गांवों में संविधान यात्रा-ग्राम सभा और स्कूलों में होंगे कार्यक्रम, छत्तीसगढ़ में संविधान दिवस के 75वें वर्ष पर मन रहा स्मरणोत्सव

रायपुर. भारतीय संविधान के 75वें वर्ष पूर्ण होने पर 26 नवंबर 2024 से सालभर स्मरणोत्सव का आयोजन किया जाएगा। वर्ष भर चलने वाले इस स्मरणोत्सव को ‘हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान‘ के टैगलाइन के तहत संचालित किया जाएगा। स्मरणोत्सव का यह आयोजन चार स्तंभों संविधान की प्रस्तावना, अपने संविधान को जानें, संविधान का निर्माण और संविधान के गौरव विषय पर केन्द्रित होगी। संविधान दिवस 26 नवम्बर को मुख्य कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री के साथ सभी मंत्री, विधायक और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा संविधान की प्रस्तावना वाचन किया जाएगा। संविधान दिवस पर स्कूलों और कॉलेजों में प्रश्नोत्तरी वाद-विवाद एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। साथ ही इस मौके पर अनुसूचित जाति, जनजाति गांवों में 15 दिवसीय संविधान यात्रा निकाली जाएगी। कार्यक्रम सार्वजनिक स्थान पर बड़ी संख्या में लोगों के साथ आयोजित किया जाएगा। उक्त कार्यक्रम में भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय द्वारा संविधान के ऊपर निर्मित फिल्म का प्रदर्शन भी किया जाएगा। रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में संविधान निर्माण में राज्य के विशिष्ट लोगों की भूमिका को केन्द्रित किया जाएगा तथा संविधान से संबंधित कला-प्रदर्शनी प्रदर्शित की जाएगी। संविधान दिवस पर आयोजित इस कार्यकम के लिए संस्कृति विभाग नोडल विभाग होगा एवं की गई सभी कार्यवाहियों की जानकारी एवं छायाचित्र को भारत सरकार की वेबसाइट में अपलोड होगा। पंचायतों में संविधान यात्रा का होगा आयोजन संविधान दिवस के अवसर पर पंचायतों में 15 दिवसीय संविधान यात्रा का भी आयोजन किया जाएगा। ये यात्राएं अनुसूचित जाति, जनजाति की आबादी के बहुलता वाले गांवों में आयेाजित की जाएगी। यात्रा के दौरान, जहां भी बाबा साहेब की प्रतिमाएं होंगी, उन पर पुष्पांजलि अर्पित किया जाएगा। ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का भी आयोजन होगा, जिसमें संविधान के अनुच्छेद 51ए के तहत नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों को पढ़ा और समझाया जाएगा। साथ ही इस मौके पर जीवित स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित किया जाएगा। संविधान सभा के सदस्यों से जुड़े गांवों में, जिसमें संविधान सभा की महिला सदस्यों के योगदान पर विशेष जोर देते हुए विशेष समारोह आयोजित किए जाएंगे। स्कूलों और कॉलेजों में होंगे कई कार्यक्रम स्कूलों और कॉलेजों में संविधान के प्रावधान, संविधान निर्माण की प्रकिया, मौलिक अधिकार, कर्तव्य एवं राज्य के नीति-निर्देशक सिद्धांत तथा नवीनतम संशोधन आदि विषयों पर प्रश्नोत्तरी आयोजित किया जाएगा। साथ ही नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों तथा अन्य संवैधानिक मुद्दों पर वाद-विवाद सेमिनार, जिसमें सामाजिक सशक्तिकरण, महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने, समय के साथ चुनौतियों का सामना करने के लिए संविधान को लचीला बनाने तथा नवीनतम तथा प्रमुख संशोधनों पर विशेष ध्यान दिए जाने के लिए आयोजित करेंगे। स्कूली बच्चों को https://www.mygov.in पर MyGov प्रतियोगिताओं और MyBharat.gov.in पर युवा सहभागिता गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। recent visitors 144

‘मोदी का करिश्मा आज भी जनता के सर चढ़कर बोल रहा’, छत्तीसगढ़-CM साय ने प्रधानमंत्री को दिया क्रेडिट

