सीएम साय ने किया पदक अलंकरण से पुरस्कृत, छत्तीसगढ़ के 46 पुलिस ऑफिसर और जवान सम्मानित

रायपुर. छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिस परेड ग्राउंड रायपुर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में 46 पुलिस अधिकारियों और जवानों को पुलिस पदक अलंकरण से सम्मानित किया। साय ने पुलिस वीरता पदक से 26, राष्ट्रपति पुलिस पदक से 2, सराहनीय सेवा सुधार पदक से 2 और राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पदकों से 5 अधिकारी-कर्मचारियों को अलंकृत किया। राष्ट्रपति के पुलिस वीरता पदक 2024 हेमंत पटेल, निरीक्षक, जिला-बलौदाबाजार,  मालिक राम, निरीक्षक, जिला-कांकेर, सुक्कु राम नाग, उप निरीक्षक, जिला-नारायणपुर,  संतोष चंदन, प्रधान आरक्षक, जिला-नारायणपुर, साकेत कुमार बंजारे, निरीक्षक, जिला-बीजापुर,  भुवन सिंह बोरा, कंपनी कमाण्डर, 21 वीं वाहिनी छसबल, बालोद, संजय पात्न, उप निरीक्षक, जिला-दंतेवाड़ा धरम सिंह तुलावी, उप निरीक्षक, जिला-बीजापुर, वीरेन्द्र कंवर, उप निरीक्षक, जिला-सुकमा, पतिराम पोड़ियाम, उप निरीक्षक, जिला-कांकेर, श्री दिलीप कुमार वासनिक, प्लाटून कमाण्डर, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग, शहीद रमेश सुनीता बुझे की धर्मपत्नी जुरी, प्रधान आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नि सुनीता जुर्री, शहीद रमेश कोरसा, आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नी उषा कोरसा, शहीद सुभाष नायक, आरक्षक, जिला-बीजापुर की  दुशीला नायक, शहीद रामदास कोर्राम, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी परमशीला कोर्राम, शहीद जगतराम कंवर, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी  कुमारी बाई कंवर, शहीद सुख सिंह, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी सेवंतीन फरस, शहीद रमाशंकर सिंह, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी बिस्तुरी सिंह पैकरा, शहीद शंकर नाग, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी सुखदई नाग, शहीद किशोर एण्ड्रिक, सहायक आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नी रिंकी एण्ड्रिक, शहीद सनकूराम सोढ़ी, सहायक आरक्षक, जिला-बीजापुर के पुत्र सुनील सोढी, शहीद बोसाराम करटामी, सहायक आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नी सोनमती करटामी, धरम सिंह तुलावी, उप निरीक्षक, जिला-बीजापुर, शिव कुमार रामटेके, प्रधान आरक्षक, जिला-बीजापुर, श्री छन्नूराम पोयाम, आरक्षक, जिला-बीजापुर, श्री गौतम कोरसा, आरक्षक, जिला-बीजापुर विशिष्ट सेवा के लिये राष्ट्रपति का पुलिस पदक 2024 — अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, गुप्तवार्ता, पुलिस मुख्यालय रायपुर के. एल. ध्रुव उप पुलिस महानिरीक्षक, कांकेर रेंज, कांकेर सराहनीय सेवा के लिये भारतीय पुलिस पदक 2024 — दुखू राम आचला तत्कालीन सेनानी, 14वीं वाहिनी छसबल, धनोरा-बालोद वर्तमान में सेवा निवृत्त,  नेहा पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-खैरागढ़- छुईखदान-गंडई,येशेश्वरी येरेवार, उप पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय रायपुर, टीकाराम कुरें, सहायक सेनानी, 22वीं वाहिनी छसबल, भीरागांव- कांकेर, महेश शुक्ला, सहायक प्लाटून कमाण्डर, 6 वीं वाहिनी छसबल, रायगढ़, जेम्स लकड़ा, कंपनी कमाण्डर, 2री वाहिनी छसबल, सकरी-बिलासपुर,  ओमप्रकाश साहू, उप निरीक्षक (अ), विशेष आसूचना शाखा, पुलिस मुख्यालय रायपुर, उदय सिंह सिदार, प्रधान आरक्षक, 15वीं वाहिनी छसबल, बीजापुर,  महेन्द्र कुमार पाठक, उप निरीक्षक, जिला-नारायणपुर, मनोज कुमार साहू, सहायक उप निरीक्षक, जिला-बस्तर,  देवीशरण सिंह, प्रधान आरक्षक, विशेष आसूचना शाखा, पुलिस मुख्यालय रायपुर सराहनीय सुधार सेवा पदक 2024 —– गिरधर सेन, सेवा निवृत्त प्रहरी, केन्द्रीय जेल रायपुर,  लक्ष्मीराम यादव, प्रहरी, जिला जेल कोरबा राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पुरस्कार 2024 राज्यपाल पुरस्कार — शिल्पा साहू, उप पुलिस अधीक्षक, रेंज पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग मुख्यमंत्री पुरस्कार श्री दिलहरण सिंह ठाकुर, सहायक उप निरीक्षक, जिला-धमतरी रानी सुबरन कुंवर पुरस्कार भारती मरकाम, निरीक्षक, जिला-बिलासपुर वीरनारायण सिंह पुरस्कार अजाक थाना, जिला-बेमेतरा पुलिस महानिदेशक पुरस्कार अंजू सिंह, महिला प्रधान आरक्षक, जिला-राजनांदगांव recent visitors 83

