डोनाल्ड ट्रंप बोले- हो गई डील, अब रूस और ईरान की जगह वेनेजुएला से तेल आयात करेगा भारत

नई दिल्ली. भारत और अमेरिका के बीच अभी कोई ट्रेड डील फाइनल नहीं हो पाई है लेकिन भारत को लेकर दावे करने से डोनाल्ड ट्रंप चूकते नहीं हैं। उन्होंने शनिवार को कहा कि भारत ईरान की जगह वेनेजुएला से तेल आयात करेगा। उन्होंने कहा, हम लोगों ने इसको लेकर डील कर ली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक दिन पहले ही अमेरिका ने भारत के सामने वेनेजुएला से तेल खरीदने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि भारत ने उसपर क्या प्रतिक्रिया दी है, यह सामने नहीं आया है। अमेरिका चाहता है कि भारत रूस और ईरान से तेल खरीदना बंद कर दे। जिस वेनेजुएला से आज ट्रंप तेल खरीदने की बात कर रहे हैं, उसी वेनेजुएला से तेल खरीदने पर वह विरोध भी करते थे। हालांकि अब उन्होंने वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति को बंधक बना लिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला से तेल खरीदने के लिए चीन का भी स्वागत है। कहां पहुंची है ट्रेड डील की बातचीत भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और दोनों देश इसे जल्द पूरा करने के लिए काम कर रहे हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को यह जानकारी दी उन्होंने भरोसा जताया कि निकट भविष्य में इस मोर्चे पर अच्छी खबर दी जाएगी। गोयल ने कहा, ''हर मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) अपनी शर्तों और खूबियों पर टिका होता है। हमारी बातचीत बहुत अच्छी चल रही है। अमेरिका में मेरे समकक्ष और मेरे बीच बहुत ही शानदार कामकाजी संबंध और व्यक्तिगत मित्रता है। हम इस समझौते को जल्द से जल्द पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं।'' जब उनसे पूछा गया कि 'मदर ऑफ ऑल डील्स' (भारत-ईयू समझौता) के बाद अब भारत और अमेरिका के बीच 'फादर ऑफ ऑल डील्स' कब तक हकीकत बनेगी, तो उन्होंने कहा कि व्यापार समझौतों के लिए कभी कोई समय सीमा तय नहीं की जाती। इन्हें दोनों देशों के हितों को ध्यान में रखते हुए सही समय पर अंतिम रूप दिया जाएगा। अगले सप्ताह वॉशिंगटन की अपनी निर्धारित यात्रा से पहले, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों और रक्षा सहित द्विपक्षीय संबंधों के प्रमुख आयामों पर चर्चा की। उम्मीद है कि वह अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। जब गोयल से पूछा गया कि क्या रूसी तेल की खरीद दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट का कारण है, तो उन्होंने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि यह कोई बाधा या अड़चन है। कुछ गलतफहमियां हो सकती थीं, जिन्हें काफी हद तक सुलझा लिया गया Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 23

Donald Trump का ये विधेयक अमेरिका के लिए मुसीबत, जाएंगी 8.30 लाख से ज्‍यादा नौकरियां

वाशिंगटन डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) ने अमेरिका में एक नया प्रस्‍ताव पेश किया है, जो 'One Big, Beautiful Bill Act' है. यह एक ऐसा बिल है, जिसकी चर्चा सिर्फ अमेरिका में ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी हो रही है. यह बिल अमेरिका के 2017 के टैक्‍स कट को स्‍थायी बनाने का प्रयास है. यह एक व्‍यापक विधेयक है, जिसमें सीमा सुरक्षा, खर्च और टैक्‍स शामिल किए गए हैं. यह बिल कई चीजों को लेकर राहत भी देता है, लेकिन कुछ चीजों पर विवाद भी पैदा कर रहा है. सबसे ज्‍यादा विवाद का विषय अमेरिका में रह रहे दूसरे देश के लोगों द्वारा घर पैसा भेजने पर 5 प्रतिशत का टैक्‍स लगाने पर है. इसके अलावा, रिन्‍यूवेबल एनर्जी जैसी चीजों के लिए सब्सिडी खत्‍म करना. वहीं इस बिल को लेकर कुछ रिपोर्ट का दावा है कि इससे अमेरिका पर भारी कर्ज बढ़ेगा, करीब 36 ट्र‍िलियन डॉलर तक कर्ज में इजाफा हो सकता है. इकोनॉमी पर भी गहरा असर होगा और 8.30 लाख से ज्‍यादा नौकरियां चली जाएंगी. वहीं अमेरिका में रहने वाले लोगों के घरों का बिल भी बढ़ जाएगा. बाइडेन के फैसले को बदलता है ये बिल ट्रंप का यह विधेयक बाइडेन युग के उस आदेश को समाप्त कर देगा, जिसके अनुसार 2032 तक नई कार की बिक्री में दो-तिहाई इलेक्ट्रिक वाहन होंगे. विधेयक में तेल, गैस और कोयला निकालने के लिए कंपनियों द्वारा भुगतान की जाने वाली रॉयल्टी रेट्स में कटौती का प्रस्ताव है. बाइडेन ने रिन्‍यूवेबल एनर्जी जैसी चीजों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी लेकर आए थे, लेकिन अब इस विधेयक से सबकुछ समाप्‍त होने वाला है. खासकर रिन्‍यूवेबल एनर्जी सेक्‍टर्स पर इसका गहरा असर होगा.  830,000 से ज्‍यादा नौकरियां खतरे में द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि क्‍लीन एनर्जी प्रोत्साहन को खत्म करने के लिए रिपब्लिकन द्वारा किया गया प्रयास अमेरिका को बड़े पैमाने पर प्रभावित करेगा, क्योंकि इससे 830,000 से अधिक नौकरियां खत्म हो जाएंगी, अमेरिकी घरों के लिए ऊर्जा बिल बढ़ जाएंगे और लाखों टन अधिक प्रदूषण फैलने का खतरा होगा, जो जलवायु संकट का कारण बन रहा है. रिन्‍यूवेबल एनर्जी के लिए सब्सिडी हो जाएगी खत्‍म ट्रंप का यह विधेयक बाइडेन द्वारा हस्ताक्षरित जलवायु कानून के प्रमुख तत्वों को खत्म करता है, जिसने पूरे अमेरिका में रिन्‍यूवेबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों में निवेश को बढ़ावा दिया था. 'बिग, ब्यूटीफुल' बिल इस साल इलेक्ट्रि कारों के लिए टैक्‍स क्रेडिट समाप्त कर सकता है. विंड, सोलर एनर्जी और यहां तक ​​कि परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहन धीरे-धीरे कम हो जाएंगे और 2032 तक पूरी तरह से समाप्त हो जाएंगे. अमेरिका के लिए नुकसानदायक बिल द गार्जियन की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह रिपोर्ट आपके सोच से भी बदतर है. इससे डेली के खर्च सैकड़ों डॉलर तक बढ़ सकता है और जलवायु परिवर्तन पर किसी भी तरह की कार्रवाई को कम करता है. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि आप नहीं बता सकते हैं कि US की स्थिति कमजोर करने में यह कितना खास होगा. महंगाई, टैरिफ और बिजली के बढ़ते उपयोग के साथ यह प्रस्‍ताव आना नहीं चाहिए था. यह अमेरिका के लिए नुकसानदायक बिल है. अमेरिकी इकोनॉमी के लिए भी खतरा इकोनॉमिक्‍स टाइम्‍स की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन बदलावों से 10 सालों मे अमेरिका की GDP में 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्‍यादा की कमी आएगी. रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रस्तावित बिल से ऊर्जा बिलों में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. 2035 तक, औसत परिवार को ऊर्जा बिलों में 230 डॉलर से अधिक की वृद्धि का सामना करना पड़ने का अनुमान है.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 58

मीटिंग के दौरान ट्रंप ने अचानक ही रामफोसा को नस्लवाद के मुद्दे पर घेरना शुरू कर दिया फिर वह हुआ …….

वाशिंगटन व्हाइट हाउस में एक बार फिर इतिहास दोहराया गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा से भिड़ गए. दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच ठीक वैसी ही तीखी बहस हुई, जैसे कुछ महीने पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और ट्रंप के बीच देखने को मिली थी. दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामफोसा 19 मई को वॉशिंगटन पहुंचे थे. उनकी इस यात्रा का मकसद अफ्रीका और अमेरिका के संबंधों में नई जान फूंकना है. लेकिन व्हाइट हाउस में इस मीटिंग के दौरान ट्रंप ने अचानक ही रामफोसा को नस्लवाद के मुद्दे पर घेरना शुरू कर दिया. ट्रंप ने सिरिल रामफोसा पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में दक्षिण अफ्रीका में श्वेत किसानों का नरसंहार हो रहा है और आप तमाशबीन बने हुए हैं. इस आरोप को जैसे ही रामफोसा ने खारिज करना शुरू किया. ट्रंप ने बिग स्क्रीन पर एक वीडियो दिखाया. इस  वीडियो में दावा किया गया कि दक्षिण अफ्रीका में हजारों श्वेत किसानों की हत्या की गई है. इस दौरान ट्रंप ने मीडिया में छपे कुछ लेख की कॉपी भी सिरिल रामफोसा को दिखाई, जिसमें अफ्रीका में श्वेत किसानों के नरसंहार का दावा किया गया है. रामफोसा को ये कॉपी दिखाते हुए ट्रंप ने जोर देकर कहा Death, Death… इससे माहौल बहुत तनावपूर्ण हो गया. रामफोसा ने ट्रंप को नेल्सन मंडेला की याद दिलाई… ट्रंप के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सिरिल रामफोसा ने कहा कि अफ्रीका में हिंसा बढ़ी है और सभी जातियां और वर्ग इससे जूझ रहे हैं. इन हिंसा में मारे गए लोग सिर्फ श्वेत नहीं है बल्कि अश्वेत भी मारे जा रहे हैं. श्वेतों से ज्यादा अश्वेत लोगों की हत्याएं हुई हैं. रामफोसा ने कहा कि मैंने पहले कभी यह वीडियो नहीं देखा है. हम इसकी प्रमाणिकता का पता लगाएंगे कि वीडियो कहां का है. हमारे देश में अपराध है और इससे सभी प्रभावित हैं फिर चाहे वह श्वेत हो या अश्वेत. मेरी अमेरिकी यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहतर करना था, जो 1994 में रंगभेद युग के बाद से निचले स्तर पर हैं. इस दौरान रामफोसा ने ट्रंप को कतर की सरकार से गिफ्ट में मिले रॉयल प्लेन पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद दूर करने की कोशिश कर रही है. हालांकि, मुझे दुख है कि मेरे पास आपको देने के लिए विमान नहीं है, जिस पर ट्रंप ने कहा कि काश आपके पास होता. बता दें कि ट्रंप के कतर दौरे के दौरान अमेरिका को कतर सरकार की ओर से 3400 करोड़ रुपये का लग्जरी प्लेन गिफ्ट किया गया था. बता दें कि फरवरी महीने में ही ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका को दी जाने वाली सहायता रोकने की घोषणा की थी, जिसका कारण उन्होंने वहां श्वेत लोगों के खिलाफ कथित उत्पीड़न और भूमि अधिग्रहण की नीतियों को बताया था. रामाफोसा ने इसका जवाब देते हुए ट्रंप से दक्षिण अफ्रीका के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने को कहा था. बता दें कि इस साल 20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद यह दूसरा मौका है, जब उनकी व्हाइट हाउस में किसी देश के राष्ट्रपति के साथ बहस हुई. इससे पहले 28 फरवरी को ट्रंप की यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ यूक्रेन जंग पर व्हाइट हाउस में तीखी बहस हुई थी.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 45

राष्ट्रपति ट्रंप ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का टैक्स छूट का दर्जा समाप्त कर दिया

