आदर्श आचार संहिता का पालन व अवकाश घोषित करेंगे कलेक्टर, राजस्थान-नगरीय निकाय उपचुनाव का 9 जनवरी को मतदान

जयपुर। प्रदेश के 9 जिलों के 9 नगरीय निकायों के रिक्त पदों पर होने वाले उपचुनावों के लिए मतदान दिवस 9 जनवरी 2025 को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के लिए जिला कलेक्टर को अधिकृत किया गया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन (ग्रुप-2) विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश के 9 जिलों बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, दौसा, हनुमानगढ़, जयपुर, झालावाड़, जोधपुर ग्रामीण, सवाई माधोपुर एवं सीकर में 9 नगरीय निकायों के रिक्त पदों पर उप चुनाव माह दिसंबर 2024 एवं जनवरी 2025 में करवाए जा रहे हैं। इन नगरीय निकायों में मतदान 9 जनवरी, 2025 गुरुवार को होगा। अतः मतदान दिवस को संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के लिए संबंधित जिला कलेक्टर (जिला निर्वाचन अधिकारी) को अधिकृत किया गया है। साथ ही पुनर्मतदान की स्थिति में जहां पुनर्मतदान होगा उस क्षेत्र में पुन‌र्मतदान की तिथि को भी सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के लिए भी संबंधित जिला कलेक्टर (जिला निर्वाचन अधिकारी) को अधिकृत किया गया है। आदेश के अनुसार उपचुनाव वाले क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू रहने के दौरान चुनाव से संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव समाप्ति तक माननीय मंत्री शासकीय दौरे पर नहीं जाएंगे। कानून व्यवस्था बिगड़ने या किसी आपात स्थिति के कारण मंत्री यदि संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में दौरे पर रहते हैं तो उन्हें इसकी सूचना विभाग के शासन सचिव द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग को भेजनी होगी। यदि कोई मंत्री संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के दौरे पर हैं, तो इस दौरान वे किसी सरकारी वाहन का प्रयोग नहीं करेंगे और निजी वाहन पर लाल बत्ती या सायरन आदि का प्रयोग वर्जित होगा। साथ ही क्षेत्र के विश्रामगृह, डाक बंगले या अन्य सरकारी आवासों का या इससे संलग्न परिसरों का उपयोग प्रचार कार्यालय के रूप में या चुनाव से संबंधित कोई बैठक करने की दृष्टि से नहीं कर सकेंगे। इन स्थानों को निष्पक्ष तरीके से अन्य दलों या अभ्यर्थियों को भी उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी लेकिन वे भी उनका चुनाव से संबंधित कार्य में इस्तेमाल नहीं करेंगे। वहीं सरकारी अधिकारी, मंत्रियों के दौरे के समय उनके किसी स्वागत में या प्रोटोकॉल में नहीं जाएंगे‌। यह आदर्श आचार संहिता बोर्ड/निगम के अध्यक्ष जिन्हें मंत्री या राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त है, पर भी लागू रहेगी। recent visitors 76

