Thursday, July 16, 2026 6:49 pm

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट ने 400 करोड़ सरकार को दिए टैक्स, 5 साल में खर्च किए 2150 करोड़

अयोध्या  श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने रविवार को कहा कि ट्रस्ट ने धार्मिक पर्यटन में उछाल के बीच पिछले पांच वर्षों में सरकार को लगभग 400 करोड़ रुपये का कर चुकाया है। उन्होंने कहा कि यह राशि पांच फरवरी 2020 से पांच फरवरी 2025 के बीच चुकाई गई। उन्होंने कहा कि इसमें से 270 करोड़ रुपये माल और सेवा कर (जीएसटी) के रूप में भुगतान किए गए, जबकि शेष 130 करोड़ रुपये अन्य विभिन्न कर श्रेणियों के तहत भुगतान किए गए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में 10 गुना वृद्धि हुई है, जिससे यह एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बन गया है और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के दौरान 1.26 करोड़ श्रद्धालु अयोध्या आए थे। राय ने कहा कि ट्रस्ट के वित्तीय रिकार्ड का नियमित रूप से नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) के अधिकारियों द्वारा ऑडिट किया जाता है। जीएसटी में 272 करोड़ रुपये दिए गए राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक मणिरामदास छावनी में संपन्न हुई। न्यास की बैठक संपन्न हुई। सात सदस्य मौके पर रहे उपस्थित, चार सदस्य विशेष आमंत्रित के तौर पर बैठक में उपस्थित थे। बैठक में सदस्य कामेश्वर चौपाल और पुजारी सत्येंद्र दास जी श्रद्धांजलि दी। बैठक में अकाउंट में जानकारियां दी गईं। 5 फरवरी 2020 को ट्रस्ट का गठन हुआ था। 5 वर्षों में ट्रस्ट के अकाउंट से सरकार के विभिन्न एजेंसियों में 396 करोड़ का भुगतान हुआ है। अकेले जीएसटी 272 करोड़ रुपये दी गई। 2150 करोड़ कुल खर्च किया गया अयोध्या विकास प्राधिकरण को जन्मभूमि के नक्शे के लिए 5 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। जमीन रजिस्ट्रेशन फीस रिवेन्यू टैक्स के तौर पर 29 करोड़ का भुगतान किया गया है। 10 करोड़ का बिजली का बिल का भरा गया है। वहीं पिछले 5 वर्षों में 2150 करोड़ कुल खर्च का भुगतान किया है। वहीं उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को राम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से200 करोड़ रुपये का काम दिया गया है। जून तक पूरा हो जाएगा राम मंदिर मंदिर निर्माण को लेकर के भी बैठक में जानकारी दी गई। रामलला का मंदिर जून तक तैयार हो जाएगा। परकोटा निर्माण का कार्य लगभग अक्टूबर तक चलेगा। शबरी निषाद और ऋषियों के सप्त मंदिर मई महीने में पूरे हो जाएगा। शेषा अवतार मंदिर का निर्माण अगस्त में पूरा होगा। मंदिर निर्माण का कार्य 96 प्रतिशत हो गया है। 30 अप्रैल तक राम मंदिर में बनाए जाने वाले सभी मंदिर की मूर्तियां अपने स्थान पर स्थापित हो जाएगी। राम मंदिर में मुख्य पुजारी नहीं होगा राम मंदिर में यात्रियों की सुविधा के लिए गेस्ट हाउस बनाया जाएगा। यात्रियों के सहयोग से नॉमिनल खर्च देकर के यात्री इसका लाभ ले सकते हैं। वहीं लार्सन टुब्रो को मंदिर निर्माण के लिए 1200 करोड़ रुपये भुगतान किया गया। साथ ही बताया गया कि आचार्य सत्येंद्र दास के बाद अब राम मंदिर में कोई मुख्य पुजारी नहीं होगा। recent visitors 21

अयोध्या राम मंदिर शिखर निर्माण का कार्य शुरू, 161 फीट ऊंचाई तक का यह शिखर अगले चार महीनों में पूर्ण कर लिया जाएगा

अयोध्या शारदीय नवरात्र के अभिजीत मुहूर्त में राम मंदिर के शिखर निर्माण का कार्य विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना के बाद शुरू कर दिया गया है। 161 फीट ऊंचाई तक का यह शिखर अगले चार महीनों में पूर्ण कर लिया जाएगा। साथ ही, मंदिर परिसर में सप्त ऋषियों के मंदिरों का निर्माण भी इसी अवधि में किया जाएगा। राम लला की मूर्ति के साथ-साथ नर्मदा नदी से मंगाए गए पांच शिवलिंगों में से एक को मंदिर परिसर में बन रहे भव्य शिव मंदिर में स्थापित किया जाएगा। यह शिव मंदिर राम जन्मभूमि मंदिर के परकोटे के ईशान कोण (उत्तरी पूर्वी कोने) पर बनाया जा रहा है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर के महासचिव चंपत राय ने कहा, “राम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के समय शिखर बनकर तैयार नहीं हुआ था, क्योंकि उस समय मंदिर का ग्राउंड फ्लोर ही तैयार था। अब जब निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, तब अभिजीत मुहूर्त में शिखर निर्माण कार्य शुरू किया गया है। दर्शनार्थियों को केवल रामलला के दर्शन ही नहीं, बल्कि भगवान शिव के भव्य मंदिर में भी दर्शन का लाभ मिलेगा। “नर्मदा से आए पांच शिवलिंगों में से तीन का चयन किया गया है, और इन्हीं में से किसी एक को शिव मंदिर में स्थापित किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि मंदिर-मस्जिद विवाद के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, मार्च 2020 में टेंट से निकालकर राम लला को अस्थायी मंदिर में स्थानांतरित किया गया था, क्योंकि उस स्थान पर श्री राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण होना था। भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होने के पहले राम भक्त यहीं दर्शन पूजन करते थे। वहां पर वर्तमान समय में हनुमान जी की एक प्रतिमा विराजमान है। अब इस स्थान को भी सुरक्षित और दर्शनीय स्थान में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि यह स्थान जागृत रहे इसके लिए यहां नियमित पूजन आरती और भोग राग की व्यवस्था होगी। राम भक्त यहां दर्शन पूजन भी कर सकेंगे। राम मंदिर के परकोटे के भीतर सप्त ऋषियों के मंदिर का निर्माण कार्य भी चल रहा है, और हम 2025 तक सभी निर्माण कार्य पूर्ण करने की योजना बना रहे हैं।   recent visitors 156