ग्वालियर में मोहन सर्कार ने मंदिर की 100 करोड़ की जमीन को बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण मुक्त कराया
ग्वालियर रविवार को मध्य प्रदेश में जमकर बुलडजोर गरजा है। ग्वालियर के मध्य तारागंज कोटा लश्कर स्थित श्री रामजानकी मंदिर ट्रस्ट की लगभग पौने नौ बीघा सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की है। 100 करोड़ रुपए कीमत की इस जमीन पर बनी बाउंड्री वॉल और अन्य अतिक्रमण बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। जमीन को कब्जा करने के बाद प्लॉटिंग कर बेचने की तैयारी चल रही थी, जिसे प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर नेस्तनाबूत कर दिया। बीते 18 नवंबर को कलेक्टर रुचिका चौहान ने ट्रस्ट की जमीन का निरीक्षण किया था। इस मंदिर से जुड़ी माफी औकाफ की जमीन पर बाउंड्री वॉल पाए जाने पर उन्होंने बाउंड्रीवॉल बनाने वाले के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। एसडीएम लश्कर नरेंद्र बाबू यादव के नेतृत्व में श्री रामजानकी मंदिर ट्रस्ट की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। उन्होंने बताया इस जमीन पर मनोहरलाल भल्ला ने बाउंड्री वॉल बना ली थी।वह प्लाट बेचने की तैयारी में था। जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर न केवल बेशकीमती सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है, बल्कि बहुत से भोले-भाले लोगों को प्लाट की जालसाजी में फंसने से भी बचाया है। क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक प्रदीप महाकाली और पटवारी इकबाल खान की रिपोर्ट पर नायब तहसीलदार डॉ. रमाशंकर सिंह के न्यायालय में मध्यप्रदेश भू-संहिता की धारा-248 के तहत प्रकरण दर्ज किया था। इस प्रकरण में विधिवत आदेश पारित कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है। इसमें 100 रुपए की कीमत की जमीन को कब्जा मुक्त करवाया गया है। अतिक्रमण हटाने के लिए गई टीम में तहसीलदार ग्वालियर, शिवदत्त कटारे और नायब तहसीलदार डॉ. रमाशंकर सिंह, नगर निगम के मदाखलत अधिकारी शकेशव सिंह चौहान के साथ थाना प्रभारी, विपेंद्र सिंह चौहान सहित क्षेत्रीय आरआई, पटवारी और नगर निगम के कर्मचारी शामिल थे। recent visitors 122