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Ladli Laxmi Yojana: मध्य प्रदेश के कई जिलों में लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए बजट ही नहीं

Ladli Laxmi Yojana in many districts of Madhya Pradesh

Ladli Laxmi Yojana: There is no budget for Ladli Laxmi Yojana in many districts of Madhya Pradesh ग्वालियर। Ladli Laxmi Yojana in many districts मध्य प्रदेश सरकार ने कई जिलों की पात्र बालिकाओं के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना की पिछली वित्तीय वर्ष की राशि अभी तक आवंटित नहीं की है। इसके पीछे सरकार के पास बजट की कमी बताई जा रही है। असल में, लाड़ली लक्ष्मी योजना के बजट का मद अलग है, शासन स्तर पर इसका एक पूल बना हुआ है, जिसमें जिलों को राशि का आवंटन हर वर्ष शासन से किया जाता है। आमतौर पर प्रत्येक वर्ष 20 से 31 मार्च के बीच इसका बजट शासन से पूल में जारी कर दिया जाता रहा है लेकिन अप्रैल माह का प्रथम सप्ताह आ जाने के बावजूद ग्वालियर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, झाबुआ सहित कई जिले बजट आवंटित होने से वंचित रह गए हैं। Ladli Laxmi Yojana in many districts 36 हजार से ज्यादा बालिकाओं को नहीं मिली किश्त ग्वालियर में 36 हजार से ज्यादा पात्र बालिकाओं को बीते वित्तीय वर्ष की किश्त नहीं मिल पाई है। यहां योजना के मद में 22 करोड़ से ज्यादा का भुगतान होना है। ग्वालियर के जिला कार्यक्रम अधिकारी डीएस जादौन का कहना है कि शासन स्तर से बताया गया है कि जल्द ही धनराशि जारी कर दी जाएगी। Read more: Ghibli ट्रेंड सिर्फ मजेदार फोटो नहीं, यह आपकी प्राइवेसी के लिए है खतरा? बता दें कि वर्ष 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली लक्ष्मी योजना की शुरुआत की थी। बालिका जन्म के प्रति जनता में सकारात्मक सोच, लिंग अनुपात में सुधार, बालिकाओं के शैक्षणिक स्तर व स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार तथा उनके अच्छे भविष्य की आधारशिला रखने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले अभिभावक को बच्ची के जन्म के समय पंजीकरण कराना होता है। पात्र बच्चियों के खाते में प्रतिवर्ष छह हजार रुपये लगातार पांच वर्ष तक जमा किए जाते हैं। 21 वर्ष की आयु होने पर ब्याज की राशि मिलाकर प्रत्येक बालिका को कुल एक लाख 43 हजार रुपए मिलते हैं। संबल में भी ली गई थी लाड़ली योजना की राशि पूर्व में जब प्रदेश में संबल योजना शुरू की गई थी तो इसके लिए लाडली लक्ष्मी योजना के मद से राशि ली गई थी, यह राशि इसके बाद वापस नहीं की गई। अधिकारियों का कहना है कि लाडली लक्ष्मी योजना के मद से इसलिए भी राशि लिया जाना संभव हो जाता है, क्योंकि इसमें बड़ी राशि पूल में होती है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 67

ग्वालियर किला निजी हाथों में सौंपने शहरवासियों ने किया विरोध, बोले- दिल्ली तक जाएंगे