विजयपुर उपचुनाव में पुलिस कस्टडी में BJP-कांग्रेस प्रत्याशी

विजयपुर  मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट पर बुधवार सुबह 7 बजे से मतदान शुरु हो चुका है। यहां सुबह 9 बजे तक 17.86 फीसदी वोट डाले जा चुके हैं। इसी कड़ी में भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत ने अपने गांव सुनवई में वोट डाला, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा को पुलिस कस्टडी में अपने गांव के मतदान केंद्र पर वोट डालना पड़ा। बताया जा रहा है कि कांग्रेस प्रत्याशी को नजर बंद किया गया है। बता दें कि, श्योपुर पुलिस ने कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा को नजर बंद कर दिया है। हालांकि, पुलिस की ओर से अबतक इस संबंध में कोई अधिकृत बयान सामने नहीं आया है कि आखिर कांग्रेस प्रत्याशी को पुलिस कस्टडी में क्यों रखा गया है। लूत्रों की मानें तो क्षेत्र में बढ़ रहे तनाव को मद्देनजर रखते हुए ये फैसला लिया गया है। वहीं कांग्रेसियों में इससे आक्रोश देखने को मिल रहा है। उनका कहना है कि अगर स्थिति इतनी ही तनावपूर्ण है तो कांग्रेस प्रत्याशी के साथ भाजपा प्रत्याशी को भी नजरबंद किया जाना चाहिए। ये आयोग का दोहरा चरित्र दर्शाता है। वहीं, दूसरी ओर अंधूपुरा पोलिंग बूथ कुछ मतदाताओं द्वारा शिकायत भी की गई है कि उन्हें मतदान नहीं करने दिया जा रहा। रामनिवास रावत के गृह ग्राम में झड़प भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत के गृह गांव सुनवई में सुरक्षा कर्मियों और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई। पोलिंग बूथ पर कुछ युवक घुसकर जबरन वोट डालने का प्रयास करने लगे। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान उनकी झड़प युवकों समेत ग्रामीणों से हो गई। इससे गांव में तनाव पैदा हो गया। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और प्रशासन के अफसर भी पहुंचे। शाम 6 बजे तक चलेगा मतदान भाजपा व कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन चुकी विजयपुर विधानसभा सीट के लिए बुधवार सुबह 7 बजे से मतदान चल रहा है। हालांकि, शुरुआत में पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की कमी देखने को मिली, लेकिन 8 बजे के बाद से मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी होने लगी। विजयपुर सीट के सभी पोलिंग बूथों पर सुबह 9 बजे तक औसत 17.86 फीसदी वोट डाले जा चुके हैं। इनमें पुरुष मतदाताओं का फीसद 17.47 रहा, जबकि महिला मतदाताओं का फीसद 18.29 है। बता दें कि, शाम 6 बजे तक मतदाता वोटिंग के लिए अपने मतदान केंद्र पहुंच सकते हैं। विजयपुर में पुलिस अलर्ट  विजयपुर विधानसभा सीट के कई मतदान केंद्रों को पुलिस ने अतिसंवेदनशील घोषित किया है, क्योंकि यहां पर बूथ केप्चरिंग की आशंका जताई जा रही है. ऐसे में पुलिस यहां पूरी तरह से अलर्ट नजर आ रही है. कई पोलिंग बूथों से मतदाताओं को मतदान करने से रोकने का आरोप भी लगा है. हालांकि पुलिस ने अब तक सभी जगह आराम से मतदान होने की बात कही है. वहीं इस बीच बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता भी हर एक पोलिंग बूथ पर जमे हुए हैं.  विजयपुर में बीजेपी कांग्रेस में कड़ी टक्कर  दरअसल, विजयपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में बीजेपी और कांग्रेस में कड़ी टक्कर दिख रही है. विजयपुर विधानसभा सीट पर 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत मिली थी, लेकिन कांग्रेस रामनिवास रावत कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए, जिससे यहां उपचुनाव हो रहा है. रामनिवास रावत बीजेपी की तरफ से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि कांग्रेस ने मुकेश मल्होत्रा को प्रत्याशी बनाया है. मुकेश मल्होत्रा ने 2023 का चुनाव निर्दलीय लड़ा था, लेकिन इस बार कांग्रेस ने उन्हें प्रत्याशी बनाया है.  recent visitors 86

Vijaypur by-election: मतदान से पहले आदिवासी बस्ती में ताबड़तोड़ फायरिंग, 2 घायल, कांग्रेस ने भाजपा पर लगाए आरोप

