पर आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं का महिमा मंडन करने में सरकारी धन खैरात की तरह खर्च किए गए परंतु महापुरूषों, बलिदानी शहीदों ,, स्वतंत्रता संग्रामके नायकों को भूला दिया  क्योंकि ये सब संघ की विचारधारा से जुड़े हुए नहीं थे,संघ और भाजपा का चरित्र इससे स्पष्ट होता है। लेख  प्रमोद कुमार व्दिवेदी एड्वोकेट प्रवक्ता मप्र कांग्रेस कमेटी मप्र  Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 64

इंदौर को ‘हांगकांग’ बनाने को हरी झंडी, हजारों मकान व दुकानों पर मंडराया संकट

INDORE MASTER PLAN GREEN SIGNAL इंदौर ! देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को हांगकांग जैसा बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. स्वच्छता में नंबर वन इंदौर को अब ट्रैफिक में भी नंबर वन बनाने के लिए नगरी प्रशासन विभाग ने कमर कस ली है. शहर में करीब 3 हजार करोड़ की मास्टर प्लान की सड़कों और ड्रेनेज समेत विभिन्न विकास कार्यों को मंजूरी दे दी गई है. समीक्षा बैठक में तमाम जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में शहर की सड़कों के मास्टर प्लान के तहत सड़के के साथ ही ड्रेनेज लाइन और पेयजल की व्यवस्था पर चर्चा की गई. मास्टर प्लान को लेकर मैराथन मीटिंगदरअसल, इंदौर को ट्रैफिक की दृष्टि से और भविष्य में विकास के मद्देनजर ये बैठक हुई. बैठक में चर्चा के बाद फैसला लिया कि शहर की 23 सड़कों को 468.41 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा. साथ करीब इतनी ही राशि से अन्य सड़कें बनाई जाएंगी. करीब 1000 करोड़ की लागत से नमामि गंगे योजना के तहत पानी की सप्लाई और 1000 करोड़ की राशि से अमृत 2 योजना अंतर्गत ड्रेनेज और अन्य विकास कार्य किए जाएंगे. यह पहला मौका है जब इंदौर में एक साथ 3000 करोड़ के कार्यों को आगामी 30 महीने में पूरा करने का फैसला लिया गया है. व्यापक स्तर पर टूटेंगे मकान व दुकानेंइंदौर में अपने तरीके के पहले कायाकल्प अभियान के तहत जिन सड़कों का निर्माण होगा, उनके आसपास मौजूद मकान और दुकानों को बड़े पैमाने पर तोड़ा जाएगा. ऐसे मकान मालिकों और भूमि स्वामी को नगरी प्रशासन विभाग द्वारा वैकल्पिक रूप से फ्लैट दिए जाएंगे. इसके अलावा निर्माण के दायरे में जो मकान व दुकानें आएंगी, उनके लिए फिलहाल कोई वैकल्पिक व्यवस्था का प्रावधान नहीं किया गया है. नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर नगर निगम और जिला प्रशासन के तमाम अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा “सभी 23 सड़कें ढाई साल में बनाई जाएंगी. इनके लिए टेंडर होने के बाद हर 15 दिन में प्रोग्रेस रिपोर्ट भी देनी पड़ेगी.” 25 सड़कों के चौड़ीकरण में 3000 मकान टूटेंगेइंदौर शहर में मास्टर प्लान के तहत बनाई जा रही 25 सड़कों चौड़ाई अलग-अलग निश्चित है. सड़कों को चौड़ा करके बनाने के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में करीब 3000 मकान तोड़ने होंगे. इन मकानों में अधिकांश ऐसे हैं, जो पूरी तरह सड़क में जा रहे हैं, जबकि 75 फ़ीसदी मकान आधे से ज्यादा तोड़े जाएंगे. इनमें कई दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान सड़कों के चौडीकरण के कारण पूरी तरह से हटा दिए जाएंगे. ऐसे अतिक्रमण और मकान तोड़े जाने के बदले नगरीय प्रशासन विभाग अब फ्लैट देने की तैयारी में है. इन फ्लैट में 1 बीएचके के स्थान पर 2 और 3 बीएचके फ्लैट देने की नीति नगरीय प्रशासन विभाग तैयार कर रहा है. मास्टर प्लान में टूटने वाले धार्मिक स्थल बनाकर देंगेइंदौर में मास्टर प्लान की सड़कों को नए सिरे से बनाने और चौड़ा करने के मार्ग में कई धार्मिक स्थल भी आ रहे हैं. इसको लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का कहना है “धार्मिक स्थलों को लेकर लोगों को समझाकर और आमराय बनाकर काम करेंगे, जितने भी धार्मिक स्थल हटाए जाएंगे, उनके स्थान पर नए बनाकर दिए जाएंगे. इस बारे में निर्देश दिए गए हैं.” Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 60

