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ग्वालियर

ग्वालियर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त विवेक कुमार सिंह का गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। यदि 5 मई को उपस्थित नहीं होते हैं तो उनको गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करना होगा। लोकायुक्त पुलिस ने नगर निगम के जल प्रदाय घोटाले में दोषमुक्त हुए आरोपियों के खिलाफ अपील दायर की है, जिसमें 8 आरोपी उपस्थित हो गए, लेकिन तत्कालीन नगर निगम आयुक्त उपस्थित नहीं हुए हैं।

कोर्ट ने तीन आरोपियों को सजा सुनाई
विशेष सत्र न्यायालय ने 29 नवंबर 2021 को नगर निगम के जल प्रदाय विभाग में हुए घोटाले के मामले में फैसला सुनाया। कोर्ट ने तीन आरोपियों को सजा सुनाई। तत्कालीन निगमायुक्त विवेक सिंह, केके श्रीवास्तव, आरके बत्रा, कुशलता शर्मा, हरि सिंह खेनवार, सत्येंद्र सिंह भदौरिया, मोहित जैन, सुनील गुप्ता, रजत जैन को दोषमुक्त कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की है। हाईकोर्ट ने अपील सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली है, नोटिस जारी कर आरोपियों को तलब किया है।

लोकायुक्त पुलिस के अधिवक्ता सुशील चतुर्वेदी ने बताया कि विचारण न्यायालय ने साक्ष्य व गवाही को नहीं देखा है। निगमायुक्त ने अपने अधिकारों का हस्तांतरण कर दिया था, लेकिन उनके संज्ञान में पूरा मामला था। इस पूरे घोटाले में वह भी जिम्मेदार है। विचारण न्यायालय ने फैसला देने में गलती की है। इसे निरस्त किया जाए।

क्या है मामला
दरअसल नगर निगम के जल प्रदाय विभाग में 2004-05 में 2 करोड़ रुपए से अधिक व्यय किया गया। 1805 नस्तियां बनाई गई। इन नस्तियों में 1.69 करोड़ रुपए भुगतान शेष पाया गया। इसकी शिकायत सुधीर कुशवाह ने लोकायुक्त में की। पुलिस ने इस मामले की जांच की तो जल प्रदाय विभाग में घोटाला सामने आया। अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज कर तत्कालीन निगमायुक्त विवेक सिंह सहित 12 आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया।

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