रायपुर-बिलासपुर सहित कई जिलों में बदलाव, छत्तीसगढ़-नये साल से पहले 13 एडिशनल एसपी के तबादले

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने नए साल से पहले पुलिस विभाग में बड़ा बदलाव किया है। 13 एडिशनल एसपी का ट्रांसफर किया गया है। रायपुर पुलिस मुख्यालय में पदस्थ पंकज चंद्रा को छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल 13 वाहिनी बांगो कोरबा भेजा गया है। वहीं श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा को पुलिस अधीक्षक रेल रायपुर की जिम्मेदारी सौंपी है। एएसपी जयंत वैष्णव को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसटीएफ बघेरा दुर्ग, बिलासपुर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उदयन बेहार को जांजगीर यातायात एएसपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं कांकेर एएसपी प्रशांत शुक्ला को रायपुर यातायात एएसपी की जिम्मेदारी दी गई है। एएसपी  विवेक शुक्ला को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अटल नगर नवा रायपुर भेजा गया है। इधर रायपुर डीआरएम की पोस्टिंग रद्द कुछ दिन पूर्व ही रायपुर रेल मंडल में नए डीआरएम को पदस्थ किया गया था, लेकिन रेल मंत्रालय ने अपने आदेश को रद्द करते हुए आईआरटीएस अधिकारी दयानंद को रायपुर रेल मंडल का नया डीआरएम नियुक्त किया गया है। recent visitors 61

सड़कों को लेकर विभाग जल्द शुरू करेगा पायलेट प्रोजेक्ट, छत्तीसगढ़-1 जनवरी से लागू होगा नया एसओआर

