दमोह में फर्जी डॉक्टर के खुलासे के बाद मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग एक्शन में आ गया, निजी और सरकारी अस्पतालों देना होगा एफिडेविट

दमोह  दमोह में फर्जी डॉक्टर के खुलासे के बाद मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग एक्शन में आ गया है। जबलपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय मिश्रा ने एक पत्र जारी कर जिले के सभी निजी और सरकारी अस्पतालों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। CMHO कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, अब जिले के सभी अस्पतालों को अपने यहां कार्यरत डॉक्टरों की शैक्षणिक योग्यता और वैध रजिस्ट्रेशन की जानकारी अनिवार्य रूप से सीएमएचओ कार्यालय में दर्ज करानी होगी। एफिडेविट देना अनिवार्य सीएमएचओ द्वारा जारी पत्र में सभी अस्पतालों को कहा गया है कि वो सुनिश्चित करें कि सिर्फ योग्य और अधिकृत डॉक्टरों से ही इलाज करवाया जा रहा है। इस आशय का एफिडेविट 100 के स्टांप पेपर पर अस्पतालों को देना अनिवार्य किया गया है। एफिडेविट में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख करना होगा कि अस्पताल में कार्यरत सभी डॉक्टर वैध डिग्रीधारी हैं और उनका रजिस्ट्रेशन संबंधित परिषद में पंजीकृत है। बाहरी डॉक्टरों पर भी निगरानी आदेश में कहा गया है कि मध्यप्रदेश के बाहर से आने वाले किसी भी डॉक्टर को इलाज करने की अनुमति नहीं दी जाएगी यदि उसके पास वैध डिग्री और रजिस्ट्रेशन नहीं है। यह कदम राज्य में अवैध रूप से प्रैक्टिस करने वाले फर्जी डॉक्टरों पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई अस्पताल इन दिशानिर्देशों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दमोह जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ये दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 14

खुलासा : मध्य प्रदेश में9,000 फिजियोथेरेपिस्ट में से केवल 40 क्लीनिक सरकार के स्वास्थ्य पोर्टल पर पंजीकृत

भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। राज्य में 9,000 से ज़्यादा फिजियोथेरेपिस्ट काम कर रहे हैं, लेकिन सरकारी हेल्थ पोर्टल पर सिर्फ 40 फिजियोथेरेपी क्लीनिक ही रजिस्टर्ड हैं। यह जानकारी 26 मार्च तक की है। इतने कम क्लीनिकों के रजिस्ट्रेशन से अवैध और बिना रजिस्ट्रेशन वाले क्लीनिकों पर शक गहरा गया है। इसलिए इनकी जांच शुरू हो गई है। सरकार अब ऐसे क्लीनिकों पर कार्रवाई करने की तैयारी में है। राज्य के हेल्थ कमिश्नर तरुण राठी ने सभी जिलों के CMHO को एक आदेश दिया है और कहा है कि अवैध फिजियोथेरेपी क्लीनिकों को पहचाना जाए और उन्हें बंद किया जाए। साथ ही उन्होंने CMHO को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि जो क्लीनिक सही हैं, वे सरकार के पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराएं। यह कार्रवाई विधानसभा सत्र में उठे सवालों के बाद की जा रही है। सवालों में बिना रजिस्ट्रेशन वाले क्लीनिकों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई गई थी। यह राज्य के नर्सिंग होम एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का उल्लंघन है। इस एक्ट के अनुसार, सभी मेडिकल सर्विस देने वालों का रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और आसान बनाए सरकार MP फिजियोथेरेपिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील पांडे ने कहा कि अवैध फिजियोथेरेपी क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई जरूर होनी चाहिए, लेकिन सरकार को रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान बनाना चाहिए। साथ ही फिजियोथेरेपिस्ट को MP एलाइड एंड हेल्थ केयर काउंसिल में तुरंत रजिस्टर करना चाहिए। वादे पूरे नहीं करने का भी आरोप पहले फिजियोथेरेपिस्ट पैरामेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराते थे। एक साल पहले तक इस काउंसिल में 3,028 फिजियोथेरेपिस्ट रजिस्टर्ड थे। जांच में यह भी पता चला है कि फिजियोथेरेपी शिक्षा और सेवाओं को लेकर किए गए वादे पूरे नहीं हुए हैं। पहले घोषणा की गई थी कि सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फिजियोथेरेपी डिग्री कोर्स शुरू किए जाएंगे। साथ ही सरकारी अस्पतालों में फिजियोथेरेपिस्ट की नियुक्ति भी बढ़ाई जाएगी, लेकिन अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है। सरकार की कार्रवाई से जागी उम्मीद इस पूरे मामले से कई सवाल उठ रहे हैं। क्या सरकार अवैध क्लीनिकों पर लगाम लगाने में सफल होगी? क्या फिजियोथेरेपिस्ट के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आसान हो पाएगी? और क्या फिजियोथेरेपी शिक्षा और सेवाओं को लेकर किए गए वादे पूरे होंगे? इन सवालों के जवाब आने वाले समय में ही मिल पाएंगे, लेकिन फिलहाल, सरकार की कार्रवाई से फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में सुधार की उम्मीद जगी है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 27