gwalior city residents protested against handing over gwalior fort to private hands Gwalior Fort Update: ग्वालियर के ऐतिहासिक किले को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी से शहरवासी आक्रोश में आ गए हैं। लोगों का कहना है कि ग्वालियर किला (Gwalior Fort) हमारी विरासत है, इससे छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। शहरवासियों का कहना है कि ग्वालियर किले पर बने ऐतिहासिक स्मारक हमारी पहचान हैं और किले के निजीकरण के बाद यहां मनमाने ढंग से वसूली प्रारंभ हो जाएगी। इसके विरोध में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा शुक्रवार को कलेक्टर और राज्य पुरातत्व विभाग को ज्ञापन देकर चेताएगी। बता दें, भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में पर्यटन-संस्कृति विभाग ने इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो एयरलाइंस) के साथ ग्वालियर किले के लिए एमओयू किया है। वहीं इंडिगो ग्रुप के 100 लोगों की टीम शुक्रवार 7 मार्च की शाम 4 बजे ग्वालियर फोर्ट पहुंच रही है। टिकट काफी महंगे हो जाएंगेग्वालियर किले पर जो स्मारक पूर्ण रूप से संरक्षित हैं और उनसे आमदनी भी हो रही है, ऐसे स्मारकों को निजी हाथ में देना ठीक नहीं रहेगा। क्योंकि उनके टिकट काफी बढ़ जाएंगे। ऐसे में आम आदमी स्मारकों को देखने से वंचित रह जाएगा और पुरातत्व महत्व भी समाप्त हो जाएगा।–लाल बहादुर सिंह, पूर्व क्यूरेटर (संग्रहाध्यक्ष) गूजरी महल संग्रहालयराष्ट्रपति भवन तक जाएंगे हम इस मुद्दे पर पूरी लड़ाई लड़ेंगे, किसी भी हालत में किले का निजीकरण नहीं होने देंगे। चाहे इसके लिए दिल्ली में राष्ट्रपति भवन तक क्यों ना जाना पड़े। हम हर स्तर पर इसका पुरजोर विरोध करेंगे। साथ ही दूसरे समाजों को भी इससे जोड़ेंगे। इससे पूर्व भी हमने यहां निजी होटल के निर्माण को नहीं होने दिया था।-पूरन सिंह राणा, एडवोकेट, सचिव, जाट समाज कल्याण परिषद ग्वालियरनिजीकरण बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे ग्वालियर का किला न सिर्फ शहर बल्कि प्रदेश-देश के लिए भी पुरातत्व धरोहर है। इसका निजीकरण किया जाना बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होगा। पता नहीं इस ऐतिहासिक विरासत को पूंजीपतियों के हवाले क्यों किया जा रहा है। जो लोग इस काम को करवा रहे हैं, उन्हें गरिमा का बिल्कुल भी ज्ञान नहीं है। हम शुक्रवार को इसके लिए ज्ञापन भी देंगे।-सुनील शर्मा, कांग्रेस प्रदेश महासचिवकम हो जाएगी पर्यटकों की संख्या ग्वालियर किला हमारे ग्वालियर नहीं अपितु पूरे देश में प्रसिद्ध है, यहां हर कोई आना पसंद करता है। निजी हाथों में जाने के बाद यहां जाने के लिए अतिरिक्त पैसा देना पड़ेगा। वहीं राज्य पुरातत्व विभाग और केंद्रीय पुरातत्व विभाग इस किले का संरक्षण और देखभाल कर तो रहे हैं। निजीकरण से निश्चित तौर पर पर्यटकों की संख्या कम ही होगी।–ज्योति अग्रवाल, संस्थापक अध्यक्ष, अग्रकुल महिला समितिनिजीकरण बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए ग्वालियर किला हमारी ऐतिहासिक धरोहर है, इसका निजीकरण बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए। इसे संरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है, न कि निजी कंपनियों को सौंपना। इससे आम जनता की पहुंच और सांस्कृतिक महत्व प्रभावित हो सकता है। किले का संरक्षण सरकार खुद करे, ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान बनी रहे।-श्वेता बिंदल, चेयरपर्सन, जेसीआई ग्वालियरनिर्णय वापस लिया जाए ग्वालियर किला हमारे शहर की शान है। जो भी ऐतिहासिक धरोहर होती हैं उनकी देखभाल व संरक्षण करना सरकार का नैतिक कर्तव्य है। निजीकरण करना कोई विकल्प नहीं है, इसलिए अनुरोध है कि निजी कंपनी को किले को देने का निर्णय वापस लिया जाए। किले का जो पुराना इतिहास है उसको यथावत रखा जाए, क्योंकि यही हमारी पहचान भी है।-जुबैर रहमान, संस्थापक अध्यक्ष, लॉयंस क्लब दिशा Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 70

