छात्र बोले- रास्ते में रंग लगाया तो परीक्षा में आएगी दिक्कत, राजस्थान में 4 मार्च को 8वीं-12वीं का पेपर

जयपुर/नौगांवा. इस बार दो दिन के होली, धूलण्डी उत्सव ने न केवल आमजन को असमंजस में डाल रखा है, बल्कि हजारों छात्रों के लिए भी ये दोहरी चुनौती बन गया है। गौरतलब है कि चंद्र ग्रहण और पंचांग गणना के कारण कुछ लोग इस बार धुलंडी 4 मार्च को मना रहे हैं। जबकि होलिका दहन 2 मार्च को होगा। 4 मार्च को राजस्थान बोर्ड की कक्षा 8वीं और कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं निर्धारित हैं, जिसके कारण परीक्षा दे रहे हजारों छात्रों और अभिभावकों के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। राज्य सरकार ने 2 और 3 मार्च को होली/होलिका दहन के अवकाश घोषित किए हैं, लेकिन 4 मार्च को छुट्टी नहीं है। बोर्ड के परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 12 फरवरी से 11 मार्च तक चल रही हैं और 4 मार्च को सुबह की पारी में इतिहास, बिजनेस स्टडीज, एग्रीकल्चरल केमिस्ट्री, केमिस्ट्री आदि विषयों के पेपर हैं। इसी दिन कक्षा 8वीं की तृतीय भाषा की भी परीक्षा है। ऐसे में धूलण्डी के दौरान बच्चे किस तर परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा देने पहुंचेंगे। अभिभावकों का कहना है कि धूलण्डी पर चौक, चौराहों पर लोग होली खेल रहे होंगे, ऐसे में परीक्षा देने वाले बच्चों को परीक्षा केन्द्र जाते समय कोई रंग लगा देगा, तो उसकी परीक्षा में व्यवधान पडे़गा। परीक्षा की तिथि में बदलाव की मांग इसे लेकर अभिभावकों और छात्रों में रोष है और विभाग से परीक्षा की तिथि में बदलाव की मांग कर रहे है। शिक्षा विभाग के जानकारों का मानना है कि त्योहार और बोर्ड परीक्षा के टकराव से छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। दूसरी ओर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा शेड्यूल विभाग ओर से तय किया गया है, ऐसे में कोई भी निर्देश विभाग की ओर से मिलेगा तो उसकी पालना की जाएगी। इनका कहना है निदेशालय ओर से परीक्षा कार्यक्रम पूर्व में ही तय किया जा चुका है। विभाग के उच्चाधिकारियों के जो निर्देश होंगे उनकी पालना की जाएगी। ओमप्रकाश, प्राचार्य डाइट अलवर बोर्ड ओर से निर्धारित टाइम टेबल के अनुसार परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा तिथि में कोई बदलाव के निर्देष उच्चाधिकारियों के मिलेगें तो उसकी पालना की जाएगी। महेश मेहता, जिला शिक्षा अधिकारी अलवर Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 20