  वॉशिंगटन     अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का टैक्स छूट (Tax Exempt) का दर्जा समाप्त कर दिया है. ट्रंप ने शुक्रवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में इसकी घोषणा की. उनका यह कदम हार्वर्ड जैसी प्रतिष्ठित संस्था पर सरकार की कड़ी निगरानी और नीतिगत बदलावों की ओर इशारा कर सकता है. डोनाल्ड ट्रंप ने 2 मई 2025 को ऐलान किया कि उनका प्रशासन हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का टैक्स-छूट (Tax-Exempt) का दर्जा समाप्त करने जा रहा है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए कहा, 'हम हार्वर्ड का टैक्स-छूट दर्जा समाप्त करने जा रहे हैं. वो इसी लायक हैं.' अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि उनका प्रशासन हार्वर्ड विश्वविद्यालय को अनुदान रोक सकता है, जिसने उनके निर्देशों का पालन नहीं किया है।"और ऐसा लगता है कि हम उन्हें अब और अनुदान नहीं देने जा रहे हैं, है न लिंडा?" समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ट्रम्प की टिप्पणी का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने अमेरिकी शिक्षा सचिव लिंडा मैकमोहन का हवाला दिया था। उन्होंने कहा, "अनुदान देना हमारे विवेक पर निर्भर है और वे वास्तव में अच्छा व्यवहार नहीं कर रहे हैं। इसलिए यह बहुत बुरा है।" विश्वविद्यालय ने पहले ट्रम्प प्रशासन की मांगों की एक सूची को अस्वीकार कर दिया था जिसका उद्देश्य विविधता पहलों पर अंकुश लगाना और यहूदी-विरोधी भावना से लड़ना था। ट्रम्प ने हार्वर्ड को उदारवादी गड़बड़ बताया इससे पहले, डोनाल्ड ट्रम्प ने हार्वर्ड को "यहूदी विरोधी, अति वामपंथी संस्थान" कहा था, क्योंकि विश्वविद्यालय ने उनके प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। ट्रम्प ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, "यह जगह एक उदारवादी गड़बड़ है", उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय ने "पूरी दुनिया से ऐसे छात्रों को प्रवेश दिया है जो हमारे देश को तोड़ना चाहते हैं।" ट्रम्प प्रशासन का हार्वर्ड पर दावा ट्रम्प प्रशासन ने बार-बार हार्वर्ड विश्वविद्यालय पर अमेरिका के सहयोगी देश इजरायल के खिलाफ परिसर में फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनों को लेकर निशाना साधा है। विश्वविद्यालय ने इससे पहले ट्रम्प प्रशासन की मांगों की सूची को अस्वीकार कर दिया था, जिसका उद्देश्य विविधता संबंधी पहलों पर अंकुश लगाना और यहूदी-विरोधी भावना से लड़ना था, तथा इसे मुक्त भाषण और शैक्षणिक स्वतंत्रता पर हमला बताया था। हार्वर्ड के खिलाफ कार्रवाई ट्रम्प प्रशासन ने विश्वविद्यालय के खिलाफ कई कदम उठाए हैं। हार्वर्ड के लिए संघीय निधि में लगभग 9 बिलियन डॉलर की औपचारिक समीक्षा शुरू की गई, विविधता, समानता और समावेशन प्रथाओं पर विश्वविद्यालय प्रतिबंध की मांग की गई, और कुछ फिलिस्तीनी समर्थक समूहों पर कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने विश्वविद्यालय के विदेशी संबंधों के बारे में और अधिक जानकारी मांगी, इसकी कर-मुक्त स्थिति और विदेशी छात्रों को दाखिला देने की इसकी क्षमता को हटाने का प्रस्ताव रखा। अमेरिकी प्रशासन ने यूनिवर्सिटी के लिए संघीय निधि में 2.3 बिलियन डॉलर की राशि रोक दी। इसके बाद हार्वर्ड ने ट्रम्प प्रशासन पर मुकदमा दायर किया। हार्वर्ड के अतिरिक्त, डोनाल्ड ट्रम्प ने फिलिस्तीन समर्थक विरोध प्रदर्शन, DEI, जलवायु पहल और ट्रांसजेंडर अधिकारों जैसे मुद्दों पर अन्य शैक्षणिक संस्थानों को संघीय वित्त पोषण में कटौती की धमकी दी। हार्वर्ड $1 बिलियन के निजी इक्विटी फंड को बेचने के लिए बातचीत कर रहा है मामले से परिचित एक व्यक्ति के हवाले से रॉयटर्स ने खबर दी है कि हार्वर्ड विश्वविद्यालय की संस्था एक अरब डॉलर मूल्य के निजी इक्विटी फंड को बेचने के लिए बातचीत कर रही है , क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संस्था को संघीय धन देने पर रोक लगा दी है। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल शुरू हुई बिक्री प्रक्रिया का राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा वित्त पोषण में कटौती से कोई संबंध नहीं है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 37

Trump ने कर दिया अमेरिकी शिक्षा विभाग को बंद करने वाले आदेश पर हस्ताक्षर, क्या है मामला

वाशिंगटन  अमेरिका में एजुकेशन डिपार्टमेंट यानी शिक्षा विभाग पर ताला लग गया है. डोनाल्ड ट्रंप ने उस आदेश पर अपनी कलम भी चला दी है. जी हां, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शिक्षा विभाग को ‘खत्म’ करने के उद्देश्य से एक आदेश पर हस्ताक्षर किए. यह अमेरिकी दक्षिणपंथियों का दशकों पुराना लक्ष्य रहा है. वो चाहते हैं कि अलग-अलग राज्य संघीय सरकार से मुक्त होकर खुद स्कूलों का संचालन करें. व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में डेस्क पर बैठे स्कूली बच्चों से घिरे डोनाल्ड ट्रंप एक खास समारोह में हस्ताक्षर करने के बाद आदेश दिखाते हुए मुस्कुरा रहे थे. समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह आदेश संघीय शिक्षा विभाग को हमेशा के लिए खत्म करने की शुरुआत करेगा. हम इसे बंद करने जा रहे हैं और जितनी जल्दी हो सके इसे बंद कर देंगे. यह हमारे लिए कुछ नहीं कर रहा है. हम शिक्षा को वापस राज्यों को सौंपने जा रहे हैं, जहां यह होना चाहिए.’ हालांकि, यह भी सच है कि 1979 में बनाए गए अमेरिकी शिक्षा विभाग को कांग्रेस की मंजूरी के बिना बंद नहीं किया जा सकता है. लेकिन ट्रंप के आदेश में इसे फंड और स्टाफ से वंचित करने की शक्ति होने की संभावना है. यह कदम डोनाल्ज ट्रंप के एक चुनावी वादे को पूरा करता है. यह सरकार के क्रूर बदलाव के अब तक के सबसे कठोर कदमों में से एक है जिसे ट्रंप टेक टाइकून एलन मस्क की मदद से अंजाम दे रहे हैं. आदेश में शिक्षा सचिव लिंडा मैकमोहन को ‘शिक्षा विभाग को बंद करने और शिक्षा प्राधिकरण को राज्यों को वापस करने की सुविधा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने’ का निर्देश दिया गया है. शिक्षा विभाग को आखरि ट्रंप ने क्यों किया 'बंद'? ट्रंप ने राष्ट्रपति की कुर्सी पर वापसी के लिए अपने चुनावी कैंपेन में एक वादा किया था- वादा था कि शिक्षा का विकेंद्रीकरण करने का. यानी केंद्र सरकार के हाथ में शिक्षा की बागड़ोर नहीं होगी. उन्होंने कहा था कि वह विभाग की शक्तियों को राज्य सरकारों को सौंप देंगे, जैसा कि कई रिपब्लिकन दशकों से चाहते थे. बता दें कि परंपरागत रूप से, अमेरिका में शिक्षा में फेडरल सरकार (केंद्रीय सरकार) की सीमित भूमिका रही है. प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूलों के लिए केवल 13 प्रतिशत फंड केंद्र के खजाने से आता है. बाकी राज्यों और स्थानीय समुदायों द्वारा वित्त पोषित किया जाता है. लेकिन कम आय वाले स्कूलों और विशेष जरूरतों वाले छात्रों के लिए केंद्र से आने वाला फंड अमूल्य है, उनके चलने का जरीया है. अब तक फेडरल सरकार छात्रों के लिए प्रमुख नागरिक अधिकार सुरक्षा लागू करने में आवश्यक रही है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 43

अब चीन का एक्शन, अमेरिकी आयात पर इतने प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने एक्शन से टैरिफ वॉर शुरू करते दिख रहे हैं और इसने वर्ल्ड इकनॉमी में खलबली मचा दी है. अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद से डोनाल्ड ट्रंप एक के बाद एक देशों से आयात पर टैरिफ (टैक्स) लगा रहे हैं और अब दूसरे देश जवाबी कदम उठा रहे हैं. मंगलवार, 4 मार्च को पहले कनाडा, मैक्सिको और चीन के खिलाफ ट्रंप के नए टैरिफ की घोषणा की और इसके लागू होते ही चीन और कनाडा ने जवाबी कार्रवाई का ऐलान कर दिया है. यहां हम आपको बताएंगे कि अमेरिका ने किन देशों पर कितना टैरिफ लगाया है और उन देशों ने जवाब में क्या कदम उठाए हैं. फिर आपको आसान शब्दों में बताएंगे कि टैरिफ होता क्या है और ट्रंप इसका इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं. अमेरिका ने किसपर कितना टैरिफ लगाया? राष्ट्रपति ट्रंप ने कनाडा और मैक्सिको के खिलाफ 25% टैरिफ और चीन के खिलाफ 20% टैरिफ की घोषणा की है. चीन पर पिछले महीने जो 10% टैरिफ लगाया गया था, उसे अब दोगुना कर दिया गया है. चीन की जवाबी कार्रवाई बीजिंग के वित्त मंत्रालय ने चिकन, गेहूं, मक्का और कपास सहित कई अमेरिकी कृषि आयातों पर 15% टैरिफ की घोषणा की है. साथ ही सोयाबीन, पोर्क, बीफ, फल, सब्जियां और डेयरी उत्पादों जैसे अन्य उत्पादों पर 10% टैरिफ लगाया है. ये टैक्स 10 मार्च से लागू होंगे. साथ ही चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने 10 अमेरिकी कंपनियों को तथाकथित "अविश्वसनीय इकाई सूची" (unreliable entity list) में और 15 अमेरिकी संस्थाओं को निर्यात नियंत्रण सूची में जोड़ा है, जो आज से प्रभावी हो जाएगा. जिन अमेरिकी संस्थाओं को चीन ने निशाना बनाया है, उनमें अमेरिकी बायोटेक फर्म इल्लुमिनिया (Illuminia) शामिल है. चीन ने इल्लुमिनिया पर आरोप लगाया है कि वह "चीनी कंपनियों के खिलाफ भेदभावपूर्ण कदम" उठाती है. 4 मार्च से इल्लुमिनिया को चीन में जीन अनुक्रमण यानी सिक्वेंसिंग की मशीनों के निर्यात पर बैन लगा दिया है. चीन की निर्यात नियंत्रण लिस्ट में जोड़ी गई 15 संस्थाओं में एविएशन, समुद्री इंजीनियरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र की कंपनियां शामिल हैं. कनाडा ने भी टैरिफ लादा कनाडा ने घोषणा की है कि वह 4 मार्च से 107 बिलियन डॉलर (155 बिलियन कनाडाई डॉलर) के अमेरिकी सामानों पर 25% का जवाबी टैरिफ लगाएगा. रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अमेरिका के टैरिफ को टालने के प्रयास में कहा कि अगर ट्रंप प्रशासन अपनी योजना पर अमल करता है तो कनाडा मंगलवार से अमेरिकी सामानों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा. मैक्सिको ने भी कर ली तैयारी बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार जहां एक तरफ कनाडा और चीन पहले ही जवाबी टैरिफ लगाने की कसम खा चुके हैं, वहीं मेक्सिको भी 24 घंटे के अंदर जवाबी टैरिफ लगा सकता है. मैक्सिको से होने वाले आयात पर अमेरिका के 25% टैरिफ लागू होने से पहले, मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने कहा कि उनके देश ने आकस्मिक योजनाएं बनाई हैं. उन्होंने कहा, “इस स्थिति में, हमें संयम, शांति और धैर्य की आवश्यकता है. हमारे पास प्लान ए, प्लान बी, प्लान सी और यहां तक ​​कि प्लान डी भी है." शीनबाम ने कहा कि वह कनाडाई समयानुसार मंगलवार को मेक्सिको के जवाब के बारे में और बात करेंगी. टैरिफ क्या होता है? टैरिफ दूसरे देशों से आयात होने वाली वस्तुओं पर लगाया जाने वाला टैक्स है. जो कंपनियां विदेशी सामान देश में लाती हैं वे सरकार को टैक्स देती हैं. सरकार इस टैक्स को बढ़ाकर उस सामान की कीमत बढ़ा सकती है और टैक्स कम करके उसकी कीमत कम कर सकती है. यानी कुल मिलाकर सरकार टैरिफ के जरिए इस चीज को कंट्रोल करती है कि उसे देश में कौन सा विदेशी सामान चाहिए और कितना चाहिए. आमतौर पर, टैरिफ किसी प्रोडक्ट के कीमत का एक खास प्रतिशत होता है. आपको उदाहरण से बताते हैं. जैसे ट्रंप ने चीन पर 20% टैरिफ लगाया है. अब इसका मतलब हुआ कि चीन से अगर 10 डॉलर का कोई सामान अमेरिका के अंदर आता है तो उसपर 2 डॉलर का अतिरिक्त टैक्स लगेगा. अब यह कंपनियों पर निर्भर करता है कि वो टैरिफ की कुछ या पूरी लागत अपनी ग्राहकों पर डालती है या नहीं. अब अमेरिका में चीन, कनाडा और मेक्सिको से आने वाले सामान की कीमत अचानक से बढ़ सकती है. ट्रंप टैरिफ क्यों लगा रहे हैं? इसका आसान सा जवाब ट्रंप के चुनावी स्लोगन 'अमेरिका फर्स्ट' में छिपा है. ट्रंप संरक्षणवादी है यानी अमेरिका के अपने बिजनेस को तरजीह देते हैं. ऐसे में जो टैरिफ वाला हथकंडा है वो ट्रंप की आर्थिक योजनाओं का एक केंद्रीय हिस्सा है. उनका कहना है कि टैरिफ से अमेरिकी के अंदर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और नौकरियों की रक्षा होगी, साथ ही सरकार को मिलने वाला टैक्स बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था में बढ़ोतरी होगी. ड्रग्स सप्लाई पर ऐक्शन ट्रंप ने फरवरी में तीनों देशों पर टैरिफ जड़ने का ऐलान किया था। ट्रंप के मुतबिक कनाडा और मेक्सिको की सीमा से अवैध नशीले पदार्थों का कारोबार चल रहा है जिसकी रोकथाम के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। बाद में कनाडा और मेक्सिको की ओर से सीमा सुरक्षा को लेकर वादे करने पर उनके ऊपर 25% टैरिफ के फैसले को एक महीने के लिए स्थगित कर दिया था। उनसे सोमवार को इस बारे में सवाल किया गया कि क्या अभी दोनों देशों से इसे लेकर कोई डील की जा सकती है तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया और दोहराया कि टैरिफ मंगलवार से लागू हो रहे हैं। ट्रंप ने 2 अप्रैल से जवाबी टैरिफ जड़ने का ऐलान भी किया है। फरवरी अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर ट्रंप ने कहा था कि मेक्सिको और कनाडा से अभी भी बड़े और अस्वीकार्य स्तर पर ड्रग्स आ रहे हैं। ट्रंप के मुताबिक 1 लाख से ज्यादा लोगों की मौत इन ड्रग्स के कारण हुई है। उन्होंने दावा किया था कि इनमें से ज्यादातर, जो फेंटनिल प्रकार के हैं, वे चीन से सप्लाई हो रहे हैं। अपने हालिया फैसले में ट्रंप ने चीन के ऊपर लगने वाली 10% ड्यूटी के ऊपर अतिरिक्त 10% ड्यूटी जड़ दी है। राष्ट्रपति का आरोप है कि चीन ने अवैध ड्रग्स के कारोबार को रोकने के … Read more

