संस्कृत के छात्रों के लिए स्कालरशिप योजना का शुभारंभ किया: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

वाराणसी यूपी के वाराणसी दौरे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी पहुंचे। जहां उन्होंने संस्कृत के छात्रों के लिए स्कालरशिप योजना का शुभारंभ किया। इस दौरान उनका स्वागत करने के लिए कुलपति डॉ. बिहारी लाल शर्मा ने सीएम योगी को अंगवस्त्र पहनाया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब और वंचित छात्रों को छात्रवृत्ति मिलनी चाहिए, लेकिन संस्कृत छात्रों को इसकी व्यवस्था क्यों नहीं की गई। मुझे इस बात का आश्चर्य रहा। अभी तक संस्कृत के केवल 300 बच्चों की स्कालरशिप की व्यवस्था थी, जो अधिकतर छात्रों को पता ही नहीं थी। 25 करोड़ की आबादी में इतने कम छात्रों को स्कालरशिप की योजना थी। उन्होंने कहा- कभी प्रयास ही नहीं हो पाया कि संस्कृत परिषद को मान्यता दिला पाएं। मैंने बार-बार समझने की कोशिश की कि संस्कृत से बच्चे दूर क्यों भाग रहे हैं? पता चला कि मान्यता ही नहीं मिल पा रही है। हमने स्कूल-कॉलेजों की मान्यता बहाल कराई। हमारी सरकार आई तो 2017 में संस्कृत परिषद को मान्यता दिलाई।   recent visitors 96

सीएम योगी ने कहा- हर जिले में, गांव हो या नगरीय क्षेत्र, सड़कें अच्छी होनी चाहिए, धन की कोई कमी नहीं

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनप्रतिनिधियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि हर जिले में, गांव हो या नगरीय क्षेत्र, सड़कें अच्छी होनी चाहिए, इसके लिए सांसदों और विधायकों को भी प्रयास करना होगा। दरअसल, हर ग्राम पंचायत, कस्बे, टाउन एरिया, नगर और महानगर में बेहतरीन रोड कनेक्टिविटी के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मिशन मोड में आ गए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों, विधायकों से अपने क्षेत्र में नई सड़क, बाईपास, अथवा पुल-पुलिया के निर्माण और पुराने की मरम्मत के लिए 15 दिन में प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। ऐसे में सभी जनप्रतिनिधि अपने जिले के प्रभारी मंत्री की उपस्थिति में कोर कमेटी के साथ बातचीत कर जिला प्रशासन के साथ मिलकर प्रस्ताव तैयार करें। सीएम योगी ने कहा कि जहां कहीं भी नई सड़क की जरूरत हो, पुरानी की मरम्मत करानी हो, सेतु निर्माण, रिंग रोड/बाईपास, प्रमुख/अन्य जिला मार्ग अथवा सर्विस लेन आदि की आवश्यकता हो, जनप्रतिनिधिगण प्रस्ताव भेजें, शासन स्तर से तत्काल निर्णय होगा। अगर किसी मजरे में कम से कम 250 लोगों की आबादी है, तो भी वहां पक्की सड़क की सुविधा मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में बाईपास मार्ग नहीं है, वहां के जनप्रतिनिधि आवश्यकतानुसार प्रस्ताव तैयार करें। धार्मिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक अथवा पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए भी पर्याप्त बजट रखा गया है। पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए ऐसे क्षेत्रों की सड़कों का चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण किया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक/लॉजिस्टिक पार्क/चीनी मिल परिक्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी आवश्यक है। इसी तरह, यदि कहीं भी तहसील और ब्लॉक मुख्यालय दो लेन सड़क से नहीं जुड़ें हैं, तो तत्काल सूचना देनी चाहिए। इंटरस्टेट अथवा इंटरनेशनल कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए कार्य जारी है। सीमा पर ‘मैत्री द्वार’ भी तैयार कराए जाने हैं। जनप्रतिनिधियों को इस संबंध में भी अपने प्रस्ताव देने चाहिए। बैठक में, मुख्यमंत्री ने वर्तमान में जारी सड़कों की मरम्मत, गड्ढामुक्ति के प्रदेशव्यापी अभियान को पहले चरण में 10 अक्टूबर तक सम्पन्न करने के भी निर्देश दिए। भारी वाहनों की ओवरलोडिंग के विरुद्ध कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री ने ‘जीरो पॉइंट’ पर एक्टिव रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर सामान्य आवागमन बाधित कर जांच करने की बजाय, जहां से वाहन चलना प्रारंभ किया है, वहीं कार्रवाई करें। बैठक में सभी ज़ोन, मंडलों, रेंज, जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों की भी उपस्थिति रही।   recent visitors 77

