Friday, July 10, 2026 4:40 am

PF का पैसा अब ATM से आसानी से निकालें, ट्रांसफर करने का झंझट खत्म, ऑटोमेटिक हो जाएगा ये काम, जानें तरीका

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है. प्राइवेट सेक्‍टर्स के कर्मचारियों को रिटायमेंट फाइनेंशियल सिक्‍योरिटी देने वाला ये सिस्‍टम जल्‍द ही एक बड़े बदलाव के साथ आ सकता है. यह एक ऐसा बदलाव हो सकता है, जो कर्मचारियों की बड़ी परेशानी को खत्‍म कर देगा. दरअसल, खबर आई है कि सरकार EPFO के तहत एक ऐसे सिस्‍टम पर काम कर रही है, जिससे कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) के सब्‍सक्राइबर्स पैसों की जरूरत पड़ने पर ATM के जरिए डेबिट कार्ड का उपयोग करते हुए PF का पैसा निकाल सकते हैं. एटीएम से पैसा निकालने की लिमिट भी तय की जाएगी, ताकि आपकी रिटायरमेंट पर भी फाइनेंशियल सिक्‍योरिटी बनी रहे और इमरजेंसी पर लिक्विडिटी भी रहे. कहा जा रहा है कि यह पहल सरकार की महत्वाकांक्षी EPFO ​​3.0 योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सेवाओं का आधुनिकीकरण करना और ग्राहकों को उनकी बचत पर अधिक कंट्रोल देना है. ज्‍यादा कंट्रीब्‍यूशन पर भी हो रही चर्चा एटीएम निकासी के साथ-साथ, श्रम मंत्रालय कर्मचारी योगदान पर 12% की सीमा को हटाने पर विचार कर रहा है, जिससे कर्मचारी अपने वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप अधिक सेविंग कर सकेंगे. रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि सब्सक्राइबर्स को जल्द ही किसी भी समय मौजूदा सीमा से ज़्यादा राशि जमा करने की सुविधा मिल सकती है. जबकि नियोक्ता का योगदान स्थिरता के लिए सैलरी बेस्‍ड रहेगा, कर्मचारियों को अपने अकाउंट्स में पैसे जमा करने की आज़ादी मिल सकती है, जिससे बिना किसी प्रतिबंध के उनकी सेविंग बढ़ सकती है. EPS को लेकर भी हो रहा सुधार इसके अतिरिक्त, सरकार कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (EPS-95) में सुधार पर काम कर रही है. वर्तमान में, नियोक्ता के योगदान का 8.33% EPS-95 को आवंटित किया जाता है. प्रस्तावित परिवर्तनों से कर्मचारियों को सीधे योजना में योगदान करने की अनुमति मिल सकती है, जिससे उन्हें अपने पेंशन लाभ को बढ़ाने में मदद मिलेगी. कब से हो सकता है बड़ा बदलाव? EPFO सिस्‍टम में सीमित पहुंच और लचीलेपन के बारे में लंबे समय से चली आ रही चिंताओं से निपटने के लिए, इन उपायों का उद्देश्य लॉन्‍ग टर्म फाइनेंशियल सिक्‍योरिटी के साथ तत्काल तरलता आवश्यकताओं को संतुलित करना है. EPFO 3.0 सुधारों की आधिकारिक घोषणा 2025 की शुरुआत में होने की उम्मीद है, जो भारत के कार्यबल द्वारा अपनी सेविंग के मैनेजमेंट और उपयोग के तरीके में एक परिवर्तनकारी बदलाव कर सकता है. गौरतलब है कि अभी ईपीएफओ प्राइवेट सेक्‍टर के कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट फंड जमा करता है. पीएफ अकाउंट के तहत कर्मचारी और नियोक्‍ता दोनों की तरफ से सैलरी का 12 फीसदी कंट्रीब्‍यूशन दिया जाता है. फिर सरकार की तरफ से इसपर सालाना ब्‍याज दिया जाता है.   recent visitors 114

भ्रष्टाचार के मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई, EPFO ऑफिस बद्दी के रीजनल कमिश्नर समेत 3 गिरफ्तार

