जुआ खेलते समय पुलिस को देखकर भाग रहा था, छत्तीसगढ़-बालोद के गांव में युवक की कुएं में गिरकर मौत

बालोद। गुरूर थाना क्षेत्र के टेंगनाबरपारा गांव में एक युवक की कुएं में गिरने से मौत हो गई। मृतक की पहचान मोरध्वज ठाकुर (23 वर्ष) पुत्र कृषणा ठाकुर के रूप में हुई है। घटना उस समय हुई जब युवक को पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने तास खेलते हुए देखा, जिसके बाद वह घबराकर दौड़ने लगा और कुएं में जा गिरा। इस दुखद घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश भड़क उठा और उन्होंने जमकर बवाल काटा। थाना प्रभारी तूल सिंह पाटवी ने बताया कि बीती रात पेट्रोलिंग टीम गांव में गश्त कर रही थी। इसी दौरान टेंगनाबरपारा गांव में कुछ लोग जुआ खेल रहे थे। जैसे ही पेट्रोलिंग वाहन की सायरन की आवाज जुआ खेलने वालों तक पहुंची, लोग भागने लगे, जिसमें मोरध्वज कुएं में गिर गया और उसकी मौत हो गई। इसके बाद सुबह शव को कुएं से निकालकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि पुलिस चुपचाप तास खेलने वालों को पकड़ लेती, तो मोरध्वज की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने इस पूरे मामले में पुलिस की लापरवाही की निंदा की और उचित कार्रवाई की मांग की है। recent visitors 56

चरित्र शंका पर होता था विवाद, छत्तीसगढ़-बालोद में पति ने पीट-पीटकर की पत्नी की हत्या

बालोद। चरित्र पर शंका करने की वजह से पति ने बीती रात पत्नी की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी. पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होते रहता था. घटना के बाद पुलिस आरोपी पति को गिरफ्तार कर जांच में जुटी है. पूरा मामला बालोद थाना क्षेत्र के हर्राठेमा गांव का है, जहां आरोपी पति टम्मन गावड़े ने बीती रात अपनी पत्नी अश्वनी बाई से विवाद होने के बाद डंडे से पिटाई कर मौत के घाट उतार दिया. घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ज्यादा रात होने की वजह से घर को सील कर दिया था. आज पुलिस मौके पर पहुंचकर औपचारिक कार्रवाई करेगी. घटना को लेकर गांव में रात भर चर्चा का बाजार गर्म रहा. पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होते रहता था. घटना के बाद पुलिस आरोपी पति को गिरफ्तार कर जांच में जुटी है. पूरा मामला बालोद थाना क्षेत्र के हर्राठेमा गांव का है, जहां आरोपी पति टम्मन गावड़े ने बीती रात अपनी पत्नी अश्वनी बाई से विवाद होने के बाद डंडे से पिटाई कर मौत के घाट उतार दिया. recent visitors 95

दो मासूमों सहित मां ने खाया जहर, छत्तीसगढ़-बालोद में बच्चों की लड़ाई भिड़ीं देवरानी-जेठानी

बालोद. छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आ रही है जहां पर घरेलू विवाद के बाद एक मां ने अपने दो मासूम बच्चों के साथ कीटनाशक का सेवन कर लिया और आत्महत्या की कोशिश की गंभीर अवस्था में तीनों को अर्जुंदा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जिसके बाद महिला की गंभीर अवस्था को देखते हुए उसे राजनांदगांव हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। वहीं दोनों बच्चों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है पूरा मामला अर्जुंदा थाना क्षेत्र के ग्राम कुरदी का बताया जा रहा है। बच्चों की लड़ाई बड़ों तक पहुंची और गुस्से में आकर जेठानी डुमेंश्वरी साहू ने कीटनाशक की दवाई खरीदकर लाई। फिर अपने दो मासूम बच्चे हिमांसी 4 वर्ष और जागेन्द्र 7 वर्ष को कीटनाशक दवाई पिला दी और खुद भी कीटनाशक पी लिया। जांच में जुटी पुलिस अर्जुंदा थाना प्रभारी प्रदीप सिंह कंवर ने बताया कि मामले में अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार सभी के बयान लिए जा रहे हैं और प्रारंभिक जांच शुरू कर दिया गया है पारिवारिक विवाद होने का कारण सामने आ रहा है, फिलहाल मासूम बच्चे और उसकी मां की स्थिति सामान्य होने के बाद भी जांच को आगे बढ़ाया जा सकेगा। घरेलू विवाद था मामला गांव के सरपंच संजय साहू ने बताया कि सामान्य घरेलू विवाद के कारण इस तरह का घटना घट गया उन्होंने कहा कि दो देवरानी जेठानी के बीच लड़ाई हुई और इस लड़ाई की शुरुआत दो बच्चों के साथ थी परंतु बच्चों की यह लड़ाई बड़ों में पहुंच गई उसके बाद जो उसकी देरानी थी वह खेत चली गई और उसकी जो जेठानी है उसमें दुकान जाकर कीटनाशक खरीद कर सेवन कर लिया और अपने बच्चों को भी पिला दिया समय रहते उन्हें अस्पताल ले जाया गया है उन्होंने कहा कि हम लगातार हायर सेंटर राजनांदगांव संपर्क में है अभी महिला की हालत सामान्य बताई जा रही है। recent visitors 78

