डिजिटल गवर्नेंस, आधार-अनुप्रयोग और तकनीकी नवाचारों पर होगा मंथन

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम एवं राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग द्वारा 8 और 9 मई 2025 को "AI भारत @ MP – कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आधार और डिजिटल गवर्नेंस में नवाचार" विषय पर कार्यशाला का आयोजन भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में किया जाएगा। दो दिवसीय कार्य़शाला प्रातः 9:30 से सांय काल 5:30 बजे तक आयोजित होगी। कार्यशाला डिजिटल गवर्नेंस को अधिक प्रभावी, समावेशी और नागरिकोन्मुखी बनाने के लिये ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ (AI) और ‘आधार’ (UIADI) के प्रयोग की संभावनाओं पर केंद्रित होगी। कार्यशाला में नीति-निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और सरकारी प्रतिनिधियों की भागीदारी से नॉलेज शेयर और विचार-विमर्श किया जायेगा। कार्यशाला में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अपर मुख्य सचिव संजय दुबे राज्य की डिजिटल रणनीति पर प्रकाश डालेंगे। राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग के सीईओ नंद कुमारम, डिजिटल नीति पर राष्ट्रीय दृष्टिकोण साझा करेंगे। मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के प्रबंध संचालक आशीष वशिष्ठ कार्यशाला के उद्देश्यों की जानकारी देंगे। कार्यशाला का पहला दिन 8 मई कार्यशाला का पहले दिन प्रशासन को गतिशील बनाने में AI नवाचार और आधार के प्रयोग पर केंद्रित रहेगा। इसमें IIT इंदौर की प्रो. अरुणा तिवारी और IIM इंदौर के डीन प्रो. प्रशांत सलवान AI अनुसंधान में शिक्षा जगत की भूमिका पर चर्चा करेंगे। UIDAI के डीडीजी आमोद कुमार और DBT सचिवालय के अपर सचिव सौरभ कुमार तिवारी आधार-सक्षम लाभ वितरण पर जानकारी देंगे। AWS, Oracle और India AI Mission जैसे तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञ भी वास्तविक AI अनुप्रयोगों को प्रस्तुत करेंगे। कार्यशाला में प्रयागराज कुंभ जैसे बड़े आयोजनों में AI के प्रयोग, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, अधोसंरचना और सुरक्षा क्षेत्रों में इसके प्रभाव और भविष्य की दिशा पर केंद्रित सत्र होंगे। कार्यशाला में AI मोरल्स और सरकारी विभागों में AI की मदद से कैपेसिटी बिल्डिंग पर विशेष चर्चा की जायेगी। कार्यशाला का दूसरा दिन 9 मई कार्यशाला के दूसरे दिन "डिजिटल इंडिया स्टेट कंसल्टेशन वर्कशॉप" आयोजित की जायेगी, जिसमें केंद्र और राज्यों के बीच डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए संवाद और सहयोग पर बल दिया जाएगा। कार्यशाला में DigiLocker, API Setu, UMANG, मेरी पहचान और myScheme जैसे प्रमुख एप पर विशेष प्रेजेंटेशन सत्र आयोजित किये जायेंगे। साथ ही प्रमाणीकरण सेवाओं, साइबर सुरक्षा, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम 2023, eSanjeevani, DIKSHA, और MSH प्लेटफ़ॉर्म्स पर भी सत्रों के माध्यम से गहन चर्चा की जायेगी। कार्यशाला का उद्देश्य उभरती तकनीकों के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देना और मध्यप्रदेश को तकनीकी रूप से सक्षम व फ्यूचर-रेडी राज्य के रूप में स्थापित करना है।   recent visitors 33

आधुनिक प्रौद्योगिकी से जुड़े उद्योगों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए साय सरकार की बड़ी छलांग