विजयपुर मध्य प्रदेश के विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव से एक दिन पहले फायरिंग हो गई। बाइक से आए 9 बदमाशों ने आदिवासियों को धमकाते हुए फायरिंग कर दी। गोलीबारी में कई लोग घायल हो गए हैं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों ने एक आरोपी को बंदूक के साथ पकड़ लिया। घटना ढोढर थाना क्षेत्र के धनाचया गांव में सोमवार रात 10 बजे हुई है। कांग्रेस ने भाजपा नेताओं पर अराजकता गुंडागर्दी का आरोप लगाया है। गाली-गलौज से रोकने पर ताबड़तोड़ फायरिंग वारदात में प्रकाश और हरविलास नाम के दो आदिवासी युवक घायल हो गए हैं। पुलिस को उन्होंने बताया कि रात में कुछ लोग बंदूकें लेकर बाइक से आए थे। बस्ती में पहुंचते ही गाली–गलौज करने लगे। मना करने पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस को सूचना दी तो एसडीओपी राजीव गुप्ता जवानों के साथ गांव पहुंचे। आचार संहिता के बीच फायरिंग, पुलिस पर सवाल विजयपुर में 13 नवंबर को वोटिंग है। इस समय चुनावी आचार संहिता लागू है। लिहाजा, निर्वाचन क्षेत्र में सभी लाइसेंसी बंदूकें पुलिस ने जब्त करा ली है। आसपास की सीमाएं भी सील कर दी गई हैं। इन सबके बावजूद सरेआम गोलीबारी होना पुलिस की निगरानी पर सवाल उठाता है। पटवारी बोले-कलेक्टर-एसपी को हटाए आयोग     प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने घटना से जुड़ा एक वीडियो शेयर कर कलेक्टर-एसपी को हटाए जाने की मांग की है। कहा, विजयपुर में आज प्रचार समाप्त हुआ और मतदाताओं पर अत्याचार शुरू हो गया। भाजपा उपचुनाव को भी लाल स्याही से रंग रही है।     जीतू पटवारी ने कहा, एक ओर आचार संहिता लागू है, और दूसरी और भाजपा प्रत्याशी के हथियारबंद गुंडे आदिवासी भाइयों पर गोली चला रहे हैं। विजयपुर कलेक्टर और भाजपा में सांठ-गांठ की बात मैं लगातार कह रहा हूं, लेकिन गंभीरता से नहीं लिया गया। अब इसके परिणाम सामने दिख रहे हैं। आरोपियों की हो तत्काल गिरफ्तारी श्योपुर के कांग्रेस जिलाध्यक्ष अतुल सिंह चौहान ने कहा, भाजपा नेता अराजकता फैलाकर गुंडागर्दी की राजनीति करते हैं। गरीब आदिवासियों पर फायरिंग उनकी ओछी मानसिकता को दर्शाती है। पुलिस-प्रशासन आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करें, नहीं तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी। सूचना पर एसडीओपी राजीव कुमार गुप्ता पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंचे। अन्य आरोपियों की तलाश में टीमों को रवाना किया। श्योपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अतुल सिंह चौहान का कहना है कि भाजपा के लोग अराजकता फैलाकर गुंडागर्दी की राजनीति करना चाहते हैं। गरीब आदिवासियों पर इस तरह फायरिंग ओछी मानसिकता को दर्शाती है। प्रशासन और पुलिस आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करें, नहीं तो कांग्रेस आदिवासियों के साथ लड़ाई लड़ेगी। विजयपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले प्रशासन और पुलिस ने जिलेभर के सभी शस्त्र लाइसेंस थानों में जमा कर लिए हैं। इसके बावजूद आरोपी बंदूक लेकर गांव में पहुंचे। कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब लाइसेंस जमा हो गए थे तो फिर हथियार कहां से आए? विजयपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में भले ही बीजेपी विकास और कांग्रेस गद्दार के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है, मगर जातिगत समीकरण चुनाव पर हावी है। कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा के समर्थन में आदिवासी और कुशवाह समाज के लोग लामबंद दिखाई दे रहे हैं। श्योपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अतुल सिंह चौहान का कहना है कि भाजपा के लोग अराजकता फैलाकर गुंडागर्दी की राजनीति करना चाहते हैं। गरीब आदिवासियों पर इस तरह फायरिंग करना उनकी ओछी मानसिकता को दर्शाता है। प्रशासन और पुलिस को आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए, नहीं तो कांग्रेस आदिवासियों के साथ मिलकर लड़ाई लड़ेगी। विजयपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले प्रशासन और पुलिस ने जिलेभर के सभी शस्त्र लाइसेंस थानों में जमा करवा लिए थे। इसके बावजूद आरोपी बंदूक लेकर गांव में कैसे पहुंचे? कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब लाइसेंस जमा हो गए थे तो हथियार कहां से आए? विजयपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा विकास के मुद्दे पर और कांग्रेस गद्दारी के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है, लेकिन जातिगत समीकरण चुनाव में हावी हैं। कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा के समर्थन में आदिवासी और कुशवाह समाज के लोग लामबंद होते नजर आ रहे हैं। कमलनाथ ने भाजपा पर बोला हमला इधर, घटना को लेकर मप्र के पूर्व सीएम कमलनाथ का भी बयान सामने आया। उन्होंने कहा- श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की वोटिंग से पहले आदिवासियों पर फायरिंग की घटना अत्यंत चिंताजनक है। इस घटना में आदिवासी समुदाय के कई लोग घायल हो गए। घटना से स्पष्ट होता है कि विधानसभा उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी क्षेत्र का माहौल खराब करना चाहती है और मतदाताओं को डराना चाहती है। वोटिंग से ठीक पहले इस तरह की वारदात कानून व्यवस्था और चुनाव के इंतजाम पर भी बेहद गंभीर सवाल खड़े करती है। घटना से स्पष्ट हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी खरीद फरोख्त की राजनीति से बाज नहीं आ रही। वह विधायक तो खरीद सकती है, लेकिन जनता को नहीं खरीद सकती, इसलिए मतदाताओं के ऊपर गोलियां चलाई जा रही हैं। निर्वाचन आयोग से अपील करता हूं कि घटना को अत्यंत गंभीरता से ले और विजयपुर विधानसभा में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराएं।   recent visitors 138