डोनाल्ड ट्रंप का गाजा का पुनःनिर्माण में निकल जाएंगा पसीना! सिर्फ मलबा साफ करने में 1.2 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च

गाजा  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा पर कब्जा करने और उसे जन्नत बनाने की बात कही है। ट्रंप के बयान ने दुनिया को चौंका दिया है। अरब देशों के साथ साथ अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी ने भी उनके प्लान की निंदा की है। डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा को 'मध्य पूर्व का रिवेरा' बनाने और 'गाजा को फिर से महाने बनाने' का अपना प्लान पेश किया है। जिसके तहत गाजा में रहने वाले करीब 23 लाख लोगों को उन्होंने मिस्र, जॉर्डन और अरब देशों में भेजने की पेशकश की है। हालांकि, उनके प्लान को अरब देशों ने फौरन ही खारिज कर दिया। डोनाल्ड ट्रंप के प्लान पर विवाद जरूर हो रहे हैं, लेकिन एक सवाल भी उठ रहे हैं कि इजरायली बमबारी में ध्वस्त हो चुके गाजा का फिर से निर्माण कैसे होगा? डोनाल्ड ट्रंप के प्लान पर शक करने वाले लोगों का कहना है, कि असल में ये गाजा में रहने वाले लोगों के सफाए के लिए बनाया गया ये एक फॉर्मूला है। लोगों का कहना है कि ट्रंप का प्लान असल में गाजा पर कब्जा करना है। लेकिन सवाल ये है, कि गाजा को जन्नत बनाने में कितने साल लगेंगे? और गाजा स्वर्ग की तरह दिखे, ऐसा होने में जो खर्च आएगा, उसे कौन वहन करेगा? एक्सपर्ट्स का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा के लिए जो प्लान किया है, उसे पूरा करने में कई सालों का वक्त लगेगा और अरबों डॉलर का खर्च आएगा। गाजा को फिर से बनाने में कितने साल लगेंगे? गाजा में जिस तरह की बर्बादी फैली है, उसे देखते हुए एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि पुननिर्माण में कम से कम 20 सालों से ज्यादा का वक्त लगेगा। गाजा को साफ करने में अमेरिका को लाखों टन मलबा पट्टी से बाहर निकालना होगा। मलबे को निकालने में ही कई सालों का वक्त लग जाएगा। सवाल ये भी हैं, कि आखिर इतना मलबा कहां रखा जाएगा? ब्रिटिश सेना के कर्नल रिचर्ड केम्प ने द सन की रिपोर्ट में डोनाल्ड ट्रंप के प्लान का समर्थन किया है। उन्होंने इसे एक तार्किक योजना बताया है। उन्होंने कहा, कि "गाजा के पुनर्निर्माण में कम से कम एक दशक का समय लगेगा।" केम्प ने द सन की रिपोर्ट में कहा है, कि "गाजा को एक ऐसी जगह में बदलने के लिए, जहां लोग फिर से रह सकें, इसमें शायद कम से कम एक दशक लगने वाला है।" उन्होंने कहा, कि "इसमें शायद अरबों डॉलर खर्च होंगे, लेकिन मध्य पूर्व में कई अरब देश हैं, और वो इस प्रोजेक्ट में मदद दे सकते हैं।" हालांकि, बुधवार को व्हाइट हाउस ने कहा है, कि ट्रंप ने फिलिस्तीनी एन्क्लेव के अपने प्रस्ताव के तहत गाजा पट्टी में अमेरिकी सैनिकों को तैनात करने के लिए कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने संवाददाताओं से कहा, कि ट्रंप का मानना है कि "क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए" गाजा के पुनर्निर्माण में संयुक्त राज्य अमेरिका को शामिल होना चाहिए। गाजा पट्टी में कितनी बर्बादी फैली है? यूनाइटेड नेशंस ने अनुमान लगाा है, कि गाजा में करीब 50 मिलियन टन मलबा फैला है, जिसे साफ करने में 21 सालों का वक्त लग सकता है। अनुमान में कहा गया है, कि गाजा पट्टी से सिर्फ मलबा साफ करने में 1.2 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च हो सकते हैं। केम्प ने कहा कि, "मेरा मानना है, कि गाजा में लोगों को ट्रंप के प्लान के मुताबिक अलग रखा जाए, सुरंगों को साफ किया जाए, हथियारों को हटाया जाए और फिर एक नये गाजा का निर्माण किया जाए। हवाई अड्डे का निर्माण हो, बंदरगाह का निर्माण हो और ये सभी के लिए बेहतर होगा।" लेकिन असल सवाल ये है, कि क्या गाजा से लोगों को निकालना संभव है? डोनाल्ड ट्रंप ने सुझाव दिया है, कि गाजा के लोगों को निकालकर अस्थाई तौर पर मिस्र और जॉर्डर में बसाया जाए, जिसे दोनों देशों ने खारिज कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, कि "गाजा के लोगों ने मौत और विनाश के अलावा कुछ नहीं देखा है और अगर नये गाजा का निर्माण होगा, तो कौन होगा जो वापस नहीं जाना चाहेगा।" अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, गाजा "मध्य पूर्व का रिवेरा" होगा। लेकिन, सवाल ये है कि क्या ऐसा संभव है? Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 53

अमेरिका गाजा पट्टी में आर्थिक विकास करेगा जिससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार और आवास उपलब्ध हो सकेगा: डोनाल्ड ट्रंप

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रत्याशित ऐलान करते हुए कहा कि अमेरिका गाजा पट्टी पर अपना स्वामित्व कायम करेगा और उसे अपने अधीन करेगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका गाजा पट्टी में आर्थिक विकास करेगा जिससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार और आवास उपलब्ध हो सकेगा। ‘व्हाइट हाउस’ में ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में ये बातें कहीं। हालांकि, ट्रंप ने कहा कि वहां मौजूद सभी खतरनाक बमों और अन्य हथियारों को निष्क्रिय करने, जगह को समतल करने और तबाह हो चुकी इमारत को हटाने की जिम्मेदारी हमारी होगी। हालांकि, उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी कि वहां किसे रहने की अनुमति दी जाएगी। इस बीच अमेरिकी सांसद और ट्रंप की पार्टी की सदस्य नैन्सी मेस ने आह्वान किया, "आइए, गाजा को मार-ए-लागो में तब्दील करें।" रिपब्लिकन सांसद मेस ने यह टिप्पणी और आह्वान तब किया, जब सोशल मीडिया पर ट्रंप के बयान की तीखी आलोचना हो रही है। हालांकि, कई लोग गाजा को अमेरिका के अधीन करने के ट्रंप के प्रस्ताव का समर्थन भी कर रहे हैं। मेस अकेली नहीं हैं, जो ट्रंप के इस अभियान की समर्थक बनकर उभरी हैं। क्या है मार-ए-लागो मार-ए-लागो, संयुक्त राज्य अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य में पाम बीच के बैरियर द्वीप पर 17 एकड़ में बना एक रिसॉर्ट है। यह एक राष्ट्रीय ऐतिहासिक स्थल भी है, जिसमें 126 कमरे हैं। यह 62,500 वर्ग फीट क्षेत्र में फैला है। 1985 से डोनाल्ड ट्रम्प के स्वामित्व में है। 2019 से यह संपत्ति उनका प्राथमिक निवास स्थान है। 1924 और 1927 के बीच फ्लोरिडा भूमि बूम के दौरान मार-ए-लागो का निर्माण व्यवसायी और सोशलाइट मार्जोरी मेरिवेदर पोस्ट के लिए किया गया था। 1973 में अपनी मौत से पहले पोस्ट ने राष्ट्रीय उद्यान सेवा को ये रिसॉर्ट दे दिया था। बाद में 23 दिसंबर 1980 को अमेरिकी संसद के अधिनियम 96-586 द्वारा पोस्ट फाउंडेशन को इसे वापस कर दिया गया था। 1985 में रियल इस्टेट कारोबारी डोनाल्ड ट्रंप ने इसका अधिग्रहण कर लिया था। इसे विंटर व्‍हाइट हाउस भी कहा जाता है। ट्रंप ने मार-ए-लागो को 10 मिलियन डॉलर में खरीदा था और अब इसकी कीमत 342 मिलियन डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में करीब 3 हजार करोड़ रुपए है। इसमें 128 कमरे, 58 बेडरूम और 33 बाथरूम हैं। बाथरूम तक में सोने की परत चढ़ी है। साथ ही यहां थिएटर, प्राइवेट क्लब और स्पा भी हैं। इसे ब्रह्मांड का केंद्र भी कहा जाता है। गाजा पट्टी का भूगोल कैसा है मेसी की तरह अन्य कई रिपब्लिकन चाहते हैं कि भूमध्यसागर के पूर्वी किनारे पर 41 किलोमीटर लंबे और 6 से 12 किलोमीटर चौड़ी गाजा पट्टी, जिसका कुल क्षेत्रफल 360 वर्ग किलोमीटर है, का अमेरिकी सरकार मार-ए-लागो की तर्ज पर विकास और पुनर्निर्माण करे। फिलहाल इजरायली हमले में गाजा पट्टी तबाह हो चुकी है और वहां की इमारतें खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं। इजरायल और हमास के बीच 15 महीने से चल रहे संघर्ष में गाजा को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, जिसमें 47,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। दूसरी तरफ, सऊदी अरब, जॉर्डन और मिस्र जैसे अन्य इस्लामिक देशों ने पहले ही ट्रम्प के गाजा पर कब्जा करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र में भी फिलिस्तीनी राजदूत ने कहा कि यह हमारी मातृभूमि है और किसी को नहीं दे सकते। इस बीच, इजरायल सरकार और हमास के बीच युद्ध विराम समझौते के बावजूद मध्य पूर्व में तनाव उच्चतम स्तर पर बना हुआ है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 42

‘सत्ता हस्तांतरण को मुश्किल बनाने की हरसंभव कोशिश’, अमेरिका: डोनाल्ड ट्रंप का बाइडन पर बड़ा आरोप

वाशिंगटन। अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को शपथ लेंगे। इससे पहले, रिपब्लिकन नेता ने मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्रंप का कहना है कि डेमोक्रेटिक नेता सत्ता के हस्तांतरण को मुश्किल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने हाल के दिनों में जलवायु और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर बाइडन के कार्यकारी आदेशों का उदाहरण देते हुए यह आरोप लगाया। डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे। इसी के साथ वह अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ में बाइडन की जगह ले लेंगे। रिपब्लिकन नेता ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा, ‘बाइडन सत्ता हस्तांतरण को मुश्किल बनाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। इसलिए इस तरह के फैसले लिए जा रहे हैं जो पहले कभी नहीं देखे गए। ‘ग्रीन न्यू स्कैम’, धन की बर्बादी के फैसले और हास्यास्पद कार्यकारी आदेश इसके उदाहरण हैं।’ डरो मत…. उन्होंने कहा, ‘डरो मत, ये सभी आदेश जल्द ही समाप्त हो जाएंगे हम सामान्य समझ तथा ताकत वाला देश बन जाएंगे।’ अमेरिकी संसद द्वारा ट्रंप की जीत की पुष्टि किए जाने से कुछ पहले और बाइडन के अमेरिका के अधिकांश तटरेखा पर तेल तथा प्राकृतिक गैस के लिए खोदाई पर प्रतिबंध लगाने के आदेश के बाद उनका यह बयान आया। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 70

