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सरकारी खर्च पर प्रतिबंध का दिया हवाला, बांगलादेश नहीं होगा IMD के 150 साल के जश्न में शामिल

नई दिल्ली/बांगलादेश। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी स्थापना के 150वें वर्ष का जश्न मनाएगा। ऐसे में, भारत ने पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत अन्य पड़ोसी देशों को 'अविभाजित भारत' सेमिनार में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। हालांकि, अब जानकारी सामने आ रही है कि बांग्लादेश से कोई अधिकारी इस सेमिनार में भाग नहीं लेगा। उसने सरकारी खर्च पर गैर-जरूरी विदेश यात्रा पर प्रतिबंध का हवाला दिया है। बांगलादेश मौसम विभाग (बीएमडी) के कार्यवाहक निदेशक मोमिनुल इस्लाम ने कहा कि उन्हें भारतीय मौसम विभाग से 150वीं वर्षगांठ समारोह का आमंत्रण करीब एक महीने पहले मिला था। उन्होंने कहा कि हमारे बीच अच्छे रिश्ते हैं और हम उनके साथ लगातार सहयोग करते हैं। हालांकि, हम इस समारोह में शामिल नहीं हो रहे हैं क्योंकि सरकार द्वारा वित्तपोषित अनावश्यक विदेशी यात्राओं को सीमित करने का दायित्व है। पिछले साल हुई थी मुलाकात इस्लाम ने बताया कि नियमित रूप से दोनों एजेंसियों के बीच संपर्क रहता है। हाल ही में हम 20 दिसंबर 2024 को एक बैठक के दौरान भारतीय मौसम विज्ञानी से मिले थे। आईएमडी ने कई पड़ोसी देशों पाकिस्तान, अफगानिस्तान, म्यांमार, भूटान, नेपाल, श्रीलंका और मालदीव के साथ-साथ मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों को भी इस समारोह में आमंत्रित किया था। आईएमडी के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया, पाकिस्तान ने अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है। वह कार्यक्रम में भाग लेगा। 1875 में हुई भारत मौसम विज्ञान विभाग की स्थापना भारत मौसम विज्ञान विभाग की स्थापना 15 जनवरी, 1875 को हुई थी। हालांकि इसके पहले भी ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी मौसम विभाग की स्थापना की गई थी। कोलकाता मौसम विज्ञान विभाग 1785 में शुरू हुआ था। मद्रास (आधुनिक चेन्नई) 1796 में और बॉम्बे (आधुनिक मुंबई) में 1826 में मौसम विभाग की स्थापना हुई थी। IMD की जिम्मेदारी भारत मौसम विज्ञान विभाग की जिम्मेदारी आम जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए मौसम और जलवायु संबंधित डेटा, जानकारी व पूर्वानुमान को आम लोगों और संबंधित एजेंसियों के साथ नियमित तौर पर जानकारी साझा करना है। एक तरह से कहें तो इस संस्था का राष्ट्र के विकास में अमूल्य योगदान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के प्रभाग भारत मौसम विज्ञान विभाग के काम का दायरा काफी विस्तृत है। बेहतर कार्य संचालन और समन्वय के लिए के लिए इसे कई प्रभागों में बांटा गया है। सभी प्रभागों की अपनी-अपनी जिम्मेदारी है। इन प्रभागों के अलावा किसी बड़े आयोजन या मौसम संबंधी बदलाव या समस्याओं को ध्यान में रखकर विशेष प्रभागों को स्थापित किया जाता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 31

