हरियाणा चुनाव से लगा झटका, छत्तीसगढ़-कांग्रेस नेता धनेंद्र साहू ने बताया अप्रत्याशित और अकल्पनीय परिणाम

रायपुर। हरियाणा विधानसभा के लिए जारी मतगणना के बीच रुझानों में पिछड़ने से कांग्रेस पार्टी को झटका लगा है. इसकी बानगी वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनेंद्र साहू के बयान में नजर आती है, जिन्होंने इसे अप्रत्याशित बताते हुए कहा कि ऐसा सोचा भी नहीं था. हरियाणा के रुझानों पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने कहा कि सोचा नहीं था कि ऐसे चुनाव परिणाम आएंगे. उम्मीद कर रहे थे कि दोनों राज्यों में कांग्रेस की सरकार बन रही है, लेकिन हरियाणा का परिणाम अप्रत्याशित है. जैसा रुझान रहा एमपी- छत्तीसगढ़ और अब हरियाणा के विधानसभा चुनाव में, सभी जगह एग्जिट पोल में फेल हो रहे हैं. किसी भी एजेंसी के सर्वे में कांग्रेस के पिछड़ने की बात नहीं थी. इसे लेकर प्रश्न चिन्ह उठता है. उन्होंने कहा कि राज्य में किसान, महिला, युवा – सभी सरकार से नाराज़ थे. इन सभी को देखते हुए हमारी पार्टी ने मैनिफ़ेस्टों तैयार किया गया था, इसका फ़ायदा मिलता. जनादेश को स्वीकार करेंगे, लेकिन गिनती पूरी होने तक उम्मीद है. recent visitors 123

छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने किया परियोजनाओं का बचाव, ‘जंगलों पर किया जा रहा अतिक्रमण’

