नई दिल्ली.
भारत अगले साल 10 अगस्त को भुवनेश्वर में अपने पहले विश्व एथलेटिक्स ‘कॉन्टिनेंटल टूर’ कार्यक्रम (कांस्य स्तर की वैश्विक प्रतियोगिता) की मेजबानी करेगा। यह जानकारी राष्ट्रीय महासंघ ने रविवार को दी। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने 2025 के प्रतियोगिता कैलेंडर को जारी करते हुए यह घोषणा की।

‘कॉन्टिनेंटल टूर’ विश्व एथलेटिक्स के तत्वावधान में आयोजित ट्रैक एवं फील्ड प्रतियोगिताओं की एक वार्षिक श्रृंखला है। यह प्रतिष्ठित डायमंड लीग के बाद अंतरराष्ट्रीय एक दिवसीय मीट का दूसरा स्तर है। भारत में 1980 के दशक के अंत और 1990 के दशक की शुरुआत में आयोजित अंतरराष्ट्रीय परमिट मीट के बाद यह पहली वैश्विक एथलेटिक्स मीट होगी। भारत ने 2004 में नई दिल्ली में विश्व हाफ मैराथन चैंपियनशिप की भी मेजबानी की है।

एएफआई के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, ‘‘80 और 90 के दशक में परमिट मीट और 2004 में विश्व हाफ मैराथन के बाद यह सबसे प्रतिष्ठित वैश्विक एथलेटिक्स प्रतियोगिता होगी। यह एक बड़ी उपलब्धि है और इससे देश में एथलेटिक्स को बढ़ाने में मदद मिलेगी।’’

उन्होंने कहा कि भारत अगले साल एक वैश्विक स्तर के भाला फेंक की ‘बड़ी’ प्रतियोगिता की मेजबानी भी कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम भाला फेंक के एक बड़े वैश्विक आयोजन के लिए प्रयास कर रहे हैं।’’ ओलंपिक स्वर्ण और रजत पदक विजेता नीरज चोपड़ा की सफलता के बाद भारत दुनिया में एक वैश्विक भाला पावर हाउस के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में, देश में छह से अधिक भाला फेंक खिलाड़ी है जो 80 मीटर से अधिक की दूरी हासिल करने की क्षमता रखते हैं।

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