Bangladesh में फिर हिंदू मंदिरों को निशाना बना रहे उपद्रवी, 8 मूर्तियों को तोड़ा

दिनाजपुर बांग्लादेश के मैमनसिंह और दिनाजपुर में बदमाशों ने दो दिनों में तीन हिंदू मंदिरों में आठ मूर्तियों को तोड़ दिया. एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया. पुलिस ने एक मंदिर में तोड़फोड़ के सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ घटनाओं की श्रृंखला में यह नई घटना है. पहले दो मंदिरों की तीन मूर्तियों को तोड़ा मैमनसिंह के हलुआघाट उप-जिले में  शुक्रवार की सुबह दो मंदिरों की तीन मूर्तियों को तोड़ दिया गया. मंदिर के सूत्रों और स्थानीय लोगों के हवाले से हलुआघाट पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी (ओसी) अबुल खैर ने कहा कि बदमाशों ने शुक्रवार की सुबह हलुआघाट के शाकुई संघ में बोंडेरपारा मंदिर की दो मूर्तियों को तोड़ दिया. उन्होंने कहा कि इस घटना में अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है और कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. एक आरोपी जेल भेजा गया एक अन्य घटना में अपराधियों ने गुरुवार की सुबह हलुआघाट के बीलडोरा संघ में पोलाशकंडा काली मंदिर में एक मूर्ति को तोड़ दिया. पुलिस ने शुक्रवार को पोलाशकांडा गांव के 27 वर्षीय एक व्यक्ति को घटना में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया. पूछताछ के दौरान, अलल उद्दीन नामक व्यक्ति ने अपराध कबूल कर लिया. उन्होंने बताया कि उसे मैमनसिंह की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. इससे पहले  पोलाशकांडा काली मंदिर समिति के अध्यक्ष सुवाश चंद्र सरकार ने अज्ञात व्यक्तियों पर आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था. दिनाजपुर के बीरगंज उप-जिले में, मंगलवार को झारबारी शासन काली मंदिर में पांच मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया. रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना गुरुवार को सामने आई. मंदिर समिति के अध्यक्ष जनार्दन रॉय ने कहा, 'हमने यहां ऐसा गलत काम कभी नहीं देखा.' प्रभारी अधिकारी अब्दुल गफूर ने कहा कि वे घटना की जांच कर रहे हैं. लगातार हो रहे हमले पिछले सप्ताह, कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने उत्तरी बांग्लादेश के सुनामगंज जिले में एक हिंदू मंदिर और समुदाय के घरों और दुकानों में तोड़फोड़ और क्षति पहुंचाने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया था. इससे पहले 29 नवंबर को बांग्लादेश के चटगांव में नारे लगाने वाली भीड़ ने तीन हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की थी, जहां इस्कॉन के एक पूर्व सदस्य पर देशद्रोह के आरोप लगाए जाने के बाद से विरोध प्रदर्शन और हिंसा देखी गई. 5 अगस्त को छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन के बाद अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़कर भाग जाने के बाद मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए थे. हाल के हफ्तों में हिंदुओं पर लगातार हमले हुए. हिंदू विरोधी घटनाओं की बढ़ती संख्या ने भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक विवाद को जन्म दिया है. भारत सरकार ने चिंता जाहिर की बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के संबंध में लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने सदन को बताया, '8 दिसंबर 2024 तक बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के 2,200 मामले और अक्टूबर 2024 तक 112 मामले दर्ज किए गए. अन्य पड़ोसी देशों (पाकिस्तान और बांग्लादेश को छोड़कर) में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का कोई मामला नहीं है. सरकार ने इन घटनाओं को गंभीरता से लिया है और बांग्लादेश सरकार के साथ अपनी चिंताओं को शेयर किया है. भारत को उम्मीद है कि बांग्लादेश सरकार हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी.'   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 34

बांग्लादेशी पर्यटकों के लिए Tripura में न कमरे मिलेंगे, न भोजन

गुवाहाटी  बांग्लादेश से आने वाले पर्यटकों को कमरे नहीं देने का ऐलान ऑल त्रिपुरा होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन (ATHROA) ने किया है। एसोसिएशन के महासचिव ने बताया कि भारतीय ध्वज का अपमान और हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों के बाद कल हुई आपात बैठक में यह फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है और सभी धर्मों का सम्मान करता है। "कुछ कट्टरपंथियों ने हमारे देश के झंडे का अपमान किया और अल्पसंख्यकों पर हमला किया।" उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं, लेकिन अब स्थिति हद से ज्यादा बिगड़ गई है। इससे पहले अगरतला में सैकड़ों लोगों ने बांग्लादेश सरकार के खिलाफ विरोध रैली निकाली थी।  कुछ निजी अस्पतालों ने भी बांग्लादेशी नागरिकों को इलाज नहीं देने की घोषणा की थी। त्रिपुरा सरकार भी इस मामले में बांग्लादेश के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है। त्रिपुरा सरकार ने बांग्लादेश को 135 करोड़ रुपये का बिजली बकाया जल्द चुकाने को कहा है। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति चिंताजनक बंद्योपाध्याय ने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ कट्टरपंथियों के अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने इसे गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं अब बर्दाश्त से बाहर हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा हमेशा सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान करता है, लेकिन यह कदम बांग्लादेश में हो रही घटनाओं के खिलाफ उठाया गया है। अस्पतालों का भी विरोध इससे पहले त्रिपुरा के आईएलएस मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने बांग्लादेशी मरीजों का इलाज करने से इनकार कर दिया था। यह अस्पताल बांग्लादेशी नागरिकों के बीच काफी लोकप्रिय है, लेकिन अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ यह फैसला लिया गया। कोलकाता के जेएन रे अस्पताल ने भी इसी तरह का कदम उठाते हुए बांग्लादेशी मरीजों का इलाज बंद करने का फैसला किया। अस्पताल के अधिकारी ने कहा कि भारत ने बांग्लादेश की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लेकिन इसके बावजूद वहां से भारत-विरोधी गतिविधियां हो रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने घेरा बांग्लादेश उच्चायोग इस बीच, त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में प्रदर्शनकारियों का एक समूह बांग्लादेश उच्चायोग परिसर में घुस गया। इस घटना पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने खेद जताया है। बांग्लादेश के खिलाफ यह विरोध लगातार तेज होता जा रहा है, और "बांग्लादेश बॉयकॉट मूवमेंट" राज्य में जोर पकड़ता दिख रहा है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 32

दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन बांग्लादेश 164 पर सिमटा, सील्स ने 4-5 विकेट झटके

किंग्स्टन (जमैका). वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमर जोसेफ ने अपने साथी तेज गेंदबाज जेडन सील्स को श्रेय दिया और कहा कि वह टीम में काफी आक्रामकता लेकर आए हैं, क्योंकि सील्स ने किंग्स्टन के सबीना पार्क में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन बांग्लादेश को 164 रनों पर समेटने के लिए 15.5 ओवर ने 10 मैडन रखते हुए 4-5 की सनसनीखेज गेंदबाजी की। जोसेफ और सील्स ने मिलकर सात विकेट लिए, जबकि केमार रोच ने दो विकेट लिए, जिससे वेस्टइंडीज ने मैच के पहले दिन खेल पर अपना दबदबा बनाए रखा। स्टंप्स तक विंडीज का स्कोर 37 ओवर में 70/1 था, जिसमें कीसी कार्टी और क्रेग ब्रैथवेट क्रमश: 19 और 33 रनों पर नाबाद थे। जोसेफ ने दिन का खेल खत्म होने के बाद कहा, “वह बहुत आक्रामकता के साथ गेंदबाजी करता है। मैंने उसे अब तक की सबसे अच्छी गेंदबाजी करते हुए देखा है। मुझे आज उसका स्पैल देखने में मजा आया। चीजें हमेशा आपके अनुकूल नहीं होती हैं, लेकिन आज तीन विकेट लेना मेरे लिए सुखद रहा।” उन्होंने कहा, “हम हमेशा यहां आकर अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहते थे। हमने गेंदबाजी कोच से कुछ बातचीत की। उन्होंने हमें जितना संभव हो सके, अपने बेसिक्स पर टिके रहने के लिए कहा। मेरे लिए, मैं बस अपनी योजनाओं पर टिका रहता हूं। मैं यथासंभव तेज और सटीक गेंदबाजी करने की कोशिश करता हूं। मैं हमेशा अच्छी लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करने की कोशिश करता हूं।” बांग्लादेश के लिए सलामी बल्लेबाज शादमान इस्लाम 64 रन बनाकर क्रीज पर टिके रहने वाले एकमात्र बल्लेबाज थे, जबकि कप्तान मेहदी हसन मिराज ने सील्स द्वारा आउट होने से पहले 36 रन की पारी खेली। यह ओवर में उनका दूसरा विकेट था, इससे पहले उन्होंने तस्कीन अहमद को 8 रन पर पवेलियन भेजा था। अगले ओवर में सील्स ने नाहिद राणा को शून्य पर आउट कर बांग्लादेश की पहली पारी 71.5 ओवर में 164/10 पर समाप्त कर दी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 27

चटगांव के 70 ‘अल्पसंख्यक’ वकीलों-पत्रकारों पर केस दर्ज, बांग्लादेश में दो हिंदू भिक्षु गिरफ्तार