रायपुर: छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने राज्य में कोयला खनन एवं अन्य विकास परियोजनाओं का बचाव करते हुए कहा कि लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए यह सब आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाघ अभ्यारण्यों के मुख्य क्षेत्रों से गावों के स्थानांतरण में तेजी लाने के केंद्र सरकार हाल के निर्देशों के अनुरूप कानून का सख्ती से क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी। जैव विविधता से भरपूर हसदेव अरण्य वन में कोयला परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई के खिलाफ विरोध के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने स्वीकार किया कि कुछ लोगों ने कोयला खनन और अन्य विकास परियोजनाओं का विरोध किया है, लेकिन जोर देकर कहा कि अधिकतर लोगों ने इनका समर्थन किया है। उन्होंने कहा, ‘‘संसाधनों से भरपूर इस क्षेत्र के लोग कब तक गरीब रहेंगे? विकास और ऊर्जा समान रूप से महत्वपूर्ण है। लोगों को रोजगार चाहिए। हां, अगर पेड़ काटे जाते हैं, तो यह हमारी जिम्मेदारी है कि उस नुकसान की भरपाई की जाए। हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि प्रभावित समुदायों के स्वास्थ्य और आजीविका की रक्षा की जाए।’’ कोयले का तीसरा सबसे बड़ा भंडार ऐसी परियोजनाओं के लिए ग्राम सभा की सहमति के मुद्दे पर कश्यप ने कहा, ‘‘कानून ग्राम सभाओं को 'इनकार' करने की शक्ति देता है। कुछ मामलों में, उन्होंने इस शक्ति का इस्तेमाल किया है, लेकिन ज़्यादातर मामलों (कोयला खनन और अन्य परियोजनाओं) में समर्थन किया है।’’ छत्तीसगढ़ में 57 अरब टन कोयला भंडार है और यह झारखंड एवं ओडि़शा के बाद भारत का तीसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है। मध्यप्रदेश और अरुणाचल प्रदेश के बाद ओडिशा सबसे बड़े वन क्षेत्र वाला तीसरा राज्य है और इसके कुल भौगोलिक क्षेत्र का 44 प्रतिशत से अधिक हिस्सा वनों से ढका हुआ है। हसदेव क्षेत्र दिल्ली से बड़ा छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में हसदेव अरण्य कोयला क्षेत्र में तीन समीपवर्ती कोयला ब्लॉक स्थित हैं । इसमें परसा, परसा ईस्ट केंटे बसन (पीईकेबी), और केंटे एक्सटेंशन कोल ब्लॉक (केईसीबी)। तीनों कोयला ब्लॉक राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को आवंटित किए गए हैं। हसदेव अरण्य वन 1,70,000 हेक्टेयर में फैला हुआ है। यह वन क्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से भी बड़ा है। भारतीय खान ब्यूरो के अनुसार, इस वन में 5,179.35 मिलियन टन कोयला भंडार है। जनवरी में, राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने पीईकेबी कोयला खनन परियोजना के दूसरे चरण के लिए पेड़ों की कटाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का स्वत: संज्ञान लिया और राज्य वन विभाग से रिपोर्ट मांगी। विभाग ने अपने जवाब में कहा कि पेड़ों की कटाई ‘‘केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा दी गई मंजूरी और अनुमति का सख्ती से पालन करते हुए’’ की जा रही है। इसमें कहा गया है कि पीईकेबी कोयला ब्लॉक 1,898 हेक्टेयर वन भूमि को कवर करता है। 762 हेक्टेयर में फैले पहले चरण का खनन पूरा हो चुका है, और शेष 1,136 हेक्टेयर में दूसरे चरण का काम चल रहा है। स्थानीय ग्रामीण कर रहे हैं विरोध स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के बीच अगस्त के अंत में दूसरे चरण के लिए पेड़ों की कटाई फिर से शुरू हुई। जुलाई में, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने संसद को सूचित किया कि हसदेव अरण्य वन में कोयला खनन के लिए पहले ही 94,460 पेड़ काटे जा चुके हैं, और आने वाले वर्षों में 2.73 लाख से अधिक पेड़ काटे जाने हैं। उन्होंने कहा कि ‘‘खान पुनर्ग्रहण और स्थानांतरण’’ के लिए मुआवजे के रूप में कुल 53,40,586 पौधे लगाए गए हैं, जिनमें से 40,93,395 पौधे विकसित हो गए हैं। बाघ अभयारण्यों के मुख्य क्षेत्रों से गांवों के स्थानांतरण के केंद्र के निर्देश को लेकर कश्यप ने कहा, ‘‘हम कानून के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ प्रयास कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि लोग पहले जंगलों में वन्यजीवों के साथ सद्भाव से रहते थे, लेकिन अब यह मनोवृत्ति बदल गई है। उन्होंने कहा, ‘‘बाघ मेरी दादी के घर से कुछ मीटर की दूरी पर घूमते थे। मनुष्य और जानवर अपनी सीमाओं को जानते थे। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में स्थिति बदल गई है।’’ जंगलों का किया जा रहा है अतिक्रमण उन्होंने कहा, ‘‘यह सच है कि जंगलों पर अतिक्रमण किया जा रहा है, जिससे जंगल में संतुलन बिगड़ रहा है और मानव-वन्यजीव संघर्ष को बढ़ावा मिल रहा है।’’ राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने 19 जून को एक आदेश जारी किया, जिसमें वन अधिकारियों को 54 बाघ अभयारण्यों के मुख्य क्षेत्रों में स्थित 591 गांवों से 64,801 परिवारों के पुनर्वास में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। छत्तीसगढ़ के अचानकमार और उदंती-सीतानदी सहित कई बाघ अभयारण्यों में आदिवासी समुदायों ने वन अधिकार अधिनियम के तहत अपने अधिकारों का दावा करते हुए निर्देश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। recent visitors 66

अमित शाह से 6 राज्यों के सीएम करेंगे सीक्रेट मीटिंग, छत्तीसगढ़-सीएम विष्णुदेव साय दिल्ली दौरे पर