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महाराष्ट्र समेत देश के अन्य राज्यों में हुए उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया और कहा कि उनका करिश्मा आज भी जनता के सर चढ़कर बोल रहा है। सीएम ने भाजपा की सफलता को पीएम मोदी की जनहितकारी आर्थिक नीतियों पर जनता के भरोसे की मुहर बताया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया एक्स पर अपने आधिकारिक अकाउंट पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा- ”आज आये चुनाव परिणाम की अगर समग्रता में बात करें तो, देशभर में जिस तरह की शानदार जीत हमें मिली है, उससे एक बार और स्पष्ट हुआ है कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का करिश्मा आज भी जनता के सर चढ़ कर बोल रहा है। महाराष्ट्र बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण राज्य है। मुंबई, देश की आर्थिक राजधानी कही जाती है। वहां पर भाजपा को मिली अपार सफलता वास्तव में मोदीजी की जनहितकारी आर्थिक नीतियों पर भी जनता के भरोसे की मुहर है।” सीएम साय ने अपनी पोस्ट में आगे कहा कि- ”यूपी की जनता ने भी यह बताया है कि वहां भी मोदी जी और योगी जी के कार्यों के प्रति अपार समर्थन है। राज्यों में हुए उपचुनाव के परिणाम भाजपा शासित राज्यों की नीतियों और कार्यों पर जनादेश है। यूपी के अलावा भी बात चाहे बिहार की हो, राजस्थान या पड़ोसी मध्यप्रदेश की, हर जगह भाजपा को अच्छी सफलता मिली है। भारतीय जनता ने पार्टी की झोली भर दी है। हां! झारखंड का जनादेश हमारी अपेक्षा के अनुकूल नहीं आये। हम वहां के जनादेश को भी विनम्रता से स्वीकार करते हैं।” सीएम साय ने कहा ”आज आया जनादेश समग्रता में भाजपा के लिए काफी उत्साहजनक है। रायपुर दक्षिण का जनादेश कहीं न कहीं आगामी निकाय चुनाव की सफलता का संकेत भी है। ऐसा इसलिए क्योंकि किसी भी राजधानी की सीट मुख्यतया समूचे प्रदेश का प्रतिनिधि सीट होती है। राजधानी में प्रदेश में हर कोने से लोग आ कर बसे होते हैं। इस परिणाम ने निकाय चुनाव के प्रति भी हमें और अधिक आशान्वित किया है। माननीय मोदी जी, हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा जी, अमित शाह जी और सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई। राजग गठबंधन के सभी नेताओं को भी बधाई। मतदाताओं को धन्यवाद। अभिनंदन।” CM साय की एक्स पोस्ट – आज आये चुनाव परिणाम की अगर समग्रता में बात करें तो, देश भर में जिस तरह की शानदार जीत हमें मिली है, उससे एक बार और स्पष्ट हुआ है कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी का करिश्मा आज भी जनता के सर चढ़ कर बोल रहा है। महाराष्ट्र बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण राज्य है। मुंबई, देश की…     — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) November 23, 2024 recent visitors 72

एग्रीस्टेक परियोजना से कृषकों मिलेगा लाभ, छत्तीसगढ़-डिजिटल कृषि से घर बैठे होंगे सभी काम

