कृषि मंत्री कंषाना का बयान: दलहन नीति निर्धारण और अनुसंधान में ऐतिहासिक पहल

दलहन क्षेत्र का राष्ट्रीय सम्मेलन 7 फरवरी को सीहोर के अमलाहा में दलहन क्षेत्र में नीति निर्धारण और अनुसंधान में मील का पत्थर होगा साबित : कृषि मंत्री  कंषाना कृषि मंत्री कंषाना का बयान: दलहन नीति निर्धारण और अनुसंधान में ऐतिहासिक पहल भोपाल प्रदेश के अमलाहा, जिला सीहोर में 7 फरवरी को दलहन उत्पादन एवं उत्पादकता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श के लिये एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन में दलहन क्षेत्र की मूल संवेदनाओं, वर्तमान चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में देश के प्रमुख दलहन उत्पादक राज्यों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारीगण, दलहन अनुसंधान से जुड़े वैज्ञानिक, सरकारी बीज उत्पादक संस्थाएँ, दाल उद्योग से संबंधित प्रतिनिधि एवं अन्य सहयोगी एजेंसियाँ भाग लेंगी। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा कि दलहन उत्पादन को सुदृढ़ करने, किसानों की आय बढ़ाने तथा उन्नत तकनीकों के माध्यम से उत्पादकता सुधार पर अपने विचार साझा करेंगे। यह सम्मेलन दलहन क्षेत्र में नीति निर्धारण और अनुसंधान में मील का पत्थर साबित होगा। सम्मेलन का उद्देश्य किसानों तक नवीन शोध, गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक खेती पद्धतियों तथा बाज़ार से जुड़ी जानकारी पहुँचाना है, जिससे दलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल सके। साथ ही विभिन्न राज्यों के अनुभवों के आदान-प्रदान से राष्ट्रीय स्तर पर दलहन विकास की दिशा में ठोस रणनीति तैयार की जाएगी।   recent visitors 24

प्रमाणित बीजों से प्रदेश में फसलों की उत्पादकता बढ़ाई जा रही : कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि बीज प्रमाणीकरण संस्था का गठन भारत सरकार द्वारा अधिसूचित बीज अधिनियम 1966 की धारा 8 के अन्तर्गत किया गया है। संस्था का मुख्य कार्य निर्धारित मानक के अनुरूप गुणवत्ता के बीजों का प्रमाणीकरण करना है। प्रमाणित बीजों से प्रदेश में फसलों की उत्पादकता बढ़ाई जा रही है। बीज प्रमाणीकरण संस्था द्वारा विगत् एक वर्ष की अवधि में बीज प्रमाणीकरण का महत्वपूर्ण कार्य किया गया। खरीफ-2024 में 1.24 लाख हेक्टेयर क्षेत्र बीज प्रमाणीकरण के लिए पंजीकृत हुआ और 15 लाख क्विंटल बीज प्रमाणित किया गया। रबी सीजन में 1.07 लाख हेक्टेयर क्षेत्र बीज प्रमाणीकरण के लिए पंजीकृत हुआ और 21.86 लाख क्विंटल बीज प्रमाणित किया गया। ग्रीष्म-2024 में 9021 हेक्टेयर क्षेत्र बीज प्रमाणीकरण के लिए पंजीकृत हुआ और 85 हजार क्विंटल बीज प्रमाणित किया गया। बीज प्रमाणीकरण संस्था के टैग्स पर 2डी क्यूआर कोड का उपयोग किया जा रहा है। किसी भी एन्ड्रॉयड फोन से इसे स्कैन किया जा सकता है। स्कैन करने पर प्रमाणित बीज लॉट के लिए जारी प्रमाण-पत्र खुल जायेगा, जिसमें बीज लॉट की समस्त जानकारी उपलब्ध है। फसल, किस्म, लॉट क्रमांक, टैगों की सीरीज, कुल कितने टैग जारी किये गये, पैकिंग साइज, पैकिंग मात्रा, बीज परीक्षण परिणाम, अंकुरण, भौतिक शुद्धता, अन्य फसलों, अन्य पहचान योग्य बीज, खरपतवार, नमी, किस कृषक एवं संस्था द्वारा बीज का उत्पादन किया गया और किस सहायक बीज प्रमाणीकरण अधिकारी द्वारा पैकिंग एवं टैगिंग की गई, समस्त जानकारी स्कैन के माध्यम से देखी जा सकती है। केन्द्र सरकार द्वारा तैयार किये गये साथी पोर्टल पर बीजोत्पादन कार्यक्रम और बीज का ट्रेसेबिलिटी ऑथेन्टिकेशन की जानकारी ली जा सकती है। साथी पोर्टल की वेबसाईट https://seedtrace.gov.in/ है।   recent visitors 46