ठेकेदार पर अनदेखी का आरोप, छत्तीसगढ़-भिलाई इस्पात संयत्र प्रबंधन और निर्माणाधीन कंपनी के खिलाफ उतरे 500 मजदूर

बालोद. जिले के लौहनगरी के नाम से पहचान बनाने वाले दल्लीराजहरा में भिलाई इस्पात संयत्र अंतर्गत नवनिर्मित पैलेट एंड पावर प्लांट के मजदूरों ने बीएसपी प्रबंधन और निर्माणाधीन कंपनी जगन्नाथ पैलेट एंड पावर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वहीं मजदूर निर्माण कार्य को बंदकर प्लांट के सामने धरने पर बैठ गए हैं। पूरे मामले को लेकर आंदोलन कर रहे मजदूरों कि मानें तो जगन्नाथ पैलेट प्लांट कम्पनी के प्रबंधन द्वारा लगातार मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। मजदूरों को श्रम कानून के तहत निर्धारित छह घंटे के बजाय आठ घंटे काम लिया जाता है। यही नहीं कंपनी द्वारा यहां काम कर रहे मजदूरों के सुरक्षा को लेकर किसी तरह का ध्यान नहीं दिया जा रहा है और इसी के चलते बीते दिनों दो मजदूर लोमेश्वर मसीह एवं योगेश बारेझर करीब 60 फ़ीट की ऊंचाई पर काम करते समय नीचे गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए। जिसके बाद भी प्रबंधन द्वारा घायल मजदूरों को समुचित इलाज सुविधा उपलब्ध नही करने के चलते मजदूरों द्वारा अपने साथियों का इलाज दल्लीराजहरा के एक निजी अस्पताल में कराया जा रहा है। मजदूर सुरेंद्र कुमार बंसोड़े ने बताया कि एक मजदूर का हड्डी टूट गया है, और एक का पैर के घुटने की हड्डी टूट गई है। तहसीलदार, टीआई भी धमकी देकर गए है। न ही प्रशासन और न ही बीएसपी मैनेजमेंट मजदूरो का साथ दे रहा हैं। सेफ्टी रूल्स रेगुलेशन की अनदेखी संबंधित ठेकेदार के द्वारा सेफ्टी रूल्स रेगुलेशन की अनदेखी की जा रही है, सुरक्षा मानकों के नाम पर सिर्फ मजदूरो की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा हैं, जिसमें बीएसपी प्रबंधन भी कोई हस्तक्षेप नहीं कर रहा है और न किसी प्रकार की कार्यवाही। यहां यह कहना गलत नहीं होगा कि बीएसपी प्रबंधन की ठेकेदार से मिलीभगत हैं। बिना सेफ्टी बेल्ट के मजदूर ऊंचाई पर काम कर रहे हैं। जिसके कारण इस तरह के हादसे हो रहे हैं। करोड़ों की लागत से बन रहे प्लांट में काम कर रहे मजूदरों की सुरक्षा का जिम्मा ठेकेदार व बीएसपी प्रबंधन का है। लेकिन उन्हें मजदूरों की सुरक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। इतने दिनों से माइंस के अंदर काम कर रहे किसी भी मजदूर का गेट पास नहीं बनाया गया है। कलेक्ट्रेट जनदर्शन में ग्रामीण मजदूर कर चुके हैं शिकायत आपको बता दे एक माह पूर्व ही इस कंपनी में कार्यरत क्षेत्र मजदूर के जिसमे धोबेदंड के आश्रित ग्राम कोडेकसा, झीकाटोला, दर्रेकसा और कुंजामटोला के ग्रामीणों ने बालोद कलेक्ट्रेट में कम्पनी प्रबंधन के खिलाफ शिकायत किया था। जिसमे कम्पनी पर यहां काम कर रहे ग्रामीण मजदूरों को गेट पास ट्रेनिंग उपलब्ध नही करने की शिकायत की गई थी। जिसके चलते इन मजदूरों को समुचित सुविधा नही मिल पा रही हैं। वही हाल ही में हुए हादसे ने मजदूरों के शिकायत पर मुहर लगा दी। वही मामले को लेकर जब मीडिया द्वारा कम्पनी के प्रबंधक से बात करने का प्रयास किया तो प्रबंधक ने मीडिया से मिलने से ही मना कर दिया गया। बहरहाल मजदूरों का यह आंदोलन आगे क्या रुख इख्तियार करती है, यह देखना होगा। बीएसपी के अफसरों को देखने तक की फुर्सत नहीं कार्यरत ग्रामीण मजदूरो को सुरक्षा ट्रेनिंग नहीं दी गई हैं। ए-फार्म रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया है। मजदूरों से 8 की जगह 12 घंटे काम लिया जा रहा है। इस दौरान बीएसपी प्रबंधन का अड़ियल रवैय्या सामने आया है। और यह आज की बात नहीं है, बीएसपी प्रबंधन के द्वारा लगातार मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। मजदूरों को दी जाने वाली सुविधाएं से उन्हें वंचित किया जा रहा है। बीएसपी प्रबंधन ठेकेदारों से मिलीभगत कर मजदूरो का अहित में करने में लगा हुआ है। इस दौरान भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने कहा है कि ठेकेदार मनमानी कर रहा है, 60 फीट ऊंचाई में मजदूर बिना सेफ्टी बेल्ट लगाए काम कर रहे है। इसे देखने बीएसपी के अधिकारियों को फुर्सत नहीं है। मनमानी के विरोध में 500 मजदूर धरने पर बैठ गए ठेकेदार की मनमानी व अधिकारियों की अनदेखी के चलते विरोध में गुरुवार से लगभग 400 मजदूर धरने पर बैठ गए। यह सिलसिला शनिवार तक अनवरत जारी रहा। मजदूर सुरेंद्र कुमार हंसर, नमन बंसोड़े, विकास कुमार साहू का कहना है कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर ठेकेदार ध्यान नहीं दे रहा है। सुरक्षा ट्रेनिंग नहीं कराया गया है। वेतन भुगतान कर मस्टर रोल में हस्ताक्षर नहीं कराया जाता है। मजदूरो की माने तो जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। मजदूरो ने आगे बताया कि उन्हें धोखे में रखकर काम करवाया जा रहा है, प्लांट बता फैक्ट्री का निर्माण किया जा रहा है। न आज तलक रजिस्ट्रेशन हुआ है। recent visitors 75

