बिजली उपभोक्ताओं को अब सस्ते में मिलेगा बिजली कनेक्शन! लोड आधारित कनेक्शन शुल्क तय

भोपाल बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब नए कनेक्शन पर बिजली कंपनी उपभोक्ताओं को अफोर्डेबल चार्ज का नया विकल्प देगी। उपभोक्ता चाहे तो घर के बिजली पॉइंट की जांच करवाकर कनेक्शन शुल्क जमा कर सकता है या नए एसएसी से तय औसत शुल्क से राशि जमाकर कनेक्शन ले सकता है, साथ ही तुरंत कनेक्शन भी मिल जाएगा। मप्र विद्युत नियामक आयोग इस पर 27 नवंबर को सुनवाई करेगा। आम उपभोक्ताओं को ज्यादा लाभ इस नए विकल्प का सबसे ज्यादा लाभ आम उपभोक्ता को मिलेगा। 0 से 3 किलोवॉट भार के कनेक्शन सामान्य घरों में होते हैं। इनके लिए मौजूदा से करीब 50 फीसदी राशि औसत दर में घट रही है। इंफ्रा चार्ज से भी ये मुक्त रहेंगे। 112 किलोवॉट भार के लिए एसएसी तय की है। 50 किलोवॉट तक भार के कनेक्शन को शुल्क से मुक्त रखा गया है। सप्लाई अफोर्डेबल चार्ज को लेकर 27 नवंबर को सुनवाई होगी। संबंधित लोगों से मामले में सुझाव आमंत्रित कराए थे। इसके बाद इसे लागू किया जाएगा। -उमाकांत पांडा, सचिव एमपीइआरसी सप्लाई अफोर्डेबल चार्ज के विकल्प में शुल्क गणना ● 0 से 03 किलोवॉट भार के लिए- 340 रुपए प्रति किलोवॉट ● 03 से 10 किलोवॉट भार के लिए- 1000 रुपए प्रति किलोवॉट ● 10 किलोवॉट से 25 किलोवॉट के लिए- 8080 रुपए व बाद में 2520 रुपए प्रति किलोवॉट ● 25 किलोवॉट से 50 किलोवॉट के लिए 46 हजार रुपए व बाद में प्रति किलोवॉट 4200 रुपए ● 50 किलोवॉट से 112 किलोवॉट के लिए 10 हजार रुपए प्रति किलोवॉट के लिए नोट- ये मल्टी यूजर कॉम्प्लेक्स व आवासीय कॉलोनी उपभोक्ता के लिए हैं। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्विस लाइन व सुपरविजन चार्ज है। इस तरह तीन श्रेणियों में चार्ज तय किया है। नियामक आयोग से इसका ड्राफ्ट लिया जा सकता है। recent visitors 192

उज्जैन में स्थापित टेस्टिंग लेब को नेशनल एक्रिडिएशन बोर्ड फार टेस्टिंग कालिब्रेशन लेबोरेटरीज (NABL ) प्रमाण पत्र मिला

भोपाल मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उज्जैन में स्थापित टेस्टिंग लेब को नेशनल एक्रिडिएशन बोर्ड फार टेस्टिंग कालिब्रेशन लेबोरेटरीज (NABL ) प्रमाण पत्र मिला है। आत्म-निर्भर भारत के उद्देश्य से कंपनी की जरूरत की विद्युत सामग्री की जांच के लिए अब इस तरह की एनएबीएल प्रयोगशाला स्थानीय स्तर पर ही होने से अन्यत्र सामग्री भेजने में लगने वाला समय, शुल्क बचेगा। कंपनी की प्रबंध निदेशक सुरजनी सिहं और मुख्य महाप्रबंधक प्रकाश सिंह चौहान ने उज्जैन की लेब को आगामी चार वर्षों के लिए राष्ट्रीय स्तर का प्रमाण पत्र मिलने पर बधाई दी है।  अतिरिक्त मुख्य अभियंता आरके नेगी ने बताया कि उक्त लेब पांच करोड़ की लागत से उज्जैन के शंकरपुर में तैयार हुई है। यहां अत्याधुनिक तरीके से ट्रांसफार्मर, तार और केबल की टेस्टिंग की जाएगी, जांच रिपोर्ट भी ऑटोमेटेड़ जनरेटेड़ प्राप्त होगी। उक्त लेब की स्थापना में विभागीय अधिकारी सोमनाथ मरकाम, अजीत लाल, अंशुल कारपेंटर, अमित कुमार का सरहानीय सहयोग रहा है। इस तरह की NABL प्रमाणीकरण वाली लेब इंदौर स्थित पोलोग्राउंड मुख्यालय में पहले से ही कार्यरत है। NABL स्तर की लेब से न केवल कंपनी का कामकाज तेज होती है, बल्कि आर्थिक बचत भी होती है।   recent visitors 103