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्मृति दिवस के मौके पर कहा- विभाजन त्रासदी के लिए कांग्रेस जिम्मेदार

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जो किसी युग में नहीं हुआ, वह कांग्रेस की सत्ता के लालच हुआ और स्वतंत्र भारत को ऐसा नासूर दे दिया, जिसका दंश आज भी भारत आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद के रूप में झेल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को लोकभवन में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के मौके पर बोल रहे थे। विभाजन विभीषिका पर आधारित लघु फिल्म के जरिए आमजन का दर्द दिखाया गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि तत्कालीन राजनीतिक नेतृत्व ने दृढ़ता का परिचय दिया होता तो दुनिया की कोई ताकत इस अप्राकृतिक विभाजन को मूर्त रूप नहीं दे पाती। येन-केन प्रकारेण सत्ता प्राप्त करने के लिए कांग्रेस ने देश को दांव पर लगा दिया। 1947 और इसके बाद से यह लगातार हो रहा है। जब भी इनके हाथ में सत्ता में आई, इन लोगों ने देश की कीमत पर राजनीति की। इसकी कीमत जनता को लंबे समय तक चुकानी पड़ी है। विभाजन की दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी हम सबको उन्हीं गलतियों की परिमार्जन की तरफ ध्यान आकृष्ट करती है। सीएम योगी ने कहा कि भारत बल-बुद्धि, विद्या में दुनिया का नेतृत्व करने का सामर्थ्य रखता था। 16वीं सदी तक भारत का वैभव दुनिया में अग्रणी था। दुनिया की अर्थव्यवस्था के आधे भाग का नेतृत्व अकेले भारत करता था। यह तब था, जब देश कई सौ वर्षों तक लगातार विदेशी आक्रांताओं के आक्रमण को झेल रहा था। 14 अगस्त 1947 को देश के विभाजन की त्रासदी हो रही थी। 15 अगस्त 1947 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू द्वारा तिरंगा फहराकर कांग्रेस नेता आजादी का जश्न मना रहे थे, तब लाखों लोग अपनी मातृभूमि व परिवार को छोड़ने को मजबूर हो रहे थे। उस समय के अमानवीय अत्याचार किसी से छिपे नहीं हैं। दुनिया का सबसे समृद्धतम देश 1947 तक आते-आते दरिद्र देश में बदल गया। हमारी कुछ कमजोरियों ने आक्रांताओं को देश के अंदर आक्रमण करने के लिए स्थान दिया। उन्होंने कहा कि देश इतिहास के काले अध्यायों को स्मरण कर रहा है। आखिर क्या कारण था कि हजारों हजार वर्षों से सनातन राष्ट्र भारत गुलाम हुआ। विदेशी आक्रांताओं ने यहां की परंपरा-संस्कृति को रौंदा और देश को गुलाम बनाया। क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश को स्वतंत्र कराने की दिशा में विदेशी हुकूमत को उखाड़ फेंकने के संकल्प के साथ आजादी की लड़ाई लड़ी थी। जब उसकी पूर्णता का समय आया तो इस सनातन राष्ट्र को विभाजन की त्रासदी का सामना करना पड़ा। सीएम योगी ने कहा कि जो गलतियां इतिहास के काले अध्याय के रूप में हमारे सामने हैं, वही गलतियां चुनाव के समय राजनीतिक दल करते हैं। जो पहले जातिवाद के नाम पर होता था, वही कारनामे आज राजनीतिक दलों के स्तर पर किए जा रहे हैं। जातीयता का नग्न तांडव कर उसी विभाजन की ओर ले जाने की कुत्सित चेष्टा की जा रही है। सीएम योगी ने कहा कि 1947 के पहले महर्षि अरविंद ने उद्घोषणा की थी कि आध्यात्मिक जगत में पाकिस्तान कोई वास्तविकता नहीं है। उसका भारत में विलय होगा या पाकिस्तान हमेशा के लिए समाप्त होगा। आध्यात्मिक जगत में जिसका वास्तविक अस्तित्व नहीं है, उसे नष्ट ही होना है। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के आभारी हैं, जिन्होंने इतिहास के काले अध्यायों से पर्दा उठाकर गलतियों के परिमार्जन के लिए रास्ता बनाने का आह्वान किया है। हमें इसी आह्वान के साथ जुड़ना है। जो 1947 में हुआ, वही आज पाकिस्तान और बांग्लादेश में हो रहा है। डेढ़ करोड़ हिंदू बांग्लादेश में आज अस्मिता बचाने के लिए चिल्ला रहे हैं। दुनिया और भारत के कथित सेक्युलरिस्ट के मुंह आज भी सिले हैं। इन्हें वोट बैंक की चिंता है। सीएम योगी ने कहा कि भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र ही नहीं, बल्कि यह लोकतंत्र की जननी भी है। भारत ने नागरिकों को जितनी स्वतंत्रता दी है, ऐसी स्वतंत्रता किसी भी देश में नहीं है। हमें संविधान पर गौरव और इसके निर्माताओं के प्रति सम्मान का भाव प्रकट करना चाहिए। recent visitors 74