ग्वालियर किला अब निजी हाथों में, इंडिगो एयरलाइंस से 5 साल का करार

Gwalior Fort is now in private hands, 5 year agreement with Indigo Airlines Gwalior Fort: नरेंद्र कुइया. लियर के किले को अब निजी हाथों में देने की तैयारी है। इसके लिए भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में पर्यटन-संस्कृति विभाग ने इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो एयरलाइंस) के साथ एमओयू किया है। इसमें आगा खान कल्चरल सर्विसेज फोरम (एकेसीएसएफ) को शामिल किया है। अभी 5 साल के करार में किले के संरक्षण और सौंदर्यीकरण होगा। बाद में पांच साल और बढ़ेगा। इसकी फंडिंग इंडिगो एयरलाइंस करेगी, एकेसीएसएफ संरक्षण करेगी। इनके संरक्षण का कार्य भी वे ही करते हैं। ग्वालियर दुर्ग पर एमओयू (MOU) के बाद की प्रक्रिया शुरू करने से पहले मप्र टूरिज्म(MP Tourism), इंडिगो एयरलाइंस (Indigo Airlines) और एकेसीएसएफ की 100 लोगों की टीम 7 मार्च को शाम 4 बजे किले पर पहुंचेगी। संरक्षण कार्य तो पहले से हो रहाइस एमओयू में ग्वालियर किले के वि₹म महल, कर्ण महल, गूजरी महल, जहांगीर महल, शाहजहां महल, हुमायू महल और जौहर कुंड सहित कई ऐतिहासिक संरचनाओं के दस्तावेजीकरण और संरक्षण करने की बात कही गई है। जबकि राज्य पुरातत्व विभाग की ओर से संरक्षित स्मारकों के संरक्षण का कार्य पूर्व में भी किया गया है और वर्तमान में भी किया जा रहा है। राज्य पुरातत्व विभाग ने 2016-17 में करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए खर्च कर यहां संरक्षण कार्य किए थे। वहीं अब यहां लगभग 75 लाख रुपए से अधिक खर्च कर रिनोवेशन कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही यहां पाथवे का निर्माण कार्य भी जारी है। ऐसे में निजी कंपनी से संरक्षण कार्य कराने की क्या जरूरत आन पड़ी है। एमओयू में ऐसे तथ्य● ग्वालियर किला कंजर्वेशन और इल्यूमिनेशन परियोजना बहुआयामी प्रयास।● पर्यटकों के लिए सुविधाजनक पहुंच मार्ग, सुविधाओं का विस्तार।● मौजूदा स्थानों का उपयोग कर कैफे व प्रदर्शनी स्थलों का विकास। तब विरोध पर रुका था होटल निर्माणग्वालियर किले पर बनी भीमसिंह राणा की छत्री पर शासन ने 2022-23 में होटल की योजना बनाई थी। जाट समाज के विरोध के बाद योजना ठंडे बस्ते में चली गई थी। श्योपुर का किला, बलदेवगढ़ का किला, दतिया का राजगढ़ पैलेस राज्य पुरातत्व विभाग से असंरक्षित कर पर्यटन निगम को दिए थे। 50 लाख रुपए मासिक आयग्वालियर किले पर 50 लाख रु. मासिक आय ग्वालियर दुर्ग पर बने केंद्र-राज्य पुरातत्व विभाग के स्मारकों को देखने विदेशों से सैलानी आते हैं। मासिक आय 50 लाख तक है। विशेष दिनों में यह बढ़ जाती है। संरक्षण कार्य तो पहले से हो रहाइस एमओयू में ग्वालियर किले के विक्रम महल, कर्ण महल, गूजरी महल, जहांगीर महल, शाहजहां महल, हुमायू महल और जौहर कुंड सहित कई ऐतिहासिक संरचनाओं के दस्तावेजीकरण और संरक्षण करने की बात कही गई है। जबकि राज्य पुरातत्व विभाग की ओर से संरक्षित स्मारकों के संरक्षण का कार्य पूर्व में भी किया गया है और वर्तमान में भी किया जा रहा है। राज्य पुरातत्व विभाग ने 2016-17 में करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए खर्च कर यहां संरक्षण कार्य किए थे। वहीं अब यहां लगभग 75 लाख रुपए से अधिक खर्च कर रिनोवेशन कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही यहां पाथवे का निर्माण कार्य भी जारी है। ऐसे में निजी कंपनी से संरक्षण कार्य कराने की क्या जरूरत आन पड़ी है। ऐसे काम पहले भी हो चुके हैंनिजी कंपनियों को पुरातत्व संरक्षित स्मारकों की जानकारी नहीं होती। वे धरोहरों का संरक्षण कार्य कैसे कर सकती हैं। ऐसे काम पहले भी हो चुके हैं। ये सब मिलीभगत से होते हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 129

