चैंपियंस ट्रॉफी का शेड्यूल हो सकता है कुछ ऐसा, जानिए भारत की पाकिस्तान से कब हो सकती है भिड़ंत

नई दिल्ली. चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का आयोजन हाइब्रिड मॉडल पर होने वाला है, जहां भारत को छोड़कर सभी टीमें पाकिस्तान में अपने-अपने मुकाबले खेलेंगी। चैंपियंस ट्रॉफी के मुकाबले पाकिस्तान में लाहौर, कराची और इस्लामाबाद में खेले जाएंगे, हालांकि भारत अपने मुकाबले किस जगह पर खेलेगा, इसको लेकर अभी संशय बरकरार है। इस बीच चैंपियंस ट्रॉफी के शेड्यूल को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। कई रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि चैंपियंस ट्रॉफी में भारत का पहला मुकाबला बांग्लादेश से हो सकता है। रेवस्पोर्ट्स के मुताबिक चैंपियंस ट्रॉफी की शुरुआत पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले मुकाबले के साथ होगी। भारत टूर्नामेंट के दूसरे दिन अपना पहला मुकाबला बांग्लादेश के खिलाफ खेल सकते हैं। इसके बाद चैंपियंस ट्रॉफी के हाईवोल्टेज मुकाबले में भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होंगी। ये मुकाबला 23 फरवरी को न्यूट्रल वेन्यू पर खेला जाएगा। भारत का अगला मुकाबला 2 मार्च को न्यूजीलैंड से होगा। टूर्नामेंट में आठ टीमें होंगी, जिन्हें दो ग्रुप में बांटा जाएगा। प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। पहले ग्रुप में पाकिस्तान, भारत, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश की टीम हो सकती है, जबकि दूसरे ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका, अफगानिस्तान और इंग्लैंड की टीमें हो सकती हैं। भारत ने सुरक्षा चिंताओं के कारण फरवरी-मार्च में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान की यात्रा करने से इनकार कर दिया था। भारतीय खिलाड़ियों ने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद से पाकिस्तान में कोई मैच नहीं खेला है, जिसमें 150 लोग मारे गए थे। दोनों देशों के बीच आखिरी द्विपक्षीय टूर्नामेंट 2012 में हुआ था। आईसीसी के अनुसार, ‘‘आईसीसी बोर्ड ने मंजूरी दे दी है कि 2024 से 2027 तक मौजूदा चक्र (जो भारत या पाकिस्तान में आयोजित किए जाने हैं) के दौरान आईसीसी टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले जाने वाले सभी मैच टूर्नामेंट के मेजबान द्वारा प्रस्तावित तटस्थ स्थल पर खेले जाएंगे। ’’ recent visitors 98

न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड और ICC का दल पहुंचा पाकिस्तान, फरवरी-मार्च में आईसीसी चैपियंस ट्रॉफी 2025 होनी है

