बुदनी मेंकिसानों को खेती के अत्याधुनिक उपकरणों के उपयोग और ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा

 सीहोर सीहोर के बुदनी नगर के केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान में देश का पहला ग्री ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर खोला जा रहा है। किसानों को खेती की सुरक्षा का ड्रोन के जरिए प्रशिक्षण देने के लिए इस संस्थान में ड्रोन सियुलेशन लैब बनकर तैयार हो गई है। एक ड्रोन भी लैब में आ गया है। बताया जा रहा है कि 25 मई को इसका शुभारंभ हो सकता है। महिलाओं को भी दी जाएगी ट्रेनिंग ड्रोन प्रशिक्षण सेंटर में किसानों को खेती के अत्याधुनिक उपकरणों के उपयोग और ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को खेती में उपयोग की जा रही हाईटेक पद्धतियों के बारे में प्रशिक्षित करना है। बताया जा रहा है कि इस सेंटर पर महिलाओं को भी ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे अपने परिवार में पुरुष किसानों के साथ तकनीकी का फायदा उठाकर खेती में हाथ बंटा सकें। अफसर बता रहे हैं कि प्रशिक्षित किसान नई तकनीकों का प्रयोग कर अपनी आय को बढ़ा सकेंगे, जिससे वे खेती के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेंगे। किसानों के लिए ड्रोन खेती एक महत्वपूर्ण तकनीक है, जो फसलों की निगरानी, छिड़काव और फसल निरीक्षण में मददगार है। इससे न केवल लागत कम होगी, बल्कि फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। ड्रोन के लिए उपयुक्त बुदनी का केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान 1955 में बना था। यह ड्रोन उड़ाने के लिए उपयुक्त व ग्रीन जोन है। सुरक्षा कारणों से कहीं भी ड्रोन को उड़ाना मना है, लेकिन बुदनी का केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान इसके लिए उपयुक्त है। यह ड्रोन पायलट प्रशिक्षण केंद्र 20 सीट का है। किसानों के प्रशिक्षण के लिए इसमें रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। 10वीं पास किसान ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण ले सकेंगे। बुदनी में यह पूरा सेंटर ड्रोन इंस्ट्रक्टर राय सिंह गुर्जर, डायरेक्टर पीपी राव, ट्रेनिंग हेड अनिल कुमार उपाध्याय, वरिष्ठ कृषि अभियंता जीआर अंवालकर के मार्गदर्शन में तैयार किया जा रहा है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की टीम जल्द ही इसका निरीक्षण करेगी, उसके बाद यहां ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण देना शुरु हो जाएगा। ड्रोन का कृषि में उपयोग     फसल निगरानी ड्रोन का उपयोग फसलों की निगरानी करने, उनकी वृद्धि और स्वास्थ्य की जांच करने में किया जा सकता है।     ड्रोन का उपयोग सिंचाई प्रणाली की निगरानी करने और पानी की बचत करने में किया जा सकता है।     ड्रोन का उपयोग कीटनाशक और उर्वरक छिडकाव में किया जा सकता है, जिससे समय और श्रम की बचत होती है।     ड्रोन का उपयोग फसल कटाई में भी किया जा सकता है, खासकर उन फसलों के लिए जो ऊंचाई पर उगाई जाती हैं।     मिट्टी की जांच ड्रोन का उपयोग मिट्टी की जांच करने और उसकी गुणवत्ता का विश्लेषण करने में किया जा सकता है। …..   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 36

न्यू नोएडा के लिए चिह्नित 80 गांवों का मई में ड्रोन सर्वे होगा, किसानों से सहमति पर 15 गांवों की भूमि अधिग्रहण होगी