ढाका। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने चटगांव के 70 अल्पसंख्यक वकीलों और दो पत्रकारों के खिलाफ 'झूठा और परेशान करने वाला केस' दर्ज होने पर हैरानी और चिंता जाहिर की है। इस बीच इस्कॉन कोलकाता ने दो हिंदू भिक्षुओं और एक अन्य की गिरफ्तारी व इस्कॉन सेंटर पर हमले का भी दावा किया। 'अल्पसंख्यक' पत्रकारों और वकीलों के खिलाफ 30 नवंबर को कोतवाली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। जिसमें इन पर देशी बम विस्फोट और वाहनों में तोड़फोड़ करने में शामिल होने का आरोप लगाया गया। मानवाधिकारों और कानून के शासन का उल्लंघन परिषद ने कहा कि यह केस पुजारी चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी के खिलाफ दर्ज राजद्रोह मामले को बाधित करने और इससे जुड़े समाचारों के प्रकाशन-प्रसार को जबरन रोकने के गुप्त इरादे से दायर किया गया। परिषद ने यह भी मांग की कि बांग्लादेशी सरकार और कानून प्रवर्तन अधिकारी तुरंत झूठे मामले को वापस लें, वकीलों और पत्रकारों को रिहा करने के लिए तत्काल कदम उठाएं। इस बीच, शनिवार को इस्कॉन कोलकाता ने आरोप लगाया कि बांग्लादेशी अधिकारियों ने दो भिक्षुओं, आदिपुरुष श्याम दास और रंगनाथ दास ब्रह्मचारी, के साथ-साथ चिन्मय कृष्ण दास के सचिव को भी गिरफ्तार किया है। इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष राधा रमन ने कहा कि भिक्षुओं को शुक्रवार को पुलिस ने उस समय गिरफ्तार किया जब वे चिन्मय कृष्ण दास से मिलने के बाद घर जा रहे थे। चिन्मय कृष्ण दास को 25 नवंबर को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। राधा रमन ने खुद के बनाए गए एक वीडियो में कहा, "29 नवंबर को जब आदिपुरुष श्याम दास और रंगनाथ दास ब्रह्मचारी चिन्मय कृष्ण प्रभु से मिलकर लौट रहे थे, तो उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हमें यह भी जानकारी मिल रही है कि चिन्मय कृष्ण दास के सचिव को भी गिरफ्तार किया गया है।" उन्होंने यह दावा भी किया कि दंगाइयों ने बांग्लादेश में इस्कॉन केंद्र में तोड़फोड़ की। बांग्लादेश में स्थिति तब से तनावपूर्ण है जब आध्यात्मिक उपदेशक चिन्मय कृष्ण दास पर 25 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। उन पर चटगांव में बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज के ऊपर भगवा झंडा फहराने के आरोप में देशद्रोह का आरोप लगाया गया। दास की गिरफ्तारी के बाद, 27 नवंबर को चटगांव कोर्ट बिल्डिंग क्षेत्र में पुलिस और आध्यात्मिक गुरु के कथित अनुयायियों के बीच झड़प के दौरान एक वकील की मौत हो गई थी। शुक्रवार को, भारत ने बांग्लादेश में 'चरमपंथी बयानबाजी, हिंसा और उकसावे की बढ़ती घटनाओं' पर चिंता व्यक्त की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने बांग्लादेशी सरकार के साथ हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर लक्षित हमलों का मुद्दा लगातार मजबूती के साथ उठाया है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 35

बांग्लादेश : इस्कॉन पर बैन के लिए सड़कों पर कट्टरपंथी, चिन्मय की रिहाई के लिए दुनियाभर में इस्कॉन की प्रार्थना सभाएं