नई दिल्ली न्यूजीलैंड क्रिकेट ने जनवरी में होने वाली त्रिकोणीय वनडे सीरीज से पहले सुरक्षा और अन्य इंतजामात का जायजा लेने एक दल पाकिस्तान भेजा है। मेजबान पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के अलावा सीरीज में दक्षिण अफ्रीका की टीम भी भाग लेगी। पाकिस्तान में फरवरी-मार्च में आईसीसी चैपियंस ट्रॉफी 2025 होनी है। न्यूजीलैंड के दल में सुरक्षा विशेषज्ञ रेग डिकासन और न्यूजीलैंड खिलाड़ियों के संघ के प्रतिनिधि ब्राड रोडेन हैं, जो कराची और लाहौर में सुरक्षा इंतजामों और अन्य तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे हैं। ICC का एक दल भी पहुंचा पाकिस्तान इसी दौरान आईसीसी का एक दल भी आठ टीमों की चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का आकलन करने पहुंचा है। आईसीसी दल ने लाहौर और रावलपिंडी जाने से पहले कराची के नेशनल स्टेडियम का दौरा किया। पीसीबी के एक अधिकारी ने कहा कि किसी भी बड़े टूर्नामेंट से पहले इस तरह का दौरा होता है। न्यूजीलैंड और आईसीसी के दल ने कराची, लाहौर और रावलपिंडी में स्टेडियम में चल रहे मरम्मत और नवीनीकरण के काम का जायजा लिया। पीसीबी चैम्पियंस ट्रॉफी से पहले स्टेडियम तैयार करने पर 12 अरब रुपये खर्च कर रहा है। चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर गतिरोध खत्म चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी को लेकर तनातनी आखिरकार 19 दिसंबर को खत्म हो गई जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने घोषणा की कि भारत 50 ओवर के इस टूर्नामेंट में अपने मैच मेजबान देश पाकिस्तान के बजाय किसी तटस्थ स्थल पर खेलेगा। वहीं, पाकिस्तान के लिए भी 2027 तक यही व्यवस्था लागू होगी और वह भारत में होने वाले टूर्नामेंट तटस्थ स्थलों पर खेलेगा। यह व्यवस्था चैंपियंस ट्रॉफी 2025 (पाकिस्तान), अगले साल भारत में होने वाले महिला क्रिकेट विश्व कप और 2026 में भारत और श्रीलंका में होने वाले टी20 विश्व कप में लागू होगी। भारत ने PAK जाने से किया इनकार आईसीसी के बयान के अनुसार, ‘‘आईसीसी बोर्ड ने मंजूरी दे दी है कि 2024 से 2027 तक मौजूदा चक्र (जो भारत या पाकिस्तान में आयोजित किए जाने हैं) के दौरान आईसीसी टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले जाने वाले सभी मैच टूर्नामेंट के मेजबान द्वारा प्रस्तावित तटस्थ स्थल पर खेले जाएंगे।’’ भारत ने सुरक्षा चिंताओं के कारण फरवरी-मार्च में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान की यात्रा करने से इनकार कर दिया था। भारतीय खिलाड़ियों ने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद से पाकिस्तान में कोई मैच नहीं खेला है। recent visitors 112

चैंपियंस ट्रॉफी से पीसीबी के लिए हटने का फैसला करना आसान नहीं होगा

कराची पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) अगर चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन को लेकर चल रहे गतिरोध के कारण अगले साल फरवरी मार्च में होने वाली इस 50 ओवर की प्रतियोगिता से हटने का फैसला करता है तो उसको राजस्व के भारी नुकसान के अलावा मुकदमों का भी सामना कर पड़ सकता है और वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलग-थलग भी पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की प्रतियोगिताओं के आयोजन से जुड़े एक वरिष्ठ क्रिकेट प्रशासक ने बुधवार को पीटीआई को बताया कि अगर आईसीसी और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) हाइब्रिड मॉडल को पूरी तरह से स्वीकार करने से इनकार करते हैं तो पीसीबी के लिए टूर्नामेंट से हटने का फैसला करना आसान नहीं होगा। इस अधिकारी ने कहा, ‘‘पाकिस्तान ने न केवल आईसीसी के साथ मेजबानी से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, बल्कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अन्य सभी देशों की तरह उसने आईसीसी के साथ सदस्यों की अनिवार्य भागीदारी से संबंधित समझौते (एमपीए) पर भी हस्ताक्षर किए हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आईसीसी की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए एमपीए पर हस्ताक्षर करने के बाद ही कोई सदस्य देश आईसीसी प्रतियोगिताओं से होने वाली कमाई का हिस्सा पाने का हकदार होता है।’’ अधिकारी में कहा, ‘‘सबसे महत्वपूर्ण बात किया है कि आईसीसी ने अपनी सभी प्रतियोगिताओं के लिए प्रसारक से समझौता किया है जिसमें उसने गारंटी दी है कि चैंपियंस ट्राफी सहित आईसीसी की प्रतियोगिताओं में उसके सभी सदस्य देश भाग लेंगे।’’ आईसीसी पिछले सप्ताह चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन हाइब्रिड मॉडल से करवाने पर सहमति हासिल करने में सफल रहा था। इसके अनुसार भारत अपने मैच दुबई में खेलेगा। इसके अलावा आईसीसी की 2027 तक होने वाली प्रतियोगिताओं में यह व्यवस्था बरकरार रहेगी। इसकी हालांकि अभी तक औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। अगर यह समझौता हो जाता है तो इसका मतलब होगा कि पाकिस्तान 2027 तक होने वाली आईसीसी प्रतियोगिताओं के लिए भारत का दौरा करने के लिए बाध्य नहीं होगा। प्रशासक ने कहा कि अगर पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफी से हटता है तो आईसीसी और यहां तक कि आईसीसी कार्यकारी बोर्ड में शामिल अन्य 16 सदस्य देश भी उसके खिलाफ मुकदमा कर सकते हैं। प्रसारक भी यह रास्ता अपना सकता है क्योंकि पाकिस्तान के बाहर हो जाने से सभी हितधारकों को नुकसान होगा। उन्होंने इसके साथ यह भी खुलासा किया कि पीसीबी को कार्यकारी बोर्ड के अन्य सदस्यों से ठोस समर्थन नहीं मिला।   recent visitors 68