नोएडा  नोएडा प्राधिकरण 'न्‍यू नोएडा' नाम से एक नया शहर विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। यह उत्तर प्रदेश के दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (DNGIR) के तहत 209.11 वर्ग किमी (20911.29 हेक्टेयर) क्षेत्र में बसाया जाएगा। इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके तहत गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के 80 गांवों में ड्रोन सर्वे कराने का फैसला लिया गया है। चयनित कंपनी को 10 दिन के भीतर सर्वे से संबंधित प्रेजेंटेशन (PPT) तैयार कर प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम के समक्ष पेश करना होगा। डेटा का सत्यापन और अवैध निर्माण की पहचान ड्रोन सर्वे में जिन बिंदुओं को शामिल किया गया है, उन्हें PPT के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। सर्वे से प्राप्त आंकड़ों की तुलना अक्टूबर 2024 की सैटेलाइट इमेज से की जाएगी, जिससे अवैध निर्माण की सही जानकारी मिल सकेगी। इसके बाद अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर निर्माण तोड़ा जाएगा। अधिसूचना और नियम अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश पाल के अनुसार, अक्टूबर 2024 में शासन की ओर से DNGIR को लेकर अधिसूचना जारी हुई थी। इसके बाद बिना अनुमति किए गए किसी भी निर्माण को अवैध माना जाएगा। इस संबंध में 20 अप्रैल के बाद एक बैठक होगी, जिसमें ड्रोन सर्वे कंपनी को बिंदुओं और सुझावों के आधार पर निर्देश दिए जाएंगे। मई में सर्वे शुरू होगा और 10 से 15 दिन में पूरा कर रिपोर्ट सौंपी जाएगी। किसानों से सहमति और मुआवजा न्‍यू नोएडा के पहले चरण में 15 गांवों की जमीन किसानों से आपसी सहमति के आधार पर ली जाएगी। मुआवजे की दर पर चर्चा हुई है लेकिन अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। जल्दी ही अगली बैठक में दर तय की जाएगी। कुल 80 गांवों में लगभग 16 हजार किसान परिवारों से बातचीत होगी। पहले फेज में 3165 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। ड्रोन सर्वे में ये बिंदु शामिल होंगे:     बुलंदशहर के 60 और गौतमबुद्ध नगर के 20 गांवों का सर्वे     खसरा नंबर के अनुसार जमीन की जांच     खाली और निर्मित भूमि की पहचान     सड़क, पार्क, स्कूल, कॉलेज, औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों की जानकारी भूमि अधिग्रहण चार चरणों में होगा     2023–2027: 3165 हेक्टेयर     2027–2032: 3798 हेक्टेयर     2032–2037: 5908 हेक्टेयर     2037–2041: 8230 हेक्टेयर Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 43

ड्रोन नीति पर हुई एक दिवसीय कार्यशाला, ड्रोन सूचना पोर्टल drone.mp.gov.in लाँच

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ॰ मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश ड्रोन टेक्नोलॉजी में अग्रणी बनने की ओर अग्रसर है। राज्य में ड्रोन टेक्नोलॉजी के लिए बेहतर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने और ड्रोन नीति पर विचार विमर्श के लिए सोमवार को "शासन में ड्रोन का उपयोग एवं मध्यप्रदेश में ड्रोन पारिस्थितिक तंत्र का विकास" विषय पर कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में कार्यशाला हुई। कार्यशाला में ड्रोन प्रौद्योगिकी के व्यापक अनुप्रयोगों पर चर्चा की गयी। सर्वेयर जनरल ऑफ इंडिया हितेश कुमार मकवाना, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे, प्रबंध निदेशक एमपीएसईडीसी आशीष वशिष्ठ ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर ड्रोन केन्द्र सूचना पोर्टल https://drone.mp.gov.in/ भी लाँच किया गया। सर्वेयर जनरल मकवाना ने कहा कि भारत में पिछले छ: वर्षों में ड्रोन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय विकास हुआ है। ड्रोन के शुरूआती सीमित उपयोग से लेकर आज इसके व्यापक उपयोग तक ड्रोन एक बहुउपयोगी उपकरण के रूप में उभरा है। भारत सरकार ने ड्रोन टेक्नोलॉजी के व्यापक उपयोग के लिये ड्रोन नीति बनाई है। मध्यप्रदेश ड्रोन टेक्नोलॉजी के उपयोग में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है। राज्य ने स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन मे ड्रोन टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुये विशेष उपलब्धि हासिल की है। ड्रोन टेक्नोलॉजी कुशल, सुलभ और कम लागत मे उपलब्ध टेक्नोलॉजी है। एसीएस संजय दुबे ने कहा कि केन्द्र सरकार ने ड्रोन नीति के तहत ड्रोन टेक्नोलॉजी आधारित इको-सिस्टम विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसमें ड्रोन के संचालन के लिये आवश्यक नियम, लाइसेंसिंग प्रक्रियाएं, संचालन की अवधि आदि निर्धारित की गई हैं। मध्यप्रदेश इस नीति को प्रेरणादायक मानते हुए ड्रोन के क्षेत्रीय स्तर पर व्यवहारिक और लाभकारी उपयोग के लिये कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि राज्य में एक मजबूत और समग्र इको-सिस्टम विकसित करें। जब हम ड्रोन की बात करते हैं तो यह केवल एक फ्लाइंग कैमरा ही नहीं बल्कि गेम चेंजिंग टेक्नोलॉजी है। यह टेक्नोलॉजी विभिन्न स्तरों पर सेवाएं प्रदान करने में सक्षम है। राज्य में इस टेक्नोलॉजी के व्यापक अनुप्रयोग की संभावनाएं है, जिससे नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। हमारा उद्देश्य है कि हम ऐसा इको-सिस्टम विकसित करें, जिससे ड्रोन का व्यापक उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में आसानी से हो सके। यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्म-निर्भर भारत और मेक-इन-इंडिया विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हमारा लक्ष्य ड्रोन टेक्नोलॉजी विकसित करने के साथ राज्य में निर्माण इकाइयों को स्थापित करना भी है। एमपीएसईडीसी के एम.डी. आशीष वशिष्ठ ने कहा कि आज ड्रोन टेक्नोलॉजी का व्यापक उपयोग कृषि क्षेत्र में किया जा रहा है। खनन क्षेत्र में ड्रोन के मदद से प्रभावी खनन पर निगरानी रखी जा रही है। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये ड्रोन की महत्वपूर्ण भूमिका है। ड्रोन टेक्नोलॉजी का उपयोग आबकारी, कानून व्यवस्था, निर्माण गतिविधियों में भी किया जा रहा है। हमारा उद्देश्य मध्यप्रदेश को देश का ड्रोन हब बनाना है। ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष स्मित शाह ने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापार विस्तार के लिये ड्रोन की परिवर्तनकारी भूमिका है। उन्होंने कहा कि नमो ड्रोन दीदी जैसी पहल से ड्रोन का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। ड्रोन टेक्नोलॉजी का उपयोग केवल एक विकल्प नहीं बल्कि यह भविष्य की आवश्यकता है। नाबार्ड के जीएम कमर जावेद ने कहा कि मध्यप्रदेश में ड्रोन टेक्नोलॉजी में उल्लेखनीय कार्य हुए है। सहकारी संस्थाओं की तरह पैक्स सोसायटी में भी ड्रोन के उपयोग को बढ़ाया जा सकता है। फिक्की ड्रोन कमेटी को-चैयरमेन एवं सीईओ अंकित मेहता ने कहा कि लॉ-एण्ड-ऑर्डर और निगरानी क्षेत्रों में ड्रोन टेक्नोलॉजी बहुत उपयोगी है। ड्रोन अपनी बहुआयामी उपयोगिता के साथ नवाचार को बढ़ावा दे रहे है और भविष्य की प्रौद्यागिकी को नया आकार दे रहे है। ड्रोन टेक्नोलॉजी के विभिन्न विषयों पर आयोजित हुए सत्र कार्यशाला में ड्रोन टेक्नोलॉजी के विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित किए गये। ड्रोन पॉलिसी एवं इंडस्ट्री इनिशिएटिव विषय पर ड्रोन टेक्नोलॉजी के वर्तमान उपयोग एवं भविष्य में व्यापक उपयोग पर चर्चा की गई। ड्रोन केस स्टडीज विषय पर व्यावसायिक क्षेत्रों में ड्रोन के उपयोग पर जानकारी दी गई। ड्रोन स्टार्ट-अप एवं स्किल डेपलपमेंट विषय पर जानकरी दी गई एवं ड्रोन पॉलिसी ड्रॉफ्ट पर विस्तृत चर्चा भी की गई। इस अवसर पर ड्रोन केन्द्रित सूचना पोर्टल भी लाँच किया गया। यह पोर्टल ड्रोन टेक्नोलॉजी, नीति और प्रशिक्षण से संबंधित जानकारी को एकीकृत करने में सहायक होगा। इस दौरान ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें ड्रोन टेक्नोलॉजी के नवीनतम उपयोगों को प्रदर्शित किया गया। इस अवसर पर एमपीएसईडीसी के परियोजना निदेशक गुरू प्रसाद, अपर परियोजना निदेशक डॉ. संदीप गोयल, परियोजना प्रबंधक अनूप पटेल, सीनियर जनरल मैनेजर कविराज मेहरा सहित एमपीएसईडीसी के अधिकारी-कर्मचारी, सर्वे ऑफ इंडिया डीजीसीए, आईआईटी इंदौर, ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया, नाबार्ड, मध्यप्रदेश सरकार के सभी विभागों के प्रमुख सहित ड्रोन इंडस्ट्री के प्रमुख जैसे आइडिया फोर्ज, एस्टेरिया एयरोस्पेस आदि के प्रतिनिधि, ड्रोन दीदीयां और तकनीकी शिक्षा के विद्यार्थी उपस्थित रहे।