छत्तीसगढ़ का पहला एआई डाटा सेंटर पार्क नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क नवा रायपुर का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 3 मई को करेंगे भूमिपूजन आधुनिक प्रौद्योगिकी से जुड़े उद्योगों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए साय सरकार की बड़ी छलांग रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 3 मई 2025 को सवेरे 11.30 बजे अटल नगर नवा रायपुर स्थित सेक्टर-22 (सीबीडी रेलवे स्टेशन के निकट) ए आई डेटा सेंटर पार्क का भूमिपूजन करेंगे। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी मौजूद रहेंगे। उल्लेखनीय है कि इस एआई एक्सक्लूजिव डाटासेंटर पार्क की लागत 1000 करोड़ रुपए होगी, यह 13.5 एकड़ मेंहोगा। इसमें 2.7 हेक्टेयर एरिया स्पेशल इकानामिक जोन के विकास के लिए होगा। उल्लेखनीय है कि दुनिया भर में डाटा सेंटर की मांग तेजी से बढ़ रही है क्योंकि आर्टिफिशल इंटेलीजेंस की बुनियाद डाटा सेंटर पर होती है। छत्तीसगढ़ सरप्लस बिजली स्टेट है इस वजह से यहां पर डाटा सेंटर के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। रैस बैंक डाटा सेंटर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इसका भूमिपूजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार कोर सेक्टर के साथ ही आधुनिक जमाने के अनुरूप नये उद्योगों को बढ़ावा दे रहे हैं। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन द्वारा इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए संकल्पित रूप से काम किया जा रहा है। बीते दिनों प्रदेश में सेमीकंडक्टर यूनिट के लिए भी भूमिपूजन किया गया। इसकी लागत 1163 करोड़ की है। उल्लेखनीय है कि डाटा सेंटर एआई को संचालित करने के लिए सबसे उपयोगी टूल होते हैं। एआई लार्ज लैंग्वेज माडल पर काम करते हैं और डाटा माइनिंग का काम करते हैं। जब भी डाटा माइनिंग होती है बड़े पैमाने पर ऊर्जा लगती है और इसके लिए डाटा सेंटर उपयोगी होते हैं। भविष्य की प्रगति इस बात पर निर्भर है कि हम आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर किस तरह से आगे बढ़ेंगे। भारत अपना स्वयं का एआई माडल तैयार कर रहा है। स्वाभाविक रूप से देश की प्रगति के साथ छत्तीसगढ़ भी तेजी से कदमताल करेगा। अटल नगर में डाटा सेंटर के आने से रोजगार की बड़ी संभावनाएं भी पैदा होंगी। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा एनर्जी समिट किये गये हैं जिससे छत्तीसगढ़ देश के पावर हब बनने की दिशा में बढ़ेगा। ऐसे में डाटा सेंटर पार्क के माध्यम से इस संभावना का भरपूर उपयोग हो सकेगा। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने नई औद्योगिक नीति में आधुनिक तकनीक से संबंधित उद्योगों पर विशेष प्रावधान किये गये हैं। इसका लाभ इस क्षेत्र में निवेश के लिए आगे आने वाले उद्यमियों को होगा। इस तरह से अटल नगर में एआई एक्सक्लूजिव डाटासेंटर पार्क बनना बहुत शुभ संकेत है। इस संबंध में उल्लेखनीय है कि उद्योग विभाग ने सिंगल विंडो सिस्टम और ईज आफ डूइंग बिजनेस तथा स्पीड आफ बिजनेस को अपनाया है। इससे डाटा सेंटर के लिए भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया बहुत जल्द की गई और अब इसका शुभारंभ किया जा रहा है। recent visitors 31

चाइल्ड एब्यूज कंटेंट के लिए किया AI का इस्तेमाल तो मिलेगी सख्त सजा, पहली बार ब्रिटेन ने बनाया कानून

लंदन आर्टिफिशल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल जैसे-जैसे बढ़ रहा है, इसके गलत इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ब्रिटेन दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है जो AI से चाइल्ड एब्यूज कंटेंट के खिलाफ कानून लेकर आया है। इस कानून में बाल यौन शोषण कंटेंट को बनाने के लिए AI प्रोडक्ट को रखना, बनाना या उनकी किसी भी तरह से डिस्ट्रीब्यूशन को अवैध श्रेणी में रखा गया है। ऐसे करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इसे एआई के गलत इस्तेमाल के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त कानून माना जा रहा है। रॉयटर की खबर के मुताबिक AI को लेकर पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है। इसके गलत इस्तेमाल को लेकर भी लोगों में चिंता है। ब्रिटेन सरकार में होम सेक्रेटरी यवेट कूपर ने बताया कि AI द्वारा जनरेट चाइल्ड पोर्नोग्राफी इमेज जैसे खतरों को रोकने के लिए चार नए कानून को पेश किया जाएगा। इसमें सख्त सजा का प्रावधान किया जाएगा। ऐसी सामग्री के साथ पकड़े जाने पर 5 साल तक की जेल की सज़ा हो सकती है। AI पीडोफाइल मैनुअल रखना भी गैर-कानूनी कैटेगरी में पाया है और इसमें अपराधियों को तीन साल तक सजा होगी। कूपर ने चाइल्ड एब्यूज को कूपर ने बाल शोषण के बढ़ते ऑनलाइन पहलू पर भी प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि एक जांच में पाया गया कि पूरे ब्रिटेन में लगभग 500,000 बच्चे हर साल किसी न किसी तरह के दुर्व्यवहार का शिकार होते हैं, जिसमें इंटरनेट से जुड़े मामलों की संख्या बढ़ रही है। सरकार उन लोगों पर भी निशाना साध रही है जो बाल यौन शोषण सामग्री को वितरित करने या साझा करने की सुविधा देने वाली वेबसाइट चलाते हैं। ऐसी वेबसाइट चलाते हुए पकड़े जाने वाले किसी भी व्यक्ति को 10 साल तक की जेल हो सकती है। UK होम मिनिस्ट्री ने दी जानकारी ब्रिटेन की होम मिनिस्ट्री ने इसको लेकर कहा कि ब्रिटेन दुनिया का पहला देश बनने जा रहा है, जो चाइल्ड एब्यूज कंटेंट बनाने AI प्रोडक्ट को रखना, बनाना या उनको डिस्ट्रीब्यूट करने को अवैध बनाता है. सिखाना भी होगा गैर कानूनी AI पीडोफाइल मैनुअल रखना भी गैर-कानूनी कैटेगरी में पाया है और इसमें अपराधियों को तीन साल तक सजा होगी. AI पीडोफाइल मैनुअल के तहत लोगों को यौन शोषण के लिए AI का उपयोग करना सिखाया जाता हैं. वेबसाइट भी होंगी शामिल नए कानून के तहत चाइल्ड एब्यूज कंटेंट के तहत वे वेबसाइट भी आएंगी, जो चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ा कंटेंट शेयर करती हैं. नए कानून में वे वेबसाइट भी शामिल होंगी, जो यौन शोषण के लिए बच्चों को कैसे तैयार किया जाए उसके लिए सलाह देने का काम करती हैं. क्राइम एजेंसी ने बताया मीडिया रिपोर्ट्स में नेशनल क्राइम एजेंसी के हवाले से बताया गया है कि बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए और उससे संबंधित हर महीने 800 गिरफ्तारियां होती हैं. इसमें कहा कि 8.40 लोग देशभर में बच्चों के लिए खतरा हैं, जो वयस्क आबादी का 1.6 परसेंट है. ऑनलाइन और ऑफलाइन खतरा पैदा करते हैं. recent visitors 36

