मुख्यमंत्री साय ने अपने हस्ताक्षर कर हाइड्रोजन ट्रक के चालक को सौंपी ट्रक की चाबी, दिखाई हरी झंडी

लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में स्वच्छ और ग्रीन ट्रांसपोर्ट को मिलेगा बढ़ावा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी स्थित अपने निवास परिसर से देश के पहले हाइड्रोजन फ्यूल लॉजिस्टिक ट्रक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने अपने हस्ताक्षर कर हाइड्रोजन ट्रक के चालक को चाबी सौंपी और इस अभिनव पहल के लिए सीएसपीजीसीएल और अडानी नैचरल रिसोर्सेस  को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ और देश को हरित ऊर्जा की ओर अग्रसर करने वाला क्रांतिकारी कदम होगा।          मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ लगातार विकास कर रहा है और इसमें आज एक नया आयाम जुड़ा है। भारत के पहले हाइड्रोजन फ्यूलड लॉजिस्टिक ट्रक का शुभारंभ छत्तीसगढ़ में हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस है और उन्होंने वर्ष 2070 तक भारत को शून्य कार्बन उत्सर्जन वाला देश बनाने का जो संकल्प लिया है, उसे पाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण है। पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन साधने में भी यह कदम मददगार होगी। श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा समृद्ध प्रदेश है और इस ट्रक का उपयोग खनिज परिवहन में होने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पारंपरिक संसाधनों के साथ-साथ ग्रीन टेक्नोलॉजी और नवाचार को भी प्राथमिकता दी जा रही है। श्री साय ने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ संभव हैं और ऐसी पहल से हमारे संकल्प को और मजबूती मिलेगी। इस मौके पर अडानी एंटरप्राइजेज के नैचरल रिसोर्सेस के सीईओ डॉ. विनय प्रकाश ने भी अपने विचार साझा किए और इस पहल को खनन क्षेत्र में सतत विकास के लिए मील का पत्थर बताया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्री संजीव कटियार और अडानी ग्रुप के प्रतिनिधि मौजूद रहे। हाइड्रोजन ईंधन के उपयोग से ग्रीन एनर्जी को मिलेगा बढ़ावा        हाइड्रोजन प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है और सबसे विशेष बात यह किसी भी प्रकार का हानिकारक उत्सर्जन नहीं करता है। हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाले वाहन डीज़ल ट्रक जितनी दूरी और लोड उठाने की क्षमता रखते हैं। लेकिन धुएं के बजाए ये सिर्फ पानी की भांप और गर्म हवा उत्सर्जित करते हैं और आवाज़ भी बहुत कम करते हैं। चूंकि माइनिंग क्षेत्र में अधिकांश मशीनें मुख्य रूप से डीज़ल से ही चलती है, ऐसे में स्वच्छ ईंधनों को अपनाने से प्रदूषण और शोर को कम करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, यह कदम भारत की कच्चे तेल पर निर्भरता घटाने और कार्बन फुटप्रिंट कम करने में भी सहायक होगा। खास बात यह है कि अडानी नैचरल रिसोर्सेस एशिया की पहली कंपनी है, जिसने 'डोज़र पुश सेमी ऑटोनॉमस तकनीक को अपनाया है, जिससे सुरक्षा और स्थिरता, दोनों को बढ़ावा मिल रहा है।          गौरतलब है कि भारतीय एवं अंतर्राष्ट्रीय तकनीकी साझेदारी से यह ट्रक तैयार किया गया है और इसमें ईंधन के तौर पर हाइड्रोजन का उपयोग होगा। इसके अंतर्गत माल परिवहन के लिए हाइड्रोजन फ्यूल सेल बैटरी से चलने वाले ट्रक विकसित किया जा रहा है। प्रत्येक ट्रक स्मार्ट तकनीक और तीन हाइड्रोजन टैंक से लैस होगा, जिसमें 200 किलोमीटर की दूरी तक 40 टन तक का माल ले जाने की क्षमता होगी। प्रदेश में हरित भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड और अदाणी नैचरल रिसोर्सेस ने यह साझा प्रयास किया है।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड द्वारा रायगढ़ जिले के गारे पेल्मा-3 कोल ब्लॉक से राज्य की विद्युत उत्पादन इकाई तक कोयला परिवहन में इसका उपयोग किया जाएगा। recent visitors 33