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। 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स्कूली छात्र ने कड़ी मेहनत के बल पर अनूठा ड्रोन बनाने में सफलता हासिल की, जाने क्या है विशेषता

ग्वालियर  ग्वालियर में सिंधिया स्कूल के एक छात्र ने कमाल कर दिखाया है. उसने कड़ी मेहनत के बल पर अनूठा ड्रोन बनाने में सफलता हासिल की. ड्रोन को एक व्यक्ति बैठकर उड़ सकता है. फोर्ट में स्थित सिंधिया स्कूल के मेघावी छात्र का नाम मेधांश त्रिवेदी है. मेधांश त्रिवेदी ड्रोन का सफल परीक्षण भी कर चुका है. होनहार छात्र को सफलता तीन महीने की मशक्कत के बाद मिली. ड्रोन को तैयार करने में करीब साढे़ तीन लाख रुपये का खर्च आया. एमएलडीटी 1 की जानें विशेषता     फिलहाल 4 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम     60 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से मंजिल तक पहुंच सकता है     अनूठे ड्रोन की चौड़ाई 1.8 मीटर और लंबाई 1.8 मीटर है     ड्रोन में करीब 45 हॉर्स पावर से ज्यादा की क्षमता     80 किलो वजन को लेकर 6 मिनट तक हवा में भर सकता उड़ान इंटर के छात्र ने किया कमाल मेधांश ने अनूठे ड्रोन को एमएलडीटी 1 नाम दिया है. होनहार छात्र ने बताया कि चीन के ड्रोन देखकर मन मे भी कुछ अलग करने का विचार आया. टीचर मनोज मिश्रा ने विचार को मूर्त रूप देने में छात्र को प्रोत्साहित किया. मेधांश का कहना है कि तकनीकी रूप से भी टीचर ने मदद की. छात्र का सपना अब एयर टैक्सी कंपनी शुरू करने का है. उसने लोगों के लिए सस्ता हेलीकॉप्टर भी उपलब्ध कराने की मंशा जताई है. ड्रोन बनाने के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. आखिरकार शिक्षक और परिवार की मदद से छात्र सपने को साकार करने में सफल हुआ. एमएलडीटी 1 सामान्य ड्रॉन से एकदम अलग है. सिंधिया स्कूल के स्थापना दिवस समारोह पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और इसरो चीफ एस सोमनाथ ने मेधांश के इनोवेशन की जी खोलकर प्रशंसा की थी. मेधांश ने बताया कि ड्रोन बिना व्यक्ति के चार किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है. हालांकि सुरक्षा के चलते 10 मीटर तक ही उड़ा रहे हैं. छात्र ने बताया कि फंडिंग की व्यवस्था होने पर ड्रोन को हाइब्रिड मोड पर लॉन्च करने का काम होगा. अभी एमएलडीटी 1 में एग्रीकल्चर ड्रोन की चार मोटर लगा है. ऐसे मिली ड्रोन बनाने की प्रेरणा मेधांश वर्तमान में सिंधिया स्कूल के इंटर का छात्र है. छात्र का कहना है कि आने वाले समय में आम लोगों के काम आने वाले ड्रोन का निर्माण भी होगा. ड्रोन का इस्तेमाल सामान दूसरी जगह पहुंचाने और एग्रीकल्चर में किया जा सकेगा. टीचर मनोज मिश्रा मेधांश की तारीफ करते हैं. उन्होंने बताया कि मेधांश कक्षा 7 से नए-नए आविष्कार के बारे में जानकारी लेता रहता था. मकसद कुछ अलग करने की थी. उन्होंने बताया कि खुद भी मॉडल तैयार करते हैं. मॉडल और चीन के मानव ड्रोन को देखने के बाद मेधांश को ड्रोन बनाने की प्रेरणा मिली. मेधांश की प्रतिभा को देखकर स्कूल के स्टाफ भी मदद को आगे आए हैं. बता दें कि सिंधिया स्कूल का संचालन सिंधिया राज परिवार करता है. ज्योतिरादित्य सिंधिया स्कूल के संरक्षक हैं. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 68