हिमाचल हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफओ) कार्यालय में भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रीजनल पीएफ कमिश्नर एनफोर्समैंट ऑफिसर और कंसल्टैंट को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन तीनों ने मिलकर एक फर्म के पीएफ मामले को निपटाने के लिए 10 लाख रुपए रिश्वत की मांग की थी। उक्त आरोपियों ने शिकायतकर्ता की फर्म के पीएफ मामले में अड़चन डालते हुए पैसे न देने पर भारी जुर्माने की धमकी दी। मजबूर होकर फर्म मालिक ने सीबीआई को इसकी शिकायत दी, जिसके बाद एजैंसी ने जाल बिछाकर तीनों आरोपियों को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। पुख्ता सबूतों के बाद की गिरफ्तारी बता दें कि सीबीआई ने 24 नवम्बर को एनफोर्समैंट ऑफिसर मदन लाल और कंसल्टैंट संजय कुमार यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान रीजनल कमिश्नर रवि आनंद का नाम भी सामने आया। इसके बाद तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद आज को उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की गई। सीबीआई द्वारा तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश करने की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। recent visitors 79

ईपीएफओ ने देश भर के लाखों सदस्यों को सामाजिक सुरक्षा देने और वित्तीय रूप से सबल बनाने का काम किया: डॉ. मनसुख मांडविया

नई दिल्ली केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के मुताबिक कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने देश भर के लाखों सदस्यों को सामाजिक सुरक्षा देने और वित्तीय रूप से सबल बनाने का काम किया है। राष्ट्रीय राजधानी में एक कार्यक्रम में अपने मुख्य भाषण में डॉ. मांडविया ने ईपीएफओ की परिवर्तनकारी यात्रा की सराहना की। उन्होंने ईपीएफओ द्वारा अपने सदस्यों के विशाल कोष का प्रबंधन करने को भी सराहा और पूरे देश में सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों को बढ़ाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। केंद्रीय मंत्री ने मजबूत आईटी प्लेटफॉर्म, शिकायत प्रबंधन के लिए कुशल प्रणाली और सेवा वितरण के सदस्य केंद्रित मॉडल के कार्यान्वयन के महत्व पर भी जोर दिया। डॉ. मांडविया ने ईपीएफओ कर्मचारियों से संगठन के नारे “हम हैं ना” को अपनाने का आग्रह किया और उन्हें लोगों की सेवा करने के उनके कर्तव्य की प्रतिदिन याद दिलाई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सच्ची सेवा का पैमाना कर्मचारियों द्वारा जरूरतमंद की समयानुसार मदद होती है। केंद्रीय मंत्री ने सेवाओं की अंतिम छोर तक डिलीवरी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए पेंशन कवरेज बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने ईपीएफओ के अधिकारियों और कर्मचारियों से सदस्यों की सेवा में ईमानदारी, समर्पण, सहानुभूति और व्यावसायिकता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने का आह्वान किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “संगठन के भीतर निरंतर कौशल वृद्धि और क्षमता निर्माण के प्रयास उभरती चुनौतियों के अनुकूल होने और सेवा वितरण में सुधार के लिए सर्वोपरि हैं।” इस बीच, ईपीएफओ में योगदान देने वाले सदस्यों की संख्या 202-2023 में 6.85 करोड़ से 7.6 प्रतिशत बढ़कर 2023-24 में 7.37 करोड़ हो गई है, जबकि इस अवधि के दौरान संगठन में योगदान देने वाले प्रतिष्ठानों की संख्या 6.6 प्रतिशत बढ़कर 7.66 लाख हो गई है। ईपीएफओ ने पिछले वर्ष के 3,390 करोड़ रुपये के इसी आंकड़े की तुलना में बकाया राशि की वसूली में 55.4 प्रतिशत की वृद्धि देखी, जो 5,268 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वर्ष की तुलना में निपटाए गए दावों की संख्या में भी 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि कार्यकारी समिति ने रिपोर्ट को केंद्रीय बोर्ड द्वारा अपनाने की सिफारिश की।   recent visitors 123

EPFO में बड़े बदलाव का प्‍लान, ज्‍यादा बचत की चाहत होगी पूरी, क्‍या है सरकार की मंशा?

