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उज्जैन
तीर्थ नगरी उज्जैन में साल में एक बार नाग पंचमी के अवसर पर खुलने वाले भगवान श्री नागचंद्रेश्वर के पट रात्रि 12 बजे शुभ मुहूर्त में खोले गए. मंदिर के पट खुलने के बाद सर्वप्रथम पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीतगिरी महाराज ने विधि-विधान से श्री नागचंद्रेश्वर भगवान का पूजन अर्चन किया. इस अवसर पर मंदिर प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष और कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्ष प्रदीप शर्मा, प्रशासक मृणाल मीना, समिति सदस्य राजेन्द्र शर्मा 'गुरु' और अन्य प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद थे.

नागचंद्रेश्वर मंदिर के रात 12 बजे खुले पट

नाग पंचमी के अवसर पर भगवान श्री नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए मंदिर के बाहर गुरुवार रात 8 बजे से श्रद्धालु की भीड़ लगने लगी थी. लालपुल से होते हुए कर्कराज मंदिर से चारोधाम मंदिर से हरसिद्धि माता मंदिर से बड़े गणेश से प्रवेश दिया जा रहा है. वहीं रात में ही 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए. बता दें कि, नाग चंद्रेश्वर की प्रतिमा की पूजन के बाद नागचंद्रेश्वर के शिवलिंग का पूजन और अभिषेक किया गया. पूजन अर्चन के बाद भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन आम दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए गए.

    शीघ्र दर्शन के लिए ऑनलाइन बुकिंग

महाकालेश्वर मंदिर में नागपंचमी पर्व मनाया जा रहा है. नागचन्द्रेश्वर भगवान के पट रात्रि 12 बजे खुले और शुक्रवार की रात 12 बजे तक खुले रहेंगे. जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई गई है. इसी के साथ श्रद्धालुओं के लिए तमाम प्रकार की व्यवस्थाएं भी प्रशासन द्वारा की गईं हैं. कम से कम समय में दर्शन हो इसकी व्यवस्था प्रशासन ने की है. वहीं शीघ्र दर्शन करने वालों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग करने की व्यवस्था भी की गई है.

नागचन्द्रेश्वर मंदिर में दर्शन का समय

नागचन्द्रेश्वर मंदिर में दर्शन का समय दिनांक 8 अगस्त की मध्य रात्रि 12ः00 बजे से शुक्रवार 9 अगस्त की रात्रि 12ः00 बजे तक रहेगा. इसके बाद भगवान नागचंद्रेश्वर की आरती के बाद पट बंद हो जाएंगे, फिर एक साल बाद भगवान नागचंद्रेश्वर के पट खुलेंगे.

नागचन्द्रेश्वर भगवान के दर्शन हेतु निर्धारित मार्ग

आगंतुक व समस्त श्रद्धालु भील समाज धर्मशाला से प्रवेश कर गंगा गार्डन के समीप से होते हुए चारधाम मंदिर पहुंचे. वहां से पार्किंग स्थल जिगजेग हरसिद्धी चौराहा से होते हुए रूद्रसागर के समीप से बड़ा गणेश मंदिर के द्वार नम्बर 04 व 05 के रास्ते से निकाल कर विश्राम धाम एरोब्रिज से होकर भगवान श्री नागचन्द्रेश्वर जी के दर्शन करेंगे. दर्शन उपरांत एरोब्रिज के द्वितीय ओर से रेम्प मार्बल गलियारा होते हुए नवनिर्मित मार्ग के द्वार क्रमांक 04 के सम्मुख से बड़ा गणेश मंदिर पहुंचेगे और वहां से हरसिद्धि चौराहा से नृसिंह घाट तिराहा होते हुए पुनः भील समाज धर्मशाला पहुंचेंगे.

भगवान महाकालेश्वर के दर्शन हेतु निर्धारित मार्ग

उज्जैन महाकाल मंदिर में नागचंद्रेश्वर मंदिर तक आने वाले श्रद्धालु त्रिवेणी संग्रहालय के समीप सरफेस पार्किंग से प्रवेश कर नंदीद्वार श्री महाकाल महालोक मानसरोवर भवन में प्रवेश कर फेसेलिटी सेंटर-01 मंदिर परिसर के कार्तिक मण्डपम में प्रवेश कर कार्तिक मण्डपम और गणेश मण्डपम से बाबा महाकाल के दर्शन कर सकेंगे. दर्शन उपरांत बाहर की ओर प्रस्थान कर पुनः महाकाल महालोक एवं नीलकंठ पथ होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे.

 

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