Saturday, July 11, 2026 3:30 pm

बेनीवाल के जमकर लगाए जयकारे, राजस्थान-नागौर में विकास पर भाजपा प्रत्याशी के भाषण पर भड़के लोग

नागौर. खींवसर उपचुनाव से पहले ही भाजपा प्रत्याशी रेवंतराम डांगा की जनसभा में विकास के कार्यों को लेकर विरोध तू-तड़ाक पर पहुंच गया। खींवसर उपचुनाव में जनसभा के लिए पहुंचे रेवंतराम डांगा अपना उद्बोधन शुरू ही किया तभी सामने बैठे लोगों ने कहा कि खींवसर में आपने क्या विकास कार्य करवाए। खींवसर में जितना विकास कार्य हुआ है वह बेनीवाल ने करवाया है। इसी को लेकर तू ताड़क हो गई। बता दें कि खींवसर उपचुनाव के दौरान देर रात्रि में भाजपा प्रत्याशी रेवंतराम डांगा अपने विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा करने रोल ग्राम पंचायत के चोपड़ों गुजरों की ढाणी में अपनी चुनावी सभा करने पहुंचे। जैसे ही वो सभा को संबोधित करने पहुंचे उसी दौरान वहां पर कुछ लोग जमकर बेनीवाल के जयकारे लगाने लगे। इसके बाद बीजेपी की ओर से भी रेवत राम डांगा के जयकारे लगाए जाने लगे। उसके बाद रेवंतराम डांगा के और बेनीवाल के समर्थक दोनों ही आमने-सामने हो गए। रेवत राम डांगा अपने चुनावी कार्यक्रम को संबोधित करने लग गए। विकास कार्यों को लेकर बात शुरू की। तभी स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। भाजपा प्रत्याशी रेवंतराम डांगा के बीच जंग छिड़ गई। स्थानीय लोगों ने कहा कि आपने क्या खींवसर के लिए विकास का कार्य करवाया। विकास का कार्य तो सारा ही हनुमान बेनीवाल ने ही करवाया है। इस पर रेवंतराम डांगा ने बोला कि हनुमान बेनीवाल ने क्या करवाया है यह सब विकास कार्य मैंने करवाया है। इस बात पर माहौल बिगड़ता चला गया। recent visitors 65

‘कांग्रेसियों का मन मेरी तरफ, उनसे पूछना’, राजस्थान-दौसा के BJP प्रत्याशी जगमोहन ने चौकाया

दौसा. राजस्थान में उपचुनाव दिलचस्प होते जा रहे हैं। दौसा में मैच फिक्सिंग की चर्चाओं के बीच बीजेपी प्रत्याशी जगमोहन मीणा का एक रोचक बयान सामने आया। इसमें जगमोहन कह रहे हैं कि यहां सभी कांग्रेसी नेताओं का मेरी तरफ मन है। आज सचिन पायलट की भी दौसा में सभाएं कह रहे हैं। देखना यह है कि कांग्रेस की तरफ से जगमोहन को क्या जवाब मिलता है। राजस्थान की सबसे चर्चित सीट दौसा में जिस मैच फिक्सिंग की चर्चा हो रही थी, उस सीट से बीजेपी प्रत्याशी जगमोहन का एक रोचक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। चर्चा यह थी कि जगमोहन के समर्थन में बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं के बीच मैच फिक्सिंग हो गई। खुद पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी पिछले दिनों दौसा में हुई चुनावी सभा के दौसान इस चर्चा का जिक्र किया था। हालांकि उन्होंने इसे अफवाह बताया था। लेकिन अब बीजेपी प्रत्याशी जगमोहन मीणा ने भी इन चर्चाओं से मिलता जुलता बयान दे दिया है। दौसा में सचिन पायलट की सभा को लेकर पूछे सवाल में उन्होंने कहा, सचिन पायलट कांग्रेस के नेता हैं। सभी अपनी पार्टी के लिए प्रयास करते हैं, वह भी आएंगे। उनका क्या रहेगा, कितना रहेगा…मेरी तरफ सभी कांग्रेस नेताओं का मन है। मुरारीलाल मीणा को लेकर पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि वे मुझे लेकर पूछे गए सवालों पर कन्नी इसी लिए काटते हैं कि उनका मेरे प्रति स्नेह है। उनसे लंबा जुड़ाव रहा है। इनसे मिलकर चला हूं सदा, ये मेरा स्वभाव जानते हैं। आप तो कांग्रेस के किसी भी नेता से पूछ लो कि जगमोहन कैसा है…तो चार लाइन में आपको सारा जवाब मिल जाएगा। गौरतलब है कि बीजेपी के जगमोहन मीणा के जवाब में कांग्रेस ने यहां डीडी बैरवा को प्रत्याशी बनाया है। लेकिन मीणा बाहुल्य सीट होने के चलते यहां जगमोहन के पक्ष में एक जाति के वोट लामबद्ध हो रहे हैं। अब अन्य जातियों की स्थिति क्या रहती है इस पर चुनाव निर्भर करेगा। यहां गुर्जर वोट भी बड़ी संख्या में हैं और सचिन पायलट का उन पर बड़ा असर है। ऐसे में आज पायलट की सभा कांग्रेस के लिए काफी अहम रहने वाली है। recent visitors 89