परीक्षा के समय समाज और परिवार की सामूहिक जिम्मेदारी

परीक्षा के समय समाज और परिवार की सामूहिक जिम्मेदारी  वाराणसी परीक्षा केवल प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिका के बीच घटित होने वाली एक शैक्षणिक प्रक्रिया नहीं है। यह एक ऐसा समय होता है जब किसी विद्यार्थी का मन, उसका आत्मविश्वास, उसका पारिवारिक परिवेश और पूरा सामाजिक वातावरण—सब मिलकर उसके भविष्य की दिशा तय करते हैं। परीक्षा के दिनों में बच्चे अकेले परीक्षार्थी नहीं होते; सच तो यह है कि उस अवधि में पूरा परिवार और समाज, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, परीक्षार्थी बन जाता है। आज जब बोर्ड परीक्षाएँ समीप आती हैं, तो समाज में अचानक एक विशेष प्रकार की हलचल दिखाई देने लगती है। जगह-जगह मोटिवेशनल भाषण, लंबे-चौड़े वक्तव्य, सोशल मीडिया पर उपदेशात्मक संदेश, सफलता के किस्से और असफलता से डराने वाले उदाहरण—सब कुछ एक साथ बच्चों पर बरसने लगता है। मंशा भले ही अच्छी हो, पर प्रश्न यह है कि क्या यही वह सहयोग है जिसकी एक परीक्षार्थी को सबसे अधिक आवश्यकता होती है? परीक्षार्थी को इस समय सबसे अधिक आवश्यकता होती है—शांति, स्थिरता और अनुकूलता की। विषयवस्तु की तैयारी जितनी महत्त्वपूर्ण है, उतना ही महत्त्वपूर्ण वह मानसिक और भावनात्मक परिवेश है जिसमें वह तैयारी की जा रही है। ज्ञान तभी फलित होता है जब मन शांत हो, जब वातावरण सहयोगी हो और जब परीक्षार्थी स्वयं को सुरक्षित महसूस करे। अक्सर यह देखा जाता है कि परीक्षा के समय घर का वातावरण अनजाने में ही तनावपूर्ण बना दिया जाता है। छोटी-छोटी बातों पर चर्चा, पारिवारिक समस्याओं का अनावश्यक विस्तार, रिश्तों के तनाव, भविष्य को लेकर आशंकाएँ—ये सब बातें उस मन पर अतिरिक्त बोझ डाल देती हैं, जो पहले ही परीक्षा की जिम्मेदारी से भरा होता है। बच्चे इन बातों को व्यक्त नहीं कर पाते, पर भीतर ही भीतर उनका मन विचलित होता चला जाता है। यह समझना अत्यंत आवश्यक है कि परीक्षा के दौरान परीक्षार्थी से अधिक अपेक्षा नहीं, बल्कि अधिक समझ की आवश्यकता होती है। उसे बार-बार यह याद दिलाना कि यह परीक्षा जीवन का निर्णायक मोड़ है, उसे और अधिक दबाव में डाल देता है। वास्तव में, परीक्षार्थी स्वयं इस तथ्य से परिचित होता है; उसे इसकी पुनरावृत्ति नहीं, बल्कि भरोसे की ज़रूरत होती है। परीक्षा के समय समाज और परिवार को कुछ समय के लिए स्वयं परीक्षार्थी बनने की आवश्यकता होती है। इसका अर्थ यह नहीं कि वे किताबें खोलकर पढ़ने लगें, बल्कि यह कि वे परीक्षार्थी की संवेदनाओं को पढ़ें। वे यह समझने का प्रयास करें कि इस समय कौन-सी बात उसे सशक्त बनाएगी और कौन-सी उसे कमजोर कर देगी। एक सकारात्मक परीक्षा-परिवेश वही होता है जहाँ अनावश्यक हस्तक्षेप न हो। जहाँ बच्चे को अपनी दिनचर्या तय करने की स्वतंत्रता मिले। जहाँ उसकी नींद, भोजन और एकांत का सम्मान किया जाए। जहाँ उससे यह अपेक्षा न की जाए कि वह हर समय प्रसन्न दिखाई दे या हर प्रश्न का उत्तर दे। कई बार परीक्षार्थी को परीक्षा देने के लिए रिश्तेदारों या परिचितों के यहाँ जाना पड़ता है। ऐसे में वहाँ उपस्थित लोगों का व्यवहार अत्यंत संवेदनशील होना चाहिए। जिज्ञासावश पूछे गए प्रश्न—“तैयारी कैसी है?”, “इस बार कितने प्रतिशत आएँगे?”—अक्सर मन पर अनावश्यक दबाव बना देते हैं। उस समय सबसे बड़ा सहयोग यह होता है कि परीक्षार्थी को सामान्य, सहज और स्वाभाविक वातावरण दिया जाए। यह भी देखा गया है कि कई अत्यंत प्रतिभाशाली विद्यार्थी केवल इसलिए अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाते क्योंकि परीक्षा के दौरान उनका पारिवारिक या सामाजिक परिवेश असंतुलित रहा। विषय की समझ और परिश्रम के बावजूद, मन की अस्थिरता उनकी क्षमता को सीमित कर देती है। यह एक गंभीर सामाजिक प्रश्न है, जिस पर सामूहिक चिंतन आवश्यक है। परीक्षा के समय जीवन की अन्य समस्याओं को परीक्षार्थी से यथासंभव दूर रखना चाहिए। जीवन में समस्याएँ हमेशा रहेंगी—यह जीवन का स्वभाव है। पर परीक्षा के कुछ सप्ताह ऐसे होते हैं, जब समाज और परिवार को यह जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि वे उन समस्याओं का भार परीक्षार्थी के कंधों पर न डालें। एक संतुलित परिवार वही है जो परीक्षा के समय विवादों को स्थगित करना जानता है। जहाँ यह समझ हो कि अभी प्राथमिकता क्या है। जहाँ सहयोग शब्दों से नहीं, व्यवहार से दिखाई दे। समाज की भूमिका भी कम महत्त्वपूर्ण नहीं है। शिक्षक, पड़ोसी, रिश्तेदार, मित्र—सभी को यह समझना चाहिए कि उनका एक छोटा सा वाक्य भी परीक्षार्थी के मन पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। सकारात्मक ऊर्जा वही नहीं होती जो ऊँचे स्वर में प्रेरणा देती है, बल्कि वह भी होती है जो मौन में सुरक्षा का एहसास कराती है। परीक्षा के दौरान समाज को एक सामूहिक सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना चाहिए—जहाँ तुलना न हो, उपहास न हो, डर न हो। जहाँ सफलता को सम्मान मिले और असफलता को स्वीकार्यता। यह भी आवश्यक है कि परीक्षार्थी को यह महसूस कराया जाए कि उसका मूल्य केवल परीक्षा परिणाम से निर्धारित नहीं होता। परीक्षा जीवन का एक चरण है, सम्पूर्ण जीवन नहीं। यह भाव यदि ईमानदारी से व्यवहार में उतारा जाए, तो परीक्षार्थी का आत्मविश्वास स्वतः सुदृढ़ होता है। परीक्षा के समय परिवार और समाज का दायित्व केवल समर्थन देना नहीं, बल्कि सही समय पर चुप रहना भी है। यह मौन कई बार सबसे बड़ा सहयोग बन जाता है। यदि हम वास्तव में चाहते हैं कि हमारे बच्चे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें, तो हमें उनके लिए एक ऐसा वातावरण बनाना होगा जहाँ वे स्वयं को बोझ नहीं, बल्कि भरोसे से घिरा हुआ महसूस करें। अंततः परीक्षा एक व्यक्तिगत प्रयास है, पर उसकी सफलता सामूहिक संवेदनशीलता पर निर्भर करती है। जिस दिन समाज और परिवार यह समझ लेंगे कि परीक्षा के समय उन्हें भी परीक्षार्थी बनना है—उस दिन न केवल परिणाम बेहतर होंगे, बल्कि हमारी शिक्षा व्यवस्था अधिक मानवीय और संवेदनशील बन सकेगी। लेखक  डॉ० सदानन्द गुप्ता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वाराणसी Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े … Read more