नौ साल बाद प्रदेश में मोहन सरकार पदोन्नति की व्यवस्था शुरू करने की मंशा के साथ नए नियम बनाने में जुटी

भोपाल नौ साल बाद प्रदेश में मोहन सरकार पदोन्नति की व्यवस्था शुरू करने की मंशा के साथ नए नियम बनाने में जुटी है। इसमें जो प्रविधान प्रस्तावित किए जा रहे हैं वे पदोन्नति में आरक्षण नियम 2002 के तरह ही हैं। इसमें एससी-एसटी वर्ग के लिए आरक्षण अनुसार पदोन्नति के पद सुरक्षित रहेंगे। शेष अनारक्षित पदों के लिए जो योग्यता सह वरिष्ठता का फार्मूला बनेगा, उसमें आरक्षित वर्ग भी शामिल रहेगा। यही पदोन्नति में आरक्षण नियम-2002 के विरोध का प्रमुख कारण था।    कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार को क्रमोन्नति जैसा फार्मूला निकालना चाहिए जिसमें सबको बराबरी से आगे बढ़ने का अवसर मिले। यही स्थिति अब फिर बनती नजर आ रही है। सामान्य, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष केपीएस तोमर का कहना है कि अभी नए नियम का प्रारूप हमसे साझा नहीं किया गया है। पर जो बात सामने आ रही है, वह इशारा कर रही है कि लगभग पुरानी व्यवस्था ही बहाल करने की तैयारी है। यदि ऐसा होता है तो यह सुप्रीम कोर्ट के एम.नागराज सहित समय-समय पर दिए गए निर्देशों के विपरीत होगा। इसको लेकर हम विभाग के सामने प्रस्तुतीकरण भी दे चुके हैं। एससी-एसटी वर्ग को जनसंख्या के अनुपात में पदोन्नति में आरक्षण दिया जाता है और अनारक्षित पदों पर उन्हें अनारक्षित मानकर योग्यता सह वरिष्ठता के आधार पर लाभ दिया जाता है तो यह दोहरा लाभ देने और सामान्य वर्ग के कर्मचारियों के हितों की अवहेलना का मामला होगा। वर्ष 2016 तक पुराने नियम से पदोन्नति पाकर आरक्षित वर्ग के अधिकारी-कर्मचारी पहले ही ऊपर आ चुके हैं। यहीं से फिर पदोन्नति की प्रक्रिया आरंभ करने पर निश्चित तौर पर वे ही लाभान्वित होंगे। उच्च पदों पर अनारक्षित वर्ग पहुंच ही नहीं पाएगा। एम. नागराज के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कार्य दक्षता का आकलन करने के निर्देश दिए थे, उसका प्रविधान होना चाहिए और इसके लिए अलग प्रणाली हो। क्रीमीलेयर की तो बात ही नहीं हो रही है, जबकि हरियाणा के पदोन्नति में आरक्षण देने के निर्णय को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट निर्णय सुना चुकी है कि पदोन्नति में आरक्षण देने से पहले क्रीमीलेयर के सिद्धांत का पालन करना अनिवार्य होगा। समयमान का फार्मूला ही बेहतर उधर, मंत्रालयीन अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक का कहना है कि यह बात समझ नहीं आती है कि पदोन्नति के मामले में असंमजस क्यों है। समयमान के साथ उच्च पदनाम देकर आसानी से समाधान हो सकता है। इसमें न किसी वर्ग की नाराजगी होगी और न ही कोर्ट की अवमानना। राज्य प्रशासनिक सेवा, कोष एवं लेखा, स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, जनजातीय कार्य सहित अन्य विभाग इसे अपना भी चुके हैं और वहां कोई विवाद भी नहीं है। समयमान वेतनमान के साथ उच्च पदनाम देना ही इस मुद्दे का निर्विवाद और सर्वमान्य हल है। नियम लागू करते ही कैविएट लाएगी सरकार नए पदोन्नति नियम में आरक्षण शब्द ही नहीं रखा जा रहा है। इस नियम को पदोन्नति नियम-2025 कहा जाएगा। इसे कैबिनेट की मंजूरी मिलती है तो सामान्य प्रशासन विभाग हाई कोर्ट में कैविएट दायर करेगा ताकि यदि कोई इसे चुनौती देता है तो बिना सरकार का पक्ष सुने कोई आदेश न हो। दरअसल, विभाग को अंदेशा है कि नियम लागू होते ही प्रभावित पक्ष कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है।   recent visitors 42