भाजपा की बड़ी मुश्किल ,सिंधिया और तोमर में तूफानी घमासान

ग्वालियर ! भारतीय जनता पार्टी में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति अब गले की फांस बनती जा रही है. क्योंकि अध्यक्ष पद के लिए अब नेता समर्थकों में खींचतान मची हुई है. वहीं मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति में हुए फेरबदल के बाद अब सबकी निगाहें जिलाध्यक्ष के पद पर टिकी हुई हैं. ग्वालियर में मुकाबला सीधे तौर पर सिंधिया समर्थकों और नरेंद्र सिंह तोमर गुट के बीच देखा जा रहा है. बड़े स्तर पर नेता भले ही कुछ ना कह रहे हों पर अंदरूनी तौर पर खींचतान जारी है. मंडल अध्यक्षों की नियुक्तियों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपने जिला अध्यक्षों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज कर दी है. सभी जिलों के ऑब्जर्वर जिला अध्यक्ष के दावेदारों के नाम कुछ बंद लिफाफों में लेकर भोपाल पहुंच चुके हैं. वहीं प्रदेश स्तरीय बैठक में मंथन किया जा रहा है. इस बीच मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जिला अध्यक्ष के तौर पर घमासान मचा हुआ है. वजह है, सिंधिया गुट और नरेंद्र सिंह तोमर गुट के समर्थकों का आमने-सामने होना. BJP के पास बंद लिफाफों में नाम पहुंच चुके हैं, जिन्हें अब भोपाल में फाइनल किया जाएगा. इन नामों को आगे बढ़ाने का काम पार्टी के बड़े नेता केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, वरिष्ठ नेता जयभान सिंह पवैया, मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नारायण सिंह कुशवाहा और सांसद भारत सिंह कुशवाहा की सहमति से किया जाएगा. बीजेपी में जिला अध्यक्ष के पद के लिए मचे घमासान में बीजेपी-कांग्रेस अपनी-अपनी राय दे रही है. पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर ने कहा, “सभी कार्यक्रम केंद्रीय नेतृत्व द्वारा निर्धारित टाइम लाइन के हिसाब से चल रहे हैं. कहीं भी खींचतान जैसी कोई स्थिति नहीं है. मैं खुद चुनावी प्रक्रिया की बॉडी मैं हूं और मुझे अब तक ऐसी कहीं भी स्थिति दिखाई नहीं दी है.” इधर कांग्रेस भी बीजेपी के हालातों पर तंज कसने में पीछे नहीं है. प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग उपाध्यक्ष आरपी सिंह ने कहा, ” भारतीय जनता पार्टी में पहले से ही श्रेय लेने के लिए प्रतिस्पर्धा और होड़ जैसी स्थिति हम सभी ने देखी है. वहीं दूसरी ओर जब से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारतीय जनता पार्टी में एंट्री की है तभी से वर्तमान की भाजपा और पूर्व से स्थापित भाजपा में संघर्ष देखने को मिल रहा है. ऐसे में जो भारतीय जनता पार्टी खुद को सुचिता और अनुशासन का प्रतीक बताती है वहां ऐसी स्थिति आने के बातें दिल्ली तक पहुंच रही हैं. ये भारतीय जनता पार्टी में चिंगारी लग चुकी है और इसी तरह की स्थितियां बीजेपी और संगठन को समाप्त करने का काम करेगी.” जिला अध्यक्ष पद के लिए भारतीय जनता पार्टी में कितना भी घमासान मचा हो लेकिन अंतिम मुहर दिल्ली हाई कमान से ही लगेगी, लेकिन देखने वाली बात यह होगी कि जिला अध्यक्ष पद पर होने वाली नियुक्ति पर नाम किसका होगा. इसमें तोमर गुट को तवज्जो मिलेगी या सिंधिया समर्थक भारी पड़ेंगे, ये तो वक्त ही बताएगा. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 235