होटल-रेस्टोरेंट्स में 30 प्रतिशत तक छूट, छत्तीसगढ़-रायपुर उपचुनाव में वोटिंग पर स्पेशल ऑफर

रायपुर। मतदाता जागरूकता अभियान के अंतर्गत रायपुर दक्षिण उपचुनाव में वोट देने वाले मतदाताओं को प्रोत्साहित करने चुनाव आयोग की पहल पर आकर्षक डिस्काउंट ऑफर दिया जा रहा है. इस पहल के तहत रायपुर शहर के प्रमुख होटल और रेस्टोरेंट्स ने मतदान करने वाले नागरिकों को खाने-पीने और रूम बुकिंग पर शानदार छूट देने की घोषणा की है. इस ऑफर का लाभ लेने के लिए मतदाताओं को मतदान के बाद अपनी उंगली पर लगी स्याही दिखानी होगी. इस पहल में शहर के प्रतिष्ठित होटल और रेस्टोरेंट्स जैसे सुखसागर रेस्तरां, मंजू-ममता रेस्तरां, मे-फेयर होटल, फेयर-वे होटल और बेबीलोन होटल ने भाग लिया है. इन जगहों पर 13 नवंबर से 19 नवंबर तक विभिन्न प्रकार के ऑफर दिए जाएंगे—– 0- सुखसागर और मंजू-ममता रेस्टॉरेंट (एमजी रोड) में 13 नवंबर से 15 नवंबर तक बिल पर 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. 0- मेय-फेयर होटल (नवा रायपुर) में 13 नवंबर से 19 नवंबर तक मेन्यू पर 30 प्रतिशत डिस्काउंट मिलेगा और तीन बुफे पर एक बुफे मुफ्त मिलेगा. 0- फेयर-वे होटल (नवा रायपुर) में 13 नवंबर से 19 नवंबर तक मेन्यू पर 30 प्रतिशत छूट और रूम बुकिंग पर 25 प्रतिशत की छूट मिलेगी. 0- बेबीलोन होटल (वीआईपी रोड) ने रूम बुकिंग पर 30 प्रतिशत, मॉकटेल पर 25 प्रतिशत, मेन्यू पर 20 प्रतिशत और बुफे पर 15 प्रतिशत छूट देने के साथ ही तीन बुफे पर एक बुफे मुफ्त देने का ऑफर दिया है. recent visitors 103

बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए भाजपा का प्रदेश नेतृत्व ही कमान संभाल रहा वही कांग्रेस बुला रही बाहरी नेता

