दिल्ली में वायु प्रदूषण से नहीं मिल रही राहत, एक्यूआई 400 के ‘गंभीर’ स्तर को भी पार कर गया

नई दिल्ली दिल्ली में वायु प्रदूषण से स्थिति लगातार खराब हो रही है, शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। सुबह 7 बजे राजधानी का औसत एक्यूआई 332 दर्ज किया गया, जबकि कुछ इलाकों में एक्यूआई 400 के ‘गंभीर’ स्तर को भी पार कर गया। दिल्ली -एनसीआर के अन्य शहरों में भी वायु गुणवत्ता बिगड़ गई है। आंकड़ों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई 272, गाजियाबाद में 258, नोएडा में 249, गुरुग्राम में 258 और फरीदाबाद में 166 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, 0-50 एक्यूआई ‘अच्छा’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बहुत खराब’, 401-450 ‘गंभीर’ और 450 से ऊपर ‘गंभीर प्लस’ माना जाता है। इस बीच, दिल्ली ने गुरुवार को इस मौसम की सबसे ठंडी रात का सामना किया, जब न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर से निपटने के लिए, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि सभी ग्रैप-4 उपाय, जो स्कूलों से संबंधित नहीं हैं वह अगले सुनवाई तक प्रभावी रहेंगे। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने ग्रैप-4 के दिशानिर्देशों के पालन में लापरवाही पर भी चिंता जताई थी। कोर्ट ने अधिकारियों को इस पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। इसके साथ ही, राज्य सरकारों को यह भी निर्देश दिया था कि वह निर्माण कार्यों पर लगी रोक से प्रभावित निर्माण श्रमिकों के लिए एकत्रित लेबर सेस का उपयोग करें। प्राधिकरणों ने ग्रैप-4 के तहत कई प्रतिबंध लागू किए हैं, जिनमें गैर-आवश्यक ट्रकों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगाना शामिल है, सिवाय उन ट्रकों के जो आवश्यक वस्तुएं लेकर आ रहे हैं या जो स्वच्छ ईंधनों जैसे एलएनजी, सीएनजी, बीएस-6 डीजल या बिजली से चल रहे हैं।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 59

ग्वालियर पहुंची दिल्ली की खतरनाक हवा, AQI लेवल 382 पार

ग्वालियर  दिल्ली से होते हुए कश्मीर के साथ आई सर्द हवा अपने साथ दिल्ली का प्रदूषण भी ले आई है, इससे ग्वालियर में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 382 पर पहुंच गया है, जबकि ग्वालियर में प्रदूषण पहले से ही 200 पर था, बीते 12 घंटे के अंदर ही ग्वालियर में प्रदूषण का स्तर 200 से बढकऱ सीधा 382 तक पहुंच गया है, जो कि शहरवासियों के लिए किसी भी लिहाज से सही नहीं है।  यदि बात मध्यप्रदेश की कि जाए तो प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के समीर एप पर ग्वालियर 382 एक्यूआई के साथ प्रदेशभर में टॉप पर है, जबकि सिंगरोली 224 के साथ दूसरे और भोपाल 200 एक्यूआई के साथ तीसरे स्थान पर है। इसी तरह कटनी 186, उज्जैन 176, इंदौर व सागर 139, जबलपुर 127 एक्यूआई पर है। वहीं तेजी से बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों ने भी शहरवासियों से अपील की है कि वह आसपास कचरा न जलाने दें, मास्क लगाकर रखें और जरूरत होने पर ही मास्क लगाकर घर से बाहर निकलें। क्या होता है एक्यूआई वातावरण में वायु प्रदूषण की मात्रा को मापने के लिए एक्यूआई यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स का इस्तेमाल किया जाता है। एक्यूआई की वैल्यू जितनी अधिक होती है वायु प्रदूषण का स्तर उतना ही ज्यादा होता है। कई मशीन के माध्यम से हवा का सैंपल लिया जाता है और उसमे से ओजोन, पीएम 10 व 2.5, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फरडाइ ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइडल व अमोनिया की मात्रा को निकालकर एक फॉर्मूले में रखा जाता है। उससे जो वैल्यू आती है उसे एक्यूआई कहा जाता है। शहर की हवा एकदम से बदल गई है। ग्वालियर में एक्यूआई काफी बढ़ गया है जो कि चिंताजनक है। शहरवासी इस समय अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और मास्क पहनकर ही निकले, आसपास कचरा न जलाने दें और अधिक जरूरत होने पर ही घर से बाहर निकलें। आरआर सेंगर, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड कई बीमारियों का खतरा प्रदूषण का बढ़ना चिंता का विषय है। क्योंकि प्रदूषण अधिक होने से आमजन को हवा में सांस लेने से प्रदूषित हवा से श्वास संबंधी रोग, ब्रोंकाइटिस, गले का दर्द, निमोनिया, फेफड़ों का कैंसर, हदय रोग व मधुमेह सहित अन्य बीमारियों का खतरा बना रहता है। प्रदूषण बढ़ने के कारण दिल्ली में प्रदूषण काफी खराब होने से हवा अपने साथ दूषित हवा भी ले आई है। शहर की जर्जर सडक़ें। भवन सहित अन्य निर्माण कार्य। पराली व कचरे का लगातार जलाए जाना। सड़कों पर पानी का छिडक़ाव कम होना। लैंडफिल साइट व बरा में लगातार आग का लगना। बचाव के उपाय अधिक से अधिक पौधे लगाए जाए। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और जलविद्युत ऊर्जा का उपयोग किया जाए। सार्वजनिक परिवहन का उपयोग अधिक करें और वाहनों का उपयोग कम। धूम्रपान कम से कम किया जाए। उद्योगों से निकलने वाले धुएं को नियंत्रित किया जाए। शहर में निर्माण कार्य कम हो या ढंककर ही करें। शहरवासी मास्क पहनकर ही निकलें। एक्यूआई का पैमाना 0 से 50 होने पर गुड श्रेणी 51 से 100 पर संतोषजनक 101 से 200 तक मॉडरेट 201 से 300 में पुअर श्रेणी 301 से 400 पर सीवर श्रेणी 400 से 500 पर काफी खतरनाक   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 53

हरियाणा में तीन जिलों में 198 जगहों पर पराली जलाने के मामले सामने आए, इन जिलों में AQI-400 पार

हरियाणा हरियाणा में पराली जलाने से बढ़े प्रदूषण के कारण हेल्थ इमरजेंसी जैसे हालात बन रहे हैं। खासकर जीटी रोड बेल्ट के पानीपत, करनाल और कुरूक्षेत्र में हालात बिगड़ चुके हैं। इन तीन जिलों में 198 जगहों पर पराली जलाने के मामले सामने आए हैं, जबकि पूरे हरियाणा में ऐसे मामलों की संख्या 680 है। बता दें कि कुरूक्षेत्र में कल 15 जगहों पर पराली जलाई गई। इसके अलावा इन शहरों में कई जगहों पर खुले में कूड़ा भी जलाया जा रहा है। एक दिन पहले 23 अक्टूबर को पानीपत में एक्यूआई 500 से ऊपर पहुंच गया था। आज पानीपत में एक्यूआई 450, कुरूक्षेत्र में 420 और करनाल में 402 चल रहा है। हालांकि पानीपत में हवा चलने से प्रदूषण से राहत मिली है। रात को AQI का लेवल 450 के बाद अब इसमें कमी आई है। पानीपत के डीसी वीरेंद्र कुमार दहिया का कहना है कि प्रदूषण का स्तर 158 है, जो पहले से सुधरा है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 71