निर्माणी श्रमिकों को दिए 14.47 करोड़ रूपये, छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री ने रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में दी सौगात

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने राज्य के 33 हजार से अधिक निर्माणी श्रमिकों एवं उनके परिजनों को रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में 14 करोड़ 47 लाख रूपए से अधिक सौगात दी है। यह राशि श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जाएगी। श्रम मंत्री ने भी विभिन्न विभागीय योजनाओं के तहत श्रमिक परिवारों के हितग्राहियों के लिए 14 करोड़ 47 लाख 44 हजार 709 रूपए की स्वीकृति प्रदान की। यहां यह उल्लेखनीय है कि श्रम विभाग द्वारा निर्माणी श्रमिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता, मिनीमाता महतारी जतन योजना, नोनी सशक्तिकरण योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों को छात्रवृत्ति, गणवेश, पुस्तक, कॉपी, सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू शिक्षा सहायता योजना, दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना, आवास सहायता योजना सहित अन्य योजनाओं के अंतर्गत सीधे लाभान्वित किए जाता है। श्रम विभाग अतंर्गत छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा निर्माण श्रमिकों हेतु संचालित विभिन्न योजनाएं जैसे- मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत 885 श्रमिकों को लाभान्वित किया गया है। इसी तरह नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 9354, मुख्यमंत्री मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना 50, मिनीमाता महतारी जतन योजना 975, मुख्यमंत्री सियान सहायता योजना 71, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास योजना 114, नोनी बाबू मेधावी छात्र-छात्रा शिक्षा प्रोत्साहन योजना 36,  एवं मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक के बच्चों हेतु निशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कापी हेतु सहायता योजना के तहत् छात्र-छात्राएं 18028 अन्य योजनाओं में इस प्रकार कुल 33873 निर्माण श्रमिक एवं उनके बच्चों को योजनाओं के तहत् सीधे उनके खाता में ऑनलाईन के माध्यम राशि लाभान्वित हेतु राशि रूपये 14 करोड़ 47 रूपये स्वीकृत किया गया है। श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ भवन निर्माण एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत गरियाबंद जिले के लिए पात्र श्रमिकों की संख्या 17, स्वीकृत राशि 24 लाख रूपए, जिला धमतरी में श्रमिकों की संख्या 33, स्वीकृत राशि 04 करोड़ 84 लाख 29 हजार रूपए, जिला महासमुंद में श्रमिकों की संख्या 2767, स्वीकृत राशि 04 करोड़ 30 लाख 07 हजार रूपए, जिला मुंगेली में श्रमिकों की संख्या 276, स्वीकृत राशि 54 लाख 80 हजार रूपए, जिला कोरबा में श्रमिकों की संख्या 324, स्वीकृत राशि 71 लाख 05 हजार 25 रूपए, जिला रायगढ़ में श्रमिकों की संख्या 225, स्वीकृत राशि 44 लाख 86 हजार रूपए, जिला बस्तर में श्रमिकों की संख्या 22, स्वीकृत राशि 03 लाख 92 हजार 628 रूपए, जिला कोण्डागांव में श्रमिकों की संख्या 328, स्वीकृत राशि 29 लाख 68 हजार 500 रूपए, जिला कांकेर में श्रमिकों की संख्या 08, स्वीकृत राशि 08 लाख रूपए, जिला दंतेवाड़ा में श्रमिकों की संख्या 735, स्वीकृत राशि 01 करोड़ 12 लाख 61 हजार 500, जिला सरगुजा में श्रमिकों की संख्या 496, स्वीकृत राशि 99 लाख 20 हजार रूपए, जिला जशपुर में श्रमिकों की संख्या 28, स्वीकृत राशि 09 लाख 60 हजार रूपए, जिला दुर्ग में श्रमिकों की संख्या 340, स्वीकृत राशि 79 लाख 20 हजार, जिला राजनांदगांव श्रमिकों की संख्या 976, स्वीकृत राशि 01 करोड़ 83 लाख 25 हजार रूपए, जिला बालोद में श्रमिकों की संख्या 200, स्वीकृत राशि 40 लाख 80 हजार एवं जिला कबीरधाम में श्रमिकों की संख्या 1326, स्वीकृत राशि 01 करोड़ 59 लाख 10 हजार रूपए शामिल है। इस तरह कुल 33 हजार 873 श्रमिकों एवं उनके परिजनों को लाभान्वित करने के लिए 14.47 करोड़ रूपए की मंजूरी दे दी गई है। यह राशि छत्तीसगढ़ भवन निर्माण एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा स्वीकृत की गई है। recent visitors 106

