युवाओं से चर्चा कर साथ में चखे फरा-चटनी, छत्तीसगढ़-रायपुर की तक्षशिला लाइब्रेरी पहुंचे डिप्टी सीएम साव

रायपुर. छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव राजधानी में रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के कार्यों का निरीक्षण किया। रायपुर के घड़ी चौक के पास मल्टी-लेवल पार्किंग में संचालित बीपीओ, मोतीबाग के पास तक्षशिला स्मार्ट रीडिंग जोन और जयस्तंभ चौक के पास मल्टी-लेवल पार्किंग में संचालित इनक्युबेशन सेंटर 'आरंभ' में युवाओं के बीच पहुंचे। इस दौरान प्रशिक्षण और कार्यों की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री साव ने घड़ी चौक के पास मल्टी-लेवल पार्किंग में संचालित बीपीओ के भ्रमण के दौरान यहां काम कर रहे और प्रशिक्षण ले रहे युवाओं से मुलाकात की। उनके कार्यों के बारे में जाना। उन्होंने युवाओं से चर्चा कर बीपीओ में उनके कार्यानुभव और करियर के बारे में पूछा। उन्होंने यहां हायर सेकंडरी स्कूल के बच्चों और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए संचालित कोचिंग-क्लास का भी अवलोकन किया। डिप्टी सीएम साव ने तक्षशिला स्मार्ट रीडिंग जोन और लाइब्रेरी का भ्रमण कर यहां विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने यहां पढ़ने आए बच्चों से उनकी पढ़ाई-लिखाई, परीक्षाओं की तैयारी और लाइब्रेरी में मिल रही सुविधाओं के बारे में पूछा। उन्होंने लाइब्रेरी में संस्कृति स्वसहायता समूह द्वारा संचालित कैंटीन की व्यवस्था देखी। उन्होंने साव ने कैंटीन में बच्चों के साथ बैठकर फरा-चटनी, सैंडविच और कुल्हड़ में चाय का स्वाद भी लिया। इस दौरान उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि, रूचियों, करियर और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को अपनी शुभकामनाएं दीं। डिप्टी सीएम ने जयस्तंभ चौक के पास मल्टी-लेवल पार्किंग में संचालित इनक्युबेशन सेंटर 'आरंभ' का भी अवलोकन किया। वे यहां ई-कॉमर्स, स्टार्ट-अप और ई-मार्केटिंग का प्रशिक्षण ले रहे युवाओं से मिले और उनसे चर्चा कर प्रशिक्षण एवं उनके कार्यों की जानकारी ली। recent visitors 83

CM साय ने सेना के अदम्य साहस को सराहा, छत्तीसगढ़-रायपुर में सैन्य प्रदर्शनी एक दिन और बढ़ी