भाजपा जिला अध्यक्ष : इंदौर में अब भी फंसा पेच, मंत्री विजयवर्गीय-सिलावट में तकरार

BJP District President: Trouble still stuck in Indore, dispute between Minister Vijayvargiya and Silavat BJP District President : पांच दिन के ब्रेक के बाद गुरुवार को भाजपा जिला अध्यक्षों के शेष बचे पांच में से दो जिलों की घोषणा की गई। जिसमें छिंदवाड़ा से शेषराव यादव और और नरसिंहपुर से रामस्नेही पाठक को अध्यक्ष बनाया गया है। लेकिन तीन जिलों का इंतजार अभी भी जारी है। इंदौर नगर, इंदौर ग्रामीण और निवाड़ी जिलों की घोषणा अभी शेष है। छिंदवाड़ा में सांसद बंटी विवेक साहू को तगड़ा झटका लगा है। क्योंकि पूरी ताकत लगाने के बावजूद उनके धुर विरोधी शेषराम यादव को जिला अध्यक्ष की कमान सौंपी गई है। शेषराम अभी कार्यकारी जिला अध्यक्ष भी थे। बता दें बंटी ने टीकाराम चंद्रवंशी का नाम आगे बढ़ाया था, लेकिन इस नाम को लेकर छिंदवाड़ा के पुराने भाजपा नेता लामबंद हो गए हैं। भाजपा नेताओं का आरोप था कि चंद्रवंशी पर गबन, 420 के प्रकरण दर्ज हैं। वह हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत पर बाहर हैं। ऐसे में संगठन ने विवाद से बचने के लिए चंद्रवंशी का नाम ड्रॉप कर दिया। नरसिंहपुर में अध्यक्ष के नाम की घोषणा में देरी की वजह मंत्री प्रहलाद पटेल और मंत्री राव उदय प्रताप के बीच अपने गुट का अध्यक्ष बनाने की आंतरिक खींचतान रही। लेकिन बाद में प्रहलाद पटेल की पसंद चली है।मंत्री विजयवर्गीय-सिलावट में तकरार संगठन की कई कोशिशों के बावजूद इंदौर के जिला अध्यक्षों का(BJP District President) विवाद लगातार जारी है। इंदौर ग्रामीण में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय(Minister Kailash Vijayvargiya) चिंटू वर्मा के नाम पर अड़े हुए हैं। तो सिंधिया गुट के मंत्री तुलसी सिलावट(Tulsi Silavat) अंतर दयाल के नाम की पैरवी कर रहे हैं। इसी के अलावा दूसरा पेंच ये भी है कि कैलाश इंदौर ग्रामीण के साथ-साथ शहर में भी अपना आदमी चाहते है। लिहाजा यहां पेच इतना फंस चुका है कि कई प्रयासों के बावजूद अंतिम सहमति नहीं बन पा रही है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 94

