Sunday, July 5, 2026 7:45 am

शशि थरूर बन रहे चिदंबरम? मोदी सरकार की कर डाली तारीफ, इंडिया गठबंधन पर कहा कुछ ऐसा, चढ़ा सियासी पारा

  नई दिल्ली कांग्रेस के कद्दावर नेता शशि थरूर इन दिनों नरेंद्र मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कई मौकों पर दिखे हैं। इसके बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने भी कुछ ऐसा ही रुख अपनाया था। चिदंबरम ने हाल ही में एक अंग्रेजी अखबार में लेख लिखकर ऑपरेशन सिंदूर और भारत-पाकिस्तान सीजफायर को लेकर केंद्र सरकार के फैसलों की सराहना की है। इससे एक कदम और आगे बढ़ते हुए उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ तैयार विपक्षी एकजुटता (INDIA गठबंधन) के अस्तित्व पर सवाल खड़ा कर दिया। उनके इस कदम के बाद सियासी गलियारे में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। चिदंबरम ने गुरुवार को INDIA गठबंधन की स्थिरता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं कि यह गठबंधन अभी भी बरकरार है। उन्होंने यह टिप्पणी दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में एक पुस्तक 'Contesting Democratic Deficit' के विमोचन कार्यक्रम में की। चिदंबरम ने कहा, "इस किताब के लेखर मृत्युंजय सिंह यादव का मानना है कि INDIA गठबंधन अब भी कायम है। इस बात पर मुझे यकीन नहीं है। शायद सलमान खुर्शीद इसका जवाब दे सकते हैं, क्योंकि वह INDIA गठबंधन की बातचीत टीम का हिस्सा थे। अगर गठबंधन पूरी तरह कायम है तो मुझे बहुत खुशी है, लेकिन यह बहुत मजबूत नहीं लगता। हालांकि इसे अभी भी जोड़ा जा सकता है, समय है, घटनाएं अभी और घटेंगी।" अपने लंबे राजनीतिक अनुभव को साझा करते हुए चिदंबरम ने कहा कि गठबंधन केवल चुनावी वक्त पर नहीं बनाए जा सकते। उन्होंने कहा, "मेरा गठबंधनों को लेकर नजरिया अलग है। तमिलनाडु में लंबे अनुभव से मैंने सीखा है कि गठबंधन चुनाव के समय नहीं बनते, उन्हें पांच साल तक पोषित करना पड़ता है। देश में केवल दो राज्य हैं जहां यह मॉडल सफल रहा है वे हैं केरल और तमिलनाडु। वहां गठबंधन हार और जीत दोनों में एक साथ रहे हैं।" हालांकि इस दौरान उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा जैसा संगठित राजनीतिक दल देश के इतिहास में नहीं रहा। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ एक पार्टी नहीं है, यह एक मशीन है। इसके पीछे एक और मशीन है। ये दोनों मिलकर देश की संस्थाओं पर नियंत्रण रखते हैं। चुनाव आयोग से लेकर थाने तक। यह जितना संभव हो, एक लोकतंत्र में उतना ही ताकतवर संगठन है। यह किसी एकदलीय शासन जैसे ढांचे की तरह कार्य करता है, हालांकि मैं यह नहीं कह रहा कि हम एकदलीय शासन में हैं।" सलमान खुर्शीद ने भी जताई चिंता पुस्तक के सह-लेखक और पूर्व मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि INDIA गठबंधन को बरकरार रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, "अगर आप किसी पार्टी के साथ गठबंधन करना चाहते हैं, तो उसे बार-बार अपमानित या दबाव में नहीं डाल सकते। किताब में कई उदाहरण दिए गए हैं, जहां हमारी संवेदनाओं को नजरअंदाज किया गया।" recent visitors 22

मोदी को अपना हठ छोड़कर मणिपुर का दौरा करना चाहिए और उनकी शिकायतों और आकांक्षाओं को सीधे जानना चाहिए: चिदंबरम

मदुरै कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपना हठ छोड़कर मणिपुर का दौरा करना चाहिए और राज्य के लोगों से विनम्रता से बात करने के साथ ही उनकी शिकायतों और आकांक्षाओं को सीधे जानना चाहिए। श्री चिदंबरम ने 'एक्स' पर अपने पोस्ट में कहा, “मणिपुर संकट का समाधान 5,000 और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस जवानों को भेजना नहीं है। यह स्वीकार करना अधिक समझदारी है कि मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह इस संकट के कारण हैं और उन्हें तत्काल हटा देना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि यह अधिक समझदारी है कि मैतेई, कुकी-जो और नागा एक राज्य में एक साथ तभी रह सकते हैं, जब उनके पास वास्तविक क्षेत्रीय स्वायत्तता हो। पिछले साल मई से इम्फाल घाटी में रहने वाले मीतई और आसपास के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कुकी-जो समुदायों के बीच नौकरियों और शिक्षा में सरकारी अनुदान और कोटा को लेकर जातीय हिंसा में 200 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। हिंसा की घटनाओं में वृद्धि के बीच मणिपुर सरकार ने केंद्र से सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम की समीक्षा करने और उसे वापस लेने का अनुरोध किया है, जिसे 14 नवंबर को इम्फाल पश्चिम जिले के सेकमाई और लामसांग, इम्फाल पूर्व में लामलाई, बिष्णुपुर में मोइरांग, कांगपोकपी में लेइमाखोंग और जिरीबाम जिले में जिरीबाम के अंतर्गत आने वाले छह पुलिस थानों की सीमाओं में फिर से लागू किया गया था। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि न्याय सुनिश्चित किया जायेगा और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।   recent visitors 68