दिलीप जायसवाल ने कहा- प्रदेश में हाथकरघा एवं हस्तशिल्प के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं

भोपाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने कहा है कि प्रदेश में हाथकरघा एवं हस्तशिल्प के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में भोपाल, शहडोल, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और इन्दौर में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में हाथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास निगम द्वारा सफलतापूर्वक भाग लिया गया। निगम के मृगनयनी एम्पोरियम, मुम्बई व टी.टी. नगर, भोपाल को विश्व स्तर पर आकर्षित करने के लिये आंतरिक साज-सज्जा की गयी। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि हैण्डलूम दिवस के उपलक्ष्य में प्रदेश के 5 बुनकरों को पुरस्कृत किया गया। हैण्डलूम कपड़ों पर आधारित फैशन-शो का आयोजन कॉलेज की छात्राओं के सहयोग से गौहर महल भोपाल में किया गया। निगम ने बर्मिंघम, इंग्लैंड में 1 से 4 सितम्बर 2024 तक आयोजित ओटोमन फेयर में भी भाग लिया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल लक्ष्य 32 करोड़ रूपये के विरूद्ध 20 करोड़ रूपये की लक्ष्य उपलब्धि प्राप्त हुई, जो विक्रय लक्ष्य का 62.5 प्रतिशत है। वर्ष 2025-26 के लिये निगम की ब्रिकी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 34.71 करोड़ रूपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एम्पोरियम के माध्यम से प्रदर्शनी, थीम सेल, एक्सपो का आयोजन कर अधिक से अधिक बिक्री कर लक्ष्य की प्राप्ति की जायेगी। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि माह मार्च 2025 में हैरिटेज कलेक्शन प्रदर्शनी का आयोजन गौहर महल भोपाल में किया गया। निगम की वेब साइट का निर्माण एमपीएसईडीसी के माध्यम से किया जा रहा है, जिसका निगम के उत्पादों की बिक्री के लक्ष्य प्राप्ति में अहम योगदान होगा। वर्ष 2024-25 में विशेष रूप से बड़ी प्रदर्शनी जैसे सावन मेला, दीपोत्सव मेला, लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर मेले का आयोजन किया, जिससे प्रदेश के बुनकरों और शिल्पियों को अपना जीवन स्तर बेहतर बनाने तथा अधिक आय प्राप्त करने के अवसर मिले। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च 2025 के उपलक्ष्य में महिला ग्राहकों को हैण्डलूम सामग्री को आकर्षित करने के लिए 35 प्रतिशत फ्लैट डिस्काउंट समस्त एम्पोरियमों में दिया गया। इस अवसर पर 1 करोड़ 10 लाख रूपये का विक्रय हुआ, जिससे प्रदेश के बुनकरों को भी लाभ हुआ। वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग द्वारा प्रस्तावित नवीन उल्लेखनीय कार्य राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि हाथकरघा बुनकरों के बच्चों को प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश दिलाए जाने के लिए विभाग द्वारा तकनीकी शिक्षा विभाग की मेधावी छात्रा योजना में अन्तर्विभागीय लिंक स्थापित करने की कार्रवाई की जा रही है। बुनकरों एवं शिल्पियों को भविष्य में दिए जाने वाले कई प्रकार के लाभ सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान किए जाना प्रस्तावित है। प्रदेश के आदिवासी जिले अनूपपुर में हाथकरघा प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में प्रदेश में बनाए जाने वाले उत्पादों के विक्रय के लिए संत रविदास हस्तशिल्प विकास निगम, भोपाल में लगभग 3 हजार वर्गफीट का स्थान आरक्षित किया जा चुका है। शोरूम की आंतरिक साज-सज्जा, भव्यता के लिये केंद्र शासन को एक प्रस्ताव भेजा गया है, इस राशि के प्राप्त होते ही प्रदेश में अपने प्रकार का एक विशिष्ट एवं उत्कृष्ट शोरूम स्थापित किया जाएगा। ओडीओपी योजना में प्रदेश के 7 जिलों में विशिष्ट उत्पादों का जीआई पंजीकरण कराया जा रहा है और इन उत्पादों को निर्यात किए जाने की कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश में सोने और चांदी के उत्पादों की 'ठेवा कला' के माध्यम से राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थान प्राप्त करने के लिए विशिष्ट योजना तैयार की जा रही है। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की 500वीं जयंती के अवसर पर महेश्वर में महेश्वरी वस्त्रों और साड़ियों का 500 नगों में विशिष्ट संग्रह तैयार कराया जा रहा है, जिसे शीघ्र ही 'माँ अहिल्या देवी संग्रह' के नाम से विक्रय केन्द्रों में उपलब्ध कराया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार एवं वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप विभागीय योजनाओं का आधुनिकीकरण एवं विस्तार किया जा रहा है।   recent visitors 40