रायपुर. छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर स्थित साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित भव्य सैन्य समारोह और प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय का जैकेट पहनाकर सेना ने अपने अंदाज में स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय ने दो दिवसीय सैन्य प्रदर्शनी को आम नागरिकों के उत्साह को देखते हुए एक दिन बढ़ाने की घोषणा की। अब प्रदर्शनी का आयोजन सात अक्टूबर तक किया जाएगा। प्रदर्शनी दिन में सुबह आठ बजे से दस बजे तक एवं शाम को छह बजे से रात आठ बजे तक आयोजित की जायेगी। प्रदर्शनी में भीष्म टी-90 टैंक, बीएमपी, एल-70 और अन्य आधुनिक सैन्य उपकरणों का अवलोकन कर सकेंगे, जिनका उपयोग हमारे सशस्त्र बलों ने दुश्मनों के खिलाफ विजय प्राप्त करने में किया है। इसके साथ-साथ आप पैरा जंपिंग, खुखरी डांस, डेयर डेविल मोटरसाइकलिंग और घुड़सवारी जैसे हैरतअंगेज और अद्भुत प्रदर्शन का आनंद भी ले पाएंगे। सीएम साय ने प्रदर्शनी के मुख्य आकर्षण में से एक टैंक टी-90 भीष्म का भी अवलोकन किया और इसकी क्षमता और विशेषता की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने सेना में उपयोग होने वाले अत्याधुनिक हथियारों, ड्रोन, रायफल सहित भूतपूर्व सैनिकों के लिए चलाई जा रही योजनाओं, अग्निपथ योजना, छत्तीसगढ़ हर्बल्स के स्टाल का अवलोकन किया। सैन्य प्रदर्शनी के दौरान भारतीय सेना द्वारा युद्ध में उपयोग किए गए तथा वर्तमान में उपयोग किये जा रहे विभिन्न हथियारों, टैंक, रायफल आदि का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी में ऐसे टैंक और हथियार भी शामिल हैं, जो वर्तमान में उपयोग में नहीं है और सेना ने इसे एक धरोहर के रूप में संजो कर रखा है। साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी स्टालों का अवलोकन किया और सेना के अधिकारियों से जानकारी ली। सैन्य प्रदर्शनी समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस प्रदर्शनी में अपनी सेना की ताकत, उनकी क्षमता और हमारे वीर जवानों के शौर्य को देखकर रोमांचित और गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों में देशभक्ति का जज्बा जगाने के लिए सेना का एक अकेला जवान ही काफी होता है। सेना की वर्दी में किसी चुस्त-दुरूस्त जवान को देखकर ही हमारे भीतर जोश आ जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर जब हम कर्तव्य-पथ पर अपने सैनिकों को परेड करते हुए देखते हैं, तब हर भारतीय के मन में विचार अवश्य आता है कि काश हम भी भारतीय सेना का हिस्सा होते। उन्होंने कहा कि हमारी यह सेना संख्या दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेनाओं में गिनी जाती है। हमारी यह सेना अपने अनुशासन और दक्षता के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। recent visitors 75

रैली निकालकर किया स्वागत, छत्तीसगढ़-रायपुर में सशस्त्र सैन्य समारोह में पहुंचा सेना का भीष्म टी-90 टैंक

रायपुर। भारतीय सेना का भीष्म टी-90 टैंक और अन्य आर्टिलरी आज राजधानी रायपुर पहुंचा, जिसका शहर में रैली निकालकर स्वागत किया गया. बता दें कि रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में 5 और 6 अक्टूबर को सैन्य शक्ति प्रदर्शन आर्मी मेले का एक बड़ा आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भारतीय सैनिकों का जौहर देखने का मौका मिलेगा. इसी के तहत तैयारियां जोरों से जारी है. जिला प्रशासन की ओर से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित स्वागत समारोह में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, एसएसपी संतोष कुमार सिंह और नगर निगम आयुक्त अविनाश मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों ने भीष्म टैंक का स्वागत किया. इसके बाद एक रैली के रूप में टैंक और अन्य सैन्य उपकरणों को तेलीबांधा, मरीन ड्राइव, कलेक्ट्रेट, जयस्तंभ और आश्रम चौक होते हुए साइंस कॉलेज मैदान तक ले जाया गया. रैली के दौरान रायपुर के नागरिकों में खासा उत्साह देखने को मिला. सैकड़ों लोग इस शानदार रैली को अपने मोबाइल फोन में कैद करते हुए नजर आए. इस कार्यक्रम को लेकर राजधानी में सकारात्मक माहौल बना हुआ है और नागरिक इसे लेकर उत्सुक हैं. recent visitors 64

रविशंकर विश्वविद्यालय के छात्रों ने किया अर्धनग्न प्रदर्शन, छत्तीसगढ़-रायपुर के छात्रावास में प्रताड़ना

