Friday, July 17, 2026 2:50 am

केंद्र सरकार भी 10 हाथियों की मौत पर सख्त, मांगी रिपोर्ट

उमरिया उमरिया जिले में आने वाले बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है। सब यह जानना चाहते हैं कि अचानक से इतने हाथियों की मौत कैसे हुई। राज्य सरकार ने भी इस मामले में प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। जबकि केंद्र सरकार भी इस मुद्दे पर सख्त नजर आ रहा है। पीएमओ ने इस मामले में रिपोर्ट मांगी है, क्योंकि अब तक 10 हाथियों की मौत का खुलासा नहीं हो पाया है। फिलहाल, लैब की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उमरिया में अचानक से 10 हाथियों की मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है। क्योंकि सभी हाथियों की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। जबकि हाथियों की निगरानी के लिए टीम भी रहती है। फिलहाल, इस घटना के बाद हाथियों की निगरानी के लिए छह विशेष दल गठित किए गए हैं। हाल ही में सीएम मोहन यादव ने भी वन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। जहां लापरवाही मिलने पर फील्ड डायरेक्टर गौरव चौधरी और पनपथा एसडीओ फतेह सिंह निनामा को मामले में सस्पेंड भी किया गया है। सीएम ने इस मामले में तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं, जबकि केंद्र सरकार ने भी रिपोर्ट मांगी है। बताया जा रहा है कि हाथियों की मौत के मामले में अगर कुछ और अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही सामने आती है तो उस पर भी एक्शन हो सकता है। क्योंकि हाथियों ने मौत से पहले बड़ी मात्रा में कोदो खाया था। फिलहाल, जंगली हाथियों पर निगरानी रखने के लिए वन विभाग की टीम को भी अलर्ट किया गया है। सीएम मोहन यादव ने हाथियों की मौत के मामले में जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, पिछले कुछ समय में हाथियों और स्थानीय लोगों के बीच टकराव की बात भी सामने आई है। क्योंकि हाथी स्थानीय रहवासी इलाके में भी घुसे हैं, जिससे कई बार स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में स्थानीय लोग भी हाथियों को भगाते हैं, जिससे यहां डर बना रहता है। यही वजह है कि स्पेशल फोर्स गठित करने के निर्देश भी सीएम ने दिए हैं। recent visitors 66

उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 7 हाथियों की मौत से हड़कंप, 3 की हालत गंभीर, वन मंत्री ने दिए SIT जांच के आदेश

उमरिया  जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक दुखद घटना घटी है। मंगलवार को यहां चार हाथियों की मौत हो गई थी। इसके कुछ घंटों बाद तीन अन्य हाथियों ने दम तोड़ दिया। तीन अन्य गंभीर रूप से बीमार पाए गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि हाथियों ने कोई जहरीला या नशीला पदार्थ खा लिया होगा, जिससे उनकी मौत हुई। मौके पर पहुंचे एक्सपर्ट घटना की सूचना मिलते ही वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारियों और विशेषज्ञों की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं। बांधवगढ़ के साथ-साथ जबलपुर के स्कूल ऑफ वाइल्डलाइफ फोरेंसिक एंड हेल्थ की फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। बीमार हाथियों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। गश्त के दौरान मिली जानकारी जानकारी के मुताबिक, 29 अक्टूबर की दोपहर नियमित गश्त के दौरान बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अमले को खितौली व पतौर कोर रेंज के सलखनिया बीट के आरएफ 384 व पीएफ 183 ए में कुल 4 जंगली हाथी मृत अवस्था में मिले। 13 में 7 की मौत, 3 बीमार इस घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की कई टीमों ने आसपास के क्षेत्र में सर्चिंग शुरू कर दी। इस दौरान 5 अन्य हाथी अस्वस्थ अवस्था में जमीन पर पड़े मिले। इस झुंड में कुल 13 हाथी बताए जा रहे हैं, जिनमें से 1 नर और 3 मादा हाथियों समेत 7 की मौत हो चुकी है। 3 हाथी अस्वस्थ हैं और 3 स्वस्थ पाए गए हैं। पूरे इलाके की हो रही सर्चिंग सभी संभावनाओं को देखते हुए क्षेत्र की सर्चिंग की जा रही है। बांधवगढ़ और स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ फोरेंसिक एंड हेल्थ जबलपुर के वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी और वन्यजीव पशु चिकित्सक जंगली हाथियों का हरसंभव इलाज कर रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद समझ आएगा कारण जांच के लिए एसटीएफ जबलपुर और भोपाल की टीम भी बांधवगढ़ पहुँच गई है। पार्क प्रबंधन और वन्यजीव चिकित्सक भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून के विशेषज्ञों के साथ भी लगातार संपर्क में हैं। फिलहाल, मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने पांच टीमों का किया गठन वन विभाग ने हाथियों की मौत की जांच के लिए पांच टीमों का गठन किया है। बुधवार की सुबह भोपाल से फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की एक टीम बांधवगढ़ पहुंची। इस टीम के एक्सपर्ट ने हाथियों की मौत की वजह की पड़ताल शुरू कर दी है। इन टीमाें के साथ ही डॉग स्क्वॉड को भी तैनात किया गया है, जिससे पता लगाया जा सके कि रिजर्व एरिया में किसी ने जानबूझकर हाथियों को जहरीली चीज तो नहीं दी है। इस पूरे इलाके की बारीकी से सर्चिंग शुरू कर दी गई है। बेहोश होकर अचानक गिरे हाथी  जानकारी के मुताबिक, मंगलवार दोपहर को जंगल में 13 हाथियों का झुंड घूम रहा है। खितौली और पतौर परिक्षेत्र के सलखनियां में आठ हाथियों की तबीयत बिगड़ गई। सभी 100 से 200 मीटर के एरिया में बेहोश होकर गिर गए। इसके बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, जबलपुर, उमरिया और कटनी से आठ से ज्यादा वेटरनरी डॉक्टरों को बुलाया गया। मंगलवार को चार और बुधवार सुबह तीन हाथियों की मौत हो गई।  recent visitors 85