प्रदेश में चिकनगुनिया का खौफ बरकरार, दिन में 142 मरीज हो चुके शिकार

शहर में चिकनगुनिया बेकाबू हो रहा है। मरीजों की संया लगातार बढ़ती जा रही है। शहर में एक साथ चिकनगुनिया के मरीज बढ़ने के बाद इसके वैरिएंट का पता लगाने के लिए जीआरएमसी के माइक्रो बायोलॉजी विभाग द्वारा 20 सैंपल पुणे भेजे हैं। इन वैरिएंट के माध्यम से पता चलेगा कि आखिर यह कैसे एक साथ बढ़े। ग्वालियर ! चिकनगुनिया(Chikungunya Alert) के मरीजों की भरमार के चलते यह संया 142 तक पहुंच गई है। चिकनगुनिया के सबसे ज्यादा मरीज वार्ड 19 के पुष्कर कॉलोनी में सामने आए हैं। इसमें छह दिनों में ही 55 तक मरीज पहुंच गए हैं। इसके बावजूद भी आसपास के क्षेत्रों में भी मरीजों को चिकनगुनिया की समस्या बनी हुई है। पिछले चार दिनों से लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीम यहां पर मरीजों की जांच कर रही है, जिससे ज्यादातर मरीजों को समय पर उपचार भी मिलने लगा है। वहीं चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए पुष्कर कॉलोनी के पार्क में शनिवार को निशुल्क होयोपैथिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविार दोपहर 2 बजे से शाम 4.30 बजे तक लगेगा। शुक्रवार को 74 सैंपल की जांच में 17 लोगों को चिकनगुनिया की पुष्टि हुई है। इसमें वार्ड 55 में रहने वाले 4 वर्षीय बच्चे के साथ वार्ड 19 के नाना नगर में रहने वाले 63 वर्षीय व्यक्ति को भी चिकनगुनिया(Chikungunya Alert) की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही तारागंज, साईं कॉलोनी, मामा का बाजार, लोहा मंडी, आपागंज, गोले का मंदिर, ज्योति नगर, काशीपुरा मुरार, धर्मवीर पेट्रोल पंप के पास , सुरेश नगर, कोटेश्वर आदि क्षेत्र में मरीज सामने आए। दिसंबर के महीने में डेंगू के मरीजों की संया न के बराबर आ गई है। वहीं चिकनगुनिया(Chikungunya Alert) ने पैर पसार रखे हैं। हालात यह हो गए कि दिसंबर के छह दिन में डेंगू के मरीज घटकर सिर्फ 15 आए हैं।डॉ अजयपाल सिंह, मेडिसिन विभाग जीआरएमसी, इन दिनों डेंगू के मरीज काफी कम हो गए है। वहीं चिकनगुनिया तेजी से फैल रहा है। इसमें बुखार के साथ दर्द काफी परेशान कर रहा है। हालात यह हैं कि बच्चे 15 दिन में तो बुजुर्ग को दो से तीन महीने तक का समय लग रहा है। इस समय चिकनगुनिया से पीड़ित ओपीडी में भी ज्यादा पहुंच रहे हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 68