प्रकृति को सहेजने के आंदोलन का बनें हिस्सा, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री साई ने किया ‘एक पेड़ महतारी के नाम’ महाभियान का शुभारंभ

रायपुर. पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अभिनव पहल पर ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ का अनुसरण करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में ‘‘एक पेड़ महतारी के नाम’’ महाअभियान की शुरूआत की। उन्होंने इस मौके पर आम नगारिकों से प्रकृति को सहेजने के इस महती आंदोलन का हिस्सा बनने की अपील की। मुख्यमंत्री ने एक पेड़ महतारी के नाम रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री निवास परिसर में अभियान की शुरूआत करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने 94.3 माय एफ एम को बधाई देते हुए कहा कि वह इस अभिनव पहल को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ‘‘एक पेड़ महतारी के नाम’’ अभियान की शुरूआत कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ महतारी को हरियर बनाने के लिए माय एफ एम की पहल के साथ राज्य के आमजनों को अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी इस अभियान से जुड़े और एक पेड़ जरूर लगाएं। हमारी मातृशक्ति देवियों की पुण्य भूमि दंतेवाड़ा, रतनपुर, डोंगरगढ़, चंद्रपुर तथा कुदरगढ़ में भी हम मातृशक्ति की वंदना करते हुए पेड़ लगाएंगे। आप सभी प्रकृति को सहेजने के इस महती आंदोलन का हिस्सा बनें। आप सभी का यह प्रयास मिल का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर स्कूली बच्चों को विभिन्न किस्मों के पौधों के बीज भी वितरित किए और उन्हें वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित किया। recent visitors 102

पुलों के दोनों ओर अस्थाई बैरियर-रिफ्लेक्टर और साइन-बोर्ड लगाएं, छत्तीसगढ़-लोक निर्माण विभाग ने दिए निर्देश

