सीमा पर बढ़ाई सुरक्षा, ट्रंप की राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद हाई अलर्ट पर कनाडा

वाशिंगटन/ओटावा. अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद कनाडा की सरकार हाई अलर्ट पर है। दरअसल ट्रंप की जीत के बाद कनाडा को डर है कि बड़ी संख्या में शरणार्थी अमेरिका छोड़कर कनाडा आ सकते हैं। यही वजह है कि कनाडा की सरकार ने अपनी सीमाओं की निगरानी बढ़ा दी है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चुनाव अभियान के दौरान अमेरिका में अवैध अप्रवासियों का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था और उन्होंने राष्ट्रपति चुने जाने पर अवैध अप्रवासियों को देश से बाहर करने का वादा भी किया था। अमेरिका से कनाडा जा सकते हैं अप्रवासी अब चूंकि राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप ने जीत दर्ज की है तो कनाडा को डर है कि बड़ी संख्या में अवैध अप्रवासी ट्रंप के डर से अमेरिका छोड़कर कनाडा आ सकते हैं। कनाडा की सरकार को आशंका है कि अमेरिका में अप्रवासियों के खिलाफ माहौल के चलते उनके देश में शरण मांगने वाले शरणार्थियों की संख्या में तेजी आ सकती है। कनाडा की पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि 'हम हाई अलर्ट पर हैं। हम सभी की निगाहें सीमा पर टिकी हैं कि क्या होने वाला है…क्योंकि हम जानते हैं कि आव्रजन पर ट्रंप के सख्त रुख के चलते कनाडा में अवैध और अनियमित प्रवास बढ़ सकता है।' कनाडा की ये हैं मुश्किलें कनाडा की मुश्किल ये है कि अमेरिका और कनाडा की सीमाएं काफी बड़े इलाके में लगती हैं। ऐसे में पूरी सीमा की निगरानी और अवैध रूप से सीमा पार करने वाले अप्रवासियों को गिरफ्तार करना कनाडा की सरकार के लिए बेहद मुश्किल काम होने जा रहा है। कनाडा की उप-प्रधानमंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने इस मुद्दे पर शुक्रवार को मंत्रियों के साथ एक बैठक भी की। मंत्रियों के इस समूह को अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के साथ तालमेल बिठाने और दोनों देशों के बीच के विभिन्न मुद्दों पर सहमति की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अप्रवासियों के सीमा पार से आने पर कनाडा की उप-प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थिति का सामना करने के लिए कनाडा तैयार है।  recent visitors 69

कनाडा में भारतीय लड़की की मौत, वॉक-इन ओवन में धधकते हुए मिले शरीर के टुकड़े

ओटावा  कनाडा के हैलिफैक्स में वॉलमार्ट में भारतीय लड़की गुरसिमरन कौर की मौत का मामला उलझता जा रहा है। 19 साल की गुरसिमरन की मौत की स्थानीय पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है लेकिन अभी तक इस नतीजे पर नहीं पहुंची है कि 19 साल की लड़की उस ओवन के अंदर कैसे गई, जिससे उसकी जलकर दर्दनाक मौत हुई। इस बात ने भी जांच को उलझा दिया है कि इस बड़े ओवन को बाहर से बंद नहीं किया जा सकता है। 19 साल की कर्मचारी गुरसिमरन की जली हुई लाश सुपरस्टोर वॉलमार्ट के वॉक-इन ओवन के अंदर जली हुई पाई गई थी। पुलिस की जांच के अनुसार गुरसिमरन कौर के जले हुए अवशेष शनिवार शाम को पूर्वी कनाडा में नोवा स्कोटिया के हैलिफैक्स में वॉलमार्ट के बेकरी विभाग में एक ओवन के अंदर पाए गए। इस दर्दनाक हादसे की काफी चर्चा है। ओवन से रिसाव देख चला पता गुरसिमरन अपनी मां के साथ ही वॉलमार्ट में कर रही थी। शनिवार को उसे देर तक सुपरस्टोर में ना देखकर मां ने उसे तलाशना शुरू किया और कर्मचारियों से पूछा। कर्मचारियों ने लगा कि गुरसिमरन सुपरस्टोर के किसी हिस्से में काम कर रही होगी। उसने अपनी बेटी को फोन करने की किया लेकिन उसका फोन भी नहीं लग पाया। गुरसिमरन का फोन ना लगने पर उसकी मां ऑनसाइट एडमिन के पास पहुंची। इसके कुछ घंटे बाद उसके जले हुए अवशेष बेकरी में वॉक-इन ओवन के अंदर मिले। गुरसिमरन की मां ने वॉक-इन ओवन तब खोला, जब किसी ने उसे ओवन से हो रहे अजीब रिसाव के बारे में बताया। गोफंड मी ने गुरसिमरन के परिवार की मदद के लिए अभियान चलाते हुए करीब 67,000 डॉलर की राशि जुटाई है। गोफंड मी ने बताया है कि गुरसिमरन के पिता और भाई भारत में हैं, उन्हें लाने की कोशिश हो रही है। पुलिस ने घटना पर क्या बताया हैलिफैक्स पुलिस के मुताबिक, शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे वॉलमार्ट में लड़की के बेकरी में ओवन के अंदर बंद होने की रिपोर्ट मिलने के बाद वहां पुलिस को भेजा गया। हैलिफैक्स पुलिस के पहुंचने तक गुरसिमरन को ओवन से निकाल लिया गया था। सीबीसी न्यूज के मुताबिक, यह स्पष्ट नहीं है कि गुरसिमरन ओवन में कैसे फंस गई क्योंकि इस ओवन को बाहर से बंद नहीं किया जा सकता। हैलिफैक्स पुलिस घटना की जांच कर रही है। अभी यह नहीं बताया है कि गुरसिमरन की मौत में कोई आपराधिक एंगल है या नहीं। कांस्टेबल मार्टिन क्रॉमवेल ने सीबीसी न्यूज से बातचीत में कहा कि जांच जटिल है और हम बस जनता को हमारी जांच में धैर्य रखने की अपील करते हैं। काफी बड़ा है स्टोर का ओवन वॉलमार्ट के सूत्रों ने बताया है कि उनके बेकरी विभाग का ओवन इतना बड़ा है कि एक व्यक्ति अंदर जा सकता है। वॉलमार्ट कनाडा के प्रवक्ता ने कहा है कि कर्मचारी की दुखद मौत से कंपनी को दुख हुआ है। फिलहाल स्टोर अस्थायी रूप से बंद है और हम जांच के दौरान अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहे हैं। recent visitors 88