अब भारत का समय आ गया है, दुनिया की कोई शक्ति हमें महाशक्ति बनने से रोक नहीं सकती: सीएम योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव के अंतर्गत वीरों को नमन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और डाक अनावरण व संस्कृत विभाग द्वारा निर्मित पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने बच्चों के साथ काकोरी शहीद मंदिर के बाहर सेल्फी भी ली। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि अब भारत का समय आ गया है, दुनिया की कोई शक्ति हमें महाशक्ति बनने से रोक नहीं सकती। आजादी के अमृत महोत्सव में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा जो पंच प्रण दिलाए गए हैं, उनको देश के हर नागरिक को आत्मसात करना होगा। यही हमारे अमर बलिदानियों और शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अगर हम इन प्रण को आत्मसात कर अपने कार्यों को पूरा करते हैं तो कोई कारण नहीं है कि हमारा देश विश्व गुरु और दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति न बने। काकोरी ट्रेन एक्शन को याद करते हुए उन्होंने कहा कि देश से बाहर जा रहे राजस्व को देश सेवा में प्रयुक्त करने की मंशा से जो कार्य पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह जैसे वीर सपूतों ने किया था उसने न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोरीं थी। प्रदेश भर में आयोजित कार्यक्रमों के जरिए यह मां भारती के वीर सपूतों, उन महान क्रांतिकारियों को जिन्होंने सर्वस्व बलिदान किया था, उन सभी ज्ञात-अज्ञात सेनानियों व शहीदों को नमन करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन के दौरान क्रांतिकारियों ने रणनीति बनाकर भारत का पैसा जो ब्रिटेन ले जाया जा रहा था, उसे रोककर भारत की क्रांति में उपयोग किया था। तब जो रकम प्राप्त हुई थी वह मात्र 4,679 रुपए थी, जबकि अंग्रेजी हुकूमत ने 10 लाख रुपए केवल केस पर खर्च कर दिए। इस घटना में बिना सुनवाई के ही वीरों को फांसी की सजा सुना दी गई थी और नियत दिन से एक दिन पहले ही फांसी दे कर उस समय की हुकूमत ने कायरता दिखाई थी। उन्होंने कहा कि एक्शन में शामिल कुछ वीर सपूतों को फांसी हुई, जबकि कुछ को कालापानी की सजा हुई। इन सभी को अंग्रेजों ने तमाम प्रलोभन दिए मगर इनका एक ही जवाब था, 'जीवन पुष्प चढा चरणों पर, मांगे मातृभूमि से यह वर। तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें।' इसी संकल्प के साथ खुद को बलिदान करना स्वीकार किया मगर हार नहीं मानी। आज आजादी इन्हीं शहीदों के बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत ने अपनी शानदार यात्रा को आगे बढ़ाया है। भारत अगले 2 वर्षों में देश की तीसरी सबसे बड़ी महाशक्ति बनने जा रहा है। समतामूलक समाज की स्थापना के लिए वोकल फॉर लोकल जैसे मूल्यों पर आगे बढ़ना होगा। दुनिया की कोई ताकत भारत का रास्ता नहीं रोक सकती। यही समय है, सही समय है। 1942 में 9 अगस्त, यानी आज के दिन ही महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन का आगाज किया था। आज हर शहीद स्मारक पर राष्ट्र धुन के साथ विभिन्न बैंड की धुन बजेगी। हर घर तिरंगा अभियान चलेगा, जिसमें हर घर तिरंगा फहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में साढ़े चार करोड़ तिरंगा हर घर फहराया जाएगा। एक वर्ष तक चलने वाले राष्ट्रभक्ति के विभिन्न कार्यक्रमों में हम सबकी सहभागिता होनी चाहिए। आज नागपंचमी भी है, नाग कुंडलिनी शक्ति का द्योतक है। भारत को हॉकी और जैवलिन थ्रो में मेडल प्राप्त हुआ, सभी खिलाड़ियों का अभिनंदन है, देश इनसे प्रेरणा ले रहा है। इस अवसर पर सीएम योगी ने जिला प्रशासन लखनऊ व संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित एक्शन शताब्दी महोत्सव के अंतर्गत 'वीरों को नमन' कार्यक्रम में रोहित खत्री (रामकृष्ण खत्री के प्रपौत्र), राजीव कुमार सिंह व क्षिप्रा सिंह (प्रपौत्र व प्रपौत्री ठाकुर रोशन सिंह), अशफाक उल्लाह खान (पौत्र अशफाक उल्लाह खान) तथा मनमोहन पाण्डेय (कैप्टन मनोज पाण्डेय के भाई) समेत स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। इस दौरान लघु फिल्म, नृत्य नाटिका, वीर गायन समेत विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन भी हुए। recent visitors 149