विरोध को किया खारिज’, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बोले, ‘एच-1बी’ वीजा पर है विश्वास

न्यूयॉर्क। राष्ट्रपति-चुनाव डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि वे "एच-1बी" वीजा में विश्वास करते हैं, उन्होंने योग्य पेशेवरों के विरोध को लेकर चल रही खबरों को खारिज कर दिया। "यह एक शानदार कार्यक्रम है," उन्होंने शनिवार को न्यूयॉर्क पोस्ट को एक फोन साक्षात्कार में बताया। अपने अनूठे अंदाज में उन्होंने कहा, "मुझे हमेशा से वीजा पसंद रहे हैं, मैं हमेशा से वीजा के पक्ष में रहा हूं। इसलिए हमारे पास ये हैं।" उन्होंने रूपर्ट मर्डोक-नियंत्रित न्यूज कॉर्प का हिस्सा अखबार से कहा, "मेरी संपत्तियों पर कई एच-1बी वीजा हैं। मैं एच-1बी में विश्वास करता रहा हूं। मैंने इसका कई बार इस्तेमाल किया है।" ट्रंप ने आव्रजन प्रणाली में सुधार का समर्थन किया है ताकि इसे योग्यता के अनुरूप ढाला जा सके। कनाडा या ऑस्ट्रेलिया की तरह एक अंक प्रणाली को अपनाया जा सके जो शैक्षणिक और रोजगार योग्यताओं को महत्व देती है। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि अमेरिकी विश्वविद्यालयों से स्नातक करने वाले विदेशी छात्रों को उनके डिप्लोमा के साथ ग्रीन कार्ड मिले। उन्होंने इस साल अपने अभियान के दौरान कहा, "मैं जो करना चाहता हूं और जो मैं करूंगा, वह यह है कि आप कॉलेज से स्नातक हों, मुझे लगता है कि आपको अपने डिप्लोमा के हिस्से के रूप में इस देश में रहने में सक्षम होने के लिए स्वचालित रूप से ग्रीन कार्ड मिलना चाहिए।" एच-1बी वीजा और उच्च योग्यता वाले व्यक्तियों के आव्रजन पर मतभेद ट्रंप तब उभरा जब उन्होंने एक भारतीय अप्रवासी श्रीराम कृष्णन को अपना एआई सलाहकार नियुक्त किया। सबसे पहले हमला लॉरा लूमर ने विरोध में आवाज उठाई। जिन्हें ट्रंप के वफादारों में से एक माना जाता है। उन्होंने मस्क के एक्स पर पोस्ट किया, "श्रीराम कृष्णन की नियुक्ति को देखकर बहुत परेशान हूं।" लॉरा ने दावा किया कि कृष्णन ग्रीन कार्ड की संख्या पर सभी पाबंदी हटाने की ख्वाहिश रखते हैं। डेविड सैक्स, जिन्हें ट्रंप ने क्रिप्टो और एआई जार का नाम दिया है और जो कृष्णन के बॉस होंगे, ने एक्स पर बताया कि उन्होंने केवल उन ग्रीन कार्डों की सीमा को हटाने का सुझाव दिया था जो अलग-अलग देशों को दिए जा सकते हैं, जबकि समग्र सीमा को बनाए रखा ताकि ग्रीन कार्ड उन लोगों को वितरित किए जा सकें जिनके पास बहुत अधिक बैकलॉग हैं। जब कृष्णन के खिलाफ व्यक्तिगत हमले और झूठे आरोप लगे तो सैक्स फिर से उनके बचाव में आए और एक्स पर लिखा कि "झूठ बस बदल गया, जिसमें उन पर कुछ हमले भी शामिल थे।" मस्क ने व्यक्तिगत दृष्टिकोण अपनाया और एक्स पर पोस्ट किया, "मैं अमेरिका में इतने सारे महत्वपूर्ण लोगों के साथ हूं, जिन्होंने स्पेसएक्स, टेस्ला और सैकड़ों अन्य कंपनियों का निर्माण किया, जिन्होंने अमेरिका को मजबूत बनाया, इसका कारण एच-1बी है।" उन्होंने चेतावनी दी कि दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित किए बिना अमेरिका "हार" जाएगा। उन्होंने एक्स पर लिखा, "उत्कृष्ट इंजीनियरिंग प्रतिभा की स्थायी कमी है। यह सिलिकॉन वैली में मूलभूत सीमित कारक है।" उन्होंने लिखा, "यदि आप दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को दूसरे पक्ष के लिए खेलने के लिए मजबूर करते हैं तो अमेरिका हार जाएगा और आलोचकों को चुनौती देते हुए पूछा कि क्या वे अमेरिका को जीतते या हारते देखना चाहते हैं। भारतीय अब तक एच-1बी वीजा के सबसे बड़े प्राप्तकर्ता हैं, जिन्हें पिछले साल 72.3 प्रतिशत प्राप्त हुए। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 57

अमेरिका में अवैध प्रवासियों को खदेड़ने के लिए ट्रंप ने की तैयार, हजारों भारतीयों पर गिरेगी गाज

वाशिंगटन अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शपथ लेते ही अवैध प्रवासियों पर सख्त एक्शन लेने की तैयारी में हैं। अपने चुनावी अभियान में बार-बार अमेरिका को प्रवासी मुक्त बनाने की बात करने वाले ट्रंप ने इसके लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। डोनाल्ड ट्रंप का यह कदम अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़े निर्वासन को अंजाम देने की योजना का हिस्सा है। ट्रंप की इस योजना को अंजाम देने के लिए US इमिग्रेशन एंड कस्टम इंफोर्समेंट (ICE) ने देश से बाहर खदेड़ने के लिए लगभग 15 लाख लोगों की लिस्ट तैयार कर ली है। खबरों के मुताबिक इस लिस्ट में लगभग 18,000 अवैध भारतीय भी शामिल हैं। पिछले महीने जारी ICE डेटा के मुताबिक अमेरिका में देश छोड़ने के आदेश वाले डॉकेट के 15 लाख लोगों में 17,940 भारतीय शामिल हैं। इन्हें जल्द ही भारत लौटना पड़ सकता है। इंडिया टुडे ने एक रिपोर्ट के बताया है कि अमेरिका में फिलहाल भारत से गए लगभग 7, 25,000 अवैध प्रवासी हैं। मैक्सिको और अल सल्वाडोर के बाद अमेरिका में सबसे ज्यादा अवैध प्रवासी भारत से ही हैं। वहीं होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2022 में अमेरिका में लगभग 11 मिलियन अवैध प्रवासी रह रहे थे। इस बीच डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर कहा है कि वह अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकालने के लिए कुछ भी करेंगे। उन्होंने कहा है कि जरूरत पड़ी तो वह इसके लिए अमेरिकी सेना का भी प्रयोग करेंगे। उन्होंने गुरुवार को प्रकाशित एक इंटरव्यू में बताया में यह बात दोहराई है। ट्रंप ने कहा है कि किसी देश में अवैध रूप से घुसना आक्रमण के बराबर है जिसे रोकने की जरूरत है। ट्रंप ने खुद के टाइम 'पर्सन ऑफ द ईयर' बनने की घोषणा के बाद कहा, "मैं इसे हमारे देश पर आक्रमण मानता हूं।” ट्रंप ने आगे कहा, "मैं नहीं चाहता कि वे अगले 20 सालों तक शिविर में बैठे रहें। मैं चाहता हूं कि वे बाहर निकलें और उन्हें अपने देशों में वापस जाना होगा।" Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 49

अमेरिका में भारतीयों को लगेगा बड़ा झटका, डोनाल्ड ट्रंप आते ही बदलना चाहते हैं 150 साल पुराना कानून

वॉशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए डोनाल्ड ट्रंप सत्ता संभालते ही जन्मजात नागरिकता वाले 150 साल पुराने कानून को बदलना चाहते हैं। वह 20 जनवरी को वाइट हाउस पहुंचेंगे और आते ही इस कानून को खत्म करने की तैयारी है। उनका कहना है कि यह कानून गलत है और इससे अमेरिका की समस्याएं बढ़ रही हैं। इससे अवैध रूप से अमेरिका में एंट्री करने वाले लोगों के बच्चों को भी नागरिक बनने का अवसर मिल रहा है और वे यहां के संसाधनों का लाभ उठा रहे हैं। अमेरिका के नागरिक कानून के मुताबिक किसी भी देश के रहने वाले लोग यदि वहां जाते हैं और उधर बच्चे का जन्म होता है तो वह बच्चा अमेरिकी नागरिकता का हकदार हो जाता है। इसी पर डोनाल्ड ट्रंप और उनके सलाहकारों को आपत्ति है। एक इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'हम इस कानून को बदलने जा रहे हैं। हमें लोगों के बीच जाना होगा, लेकिन कानून तो बदलेंगे।' डोनाल्ड ट्रंप के एक सलाहकार ने कहा कि हर देश में इस तरह का कानून नहीं है। अमेरिका में ही ऐसा है और लोग इसका बेजा इस्तेमाल करते हुए फायदा उठा रहे हैं। इसलिए हमें सिस्टम में ही बदलाव करना होगा। अमेरिका संविधान के 14वें संशोधन के तहत जन्म के साथ नागरिकता के अधिकार का कानून बनाया गया था। यह कानून कहता है, 'अमेरिका में पैदा हुए सभी लोग नागरिकता के हकदार हैं। वह यहां की न्यायिक व्यवस्था के तहत भी आते हैं। भले ही अमेरिका के किसी भी राज्य में पैदा हुए हों।' ट्रंप समेत इस कानून के आलोचकों का कहना है कि इससे अमेरिका में बर्थ टूरिज्म बढ़ा है। रिसर्च फॉर नंबर्स संस्थान के डायरेक्टर एरिक रुआर्क कहते हैं कि बड़े पैमाने पर ऐसा होता है कि गर्भवती महिलाएं अमेरिका में आ जाती हैं और यहां बच्चे को जन्म दिया जाता है। ऐसा इसलिए लोग करते हैं ताकि उनके बच्चे को अमेरिका की नागरिकता मिल जाए। अब ऐसा कानून बनाना होगा कि कोई अमेरिका में आकर बच्चे को जन्म दे तो इतने भर से ही नागरिकता न मिल जाए। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम परिवारों को तोड़ना नहीं चाहते। इसलिए एक ही तरीका है कि पूरा परिवार साथ रहे और अमेरिका से चला ही जाए। इसका अर्थ हुआ कि जिन लोगों को जन्म के आधार पर अमेरिका की नागरिकता मिली है, उन्हें भी बाहर किया जाएगा। यदि ऐसा कानून आया तो फिर भारतीयों पर भी बड़ा असर होगा। प्यू रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार 48 लाख भारतीय मूल के लोग अमेरिका में बसे हैं। इनमें से 16 लाख को जन्म के आधार पर ही नागरिकता मिली है। यदि इस कानून के वापस किया गया तो फिर जन्म के प्रमाण पत्र को लोग नागरिकता के प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 64

राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया एजेंडा?, अमेरिका के दुश्मनों को जेल और समर्थकों को माफी

वॉशिंगटन. अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव जीतने के बाद पहली बार अपने दूसरे कार्यकाल की प्राथमिकताओं पर खुलकर बात की है। इस दौरान उन्होंने आव्रजन को लेकर नियम सख्त करने, कानूनों को बदलने, कैपिटल हिल पर अपने समर्थकों के प्रदर्शन से लेकर आलोचकों को सजा दिलाने तक पर बात की। ट्रंप ने एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में साफ किया कि अगले महीने राष्ट्रपति पद ग्रहण करने के दिन ही वे 2020 में कैपिटल हिल हिंसा में शामिल रहे अपने समर्थकों को माफी दे देंगे। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप के बाइडन के खिलाफ चुनाव हारने के बाद उनके समर्थकों ने अमेरिकी संसद पर धावा बोल दिया था। ट्रंप समर्थक इस दौरान संसद में घुस आए थे और जमकर बवाल काटा था। इस दौरान कैपिटल हिल पर हिंसा की भी कई घटनाएं सामने आई थीं। तब अमेरिकी पुलिस और एजेंसियों ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था और कुछ पर केस भी चलाए गए। ट्रंप ने साफ किया कि वह हिंसा में शामिल हर किसी को माफी नहीं देंगे, खासकर बेवकूफ और कट्टरपंथियों को। हालांकि, उन्होंने पुलिस-प्रवर्तन अधिकारियों के उत्पीड़न में शामिल प्रदर्शनकारियों का बचाव करते हुए कहा कि उनके पास कोई चारा नहीं था। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 57

डोनाल्ड ट्रंप ने दिया मजाकिया अंदाज में ऑफर, कहा-अगर दिक्कत है तो कनाडा को अमेरिका में मिला दो, 51वां राज्य बना देंगे