नई दिल्ली  सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत स्वैच्छिक भविष्य निधि (VPF) में कर-मुक्त योगदान की मौजूदा सीमा को बढ़ाने पर विचार कर रही है. वर्तमान में, VPF में 2.5 लाख रुपये से अधिक योगदान पर अर्जित ब्याज पर कर लगता है. इस पहल का उद्देश्य निम्न-मध्यम और मध्यम आय वाले लोगों को अपनी बचत को बढ़ाने और रिटायरमेंट के लिए अधिक फंड जुटाने में मदद करना है. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले से परिचित सूत्रों ने बताया है कि श्रम मंत्रालय इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है और आगामी वित्त वर्ष 2026 के बजट विचार-विमर्श के दौरान वित्त मंत्रालय के साथ चर्चा कर सकता है. क्या है स्वैच्छिक भविष्य निधि (VPF)? स्वैच्छिक भविष्य निधि (VPF) एक वैकल्पिक योजना है, जिसमें वेतनभोगी कर्मचारी अनिवार्य ईपीएफ के अतिरिक्त अपनी बचत को बढ़ाने के लिए योगदान कर सकते हैं. इसमें योगदान पर EPF के समान ही ब्याज मिलता है, जो चक्रवृद्धि दर पर सालाना आधार पर जोड़ा जाता है. VPF में अधिकतम योगदान मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 100% तक हो सकता है, जो EPF के समान ब्याज दर पर अर्जित होता है. हालांकि, पांच साल की न्यूनतम अवधि पूरी करने से पहले निकासी करने पर यह राशि कर के अधीन हो सकती है. 2.5 लाख रुपये की सीमा में बदलाव पर विचार वर्तमान में, VPF में 2.5 लाख रुपये से अधिक कर-मुक्त ब्याज प्राप्त करने की सीमा 2022 के बजट में लागू की गई थी. इसका उद्देश्य उच्च आय वर्ग के कर्मचारियों को इस योजना का उपयोग कर बैंक या सावधि जमा के मुकाबले अधिक कर-मुक्त ब्याज अर्जित करने से रोकना था. अब, सरकार इस सीमा को बढ़ाने पर विचार कर रही है, ताकि मध्यम आय वर्ग के लोग अधिक बचत कर सकें. EPFO के तहत 20 लाख करोड़ रुपये का फंड EPFO के पास 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक का फंड है, और इसमें 7 करोड़ से अधिक मासिक अंशदाता और 75 लाख से अधिक पेंशनभोगी हैं. कर्मचारी VPF में अधिकतम 100% तक का योगदान कर सकते हैं, जो उनके मूल वेतन और महंगाई भत्ते पर आधारित होता है. इसमें मिलने वाला ब्याज EPF के समान होता है, जो लंबे समय से 8% से अधिक की दर पर दिया जा रहा है. ब्याज दर और बचत की गणना EPF पर ब्याज दर वित्त वर्ष 2022 के लिए 8.10%, वित्त वर्ष 2023 के लिए 8.15% और वित्त वर्ष 2024 के लिए 8.25% रही. EPFO और VPF में प्रति वर्ष 2.5 लाख रुपये का निवेश कर, 8.25% वार्षिक ब्याज दर के हिसाब से 30 साल में लगभग 3.3 करोड़ रुपये जमा किए जा सकते हैं. recent visitors 85

EPFO खाताधारकों अब PF से पैसा निकालना आसान, 3 दिन में खाते में आएंगे 1 लाख तक, जानिए नियम-प्रक्रिया