भोपाल मध्य प्रदेश में 13 नवंबर को होने वाले बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए भाजपा का प्रदेश नेतृत्व ही कमान संभाल रहा है लेकिन कांग्रेस में इसका ठीक उल्टा हो रहा है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद प्रदेश के कांग्रेस नेताओं का आत्मविश्वास हिला हुआ है।आलाकमान भी उन पर पूरा भरोसा नहीं कर पा रहा इसलिए उपचुनाव में प्रचार के लिए बाहरी नेताओं को बुलाया गया है। राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने विजयपुर में सभाएं की तो भरतपुर की सांसद संजना जाटव भी आने वाली हैं। वे एससी वर्ग के मतदाताओं को साधेंगी। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित वरिष्ठ नेता भी प्रचार के लिए आ सकते हैं, ये सभी उपचुनाव में कांग्रेस के स्टार प्रचारक हैं। दरअसल, प्रदेश कांग्रेस में इन दिनों बड़े नेताओं में मात्र दिग्विजय सिंह और कमल नाथ ही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ का चुनाव प्रचार कार्यक्रम तो बना था लेकिन ऐन वक्त पर निरस्त भी हो गया था। अन्य नेताओं का कद और प्रभाव उतना नहीं है। यही वजह है कि कांग्रेस को बाहरी नेताओं की मदद उपचुनाव में प्रचार के लिए लेनी पड़ रही है। अब तक उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां स्थानीय नेताओं के भरोसे ही चुनाव लड़ते रहे हैं।   इनके अलावा कांग्रेस में और कोई नेता इस कद का नहीं हैं जिसका व्यापक जनाधार हो। इसके विपरीत भाजपा में प्रदेश स्तर पर सक्रिय नेताओं की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के अलावा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा सहित कई अन्य नेता प्रचार कर रहे हैं। इसके अलावा एससी वर्ग में लालसिंह आर्य, एसटी वर्ग में फग्गन सिंह कुलस्ते ऐसे नेता हैं, जो प्रदेश और बाहर भी जाने-पहचाने जाते हैं। सचिन पायलट गुर्जर समाज के बड़े नेता हैं। पूर्व सांसद ताराचंद पटेल की मूर्ति के अनावरण में आए थे तो हमने चुनाव में भी उनका कार्यक्रम बना दिया। जहां तक कमल नाथ के कार्यक्रम रद होने की बात है, तो उन्हें वायरल हो गया था इसलिए वे नहीं आए। – शैलेंद्र पटेल, बुधनी उपचुनाव प्रभारी, कांग्रेस यह दौर सोशल इंजीनियरिंग का है, उस लिहाज से हर राजनीतिक दल अपने स्टार प्रचारकों की सूची बनाकर नेताओं को आमंत्रित करता है। अन्य राज्यों के नेताओं को बुलाने की यही वजह है।- केके मिश्रा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता recent visitors 96

‘भावनाओं को समझो, जीत जाओगे’, राजस्थान-खींवसर उपचुनाव में हनुमान-ज्योति और रेवतराम में अलग है मुकाबला

जयपुर. त्योहारी सीजन के बाद आज से राजस्थान में फिर से उपचुनावों की रंगत नजर आने लगी है। स्थानीय भाषा में इसे चुनाव मढ़ना कहा जाता है। सबसे रोचक चुनाव इस वक्त खींवसर सीट पर हो रहा है। जाट हार्टलैंड की यह सीट नेताओं की आक्रामक शैली के लिए जानी जाती है। लेकिन इस बार सभी नेता यहां रिक्वेस्टिंग मोड में हैं। वोटर कह रहे हैं कि ऐसा चुनाव यहां पहली बार देखने को मिल रहा है। खींवसर की जमीन पर अभी वे सभी नेता चुनावी दंगल में हैं, जो अपनी फायर ब्रांड शैली के लिए जाने जाते हैं। लेकिन इस बार यहां का पूरा चुनाव ही बेहद अलग अंदाज में नजर आ रहा है। आरोप-प्रत्यारोप से इतर यहां सियासी तंज और भावुक अपीलें हो रही हैं। हनुमान बेनीवाल, ज्योति मिर्धा और रिछपाल मिर्धा से लेकर रेवतराम डांगा तक सभी वोटरों की सहानुभूति मांग रहे हैं। इधर, बीजेपी ने अपने कैंपेन में सेंधमारी का तड़का भी लगा दिया है। खींवसर विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी को लगा झटका देते हुए नागौर के कांग्रेस जिलाध्यक्ष रह चुके सुखबीर सिंह चौधरी को भाजपा ज्वाइन करवाई। भावुक अपील से क्या किला बचा पाएंगे हनुमान खींवसर हनुमान के लिए सिर्फ विधानसभा सीट भर नहीं राजस्थान में उनके सियासी अस्तित्व के लिए यह सबसे जरूरी है। इस बार खींवसर से उनकी पत्नी कनिका बेनीवाल मैदान में हैं। हनुमान बेनीवाल ने प्रचार के दौरान कहा कि बीजेपी चुनाव जीतती है या हारती है तो इससे उस पर कोई फर्क नहीं आएगा। लेकिन इस बार अगर RLP खींवसर से चुनाव हार गई तो मेरा 20 साल का संघर्ष खत्म हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा, अगर RLP विधानसभा में नहीं रही, तो मेरा 20 साल का संघर्ष चला जाएगा। लोग कहेंगे कि हनुमान 20 साल लड़ा और अंत में खींवसर की सीट भी चली गई। इसलिए आप लोग यह सुनिश्चित कर लो कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की जीत हो और मैं चार साल राजस्थान की सड़कों पर बजरी माफियाओं के खिलाफ लड़ता रहूं'। 47 साल पुरानी विरासत हनुमान बेनीवाल राजनीतिक घराने से आते हैं और उनकी यह विरासत 47 साल पुरानी है। बेनीवाल के पिता रामदेव बेनीवाल दो बार विधायक रहे हैं। ज्योति का तंज: भाभी विधानसभा चली गई तो भतीजे… बीजेपी नेता ज्योति मिर्धा भी इस बार चुनाव में अलग अंदाज में नजर आ रही हैं। एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब मैं लोकसभा चुनाव लड़ रही थी तो हनुमान बेनीवाल ने कहा था, बाई ने फेरूं हरियाणा भेज दो म्हारा फूफोसा के फलका का फोड़ा पड़े (ज्योति मिर्धा को उनके ससुराल हरियाणा भेजने के लिए कहा कि यदि वे यहां रह गईं तो उनके पति के लिए खाना कौन बनाएगा)। ज्योति ने हनुमान के इस भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि आज बहन भी अपने भाई (हनुमान) की चिंता करती है…भाभी विधानसभा चली गई और आप लोकसभा में रह गए तो मेरे भतीजे-भतीजी का देखभाल कौन करेगा। इसलिए मैं आप लोगों से अपील करती हूं कि हनुमान तो सांसद बने हुए हैं, इसलिए विधानसभा में रेवतराम डांगा जी को भेजो। दिव्या बोलीं- मुझे हराने की बात करते थे क्या गलती थी मेरी? वहीं, कांग्रेस नेता दिव्या मदेरणा ने भी हनुमान बेनीवाल पर निशाना साध रखा है। दिव्या मदेरणा ने लोहावट में एक कार्यक्रम के दौरान बिना नाम लिए हनुमान बेनीवाल पर बड़ा तंज कसते हुए खींवसर की जनता को बड़ा मैसेज भी दे दिया है। मदेरणा ने कहा कि मुझे हराने की बात करते थे। सवाल पूछते हुए दिव्या मदेरणा ने कहा कि क्या मैं समाज की बेटी नहीं हूं, क्या गुनाह था मेरा, क्या गलती थी मेरी? मदेरणा ने कहा कि आज क्या हालत हैं खींवसर में? सुनने में आ रहा है कि हालत टाइट है। उन्होंने कहा कि रात के चार-चार बजे घूमकर लोगों के पैर पकड़ रहे हैं। recent visitors 225