रायपुर. छत्तीसगढ़ के एक छात्रवास में छात्रों के साथ जातिगत भेदभाव का मामला सामने आया है। छात्रों ने जातिगत भेदभाव और प्रताड़ना के खिलाफ रात को अर्धनग्न प्रदर्शन किया। यह मामला रायपुर के पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के शहीद चंद्रशेखर आजाद छात्रावास का है। अर्धनग्न प्रदर्शन करने वाले छात्रों का आरोप है कि उन्हें प्रताड़ित किया गया, निजी काम कराया जा रहा है। कुलसचिव ने धमकाया है। वार्डन ने प्रताड़ित किया। छात्रों ने हॉस्टल वार्डन कमलेश शुक्ला पर एफआईआर और कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। छात्रों का आरोप है कि कुलसचिव शैलेंद्र पटेल और अधीक्षक कमलेश शुक्ला ने उन्हें धमकाया और प्रताड़ित किया है। उनका कहा है कि वार्डन उन्हें दोनों अधिकारियों की दोस्ती का हवाला देकर धमकाता है। वहीं कुलसचिव शैलेंद्र पटेल ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। छात्रों ने विश्वविद्यालय के उच्च अधिकारियों, सांसद और मंत्री सहित अन्य प्राधिकरण को पत्र लिखकर छात्रावास अधीक्षक और बायोटेक्निक विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कमलेश शुक्ला पर छात्रों के प्रति दुर्व्यवहार और प्रताड़ना का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी ओर प्रोफेसर कमलेश शुक्ला को पद से हटाने की मांग की थी। इसपर उन्हें पद से हटाया दिया गया है, लेकिन छात्र इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि अधीक्षक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ एफआईआर भी दर्ज होनी चाहिए। छात्र अब पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की मांग कर रही है। recent visitors 98

SI और ASI समेत 55 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर, छत्तीसगढ़-रायपुर पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल

रायपुर. रायपुर पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल हुआ है। विभाग ने एसआई, एएसआई और हेड कांस्टेबल समेत 55 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर किया गया है। जारी आदेश के अनुसार, छह एसआई, 13 एएसआई, एक महिला प्रधान आरक्षक, 10 प्रधान आरक्षक और 25 आरक्षकों का तबादला किया गया है। इसे लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने देर रात आदेश जारी किया है। पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों के अनुसार, इन तबादलों का मुख्य उद्देश्य (cg police officer transfer) राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में कानून और व्यवस्था बनाए रखना है और पुलिस बल को बेहतर ढंग से तैनात करना है ताकि शहर में सुरक्षा और शांति व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके. recent visitors 70

केन्द्रीय सामाजिक न्याय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र और मुख्यमंत्री साय शामिल, छत्तीसगढ़-रायपुर में 17वां ’दिव्य कला मेला’ शुरू