अब खतरे में नमकीन उद्योग, व्यापारी बोले- बंद करना पड़ेगी फैक्ट्रियां

indore namkeen industry in crisis manufacturers say factories will have to be closed इंदौर। इंदौर को पहचान देने वाला नमकीन उद्योग खुद को खतरे में महसूस कर रहा है। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल के मनमानी फरमान से यह स्थिति बनी है। उद्योगों को आदेश दिया गया है कि वे अपने यहां उपयोग किए जा रहे ईंधन को बदल दें। कोयला, बायो कोल जैसे ईंधन का उपयोग बंद कर सिर्फ सीएनजी-पीएनजी का उपयोग करें। अनोखी बात ये कि नियम सिर्फ इंदौर के उद्योगों पर थोपा जा रहा है। नमकीन इंडस्ट्री ने कहा कि आदेश का पालन हुआ तो या तो बड़े उद्योग बंद हो जाएंगे या उन्हें इंदौर से पलायन को मजबूर होना पड़ेगा। छह महीने में सीएनजी याह एलपीजी का उपयोग शुरू करेंदिसंबर के दूसरे और तीसरे सप्ताह में शहर के उद्योगों को क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल के दफ्तर से नोटिस पहुंचा है। उद्योगों को लिखित निर्देश दिए हैं कि छह माह के भीतर ही वे सीएनजी, पीएनजी या एलपीजी का उपयोग शुरू करें। साथ ही 15 दिनों के भीतर अपने बायलर में बदलाव करने को लेकर एक्शन प्लान भी तैयार कर मंडल को भेजें। मौजूदा नमकीन और कनफेक्शनरी उद्योग अपने उत्पादों के निर्माण के लिए कोयला या बायो कोल का इस्तेमाल करता है। तीन गुना महंगी पड़ रही पीएनजीबायो कोल असल में पराली और एग्री वेस्ट से बना ईंधन होता है। मप्र मिठाई नमकीन निर्माता-विक्रेता एसोसिएशन के अनुसार पीएनजी से उद्योग चलाना संभव ही नहीं है। अन्य ईंधन के मुकाबले यह तीन गुना महंगी पड़ रही है। उत्पादन की लागत बढ़ जाएगीमप्र सरकार पीएनजी पर 14 प्रतिशत वैट लेती है जिसका टैक्स क्रेडिट भी नहीं मिलता। गैस की उपलब्धता कम है और इससे जरूरी तापमान हासिल करने में भी ज्यादा ईंधन लगता है। ऐसे में इंदौर के उद्योग जो नमकीन बनाएंगे उसकी उत्पादन लागत बढ़ जाएगी। इसके बाद यहां के उद्योग अन्य प्रदेशों के उद्योगों से तो क्या भोपाल-ग्वालियर के उद्योगों से भी प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकेंगे क्योंकि वे हमसे सस्ता उत्पाद देने लगेंगे। उन पर ईंधन को लेकर कोई बाध्यता नहीं है। हर उद्योग से निकलने वाले उत्सर्जन की निगरानी खुद प्रदूषण नियंत्रण विभाग करता है। उद्योगों में विभाग पहले ही बायलर पर बैक फिल्टर और कार्बन कलेक्टर तक लगवा चुका है। 20 हजार टन नमकीन का रोज किया जा रहा उत्पादननिर्माता एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार मध्यम और बड़े उद्योगों के रूप में रजिस्टर्ड करीब 250 नमकीन उद्योग इंदौर में हैं। हर उद्योग औसतन 100 टन नमकीन के हिसाब से करीब 20 हजार टन नमकीन का उत्पादन रोज कर रहे हैं। अनिवार्यता नहीं है उद्योगों के विरोध और मनमाना आदेश पर सवाल उठने पर अब क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल बोर्ड कदम पीछे खींचता दिख रहा है। उद्योगों को नोटिस जारी करने के प्रश्न पर प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी एसएन द्विवेदी ने नईदुनिया से कहा कि हमनें तो उद्योगों को पत्र जारी कर सुझाव ही दिया है। उन्होंने कहा इस मामले में आग्रह किया है कि वे अन्य ईंधन विकल्पों पर विचार करें तो बेहतर होगा। इसकी अनिवार्यता नहीं है। ना ही कोई समय सीमा दी गई है कि उन्हें ईंधन बदलना ही होगा। दिल्ली में भी रोक नहीं, सिर्फ यहां लगाई रोकबायो फ्यूल कृषि वेस्ट जैसे पराली व कचरे से बना ईंधन है। उसे तो पर्यावरण हितैषी दर्जा मिला है और दिल्ली की फैक्ट्रियों में भी उपयोग की अनुमति है। सिर्फ इंदौर में रोक लगाई जाना समझ से परे है। हमें कहा गया है कि छह महीने में उपयोग बंद करें। ग्वालियर-भोपाल की हवा की गुणवत्ता हमसे बेहतर नहीं है, लेकिन वहां ईंधन पर रोक नहीं है। – अनुराग बोथरा, सचिव, मिठाई नमकीन निर्माता एसोसिएशन Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 84