MP बोर्ड द्वितीय परीक्षा के लिए आवेदन की नई तारीखें, अब 25 और 31 मई तक भर सकेंगे फॉर्म

भोपाल मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सत्र 2024-25 की 10वीं-12वीं द्वितीय परीक्षा के लिये आवेदन की तारीख बढ़ा दी है।हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी मुख्य परीक्षा 2025 में पास हुए छात्र अंक सुधार और फेल हुए छात्र उत्तीर्ण विषयों के अंक सुधार के लिये अब 25 मई तक आवेदन कर सकते है। वहीं मुख्य परीक्षा में केवल फेल विषयों की द्वितीय परीक्षा के लिए 31 मई 2025 तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। 17 जून से 5 जुलाई 2025 तक होगी परीक्षा, यहां करें आवेदन एमपी हाईस्कूल-हायर सेकेंडरी द्वितीय परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। असफल विद्यार्थी 17 जून से 5 जुलाई 2025 तक दूसरी परीक्षा दे सकेंगे। इसके लिए 21 मई तक परीक्षा फॉर्म भरे जा सकते हैं। इसके लिए स्टूडेंट्स को www.mponline.gov.in पोर्टल पर जाना होगा और उसमें परीक्षा फॉर्म सबमिट कर सकेंगे। नई शिक्षा नीति के तहत लिया गया फैसला अगर कोई अपना रिजल्ट का इंप्रूवमेंट करना चाहता है तो वह भी परीक्षा में बैठ सकेगा। देश में मध्य प्रदेश यह प्रयोग करने वाला तीसरा राज्य बन गया है। ये फैसला नई शिक्षा नीति-2020 (NEP2020) के तहत लिया गया है। परीक्षा का कार्यक्रम     हाई स्कूल (कक्षा 10वीं) की द्वितीय परीक्षा – 17 जून से 26 जून 2025 तक आयोजित की जाएगी।     हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) की द्वितीय परीक्षा – 17 जून से 5 जुलाई 2025 तक आयोजित होगी। एमपी बोर्ड एग्जाम में इतने प्रतिशत छात्र हुए पास आपको बता दें कि 6 मई को बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी हुआ था। इस साल बोर्ड परीक्षा में 15 सालों का रिकॉर्ड टूटा गया। हर साल की तरह इस साल भी लड़कियों ने बाजी मारी है। 10वीं में सिंगरौली की प्रज्ञा जायसवाल और 12वीं में सतना की रहने वाली प्रियल ने टॉप किया। इस वर्ष 10वीं में 76.42 फीसदी, जबकि 12वीं में 74.48 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 52