रायपुर. रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई मैदान में 17वें ’दिव्य कला मेला’ का शुभारंभ किया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने रायपुर में जमीन मिलने पर दिव्यांगजन पार्क निर्माण कराने की घोषणा की, जिस पर मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर में इस पार्क के निर्माण के लिए 5 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की घोषणा की। रायपुर में ‘‘दिव्य कला मेला‘‘ 16 अगस्त 2024 से 23 अगस्त 2024 तक आयोजित किया जाएगा। सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। केन्द्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्य कला मेला, दिव्यांग भाई-बहनों के अद्वितीय कौशल और उद्यमशीलता का उत्कृष्ट प्रदर्शन है। दिव्यांगजनों में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें प्रोत्साहित करने और आगे बढ़ाने की है। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि देश के सर्वांगीण विकास में दिव्यांगजनों की भी महत्वपूर्ण भूमिका हो सके। प्रधानमंत्री मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत का सपना तब ही पूर्ण हो पाएगा, जब हमारे दिव्यांग भाई-बहन आत्मनिर्भर और सशक्त बनेंगे। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव में संचालित राज्य संसाधन केंद्र (सीआरसी) के नए भवन बनने के बाद वहां दिव्यांगजनों के लिए डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों में भी ’दिव्य कला मेला’ का आयोजन किया जाएगा। इनके स्थान का निर्धारण मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मेले में लगभग 60 स्टॉल लगाए गए हैं। यहां आने वाले अन्य राज्यों के व्यंजनों का रसास्वादन कर सकेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों को पहले अनेक नामों से संबोधित किया जाता था, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें दिव्यांगजन का नाम दिया। उन्होंने बताया कि दिव्यांगों की 7 श्रेणियों को बढ़ाकर 21 श्रेणियां की गई है। शासकीय नौकरी में आरक्षण को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत किया गया है। शासकीय विद्यालयों और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में प्रवेश के लिए आरक्षण को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत किया गया है। दिव्यांगजनों के लिए सुगम भारत अभियान के तहत शासकीय भवनों, रेल्वे स्टेशनों, एयरपोर्ट में रैम्प तथा अलग शौचालय बनाए गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने 16 से 22 अगस्त तक रायपुर में आयोजित दिव्य कला मेला को 23 अगस्त तक आयोजित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस मेले में दिव्यांगजन उद्यमियों और कलाकारों आने-जाने, ठहरने और स्टॉल उपलब्ध कराने की निःशुल्क व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम द्वारा दिव्यांगजनों को व्यवसाय हेतु रियायती दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग भी प्रदान किए जाते हैं। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा 75 दिव्यांग विद्यार्थियों को नेशनल ओव्हरसीज स्कॉलरशिप प्रदान की जाती है। इस वर्ष इसके लिए अब तक 25 आवेदन प्राप्त हुए है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि दिव्य कला मेला ने दिव्यांगजन की रचनात्मकता, कौशल, और सृजनशीलता को एक मंच प्रदान किया गया है, जिससे वे अपने उत्पादों को देश-विदेश में प्रदर्शित कर सकें। उन्होंने कहा कि दिव्य कला मेला के पिछले सफल आयोजनों ने न सिर्फ दिव्यांगजन की भागीदारी को बढ़ावा दिया है, बल्कि उनके आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को भी सुनिश्चित किया है। मुख्यमंत्री ने लोगों से दिव्य कला मेले में अधिक से अधिक संख्या में आने और दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित उत्पादों को देखने, परखने और खरीदने का आग्रह किया, ताकि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण में सहायता मिले। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह मेला दिव्यांगजन के लिए न सिर्फ आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम है, बल्कि सामाजिक समरसता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ भी है। उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों में दिव्यांगजन को रियायती ऋण की स्वीकृति में हुई बाधाओं को दूर करते हुए, आज 25 लोगों को ऋण स्वीकृति पत्र जारी करना एक नई शुरुआत का प्रतीक है। एनडीएफडीसी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने दिव्यांगजन के आर्थिक विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए इस मेले का आयोजन एक ऐतिहासिक अवसर है। जिसमें 16 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के दिव्यांग उद्यमी और कलाकार अपने उत्पाद लेकर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दिव्यांगजनों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रहे हैं। समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में पहली बार दिव्य कला मेला का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के दिव्यांगजन यदि कुछ नया सोचते है तो राज्य सरकार उन्हें अपने सपने को साकार करने के लिए प्रोत्साहन देगी। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने के लिए 12 योजनाएं संचालित की जा रही हैं। रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री श्री वीरेन्द्र कुमार से छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजन पार्क का निर्माण कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को सहानुभूति की नहीं प्रोत्साहन की जरूरत है। उनकी प्रतिभा को सामने लाने और आगे बढ़ाने की जरूरत है। कार्यक्रम में आकांक्षा इंस्टिट्यूट के दिव्यांग विद्यार्थियों ने मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने इन विद्यार्थियों को पुरूस्कार स्वरूप 51 हजार रूपए की राशि का चेक प्रदान किया। केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने 4 दिव्यांगजनों को मोटराईज्ड ट्रायसाइकिल तथा एक दिव्यांग को ट्रायसाइकिल तथा 11 दिव्यांग हितग्राहियों को ट्रेक्टर, ई-रिक्शा क्रय, ट्रेक्टर ट्रॉली, मेडिकल स्टोर, रेडीमेट गारमेंट, किराया दुकान, सेंट्रींग प्लेट, टेंट हाउस व्यवसाय के लिए ऋण राशि के चेक वितरित किए। केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार और मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण किया। मेले में देश भर के दिव्यांग उद्यमियों कारीगरों के जम्मू और कश्मीर, पूर्वाेत्तर राज्यों सहित अनेक राज्यों के उत्पादों हस्तशिल्प, हथकरघा, कढ़ाई का काम, राखियां, पैकेज्ड फूड, गृह सज्जा और जीवन शैली से संबंधित वस्तुएं, कपड़े, स्टेशनरी और पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद, ऑर्गेनिक उत्पाद, खिलौने, पेंटिंग और उपहार, व्यक्तिगत सहायक उपकरण, आभूषण, क्लच वेग आदि उत्पाद प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उपलब्ध हैं। भारत … Read more