वाशिंगटन कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में हुई मुलाकात एक बार फिर सुर्खियों में है। इस मुलाकात के दौरान ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में ट्रूडो को कनाडा को अमेरिका का हिस्सा बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि अगर कनाडा पर टैरिफ का खतरा है, तो वह अमेरिका का 51वां राज्य बन सकता है। डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कनाडा पर 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, जिससे कनाडा की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता था। इस मामले पर चर्चा के लिए ट्रूडो ने ट्रंप से मार-ए-लागो (फ्लोरिडा) में मुलाकात की। ट्रूडो का मकसद टैरिफ के इस खतरे को टालना और दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत रखना था।   क्या हुआ बातचीत में? ट्रूडो ने ट्रंप से कहा कि 25% टैरिफ लगने से कनाडा की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बर्बाद हो सकती है।   ट्रंप ने पलटकर कहा, "कनाडा की अर्थव्यवस्था तब तक जिंदा नहीं रह सकती, जब तक वह अमेरिका को 100 बिलियन डॉलर का नुकसान पहुंचा रहा है।"   ट्रंप ने कनाडा पर आरोप लगाया कि उसने 70 से अधिक देशों के अवैध अप्रवासियों को सीमा पार करने की अनुमति दी है।   उन्होंने यह भी कहा कि ड्रग्स और मानव तस्करी रोकने में कनाडा नाकाम रहा है, जिससे अमेरिकी सीमाएं असुरक्षित हो गई हैं।   ट्रंप ने कहा कि कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापार घाटा 100 बिलियन डॉलर से भी अधिक है।   उन्होंने यह चेतावनी दी कि अगर ये मुद्दे हल नहीं हुए, तो वह राष्ट्रपति पद ग्रहण करने के पहले दिन से ही कनाडा के सभी उत्पादों पर 25% टैरिफ लागू कर देंगे।   ट्रंप का विवादित सुझाव बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अगर कनाडा इन समस्याओं को हल नहीं कर सकता, तो बेहतर होगा कि वह अमेरिका का हिस्सा बन जाए। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, *"कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बन जाना चाहिए। आप (जस्टिन ट्रूडो) गवर्नर बन सकते हैं।" ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि प्रधानमंत्री का पद गवर्नर से बेहतर है, लेकिन यह भी बुरा विकल्प नहीं होगा।     ट्रूडो की प्रतिक्रिया ट्रंप की इस बात पर जस्टिन ट्रूडो और उनके साथ मौजूद अन्य लोग पहले चौंक गए, लेकिन बाद में उन्होंने इसे मजाक मानकर टाल दिया। हालांकि, ट्रूडो ने जोर देकर कहा कि कनाडा की अर्थव्यवस्था पर 25% टैरिफ का असर बहुत गंभीर होगा।   मामले पर लोगों का रिएक्शन ट्रंप का यह बयान भले ही मजाक में दिया गया हो, लेकिन सोशल मीडिया और विशेषज्ञ इसे हल्के में नहीं ले रहे हैं। – कई लोगों ने इसे कनाडा-अमेरिका संबंधों पर ट्रंप की रणनीतिक सोच का संकेत माना है। वहीं, कुछ ने इसे ट्रंप के अप्रत्याशित बयानबाजी का हिस्सा बताया।   यह मुलाकात न सिर्फ टैरिफ और व्यापार घाटे जैसे मुद्दों को उजागर करती है, बल्कि कनाडा-अमेरिका संबंधों की नाजुक स्थिति को भी दिखाती है। ट्रंप की तरफ से दिया गया सुझाव भले ही मजाकिया हो, लेकिन इसके पीछे की गंभीरता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।  Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 98

डोनाल्ड ट्रंप के आने से घबराया है व्यापार जगत? जयशंकर बोले- लेन-देन होता रहेगा

नई दिल्ली डोनाल्ड ट्रंप अगले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति का पदभार संभालने वाले हैं। उससे पहले भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर संभावित ट्रंप प्रशासन के प्रभाव को लेकर चिंताएं उठ रही हैं। अब इन चिंताओं को दूर करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच हमेशा कुछ न कुछ लेन-देन होता रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक मेलजोल में हाल के वर्षों में गहराई आई है। इससे आपसी सहयोग को और बढ़ाने के लिए अनुकूल माहौल बना है। विदेश मंत्री ने सीआईआई पार्टनरशिप समिट में बोलते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे प्रशासन का आगमन व्यापारिक क्षेत्रों के लिए एक बड़ा बदलाव है। उन्होंने कहा, "एकमात्र सुरक्षित भविष्यवाणी यह है कि इसमें अनिश्चितता का कुछ स्तर रहेगा। विभिन्न देशों ने पहली ट्रंप सरकार से अनुभव लिए हैं और संभवतः इससे सीखकर दूसरे कार्यकाल के लिए अपनी रणनीतियां बनाएंगे।" जयशंकर ने कहा, "जहां तक भारत का संबंध है, मैं यकीन से कह सकता हूं कि अमेरिका के साथ रणनीतिक मेलजोल समय के साथ केवल गहरा हुआ है। इससे सहयोग के लिए अधिक संभावनाएं बनी हैं। निश्चित रूप से, दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच हमेशा कुछ लेन-देन होते रहेंगे। लेकिन आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में भरोसेमंद साझेदारी का मामला हाल के वर्षों में और मजबूत हुआ है।" जयशंकर ने अमेरिक के राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल और भारत के लिए इससे जुड़े निहितार्थों पर कहा कि अमेरिका के साथ भारत का रणनीतिक तालमेल समय के साथ और गहरा हुआ है जो कई सहयोगी अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा, ‘‘दूसरे ट्रंप प्रशासन का आगमन भी स्पष्ट रूप से व्यापारिक हलकों में एक प्रमुख विचारणीय विषय है। जाहिर है, एकमात्र सुरक्षित भविष्यवाणी एक हद तक अप्रत्याशित ही है।’’ सुरक्षा और निवेश को लेकर सतर्कता जरूरी उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच ऐसे साझेदारी के ढांचे तैयार करने होंगे जो परस्पर लाभकारी माने जाएं। बिना चीन का नाम लिए जयशंकर ने कहा कि आर्थिक निर्णयों और निवेश को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने चीन द्वारा अपनाई जा रही आक्रामक व्यापार प्रथाओं को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच सोमवार को कहा कि निवेश समेत आर्थिक निर्णयों के दौरान “राष्ट्रीय सुरक्षा की शर्त” को भी ध्यान में रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “यह पसंद हो या नहीं, हम तेजी से शस्त्रीकरण के युग में नहीं बल्कि (सुविज्ञ निर्णयों का) लाभ उठाने के युग में हैं। इसलिए, नीति निर्माताओं को निवेश सहित आर्थिक निर्णयों के मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखना होगा।’’ वैश्विक दक्षिण पर आर्थिक दबाव और भारत की भूमिका जयशंकर ने अमेरिका-चीन विवाद और यूक्रेन संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि ग्लोबल साउथ महंगाई, कर्ज, मुद्रा की कमी और व्यापार में अस्थिरता का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, "दुनिया कठिन दौर से गुजर रही है और ऐसे समय में अधिक मित्र और साझेदारों की जरूरत होती है।" पड़ोस में हाल में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि आज के समय में अर्थव्यवस्थाएं और समाज पहले से कहीं अधिक जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, "कोविड, यूक्रेन संघर्ष या वित्तीय संकट के दौरान हमने साथ मिलकर काम किया और इसका सामूहिक लाभ उठाया। हालांकि, आतंकवाद जैसी चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सहयोग से हटने की लागत चुकानी पड़ती है।" जयशंकर ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि चुनौतियों के बावजूद भारत और अमेरिका के बीच मजबूत रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी के लिए अभी भी व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 41

ब्रिक्स देशों को नई मुद्रा विकसित करने या ‘शक्तिशाली डॉलर’ की जगह पर कोई अन्य करेंसी अपनाने को लेकर कड़ी चेतावनी दी: ट्रंप

न्यूयॉर्क अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स देशों को नई मुद्रा विकसित करने या 'शक्तिशाली डॉलर' की जगह पर कोई अन्य करेंसी अपनाने को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने धमकी दी है कि अगर ऐसा कोई कदम उठाया जाता है तो ब्रिक्स देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा और उन्हें अमेरिकी बाजारों से प्रभावी रूप से प्रतिबंधित किया जाएगा। ब्रिक्स में दुनिया की दो सबसे बड़ी उभरती शक्तियां चीन और भारत भी शामिल हैं। ट्रंप ने शनिवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा, "इस बात की कोई संभावना नहीं है कि ब्रिक्स इंटरनेशनल ट्रेड में अमेरिकी डॉलर की जगह ले लेगा, और जो भी देश ऐसा करने की कोशिश करेगा, उसे अमेरिका को अलविदा कह देना चाहिए।" भारत और ब्रिक्स के अन्य आठ सदस्यों के लिए अमेरिकी बाजार को बंद करने की धमकी देते हुए उन्होंने कहा, "हमें इन देशों से यह प्रतिबद्धता चाहिए कि वे न तो नई ब्रिक्स मुद्रा बनाएंगे, न ही शक्तिशाली अमेरिकी डॉलर की जगह किसी अन्य मुद्रा का समर्थन करेंगे, अन्यथा उन्हें 100 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ेगा और उन्हें अद्भुत अमेरिकी अर्थव्यवस्था में अपने उत्पाद बेचने को विदा कहना होगा।" चीन, मैक्सिको और कनाडा से आयात पर उच्च टैरिफ की धमकी देने के बाद ट्रंप ने अब ब्रिक्स को यह चेतावनी दी है। विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर पहले ही ब्रिक्स देशों की साझा मुद्रा के विचार को स्पष्ट रूप से खारिज कर चुके हैं। उन्होंने पिछले साल जोहान्सबर्ग में समूह के शिखर सम्मेलन से पहले कहा था, "ब्रिक्स देशों की मुद्रा जैसा कोई विचार नहीं है।" भारत ब्रिक्स देशों की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। हालांकि ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने फिर भी जोहान्सबर्ग शिखर सम्मेलन में एक आम मुद्रा का प्रस्ताव रखा, लेकिन इस पर कोई प्रगति नहीं हुई। अपने अभियान के दौरान, ट्रंप ने जोर देकर कहा कि दुनिया की प्रमुख व्यापारिक मुद्रा के रूप में डॉलर के भविष्य को ख़तरा है। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति जो बाइडेन इसे अनदेखा कर रहे हैं। उन्होंने ट्रुथ सोशल पोस्ट में कहा, "यह सोच कि ब्रिक्स देश डॉलर से दूर जाने की कोशिश कर रहे हैं और हम खड़े होकर देखते रहें, खत्म हो चुकी है।" ब्रिक्स देशों को दी गई ट्रंप की चेतावनी एक तरह से टेस्टिंग है। इसमें यह देखा जाएगा कि कौन से देश सार्वजनिक रूप से भारत जैसा रुख अपनाएंगे। यह बीजिंग के लिए एक पूर्व चेतावनी है। ब्रिक्स, अपने पहले सदस्यों – ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के नामों से बना एक संक्षिप्त नाम है। इस साल इसका विस्तार करके इसमें ईरान, मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को शामिल किया गया। कई अन्य देशों ने ब्रिक्स में शामिल होने के लिए आवेदन किया है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 116

