अलाव बना सहारा, छत्तीसगढ़-पेंड्रा गौरेला मरवाही में पहाड़ी बर्फबारी और सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन

पेंड्रा गौरेला मरवाही. अमरकंटक की तराई में बसे पेंड्रा गौरेला मरवाही इलाके में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। दो दिन पहले घने कोहरे से पूरा क्षेत्र कोहरे की चादर में लपटा नजर आने के बाद जब मौसम साफ हुआ तो ठंड का एहसास कुछ ज्यादा ही हो रहा है। मौसम खुलते ही तापमान नीचे की ओर लुढका और यहां न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रो में ओस की बूंदे भी जमने लगी हैं। दिसंबर के महीने में पेंड्रा गौरेला मरवाही इलाके में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई। उत्तर भारत मे हो रही बर्फबारी का असर इस इलाके में भी देखने को मिल रहा है। इलाके का तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।यहां दिन के वक्त धूप न निकलने की वजह से ठंड का एहसास कुछ ज्यादा ही हो रहा है। ठंड की वजह से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग आग से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। इलाके में कड़ाके की ठंड शुरू होते ही स्कूली बच्चों की स्कूल टाइमिंग में भी जिला प्रशासन के द्वारा बदलाव कर दिया गया है। recent visitors 50

पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण अलाव बना सहारा, छत्तीसगढ़-पेंड्रा गौरेला मरवाही में सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन

पेंड्रा गौरेला मरवाही. अमरकंटक की तराई में बसे पेंड्रा गौरेला मरवाही इलाके में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। दो दिन पहले घने कोहरे से पूरा क्षेत्र कोहरे की चादर में लपटा नजर आने के बाद जब मौसम साफ हुआ तो ठंड का एहसास कुछ ज्यादा ही हो रहा है। मौसम खुलते ही तापमान नीचे की ओर लुढका और यहां न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रो में ओस की बूंदे भी जमने लगी हैं। दिसंबर के महीने में पेंड्रा गौरेला मरवाही इलाके में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई। उत्तर भारत मे हो रही बर्फबारी का असर इस इलाके में भी देखने को मिल रहा है। इलाके का तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। यहां दिन के वक्त धूप न निकलने की वजह से ठंड का एहसास कुछ ज्यादा ही हो रहा है। ठंड की वजह से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग आग से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। इलाके में कड़ाके की ठंड शुरू होते ही स्कूली बच्चों की स्कूल टाइमिंग में भी जिला प्रशासन के द्वारा बदलाव कर दिया गया है। recent visitors 75