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मुंबई
सोने की कीमतों में एक बार फिर भारी उछाल देखा गया है, साथ ही चांदी की कीमत में भी तगड़ा इज़ाफा हुआ है। 10 अप्रैल, 2025 को सोने के दाम में लगभग ₹3,000 का उछाल आया, और चांदी की कीमत भी बढ़ी। यह बढ़ोतरी अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के कारण हुई है, जिसने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया है।

क्या कारण है इस बढ़ोतरी का?
सोने की कीमतों में यह अचानक उछाल अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध के कारण आया है। चीन ने अमेरिकी आयात पर 84% टैरिफ लगा दिया है, जिससे अमेरिका ने चीनी वस्त्रों पर 125% टैरिफ बढ़ा दिया है। इस तनाव के बढ़ने से निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने का रुख कर रहे हैं, जिससे इसकी कीमतों में उछाल आया है। इससे पहले सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही थी, विशेष रूप से डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के कारण। लेकिन इन अनुमानित गिरावटों को सोने ने नकारा, और अब इसकी कीमत फिर से बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-चीन के बीच तनाव लंबे समय तक जारी रहने की संभावना है, जिससे सोने की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है।

सोने और चांदी की कीमतें 10 अप्रैल 2025 को:
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और चीन के बीच तनाव कम होने की संभावना नहीं दिख रही है, और ऐसे में सोने में निवेश बढ़ सकता है, जिससे कीमतें और बढ़ सकती हैं। हालांकि, गोल्ड में कुछ समय के लिए गिरावट आ सकती है, लेकिन लंबे समय तक इसमें नरमी की उम्मीद नहीं है।
 
कैसे तय होती हैं कीमतें?
सोने की कीमतें वैश्विक स्तर पर निर्धारित होती हैं, और लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) द्वारा प्रकाशित सोने की कीमतें विश्वभर में एक बेंचमार्क के रूप में काम करती हैं। भारत में, भारतीय बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) आयात शुल्क और स्थानीय करों को जोड़कर सोने की कीमत तय करता है। यह बढ़ती सोने और चांदी की कीमतें यह दर्शाती हैं कि वैश्विक व्यापारिक गतिविधियाँ, जैसे व्यापार युद्ध, सीधे तौर पर इन वस्तुओं की कीमतों को प्रभावित करती हैं, जिससे निवेशकों के लिए सोना एक महत्वपूर्ण सुरक्षित निवेश विकल्प बन जाता है।

 

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