17 जून से शुरू होगी परीक्षा, जिले में 17 हजार से ज्यादा विद्यार्थी मुख्य परीक्षा में हुए थे फेल

 सागर  मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने जून में होने वाली बोर्ड की दूसरी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें वही छात्र शामिल हो सकेंगे जो पहली परीक्षा में रजिस्टर्ड थे। इन छात्रों को उसी स्कूल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिससे उन्होंने पहली परीक्षा के लिए आवेदन किया था। फेल स्टूडेंट इस परीक्षा में शामिल होकर इसमें सफल हो सकते हैं। जिससे उनका साल बर्बाद नहीं होगा। जिले से एमपी बोर्ड की मुख्य परीक्षा में 17 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं फेल हुए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि, 10वीं-12वीं कक्षा की पुन: परीक्षा में जो विद्यार्थी शामिल होंगे, उन्हें मुख्य परीक्षा की अंकसूची प्रदान नहीं की जाएगी। पुन: परीक्षा का परिणाम आने के बाद ऐसे छात्रों को फाइनल मार्कशीट दी जाएगी। यह परीक्षा प्रदेशभर में 17 जून से शुरु होगी, जबकि बुधवार से पुन: परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरु हो गए हैं। एक या अधिक विषयों में फेल या अनुपस्थित रहे, वे दूसरी परीक्षा में बैठ सकेंगे। जो छात्रपास हो चुके हैं, वे भी किसी विषय में अंक सुधार के लिए परीक्षा दे सकेंगे। विद्यार्थी अपने नजदीकी एमपी ऑनलाइन में जाकर पुन: परीक्षा का फार्म भर सकते है। परीक्षा फीस और आवेदन तिथि एक विषय – 500 रुपए दो विषय – एक हजार रुपए तीन/चार विषय – 1500 चार विषय से अधिक-2000 हाईस्कूल में फेल विद्यार्थी – 10380 हॉयरसेकेंडरी में फेल विद्यार्थी – 7994   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 37

अम्बिकापुर : आकांक्षी विकासखंड लखनपुर में परीक्षा पर्व 7.0 का सफल आयोजन, शिक्षक एवं अभिभावक रहे उपस्थित

अम्बिकापुर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के तत्वावधान में परीक्षा पर्व 7.0 का आयोजन जिले के आकांक्षी विकासखंड लखनपुर के पीएम श्री विद्यालय सेजस में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में परीक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना एवं तनावमुक्त वातावरण प्रदान करना था।  कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर श्री विलास भोसकर एवं जिला पंचायत सीईओ श्री विनय अग्रवाल के निर्देशन में तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्री अशोक कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर नई दिल्ली पीएमओ कार्यालय द्वारा तैयार प्रस्तुति का विद्यालय के प्राचार्य श्री ऋषि पांडे द्वारा प्रभावी रूप से प्रस्तुतिकरण किया गया।  प्रस्तुति में मुख्य रूप से यह संदेश दिया गया कि परीक्षाओं को पर्व के रूप में मनाया जाए एवं विद्यार्थियों के बीच सामाजिक प्रतिस्पर्धा के बजाय आत्म-प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया जाए। इस अवसर पर विकासखंड के लगभग 200 शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।  कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सावित्री दिनेश साहू, उपाध्यक्ष नेहा सनी बंसल, SMDC   सदस्य रवि अग्रवाल, जनपद पंचायत सीईओ श्री वेद प्रकाश पांडे, शिक्षा विभाग से श्री रविशंकर पांडे,  ABEO  मनोज तिवारी,  BRC  दीपेश पांडे सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।  कार्यक्रम का संचालन श्री रवि शंकर पांडे द्वारा किया गया। एबीपी फेलो शुभिता शुक्ला की उपस्थिति भी विशेष रही।  कार्यक्रम ने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को परीक्षा के तनाव से मुक्त कर उसे उत्सव के रूप में अपनाने की दिशा में प्रेरित किया। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 32

MP हाईकोर्ट का फैसला: अपात्र नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों को परीक्षा में बैठने की पात्रता नहीं होगी: हाईकोर्ट