रायपुर. छत्तीसगढ़ अब डिजिटल कृषि की ओर अग्रसर है। एग्रीस्टैक परियोजना के तहत डिजिटल कृषि को बढ़ावा मिलेगी। राज्य के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए डिजिटल कृषि को बढ़ावा देने के लिए एग्रीस्टैक परियोजना संचालित की जा रही है। इसके तहत ग्राम का जियो रिफ्रेसिंग सर्वेक्षण नक्शा, राजस्व संबंधित अधिकार अभिलेख और डिजिटल फसल सर्वेक्षण का काम किया जा रहा है। पॉयलेट प्रोजेक्ट के तहत 20 जिलों में जियो रिफ्रेसिंग तकनीक से सर्वे कर नक्शा तैयार करने का काम चल रहा है। अब तक 10 हजार 243 गांवों में यह काम पूरा कर लिया गया है। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में एग्रीस्टेक परियोजना के तहत डिजिटल फसल सर्वेक्षण तीन जिलों में पूर्ण रूप किया जा रहा है। 16 जिलों की एक-एक तहसील में भी फसल सर्वेक्षण किया जा रहा है। आगामी दिनों में राज्य के सभी जिलों में डिजिटल फसल सर्वे का काम होगा। इस परियोजना में कृषकों का पंजीयन किया जा रहा है। इसके माध्यम से कृषकों को केन्द्र और राज्य सरकार के योजनाओं का पारदर्शी ढंग से लाभ मिलेगा। मोबाइल एप के माध्यम से पंजीयन स्वयं किसान और युवा कर सकेंगे। इसके अलावा कॉमन सर्विस सेंटर, वेबसाइट के माध्यम से पटवारी कर सकेंगे। कृषक पंजीयन के लिए कॉमन सर्विस सेंटर में प्रत्येक ई-केवाईसी के लिए 15 रुपये की दर निर्धारित की गई है। जानें क्या है एग्रीस्टेक परियोजना किसानों के लिए एक डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र है। इससे किसानों को कई तरह की सुविधाएं मिलेगी। सस्ता ऋण, अच्छी क्वालिटी के कृषि इनपुट, स्थानीय सलाह, बाज़ारों तक आसान पहुंच, सरकारों को किसानों के लिए योजनाएं बनाने और लागू करने में मदद मिलेगी। एग्रीस्टेक के तहत, किसानों की सभी जानकारी एक जगह इकट्ठा की जाएगी। इसमें उनकी पहचान, भूमि रिकॉर्ड, आय, बीमा, ऋण, फसल विवरण और राजस्व इतिहास शामिल होगा। किसानों की पहचान के लिए, उन्हें एक डिजिटल आईडी दी जाएगी, जो आधार कार्ड की तरह काम करेगी। इस आईडी में किसानों से जुड़े कई तरह के डेटा होंगे। recent visitors 92

CM साय ने सशक्त भारत निर्माण में बताया महत्वपूर्ण, छत्तीसगढ़िया लोक संस्कृति की दिल्ली में राज्य दिवस पर दिखी झलक

रायपुर। देश की राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और कला के बड़ी संख्या में लोग साक्षी बने. मौका था 43वें भारत अंतरर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ राज्य दिवस समारोह का, जहां एमफी थियेटर में छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों ने मनोहर सांस्कृतिक प्रस्तुति दी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य दिवस समारोह का शुभारंभ किया. उन्होंने छत्तीसगढ़ पवेलियन में अलग-अलग स्टॉलों का भ्रमण कर कलाकारों को प्रोत्साहित किया. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में राज्य को “संभावनाओं की भूमि” बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अब “सशक्त भारत” के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास, कृषि में नवाचार और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं. हमारा उद्देश्य राज्य को शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है. छत्तीसगढ़ अपनी सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक विकास के संयोजन के साथ एक वैश्विक पहचान बनाने के लिए तैयार है. सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ से आये कलाकारों ने छत्तीसगढ़ में विभिन्न उत्सवों, तीज त्योहारों पर किए जाने वाले नृत्यों की प्रस्तुति दी. दर्शकों ने भरपूर तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया. छत्तीसगढ़ी लोकमंच पर गौरा-गौरी, भोजली, राउत नाचा, सुआ और पंथी जैसे पारंपरिक लोक नृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दी गई. नृत्य के माध्यम से कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की लोक कला और सांस्कृतिक विविधता का जीवंत प्रस्तुतिकरण किया. कलाकारों ने गौरा-गौरी और भोजली की धार्मिक परंपरा, सुआ नृत्य के भावपूर्ण गीत, और राउत नाचा के माध्यम से छत्तीसगढ़ की जीवंत लोक परंपराओं से दर्शकों को रूबरू कराया. इसके साथ ही पंथी और करमा नृत्य द्वारा आध्यात्मिकता और भक्ति भाव से दर्शकों को सराबोर कर दिया. इस अवसर पर दिल्ली में पदस्थ छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सैन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी, संस्कृति व राजभाषा विभाग के संचालक विवेक आचार्य, लघु वनोपज के महाप्रबंधक मणिवासन एस, सीएसआईडीसी के महाप्रबंधक विश्वेश कुमार, जनसंपर्क आयुक्त रवि मित्तल, आवासीय आयुक्त श्रुति सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे. recent visitors 79