अभ्यर्थियों को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बुलाया, छत्तीसगढ़-रायपुर दक्षिण के उपचुनाव में ईवीएम की कमीशनिंग कल

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य अंतर्गत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र कमांक 51-रायपुर नगर दक्षिण के होने वाले आगामी विधानसभा उपनिर्वाचन-2024 में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों के माध्यम से मतदान कराये जाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है।मतदान के लिये मशीनों को तैयार करने के क्रम में मशीनों की कमीशनिंग का पांच नवंबर को सुबह दस बजे से शुरू किया जाएगा। इसकी सूचना रिटर्निंग आफिसर, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक-51 जिला रायपुर की ओर से निर्वाचन लड़ने वाले सभी अभ्यर्थियों को दी जाएगी। मशीनों के कमीशनिंग का काम रायपुर में सेजबहार स्थित ई-ब्लाक शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय में किया जाएगा। मतदान के लिए मशीनों को तैयार करने में आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिये निर्माता कंपनी मेसर्स इलेक्ट्रानिक कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, हैदराबाद (तेलंगाना) के इंजीनियर नियत तिथि के एक दिन पहले रायपुर पहुंच जाएंगे। इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों के कमीशनिंग की प्रक्रिया में मेसर्स इलेक्ट्रानिक कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, हैदराबाद (तेलंगाना) के इंजीनियरों द्वारा सभी वीवीपैट मशीनों में सिंबल लोडिंग की जायेगी। सभी मशीनों में एक मत डालकर और रेंडम रूप से चुने गये पांच प्रतिशत मशीनों पर 1000 मत डालकर मॉकपोल किया जायेगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक-51 रायपुर नगर दक्षिण में निर्वाचन लड़ने वाले सभी अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे कमीशनिंग की प्रक्रिया के अवलोकन के लिए नियत तिथि और समय पर कमीशनिंग परिसर रायपुर सेजबहार में स्थित शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय में उपस्थित रहकर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों की कार्य प्रणाली और इसकी निष्पक्षता के संबंध में पूरी तरह आश्वस्त हो। recent visitors 107