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्‍य निध‍ि संगठन के खाताधारकों और कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। ईपीएफओ ने पीएफ अकाउंट से एडवांस निकालने के नियम में बदलाव किया है। ईपीएफओ ने मेडिकल, एजुकेशन, मैरिज और हाउसिंग पर्पज के एडवांस क्लेम के लिए ऑटो-मोड सेटलमेंट की सुविधा दी है। इस सुविधा का लाभ पीएफ अकाउंट होल्‍डर्स, जो 6 करोड़ से ज्‍यादा हैं लाभ उठा सकते हैं। 3-4 दिन में कर सकते है क्लेम ईपीएफओ ने चिकित्सा, शिक्षा, विवाह और कंस्ट्रक्शन के एडवांस क्लेम के लिए ऑटो-मोड सेटलमेंट की सुविधा शुरू की है, इसके तहत 3-4 दिन में क्‍लेम कर सकते है, पहले ईपीएफओ की इस सुविधा में 15 से 20 दिन का समय लगता था। इसका कारण था मेंबर की एलिजिबिलिटी, डॉक्यूमेंट, EPF अकाउंट का KYC स्टेटस, बैंक अकाउंट जैसी डिटेल्स को चेक किया जाना, लेकिन अब ऑटोमेटेड सिस्‍टम में उन्‍हें स्‍क्रूटनी और अप्रूवल भेज दिया जाता है, ताकि क्‍लेम आसानी से हो जाए।     राहत की बात ये है कि अब ईपीएफ अकाउंट से एडवांस फंड 1 लाख रुपये तक निकाल स‍कते हैं, जबकि पहले यह लिमिट 50 हजार रुपये थी। एडवांस फंड निकालने का काम ऑटो सेटलमेंट मोड कंप्‍यूटर के जरिए कर सकते हैं, इसके लिए किसी से भी अप्रूवल की आवश्‍यकता नहीं होती है और तीन दिन के अंदर ही पैसा आपके अकाउंट में भेज दिया जाएगा।     इसके लिए KYC, क्लेम रिक्वेस्ट की एलिजिबिलिटी, बैंक अकाउंट डिटेल देने की आवश्‍यकता होती है।राहत की बात ये है कि पहले सिर्फ बीमारी के समय में ही पैसा निकाल सकते थे लेकिन अब बीमारी, एजुकेशन, शादी और घर खरीदने के लिए भी EPF से पैसा निकाल सकते हैं।अगर घर में बहन और भाई की भी शादी है तो भी एडवांस पैसा निकाल सकते हैं। पीएफ खाते से पैसा निकालने की प्रक्रिया     सबसे पहले UAN और पासवर्ड का उपयोग करके EPFO पोर्टल पर लॉग इन करें।     अब आपको ऑनलाइन सर्विसेज पर जाना होगा और ‘क्लेम’ सेक्शन चुनना होगा।     बैंक अकाउंट वैरिफाई करें, प्रोसीड फॉर ऑनलाइन क्लेम पर क्लिक करें।     जब नया पेज ओपन हो जाएगा तो पीएफ एडवांस फॉर्म 31 चुनना होगा।     अब पीएफ अकाउंट सलेक्‍ट करना होगा।     अब आपको पैसा निकालने की वजह, कितना पैसा निकालना और एड्रेस भरना होगा।     चेक या पासबुक की स्‍कैन कॉपी अपलोड करनी होगी।      आपको कंसेंट देना होगा और इसे आधार से वेरिफाई करना होगा।     क्‍लेम प्रॉसेसे होने के बाद ये एम्‍प्‍लॉयर के पास अप्रूवल के लिए जाएगा।     ऑनलाइन सर्विस के तहत आप क्‍लेम स्‍टेटस को चेक कर सकते हैं।   recent visitors 142

EPFO ने दी खुशखबरी- पीएफ से पैसा निकालना हुआ आसान, 3 दिन में खाते में आ जाएंगे 1 लाख रुपये

नई दिल्ली ईपीएफओ ने हाल ही में कई नियमों में बदलाव किए हैं, ताकि सब्सक्राइबर्स को किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। संगठन ने चिकित्सा, शिक्षा, विवाह और कंस्ट्रक्शन के एडवांस क्लेम के लिए ऑटो-मोड सेटलमेंट की सुविधा शुरू की है। इसका फायदा 6 करोड़ से अधिक कर्मचारी उठा सकते हैं। ईपीएफ क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया हुई तेज यह सुविधा कर्मचारियों को आपातकाल में आर्थिक मदद पहुंचाती है। पहले ईपीएफओ की इस सुविधा को क्लेम करने के लिए 15 से 20 दिन का वक्त लगता था, लेकिन अब ये काम तीन से चार दिन के अंदर हो जाता है। ऑटोमेटेड सिस्टम से क्लेम प्रोसेस काफी आसानी हो गई है। इमरजेंसी में फंड के क्लेम सेटलमेंट के लिए ऑटो मोड की शुरुआत 2020 में हुई थी, लेकिन तब बीमारी के लिए पैसा निकाल सकते थे। अब एजुकेशन, शादी और खरीदने के लिए भी पीएफ से पैसा निकाल सकते हैं। एडवांस लिमिट 50 हजार से बढ़कर एक लाख रुपये ईपीएफ खाते से एडवांस में एक लाख रुपये तक निकासी कर सकते हैं। पहले यह लिमिट पचास हजार रुपये थी। ऑटो सेटलमेंट मोड के जरिए एडवांस फंड निकालने का काम कर सकते हैं। तीन दिन के अंदर पैसा खाते में जमा हो जाता है। इसके लिए केवीईसी, क्लेम रिक्वेस्ट और बैंक खाते की जानकारी देनी पड़ती है। पीएफ खाते से पैसा निकालने की प्रक्रिया स्टेप 1- यूएएन और पासवर्ड का उपयोग करके ईपीएफओ पोर्टल पर लॉगइन करें। स्टेप 2- ऑनलाइन सर्विसेज में क्लेम सेक्शन पर जाना होगा। बैंक खाते वेरीफाई कर ऑनलाइन क्लेम पर क्लिक करें। स्टेप 3- नया पेज खुलेगा। उसमें पीएफ एडवांस फॉर्म 31 का चयन करना होगा। फिर पीएफ खाते को सिलेक्ट करना है। स्टेप 4- अब फंड निकालने की वजह, कितना पैसा चाहिए और एड्रेस की जानकारी भरनी होगी। इसके बाद पासबुक की कॉपी स्कैन कर अपलोड करनी होगी। स्टेप 5- इसके बाद आपको आधार से वेरिफाई करना होगा। क्लेम प्रोसेस पूरी होने के बाद ऑनलाइन स्टेटस चेक कर सकते हैं। recent visitors 136