भारत खालिस्तान समर्थक भारतीय मूल केकानाडाई नागरिकों के OCI रद्द कर, संपत्ति के अधिकार को खत्म कर सकता है

नई दिल्ली भारत और कनाडा के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अब कनाडा ने भारत के खिलाफ संभावित प्रतिबंधों के संकेत दिए हैं। इधर, भारत ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। हाल ही में कनाडा ने एक मामले की जांच में कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त रहे संजय कुमार वर्मा को 'पर्सन ऑफ इंटरेस्ट' बनाया था। इसका मतलब ऐसे व्यक्ति से होता है, जो संदिग्ध है, लेकिन अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। दोनों ही देशों ने 6-6 राजनयिकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। दोनों देशों में तनाव बढ़ने के बीच कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने भारत के खिलाफ पाबंदी लगाने की संभावना को खारिज नहीं किया और कहा कि ‘सभी विकल्प विचाराधीन हैं’। भारत ऐसे दे सकता है जवाब  रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल, कनाडा में लाखों भारतीय छात्र हैं। अगर भारत ने छात्रों पर कनाडा में शिक्षा लेने पर रोक लगा दी, तो इसका गहरा असर हो सकता है। यह फैसला कनाडा के शिक्षा से जुड़ी आर्थिक व्यवस्था पर गहरी चोट दे सकता है। इसके अलावा भारत खालिस्तान समर्थक भारतीय मूल के सभी कानाडाई नागरिकों के OCI यानी ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया कार्ड रद्द कर सकता है। इनके साथ भारत खालिस्तान समर्थकों के संपत्ति के अधिकार को खत्म कर सकता है। साथ ही वह नए वीजा में देरी और गहनता से जांच करना बढ़ा सकता है। ऐसे में खालिस्तान समर्थकों पर दबाव पड़ सकता है। भारत भारतीय मूल के ऐसे कनाडाई नागरिकों के मल्टिपल एंट्री वीजा पर भी रोक लगा सकता है। अगर यह फैसला लिया जाता है, तो असर भारतीय कनाडाई समुदाय पर पड़ सकता है। इससे कनाडा की स्थानीय राजनीति पर भी असर हो सकता है। कनाडा को जवाब में भारत भी व्यापार स्तर पर प्रतिबंध लगा सकता है। टॉप 10 ट्रेडिंग पार्टनर होने के नाते भारत कनाडा की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। साथ ही भारत में निवेश वाले कनाडा के आर्थिक संस्थानों और पेंशन फंड को फ्रीज कर सकता है। कनाडा की पुलिस ने लगाए थे ये आरोप कनाडा की सार्वजनिक प्रसारणकर्ता कनाडियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (सीबीसी) की रिपोर्ट के अनुसार, देश के राष्ट्रीय पुलिस बल रॉयल कनाडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के प्रमुख ने भारत के संदर्भ में चौंकाने वाले आरोप लगाए कि भारत सरकार के एजेंट कनाडा में हत्याओं सहित ‘व्यापक हिंसा’ में भूमिका निभा रहे हैं और चेतावनी दी थी कि इससे ‘देश की सार्वजनिक सुरक्षा को गंभीर खतरा’ है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘इनमें गोपनीय सूचना जुटाने की तकनीक, दक्षिण एशियाई कनाडाई लोगों को निशाना बनाकर उनके साथ दंडात्मक व्यवहार करना और हत्या सहित एक दर्जन से अधिक धमकी भरे और हिंसक कृत्यों में संलिप्तता शामिल है।’ कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के साथ काम करने के उनकी सरकार के प्रयास के कोई परिणाम नहीं निकले। उन्होंने कहा, ‘इसलिए, इस सप्ताहांत, कनाडाई अधिकारियों ने एक असाधारण कदम उठाया। उन्होंने आरसीएमपी के उन साक्ष्यों को साझा करने के लिए भारतीय अधिकारियों से मुलाकात की, जिनके आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि भारत सरकार के छह एजेंट आपराधिक गतिविधियों में शामिल व्यक्ति हैं।’ RCMP ने आरोप लगाया है कि बिश्नोई गिरोह के तार भारत सरकार के उन ‘एजेंटों’ से जुड़े हैं, जो देश में दक्षिण एशियाई समुदाय, विशेष रूप से ‘खालिस्तान समर्थक तत्वों’ को निशाना बना रहे हैं। भारत सरकार के सूत्रों ने कहा कि कनाडाई अधिकारियों का यह दावा सच नहीं है कि कनाडा ने निज्जर मामले में भारत को प्रामाणिक सबूत दिए हैं। recent visitors 84