पाकिस्तान ICC Champions Trophy 2025 का बहिष्कार करेगा तो, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलग-थलग भी पड़ सकता है

मुंबई  चैम्पियंस ट्रॉफी के आयोजन को लेकर चल रहे गतिरोध के कारण पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) अगर टूर्नामेंट से हटने का फैसला करता है तो उसे भारी नुकसान होगा. अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाली इस 50 ओवरों के टूर्नामेंट से हटने पर पीसीबी को न सिर्फ राजस्व का भारी नुकसान होगा, बल्कि उसे मुकदमों का भी सामना कर पड़ सकता है और वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलग-थलग भी पड़ सकता है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की प्रतियोगिताओं के आयोजन से जुड़े एक वरिष्ठ क्रिकेट प्रशासक ने बुधवार को पीटीआई को बताया कि अगर आईसीसी और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) हाइब्रिड मॉडल को पूरी तरह से स्वीकार करने से इनकार करते हैं तो पीसीबी के लिए टूर्नामेंट से हटने का फैसला करना आसान नहीं होगा. इस अधिकारी ने कहा, ‘पाकिस्तान ने न केवल आईसीसी के साथ मेजबानी से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, बल्कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अन्य सभी देशों की तरह उसने आईसीसी के साथ सदस्यों की अनिवार्य भागीदारी से संबंधित समझौते (MPA) पर भी हस्ताक्षर किए हैं.’ उन्होंने कहा, ‘आईसीसी की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए एमपीए पर हस्ताक्षर करने के बाद ही कोई सदस्य देश आईसीसी प्रतियोगिताओं से होने वाली कमाई का हिस्सा पाने का हकदार होता है.’ अधिकारी में कहा, ‘सबसे महत्वपूर्ण बात किया है कि आईसीसी ने अपनी सभी प्रतियोगिताओं के लिए प्रसारक से समझौता किया है, जिसमें उसने गारंटी दी है कि चैम्पियंस ट्रॉफी सहित आईसीसी की प्रतियोगिताओं में उसके सभी सदस्य देश भाग लेंगे.’ आईसीसी पिछले हफ्ते चैम्पियंस  ट्रॉफी का आयोजन हाइब्रिड मॉडल से करवाने पर सहमति हासिल करने में सफल रहा था. इसके अनुसार भारत अपने मैच दुबई में खेलेगा. इसके अलावा आईसीसी की 2027 तक होने वाली प्रतियोगिताओं में यह व्यवस्था बरकरार रहेगी. इसकी हालांकि अभी तक औपचारिक घोषणा नहीं की गई है. अगर यह समझौता हो जाता है तो इसका मतलब होगा कि पाकिस्तान 2027 तक होने वाली आईसीसी प्रतियोगिताओं के लिए भारत का दौरा करने के लिए बाध्य नहीं होगा. प्रशासक ने कहा कि अगर पाकिस्तान चैम्पियंस ट्रॉफी से हटता है तो आईसीसी और यहां तक कि आईसीसी कार्यकारी बोर्ड में शामिल अन्य 16 सदस्य देश भी उसके खिलाफ मुकदमा कर सकते हैं. प्रसारक भी यह रास्ता अपना सकता है क्योंकि पाकिस्तान के बाहर हो जाने से सभी हितधारकों को नुकसान होगा. उन्होंने इसके साथ यह भी खुलासा किया कि पीसीबी को कार्यकारी बोर्ड के अन्य सदस्यों से ठोस समर्थन नहीं मिला है. 