रायपुर/दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय रविवार को दिल्ली दौरे के लिए रवाना हो गए हैं। सीएम आज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही नक्सल प्रभावित राज्यों की बैठक में हिस्सा लेंगे। अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने की घोषणा की है। ऐसे में शाह नक्सलवाद के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। अमित शाह 6 राज्यों के सीएम के साथ चर्चा करेंगे। दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- "जब से हम लोग सरकार में आए हैं नक्सलवाद के साथ मजबूती से लड़ रहे हैं। कल एक बैठक गृह मंत्री अमित शाह के साथ है। जितने भी नक्सल से प्रभावित राज्य हैं वहां के मुख्यमंत्री और DGP के साथ बैठक होने वाली है।" अमित शाह ने सीएम से की थी चर्चा बता दें कि शुक्रवार को अमित शाह ने सीएम विष्णुदेव साय से बात की थी। अमित शाह ने दंतेवाड़ा-नारायणपुर जिले के बॉर्डर पर हुए मुठभेड़ की जानकारी ली थी और आगे की कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए थे। बता दें कि आमित शाह अगस्त महीने में छत्तीसगढ़ दौरे पर आए थे। यहां उन्होंने नक्सल प्रभावित राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने कहा था कि अब नक्सलियों के खिलाफ रणनीति बनाकर अंतिम प्रहार करने का समय आ गया है। शाह ने कहा था कि मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म कर दिया जाएगा। दंतेवाड़ा में हुआ था बड़ा एनकाउंटर छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले में सीमा पर जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में 31 नक्सली मारे गए थे। छत्तीसगढ़ में अभी तक का यह सबसे बड़ा नक्सली ऑपरेशन था। मारे गए नक्सलियों में 18 पुरुष और 13 नक्सली थे। मारे गए नक्सलियों में से 16 की पहचान हो गई थी। जिसने ऊपर 1 करोड़ 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। नक्सलियों के शव के पास से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार बरामद हुए थे। recent visitors 85

बीजेपी मछुआरा प्रकोष्ठ के हैं प्रदेश संयोजक, छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष बने नेहरू राम निषाद

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन की ओर से आयोग में नियुक्ति का दौर जारी है। छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष पद को लेकर राज्य शासन ने आदेश जारी कर दिया है। छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू राम निषाद को बनाया गया है। इसका आदेश प्रदेश के पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग मंत्रालय, महानदी भवन नवा रायपुर से जारी कर दिया गया है। नेहरू राम निषाद वर्तमान में निषाद बीजेपी मछुआरा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक हैं। इसके अलावा धमतरी निषाद समाज के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वे धमतरी जिले के रहने वाले हैं। काफी लंबे समय से नेहरू राम निषाद पार्टी को लेकर सक्रिय हैं। बता दें कि इससे पहले भी राज्य शासन ने विभिन्न प्राधिकरणों और उपाध्यक्षों की नियुक्ति हो गई थी।   "" श्री नेहरू राम निषाद जी को छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई एवं सफल कार्यकाल हेतु शुभकामनाएं। — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) October 4, 2024"" recent visitors 149

नक्सलियों की टूट गई कमर, छत्तीसगढ़-रायपुर में नक्सली हमले में घायल जवान से मिलने पहुंचे डिप्टी सीएम

रायपुर. देश के सबसे बड़े नक्सली मुठभेड़ में घायल एक जवान से मिलने छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम देर रात रायपुर के एक निजी अस्पताल पहुंचे। नक्सलियों से मुठभेड़ में घायल डीआरजी के जवान रामचंद्र यादव से मिलकर उसका हाल-चाल जाना। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। घायल जवान से घटना की पूरी जानकारी भी ली। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि मुठभेड़ में अब तक 31 नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं। सर्चिंग ऑपरेशन बंद कर दिया गया है। शाम पांच बजे के बाद बस्तर संभाग के आईजी सुंदरराज पी. नारायणपुर और दंतेवाड़ा के एसपी इस मुठभेड़ को लेकर पूरा खुलासा करेंगे। आज तक के नक्सल ऑपरेशन में जो कांकेर में हुआ था, उससे भी बड़ा नक्सल ऑपरेशन हुआ है। बहुत बड़ी संख्या में एके-47, एसएलआर बरामद हुआ है। बहुत सारे हथियार बरामद हुए हैं। उस क्षेत्र में नक्सलियों की कमर टूट गई है, पूरी की पूरी कंपनी खत्म हो गई है। नक्सलियों से फिर की मुख्यधारा में लौटने की अपील डिप्टी सीएम ने एक बार फिर नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि वो नक्सलियों से कहना चाहते हैं कि सभी को घर पर वापस आना चाहिए। छत्तीसगढ़ की सरकार अच्छी सरेंडर पॉलिसी के साथ सामने आ रही है। मुख्यधारा पर सभी लौटें। बस्तर और बस्तर का जल, जंगल और जमीन बस्तरवासियों का है। उन्होंने कहा कि बस्तर के विकास के मार्ग पर बिछे हुए आईईडी को अब खत्म कर देना चाहिए। recent visitors 61