आनंद महिंद्रा काआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बड़ा बयान, डेवलप होने से 5 साल पहले बता देगा कैंसर

नईदिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इन दिनों चर्चा में है। इसके इस्तेमाल और फीचर्स पर दुनिया भर में चर्चा हो रही है। कई लोग इससे होने वाले फायदे के बारे में बात करते हैं, तो कुछ लोग इसके नुकसान के बारे में चर्चा करते हैं। वहीं, भारतीय बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा ने AI के पूर्ण इस्तेमाल की बात की है। उन्होंने कहा है कि एआई को बड़े काम की टेक्नोलॉजी बताया है और कहा है कि यह फोटो बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे कई ज्यादा उपयोगी हो सकता है। AI से डिटेक्ट करेगा ब्रेस्ट कैंसर हाल ही में अमेरिका की Duke University के रिसर्चर ने एक New AI डेवलप किया है। इसके रिसर्चर ने दावा किया है कि, AI ब्रेस्ट कैंसर को उसके डेवलप होने से लगभग पांच साल पहले ही डिटेक्ट कर सकता है। अब आनंद महिंद्रा ने साइंस न्यूज नाम के हैंडल पर की गई पोस्ट को रिपोस्ट किया है। उन्होंने इस पर लिखा है कि यह बहुत काम का साबित हो सकता है। कैंसर को डिटेक्ट करने का ये है तरीका कैंसर का पता लगाने के लिए फिलहाल Biopsies, Microscopic Histological एग्जामिनेशन मेथड का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा इमेजिंग टेक्नोलॉजी जैसे MRI, CT स्कैन और PET स्कैन हैं। अब रिसर्चर्स ने दावा किया है कि AI की मदद से एक्यूरेसी के साथ कैंसर की रिपोर्ट दे सकता है। X प्लेटफॉर्म पर किया पोस्ट महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन ने X प्लेटफॉर्म (पूर्व नाम Twitter) पर अपनी इस राय को शेयर किया. उन्होंने अपने इस पोस्ट में साइंस न्यूज के पोस्ट को रिपोस्ट किया है. आनंत महिंद्रा का x पर पोस्ट हाल ही में अमेरिका बेस्ड Duke University के रिसर्चर ने एक New AI डेवलप किया है. यह AI मॉडल कैंसर डेवलप होने से करीब 5 साल पहले कैंसर को बता देगा. ये दावा रिसर्चर ने किया है. कैंसर पता लगाने का असली तरीका कैंसर का पता लगाने के लिए, जो ट्रेडिशनल तरीका है, वो Biopsies, Microscopic Histological एग्जामिनेशन है. इसके अलावा इमेजिंग टेक्नोलॉजी जैसे MRI, CT और PET Scans हैं. वहीं, AI सिर्फ मेडिकल इमेज को एनालाइज करके ज्यादा बेहतर एक्युरेसी के साथ कैंसर की रिपोर्ट दे सकता है, जो दावा रिसर्चर ने किया है. आनंद महिंद्रा ने AI की थी आलोचना आनंद महिंद्रा ने बीते साल एक पोस्ट करके एक फोटो भी पोस्ट की थी. यह फोटो उनकी हमशक्ल थी और उसे AI से बनाता था, जिसमें वे होली के रंग के साथ दिखाए गए थे. तब उन्होंने कहा था कि यह कई लोगों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है. यहां आनंद महिंद्रा को उस फॉर्म में दिखाया था, जिसे उन्होंने असली दुनिया में किया ही नहीं था. recent visitors 106