Jabalpur: 1.37 crore grain scam uncovered, 5167 quintals of wheat missing after fake entry on portal

जबलपुर में वेयरहाउस पर भौतिक सत्यापन के दौरान प्रशासनिक टीम को मिली गड़बड़ी, 10 लोगों के खिलाफ FIR,

विशेष संवाददाता : जितेन्द्र श्रीवास्तव /अर्पिता श्रीवास्तव

जबलपुर : मझौली थाना क्षेत्र स्थित मां अन्नपूर्णा वेयरहाउस पिपरिया में गेहूं उपार्जन से जुड़े एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है. जब प्रशासनिक टीम भौतिक सत्यापन के लिए वेयरहाउस पहुंची, तो वहां 5,167 क्विंटल गेहूं कम पाया गया. इस गेहूं की अनुमानित कीमत 1 करोड़ 37 लाख 67 हजार 800 रुपये बताई जा रही है. इसी तरह का एक मामला सिहोरा में भी सामने आया जिसमें सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.

पोर्टल पर गलत मात्रा अपलोड की

जानकारी के अनुसार, संबंधित उपार्जन केंद्र को मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन द्वारा 92,250 बारदाने उपलब्ध कराए गए थे. जबकि केंद्र पर मात्र 48,347 क्विंटल गेहूं की खरीदी हुई थी. इसके बावजूद खरीदी केंद्र द्वारा पोर्टल पर 96,694 बारदानों के उपयोग की जानकारी अपलोड कर दी गई.

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों की योजना पोर्टल पर दर्ज मात्रा के बराबर गेहूं बाहर से खरीदकर वेयरहाउस में रखने और उसके बाद समर्थन मूल्य पर भुगतान प्राप्त करने की थी. हालांकि, इससे पहले ही प्रशासन द्वारा भौतिक सत्यापन कर लिया गया, जिसमें पोर्टल पर दर्ज जानकारी की तुलना में गेहूं कम पाया गया.

घाटाले के आरोप में 10 पर FIR

मामले की जानकारी मिलते ही जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि, ”जांच के बाद पुलिस ने उपार्जन समिति भूमि ग्राम संगठन की अध्यक्ष रीना लोधी, शुभम बर्मन, मयूरी लोधी, प्रमोद कुमार मिश्र, प्रकाश पांडे, आनंद पांडे, अमन पांडे, आकाश पांडे, अनीता पटेल और रिंकू साहू के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है.”

इस मामले की जांच एसडीएम सिहोरा, जिला परियोजना प्रबंधक, जिला आपूर्ति अधिकारी तथा तहसीलदार द्वारा की गई थी. अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा घोटाला एक संगठित समूह द्वारा किसी बड़े सरगना के नेतृत्व में अंजाम दिया गया प्रतीत होता है. इसलिए सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

सिहोरा में भी सामने आई गड़बड़ी

लगभग इसी तरह का मामला जबलपुर के सिहोरा में भी सामने आया है. यहां पर भी पोर्टल में गलत जानकारी दी गई. किसानों से ज्यादा पैसा वसूला गया और बाहर जाने की गड़बड़ी की गई. इस मामले में एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा का कहना है कि, ”सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और मामले की जांच की जा रही है.”

पहले भी हो चुके हैं गेहूं खरीदे में घोटाले

जबलपुर में गेहूं खरीदी घोटाले का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी इस प्रकार की अनियमितताएं सामने आती रही हैं. कई मामलों में बड़े अधिकारियों के तबादले हुए हैं और जिला आपूर्ति अधिकारी तक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. हालांकि, जानकारों का मानना है कि, गेहूं और धान खरीदी घोटालों में कई प्रभावशाली लोग भी शामिल रहते हैं, लेकिन अक्सर कार्रवाई निचले स्तर के कर्मचारियों तक ही सीमित रह जाती है.

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