150 से ज्यादा माओवादी अब तक ढेर, छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी नक्सली मुठभेड़

नारायणपुर/दंतेवाड़ा. नक्सलियों के गढ़ बस्तर संभाग को नक्सलवाद से मुक्त कराने के लिए छत्तीसगढ़ में जवानों ने अभियान चला रखा है। लगातार नक्सलियों का एनकाउंटर हो रहा है। इससे नक्सलियों के पैर उखड़ रहे हैं। नक्सल मोर्चे पर फोर्स को एक के बाद एक बड़ी कामयाबी मिल रही है। जवान बस्तर संभाग में डेरा जमाए हुए हैं। जवान नक्सलियों की मांद में घुसकर उनसे टक्कर ले रहे हैं। बस्तर की मनमोहक और खूबसूरत प्राकृतिक वादियों से 'लाल आतंक' के साये को खत्म करने के लिए बस्तर संभाग में फोर्स मोर्चा संभाले हुए है। नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिले के बॉर्डर पर चार अक्तूबर को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच सुबह से ही मुठभेड़ शुरू हुई। शाम सात बजे तक 40 नक्सलियों को जवानों ने ढेर कर दिया। नक्सलियों के शवों के साथ भारी मात्रा हथियार बरामद किए गए। इसमें एके-47, एसएलआर समेत कई अत्याधुनिक हथियार शामिल थे। तीन अक्तूबर को जवानों को बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद लगभग 400 फोर्स के जवान सर्चिंग पर निकले थे। इसमें सीआरपीएफ, राज्य पुलिस बल संयुक्त टीम के जवान शामिल थे। इस मुठभेड़ में कई इनामी नक्सलियों के भी मारे जाने की खबर है। दूसरी ओर नक्सलियों के कंपनी नंबर 6 को भी पुलिस ने ध्वस्त कर दिया है। 16 अप्रैल को कांकेर में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गये थे। यह देश की सबसे बड़ी नक्सली मुठभेड़ थी, जिससे नक्सली डर के भय से कांप उठे थे। 30 अप्रैल को 9 घंटे तक चली मुठभेड़ में जवानों ने 10 नक्सलियों को मार गिराया था। बूझमाड़ के टेकामेटा के जंगलों में डीआरजी और एसटीएफ के जवानों का सामना नक्सलियों से हुआ था। मारे गए नक्सलियों में 3 महिला और 7 पुरुष माओवादी शामिल थे। प्राथमिक तौर पर मुठभेड़ में मारे गये माओवादियों में से दो की शिनाख्तगी डीवीसीएम जोगन्ना और डीवीसीएम विनय उर्फ अशोक के रूप में हुई थी। 27 मार्च को नक्सल डिप्टी कमांडर समेत छह नक्सलियों का किया गया एनकाउंटर 27 मार्च को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के चिपुरभट्टी-पुसबाका के पास वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ जवानों ने एक नक्सली डिप्टी कमांडर समेत छह नक्सलियों को मार गिराया था। घटनास्थल से नक्सलियों के शव समेत हथियार बरामद हुए थे। मारे गए नक्सलियों में एक महिला नक्सली भी शामिल थी। मामला बासागुड़ा थाने क्षेत्र का था। दो अप्रैल को 13 नक्सली ढेर दो अप्रैल को बीजापुर के गंगालूर थाना क्षेत्र के कोरचोली और लेंड्रा के जंगल में हुई जबरदस्त मुठभेड़ में पुलिस ने तीन महिला नक्सली समेत 13 नक्सलियों को मार गिराया था। घटनास्थल से पुलिस ने कई अत्याधुनिक हथियार बरामद किये थे। इनमें 1 नग 7.62 एलएमजी -58 राउंड, 1 नग 303 रायफल -39 राउंड, 12 बोर सिंगल शॉट 1 नग, बीजीएल लांचर 3 नग – 17 सेल, एयर गन 2 नग, विस्फोटक – हेंड ग्रेनेड 1, यूबीजीएल सेल 1, टिफिन बम 7 नग, जिलेटिन स्टीक कार्डेक्स वायर, सेफ्टी फ्यूज, डेटोनेटर, इलेक्ट्रिक वायर, उपकरण -लेपटॉप, डीव्हीडी राईटर, वॉकीटॉकी और नक्सली वर्दी, पिट्ठू, सोलर प्लेट, नक्सली प्रचार प्रसार