EPFO के 7 करोड़ यूजर्स के लिए प्रोफाइल को अपडेट करने के लिए एसओपी वर्जन 3.0 की मंजूरी दे दी

मुंबई कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने कर्मचारियों के PF अकाउंट को लेकर नया नियम पेश किया है. यह बदलाव सभी पीएफ खाताधारकों के लिए है. अगर आप भी एक पीएफ अकाउंट होल्‍डर्स हैं तो आपके लिए ये नियम पेश किया गया है. ईपीएफओ ने पीएफ अकाउंट्स में उनके विवरण को सही करने, अपडेट करने के लिए कुछ नए नियम पेश किए हैं. आइए जानते हैं EPFO की तरफ से किस नियम को पेश किया गया है? EPFO ने पर्सनल जानकारी जैसे नाम, डेट ऑफ बर्थ को सही करने के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) गाइडलाइन जारी किया है. जिसके तहत सदस्‍यों के प्रोफाइल को अपडेट करने के लिए एसओपी वर्जन 3.0 की मंजूरी दे दी गई है. अब इस नए नियम के बाद UAN प्रोफाइल में अपडेट या सुधार के लिए दस्‍तावेज देने होंगे. साथ ही डिक्‍लेयरेशन देकर आवेदन कर सकते हैं. ईपीएफओ ने अपने गाइडलाइन में कहा कि अक्‍सर देखा जाता है कि कई तरह की गलतियां होती हैं, जिसे सुधारने के लिए लोगों को बड़ी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है. यह परेशानी डेटा अपडेट नहीं होने के कारण होता है. ऐसे में ये गाइडलाइन पेश की गई है. दो कैटेगरी में होंगे बदलाव नए गाइडलाइन के मुताबिक, नए निर्देश के तहत ईपीएफओ ने प्रोफाइल में होने वाले बदलावों को मेजर और माइनर श्रेणियों में बांटा है. माइनर बदलावों को संयुक्त घोषणा रिक्वेस्ट के साथ कम से कम दो जरूरी दस्तावेज पेश करने होंगे. वहीं बड़े यानी मेजर सुधार के लिए कम से कम तीन आवश्यक दस्तावेज सबमिट करने होंगे. इसमें फील्ड कार्यालयों को सदस्यों की प्रोफाइल को अपडेट करने में ज्यादा सावधानी बरतने को कहा गया है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या धोखाधड़ी ना हो सके. दूसरी ओर, बड़े बदलावों के लिए कम से कम तीन जरूरी दस्तावेज देने होंगे. यह ध्यान रखना जरूरी है कि आधार से जुड़े बदलावों के मामले में, आधार कार्ड या एक्टिव मोबाइल नंबर से जुड़ा ई-आधार कार्ड सहायक दस्तावेज के तौर पर काफी होगा. किस बदलाव के लिए कितने दस्‍तावेज       छोटे बदलाव के लिए दस्तावेजों की सूची में से कम से कम दो दस्तावेजों की आवश्यकता है.     बड़े बदलाव के लिए दस्तावेजों की सूची में से कम से कम तीन दस्तावेज की आवश्यकता है. बता दें ईपीएफ सदस्‍यों के पास सदस्‍य ई-सर्विस पोर्टल के माध्‍यम से सुधार के लिए संयुक्‍त डिक्‍लेयरेशन पेश करने का विकल्‍प है. यह ध्‍यान रखना महत्‍वपूर्ण है कि सुधार केवल वर्तमान नियोक्‍ता की ओर से मैनेज किए जा रहे ईपीएफ अकाउंट से संबंधित डेटा में ही किए जा सकते हैं. नियोक्ताओं के पास पिछले या अन्य प्रतिष्ठानों के ईपीएफ खातों में कोई भी बदलाव करने का अधिकार नहीं है. ईपीएफओ ने कहा कि सदस्य को अपने रजिस्‍टर्ड पोर्टल लॉगिन से जेडी आवेदन जमा करने की जिम्मेदारी होगी.   recent visitors 221