रायपुर. राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग ने नदियों पर बने पुलों के दोनों ओर अस्थाई बैरियर, रिफ्लेक्टर और साइन-बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने मैदानी अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पुलों की रेलिंग एवं क्रैश बैरियर का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य कराने को कहा है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर प्रमुख अभियंता ने वर्षा ऋतु में अतिवृष्टि से जान-माल की सुरक्षा और सुरक्षित यातायात के लिए सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं, सभी मंडलों के अधीक्षण अभियंताओं एवं संभागीय कार्यपालन अभियंताओं को परिपत्र जारी किया है। उन्होंने सभी अधीक्षण अभियंताओं को हर 15 दिनों में अनुविभागीय अधिकारियों और कार्यपालन अभियंताओं के साथ इस संबंध में की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री के.के. पीपरी ने परिपत्र में निर्देशित किया है कि ऐसे सभी स्थानों और मार्गों जिनमें वर्षा ऋतु में आम जनता के लिए समस्या की स्थिति उत्पन्न होती है, उन पर विशेष ध्यान दिया जाए। बारिश के दिनों में अतिवृष्टि से मार्गों पर विद्यमान नदी-नालों पर बाढ़ एवं कई स्थानों में सड़क डूबने जैसी स्थिति निर्मित होती है। इन स्थितियों में जान एवं माल की सुरक्षा तथा कार्यस्थलों पर सुरक्षित कार्य के लिए समुचित व्यवस्था किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने ऐसे सभी स्थानों को चिन्हांकित करने के निर्देश दिए हैं जहां वर्षा ऋतु के दौरान मार्ग एवं पुल के डूबने की स्थिति निर्मित होती है। प्रमुख अभियंता ने सभी जलमग्नी पुलों के दोनों ओर अस्थाई बैरियर, रिफ्लेक्टर और साइन-बोर्ड की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं जिससे बाढ़ या पुल के जलमग्न होने की स्थिति में यातायात को बंद किया जा सके। जलमग्न होने वाले स्थानों के दोनों ओर आवश्यक सूचना पटल लगाकर राहगीरों को सूचित किया जाए कि मार्ग जलमग्न हो सकता है। जलमग्न होने की स्थिति में रूके। उन्होंने सभी क्षतिग्रस्त पुलों की रेलिंग एवं क्रैश बैरियर का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया है। विभाग द्वारा जारी परिपत्र में अतिवृष्टि वाले क्षेत्रों की लगातार समीक्षा करने तथा बाढ़ नियंत्रण के लिए टीम गठित करने को कहा गया है। जलमग्न होने की स्थिति में टीम चौबीसों घंटे काम करेगी। विभाग के कार्यपालन अभियंताओं को अतिवृष्टि की स्थिति में जिले में गठित बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ के लगातार संपर्क में रहने को कहा गया है। बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर कार्यपालन अभियंता अपने अधीनस्थों के साथ तत्काल तत्परता से कार्यवाही करेंगे। प्रमुख अभियंता ने डूबान क्षेत्र में आने वाले सड़कों के आसपास संधारण के लिए पर्याप्त मटेरियल की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि मार्ग क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में तत्काल सुधार किया जा सके। लोक निर्माण विभाग ने निर्माणाधीन और चौड़ीकरण के प्रगतिरत कार्यों वाले मार्गों में भी सभी आवश्यक सावधानी सूचक चिन्ह, रिफ्लेक्टिव साइन-बोर्ड, सेफ्टी रिबन्स, गार्ड स्टोन्स, चूना पोताई हुई बोरियाँ आदि की हर समय उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निर्माणाधीन पुल-पुलियों में किसी प्रकार की दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो, इसका भी ध्यान रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। वर्षा ऋतु में किसी भी अप्रिय स्थित से बचने सभी शासकीय भवनों का सावधानीपूर्वक निरीक्षण करने कहा गया है। विभाग ने सभी संवेदनशील स्थानों तथा मार्गों के किलोमीटरों पर सतत व चैतन्य दृष्टि रखने के लिए उप अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों की नामजद ड्यूटी लगाकर प्रमुख अभियंता कार्यालय तथा राज्य शासन को अवगत कराने को कहा है। recent visitors 113

अल्पकालीन कृषि ऋण का दिया जा रहा लाभ, छत्तीसगढ़-किसानों को मिले 6199 करोड़ रूपए

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य के अधिक से अधिक किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण किया जा रहा है। प्रदेश में किसानों को अब तक राज्य सहकारी बैंकों के द्वारा 2058 सहकारी समितियों के माध्यम से 6199 करोड़ 42 लाख रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदान किया गया है। इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा किसानों को 7300 करोड़ रूपए ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को उनके मांग और रकबे के अनुरूप अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदान किया जा रहा है। जबकि पिछले वर्ष आज की स्थिति में 5 हजार 880 करोड़ रूपए के अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किए गए थे। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को खेती-किसानी की प्रारंभिक जरूरतों को पूरा करने तथा खेती-किसानी में सहूलियत प्रदान करने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना प्रारंभ किए गए थे। इसके अलावा किसानों को साहूकारों के चंगुलों से बचाना इसका एक प्रमुख उद्देश्य था। वर्तमान समय में इस योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों किसान इससे लाभान्वित हो रहे हैं। इससे किसानों को प्रारंभिक जरूरतों के लिए न सिर्फ राहत मिली है, बल्कि फसलों के उत्पाद में लगातार वृद्धि भी हो रही है। recent visitors 86