तलाश में जुटी पुलिस, छत्तीसगढ़-बालोद में साइकिल अनियंत्रित होने से नहर में गिरा किसान

बालोद. बालोद जिले के गुंडरदेही थाना क्षेत्र के ग्राम हल्दी में एक किसान साइकिल अनियंत्रित होने से नहर में जा गिरा। जिसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल पाया है। किसान की पहचना हरिदास मानिकपुरी (65) के रूप में हुई है। मौके पर सूचना के बाद पुलिस पहुंची। लेकिन घटना के 12 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। अपने खेतों के काम कर शाम के वक्त लौटते समय किसान के साथ यह हादसा हुआ। थाना प्रभारी लक्ष्मी जयसवाल ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली तो तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची आसपास के ग्रामीणों से बात भी की गई। उसके बाद पुलिस द्वारा रात के अंधेरे में किसान को तलाश किया गया। आधी रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। परंतु काफी अंधेरा और जलाशय के पानी का तेज बहाव होने के कारण हमें सफलता नहीं मिली है। अब आज सुबह किसान को ढूंढने का प्रयास शुरू किया है। गांव के ढालेंद्र सार्वा ने बताया कि जब किसान नहर में बह रहा था तो उन्होंने आवाज देकर बताया कि मैं हरी हूं और नहर में बह रहा हूं। जिसके बाद पूरी घटना की जानकारी मिली। आज सभी गांव वाले यहां पर उसे ढूंढने के लिए आए हुए हैं परंतु रात के अंधेरे में काफी दिक्कतें हुईं। recent visitors 76

मुराद पूरी होने पर चढ़ाते हैं मिट्टी और सीमेंट के घोड़े, छत्तीसगढ़-बालोद में बाबा हरदेव का अनोखा मंदिर