रायपुर। लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने सड़क एवं सेतु कार्य की नवीन दर अनुसूची (SOR) का विमोचन किया। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा 2015 से प्रचलित पुराने एसओआर को अद्यतन किया गया है। नए एसओआर में नई मशीनरी और निर्माण की नई तकनीकों को भी शामिल किया गया है। इनसे गुणवत्तापूर्ण कार्यों के साथ ही ठेकेदारों का वित्तीय जोखिम कम होगा। राज्य में 1 जनवरी 2025 से नया एसओआर लागू होगा। सड़कों के प्रभावी संधारण के लिए छत्तीसगढ़ में भी पी.बी.एम.सी./ओ.पी.आर.एम.सी. (Peformance Based Maintenance Contract/Output and Performance Based Maintenance Contract) लागू किया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा जल्दी ही पायलेट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने नए एसओआर के विमोचन के मौके पर आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उन्हें समय-सीमा में पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नए एसओआर के लागू होने के बाद इनमें और आसानी होगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रचलित एसओआर 1 जनवरी 2015 से लागू है। उस समय इसमें 2014 में प्रचलित श्रमिकों की दर, सामग्री की दर एवं मशीनरी की दर शामिल की गई थी, जिनमें अब दस वर्षों के बाद बहुत अधिक परिवर्तन आ चुका है। नवीन दर अनुसूची वर्तमान में प्रचलित श्रमिकों की दर, सामग्रियों की दर एवं मशीनरी की दर के आधार पर तैयार किया गया है। उप मुख्यमंत्री साव ने बताया कि वर्ष-2015 में जारी की गई दर अनुसूची उस समय प्रचलित सभी टैक्सेस (Taxes) को समावेशित करते हुये तैयार की गई थी। नए एसओआर में देश में 1 जुलाई 2017 से लागू जी.एस.टी. को समाहित किया गया है। ठेकेदार अपनी निविदा दर जी.एस.टी. सहित देंगे जिससे ठेकेदार को पृथक से जी.एस.टी. का भुगतान नहीं करना होगा, परन्तु कार्य की लागत में जी.एस. टी. का प्रभाव सम्मिलित रहेगा। दरों को जी.एस.टी. के प्रभाव के बिना रखे जाने से समय-समय पर जी.एस.टी. की दरों में होने वाले परिवर्तन के कारण ठेकेदार को कार्य करने में जोखिम नहीं रहता है। जी.एस.टी. का प्रभाव सम्मिलित प्रचलित जी.एस.टी. की दरों को प्राक्कलन में जोड़ा जाएगा। ऐसा करने से ठेकेदारों पर वित्तीय जोखिम नहीं आएगा। साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि विगत 10 वर्षों में कई नवीन तकनीक (New technology), नए मटेरियल एवं आई.आर.सी. द्वारा विभिन्न कार्यों की कार्यविधि में परिवर्तन किया गया है। इन नवीन तकनीकों और मटेरियल्स के उपयोग का प्रावधान भी नवीन एस.ओ.आर. में किया गया है। इनमें सीमेंट एवं केमिकल से स्वाइल स्टेबलाईजेशन, पेव्हमेंट व्हाइट टॉपिंग, रोड साइनेज में एल्युमिनियम कम्पोजिट मटेरियल शीटिंग का उपयोग, प्रीकास्ट आर.सी.सी. ड्रेन, प्रीकास्ट बाक्स कल्वर्ट, फाउंडेशन कार्य में आर.सी.सी. के उच्च ग्रेड एम-40, एम-45, एम-50 का उपयोग, सब-स्ट्रक्चर कार्य में प्री-स्ट्रेसिंग, बम्बू क्रैश बैरियर और नॉइज बैरियर जैसी नई चीजें शामिल हैं। नवीन दर अनुसूची लागू होने से निर्माण कार्यों के डी.पी.आर./ प्राक्कलन में कार्य लागत का आंकलन वास्तविक होगा एवं कार्यों हेतु प्रशासकीय स्वीकृति की जाने वाली राशि कार्य करते समय पुनरीक्षित स्वीकृति की आवश्यकता कम होगी। कार्यों की गुणवत्ता एवं समय-सीमा में पूर्ण करने में सार्थक परिणाम मिलेगा। साव ने बताया कि सड़कों के संधारण के लिए वर्तमान पद्धति में सड़क के वर्षा ऋतु में क्षतिग्रस्त होने की संभावना के अनुसार पूर्वानुमान लगाकर निविदाएं आमंत्रित कर ठेकेदारों का चयन कर संधारण कार्य किया जाता है। कई बार ऐसी स्थिति होती है कि सड़क खराब रहती है, परन्तु संधारण हेतु एजेंसी उपलब्ध नहीं होने के कारण सड़कों के गड्ढे भरने एवं संधारण में विलम्ब होता है। कई बार एजेंसी निर्धारित होने के बाद भी ठेकेदार द्वारा संधारण कार्य समय पर नहीं करने के कारण भी सड़कें गड्ढायुक्त एवं क्षतिग्रस्त रहती हैं। recent visitors 70

मंच और यात्री प्रतीक्षालय की मरम्मत कराने देंगे 5 लाख रुपए, छत्तीसगढ़-डिप्टी सीएम साव ने चौपाल निपटाईं ग्रामीणों की समस्याएं

रायपुर/लोरमी। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज लोरमी के वनांचल के गांवों में जन चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनी। मौके पर ही कई समस्याओं का समाधान भी किया। इस दौरान अचानकमार में ग्रामीणों की मांग पर दुर्गा मंच और यात्री प्रतीक्षालय की मरम्मत के लिए पांच लाख रुपए देने की घोषणा भी की। उन्होंने सर्दी में ठंड से बचाव के लिए ग्रामीणों को शॉल भी बांटे। उप मुख्यमंत्री साव ने अचानकमार के पूर्व माध्यमिक शाला में लगाई गई चौपाल में अचानकमार के साथ ही आश्रित गांवों सारसडोर, दावनखोर और सिवनखार के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे। उन्होंने छपरवा और बिंदावल में भी चौपाल लगाकर लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं एवं मांगों की जानकारी ली। ग्रामीणों से मुलाकात के दौरान कहा कि मैं आपके परिवार का सदस्य हूं और आपके पास सुख-दुःख बांटने आया हूं। आप लोगों की समस्या मेरी समस्या है, और उन्हें हल करना मेरी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि विगत 25 नवम्बर को जकरबांधा में मैंने अपने हजारों परिवारजनों के बीच अपना जन्मदिन मनाया था। इस दौरान लाभार्थियों को चेक भी वितरित किए थे। उप मुख्यमंत्री ने दावा करते हुए ग्रामीणों से कहा कि विष्णुदेव साय सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी की सभी प्रमुख गारंटी पूरी की है। महतारी वंदन योजना के तहत माताओं-बहनों को 10 किस्त में 10 हजार रुपए दे दिए हैं। इस राशि का उपयोग परिवार के कल्याण के लिए करना है। उन्होंने बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए राशि का सदुपयोग करने को कहा ताकि वे पढ़ लिखकर तरक्की कर सके। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपए में खरीद रही है। तेंदूपत्ता प्रति मानक बोरा 5500 रुपए में खरीद रही है। उनके लिए चरण पादुका योजना फिर से शुरू कर रही है। recent visitors 53