ट्रंप के शपथ लेते ही साथ ही चीन, मेक्सिको और कनाडा जैसे देशों पर गिर सकती गाज

वाशिंगटन अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी 2025 को नए कार्यकाल के लिए पदभार संभालेंगे। ट्रंप के शपथ लेते ही साथ ही चीन, मेक्सिको और कनाडा जैसे देशों पर गाज गिर सकती है। डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को अवैध प्रवासियों और ड्रग्स पर नकेल कसने की कोशिशों के तहत शपथ लेते ही मेक्सिको, कनाडा और चीन जैसे देशों पर नए टैरिफ लगाने की धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि वह कनाडा और मेक्सिको से अमेरिका आने वाले सभी उत्पादों पर 25% टैक्स लगाएंगे और चीन से आने वाले सामानों पर अतिरिक्त 10% टैरिफ लगाएंगे। अगर यह टैरिफ नियम लागू किए जाते हैं तो अमेरिकियों के लिए गैस और ऑटोमोबाइल जैसी चीजों की कीमतें असाधारण तरीके से बढ़ सकती हैं। गौरतलब है कि अमेरिका के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका दुनिया में वस्तुओं का सबसे ज्यादा आयात करने वाला देश है और मेक्सिको, चीन और कनाडा अमेरिका के लिए तीन सबसे बड़े सप्लायर्स हैं। ट्रम्प ने अपनी ट्रुथ सोशल साइट पर एक पोस्ट में लिखा, "20 जनवरी को पहले एग्जीक्यूटिव ऑडर में से एक के रूप में मैं मेक्सिको और कनाडा से अमेरिका में आने वाले सभी उत्पादों पर 25% टैरिफ लगाऊंगा।” उन्होंने लिखा, "हजारों लोग मेक्सिको और कनाडा से होकर आ रहे हैं जिससे अपराध और ड्रग्स भयानक स्तर पर पहुंच गए हैं। नए टैरिफ तब तक लागू रहेंगे जब तक ड्रग्स और सभी अवैध प्रवासी हमारे देश पर इस आक्रमण को रोक नहीं देते!" चीन को सुनाया ट्रम्प ने चीन पर भी अपना गुस्सा निकाला। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई बार चीन के साथ अमेरिका में भारी मात्रा में भेजे जा रहे ड्रग्स, खास कर फेंटेनाइल के बारे में बातचीत की है लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने लिखा, "जब तक वे ऐसा करना बंद नहीं करते, हम चीन से अमेरिका आने वाले उनके सभी उत्पादों पर किसी भी टैरिफ से ऊपर अतिरिक्त 10% टैरिफ लगाएंगे।" क्या है वजह? ट्रम्प ने यह चेतावनी ऐसे समय में दी है जब मैक्सिको से अवैध रूप से सीमा पार करने के लिए गिरफ्तारियों की संख्या कम हो रही हैं। हालांकि इस दौरान पिछले दो सालों में कनाडा से अवैध रूप से सीमा पार करने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही हैं। अक्टूबर 2023 और सितंबर 2024 के बीच बॉर्डर पुलिस ने 23,721 लोगों को पकड़ा था। कनाडाई सीमा पर गिरफ्तार किए गए लोगों में से 14,000 से अधिक भारतीय थे। यह दो साल पहले की संख्या से 10 गुना अधिक है। ऐसे में इन मामलों पर सख्ती से निपटने की तैयारी चल रही है। क्या होगा असर? अगर ट्रंप नए नियमों को लागू करते हैं तो नए टैक्स कनाडा और मैक्सिको की अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करेंगे। कनाडा दुनिया के सबसे ज्यादा व्यापार-निर्भर देशों में से एक है और कनाडा का 75% निर्यात अमेरिका को जाता है। वहीं पिछले हफ्ते एक वरिष्ठ चीनी वाणिज्य अधिकारी ने कहा कि चीनी निर्यात पर उच्च टैरिफ अमेरिका के लोगों के लिए कीमतें बढ़ाकर उल्टा असर डालेगा। अधिकारी ने कहा कि चीन ऐसे बाहरी झटकों से खुद को संभाल सकता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 58

ईरान का अमेरिका को संदेश, डोनाल्ड ट्रंप की हत्या का कोई इरादा नहीं, क्या कम होगा तनाव?

ईरान ईरान ने अमेरिका को संदेश भेजा है कि उसका अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या करने का कोई इरादा नहीं है। यह संदेश इस साल अक्टूबर में वॉशिंगटन को भेजा गया था, जब अमेरिका में निवर्तमान जो बाइडन प्रशासन ने सितंबर में कहा था कि वह ट्रंप की हत्या के किसी भी प्रयास को 'युद्ध की कार्रवाई' मानेगा, जो उस समय 5 नवंबर के राष्ट्रपति चुनावों के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार थे। अमेरिका को ईरान का संदेश पश्चिमी देश के साथ तनाव कम करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिका ने सैन्य कमांडर मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के लिए तेहरान द्वारा संभावित जवाबी कार्रवाई पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी, जिन्होंने 2020 में तत्कालीन राष्ट्रपति ट्रम्प के आदेश पर ईरान के मिलिशिया और प्रॉक्सी बलों को निर्देशित किया था। चुनावों में ट्रंप की जीत के बाद से कई पूर्व ईरानी अधिकारी और मीडिया आउटलेट तेहरान से ट्रंप के साथ बातचीत करने और सुलह का प्रयास करने के लिए कह रहे हैं, जबकि ट्रंप ने ईरान पर और दबाव डालने का वादा किया है। अधिकारियों के अनुसार, न्याय विभाग ने दो अभियोग जारी किए हैं जो ट्रंप के खिलाफ ईरान की साजिश से संबंधित थे। अमेरिकियों ने ईरान पर ट्रंप प्रशासन के तहत अन्य हस्तियों की हत्या की साजिश रचने का भी आरोप लगाया है। ईरान ने बाइडन प्रशासन को भेजे अपने संदेश में दोहराया कि सुलेमानी की हत्या एक आपराधिक कृत्य था। हालांकि, संदेश में यह भी कहा गया कि ईरान ट्रंप की हत्या नहीं करना चाहता और अंतरराष्ट्रीय कानूनी तरीकों से सुलेमानी की हत्या का बदला लेना चाहता था। ईरान ने सीरिया पर घातक इजरायली हमलों की निंदा की वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इजरायल द्वारा सीरिया के आवासीय इलाकों में किए गए हालिया घातक हमलों की कड़ी निंदा की। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बघई ने मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में यह टिप्पणी की। एक दिन पहले इजरायली बलों ने दमिश्क के पश्चिम में अल-मजेह में तीन आवासीय इमारतों और होम्स के मध्य प्रांत में सीरियाई-लेबनानी सीमा पर तीन आवासीय इमारतों पर हमला किया, जिसमें कम से कम 15 लोग मारे गए और 16 अन्य घायल हो गए। बाघेई ने कहा कि इजरायल द्वारा सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय संप्रभुता के लगातार और प्रमुख उल्लंघनों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अंतर्गत आक्रामकता का विशिष्ट कार्य माना गया है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 59

राष्ट्रपति चुनावों में डेमोक्रेट उम्मीदवार कमला हैरिस को एक बड़े अंतर से हराने वाले ट्रंप तीसरे कार्यकाल के लिए तैयार

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल करने वाले डोनाल्ड ट्रंप तीसरे कार्यकाल के लिए भी तैयार हैं। राष्ट्रपति चुनावों में डेमोक्रेट उम्मीदवार कमला हैरिस को एक बड़े अंतर से हराने वाले ट्रंप ने बुधवार को अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि वह अपने तीसरे कार्यकाल के लिए भी तैयार हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि कहा कि मैं तीसरे कार्यकाल के लिए भी तैयार हूं लेकिन मैं शायद तब तक चुनावी मैदान में नहीं उतरूंगा जब तक की आप लोग मुझे यह नहीं कहते कि वह (ट्रंप) अच्छा है, हमें उसके लिए कुछ सोचना होगा। क्या है अमेरिका के राष्ट्रपति बनने का नियम? ट्रंप ने अपने तीसरी बार राष्ट्रपति के रूप में चुने जाने की मंशा पर एक संकेत जरूर दिया है लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान के मुताबिक कोई भी व्यक्ति दो बार से अधिक अमेरिका का राष्ट्रपति नहीं चुना जा सकता। इसलिए कानूनी तौर पर ट्रंप के तीसरी बार राष्ट्रपति चुने जाने के रास्ते में बहुत सारी रुकावटें हैं। अमेरिका में किसी व्यक्ति का राष्ट्रपति के रूप में केवल दो बार चुने जाने का नियम संविधान के 22 वे संशोधन के बाद आया। दरअसल, 1951 तक अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रैंक्लिन डी रुजवेल्ट अपने चार कार्यकाल पूरे कर चुके थे। अमेरिका में इसके बाद संविधान संशोधन करके नियम बना दिया गया कि कोई भी दो बार ही राष्ट्रपति बन सकता है। ऐसे में ट्रंप अगर एक और कार्यकाल के लिए जाना चाहे तो उन्हें संविधान में परिवर्तन करना होगा। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह मुश्किल लगता है। कैसे तीसरा कार्यकाल पा सकते हैं ट्रंप? संविधान को संशोधित करने के लिए ट्रंप को एक लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा। अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन को निष्क्रिय करने के लिए उन्हें एक नए संशोधन को अमेरिकी सदन और सीनेट दोनों में दो तिहाई बहुमत के साथ पारित और अनुमोदित करना होगा। इसके बाद 50 में से तीन चौथाई राज्यों से समर्थन लेना होगा। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान ट्रंप को रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स दोनों ही पार्टियों से समर्थन लेना होगा। लेकिन वर्तमान की अमेरिकी राजनीति की परिस्थितयों को देखते हुए ट्रंप के लिए यह करना आसान नहीं होगा। नतीजन, ट्रंप का 2025 से 2029 तक का कार्यकाल ही उनका आखिरी कार्यकाल होने की संभावना है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 54

समर्थकों से की विपक्षी पार्टी की मदद की अपील, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को डेमोक्रेटिक पार्टी पर आया तरस

वॉशिंगटन. डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव में कमला हैरिस को हरा दिया है, लेकिन अभी भी उनका डेमोक्रेटिक पार्टी पर निशाना साधना जारी है। अब अपने ताजा बयान में भी ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी पर तंज कसा है और दावा किया है कि चुनाव में डेमोक्रेट पार्टी ने इतना पैसा खर्च किया कि अब उनके पास वेंडर्स का भुगतान करने के भी पैसे नहीं बचे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'मुझे बेहद हैरानी हो रही है कि डेमोक्रेटिक पार्टी, जिन्होंने बहुत मेहनत और बहादुरी से 2020 में राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ा था और रिकॉर्ड संख्या में पैसा इकट्ठा किया था, अब उनके पास एक भी डॉलर नहीं बचा है। अब वेंडर्स और अन्य के द्वारा उन्हें निचोड़ा जा रहा है। डेमोक्रेटिक पार्टी के मुश्किल वक्त में हमें भी उनकी मदद करनी चाहिए। मैं अपील करता हूं कि एक पार्टी के तौर पर हमें एकजुट रहना चाहिए। हमारे पास अभी भी बहुत सारा पैसा बचा हुआ है क्योंकि प्रचार अभियान के दौरान हमारी सबसे बड़ी पूंजी हमारे खुद के द्वारा 'कमाया गया मीडिया' था और हमें उसके लिए बहुत सारा पैसा नहीं खर्च करना पड़ा।' सातों स्विंग स्टेट में जीते ट्रंप ट्रंप ने अपने इस पोस्ट के जरिए डेमोक्रेटिक पार्टी पर मीडिया को प्रभावित करने का अप्रत्यक्ष आरोप लगाया। गौरतलब है कि हालिया राष्ट्रपति चुनाव में दोनों ही पार्टियों ने जमकर पैसा खर्च किया और इस चुनाव को अमेरिकी इतिहास के सबसे महंगे चुनाव में एक बताया गया। चुनाव अभियान के दौरान चुनाव में कांटे की टक्कर दिखाई गई थी, लेकिन नतीजों ने सभी को हैरान किया और ट्रंप ने प्रचंड जीत हासिल की। ट्रंप की ऐतिहासिक जीत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सातों स्विंग स्टेट में ट्रंप को जीत मिली।  Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 64

अमेरिका थिंक टैंक प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसा वैध आप्रवासियों की संख्या 2000 में 24.1 मिलियन से बढ़कर 2022 में 36.9 मिलियन हो गई

वाशिंगटन डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में जनवरी 2025 में शपथ लेंगे। ट्रंप को जीत तो मिल गई लेकिन उनके सामने अब चुनौतियां मुंह बाए खड़ी हैं। इसमें सबसे बड़ी समस्या अवैध प्रवासियों की अमेरिका में एंट्री है। नए आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में हर चौथा प्रवासी अवैध है। भारतीयों सहित अधिक से अधिक लोग अमेरिका में घुसने की कोशिश कर रहे हैं। आइए इसे आंकड़ों के साथ विस्तार से समझते हैं। अवैध अप्रवासियों की संख्या बढ़ी है अवैध आप्रवासन को लेकर राष्ट्रपति जो बिडेन पर हमला करते हुए, ट्रम्प ने अक्टूबर में कहा था कि उनके राष्ट्रपति रहते पिछले तीन वर्षों में 2 करोड़ 10 लाख लोग आए। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के आंकड़ों से पता चलता है कि 2020 के बाद से देश में अवैध प्रवासियों की संख्या में वृद्धि हुई है, लेकिन यह आंकड़ा ट्रम्प के विचार के करीब नहीं है। हर चौथा प्रवासी अवैध है अमेरिका स्थित थिंक टैंक प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसार, पूर्ण संख्या में, वैध आप्रवासियों की संख्या 2000 में 24.1 मिलियन से बढ़कर 2022 में 36.9 मिलियन हो गई। सीमाओं पर बड़ा ढेर प्यू ने जुलाई 2024 की एक रिपोर्ट में कहा कि अवैध अप्रवासी आबादी संभवतः पिछले दो वर्षों में बढ़ी है। उस दृष्टिकोण के लिए उद्धृत कारकों में से एक 2022-23 में अमेरिकी सीमाओं पर प्रवासियों के साथ मुठभेड़ों का रिकॉर्ड स्तर है। अधिक भारतीय छिपने की कोशिश कर रहे हैं अक्टूबर 2023 और सितंबर 2024 के बीच, 90,000 से अधिक भारतीय मेक्सिको या कनाडा के साथ इसकी भूमि सीमाओं के पार अमेरिका में घुसने की कोशिश करते हुए पकड़े गए थे। तथाकथित डंकी रूट, जिसमें भूमि सीमा का उपयोग करके अवैध रूप से टार्गेट के उद्देश्य से कई देशों से गुजरना शामिल है। यह भारतीयों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अमेरिकी सीमा अधिकारियों की ओर से गिरफ्तार किए गए भारतीयों की संख्या 2021 और 2024 के बीच तीन गुना बढ़ गई है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 171

