नमी के कारण बढ़ने लगी ठंड, छत्तीसगढ़- दक्षिणी भागों में दो दिनों तक बारिश के आसार

रायपुर. छत्तीसगढ़ में इन दोनों मौसम का मिजाज बदला हुआ है। सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने के साथ ही पूरे दिन आकाश आंशिक मेघमय रहेगा। इसके साथ ही प्रदेश में आगामी चार दिनों में दक्षिणी भागों में हल्की मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं आगामी दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस वृद्धि होने की संभावना है। इन दिनों प्रदेश में भरपूर मात्रा में नमी का आगमन हो रहा है, जिससे ठंड बढ़ने लगी है। आज रविवार को दक्षिणी भागों के एक-दो जगह पर बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान 'फेंजल' दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 30 नवंबर की शाम उत्तरी तमिलनाडु तट को पार करने की संभावना है।  इसके प्रभाव से आज रविवार को सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। वहीं सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। साथ ही नमी हवाओं का आगमन हो रहा है। फेंजल के प्रभाव से प्राय के एक-दो जगह पर हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। साथ ही आगामी कुछ दिनों तक बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि चक्रवती तूफान 'फेंजल' के प्रभाव से प्रदेश में भरपूर मात्रा में नमी का प्रवेश हो रहा है। जिससे ठंड और बढ़ने लगी है। सुबह के समय घना कोहरा छाए रहे। वहीं आज दिन भर आकाश आंशिक मेघमय रहने की संभावना है। आगामी दो दिनों बाद प्रदेश में ऐसी मौसम बने रहने की संभावना है। साथ ही हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। बीते दिनों की तुलना में इन दिनों न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी। शनिवार को न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री बढ़ोतरी हुई है। मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि आगामी तीन दिनों तक प्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी की संभावना है। इस दौरान एक से दो डिग्री बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि इस बीच प्रदेश में भरपूर मात्रा में नमी के आगमन हो रही है। इससे ठंड बढ़ने लगी है। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दंतेवाड़ा में 28.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 9. 3 डिग्री दर्ज किया गया है। रायपुर में न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से 2.8 डिग्री ज्यादा रहा। recent visitors 48

15 हजार आवासों की स्वीकृति, छत्तीसगढ़-आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत मिलेगा आवास

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत 15 हजार आवासों की स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों और पीड़ित परिवारों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए यह पहल एक बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 15 हजार आवास केवल मकान नहीं बल्कि उन परिवारों के लिए सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक हैं। हमारी सरकार इस योजना को पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ लागू करेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रदेश के विकास और शांति स्थापना की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि नक्सल पीड़ित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को बेहतर जीवन देने के लिए हमारी सरकार संकल्पबद्ध है। पीड़ित परिवारों को आवास मिल जाने से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। यह योजना सामाजिक समरसता और विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि इस योजना में विशेष रूप से उन परिवारों को शामिल किया जाएगा जिनका नाम सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना 2011 और आवास प्लस 2018 की सूची में शामिल नहीं था। इन नामों को छह दिसंबर 2024 तक आवास प्लस पोर्टल पर अपलोड करने की अनुमति केंद्र सरकार की ओर से दी गई है। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास देने की स्वीकृति के लिए निवेदन किया था परिणामस्वरूप 15 हजार आवास की स्वीकृति भारत सरकार से दी गयी है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस विशेष परियोजना के तहत पुलिस अधीक्षक जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत को आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों की सूची प्रदान करेंगे। इसके बाद जिला पंचायत द्वारा इस सूची का सर्वेक्षण और सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन उपरांत कलेक्टर के माध्यम से लाभार्थियों के लिए भूमि का चिन्हांकन किया जाएगा। इसके आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना के दिशानिर्देशों के अनुरूप आवास निर्माण की प्रक्रिया आरंभ होगी।   recent visitors 75

अमित जोगी ने किया ट्वीट, छत्तीसगढ़-जोगी कांग्रेस करेगी ईवीएम से सभी चुनावों का बहिष्कार