निकाय चुनाव सहित योजनाओं पर मंत्रियों से करेंगे चर्चा, छत्तीसगढ़-विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक आज

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया सीएम विष्णुदेव साय आज सोमवार को कैबिनेट की बैठक लेंगे। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक 30 दिसंबर को दोपहर साढ़े तीन बजे से नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की गई है। इसमें छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय चुनाव 2025 समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इसके साथ ही सीएम साय अपने मंत्रियों के साथ कई अहम मुद्दों और भावी योजनाओं पर चर्चा करेंगे। इससे पूर्व पिछली कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश के नगर पालिक निगमों के महापौर एवं नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष रीति से कराए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए बैठक में छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 (संशोधन) अध्यादेश, 2024 एवं छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 (संशोधन) अध्यादेश 2024 (प्रत्यक्ष निर्वाचन एवं आरक्षण संबंधित प्रावधान) की विभिन्न धाराओं में संशोधन किए जाने के संबंध में अध्यादेश 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। पिछली कैबिनेट बैठक के अहम फैसले- अविभाजित मध्य प्रदेश राज्य में 1999 के पूर्व नगर पालिक निगमों में महापौर तथा नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष रीति से होता था। भूपेश सरकार ने नगरीय निकायों के महापौर और नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन को अप्रत्यक्ष रीति से कराए जाने का निर्णय लिया था, जिसकी अधिसूचना का प्रकाशन राजपत्र में 12 दिसम्बर 2019 को किया गया था। छत्तीसगढ़ शासन के पिछड़ा वर्ग एवं अल्संख्यक विभाग द्वारा मंत्रालय की ओर से त्रिस्तरीय पंचायतों एवं नगरीय निकायों के निर्वाचन में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण के संबंध में स्थानीय निकायों में आरक्षण को एकमुश्त सीमा 25 प्रतिशत को शिथिल कर अन्य पिछड़ा वर्ग की संख्या के अनुपात में 50 प्रतिशत आरक्षण की अधिकतम सीमा तक आरक्षण के प्रावधान की स्वीकृति   पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के प्रतिवेदन में प्राप्त अनुशंसा के अनुसार दी गई है।  1. छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 के अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण संबंधी प्रावधानों में संशोधन किए जाने के लिये विभिन्न धाराओं में संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया। 2.  मंत्रिपरिषद ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वितरण के लिये नागरिक आपूर्ति निगम को आवश्यक चना उपार्जन, छमडस् ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाने की अनुमति दी है। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत राज्य के सभी अनुसूचित विकासखण्डों एवं मॉडा पैकेट क्षेत्र में निवासरत अंत्योदय तथा प्राथमिकता वाले राशन कार्डधारियों को प्रतिमाह 5 रूपए किलो की दर से 2 किलो चना प्रदाय किया जाता है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चना वितरण योजना के तहत 30 लाख 22 हजार परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है। राज्य को चना वितरण के लिए प्रति माह 6046 टन तथा प्रति वर्ष 72 हजार 52 टन चना की जरूरत होती है। चना का उपार्जन नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा किया जाता रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की चना वितरण योजना के माध्यम से हितग्राहियों को उच्च क्वालिटी का चना प्रदाय किया जा सके, इसके लिए मंत्रिपरिषद ने नागरिक आपूर्ति निगम को छमडस् ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाने की अनुमति दी गई। 3. पर्यटन को उद्योग का दर्जा – बैठक में राज्य में पर्यटन को बढ़ावा  और  योजनाबद्ध विकास के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के प्रस्ताव पर राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30 के अंतर्गत पर्यटन, मनोरंजन एवं अन्य सामाजिक सेवा सेक्टर में शामिल के अलावा भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ पर्यटन नीति 2020 में पर्यटन परियोजनाओं हेतु निर्धारित न्यूनतम स्थायी पूंजी निवेश किए जाने पर सामान्य उद्योगों की भांति अनुदान/छूट/रियायत का प्रावधान किया गया है। 4. पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से प्रदेश में साहसिक, जल पर्यटन, मेडिकल एवं वेलनेस टूरिज्म, एग्रो टूरिज्म, पर्यटन की इकाईयों, लैंड बैंक में निजी निवेश को आकर्षित एवं प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। इससे स्टेक होल्डर प्रोत्साहित होंगे। पर्यटन संबंधी अधोसंरचना का विकास होगा। पर्यटन से संबंधित पूंजी निवेश बढ़ेगा। राज्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के अनुकूल सुख-सुविधाओं का विकास होगा। राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के बड़े अवसर सृजित होंगे। recent visitors 48