प्रदेश का दुग्ध उत्पादन 50 लाख लीटर प्रतिदिन होगा: पशुपालन राज्य मंत्री लखन पटेल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा जिले के होटल विजय विलास में आयोजित प्रांतीय राजपत्रित पशु चिकित्सक संघ के सम्मेलन का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि निराश्रित और बीमार गौवंश की सेवा तथा पुनर्वास वर्तमान समय की बड़ी चुनौती है। सरकार आधुनिक गौशालाओं का निर्माण कराकर निराश्रित गौवंश को आश्रय देने तथा खेती को बचाने का प्रयास कर रही है। प्रदेश भर में बड़ी संख्या में उन्नत गौशालाओं का निर्माण किया जा रहा है। इनमें हजारों गायों को नया जीवन मिलेगा। इस अभियान में निजी क्षेत्र की भी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। गौमाता की सेवा से ही मानव जाति का कल्याण होगा। अगर गौमाता बेसहारा रही तो मानव जाति का भविष्य सुरक्षित नहीं होगा। श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा में बसामन मामा गौवन्य विहार में सात हजार से अधिक निराश्रित गायों को आश्रय दिया गया है। इन गायों की सेवा में पशु चिकित्सक बड़ी तत्परता और लगन से कार्य कर रहे हैं। शीघ्र ही हिनौती में भी आधुनिक गौशाला शुरू होगी जिसमें लगभग 25 हजार गौवंश को रखने का लक्ष्य रखा गया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि पशुपालन को आधुनिक और व्यवस्थित बनाना आवश्यक है। पशुपालन को अपनाकर ही किसान खेती को लाभ का व्यवसाय बना सकेंगे। गौवंश को दूध न देने पर बेसहारा छोड़ने की मानसिकता है। गौमाता यदि दूध नहीं दे रही है तो भी उसका गोबर और गौमूत्र बहुमूल्य है। गौमाता में देवताओं का वास माना जाता है। इसलिए गोबर का उपयोग पूजा में भी किया जाता है। आधुनिक गौशालाओं में गोबर से अनेक उपयोगी वस्तुएं बनाने के साथ सीएनजी प्लांट लगाए जा रहे हैं। पशु चिकित्सकों की सराहना करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर तो रोगी से पूछकर उसका इलाज करते हैं। पशु चिकित्सक बेजुबान पशुओं के लिए भगवान की तरह हैं। बाबा साहब अंबेडकर गौ संवर्धन योजना से डेयरी को मिलेगा नया आयाम – मंत्री पटेल पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री श्री लखन पटेल ने कहा कि पशुपालन विभाग को विभिन्न नवाचारों के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सदैव पशुपालन विभाग को प्राथमिकता दी है। डेयरी के विकास के लिए बाबा साहब अंबेडकर गौ संवर्धन योजना लागू की गई है। इसमें कम से कम 25 दुधारू पशु की एक यूनिट बनाई गई है। प्रत्येक यूनिट पर पशुपालक को अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना से डेयरी व्यवसाय को नया आयाम मिलेगा। अभी प्रदेश में 10 लाख लीटर दूध का प्रतिदिन संग्रहण होता है। इसे 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। समारोह में पशु चिकित्सा अधिकारियों की विभिन्न मांगों के संबंध में मंत्री श्री पटेल ने कहा कि मेडिकल के डॉक्टरों की तरह पशु चिकित्सा अधिकारियों को भी सभी सुविधाएं दी जाएंगी। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। पशु चिकित्सा संघ की सभी उचित मांगे पूरी की जाएंगी। पशु चिकित्सा अधिकारियों का कार्य मानव के डॉक्टरों से अधिक कठिन और महत्वपूर्ण है। प्रदेश में हेल्पलाइन 1962 की गाड़ियों से पशुओं का उपचार बेहतर हुआ है। इन गाड़ियों की संख्या दुगनी करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश में निराश्रित गौवंश बड़ी चुनौती हैं। बेसहारा गायों के लिए प्रदेश में 22 स्थानों पर शीघ्र ही आधुनिक गौशालाओं का संचालन शुरू हो जाएगा। सरकार दो वर्षों में सभी बेसहारा गायों को गौशाला में व्यवस्थित कर देगी तब सड़कों पर गौवंश नहीं दिखेगा। गौशालाओं को पर्यटन स्थल और तीर्थ स्थल की तरह विकसित करेंगे। पशु चिकित्सा अधिकारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ मनोज गौतम ने कहा कि सरकार ने गौशाला के गौवंश के लिए 20 रुपए प्रतिदिन से राशि बढ़ाकर 40 रुपए कर दी है। इसी तरह आधुनिक डेयरी निर्माण के लिए भी ऋण और अनुदान का लाभ दिया जा रहा है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा रीवा और शहडोल संभाग के सभी जिलों के पशु चिकित्सा अधिकारी शामिल रहे। समारोह में अतिथियों और सेवानिवृत्त पशु चिकित्सा अधिकारियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यशाला का संचालन श्री अवनीश शर्मा ने किया।   recent visitors 42