ट्रंप की हत्या करने की कोशिश के पीछे ईरान, अमेरिकी न्याय विभाग ने किया बड़ा दावा

मैनहट्टन अमेरिका के न्याय विभाग ने राष्ट्रपति चुनाव से पहले डोनाल्ड ट्रंप को मारने की साजिश के पीछे ईरान को बताया है. मैनहट्टन में संघीय अदालत में दायर एक आपराधिक शिकायत में आरोप लगाया गया कि ईरान के अर्धसैनिक क्रांतिकारी गार्ड के एक अधिकारी ने सितंबर में एक भाड़े के शूटर को ट्रंप की निगरानी करने और उन्हें मारने की योजना बनाने का निर्देश दिया था. शिकायत में बताया गया है कि फरहाद शकेरी नाम के शख्स को ट्रंप की हत्या का जिम्मा सौंपा गया था, जो कि ईरान का सरकारी कर्मचारी था. शिकायत में कहा गया है कि शकेरी ने ईरान में रहते हुए FBI एजेंटों के साथ रिकॉर्ड की गई फोन पर बातचीत में कथित साजिशों के कुछ डिटेल्स का खुलासा किया. उसने जांचकर्ताओं को बताया कि उसके सहयोग का कथित कारण अमेरिका में सलाखों के पीछे एक सहयोगी की सजा कम कराना है. अफगानी नागरिक को दी गई थी हत्या की सुपारी शकेरी अफगानी नागरिक है, जो बचपन में अमेरिका में आकर बस गया था, लेकिन डकैती के लिए 14 साल जेल में बिताने के बाद उसे निर्वासित कर दिया गया था. अब वह भाड़े पर हत्या की साजिश के लिए तेहरान द्वारा भर्ती किए गए बदमाशों का एक नेटवर्क चलाता है. मैनहट्टन में संघीय अदालत में खोली गई एक आपराधिक शिकायत के अनुसार, शकेरी ने जांचकर्ताओं को फोन पर बताया था कि ईरान के अर्धसैनिक क्रांतिकारी गार्ड में एक संपर्क ने उसे पिछले सितंबर में निर्देश दिया था कि वह अपने अन्य कामों को अलग रखे और सात दिनों के भीतर ट्रंप की निगरानी करने और उन्हें मारने की योजना बनाए. इसके लिए उसे मोटी रकम की पेशकश की गी थी. चुनाव बाद फिर वारदात को अंजाम देने का था प्लान शकेरी ने बताया कि उन्होंने बहुत सारा पैसा खर्च किया है इस पर. ईरानी अधिकारी ने उससे कहा था कि पैसे की दिक्कत नहीं है. लेकिन अगर वह सात दिन के भीतर कोई योजना नहीं बना पाया तो चुनाव के बाद तक साजिश को रोक दिया जाएगा क्योंकि अधिकारी ने मान लिया था कि ट्रंप हार जाएंगे और तब उन्हें मारना आसान होगा. शिकायत के अनुसार, हालांकि अधिकारियों ने पाया कि उसके द्वारा दी गई कुछ जानकारी झूठी थी, लेकिन ट्रंप की हत्या की साजिश और ईरान द्वारा बड़ी रकम देने की इच्छा के संबंध में उनके बयान सही पाए गए. ईरानी-अमेरिकी पत्रकार को भी मारने की थी साजिश शकेरी फरार है और ईरान में ही है. दो अन्य लोगों को इस आरोप में गिरफ्तार किया गया था. जिन्होंने आरोप लगाया था कि शकेरी ने उन्हें प्रमुख ईरानी-अमेरिकी पत्रकार मसीह अलीनेजाद का पीछा करने और उनकी हत्या करने के लिए भर्ती किया था. हालांकि साजिश नाकाम कर दी गई. बर्लिन से एसोसिएटेड प्रेस से फोन पर बात करते हुए अलीनेजाद ने कहा, "मैं बहुत हैरान हूं, यह मेरे खिलाफ तीसरा प्रयास है और यह चौंकाने वाला है." सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, "मैं अभिव्यक्ति की आजादी के अपने पहले संशोधन के अधिकार का अभ्यास करने के लिए अमेरिका आई हूं – मैं मरना नहीं चाहती. मैं अत्याचार के खिलाफ़ लड़ना चाहती हूं, और मैं सुरक्षित रहने की हकदार हूं. मेरी सुरक्षा के लिए कानून लागू करने वालों का शुक्रिया, लेकिन मैं अमेरिकी सरकार से अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने का आग्रह करती हूं." 13 जुलाई को भी ट्रंप की रैली के दौरान हुई थी फायरिंग बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अमेरिका के राष्ट्रपति बन गए हैं. उन्होंने कमला हैरिस को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. ऐसे में न्याय विभाग द्वारा उन पर हमले की साजिश का खुलासा चौंकाने वाला है. हालांकि ऐसा पहली बार नहीं है जब उनक पर हमले की साजिश रची गई. इसी साल चुनाव प्रचार के दौरान 13 जुलाई को पेंसिल्वेनिया के बटलर शहर में उन पर चुनावी रैली के दौरान फायरिंग हुई थी, इसमें एक गोली उनके कान को छूते हुए निकल गई थी. इस घटना के करीब 64 दिन बाद एक बार फिर उन पर जानलेवा हमले की कोशिश हुई थी. उस वक्त ट्रंप फ्लोरिडा में पाम बीच काउंटी के इंटरनेशनल गोल्फ क्लब में मौजूद थे.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 73

डोनाल्ड ट्रंप के एक कदम से चीन की इकॉनमी जापान की तरह भंवर में फंस सकती है

नई दिल्ली चीन की इकॉनमी कई मोर्चों पर संघर्ष कर रही है। इसमें जान फूंकने के लिए सरकार ने हाल में कई घोषणाएं की थीं। आने वाले दिनों में भी कई और उपायों की घोषणा की जा सकती है। लेकिन इस बीच अमेरिका में राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप की वापसी हो गई है जो चीनी इकॉनमी की हवा निकालने की फिराक में हैं। ट्रंप ने अपने चुनावी भाषणों में चीनी सामान पर 60 फीसदी तक आयात शुल्क लगाने का वादा किया था। दुनिया के दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देश अमेरिका और चीन के बीच पहले से ही काफी तनाव चल रहा है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपने देश को टेक्नोलॉजी का पावरहाउस बनाना चाहते हैं लेकिन ट्रंप की जीत से उनकी योजना को पलीता लग सकता है। चीन में रियल एस्टेट सेक्टर कई साल से संकट में है। सरकार का कर्ज बढ़ रहा है और बेरोजगारी चरम पर है। खपत में सुस्ती ने चीन की ग्रोथ पर ब्रेक लगा रखा है। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में चीनी सामान पर 25% तक इम्पोर्ट ड्यूटी लगाई थी। जानकारों का कहना है कि उनके दूसरे कार्यकाल में चीन के लिए परेशानी बढ़ सकती है। आईएमएफ ने पहले ही चीन की इकॉनमी के लिए अपने अनुमान को कम कर दिया है। इस साल देश की इकॉनमी के 4.8% की रफ्तार से बढ़ने का अनुमान है जबकि सरकार ने 5% का लक्ष्य तय कर रखा है। अगले साल इसके 4.5% रहने का अनुमान है। चीन की समस्या जानकारों का कहना है कि चीन में भी उसी तरह का ठहराव आ सकता है जिसमें जापान कई दशक से फंसा था। जापान में 1990 के दशक में स्टॉक और प्रॉपर्टी का बुलबुला फूटने के ठहराव आ गया था और वह अब तक इससे उबर नहीं पाया है। जानकारों का कहना है कि इस स्थिति से बचने के लिए चीन को कंज्यूमर डिमांड बढ़ाने पर काम करना चाहिए और एक्सपोर्ट और निवेश आधारित ग्रोथ से हटना चाहिए। इससे चीन में सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा और देश बाहरी झटकों से बचने से बच सकेगा। चीन कई साल से दुनिया के फैक्ट्री बना हुआ है। वहां बने सस्ते सामान से दुनियाभर के बाजार भरे पड़े हैं। चीन उसी सफलता को हाई-टेक एक्सपोर्ट में भी दोहराना चाहता है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वीकल्स और लीथियम आयन बैटरी के मामले में चीन वर्ल्ड लीडर है। लेकिन इसके साथ ही पश्चिमी देशों के साथ चीन का तनाव बढ़ता जा रहा है। पिछले महीने यूरोपीय यूनियन ने चीन में बने ईवी पर टैरिफ बढ़ाकर 45 फीसदी कर दिया था। अब वाइट हाउस में ट्रंप की वापसी से चीन की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 66

PM Modi ने Donald Trump को जीत की दी बधाई, कहा- ‘मित्र को ऐतिहासिक जीत की बधाई..

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप की ‘ऐतिहासिक’ जीत सुनिश्चित होने पर बुधवार को उन्हें बधाई दी और वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मेरे दोस्त डोनाल्ड ट्रंप को उनकी ऐतिहासिक चुनावी जीत पर हार्दिक बधाई। आपके अपने पिछले कार्यकाल की सफलताओं के क्रम में, मैं भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए हमारे सहयोग को नए सिरे से आगे बढ़ाने की आशा करता हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आइए एक साथ मिलकर अपने लोगों की बेहतरी के लिए और वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए काम करें।’’ अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप शुरुआती मतगणना में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस से आगे हैं। एसोसिएटेड प्रेस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रंप ने 230 निर्वाचक मंडल वोट जबकि हैरिस ने 205 निर्वाचक मंडल वोट हासिल कर लिए हैं। 270 या उससे अधिक निर्वाचक मंडल वोट जीतने वाला उम्मीदवार राष्ट्रपति चुना जाता है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 55

US Election:’मैं आपके परिवार, भविष्य के लिए लड़ूंगा… मेरी हर सांस अमेरिका के लिए’, US इलेक्शन में जीत के बाद बोले डोनाल्ड ट्रंप

US Election: ‘I will fight for your family, future… every breath of mine is for America’, said Donald Trump after victory in US elections. ‘हाथी’ के सामने ‘गधा’ फेल! अमेरिका में रिपब्लिकन बहुमत के पार, US Presidential Election 2024: डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद बुधवार (6 नवंबर 2024) को अपना पहला धन्यवाद भाषण दिया. ट्रंप ने सभा में मौजूद सभी लोगों को धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन की तरह था. अब हम अपने देश को नए तरह से मदद करेंगे और सभी समस्याओं का समाधान करेंगे. हम पास्ट में सभी बाधाओं को पार करके आगे बढ़े हैं और आगे भी बढ़ेंगे. ट्रंप ने कहा, “यह ऐतिहासिक जीत है जो पहले कभी किसी को नहीं मिली. पहली बार ऐसा राजनीतिक बदलाव हुआ है. मुझे फिर से राष्ट्रपति बनाने के लिए सभी का धन्यवाद. मेरे शरीर में जब तक आखिरी सांस है, मैं अमेरिका की सेवा करता रहूंगा. यह अमेरिकी लोगों की जीत है.” ट्रंप ने एक-एक प्रांत का नाम लेकर वहां के लोगों का धन्यवाद किया जहां से उन्हें जीत मिली है. भाषण में लिया एलन मस्क का नाम डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “हमारे देश ने बीच में बुुरा फेज देखा और हम कई पॉइंट पर पीछे हुए लेकिन अब मिलकर देश के सभी समस्य़ा का समाधान करेंगे. हम अमेरिका के लिए काम करेंगे और फिर से इसे एक महान राष्ट्र बनाएंंगे.” उन्होंने फिर से दोहराते हुए कहा, “ये ऐतिहासिक जीत है. हमें स्विंग स्टेट का भी समर्थन मिला है.” उन्होंने अपने भाषण में एलन मस्क का भी नाम लिया और उनकी जमकर तारीफ की. ‘घुसपैठ रोकने के लिए बॉर्डर करेंगे सील’ उन्होंने कहा, “हम फिर से अपने देश को बेहतर बनाएंगे. इसके लिए कितना समय लगेगा ये मैं नहीं जानता लेकिन हम इसे फिर से पहले की तरह बेहतर बनाएंगे.” ट्रंप ने अपने भाषण में घुसपैठ पर भी बात की. उन्होंने कहा, “हमारी सरकार घुसपैठ रोकेगी. हम सीमाओं को सील करेंगे. यहां से बहर गए लोग या बाहर से कोई यहां आना चाहता है तो उसे लीगली आने की ही इजाजत होगी.” उन्होंने कहा कि हम युद्ध भी रोकेंगे. ट्रंप ने अपने भाषण के अंत में अपनी पत्नी मेलानिया ट्रंप, अपने बच्चों का नाम लिया. उन्होंने अपने पिता को भी याद किया. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 182