पुराना भुगतान सहित 6 सूत्री मांगो पर CM से लगाई गुहार, छत्तीसगढ़-राइस मिल एसोसिएशन की बैठक

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश राइस मिल एसोसिएशन की बैठक आज रायपुर के एक होटल में संपन्न हुई, जिसमें प्रदेश कार्यकारिणी के समस्त पदाधिकारी, 33 जिलों के अध्यक्ष, महामंत्री और राइस मिलर्स ने भाग लिया। बैठक में मिलर्स के पुराने भुगतान और खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 की पॉलिसी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। जानकारी के मुताबिक, प्रदेश राइस मिल एसोसिएशन की यह बैठक लगभग 6 घंटे तक चली, जिसमें 200 से अधिक पदाधिकारियों ने अपनी बात रखी। मिलर्स ने कहा कि जब तक वर्ष 2022-23 का पूर्व भुगतान नहीं किया जाता और खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 की पॉलिसी में सुधार नहीं होता, तब तक कस्टम मिलिंग का काम जारी रखना मुश्किल होगा। मिलर्स ने प्रोत्साहन राशि में कमी, धान में पेनल्टी, चावल जमा में पेनल्टी, बैंक गारंटी, सीसीटीवी कैमरा लगाने जैसे मुद्दों पर आपत्ति जताई। बता दें कि छत्तीसगढ़ प्रदेश राइस मिल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर 2024-25 की कस्टम मिलिंग नीति में सुधार और पुराने बकाया सीएमआर बिलों के भुगतान में हस्तक्षेप की मांग की है। छत्तीसगढ़ प्रदेश राइस मिल एसोसिएशन की मांगे- प्रोत्साहन राशि का भुगतान: प्रोत्साहन राशि यथावत 120/- प्रति क्विंटल रखते हुए पूर्व वर्ष 2022-23 की दूसरी किस्त का 60/- रुपये एवं 2023-24 की पहली किस्त का 60/- रुपये भुगतान किया जाए, और वर्ष 2024-25 में प्रोत्साहन राशि मिलर के धान उठाव के विपरीत चावल जमा होने पर एकमुश्त भुगतान किया जाए। साथ ही, FRK, परिवहन, बारदाना और पेनल्टी की विसंगतियों को दूर करके भुगतान किया जाए। हमारा अनुबंध मार्कफेड से है, अन्य से पैसे मिले या नहीं, यह हमें प्रभावित नहीं करता है। चावल जमा की पेनल्टी: मिलर चावल जमा करने के लिए 7 कार्य दिवस में विंग्स ऐप में आवेदन करेगा। यदि 20 कार्य दिवस में निर्धारित मात्रा में चावल जमा नहीं किया जाता, तो केवल उतनी मात्रा पर 5/- प्रति क्विंटल की पेनल्टी लगाई जाए। बारदाना वापसी: बारदाना धान में उपयोग के लिए जमा लिया जाता है, तो मार्कफेड जितना बारदाना का उपयोग करेगा, उसका उपयोगिता शुल्क देकर मिलर्स को बारदाना वापस करेगा। यदि वापस नहीं किया जाता, तो उपयोगिता शुल्क सहित बारदाना की कीमत भी मिलर्स को दी जाए। धान-चावल परिवहन: धान-चावल परिवहन मिलर्स का कार्य नहीं है, इसलिए SLC दर पर धान-चावल परिवहन व्यय का मासिक भुगतान किया जाए, या परिवहनकर्ताओं से मिल में धान-चावल का परिवहन कराया जाए। FRK का भुगतान: FRK का लॉट याइज भुगतान होना चाहिए, क्योंकि मिलर्स का कार्य केवल ब्लेडिंग का है। चावल मिल में कैमरा: चावल मिल में कैमरा लगाने का आदेश स्वीकार्य नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष योगेश अग्रवाल ने बैठक के बाद बताया कि सभी जिलों से प्राप्त पत्रों के साथ यह जानकारी मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों तक पहुंचाई जाएगी, और शीघ्र समाधान की अपील की जाएगी। recent visitors 70