बैरक में पड़ी थी लाश, छत्तीसगढ़-रायपुर में PHQ की बटालियन के कंपनी कमांडर ने खुद को मारी गोली

रायपुर। रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय ( पीएचक्यू ) में ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर ने खुद को गोली मार ली। बताया जाता है कि इंस्पेक्टर बटालियन का अफसर था और पीएचक्यू में ड्यूटी कर रहा था। घटना नवा रायपुर के राखी थाना क्षेत्र की है। बताया जाता है कि ऑफिसर कंपनी कमांडर के पद पर 22वीं बटालियन में पदस्थ था। घटना की सूचना पर पुलिस महकमे के ऑफिसर्स मौके पर पहुंचे। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। फिलहाल,कंपनी कमांडर ने खुद को गोली मारकर सुसाइड क्यों की ?, इसके बारे में अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। मृतक इंस्पेक्टर अनिल सिंह दुर्ग जिले का निवासी था और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में 14वीं बटालियन में कंपनी कमांडर के पद पर पदस्थ था। पीएचक्यू के गेट नं-3 में सुरक्षा में उसकी ड्यूटी लगी थी। उन्होंने अपनी सर्विस रायफल से खुद को गोली मार ली। आवाज सुनते ही आसपास के पुलिसकर्मी पहुंचे। मौके पर आला अधिकारी भी पहुंचे। फिलहाल, पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। recent visitors 48

पांच हादसों में 6 की मौत, छत्तीसगढ़-30 यात्रियों से भरी बस खड़े ट्रक से टकराई और ट्रक ने बाइक सवार दंपत्ति को रौंदा