ढाका पश्चिम बंगाल की राजधानी ढाका में हिंदू पुजारी चिन्मय कृष्ण दास प्रभु की गिरफ्तारी को लेकर बढ़ते विवाद के बीच बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल इस्लाम ने आश्वासन दिया है कि देश में हिंदू समुदाय सुरक्षित है और वहां अल्पसंख्यकों को कोई खतरा नहीं है। सीएनएन न्यूज-18 को दिए एक इंटरव्यू में इस्लाम ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश सरकार का इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस (ISKCON) पर प्रतिबंध लगाने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं मामले की सुनवाई के बारे में नहीं जानता, लेकिन ISKCON पर बांग्लादेश में प्रतिबंध नहीं लगेगा।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूर्व ISKCON पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तारी के बाद इस हिंदू संगठन पर प्रतिबंध लगाने की मांग तेज हो गई है। बांग्लादेश हाईकोर्ट ने भी गुरुवार को ISKCON की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की याचिका को खारिज कर दिया। हिंदू समुदाय सुरक्षित हाल ही में बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के बीच हिंसा की घटनाओं पर बोलते हुए इस्लाम ने कहा, "हिंदू समुदाय बांग्लादेश में सुरक्षित है। एक व्यवस्थित स्तर पर गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आकर जमीनी स्थिति देखें। शुरुआती कुछ दिनों में हिंसा हुई थी, लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में है।" इस्लाम ने कहा कि चिन्मय कृष्ण दास को निष्पक्ष न्याय मिलेगा और सरकार इस दिशा में पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत के बयान पर प्रतिक्रिया भारत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इस्लाम ने इसे आंतरिक मामला बताया और कहा कि नई दिल्ली को इस मामले पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, "भारत सरकार को बयान नहीं देना चाहिए था। यह हमारा आंतरिक मामला है। हम कभी भारत में होने वाली घटनाओं पर टिप्पणी नहीं करते।" भारत ने मंगलवार को चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी की निंदा की थी और बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की थी। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा, "हमें चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी और उन्हें जमानत से इनकार किए जाने पर गहरी चिंता है।" इस घटनाक्रम ने बांग्लादेश में धार्मिक और राजनैतिक तनाव को बढ़ा दिया है, लेकिन सरकार ने स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया है कि सभी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। बांग्लादेश में ढाका हाईकोर्ट के इस्कॉन पर बैन लगाने से इनकार करने के बाद कट्टरपंथी समूहों ने शुक्रवार को भारी हंगामा किया। जुम्मे की नमाज के बाद देशभर की मस्जिदों में लाखों मुसलमानों ने प्रदर्शन किया। सबसे बड़े प्रदर्शन राजधानी ढाका और चटगांव में हुए। प्रदर्शनकारियों ने इस्कॉन को ‘हिंदू उग्रवादी संगठन’ और ‘कट्टरपंथी व राष्ट्र-विरोधी समूह’ बताते हुए इस संगठन पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की। इन रैलियों में कट्टरपंथी संगठन हिफाजत-ए-इस्लाम, खिलाफत मजलिस और इस्लामिक आंदोलन सहित कई धार्मिक-आधारित संगठनों और राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया। हिफाजत ने कहा कि देश की पराजित ताकतें हिंदुओं का इस्तेमाल अराजकता फैलाने के लिए कर रही हैं। पिछले मंगलवार को चटगांव कोर्ट परिसर में जिस तरह से वकील सैफुल इस्लाम अलिफ की हत्या की गई, वह गृहयुद्ध भड़काने की कोशिश थी। वहीं, चिन्मय कृष्ण दास की रिहाई के लिए इस्कॉन ने कोलकाता में विरोध कीर्तन आयोजित किया। इस्कॉन ने घोषणा की है कि रविवार को दुनिया भर के सभी इस्कॉन मंदिरों में वैश्विक प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाएगा। इसमें बांग्लादेश में हिंदू भक्तों और धार्मिक अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए प्रार्थना की जाएगी। चिन्मय दास की गिरफ्तारी के बाद भड़की हिंसा पर भी बोले मुहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव   बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के बीच भड़की हालिया हिंसा को लेकर इस्लाम ने कहा कि बांग्लादेश के खिलाफ दुष्प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। यहां  हिंदू सुरक्षित हैं। मीडिया संस्थानों से अपील करते हुए शफीकुल इस्लाम ने कहा कि मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप आएं और यहां हकीकत कवर करें। बांग्लादेश में शुरुआती कुछ दिनों में हिंसा देखी गई और स्थिति अब नियंत्रण में है। उन्होंने चिन्मय दास के मामले में भी निष्पक्ष सुनवाई की बात कही।         इस्कॉन से जुड़े 17 लोगों के बैंक खातों पर लगी रोक   इससे पहले, बांग्लादेश के वित्तीय अधिकारियों ने एक आदेश के बाद इस्कॉन से जुड़े सत्रह लोगों के बैंक खातों पर एक महीने तक की रोक लगाई। इन लोगों से तीन कामकाजी दिनों के भीतर अपने लेन-देन की जानकारी संबंधित बैंकों को सौंपने को कहा गया है।        भारत लगातार जता रहा विरोध   भारत बांग्लादेश सरकार के सामने लगातार मजबूती से यह मुद्दा उठा रहा है कि वहां के हिंदू और अन्य अल्पसंख्यकों को धमकियों और लक्षित हमलों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को विदेश मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को अपने सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। मंत्रालय ने कहा, हम बांग्लादेश में कट्टरपंथी भाषा के बढ़ते इस्तेमाल, हिंसा की बढ़ती घटनाओं और उकसावे के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हैं। इन घटनाओं को सिर्फ यह नहीं माना जा सकता कि मीडिया बढ़ा-चढ़ाकर बता रहा है। मंत्रालय ने बांग्लादेश सरकार से फिर अपील की कि वह अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए।      चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी पर मंत्रालय ने क्या कहा   बांग्लादेश में प्रमुख हिंदू चेहरे चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी पर मंत्रालय ने कहा, जहां तक व्यक्तियों के खिलाफ मामलों का सवाल है, हम जानते हैं कि कानूनी प्रक्रियाएं जारी हैं। हम उम्मीद करते हैं कि यह प्रक्रियाएं मामले को न्यायसंगत, निष्पक्ष और  पारदर्शी तरीके निपटाएंगी और सभी आरोपियों के कानूनी अधिकारों का पूरा सम्मान सुनिश्चित करेंगी। बांग्लादेश सम्मिलित सनातनी जागरण जोत संगठन के प्रवक्ता चिन्मय कृष्ण दास को सोमवार को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था और उन पर देशद्रोह का आरोप लगाया गया। मंगलवार को चटगांव की एक अदालत ने उन्हें जमानत देने से इनकार किया और जेल भेज दिया। दास समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प में एक वकील की मौत हुई। चिन्मय बांग्लादेश में पहले अंतरराष्ट्रीय कृष्ण चेतना सोसायटी (इस्कॉन) के प्रवक्ता रह चुके हैं।  Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर … Read more

पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश भी IPL से हो रहा ‘साइड लाइन’, किसी ने नहीं खरीदा एक भी खिलाडी

 मुंबई इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 सीजन का मेगा ऑक्शन सोमवार (25 नवंबर) को सऊदी अरब के जेद्दा में खत्म हुआ. दो दिन तक चले इस मेगा ऑक्शन में 10 टीमों ने 639.15 करोड़ रुपये खर्च कर कुल 182 खिलाड़ी खरीदे. इस बार जहां ऋषभ पंत और श्रेयस अय्यर ने इतिहास रच दिया है. लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ने 27 करोड़ में खरीदा. इस तरह वो IPL इतिहास के सबसे मंहगे क्रिकेटर बन गए हैं. दूसरे सबसे मंहगे क्रिकेटर श्रेयस बने, जिन्हें पंजाब किंग्स ने 26.75 करोड़ में खरीदा. वहीं दूसरी ओर एक देश ऐसा भी रहा है, जिसका कोई खिलाड़ी नहीं बिका. बड़ी बात तो यह रही कि इस देश के 12 प्लेयर नीलामी में उतरे थे, लेकिन 2 खिलाड़ियों को छोड़कर किसी और का नाम भी बोली के लिए नहीं लिया गया. पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश भी हो रहा 'साइड लाइन' इस तरह कह सकते हैं कि इस देश को 'चुपचाप' साइड लाइन कर दिया गया. हम बात कर रहे हैं बांग्लादेश की, जहां तख्तापलट के बाद हिंदुओं पर अत्याचार का मामला काफी गहराता जा रहा है. हाल ही में बांग्लादेश में हिंदू पुजारी और इस्कॉन के पूर्व प्रमुख चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर हंगामा मचा हुआ है. इसी बीच IPL का मेगा ऑक्शन आ गया, जिसमें 12 बांग्लादेशी क्रिकेटर्स को शॉर्टलिस्ट किया गया था. इनमें मुस्ताफिजुर रहमान और रिशाद हुसैन का नाम ही बोली के लिए आया था, लेकिन उन्हें किसी ने नहीं खरीदा. बाकी 10 खिलाड़ियों में लिटन दास, तस्कीन अहमद, शाकिब अल हसन, मेहदी हसन मिराज, शोरिफुल इस्लाम और तंजीम हसन साकिब जैसे स्टार भी शामिल रहे. मगर इनमें से किसी का भी नाम बोली तक नहीं पहुंचा. किसी ने भी इनको नहीं खरीदा. इस तरह कह सकते हैं कि पाकिस्तान के बाद अब बांग्लादेश भी IPL से साइड लाइन होता जा रहा है. यदि ऐसा ही चलता रहा तो भविष्य में बांग्लादेशी क्रिकेटर्स पर भी IPL में बाहर रहने का खतरा मंडरा सकता है. इस लिस्ट के जरिए जानिए कौन सा बांग्लादेशी प्लेयर किस बेस प्राइस के साथ IPL नीलामी में उतरा था. IPL मेगा ऑक्शन में उतरने वाले बांग्लादेशी क्रिकेटर बांग्लादेशी प्लेयर बेस प्राइस (INR) मुस्ताफिजुर रहमान (अनसोल्ड) 2 करोड़ तस्कीन अहमद 1 करोड़ शाकिब अल हसन 1 करोड़ मेहदी हसन मिराज 1 करोड़ शोरिफुल इस्लाम 75 लाख तंजीम हसन साकिब 75 लाख मेहदी हसन 75 लाख नाहिद राणा 75 लाख रिशाद हुसैन (अनसोल्ड) 75 लाख लिटन दास 75 लाख तौहीद हृदोय 75 लाख हसन महमूद 75 लाख एक ही IPL सीजन खेल सके पाकिस्तानी क्रिकेटर बता दें कि IPL का पहला सीजन 2008 में खेला गया था. तब पाकिस्तान के कुल 11 खिलाड़ी आईपीएल में खेले थे. 