विधायकों को सीट पर मिलेगा आईपैड, राजस्थान-विधानसभा का बजट सत्र 31 से

जयपुर। राजस्थान में इस बार विधानसभा में खास बदलाव देखने को मिलेंगे। विधानसभा को गुलाबी रंग से रंगा गया है। इसके अलावा विधायकों के टेबल पर आईपैड भी इंस्टॉल किए गए हैं। बजट सत्र में विधानसभा पूरी तरह से डिजिटलाइज्ड होगी, क्योंकि इसका संचालन नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) के तहत होगा। इस पहल के अंतर्गत, विभागों द्वारा सदस्यों के पूछे गए प्रश्नों, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों, विशेष उल्लेख प्रस्तावों, आश्वासनों और याचिकाओं के जवाब ऑनलाइन भेजे जाएंगे। डिजिटलाइज हुई विधानसभा राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बताया कि इस सत्र में राज्य सरकार के सभी विभागों को नेवा एप्लीकेशन के माध्यम से ही विधानसभा द्वारा भेजे गए प्रश्नों के जवाब ऑनलाइन ही भेजने होंगे। विधानसभा डिजिटलाइज हो गई है। ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया विधानसभा की कार्य प्रणाली को सुचारु और डिजिटल बनाने के लिए वासुदेव देवनानी के निर्देश दिए थे। इस लेकर विधानसभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा के नेतृत्व में विधान सभा के प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों के दल ने राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों में संचालित विधानसभा प्रकोष्ठों के अधिकारियों और कार्मिकों को नेवा एप्लीकेशन पर कार्य करने और प्रश्नों एवं प्रस्तावों इत्यादि के उत्तर देने और उनके परिचालन की जानकारी का ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया। recent visitors 79

हंगामे के बाद कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित, विधानसभा के शीतकालीन सत्र में दो विधायकों ने ली शपथ

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया। अमरवाड़ा से विधायक कमलेश शाह और बुधनी से विधायक रमाकांत भार्गव के शपथ ग्रहण से विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने खाद की खाली बोरियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया। वे किसानों को खाद नहीं मिलने का मुद्दा उठा रहे थे। इसके बाद कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई। शीतकालीन सत्र में सरकार जन विश्वास विधेयक प्रस्तुत करेगी, जिसके माध्यम से छोटे-छोटे मामलों को कोर्ट-कचहरी के स्थान पर अर्थदंड लगाने का अधिकार अधिकारियों को दिया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2024-25 के लिए 17 दिसंबर को 15,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रथम अनुपूरक बजट के साथ नगर निगम और नगर पालिका अधिनियम और निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक भी प्रस्तुत किए जाएंगे। एमपी सरकार पेश करेगी विधेयक कामकाज को सरल बनाने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2023 में जन विश्वास विधेयक प्रस्तुत किया था। इसी तरह मध्य प्रदेश सरकार भी विधेयक प्रस्तुत करने जा रही है। इसमें नगरीय विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, ऊर्जा, श्रम, सहकारिता सहित अन्य विभागों के उन अधिनियमों में संशोधन किया जा रहा है, जिनमें दो-तीन माह की सजा या जुर्माने का प्रविधान है। ऐसे मामलों में समझौते का प्रविधान शामिल किया जा रहा है। उधर, नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव तीन वर्ष की कार्यावधि पूरी होने के बाद प्रस्तुत करने और उसे पारित कराने के लिए तीन चौथाई पार्षदों का समर्थन आवश्यक संबंधी प्रविधान करने अधिनियम में संशोधन प्रस्तावित किया गया है। भाजपा के दो विधायक की शपथ विधानसभा के आज से प्रारंभ हुई शीतकालीन सत्र में सबसे पहले उपचुनाव में निर्वाचित दो विधायकों को शपथ दिलाई गई। लोकसभा चुनाव के समय छिंदवाड़ा जिले की विधानसभा सीट अमरवाड़ से कांग्रेस विधायक कमलेश शाह ने त्यागपत्र देकर भाजपा की सदस्यता ले ली थी। जुलाई 2024 में उपचुनाव कराए गए, जिसमें भाजपा के प्रत्याशी कमलेश शाह विजयी रहे। उन्होंने तब विधानसभा की सदस्यता नहीं ली थी। अब उन्हें शपथ दिलाई जाएगी। इसी तरह, शिवराज सिंह चौहान के विदिशा से सांसद निर्वाचित होने पर बुधनी और रामनिवास रावत के विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र देने पर विजयपुर में उपचुनाव कराया गया था। recent visitors 46