भरतमंडपम में राज्य सांस्कृतिक दिवस कार्यक्रम में होंगे शामिल, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री साय दिल्ली रवाना

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बुधवार को दिल्ली रवाना हुए। दिल्ली के भरतमंडपम में छत्तीसगढ़ राज्य सांस्कृतिक दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इससे पहले सीएम साय ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा और एनडीए को अच्छी सफलता मिल रही है। दोनों जगह भाजपा की सरकार बन रही है। उन्होंने बताया कि शाम साढ़े पांच बजे से साढ़े सात बजे तक एम्फी थियेटर-1 भरतमंडपम में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य सांस्कृतिक दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री 21 नवंबर को दोपहर 1.45 बजे नियमित विमान से रायपुर लौट आएंगे। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 14 से 27 नवंबर तक आयोजित 43वें भारत अंतर्राष्ट्रीय मेले में छत्तीसगढ़ राज्य की उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार और प्रदर्शन के लिए कुल 11 स्टाल लगाए गए हैं, जहां विकसित छत्तीसगढ़ 2047 की अवधारणा पर छत्तीसगढ़ के ग्रामोद्योग, सेल्फ हेल्प ग्रुप, हाथकरघा, हस्तशिल्प, हर्बल एवं कृषि विभाग के प्रदर्शन स्टाल लगे हैं। 20 नवंबर को यहां छत्तीसगढ़ राज्य सांस्कृतिक दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर राज्य की समृद्ध संस्कृति एवं लोककला का प्रदर्शन होगा। यहां प्रत्येक दिन हर एक राज्य का दिवस मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ राज्य सांस्कृतिक दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। recent visitors 72

हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को नोटिस देकर मांगा जवाब, छत्तीसगढ़ में स्कूलों के पास बिक रहे तंबाकू उत्पाद

बिलासपुर. बिलासपुर हाईकोर्ट ने प्रदेश में स्कूलों के पास तंबाकू उत्पादों की बिक्री का संज्ञान लिया है और राज्य सरकार की तरफ से मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की युगलपीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की है और इसे गंभीर चिंता का विषय बताया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा की बेंच ने चिंता जताते हुए कहा कि बच्चे ड्रग एडिक्ट हो जाएंगे तो क्या होगा..? उन्होंने कहा की कोटपा कानून है तो उसका पालन होना चाहिए कि नहीं? दरअसल 15 नवंबर 2024 को शुक्रवार को छुट्टी के दिन भी उच्च न्यायालय की बैठक हुई। मुख्य न्यायाधीश ने रजिस्ट्रार जनरल को मीडिया रिपोर्टों के आधार पर मामले को जनहित याचिका (पीआईएल) के रूप में पंजीकृत करने का निर्देश दिया था। मीडिया में आई रिपोर्टों से पता चला है कि बिलासपुर में सरकारी और निजी स्कूलों के पास सड़क के स्टॉल पर तंबाकू उत्पाद खुलेआम बेचे जा रहे हैं। इन रिपोर्टों ने बताया कि कैसे इस तरह की गतिविधियाँ स्कूलों के आसपास के वातावरण को खराब कर रही हैं और छात्रों पर इसका नकारात्मक प्रभाव हो है। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के अधिकारियों से जवाब मांगा है, जिसका उद्देश्य स्कूलों के पास तंबाकू उत्पादों की बिक्री और छात्रों तथा सार्वजनिक व्यवस्था पर इसके प्रभाव का समाधान करना है। महाधिवक्ता ने सोमवार की सुनवाई में शासन का पक्ष रखते हुए शपथ पत्र में जानकारी दी कि 15 नवंबर 2024 के आदेश का परिपालन करते हुए  बिलासपुर जिला प्रशासन द्वारा कोटपा अधिनियम का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर पेनल्टी और अन्य कार्रवाई की गई है और गंभीरता से कोटपा कानून का पालन कराया जा रहा है। चीफ जस्टिस की डबल बेंच ने इस पूरे मामले में मुख्य सचिव और बिलासपुर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन की तरफ से शपथ पत्र के साथ जवाब तलब किया है। मामले में अगली सुनवाई आगामी पांच दिसंबर को तय की गई है। recent visitors 67