जबलपुर नर्सिंग फर्जीवाड़े के मामले में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सीबीआइ जांच में जिन कॉलेजों में छात्रों का प्रवेश नहीं पाया गया था, उन कॉलेजों के छात्रों को परीक्षा में बैठने की पात्रता नहीं होगी। हाईकोर्ट के जस्टिस संजय द्विवेदी और जस्टिस अचल कुमार पालीवाल की स्पेशल बेंच ने अपात्र कॉलेजों के छात्रों को पात्र कॉलेजों में 30 दिन के भीतर ट्रांसफर करने के आदेश दिए। सीबीआई जांच में जिन कॉलेजों में नहीं पाए गए प्रवेशित छात्र लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल की जनहित याचिका में हाईकोर्ट के पूर्व आदेश के पालन में आज अपात्र संस्थाओं की मान्यता और संबद्धता की ओरिजनल फाइलें सरकार की ओर से पेश की गई। जिस पर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को आदेश दिए हैं कि सभी फाइलों का अवलोकन कर अपनी रिपोर्ट सौंपे। जिसमें तुलनात्मक रूप से यह बताना होगा कि जो कॉलेज सीबीआई जांच में अपात्र पाए गए उन्हें आखिर किन परिस्थितियों में और किन- किन कमियों के होते हुए भी निरीक्षणकर्ता अधिकारियों द्वारा अनुमतियां दी गई।  बैक डेट पर प्रवेश का आरोप याचिकाकर्ता ने आवेदन पेश कर हाईकोर्ट को बताया कि कई कॉलेजों में सीबीआइ जांच के दौरान प्रवेश नहीं पाया गया। लेकिन भविष्य को देखते हुए जैसे ही छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई, बिना प्रवेश वाले कॉलेजों में बैक डेट से प्रवेश दिखाकर परीक्षा में बैठाने की कोशिश की जा रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सीबीआइ जांच के दौरान जिन कॉलेजों में छात्रों के नामांकन मिले थे, उन्हें ही परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलेगी। छात्रों के नामांकन उसी रिपोर्ट पर किए जाएंगे और आवश्यकता पडऩे पर सरकार परीक्षा की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकेगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 31

छत्तीसगढ़ में अब एंट्रेंस और भर्ती परीक्षाओं का सिलसिला शुरू, व्यापमं ने इन परीक्षाओं की तारीखें पहले ही की घोषित

रायपुर छत्तीसगढ़ में स्कूल और यूनिवर्सिटी के एग्जाम के बाद अब एंट्रेंस और भर्ती परीक्षाओं का सिलसिला शुरू होने वाला है। व्यापमं ने इन परीक्षाओं की तारीखें पहले ही घोषित कर दी हैं। PAT, PET, PPT, P-MCA, प्री बीएड-डीएड और भर्ती परीक्षाओं के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। उम्मीदवारों को इन एग्जाम में शामिल होने के लिए अलग-अलग फॉर्म भरने होंगे। कैंडिडेट्स के लिए राहत की बात यह है कि सभी इन परीक्षाओं के आवेदन निशुल्क होंगे। सभी इच्छुक उम्मीदवार व्यापमं की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने आवेदन पत्र भर सकते हैं और प्रवेश परीक्षा के लिए अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। यहां करना होगा आवेदन इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए व्यापमं की ऑफिशियल वेबसाइट vyapam.cgstate.gov.in पर जाएं। इन परीक्षाओं के जरिए छत्तीसगढ़ के छात्रों को अपने पसंदीदा कोर्स और भर्ती परीक्षा में शामिल होकर लॉगिन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान-     जब आप ऑनलाइन एग्जाम फॉर्म भर रहे हों, तो कुछ जरूरी बातें ध्यान में रखें।     सबसे पहले, अपनी जानकारी सही से भरें, जैसे नाम, जन्मतिथि, और शैक्षिक योग्यता, क्योंकि गलती से फॉर्म रद्द हो सकता है।     फॉर्म भरने से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज (जैसे 10वीं/12वीं की मार्कशीट, आधार कार्ड, फोटो) तैयार रखें।     यह सुनिश्चित करें कि फोटो और सिग्नेचर सही साइज में हो। फॉर्म भरने से पहले निर्देश अच्छे से पढ़ लें और अगर फीस भरनी हो तो उसे सही से भरें।     अगर त्रुटि सुधार का समय मिले, तो फॉर्म चेक करके सुधारें।     फॉर्म सबमिट करने से पहले एक बार फिर से सारी जानकारी चेक करें, ताकि कोई गलती न हो। परीक्षा केंद्र का चयन भी सही से करें। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 35