सामग्री, नक्सली साहित्य और रोजमर्रा के सामान शामिल थे। छह अप्रैल को मारे गये तीन नक्सली फोर्स और नक्सलियों के साथ छह अप्रैल को हुई मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गये थे। तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा पर पुजारी कांकेर के कर्रीगुटा के जंगलों में मुठभेड़ में तीन नक्सली ढेर हुए थे। मामला उसूर थाने क्षेत्र का था। इतना ही नहीं घटनास्थल से एक एलएमजी और एक एके-47 समेत कई हथियार बरामद हुए थे। 16 अप्रैल को 29 नक्सलियों को सुलाया मौंत की नींद 16 अप्रैल को कांकेर जिले के छोटे बेठिया थाना क्षेत्र के माड़ इलाके में देश की सबसे बड़ी मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गये थे। पुलिस फोर्स और नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में नक्सली कमांडर शंकर राव ढेर हो गया था। शंकर राव पर 25 लाख का इनाम था। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में हथियार बरामद किया था। मारे गए सभी नक्सलियों पर कुल 1 करोड़ 78 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वहीं, नक्सलियों से जब्त एके- 47 और इंसास जैसे हथियारों पर पुलिस ने 7 लाख 55 हजार का इनाम रखा था। 30 अप्रैल को 9 घंटे तक चली मुठभेड़ में 10 नक्सली ढेर 30 अप्रैल को 9 घंटे तक चली मुठभेड़ जवानों ने 10 नक्सलियों को मार गिराया था। बूझमाड़ के टेकामेटा के जंगलों में डीआरजी और एसटीएफ के जवानों का सामना नक्सलियों से हुआ था। मारे गए नक्सलियों में 3 महिला और 7 पुरुष नक्सली शामिल थे। प्राथमिकतौर पर मुठभेड़ में मारे गये नक्सलियों से दो की शिनाख्तगी डीवीसीएम जोगन्ना और डीवीसीएम विनय उर्फ अशोक के रूप में हुई थी। 10 मई को बीजापुर के पीड़िया जंगल में 12 घंटे तक चली मुठभेड़ में 12 नक्सली ढेर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के पीड़िया के जंगल में 10 मई की सुबह 12 घंटे तक चली मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए। इस दौरान दो जवान घायल भी हुए थे। सुरक्षाबलों और नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में सभी 12 नक्सलियों के शव और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और हथियार भी बरामद किये गये थे। जवानों को गंगालूर थाना क्षेत्र के पीड़िया इलाके में नक्सलियों के टॉप हार्डकोर नक्सली कमांडर लिंगा और पापाराव समेत बड़े लीडर्स के जंगल में होने की सूचना मिली थी। नक्सलियों की इस कमेटी में डीकेएसजेडसी, डीवीसीएम और एसीएम कैडर के बड़े नक्सली भी मौजूद थे। सूचना पर पड़ोसी जिले दंतेवाड़ा, सुकमा व बीजापुर से एसटीएफ, डीआरजी,सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन के 1200 जवानों ने साझा अभियान चलाया था, जिसमें मौके पर 12 नक्सली ढेर हो गये। 23 और 24 मई को आठ नक्सली ढेर छत्तीसगढ़ में 23 मई को नारायणपुर के अबूझमाड़ के जंगलों में सुरक्षा बल के जवानों ने धावा बोला। जंगल के अंदर बड़ी संख्या में नक्सलियों के मौजूदगी की सूचना पर बस्तर फाइटर्स और एसटीएफ के करीब एक हजार जवान रवाना हुए थे। पुलिस जैसे ही जंगल के भीतर घुसी, नक्सलियों ने उन पर हमला बोल दिया। जवानों ने भी मोर्चा संभाला और घंटों तक रुक-रुककर फायरिंग होती रही। मुठभेड़ के बाद मौके से सात नक्सलियों के शव मिले। पुलिस ने घटना स्थल से … Read more