कुछ जगह झमाझम बारिश के मौसम विभाग ने दिए संकेत, छत्तीसगढ़ में कमजोर हुआ सिस्टम

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मध्य और दक्षिणी भागों में बारिश की गतिविधि कम हो गई है। वही सरगुजा संभाग में इन दिनों जमकर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने सरगुजा संभाग  के अधिकांश जगहों को लेकर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस बीच रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के कुछ जगहों पर हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून द्रोणिका समुद्र तल पर श्री गंगानगर, दिल्ली, दीघा से होकर पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है। इसके प्रभाव से प्रदेश के सरगुजा संभाग में गरज चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। मौसम एक्सपर्ट नहीं बताया कि इन दिनों छत्तीसगढ़ में मानसून सिस्टम कमजोर हो गया है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ के अधिकांश जगहों पर हल्की मध्यम बारिश के आसार हैं। वहीं सरगुजा संभाग में बारिश की गतिविधि जारी रहेगी। बीते दिनों रविवार की शाम राजधानी रायपुर में अच्छी बारिश हुई, जिससे मौसम सुहाना हो गया। वहीं आज आकाश आंशिक मेघमय में रहने की संभावना है। शाम तक गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इसके साथ ही बिलासपुर संभाग के कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। recent visitors 98

छत्तीसगढ़ के सीएम साय ने बताया रसीले-मीठे और प्रभु श्रीराम की यादें, यूपी के सीएम योगी ने भेजा आम

रायपुर. उत्तर-प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय को उपहार में काकोरी-आमों का टोकरा भेजा है। इस पर साय ने कहा कि यह उपहार पाकर मैं भावुक और अभिभूत हूं। प्रभु श्रीराम जब भी ननिहाल आते रहे होंगे, तब उनके साथ रसीले आमों के टोकरे भी जरूर आते रहे होंगे, तभी छत्तीसगढ़ के आमों में भी ऐसा ही स्वाद है। वनवास के समय यहां के आम हमारे रामलला को वहां के आमों की अवश्य याद दिलाते रहे होंगे। उत्तर-प्रदेश के मुख्यमंत्री ने काकोरी-आमों के साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय को भेजे गए पत्र में उत्तर-प्रदेश में आमों के प्रचुर उत्पादन और वहां की लोकप्रिय प्रजातियों का विस्तार से उल्लेख किया है। उन्होंने बताया है कि स्वतंत्रता संग्राम का साक्षी रहा काकोरी आम उत्पादन का भी प्रमुख केंद्र है। उत्तर-प्रदेश सरकार ने आमों की माकेटिंग काकोरी ब्रांड के नाम से शुरू किया है। मुख्यमंत्री साय को उत्तर-प्रदेश के मुख्यमंत्री से उपहार स्वरूप काकोरी ब्रांड के रसीले और मीठे आम मिले। जवाब में मुख्यमंत्री ने योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र में कहा है- मधुर संदेश के साथ आपके भेजे हुए काकोरी-आम सचमुच बड़े ही स्वादिष्ट हैं। उत्तर-प्रदेश की पहचान आमों से भी है और महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से भी। आपने इन दोनों पहचानों को एकाकार करते हुए जो अद्भुत पहल की है, जो वह प्रेरक है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मान देने का यह श्रेष्ठ तरीका है। इससे हम अपने महान सेनानियों और उस महान संग्राम की यादों को अपने सबसे प्रिय क्षणों में शामिल कर सकेंगे। साय ने पत्र में लिखा है कि ऐतिहासिक रूप से उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की भावनाएं हमेशा एक रही हैं। उत्तर कोसल और दक्षिण कोसल के रूप में पहचाने जाने वाले दोनों भू-भागों के निवासीगण राजा राम की ही प्रजा हैं। प्रभु श्रीराम का जन्म अयोध्या में हुआ और उनकी माता कौशल्या ने छत्तीसगढ़ में जन्म लिया। recent visitors 76