भाजपा सरकार का नया कौतुक,,, धारणा प्रमाण पत्र।

BJP government’s new prodigy,,, perception certificate. भोपाल। आज 261 गांवो में 61900 से अधिक भु अधिकार पुस्तिका बांटी गई है। सवाल उठता है क्या मुख्यमंत्री यह बताएंगे कि यह रहवासी क्षेत्रों ने सरकारी जमीनों पर मकान बनाया,,, क्या मप्र में या देश में भुराजस्व संहिता नहीं है, क्या संपत्तियों का पंजीयन रजिस्ट्रेशन एक्ट 1908 के लागू होने से पहले से चल रहा। स्टाम्प एक्ट 1899 से चलन में है। गांव आजादी के पहले से बसे हुए हैं। पिंडियों से लोग रह रहे। परिवार की पिंडियों से रेवेन्यू रिकार्ड, पंचायत अधिनियम अंतर्गत गांव की पंचायत में, जिला प्रशासन के रिकार्ड में नाम दर्ज है। डॉ मोहन यादव को पता ना हो कि मप्र में पंचायत सर्टिफिकेट, सम्पतिकर रसीद या अन्य दस्तावेज से नाम मात्र के शुल्क पर सहस्वामित्व दस्तावेज पंजीयन करवाने का विधान 2003 से कांग्रेस सरकार ने बनाया दिग्विजय सिंह सरकार ने महिलाओं खातिर बडी सौगात दी,, पत्नी, बेटी,बहु के नाम 1फीसदी स्टाम्प शुल्क तथा रसीद पर सम्पत्ति के दस्तावेज सहस्वामित्व दस्तावेज रुप में व्यवस्था की,,,यह जरूर हुआ भाजपा सरकार ने इस योजना को खत्म नहीं किया परंतु स्टाम्प ड्यूटी पिछले दरवाजे से नगरनिगम पंचायत की बसूली। फिर सरकार ने बिजली बिल आधार पर भी दस्तावेज पंजीयन करने का कायदा कानून बनाया। कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने महिलाओं, बेटी, पत्नी को संपत्ति में भागीदारी सुनिश्चित करने खातिर सहस्वामित्व दस्तावेज पर स्टाम्प ड्यूटी 1000 तथा पंजीयन शुल्क 100 कर दिया तथा यह भी स्पष्ट किया कि नगरनिगम पंचायत आदि ड्यूटी भी नहीं लगेगी फलस्वरूप हजारों दस्तावेज पंजीयन होने लगे। इंदौर में भी हुवे,,, नामांतरण भी तहसीलदार तथा नगरनिगम कार्यालय में पंचायत, स्थानीय निकायों में होने लगे। कांग्रेस सरकार के तात्कालीन वाणिज्य एवं वित मंत्री बृजेन्द्र सिंह राठौड़ ने 23 जनवरी 2020 को सैकड़ों महिलाओं को सहस्वामित्व दस्तावेज नीजि आयोजन में कलेक्टर कार्यालय पास आयोजित कार्यक्रम में किया। भाजपा सरकार ने पुनः सत्ता में आने के बाद इस योजना पर अंडगे लगाऐं,अधिकांश स्थानीय निकाय पर भाजपा काबिज है तो उसने अघोषित रूप से नामांतरण रोका, इंदौर में भी हजारों महिलाएं परेशान हैं नगरनिगम नामांतरण नहीं करता। व्दिवेदी ने सवाल उठाया अगर संपत्ति स्वामी नहीं थे इन 261 गांवो के 62000 नागरिकों पास तो फिर मतदाता सूची में किस आधार पर नाम शामिल किए गए,, मतदाता बनने खातिर स्वामित्व या रहवासी होने का सर्टिफिकेट चाहिए तो क्या था इनके पास,,, सरकारी सुख सुविधा राशन आदि कैसे मिलता रहा। अवैध रूप से ये रहने वाले नहीं थे,,, फिर इस योजना की पात्रता  के लिए सरकार बताए क्या आधार रखा गया। मप्र कांग्रेस कमेटी  ने सवाल उठाया कि कानूनी सवाल है, सवाल चलन वाली योजनाओं का फायदा इन्होंने कैसे पाया। सवाल मप्र के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से है कि सहस्वामित्व दस्तावेज अगर गलत है तो बैंकों ने ऋण कैसे देती है। कांग्रेस ने डॉ मोहन यादव से भी सवाल किया, तो केंद्र सरकार से भी,कि बताएं कि फिर ये मतदाता कैसे बने आधार क्या  लेखक  प्रमोद कुमार व्दिवेदी एड्वोकेट प्रवक्ता मप्र कांग्रेस कमेटी मप्र Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 70