1996 के बाद पाकिस्तान का यह पहला ICC इवेंट 1996 के वर्ल्ड कप आयोजन के बाद यह पाकिस्तान का पहला आईसीसी इवेंट है, तब भारत और पाकिस्तान भी इस आयोजन का को-होस्ट था. लेकिन फ‍िलहाल पाक‍िस्तान में इस टूर्नामेंट की संभावना बेहद कम है. 2012 में दोनों देशों के बीच हुई थी द्व‍िपक्षीय सीरीज भारत और पाकिस्तान ने 2012 के बाद से कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली है, लेकिन पिछले साल भारत में हुए वनडे वर्ल्ड कप सहित आईसीसी टूर्नामेंटों में वे एक-दूसरे का सामना करते रहे हैं. पिछले साल पाकिस्तान द्वारा आयोजित एशिया कप को भी हाइब्रिड मॉडल में बदल दिया गया था, क्योंकि भारत ने पाकिस्तान में खेलने से इनकार कर दिया था. भारत ने तब अपने सभी मैच श्रीलंका में खेले थे. 2017 के बाद पहली बार हो रहा है चैम्प‍ियंस ट्रॉफी का आयोजन चैम्पियंस ट्रॉफी 2017 के बाद ICC कैलेंडर में वापसी कर रही है. इसको  'हाइब्रिड' मॉडल में बदला जा सकता है, जिसमें भारत अपने सभी मैच किसी दूसरे स्थान पर खेल सकता है, संभवतः UAE में… जबकि टूर्नामेंट का बाकी हिस्सा पाकिस्तान द्वारा आयोजित किया जाएगा. पाकिस्तान ने 2017 में इंग्लैंड में आयोजित चैम्पियंस ट्रॉफी के पिछले संस्करण को जीता था. वह इस बार 19 फरवरी से 9 मार्च तक होने वाले टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा. भारत ने साल 2008 से पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है. भारतीय टीम आखिरी बार 2008 में एशिया कप के लिए पाकिस्तान गई थी. भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज आखिरी बार 2012-13 में हुई थी. इसके बाद दोनों टीमों के बीच सिर्फ एशिया कप और आईसीसी टूर्नमेंट में ही मुलाकात हुई है. बहिष्कार के साथ राशिद को सता रहा इस बात का डर हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान राशिद लतीफ ने कहा कि पाकिस्तान को अब चैंपियंस ट्रॉफी का बहिष्कार कर देना चाहिए। बीसीसीआई के इस कदम से पहले पीसीबी को यह कदम उठाना चाहिए। चैंपियंस ट्रॉफी अब और नहीं होनी चाहिए। हमें हमेशा बलि का बकरा बनाया गया है। चाहे वह अफगान युद्ध हो या क्रिकेट। पीसीबी, एसीबी और आईसीसी एक जैसे हैं, वे बीसीसीआई के खिलाफ नहीं लड़ सकते। उन्हें पाकिस्तान को आगे धकेलने का मौका मिल गया है। हमने हाथ मिलाया है और इसके खिलाफ लड़ रहे हैं, लेकिन एकमात्र डर यह है कि अगर भारत ने बहिष्कार किया तो हम कहां खड़े होंगे? मुख्य प्रसारणकर्ता स्टार इंडिया ने आईसीसी को दी चेतावनी इस मुद्दे की जड़ बीसीसीआई और पीसीबी के बीच चल रहा तनाव है, जिसमें भारत सरकार अपनी क्रिकेट टीम को पाकिस्तान नहीं भेजने के लिए दृढ़ संकल्पित है। वित्तीय निहितार्थ बहुत बड़े हैं। मुख्य प्रसारणकर्ता स्टार इंडिया ने आईसीसी को चेतावनी दी है कि भारत के हटने से टूर्नामेंट के मीडिया अधिकारों का 90 प्रतिशत मूल्य खत्म हो जाएगा। जबकि पाकिस्‍तान के हटने पर 10 प्रतिशत मूूूल्‍य कम होगा। recent visitors 61