मुख्यमंत्री ने कहा सभी को लोकतांत्रिक ढंग से अपनी बात कहनेे का अधिकार , लेकिन किसी को भी अराजकता फैलाने की छूट नहीं

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में जोन, मंडल, रेंज व जिला स्तर के महत्वपूर्ण पदों पर तैनात अधिकारियों के साथ प्रदेश की कानून-व्यवस्था तथा लोक कल्याणकारी कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी को लोकतांत्रिक ढंग से अपनी बात कहनेे का अधिकार है, लेकिन किसी को भी अराजकता फैलाने की छूट नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया अफवाह फैलाने का माध्यम बन रही है। इस पर नजर बनाए रखें। तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने पर रोक लगाएं। सभी जिलों को अलर्ट रहना होगा। किसी भी फेक न्यूज का तत्काल तथ्यों के साथ खंडन किया जाना चाहिए। योगी ने कहा कि लोकतांत्रिक संगठनों की आड़ में कतिपय राष्ट्रविरोधी संगठन भी माहौल खराब करने का प्रयास कर सकते हैं। पूर्व में ऐसे अनेक उदाहरण सामने आए हैं। शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने वालों की आड़ में कुछ अराजकतावादी संगठनों की उपस्थिति रही है। इनकी पड़ताल करें और पकड़े जाने पर कठोरतम कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दिनों में नागपंचमी, श्रावण सोमवार, काकोरी ट्रेन एक्शन की वर्षगांठ, रक्षाबंधन, चेहल्लुम और जन्माष्टमी जैसे पर्व-त्योहार हैं, साथ ही पुलिस भर्ती परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी संपन्न हो रहे हैं। यह कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील समय है। हर जिले की पुलिस और स्थानीय प्रशासन को 24 घंटे अलर्ट रहना होगा। योगी ने कहा कि इस वर्ष अब तक 12 जनपदों में 120 प्रतिशत से अधिक वर्षा हुई है, जबकि 27 जिलों में सामान्य वर्षा की स्थिति रही है। 80 से 60 फीसद यानी कम वर्षा वाले 18 जिले हैं और 14 जिलों में 60 से 40 प्रतिशत यानी अत्यधिक कम वर्षा हुई है। जौनपुर, शामली, फतेहपुर समेत कई जिले हैं, जहां 40 फीसद से भी कम बरसात दर्ज की गई है। बलिया, सीतापुर, बांदा, बाराबंकी, बिजनौर, फर्रुखाबाद, प्रयागराज और वाराणसी में अभी भी बाढ़ की स्थिति है। सभी संबंधित जिलों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप राहत एवं बचाव कार्य जारी रखे जाएं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को दी जा रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। कहीं भी निर्धारित मात्रा से कम, बासी अथवा खराब गुणवत्ता की सामग्री वितरित नहीं होनी चाहिए। यदि वेंडर द्वारा आपूर्ति में गड़बड़ी की जाती है, तो तत्काल कार्रवाई की जाए। योगी ने कहा कि 9 अगस्त से ऐतिहासिक ‘काकोरी ट्रेन एक्शन का शताब्दी वर्ष’ प्रारंभ हो रहा है। यह पूरा वर्ष आजादी के नायकों का स्मरण करने के लिए होगा। इसी कड़ी में, 13 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ का जन अभियान आयोजित होना है। इन तीन दिनों में प्रदेश के हर आवास, हर कार्यालय पर हमारा राष्ट्र ध्वज तिरंगा फहराया जाना है। 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका दिवस’ है और 15 अगस्त को राष्ट्रीय पर्व ‘स्वाधीनता दिवस’ है। इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। 9 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) का अवसर है। कतिपय अराजक तत्व माहौल खराब करने का प्रयास कर सकते हैं। इसलिए पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ाएं। सतर्क रहें-सावधान रहें। योगी ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने जाती हैं। इस विशेष अवसर पर 18 अगस्त की रात्रि से 19 अगस्त की रात्रि तक राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में महिलाओं को निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। इस संबंध में सभी आवश्यक प्रबंध समय से कर लिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि अगस्त के आख़िरी सप्ताह में 23, 24, 25 और 30, 31 अगस्त को पुलिस भर्ती परीक्षा होनी प्रस्तावित है। यह परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से पूरी शुचिता के साथ सकुशल संपन्न हो, यह सभी की जिम्मेदारी है। इसके दृष्टिगत सभी जिलों को अलर्ट रहना होगा। वरिष्ठ अधिकारीगण अपने क्षेत्र के हर एक परीक्षा केंद्र का सूक्ष्मता का निरीक्षण कर लें। परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए शासन स्तर से आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। उच्च स्तर से दिए जा रहे निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करें।     recent visitors 90

