छठे दिन भी जारी है बचाव अभियान, असम की कोयला खदान से एक और मजदूर का शव बरामद

दिशपुर। असम के दीमा हसाओ जिले में कोयला खदान में फंसे एक और मजदूर का शव शनिवार को बचाव अभियान के दौरान खदान से बरामद किया गया। अब तक दो मजदूरों के शव बरामद हो चुके हैं। पहला शव बुधवार को खदान से निकाला गया था। जिन मजदूरों के शव बरामद किए गए हैं, वे उन नौ मजदूरों में शामिल थे, जो सोमवार को उमरंगसू में खदान में अचानक पानी भर जाने के चलते फंस गए थे। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर इसकी जानकारी दी। अब तक दो मजदूरों के शव हुए बरामद एक अधिकारी ने बताया कि खदान में फंसे हुए खनिकों की तलाश में बचाव अभियान सुबह फिर से शुरू हुआ। तलाश के छठे दिन एक और मजदूर का शव बरामद किया गया है। मृतक की पहचान दीमा हसाओ को कलामाटी के गांव नंबर एक के निवासी 27 वर्षीय लिजेन मगर के रूप में हुई है। नेपाल के रहने वाले एक मजदूर का शव पहले ही बरामद किया जा चुका है। खदान में अचानक पानी भरने से नौ मजदूर खदान में फंस गए थे। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा एक पोस्ट में लिखा, 'उमरंगसू में बचाव कार्य निरंतर जारी है। दुखद रूप से, आज सुबह एक और शव बरामद किया गया। हम इस कठिन समय में आशा और शक्ति के साथ शोक संतप्त लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।' बचाव कार्य में जुटे एक अधिकारी ने बताया कि 340 फीट गहरी खदान से पानी निकालने का काम जारी है और अब इस काम में ओएनजीसी और कोल इंडिया द्वारा लाई गई मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अभी भी सात मजदूर अवैध कोयला खदान में फंसे हुए हैं। हालांकि उनके बचने की उम्मीद बेहद कम है। इस बीच पुलिस ने अवैध खदान में फंसे मजदूरों के सरदार को गिरफ्तार कर लिया है। सरदार हादसे के बाद से फरार था और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। recent visitors 105

सेना और एनडीआरएफ ने निकाला एक शव, असम की कोयला खदान धसने से आठ श्रमिक दबे

दिशपुर/नई दिल्ली। असम के पास दीमा हसाओ जिले में सोमवार को कोयला खदान में पानी भरने के बाद नौ श्रमिक फंस गए थे। बुधवार सुबह सेना और एनडीआरएफ की टीमों ने बचाव अभियान के दौरान खदान से एक शव बरामद किया। खदान में अभी भी आठ श्रमिक फंसे हुए हैं। इसके बाद सेना, असम राइफल्स, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमों ने बचाव अभियान तेज कर दिया है। दीमा हसाओ जिले के उमरंगसो के तीन किलो क्षेत्र में कोयला खदान में सोमवार को 300 फीट गहरे खदान में अचानक पानी भर गया था। इस खदान में नौ श्रमिक फंस गए थे। इसके बाद भारतीय सेना और स्थानीय अधिकारियों की संयुक्त टीम ने त्वरित और प्रभावी तरीके से बचाव अभियान की शुरुआत की। मंगलवार शाम को बचाव अभियान को रोक दिया गया था। बुधवार सुबह इसे फिर से शुरू किया गया। इसके बाद बचाव टीमों ने खदान से एक शव बरामद किया। सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि 21 पैरा गोताखोरों ने खदान से एक शव बरामद किया है। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं। वहीं एनडीआरएफ के कमांडेंट एन तिवारी ने बताया कि श्रमिकों को निकालने के लिए 24 घंटे काम चल रहा है। जल्द ही हम श्रमिकों तक पहुंच जाएंगे। अभी सेना की टीम यहां काम कर रही है। जल्द ही नौसैनिक भी यहां पहुंच जाएंगे। वहीं खदान में काम करने वाले एक श्रमिक ने बताया कि मेरा भाई खदान में फंसा है। खदान में अचानक लोगों ने चिल्लाना शुरू कर दिया कि पानी भर रहा है। 30-35 लोग बाहर आ गए और 15-16 लोग फंस गए। एक युवक गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज मामले में असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि पुलिस ने घटना की जांच के लिए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21(1) के साथ धारा 3(5)/105 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की है। यह एक अवैध खदान लगती है। मामले के संबंध में पुनीश नुनिसा नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। मैंने माननीय केंद्रीय कोयला मंत्री किशन रेड्डर से भी बात की। उनसे उमरंगसू में बचाव अभियान के लिए सहायता मांगी है। उन्होंने तुरंत कोल इंडिया मुख्यालय को निर्देश जारी किए हैं। इस मिशन में असम सरकार को पूर्ण सहयोग देने के लिए मैं उनका हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। वाटरिंग पंप मंगाया जा रहा खदान में भरे पानी को निकालने के लिए डी वाटरिंग पंप मंगाया गया है। सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि बचाव अभियान जोरों पर है। सेना और एनडीआरएफ के गोताखोर खदान में उतर चुके हैं। नौसेना के जवान मौके पर हैं और उनके बाद गोता लगाने की अंतिम तैयारियां कर रहे हैं। इस बीच एसडीआरएफ के डी-वाटरिंग पंप उमरंगशु से घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। ओएनजीसी के डी-वाटरिंग पंप को कुंभीग्राम में एमआई-17 हेलीकॉप्टर पर लोड किया गया है।     21 Para divers have just recovered a lifeless body from the bottom of the well. Our thoughts and prayers are with the grieving family.     — Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) January 8, 2025 recent visitors 74

अस्पताल में किया भर्ती, असम शोक समारोह में स्नैक्स खाने से 200 लोगों की तबीयत बिगड़ी

गुवाहटी. असम के गोलाघाट जिले में एक शोक समारोह के दौरान स्नैक्स खाने के बाद फूड पॉयजनिंग के कारण लगभग 200 लोग बीमार हो गए। यह घटना शनिवार रात की है। सरूपथार इलाके के उरीआमघाट के पसघोरिया गांव में कई लोग प्रदीप गोगोई की मां के शोक सभा में शामिल होने के लिए एकत्रित हुए। एक अधिकारी ने बताया कि इस दौरान अतिथियों को पारंपरिक जलपान परोसा गया। अधिकारी ने कहा, जलपान खाने के बाद लोगों ने पेट दर्द, सिर दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत की। 53 लोगों को तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। उनमें से दो को जोरहाट मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया। अधिकारी ने कहा, पीड़ितों की स्थिति फिलहाल ठीक है। इलाज के बाद कई लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। करीब 150 लोगों, जिनमें मामूली लक्षण दिखे, वे अभी अपने-अपने घरों में हैं। उनके स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है। सरूपथार के भाजपा विधायक बिस्वाजीत फुकन ने अस्पताल का दौरा किया और लोगों की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा, "जिला प्रशासन ने मुझे सूचित किया कि खाद्य निरीक्षक गांव का दौरा करेंगे और फूड पॉयजनिंग के कारणों की जांच करेंगे।" भाजपा विधायक ने आगे कहा कि गांव के मेडिकल कैंप लगाया गया है और ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समारोह में आए सभी लोगों के घर पर मेडिकल टीम भेजी गई है। टीम स्वास्थ्य स्थितियों पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। फिलहाल किसी भी व्यक्ति में कोई गंभीर लक्षण नहीं दिख रहे हैं। recent visitors 69