चैंपियंस ट्रॉफ़ी पर चर्चा के लिए आईसीसी ने 26 नवम्बर को अपनी बोर्ड की आपात बैठक बुलाई

दुबई आईसीसी ने 26 नवम्बर को अपनी बोर्ड की आपात बैठक बुलाई है, जिसमें 2025 चैंपियंस ट्रॉफ़ी पर चर्चा की जाएगी। ईएसपीएन क्रिकइंफो को यह जानकारी मिली है कि बैठक का एकमात्र एजेंडा यह है कि क्या टूर्नामेंट के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाया जाए, जिसमें पाकिस्तान और किसी अन्य देश में इसे आयोजित किया जाए। टूर्नामेंट की संभावित शुरुआत से 100 दिन से भी कम समय बचा है। मेज़बान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने इसे 19 फ़रवरी से 9 मार्च तक आयोजित करने के लिए निर्धारित किया है। हालांकि आईसीसी ने अभी तक शेड्यूल जारी नहीं किया है। लेकिन इस पर अभी इससे भी ज़्यादा बड़ा रोड़ा अटका हुआ है। बीसीसीआई ने आईसीसी को सूचित किया है कि भारतीय सरकार ने रोहित शर्मा की टीम को पाकिस्तान यात्रा करने की अनुमति नहीं दी है। पाकिस्तान को नवंबर 2021 में इस आठ-टीम के वनडे टूर्नामेंट की मेज़बानी के अधिकार दिए गए थे और वह तीन वेन्यूज़ – लाहौर, कराची और रावलपिंडी में पूरे टूर्नामेंट का आयोजन करने के लिए अडिग है। पाकिस्तान में इस सप्ताह मीडिया से बात करते हुए पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नक़वी ने कहा था कि उन्हें चैंपियंस ट्रॉफ़ी पाकिस्तान में आयोजित होने के बारे में “सकारात्मक अपेक्षाएं” हैं। नक़वी पाकिस्तान सरकार के गृह मंत्रालय के प्रमुख भी हैं, उन्होंने कहा कि वह बीसीसीआई से इस गतिरोध को तोड़ने के लिए संवाद करने के लिए तैयार हैं। पीसीबी आईसीसी से इस बात का जवाब पाने का इंतज़ार कर रहा है कि भारत को पाकिस्तान यात्रा करने की अनुमति क्यों नहीं दी जा सकती।” यह लगातार दूसरा वर्ष है जब पाकिस्तान को भारत की वजह से टूर्नामेंट को हाइब्रिड मॉडल पर आयोजित करने के प्रश्न से जूझना पड़ा है। पिछले वर्ष एशिया कप के लिए भी भारत ने पाकिस्तान जाने से मना कर दिया था, जिसके चलते टूर्नामेंट को हाइब्रिड मॉडल पर पाकिस्तान और श्रीलंका में आयोजित करना पड़ा था। इसके ठीक बाद पाकिस्तान को वनडे वर्ल्ड कप के लिए भारत की यात्रा करनी पड़ी थी, पीसीबी ने हाल ही में कहा था कि उसने यह फ़ैसला इसलिए किया था ताकि इसके चलते उसे चैंपियंस ट्रॉफ़ी केवल पाकिस्तान में ही आयोजित किए जाने का ठोस आधार मिलेगा। इसी सप्ताह की शुरुआत में भारत को टी20 ब्लाइंड क्रिकेट वर्ल्ड कप से अपना नाम वापस लेना पड़ा था क्योंकि भारतीय टीम को सरकार से पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं मिल पाई थी।   recent visitors 68