आवास-पर्यावण-आयुष्मान-कृषि-नल जल योजना गिनाई, छत्तीसगढ़-सीएम साय ने रायपुर में फहराया तिरंगा

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद परेड की सलामी ली। सीएम साय ने  आज सवेरे राजधानी रायपुर के पुलिस परेड मैदान में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। उन्होंने प्रदेशवासियों को 78वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा जलवायु परिवर्तन को देखते हुए प्रकृति की रक्षा और संरक्षण में योगदान देना हमारा कर्तव्य है…इस दिशा में, मैं सभी से पौधे लगाने का आग्रह करता हूं। जलवायु परिवर्तन के संकट को देखते हुए हम सबका कर्तव्य है कि पर्यावरण को बेहतर बनाने में अपनी भागीदारी दें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ’‘एक पेड़ माँ के नाम’‘ अभियान आरंभ किया है। मैंने अपने गृह ग्राम बगिया में इस अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष का पौधा लगाया है। रायपुर में मुख्यमंत्री निवास में मैंने दहीमन का पौधा लगाया है। आप भी एक पौधा जरूर लगाएं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भारत को वर्ष 2047 तक विकसित देश बनाने के संकल्प में छत्तीसगढ़ प्रभावी भूमिका अदा कर रहा है। हमारी सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को लेकर राज्य के चहुंमुखी विकास के लिए नई-नई योजनाएं तैयार कर रही है। उन्होंने राज्य की जनता को 78वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों के कठिन संघर्ष और बलिदान से हमें आजादी मिली है। आजादी के लिए हमारे पुरखों ने अंग्रेजी साम्राज्यवाद के विरूद्ध लंबा संघर्ष किया। उनके बलिदान और संघर्षों के फलस्वरूप मिली आजादी को हमें अक्षुण बनाए रखना है। लोकतांत्रिक ताकतों को मजबूत बनाना है। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह में ध्वजारोहण के बाद प्रदेशवासियों को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में पूरे देश के स्वाधीनता सेनानियों के साथ ही छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने भारत माता की परतंत्रता की बेड़ियों को तोड़ने के लिए जो अनथक मेहनत की, उसके सुखद परिणाम स्वरूप आज हम स्वतंत्र वातावरण में साँस ले रहे हैं। देश के अन्य हिस्सों की तरह छत्तीसगढ़ में शहीद गेंद सिंह, शहीद धुरवा राव, शहीद यादव राव, शहीद वेंकट राव, वीर गुंडाधुर, शहीद डेबरी धुर, शहीद आयतु माहरा, शहीद वीर नारायण सिंह जैसे हमारे अनेक ऐतिहासिक नायकों ने अंग्रेजी हुकूमत को उखाड़ फेकने के लिए अदम्य साहस का परिचय देते हुए जनमानस में स्वाधीनता की अलख जगायी। आज जिस स्वतंत्रता का उपभोग कर रहे हैं, वह हमारे पुरखों के बलिदान का प्रतिफल है। उन्होंने कहा  कि बाबा साहेब अम्बेडकर का संविधान आज लोकतंत्र को आगे बढ़ने की राह दिखा रहा है। यह हमारे लिए एक प्रकाश स्तंभ है। बरसों पहले बाबा गुरु घासीदास जी ने समता मूलक समाज का आदर्श हम सबके सामने रखा था, जो बाबा साहेब द्वारा निर्मित संविधान में फलीभूत हुआ। उनके संविधान में कबीर की वाणी का सार भी है, जो भारत के नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ समानता प्रदान करती है। लोकतंत्र में भरोसे का संकट सबसे बड़ा संकट होता है। यह तंत्र निश्चित ही जनता का अपने