रायपुर. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे (जेसीसीजे) ने ईवीएम से चुनाव कराये जाने का बहिष्कार किया है। इस संबंध में पार्टी की कोर कमेटी ने निर्णय लिया है कि “जब तक भारत में ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के माध्यम से चुनाव कराये जाएंगे, तब तक वो सभी गैर एनडीए राजनीतिक दलों से ऐसे सभी चुनावों का सीधे बहिष्कार करने का आह्वान करेगी। भारत के संविधान में प्रजातांत्रिक प्रक्रिया में देश के मतदाताओं का पुनः विश्वास स्थापित करने के लिये बैलट पेपर से चुनाव कराने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। इस संबंध में जेसीसीजे के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्वीट कर लिखा कि 'जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की कोर कमिटी ने निर्णय लिया है कि “जब तक भारत में ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के माध्यम से चुनाव कराये जाएँगे, तब तक वो सभी ग़ैर-एनडीए राजनीतिक दलों से ऐसे सभी चुनावों का सिधे बहिष्कार करने का आह्वान करेगी।” भारत के संविधान में प्रजातांत्रिक प्रक्रिया में देश के मतदाताओं का पुनः विश्वास स्थापित करने हेतु बैलट पेपर से चुनाव कराने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। recent visitors 52

कई हिस्सों में बारिश के आसार, छत्तीसगढ़ में सुबह से छाया रहा घना कोहरा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में आज सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। घना कोहरा छाया हुआ है। चक्रवाती तूफान की वजह से प्रदेश में भरपूर मात्रा में नमी का प्रवेश हो रहा है। इससे ठंड बढ़ने लगी है। आज शनिवार से प्रदेश के कई जिलों में हल्की मध्यम बारिश के आसार हैं। वहीं अंबिकापुर में सबसे ज्यादा ठंड रहा। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान 'फेंजल' दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 30 नवंबर की दोपहर उत्तरी तमिलनाडु तट को पार करने की संभावना है।  इसके प्रभाव से आज शनिवार को छत्तीसगढ़ में एक-दो जगह पर हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। साथी आगामी कुछ दिनों तक सुबह के समय घना कोहरा और बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में स्थित चक्रवती तूफान 'फेंजल' के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में नमी का प्रवेश हो रहा है। इसकी वजह से न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सुबह के समय घना कोहरा छाए रहे। वहीं आज दिन भर आकाश आंशिक मेघमय रहने की संभावना है। आगामी दो दिनों बाद प्रदेश में ऐसी मौसम बने रहने की संभावना है। साथ ही हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान दुर्ग में 30.8 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है। वही सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 7.2 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि आगामी तीन दिनों तक प्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी की संभावना है। हालांकि प्रदेश में भरपूर मात्रा में नमी के आगमन की वजह से ठंड बढ़ने लगी है। recent visitors 74

हाईकोर्ट में याचिका पर आज होगी सुनवाई, छत्तीसगढ़-नान घोटाले में पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा को मिलेगी अग्रिम जमानत!

रायपुर। पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा की अग्रिम जमानत याचिका पर आज छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में जस्टिस रविंद्र अग्रवाल के सिंगल बेंच में सुनवाई होगी. वर्मा के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने बहुचर्चित नान घोटाला पर मामला दर्ज किया है. मामले में वर्मा ने पहले रायपुर एडीजे न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी, जिसके खारिज होने के बाद उन्होंने उच्च न्यायालय की शरण ली है. जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने डॉ. आलोक शुक्ला, अनिल टुटेजा, सतीश चंद्र वर्मा और अन्य पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धाराओं 7, 7क, 8, और 13(2) और भारतीय दंड संहिता की धाराएं 182, 211, 193, 195-ए, 166-ए, और 120बी के तहत अपराध दर्ज किया है. ईओडब्ल्यू की ओर से दर्ज एफआईआर के अनुसार, पूर्व आईएएस डॉ. आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा ने तत्कालीन महाधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा से पद का दुरूपयोग करते हुए लाभ लिया. दोनों अफसरों ने तत्कालीन महाअधिवक्ता वर्मा को लोक कर्तव्य को गलत तरीके से करने के लिए प्रेरित किया था. ईओडब्ल्यू का आरोप है कि इसके बाद तीनों ने मिलकर एजेंसी (ईओडब्ल्यू) में काम करने वाले उच्चाधिकारियों से प्रक्रियात्मक दस्तावेज और विभागीय जानकारी में बदलाव करवाया, ताकि नागरिक आपूर्ति निगम के खिलाफ 2015 में दर्ज एक मामले में अपने पक्ष में जवाब तैयार कर हाईकोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रख सकें और उन्हें अग्रिम जमानत मिल सके. recent visitors 61