विधानसभा अध्यक्ष तोमर की अध्यक्षता में हुई नेवा हाउस कमेटी की बैठक

भोपाल विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने निर्देश दिये हैं कि प्रदेश की विधानसभा को मानसून सत्र, 2025 तक पेपरलेस किया जाए। इसके लिए विधानसभा में नेशनल ई-विधान परियोजना (नेवा) लागू की जाये। उन्होंने इस परियोजना के लागू होने से पहले विधानसभा सदस्यों को भी इसकी पर्याप्त जानकारी देने को भी निर्देश दिये हैं। विधानसभा अध्यक्ष तोमर आज विधानसभा में नेवा हाउस कमेटी की बैठक को संबोधित कर रहे थे। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह परियोजना जल्द से जल्द लागू करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि अब तक 23 प्रदेशों के 25 सदनों ने केन्द्र सरकार द्वारा प्रायोजित ई-विधान परियोजना लागू करने के लिए MOU पर हस्ताक्षर किये हैं। देश के 13 प्रदेशों के 14 सदनों में यह परियोजना लागू की जा चुकी है। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा कि अब प्रत्येक दो माह में परियोजना की प्रगति से समिति को अवगत कराया जाये। बैठक में बताया गया कि इस परियोजना के लिये केन्द्र सरकार के "संसदीय कार्य मंत्रालय" को नोडल विभाग बनाया गया है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने ई-विधान परियोजना में एन.आई.सी. का जिला स्तर तक सहयोग लिये जाने की बात कही। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस परियोजना को लागू करने के लिए विधायकों की जो समिति बनायी गयी है वह समिति जल्द उन राज्यों का दौरा करे, जहां इस परियोजना को सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है। उन्होंने ई-विधान परियोजना के लिए साइबर सिक्यूरिटी पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। बैठक में विधानसभा के प्रमुख सचिव, अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि कुल परियोजना लागत का 60 प्रतिशत अंश केन्द्र सरकार द्वारा और 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन किया जायेगा। केन्द्र सरकार ने अभी तक 19 करोड़ 36 लाख रूपये लागत के परियोजना कार्यों का अनुमोदन कर दिया है। बैठक में टेबलेट, नेटवर्क और ई-लर्निंग एवं ई-फेसिलिटी सेंटर पर भी विचार किया गया। बैठक में तय हुआ कि विधायकों की सुविधा के लिए जिले के एन.आई.सी. सेंटर को नोडल ट्रेनिंग एजेंसी के तौर पर कहा जायेगा, जिससे विधायक सुविधाजनक तरीके से इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे। परियोजना का प्रस्तुतिकरण अपर सचिव वीरेन्द्र कुमार ने दिया। बैठक में बताया गया कि केन्द्र सरकार के डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत देश की समस्त विधानसभाओं को पेपरलेस करने एवं उन्हें एक प्लेटफार्म पर लाने के उद्देश्य से ई-विधान (नेवा) लाँच किया गया है। बैठक में समिति के सदस्य विधायक सर्वअजय विश्नोई, बाला बच्चन, श्रीमती रीति पाठक, सुरेश राजे, नीतेन्द्र सिंह राठौर, गौरव सिंह पारधी, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, संजय दुबे मौजूद थे। recent visitors 132