‘नक्सलवाद के खात्मे पर ही ख़त्म होगी ये लड़ाई’, छत्तीसगढ़-सीएम साय का हाई लेवल मीटिंग में दो टूक जवाब

रायपुर/दंतेवाड़ा. देश की सबसे बड़ी नक्सली मुठभेड़ को लेकर छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने शुक्रवार की रात मुख्यमंत्री निवास में हाई लेवल मीटिंग बुलाई। इसमें नारायणपुर-दंतेवाड़ा जिले के थुलथुली जंगल में चल रही मुठभेड़ को लेकर चर्चा की गई। पुलिस महकमे के आला अधिकारियों से नक्सल एनकाउंटर पर मंथन किया गया। बैठक में बताया गया कि 28 नक्सलियों के शव बरामद होने की खबर मिल रही है। पुलिस इस मामले को लेकर कल यानी शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा करेगी। इस बड़ी सफलता पर सीएम ने पुलिस जवानों पर हर्ष जताते हुए उन्हें बधाई दी है। सीएम साय ने कहा कि मुठभेड़ में अब तक 31 से ज्यादा नक्सलियों की मारे जाने की खबर है। जवानों को मिली बड़ी कामयाबी सराहनीय है। उनके हौसले और अदम्य साहस को नमन करता हूं। नक्सलवाद के खात्मे के लिए शुरू हुई हमारी लड़ाई अब अपने अंजाम तक पहुंचकर ही दम लेगी। इसके लिए हमारी डबल इंजन सरकार दृढ़ संकल्पित है। प्रदेश से नक्सलवाद का खात्मा ही हमारा लक्ष्य है। सुरक्षाबल के जवान नक्सलियों से कड़ा मुकाबला कर रहे हैं। 'अब तक का सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन' मुख्यमंत्री ने कहा कि 'नारायणपुर-दंतेवाड़ा की सीमा स्थित अबूझमाड़ क्षेत्र में हमारे सुरक्षा बलों के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। सर्चिंग में अभी तक 28 नक्सलियों के मारे जाने की जानकारी मिली है। सर्चिंग में एके-47 सहित कई हथियार मिले हैं । मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मैं समझता हूं कि छत्तीसगढ़ में यह अब तक का सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन हुआ है। इसके लिए मैं अपने जवानों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं और उनके साहस को मैं नमन करता हूं।' 'अंतिम सांस गिन रहे नक्सली' उन्होंने कहा कि 'हम पहले से ही नक्सलियों से कहते आए हैं कि वे हिंसा का रास्ता छोड़ दें और विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। अब हम लोग डबल इंजन सरकार के कारण मजबूती से नक्सलियों से लड़ रहे हैं। नक्सली अपनी अंतिम सांस गिन रहा है। आज मैं बीजापुर के दौर पर था, जहां नक्सल हिंसा  पीड़ित लोगों से मुलाकात की। आज इस घटना के बाद शायद उनका विश्वास और अधिक बढ़ गया होगा। निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ में माओवाद समाप्ति की ओर अग्रसर है।' 'गृहमंत्री शाह का संकल्प मार्च 2026 तक का नक्सलवाद' मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पिछले नौ महीने में नक्सलवाद की समीक्षा के लिये दो बार छत्तीसगढ़ आ चुके हैं और उनका संकल्प है कि मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद खत्म हो जाए। उनकी सोच के अनुरूप हमारे जवान छत्तीसगढ़ में भी नक्सलियों से मुकाबला कर रहे हैं। recent visitors 68