सीएम साय ने ट्वीट कर दी जानकारी, छत्तीसगढ़ में विभागों के 8900 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू

रायपुर। छत्तीसगढ़ में विभिन्न विभागों में 8900 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है. इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया के जरिए दी. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट किए अपने पोस्ट में बताया कि आज नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण, विद्युत निरीक्षक कार्यालय एवं न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में कुल 151 पदों पर भर्ती को स्वीकृति दी है. इन नई भर्तियों से न केवल विभागों की दक्षता और कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं को नई दिशा और गति भी मिलेगी. उन्होंने बताया कि अब तक उनकी सरकार ने 19 विभागों में कुल 8971 पदों पर भर्ती को स्वीकृति दी है, जो प्रदेश के मेधावी छात्रों को, शासकीय सेवा के उनके सपने को साकार करने का सुनहरा अवसर प्रदान कर रही है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने संदेश दिया कि प्रदेश के होनहार युवा, अपने लक्ष्य को पाने के लिए पूरी मेहनत और लगन से तैयारी करें. हमारी सरकार आपके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. ''आज नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण, विद्युत निरीक्षक कार्यालय एवं न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में कुल 151 पदों पर भर्ती को स्वीकृति दी है। इन नई भर्तियों से न केवल विभागों की दक्षता और कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं को नई दिशा और गति भी…'' — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) November 27, 2024 recent visitors 56

आज ही के दिन राजभाषा आयोग ने पारित किया था विधेयक, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री साय ने दी छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस की बधाई

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस अवसर पर बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने अपने बधाई संदेश में कहा है कि 'छत्तीसगढ़ी भाखा म हमर माटी के महक आथे। छत्तीसगढ़ी भाखा हमर अभिमान ए। सब अपन भाखा ला मान देहू तभे वो आघू बढ़ही'। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास के  लिए छत्तीसगढ़ी को दैनिक बोलचाल के साथ साहित्य सृजन और प्रचार-प्रसार की भाषा बनाने की आवश्यकता है। हमें अपने पारंपरिक संस्कारों को बढ़ावा देने के साथ उनका परिचय नई पीढ़ी से कराना भी जरूरी है। छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस हर साल 28 नवंबर को मनाया जाता है। इस दिन को राजभाषा दिवस के रूप में मनाने की वजह यह है कि 28 नवंबर 2007 को छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग विधेयक पारित किया गया था। इस विधेयक के पास होने के बाद ही हर साल 28 नवंबर को राजभाषा दिवस मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग का गठन छत्तीसगढ़ी के प्रचलन, विकास, और राजकाज में इस्तेमाल के लिए किया गया था। छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग की पहली कार्यकारी बैठक 14 अगस्त, 2008 को हुई थी। इस दिन को छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का 'कार्यालय स्थापना दिवस' के रूप में मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग के पहले सचिव पद्मश्री डॉ सुरेंद्र दुबे थे। छत्तीसगढ़ी को दक्षिण कोसली और कोसली भी कहा जाता है। आस-पास के पहाड़ी लोग छत्तीसगढ़ी को खालताही कहते हैं। ओडिशा से छत्तीसगढ़ के पड़ोसी क्षेत्रों में रहने वाले लोग छत्तीसगढ़ी को लारिया कहते हैं। recent visitors 63