प्रतिनिधियों पर भरोसा कायम रखने से ही चलता है। छत्तीसगढ़ सरकार की बागडोर संभालने के बाद हमारी सबसे बड़ी चुनौती इसी भरोसे को बहाल करने की थी। हमें यह कहते हुए संतोेष हो रहा है कि हमारी सरकार ने आपसे किये अधिकांश वायदों को पूरा कर विश्वास को फिर से स्थापित किया है। हमारे संविधान निर्माताओं का सपना ऐसे ही मजबूत लोकतंत्र का था, जहां जनता और उसकी चुनी हुई सरकार भरोसे की ऐसी ही मजबूत डोर में बंधी रहे। वास्तव में यह लोकतंत्र का मजबूत रक्षासूत्र है, जिसे कभी भी किसी भी लोकसेवक को कमजोर नहीं करना चाहिए। साय ने आगे कहा कि हमारे राज्य निर्माता भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय स्वर्गीय अटल जी ने छत्तीसगढ़ का निर्माण प्रदेश के व्यापक आर्थिक विकास एवं प्रदेश की सुंदर संस्कृति के संरक्षण के लिए किया। हमारा दायित्व है कि ‘हमने ही बनाया है, हम ही संवारेंगे’ के संकल्प के साथ प्रदेश के नवनिर्माण में पूरी लगन से जुट कर अटल जी का सपना साकार करें। विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देकर हम पूर्वजों की इस परंपरा को आगे बढ़ाने का यश हासिल कर सकते हैं, यही हमारा कर्तव्य भी है। आज के दिन हम उन पूर्वजों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं जिन्होंने आपातकाल के कठिन दौर में संविधान की मशाल को बुझने नहीं दिया। देश भर में हजारों लोकतंत्र सेनानियों ने इमरजेंसी का विरोध किया और इसके प्रतिरोध में जेल की सजा और अन्य यातनाएँ भुगतीं। अगले वर्ष 25 जून को इमरजेंसी के पचास बरस पूरे हो जाएंगे। इस वर्ष ‘‘आपातकाल स्मृति दिवस‘‘ के अवसर पर 25 जून के दिन हमें अपने प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों का आशीर्वाद मिला है। मुझे यह कहते हुए प्रसन्नता हो रही है कि अपने लोकतंत्र सेनानियों के प्रति कृतज्ञता-ज्ञापित करने हेतु पिछले पांच वर्षों से रुकी उनकी सम्मान निधि हमारी सरकार द्वारा पुनः प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दिन हम अपने उन जवानों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जो हमारे प्रदेश में लोकतंत्र विरोधी, नक्सलवादी आतंक से पूरे साहस और जज्बे के साथ मुकाबला कर रहे हैं। बीते आठ महीनों में हमारे जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए 146 नक्सलियों को मार गिराया है। इस दौरान हमने 32 नये सुरक्षा कैंप खोले हैं और आने वाले दिनों में 29 नये कैंप शुरू करने जा रहे हैं। आज कई वर्षों बाद क्षेत्र की जनता सुरक्षित महसूस कर रही है, जिसका कारण हमारे वीर जवानों की मेहनत व पराक्रम है। अब बस्तर तीव्र विकास के लिए है तैयार   नक्सलवादी घटनाओं से निपटने के लिए अनुसंधान और अभियोजन की कार्रवाई और भी प्रभावी रूप से हो सके, इसके लिए हमने राज्य अन्वेषण एजेंसी (एसआईए) का गठन किया है। बस्तर की जनता नक्सलियों से त्रस्त हो चुकी है और विकास के मार्ग पर सरपट दौड़ने को तैयार है। उन्होंने कहा कि अन्दरूनी क्षेत्रों में नये कैंपों का विस्तार कर लोगों को आतंक से मुक्ति देने के साथ ही इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने का काम भी युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। इसके लिए हमने ‘’नियद नेल्लानार’’ योजना शुरू की … Read more