‘मैं नहीं, खींवसर की जनता लड़ रही है चुनाव’, राजस्थान-नागौर से खींवसर बीजेपी प्रत्याशी रेवंतराम डांगा पहुंचे खरनाल

नागौर. नागौर की खींवसर विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने रेवंतराम डांगा को प्रत्याशी के रूप में चुना है। टिकट मिलते ही डांगा ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि मैं नहीं, खींवसर की जनता चुनाव लड़ रही है। उन्होंने इस चुनाव को खींवसर के लोगों की लड़ाई बताया और खुद को जनता का प्रत्याशी घोषित किया। जानकारी के मुताबिक, रेवंतराम डांगा टिकट की घोषणा के बाद देर रात खरनाल पहुंचे और लोकदेवता तेजाजी महाराज के मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद लिया। अगले दिन जयपुर रवाना होने से पहले उन्होंने दोबारा मंदिर में पूजा की और फिर समर्थकों के साथ नागौर के नाथूराम मिर्धा स्मारक पहुंचे। उन्होंने वहां नाथूराम मिर्धा की प्रतिमा पर माला अर्पित की, जिनकी आज जयंती है। चुनावी मैदान में कड़ा दिख रहा मुकाबला    खींवसर सीट पर इस बार का मुकाबला भी बेहद कड़ा होने की उम्मीद है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी रेवंतराम डांगा ने आरएलपी (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी) छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था और पार्टी ने उन्हें टिकट दिया था। उस चुनाव में आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल मात्र 2,059 वोटों से जीत पाए थे। अब बीजेपी ने फिर से डांगा पर भरोसा जताया है। आरएलपी की मजबूत पकड़ खींवसर सीट पर आरएलपी का दबदबा रहा है। 2019 के उपचुनाव में हनुमान बेनीवाल के भाई नारायण बेनीवाल ने कांग्रेस को हराकर यह सीट 4,630 वोटों से जीती थी। इससे पहले 2018 के विधानसभा चुनाव में हनुमान बेनीवाल ने कांग्रेस के सवाई सिंह चौधरी को 16,948 वोटों से हराया था। बेनीवाल पहले बीजेपी से और फिर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी चुनाव जीत चुके हैं। बीजेपी की मजबूत पकड़ हालांकि, हालात अब बदल रहे हैं। 2019 के बाद बीजेपी ने खींवसर में अपनी जड़ें मजबूत की हैं। पार्टी ने ज्योति मिर्धा जैसे बड़े कांग्रेस नेताओं को अपने पाले में लाकर आरएलपी के कई नेताओं को भी जोड़ लिया है। पिछले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आरएलपी के कई नेता बीजेपी में शामिल हुए, जिनमें रेवंतराम डांगा भी थे। बीजेपी के इस कदम ने पार्टी को तीसरे स्थान से उठाकर खासी मजबूती दी, जिससे हनुमान बेनीवाल मुश्किल से चुनाव जीत पाए। डांगा को मिला मिर्धा का समर्थन रेवंतराम डांगा को इस चुनाव में ज्योति मिर्धा का भी समर्थन मिल रहा है। मिर्धा ने बीजेपी के संगठन को खींवसर में मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। स्थानीय संगठन अब पूरी तरह से डांगा के साथ जुट गया है। उनकी जमीनी पकड़ और स्थानीय समर्थन से बीजेपी इस बार खींवसर सीट पर बड़ी जीत की उम्मीद कर रही है। recent visitors 85