‘पीले-पीले ओ मोरे राजा…’, शराब के लिए भिड़ गए दोस्त, बीच सड़क चले लात-घूंसे

‘Pile-Pile O More Raja…’, friends fought over liquor, kicked and punched in the middle of the road, ग्वालियर। आपने एक गाना ‘पीले-पीले ओ मोरे राजा, पीले-पीले ओर मोरे जानी, यार की यारी है निभानी…”, जरूर सुना होगा। इस गाने में जाम छलकाते हुए दो दोस्त झूमते रहते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शराब का एक पैग, यारों के बीच मारपीट की वजह बन गया। हालात यह हो गए कि बीच सड़क पर लात-घूंसे चलने लगे। मामला फूल बाग स्थित शराब दुकान के बाहर का है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। दोस्त का पैग पीने पर चले लात-घूंसेदरअसल, इन दिनों शादियों का सीजन चल रहा है। ऐसे में दावत उड़ाने से पहले जमकर शराब के जाम भी छलकाए जा रहे हैं। ऐसी ही एक शादी में शामिल होने से पहले आधा दर्जन से अधिक दोस्तों ने शराब खरीदी और फिर दुकान के पास ही खड़े होकर जाम छलकाए। इस दौरान उनमें से एक ने ‘पीले-पीले ओ मोरे राजा…’ फिल्मी गाना लगाकर जमकर शराब पी। तभी एक दोस्त ने नशे में धुत हो चुके दूसरे दोस्त के ग्लास में भरा हुआ पैग पी लिया। यह देखकर उसका शराबी दोस्त आग-बबूला हो गया और साथी से मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद दो गुटों में तब्दील हो गया और एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाने लगे। खुलेआम शराबखोरी की तस्वीर हुई उजागर वायरल वीडियो को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि शराब के नशे में युवक इतने धुत हो चुके थे कि ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे। बहरहाल, इस घटना के बाद एक बार फिर शराब दुकानों के पास खुलेआम शराबखोरी की काली तस्वीर उजागर हुई है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 177

मिड-डे मील में खाना खाने बैठे ऊर्जा मंत्री, सब्जी में ढूंढते रह गए आलू

Energy Minister sat down to eat mid-day meal, kept looking for potatoes among vegetables

Energy Minister sat down to eat mid-day meal, kept looking for potatoes among vegetables ग्वालियर ! ग्वालियर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने शासकीय स्कूलों में परोसे जाने वाले मध्यान भोजन की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए? इस बार खुद प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अचानक एक सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंच गए. वहां पर केंद्रीय मंत्री स्कूली बच्चों के साथ खाना खाने बैठ गए. जब बच्चों को मिलने वाला मध्याह्न भोजन उन्हें परोसा गया तो वह खुद सब्जी की बाल्टी में आलू ढूंढते रह गए. मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर फिर से सवाल उठने शुरू हो गए. हालांकि इस दौरान प्रद्युम्न सिंह ने बच्चों के साथ खाना खाया और गुणवत्ता को सही करने की हिदायत दी. इसके बाद उन्होंने बच्चों के साथ खाना खाया. बच्चे भी उनके साथ काफी खुश दिखाई दिए. निरीक्षण करने पहुंचे स्कूलस्वच्छता पखवाड़े के तहत प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अपनी विधानसभा में कई जगहों पर जाकर निरीक्षण कर रहे हैं. इस दौरान ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने डीआरपी लाइन स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया. ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने बच्चों के मध्यान भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण किया. प्रद्युम्न खुद बच्चों के साथ खाना खाने बैठ गए. ढूंढते रह गए आलूजब ऊर्जा मंत्री को मध्यान भोजन का खाना परोसा गया वह पूरी तरह से ठंडा था. बच्चों के साथ बैठे ऊर्जा मंत्री को जो आलू की सब्जी परोसी गई थी वह भी गुणवत्ता युक्त नहीं थी. ऐसे में खुद ऊर्जा मंत्री ने सब्जी की बाल्टी में चमचा घुमा-घुमा कर देखा लेकिन उन्हें एक भी आलू नसीब नहीं हुआ. प्रद्युम्न सिंह ने उनके साथ मौजूद मौजूद अधिकारियों से भोजन की गुणवत्ता सही रखने की सख्ती से हिदायत दी. मंत्री को साथ खाना खाते हुए देखकर बच्चों के चेहरे पर मुस्कान आ गई. ऊर्जा मंत्री ने भी बड़े ही स्वाद से मध्यान भोजन का आनंद भी लिया. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 114