2008 आईपीएल सीजन के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते अच्छे नहीं रहे और राजनीतिक तनाव के चलते पाकिस्तानी प्लेयर्स को आईपीएल में मौका नहीं दिया गया है. इस तरह पाकिस्तानी खिलाड़ियों को आईपीएल के पहले यानी 2008 सीजन में पहली और आखिरी बार मौका मिला था. IPL के पहले सीजन में 11 पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने धमाल मचाया था. यह प्लेयर सलमान बट, शोएब अख्तर, मोहम्मद हफीज, उमर गुल, कामरान अकमल, यूनुस खान, सोहेल तनवीर, मोहम्मद आसिफ, शोएब मलिक, शाहिद आफरीदी और मिस्बाह उल हक हैं. तो क्या बांग्लादेशी क्रिकेटर्स को जान-बूझकर अनदेखा किया गया है, क्योंकि ऑक्शन के बाद उनकी बोली तक नहीं लगाई गई। शाकिब अल हसन जैसे क्रिकेटर, जो पहले आईपीएल में बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, उन्हें इस बार खरीदार नहीं मिल पाए, जिससे निराशा और बढ़ गई। हालांकि, कई प्रशंसकों का कहना है, कि बांग्लादेशी क्रिकेटर्स ने पिछले दिनों काफी खराब खेल दिखाया है और ना बिकने की वजह उनका प्रदर्शन है, ना की बांग्लादेश की मौजूदा हालात से कोई लेना देना है। बांग्लादेश ने पिछले दिनों जब भारत के साथ तीन टी-20 मैच खेले थे, उस दौरान उनका काफी खराब प्रदर्शन रहा था और ना ही बल्लेबाज अपना कोई प्रभाव छोड़ पाए थे और ना ही गेंदबाज। बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार हो रहे हैं हमले विवाद को और हवा देने वाली बात यह है कि ढाका में हिंदू नेता चिन्मय कृष्ण दास प्रभु की हाल ही में हुई गिरफ़्तारी ने बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रहे व्यवहार को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। पिछले कुछ सालों में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को हमलों, उनकी संपत्ति के विनाश और व्यवस्थागत भेदभाव का सामना करना पड़ा है, जिससे अशांति बढ़ रही है।     भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। कई लोग आईपीएल फ्रैंचाइजी से अल्पसंख्यकों पर हमलों में कथित मिलीभगत के कारण बांग्लादेशी खिलाड़ियों का बहिष्कार करने का आग्रह कर रहे हैं। एक यूजर ने कहा, "अगर आतंकवाद के कारण पाकिस्तान को आईपीएल से बाहर रखा जाता है, तो बांग्लादेश को हिंदुओं पर अत्याचार करने के लिए इसी तरह के परिणाम भुगतने चाहिए।" बांग्लादेशी खिलाड़ियों को बाहर रखने से खेल और राजनीति के बीच के संबंध की ओर ध्यान खिंचा है। आईपीएल ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए पाकिस्तानी खिलाड़ियों को बाहर रखा है, लेकिन यह घटना इस बात पर प्रकाश डालती है, कि किस तरह व्यापक सामाजिक-राजनीतिक मुद्दे खिलाड़ियों के चयन को प्रभावित कर सकते हैं।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. 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