बालोद। जब कोई चीज इंसान के बूते से बाहर हो जाती है तो वह ईश्वरीय शक्ति पर भरोसा करते हुए मन्नत मांगता है. बालोद जिले में ऐसा ही एक अनोखा मंदिर है, जहां मन्नत पूरी होने पर मिट्टी और सीमेंट से बने घोड़े चढ़ाने की परम्परा है. हम आपको बालोद जिला में स्थित एक ऐसी मंदिर के बारे में बतलाने जा रहे हैं. बालोद जिला मुख्यालय से लगभग 40 दूर ग्राम डेंगरापार में स्थापित हरदेवलाल बाबा का मंदिर है, हरदेवलाल बाबा का मंदिर में वर्षों से चली आ रही परम्परा के अनुसार, मुरादें पूरी होने पर श्रद्धालु साल में एक दिन बाबा को सीमेंट या मिट्टी से बने घोड़े और हाथी बाबा को समर्पित करते हैं. प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष नवरात्र दशहरे के बाद प्रथम मंगलवार को हरदेवलाल बाबा के दरबार मे विशाल देव दशहरा मेले का आयोजन हुआ. इस दौरान भक्तों ने विशेष पूजा-अर्चना कर बाबा को उनकी सवारी मिट्टी और सीमेंट से बने घोड़े, हाथी समर्पित किया गया. इस वर्ष 500 से अधिक प्रतिमा बाबा को भेंट किया गया. recent visitors 61

पुलिस समेत अन्य घायल, छत्तीसगढ़-बालोद में विचाराधीन कैदी के पिता की शव यात्रा में मधुमक्खियों का हमला

बालोद. छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के अर्जुन्दा नगर में अंतिम संस्कार के दौरान मधुमक्खियों ने लोगों कर हमला कर दिया और लगभग 15 लोगों को मधुमक्खियों ने डंक मारा। आनन-फानन में सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जिनका इलाज किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि शव को मुक्ति धाम जलाने के लिए ले जाने के दौरान मधुमक्खियों ने हमला किया। इसमें दो पुलिस कर्मी एक विचाराधीन आरोपी समेत 15 लोग घायल हुए हैं। यहां पर विचाराधीन आरोपी के पिता का अंतिम संस्कार का कार्यक्रम होना था, इसी दरम्यान ये हादसा हुआ है। जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना दाऊपारा की बताई जा रही है। अंतिम संस्कार के दौरान मधुमक्खियों के हमले से लोग यहां-वहां भागने लगे। जिससे अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने जैसे-तैसे अपनी जान बचाई। यह पूरा मामला एक विचाराधीन कैदी के पिता के अंतिम संस्कार के दौरान का है। पूरे मामले पर स्वास्थ्य विभाग की टीम बचाव कार्य में जुटी हुई है। अर्जुंदा थाना प्रभारी प्रदीप कंवर ने बताया कि घटना की जानकारी है लेकिन क्या-क्या हुआ है, मैं नहीं बता सकता। हमारे एक विचाराधीन कैदी को मधुमक्खी ने काटा है। जिसका नाम प्रवीण चंदेल है और उसकी स्थिति कैसी है, इसकी जानकारी अस्पताल से मिलेगी। मुझे इस संदर्भ में जानकारी नहीं है। जानिए पूरी घटना दरअसल रविवार को अर्जुंदा नगर के रहने वाले 65 वर्षीय किशोर चंदेल की मौत हो गई। किशोर का बेटा प्रवीण चंदेल डॉक्टर के साथ मारपीट के मामले में जेल में था। जिसे पिता का अंतिम संस्कार करने के लिए न्यायालय से अनुमति मिली। अनुमति मिलने के बाद प्रवीण चंदेल तीन पुलिस कर्मियों के साथ अपने घर पहुंच कर अपने पिता की अंतिम यात्रा में शामिल हुआ। इसके बाद अन्य रिश्तेदारों और सगे संबंधियों के साथ मृतक किशोर चंदेल की अंतिम यात्रा निकाली गई और जैसे ही मुक्तिधाम पहुंचने वाले थे, उससे कुछ ही दूर पहले अचानक मधुमक्खियां आ गईं और शव यात्रा में शामिल लोगों पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के झुंड के हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सभी लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। ये आए चपेट में घटना में विचारधीन कैदी प्रवीण चंदेल, मुकेश गलबीर, एसपी खान, योगेश्वर, एके चंदेल, पंकज, आशिफ, रितेश, तुलेश्वर, रोमन, राकेश, दानेद्र, प्रहलाद को मधुमक्खियों ने डंक मारा। उन्हें तत्काल अर्जुंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। 10 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति सामान्य होने के चलते हैं छुट्टी दे दी गई। recent visitors 79