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रायपुर

विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 दिसंबर से शुरू हो रहा है। इससे पहले मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दिल्ली दौरे पर हैं। इस दौरान शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा होने की संभावना है।

उनके साथ दोनों उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और अरुण साव भी हैं। सीएम के दिल्ली से लौटने के बाद नए मंत्री बनाए जा सकते है। विगत सोमवार को मुख्यमंत्री साय कैबिनेट की बैठक से पहले राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात करने पहुंचे थे।

दो नेता बन सकता हैं कैबिनेट मंत्री
राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच करीब 30 मिनट तक चर्चा हुई थी। हालांकि, इसे सौजन्य मुलाकात बताया गया था। इसके बावजूद अटकलें लगाई जा रही थी कि मुख्यमंत्री और राज्यापाल के बीच मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा हुई है। लोकसभा चुनाव के बाद से ही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।

प्रदेश में अभी दो नेताओं को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। बृजमोहन अग्रवाल के इस्तीफे के बाद शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री के पास है। मंत्री पद की दौड़ में विधायक सुनील सोनी, राजेश मूणत, अजय चंद्राकर, रेणुका सिंह, अमर अग्रवाल, रेणुका सिंह आगे बताई जा रही हैं।

निकाय चुनाव तक करना पड़ेगा इंतजार
प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव भी कराया जाना है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से 11 दिसंबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 16 दिसंबर से शीतकालीन सत्र शुरू हो जाएगा, जो 20 तक चलेगा।

सत्र के समापन के साथ ही निकाय चुनाव को लेकर आचार संहिता लग सकती है। बताया जाता है कि निकाय चुनाव को देखते हुए भाजपा मंत्रिमंडल विस्तार को टाल सकती है। निकाय चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

गृहमंत्री शाह को दी नक्सलवाद की जानकारी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नई दिल्ली में मुलाकात कर राज्य में नक्सलवाद से संबंधित जानकारी दी है। सीएम साय ने बताया कि राज्य के बस्तर और कोंडागांव जिले जो कभी नक्सल प्रभावित थे, अब पूरी तरह से नक्सल मुक्त हो चुके हैं।

अन्य क्षेत्रों से भी नक्सलियों को खत्म करने के लिए अभियान जारी है। साय ने ये जानकारी गृह मंत्री से बुधवार की रात उनकी मुलाकात के दौरान साझा की। एक आधिकारिक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने शाह को बताया कि राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों से नक्सल नेटवर्क को खत्म कर दिया गया है।

लंबे समय से नहीं हुई कोई नक्सली घटना
इन जिलों में नक्सल नेटवर्क और उनकी विभिन्न शाखाओं के खत्म होने से नक्सल मुक्त क्षेत्रों में लंबे समय से कोई नक्सल संबंधित घटना नहीं हुई है। यह सफलता सुरक्षा बलों के सतत अभियानों और यहां सड़कों, स्कूलों, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार जैसी विकास परियोजनाओं की वजह से संभव हुई है।

इन पहलों ने स्थानीय समुदायों का विश्वास जीतने और नक्सलवाद के प्रभाव को कमजोर करने में मदद की है। साय ने कहा कि अन्य नक्सल प्रभावित जिलों में अभियान जारी हैं, जिनका लक्ष्य जल्द ही उन्हें नक्सल मुक्त बनाना है।

''बस्तर ओलिंपिक'' के लिए दिया आमंत्रण
राज्य सरकार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को भी प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को ''बस्तर ओलिंपिक'' और पुलिस पुरस्कार वितरण समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया, जिसे गृह मंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया।

साय ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नक्सल हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए 15,000 घरों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा बलों के प्रयासों की सराहना की और इसे क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में एक "महत्वपूर्ण कदम" बताया।

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