‘झगड़े के लिए नहीं सीखते हैं लाठी चलाना, बल्कि…’, इंदौर में क्या बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत शुक्रवार को मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे और स्वर शतकम कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया और बताया कि लाठी चलाना क्यों सीखना जरूरी है। मोहन भागवत ने यह भी कहा कि किसी भी मामले में हमारा देश पीछे रहने वाला नहीं है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि दुनिया के पास जो है, वो हमारे देश के पास नहीं है, ऐसे नहीं हो सकता है। हमारा देश पीछे रहने वाला मुल्क नहीं है। हम भी ऐसा करने में पूरी तरह से सक्षम हैं। विश्व के देशों की पहली पंक्ति में बैठकर हम भी बता सकते हैं कि हमारे पास क्या-क्या है? उन्होंने आगे कहा कि एक बात और है। संघ कोई भी कार्य प्रदर्शन के लिए नहीं करता है, बल्कि जो काम करता है उसी का प्रदर्शन हो जाता है। संघ के जितने भी कार्यक्रम होते हैं और जिसका आप प्रदर्शन देखते हैं। हम शाखा में भी ये कार्यक्रम करते हैं, लेकिन वो प्रदर्शन के लिए नहीं करते हैं। कार्यक्रम करते हैं, इसलिए उसका प्रदर्शन होता है। मोहन भागवत ने आगे कहा कि संघ के कार्यक्रमों से इंसान की प्रवृति, स्वभाव और संस्कार बनता है। उनके सद्गुणों में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि हम संघ में दंड सीखते हैं। लाठी चलाना प्रदर्शन या झगड़े करने के लिए नहीं सीखते हैं। अगर सीख गए और दोनों प्रसंग आए तो दोनों में काम आ जाते हैं। आरएसएस प्रमुख ने आगे कहा कि हमें उत्सवों में प्रदर्शन करना पड़ता है। हम झगड़ा नहीं करते हैं। अगर कोई आकर झगड़ा करने लगे तो उसका इलाज करना ही पड़ता है। लाठी चलाना इसलिए नहीं सीखते हैं। लाठी चलाना इसलिए सीखते हैं, क्योंकि लाठी चलाने वाले व्यक्तियों में वीरता आती है। वो किसी से डरता नहीं है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 169

मध्य प्रदेश में यूनियन कार्बाइड के जहर का कहर, पीथमपुर में लोग कर रहे आत्मदाह

धार ! पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने के विरोध में शुक्रवार को व्यापक बंद का ऐलान किया गया था. बंद के दौरान विरोध कर रहे दो प्रदर्शनकारियों ने आत्मदाह की कोशिश की, जिसमें दोनों के सिर पर आग लग गई. इस दौरान आग से कई लोग झुलस गए और भगदड़ मच गई. इस घटना में दो प्रदर्शनकारी राजकुमार और राज पटेल की हालत गंभीर बताई जा रही है. इस घटना से जुड़ा एक खौफनाक वीडियो भी सामने आया है. दरअसल विगत कई दिनों से पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है. गुरुवार को शहर के महाराणा प्रताप चौराहे पर रैली और धरने का आयोजन था. तो वहीं आज नगरवासियों ने बंद का आह्वान किया था. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर महाराणा प्रताप चौराहे पर पहुंचे जहां यूनियन कार्बाइड के विरोध में जमकर नारेबाजी हुई. इस दौरान जब मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने लोगों को रोकने की कोशिश तो इसी बीच प्रदर्शन स्थल पर बोतल में पेट्रोल लेकर पहुंचे राजकुमार और राज पटेल ने खुद के ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया. इस दौरान अचानक आग भड़क गई. कुछ ही सेकंड में दो प्रदर्शनकारियों के सिर और ऊपरी हिस्सों में आग लग गई. ये देखते ही भगदड़ मच गई. हालांकि वहां मौजूद पुलिस ने दोनों की आग बुझाने की कोशिश की लेकिन तब तक दोनों करीब 60 फीसदी से ज्यादा जल चुके थे. आनन-फानन में दोनों को चोइथराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दोनों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है. इस घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी का माहौल है और क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है. वहीं स्थिति और ना बिगड़े इसे लेकर इंदौर से अतिरिक्त पुलिस फोर्स भेजा गया है. प्रत्यक्षदर्शी वीर सिंह ने बताया, ” घटना में दो लोग जल गए हैं. राजकुमार रघुवंशी और राज पटेल दोनों को आग लेग देखा मैंने. दोनों के चेहरे जले हैं. राज पटेल की जलती शर्ट मैंने खींचकर उतारी इसमें मेरा हाथ भी जला है.” दरअसल, 3 दिसंबर 1984 को हुए भोपाल गैस कांड में मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव होने से हजारों लोग काल के गाल में समा गए थे. इस गैस कांड के बाद से भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में ये जहरीला कचरा सालों से बंद पड़ा था, जिसे पीथमपुर प्लांट में जलाया जा रहा है. इसी के विरोध में पीथमपुर में बंद का आह्वान किया गया था, जिसमें हिंसा भड़क गई. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 191