रायपुर. रविवार की शुरूआत छत्तीसगढ़ में हादसों से भरा रहा. अलग-अलग सड़क हादसों में अब तक 6 लोगों की मौत हो गई. ये हादसे रायगढ़-जशपुर के बीच, बिलासपुर, बालोद और दुर्ग में हुए है. जशपुर जिले में आज सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ है. दरअसल, तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दंपत्ति को रौंद दिया. इस दुर्घटना में पति की मौत हो गई. वहीं पत्नी घायल हुई है, जिसकी हालत गंभीर बताई जा रही है. हादसे के बाद घायल महिला को कुनकुरी अस्पलात ले जाया गया है. घटना नारायणपुर थाने के मटासी गांव की है. रायगढ़ से जशपुर जा रही यात्री बस हादसे का शिकार – इधर रायगढ़ से जशपुर जा रही यात्री बस हादसे का शिकार हो गई. आज सुबह 8 बजे के करीब यात्रियों को लेकर जा रही बस खड़े ट्रक से टकरा गई. महिला यात्री की बस के चक्के के चपेट में आने से मौत हो गई. वहीं कई यात्री घायल हुए हैं. मौके पर पहुंची पूंजीपथरा थाना पुलिस ने बस को जप्त कर लिया है. चालक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने मृतक महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है. बस में 30 से अधिक यात्री सवार थे. अज्ञात वाहन ने स्कूटी सवार महिला को कुचला – न्यायधानी बिलासपुर में अज्ञात वाहन ने स्कूटी सवार महिला को कुचला दिया. हादसे में महिला की  मौके पर ही मौत हो गई. घटना तोरवा थाना क्षेत्र के लालखदन की है. पुलिस जांच में जुट गई है. ट्रैक्टर-ट्रॉली में दबकर चालक की मौत – बालोद जिले के मुड़गहन गांव में एक व्यक्ति की ट्रैक्टर-ट्रॉली में दबने से मौत हो गई. लकड़ी ठेकेदार के पास लकड़ी काटने का काम करने वाला हेमलाल साहू मुड़गहन से सालहेभाट की ओर जा रहा था. इस दौरान चालक ट्रैक्टर इंजन से गिर पड़ा और पहिए के नीचे दबने से उसकी मौत हो गई. पुलिस ने मर्ग कायम कर ट्रैक्टर वाहन को जप्त कर कार्रवाई में जुट गई है. पेड़ से कार टकराने के बाद जलकर खाक – दुर्ग जिले के मेडेसरा पॉवर ग्रिड के पास एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई. बताया जा रहा है कि चार लोग कार में सवार होकर दुर्ग से धमधा की तरफ जा रहे थे. इस दौरान कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई. आसपास मौजूद लोगों ने कार के अंदर से चारों लोगों को बाहर निकाला. जिसके बाद डायल 112 को इसकी सूचना दी गई. सभी घायलों को दुर्ग जिला अस्पताल पहुंचाया गया. जहां कार चालक अमित ताम्रकार (30 साल) और उसके बगल बैठे आदित्य कसेर (33 साल) की मौत हो गई. वहीं उसके साथी अनीश ताम्रकार और सुधांशु ताम्रकार को गंभीर हालत के चलते भिलाई स्थित श्री शंकराचार्य हॉस्पिटल रेफर किया गया. दोनों  की हालत गंभीर बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, बीती रात करीब 11:25 बजे तेज रफ्तार कार क्रमांक CG 07 BK 7387 अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई. जिससे कार आग लगने से खाक हो गई. आग इतनी भीषण थी कि पेड़ भी जलकर खाक हो गई। recent visitors 68

कवासी लखमा को हर महीने मिलते थे 50 लाख रुपए, छत्तीसगढ़-ED की ECIR में किया दावा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में हुआ शराब घोटाला काफी लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में सुर्खियों पर है. इस मामले में शनिवार को भी पूर्व मंत्री कवासी लखमा समेत कई अन्य के खिलाफ ईडी ने दबिश देकर कार्रवाई की. सूत्रों से खबर है कि ईडी ने अपनी ECIR में दावा किया है कि घोटाले में बतौर कमीशन हर महीने 50 लाख रुपए पूर्व मंत्री कवासी लखमा को भी मिलते थे. हालांकि, कवासी लखमा ने हर महीने कमीशन मिलने की बात से इनकार किया है. इस घोटाले में अन्य नेताओं और अफसरों का भी नाम सामने आया है. आपको बता दें कि ईडी ने अब तक इस मामले में करीब 65 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. वहीं कवासी लखमा ने अब खुद अपने आप को अनपढ़ बता दिया है. ऐसे में सवाल उठता है कि कांग्रेस शासनकाल में राजस्व के लिहाज से सबसे अहम आबकारी विभाग से जुड़े तमाम काम क्या कवासी लखमा खुद या उनकी आड़ में कोई और करते थे ? recent visitors 77