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा अब हमारा लक्ष्य एक जिला-एक विश्वविद्यालय का होना चाहिए

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि विगत सात वर्षों में सतत प्रयासों से प्रदेश में एक मंडल-एक विश्वविद्यालय की परिकल्पना पूरी हो चुकी है। मंडलों के बाद अब हमारा लक्ष्य एक जिला-एक विश्वविद्यालय का होना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी ने राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए नई नीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं।  इस संबंध में हुई महत्वपूर्ण बैठक में उन्होंने प्रमुख दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत सात वर्षों में सतत प्रयासों से प्रदेश में एक मंडल-एक विश्वविद्यालय की परिकल्पना पूरी हो चुकी है। सभी 18 मंडलों में विश्वविद्यालयों की स्थापना हो चुकी है। कई मंडलों में निर्माण कार्य जारी है। मंडलों के बाद अब हमारा लक्ष्य एक जिला-एक विश्वविद्यालय का होना चाहिए। वर्तमान में 35 जनपदों में विश्वविद्यालय की उपलब्धता है, शेष जिलों में विश्वविद्यालयों के लिए निजी क्षेत्र बड़ा सहयोगी बन सकता है। उन्होंने कहा कि निजी निवेश उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने के सरकारी प्रयासों में सहायक हो सकता है। इससे छात्रों के लिए उपलब्ध संस्थानों, पाठ्यक्रमों और सीटों की संख्या में वृद्धि होगी, साथ ही शिक्षा और अनुसंधान की गुणवत्ता को बढ़ाने के प्रयासों में भी सहायता मिलेगी। योगी ने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश की ग्रास एनरोलमेंट रेट (जीइआर) 25.6 फीसद है, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनइपी) के अनुसार 2035 तक 50 प्रतिशत तक बढ़ाना आवश्यक है। निजी निवेश प्रोत्साहन नीति इस अंतर को पूरा कर सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा में निजी निवेश वर्तमान समय की आवश्यकता है। अन्य राज्यों की सम्बंधित नीति का अध्ययन करें। स्टेकहोल्डर्स से संवाद करें और यथाशीघ्र उच्च शिक्षा प्रोत्साहन नीति तैयार कर प्रस्तुत करें। नई नीति में निवेशकों को स्टाम्प ड्यूटी में छूट, कैपिटल सब्सिडी आदि प्रोत्साहन को यथोचित स्थान दें। उन्होंने कहा कि नई नीति में आकांक्षात्मक जनपदों में विश्वविद्यालयों की स्थापना पर अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान होना चाहिए। इसे प्राथमिकता दें। इसी प्रकार, विश्व की टॉप रैंकिंग वाले विश्वविद्यालयों के कैम्पस के प्रस्ताव पर भी विशेष प्रोत्साहन प्रावधान रखें।     recent visitors 111