अमेरिकी मीडिया ने कर दिया ऐलान, डोनाल्ड ट्रंप ने कमला हैरिस को हराकर जीता चुनाव

वाशिंगटन अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के अंतिम नतीजे अभी घोषित होने बाकी हैं। इससे पहले ही अमेरिकी मीडिया ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को विजेता घोषित कर दिया है। मीडिया हाउस का कहना है कि ट्रंप इस चुनाव में हैरिस के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करने जा रहे हैं। इससे पहले ट्रंप ने साल 2016 में हिलेरी क्लिंटन के खिलाफ चुनाव जीता था। फॉक्स न्यूज डिसीजन डेस्क का अनुमान है कि ट्रंप ने हैरिस को हरा दिया है। चैनल के अनुसार, नव निर्वाचित राष्ट्रपति ने नॉर्थ कैरोलाइना, विस्कॉन्सिन, पेन्सिलवेनिया और जॉर्जिया जैसे अहम राज्यों में जीत के बाद 270 इलेक्टोरल वोट का जादुई आंकडा़ छू लिया है। फॉक्स न्यूज की तरफ से विस्कॉन्सिन को ट्रंप में बताए जाने के बाद रिपब्लिकन उम्मीदवार की वापसी तय हो गई थी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 82

अप्रवासियों पर फिर हमलावर, हम चाहते हैं कि लोग हमारे देश में आएं, लेकिन उन्हें कानूनी तरीके से आना होगा: डोनाल्ड ट्रंप

न्यूयॉर्क अमेरिका के रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से कहा है कि वह अप्रवासियों का स्वागत करते हैं, लेकिन शर्त है कि वे कानूनी तरीके से आएं। अवैध अप्रवासियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डोनाल्ड ट्रंप ने कोलोराडो के ऑरोरा में एक चुनावी रैली में कहा, "हम चाहते हैं कि लोग हमारे देश में आएं, लेकिन उन्हें कानूनी तरीके से आना होगा।" उन्होंने अवैध अप्रवासियों के बारे में कहा, "मैं पूरे देश में आपसे यह वादा करता हूं और प्रतिज्ञा करता हूं। 5 नवंबर 2024 अमेरिका में मुक्ति दिवस होगा। इस दिन देश को 'कब्जे' से मुक्त कराया जाएगा।" सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, अगस्त तक 82,610 भारतीय नागरिक अवैध रूप से सीमा पार कर चुके थे, जबकि पिछले साल यह संख्या 96,917 थी। उनकी विपक्षी पार्टी उन्हें 'अप्रवासी विरोधी' बताती है। लेकिन ट्रंप अवैध और वैध अप्रवासियों के बीच एक अंतर करते हैं। जबकि डेमोक्रेट्स उन्हें एक समान मानते हैं, चाहे वे वर्षों से कानूनी प्रक्रिया से गुजरे हों या अवैध रूप से प्रवेश करे रह रहे हों। उन्होंने अमेरिकी कॉलेजों से स्नातक करने वाले विदेशियों को ग्रीन कार्ड के माध्यम से वैध अप्रवासी का दर्जा देने का वादा किया है, जो डेमोक्रेट के किसी भी प्रस्ताव से कहीं आगे है, जिसमें अवैध अप्रवासियों को वैध बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ट्रंप ने जून में कहा था, "मैं जो करना चाहता हूं और जो करूंगा, वह यह है कि जब आप कॉलेज से स्नातक होंगे, तो मुझे लगता है कि आपको अपने डिप्लोमा के हिस्से के रूप में खुद ही ग्रीन कार्ड मिल जाना चाहिए, ताकि आप इस देश में रह सकें।" अंतरराष्ट्रीय शिक्षा संस्थान के 2022-23 के आंकड़ों के अनुसार, इस नीति को लागू करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन सैद्धांतिक रूप से यह अमेरिकी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे लगभग 269,000 भारतीय छात्रों के लिए अच्छी खबर है। चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने अपने भाषण के बीच में ही एक वीडियो दिखाया जिसमें अवैध अप्रवासियों द्वारा किए गए अपराधों की खबरें थीं, जिनमें बलात्कार और हत्या से लेकर पुलिस पर गोलीबारी तक शामिल थी। 'अप्रवासी अपराध को समाप्त करें' और 'अवैध लोगों को तुरंत निर्वासित करें' लिखे ब्लैक बैकड्रॉप के सामने खड़े होकर ट्रंप ने अपनी प्रतिद्वंद्वी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस पर 'खुली सीमा' नीतियों के माध्यम से आपराधिक अवैध अप्रवासियों को लाने का आरोप लगाया। उन्होंने कमला हैरिस के एक पुराने बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि हम अवैध रूप से सीमा पार करने वाले लोगों को अपराधी नहीं मानना ​​चाहते। डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध अप्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की प्रतिज्ञा ली और कहा, "मैं अमेरिकी नागरिक या कानून प्रवर्तन अधिकारी की हत्या करने वाले किसी भी अप्रवासी के लिए मृत्युदंड की मांग करता हूं। ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला जैसे देशों में अपराध में भारी कमी आई है क्योंकि उन्होंने अपनी जेलों और मानसिक (मेंटल) अस्पतालों को खाली कर दिया है और कैदियों को अमेरिका में उत्पात मचाने के लिए भेज दिया है। उन्होंने कहा कि वह हर प्रवासी आपराधिक नेटवर्क को निशाना बनाने और उसे नष्ट करने के लिए 18वीं सदी के कानून 'एलियन एनिमीज एक्ट' को लागू करेंगे। लेकिन यह कानून केवल विदेशी दुश्मन देश से आने वाले लोगों पर लागू होता है। इसे सभी देशों पर लागू करना एक चुनौती होगी, क्योंकि सामूहिक निर्वासन अभियान भी एक चुनौती होगी। इस साल अगस्त तक, दुनिया भर से 2.75 मिलियन अवैध अप्रवासी अवैध रूप से प्रवेश करने की वजह से पकड़े गए थे, जबकि पिछले साल यह संख्या 3.2 मिलियन थी। ऑरोरा के मेयर माइक कॉफमैन (जो एक रिपब्लिकन हैं) ने कहा कि हालांकि वहां कुछ घटनाएं हुई हैं, लेकिन यह कहना अतिशयोक्ति होगी कि शहर वेनेजुएला के आपराधिक गिरोहों के कारण "युद्ध क्षेत्र" में तब्दील हो गया था। ट्रंप ने मंच पर एक महिला को बुलाया, जिसने एक अपार्टमेंट बिल्डिंग पर हाई-पावर राइफल से लैस वेनेजुएला के गिरोह की वीडियो रिकॉर्डिंग कर पब्लिश किया था। उन्होंने अपने भाषणों के दोहराया कि हैरिस एक "मार्क्सवादी" हैं, अयोग्य हैं, अमेरिका पतन की ओर बढ़ रहा है, वे तीसरे विश्व युद्ध को रोकेंगे, नौकरियां वापस लाएंगे, टैक्सों में कटौती करेंगे, कीमतें कम करेंगे और देश को सुरक्षित बनाएंगे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 66

पहले कार्यकाल में व्यापार का उपयोग कर युद्ध फैलने से रोका: ट्रंप

वाशिंगटन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सत्ता में आने पर पारस्परिक कर लगाने का संकल्प लेते हुए  आरोप लगाया कि सभी प्रमुख देशों में से भारत विदेशी उत्पादों पर सबसे अधिक शुल्क लगाता है। ट्रम्प ने डेट्रायट में प्रमुख आर्थिक नीति पर अपने भाषण में कहा, ‘‘शायद अमेरिका को फिर से असाधारण रूप से समृद्ध बनाने की मेरी योजना का सबसे महत्वपूर्ण तत्व पारस्परिकता है। यह एक ऐसा शब्द है जो मेरी योजना में बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि हम आम तौर पर शुल्क नहीं लगाते हैं। मैंने वह प्रक्रिया शुरू की थी वैन तथा छोटे ट्रक आदि के साथ…वह बहुत बढ़िया थी। हम वास्तव में शुल्क नहीं लगाते हैं। चीन 200 प्रतिशत शुल्क लगाएगा। ब्राजील बड़ा शुल्क वसूलता है। हालांकि इनमें से सबसे अधिक शुल्क भारत लेता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत बहुत अधिक शुल्क लेता है। भारत के साथ हमारे बहुत अच्छे संबंध हैं। मेरे भी हैं। खास तौर पर नेता (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी के साथ। वे एक महान नेता हैं। महान व्यक्ति हैं। वास्तव में महान व्यक्ति हैं। उन्होंने बहुत बढ़िया काम किया है, लेकिन वे शायद काफी शुल्क लेते हैं।’’ ट्रम्प की यह टिप्पणी इस सप्ताह की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा के बाद आई है। ट्रंप ने मोदी को ‘‘सबसे अच्छा इंसान’’ करार देते हुए भारतीय नेता को अपना मित्र बताया था। अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रम्प ने कहा था कि मोदी के साथ उनके ‘‘बहुत अच्छे संबंध’’ हैं। पहले कार्यकाल में व्यापार का उपयोग कर युद्ध फैलने से रोका: ट्रंप  अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और राष्ट्रपति पद के लिये रिपब्लिकन पार्टी से उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में अन्य देशों पर दबाव बनाने के लिए व्यापार उपकरणों का उपयोग करके युद्ध को फैलने से रोका। श्री ट्रम्प ने डेट्रॉइट इकोनॉमिक क्लब में टिप्पणी करते हुए  कहा, 'मैंने कई युद्धों को शुरू होने से रोका है। मुझे इस पर बहुत गर्व है। मैं व्यापार का उपयोग करता हूं। मैंने उनको व्यापार की धमकी दी और कहा कि आप अमेरिका के साथ व्यापार नहीं करने जा रहे हैं।" श्री ट्रम्प ने कई बार कहा है कि अगर वह नवंबर का चुनाव जीतते हैं तो निर्वाचित राष्ट्रपति के रूप में वह यूक्रेन संघर्ष का समाधान जल्द से जल्द करने में सक्षम होंगे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 76

कंगना रनौत ने ट्रंप ने पीएम मोदी को सबसे अच्छा इंसान बताते हुए उन्हें ‘टोटल किलर’ करार दिया

नई दिल्ली  अभिनेत्री से राजनेता बनीं कंगना रनौत ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक पॉडकास्ट को अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर शेयर किया। इस पॉडकास्ट में ट्रंप ने पीएम मोदी को सबसे अच्छा इंसान बताते हुए उन्हें ‘टोटल किलर’ करार दिया। सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर पॉडकास्ट को शेयर करते हुए कंगना रनौत ने कैप्शन में लिखा, “पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लैग्रेंट पॉडकास्ट में प्रधानमंत्री मोदी को सबसे अच्छा इंसान बताया, लेकिन साथ ही उन्हें ‘टोटल किलर’ (ऐसे शख्स जो सफल हैं, आक्रामक हैं और किसी भी स्थिति से निपटने में पारंगत) बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक जवाबी कार्रवाई की धमकी देकर उन्हें आश्चर्यचकित कर दिया, जब उन्होंने कहा कि हम उनसे निपट लेंगे, भारत ने सैकड़ों वर्षों से उन्हें हराया है। इसकी तुलना मुंबई में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए की बेरुखी से करें। भारत का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि नरेंद्र मोदी के आने से पहले भारत में हर साल पीएम बदला जाता था। वहां बहुत ज्यादा अस्थिरता थी। इसके बाद वह आए। वह महान हैं। वह मेरे मित्र हैं। बाहर से वह ऐसे दिखते हैं, जैसे वह आपके पिता हैं। वह सबसे अच्छे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कॉमेडियन एंड्रयू शुल्ट्ज और आकाश सिंह के साथ ‘फ्लैग्रैंट’ नामक पॉडकास्ट में ये बातें कही। 88 मिनट लंबे साक्षात्कार के लगभग 37 मिनट तक उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने संबंधों का जिक्र किया। ट्रंप ने आगे कहा कि ‘हाउडी मोदी’ 2019 में टेक्सास के ह्यूस्टन में भारतीय समुदाय का एक कार्यक्रम था। एनआरजी स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी और दोनों देशों के बीच संबंधों को दर्शाया गया। उन्होंने कहा कि स्टेडियम में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग पागल हो रहे थे और हम घूम रहे थे..हम उनके बीच में थे, हर किसी को हाथ हिला रहे थे। आपको बताते चलें, ट्रंप इससे पहले भी कई मौके पर प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें ‘शानदार व्यक्ति’ बता चुके हैं।     Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 81

पेंसिल्वेनिया की चुनावी रैली में डोनाल्ड ट्रंप बोले- ‘मौत के सामने भी हार नहीं मानूंगा’, Elon Musk भी दिखे साथ

पेनसिल्वेनिया. पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने शनिवार (5 अक्तूबर) को पेंसिल्वेनिया एक चुनावी रैली को संबोधित किया। दिलचस्प बात रही है कि मंच पर ट्रंप के साथ टेस्ला के सीईओ एलन मस्क (Elon Musk) भी नजर आए। मंच पर जाकर एलन मस्क ने ट्रंप के लिए समर्थन भी मांगे। इस चुनावी रैली में हजारों की संख्या में रिपब्लिकन पार्टी के समर्थकों ने हिस्सा लिया था। मंच पर आकर मस्क ने लोगों के सामने फाइट-फाइट और वोट-वोट के नारे लगाए। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 65