अयोध्या में एक 12 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म का मुद्दा सदन में उठा, योगी ने कहा- आरोपी सपा सांसद के साथ रहता है

लखनऊ यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र बृहस्पतिवार को विधान परिषद में प्रश्न प्रहर के साथ सदन की कार्यवाही प्रारंभ हुई। कार्यवाही के दौरान विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा भी किया। वहीं, इस दौरान सदन नेता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में एक 12 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म का मुद्दा उठाया। उन्होंने सदन पर सपा को आड़े होथों लेते हुए कहा कि अयोध्या में एक 12 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना हुई। समाजवादी पार्टी का नेता मोईन खान इस कृत्य में शामिल पाया गय। अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद के साथ रहता है, उठता है खाता पीता है, उनके टीम का मेम्बर है, अब क्या इस पर कोई न बोले। समाजवादी पार्टी ने उसपर कोई कार्रवाई नही की, इस घटना को क्या हल्केपन से छोड़ देने की बात है? आगे मुख्यमंत्री ने कहा कि कल फैज़ाबाद सांसद अवधेश प्रसाद का जन्मदिन था, इससे पहले एक दिन पहले ही सपा अध्यक्ष ने संसद में कहा था "हम अयोध्या जीते हैं और अब हम अयोध्या को विश्व का सबसे शानदार शहर बनाएंगे। आप नहीं कर सके। हमारी सरकार आएगी हम करके बताएंगे।" अयोध्या को विश्व का सबसे शानदार शहर बनाने की मुहिम कल से शुरू भी कर दी है। अयोध्या के राजा अवधेश  के जन्मदिन पर अयोध्या की जनता को तोहफा दिया है। जानिए क्या है पूरा मामला ? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना अयोध्या के थाना क्षेत्र पूराकलंदर की है। यहाँ के चौकी क्षेत्र भदरसा में समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान की बेकरी की दुकान है। जहां पर कुछ महिने पहले पीड़िता अपने मां के साथ मजदूरी कर वापस आ रही थी। रास्ते में मोईद की दुकान में कुछ समान लेने के लिए इसी दौरान दुकान में काम करने वाला  राजू और उसके मालिक मोईद ने पीड़िता से बारी-बारी सामूहिक दुष्कर्म किया। इसी दौरान आरोपितों द्वारा रेप का वीडियो भी बना लिया गया। किसी को बताने पर वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी गई। बाद में इसी वीडियो से डरा-धमका कर पीड़िता से 2 महीने तक दोनों आरोपितों ने गैंगरेप किया। इस वजह से पीड़िता गर्भवती हो गई। लड़की के पेट में दर्द होने पर माँ को शक हुआ। जब यह बात लड़की की माँ को पता चली तो उसने पूरी वजह पूछी। पीड़िता ने सारी बात अपनी माँ को बता दी। आखिरकार मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई गई। इस घटना की जानकारी जैसे लोगों हुई तो मौके पर हिन्दू संगठन के तमाम लोग इकट्ठा होने शुरू हो गए।  भाजपा और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ निषाद पार्टी के सदस्य भी थाने पर जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे। मौके पर पुलिस फोर्स पहुँची और नाराज लोगों को समझा कर शाँत करवाया। । पीड़िता की मां को मिल रही थी धमकी वहीं, इस घटना को लेकर पीड़िता मां ने कहा है कि " हम लोग थोड़ा डरे हुए हैं, आरोपियों के द्वारा धमकी दी जा रही थी कि केस वापस ले लो नहीं तो जान से मार देंगे। लेकिन मैं किसी भी किमत पर केस वापस नहीं लूंगी क्योंकि उन्होंने मेरी बेटी की जिंदगी खराब कर दी है। recent visitors 126