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा- वित्तीय वर्ष 2024-25 में एनर्जी हैंडलिंग का नया कीर्तिमान

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि प्रदेश ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में विद्युत प्रणाली के संचालन में ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। इस वर्ष प्रदेश के पारेषण नेटवर्क ने कुल 1,01,039.88 मिलियन यूनिट ऊर्जा का सफलतापूर्वक संचालन किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 6.2 प्रतिशत अधिक है।ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश की विद्युत कंपनियों के अभियंताओं और तकनीशियनों की विशेषज्ञता, कुशल प्रबंधन और विद्युत प्रणाली के उत्कृष्ट रख-रखाव का प्रतिफल है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए तीनों विद्युत कंपनियों के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है। एक दिन में सर्वाधिक एनर्जी हैंडलिंग का रिकॉर्ड भी बना ऊर्जा मंत्री  श्री तोमर ने बताया कि 24 फरवरी 2025 को मध्यप्रदेश में एक दिन में सर्वाधिक एनर्जी हैडलिंग का रिकॉर्ड भी बना। इस दिन 353.77 मिलियन यूनिट ऊर्जा का सफलतापूर्वक संचालन किया गया, जो राज्य की विद्युत प्रणाली की उच्च कार्य क्षमता, विश्वसनीयता और स्थिरता का प्रतीक है। बिजली की मांग में वृद्धि और निरंतर आपूर्ति ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने यह जानकारी भी दी कि पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रदेश में कुल 95,137 मिलियन यूनिट ऊर्जा का संचालन किया गया था। इस वर्ष बिजली की निरंतर बढ़ती मांग को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए 6.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह उपलब्धि राज्य में सभी स्तरों पर विद्युत प्रणाली की लगातार उपलब्धता के कारण संभव हो सकी। विगत दो वर्षों से प्रदेश में एनर्जी हैंडलिंग (ऊर्जा संचालन) में निरंतर वृद्धि हो रही है। वर्ष 2022-23 में 88,850 मिलियन यूनिट, वर्ष 2023-24 में 95,137 मिलियन यूनिट, और अब 2024-25 में 1,01,039.88 मिलियन यूनिट ऊर्जा का सफल संचालन हुआ है।   recent visitors 50

विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी, सीजफायर सहमति के बाद अब 12 मई को फिर करेंगे बात

नई दिल्ली भारत और पाकिस्‍तान के बीच तनातनी के बीच बड़ी खबर है। दोनों देशों के बीच सीजफायर पर सहमति बन गई है। इसे आज शाम 5 बजे से लागू कर दिया गया है। अब 12 मई को दोपहर 2 बजे फिर से इस पर बात होगी। यह जानकारी विदेश मंत्रालय ने दी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, "पाकिस्तान के डीजीएमओ ने आज दोपहर 15:35 बजे भारतीय डीजीएमओ को फोन किया। उनके बीच सहमति बनी कि दोनों पक्ष शाम 5 बजे से जमीन, हवा और समुद्र में सभी तरह की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद कर देंगे।   सरकार का बड़ा फैसला: किसी भी आतंकी घटना को भारत के खिलाफ युद्ध माना जाएगा, उसी के हिसाब से देंगे जवाबसरकार का बड़ा फैसला: किसी भी आतंकी घटना को भारत के खिलाफ युद्ध माना जाएगा, उसी के हिसाब से देंगे जवाब इस सहमति को लागू करने के लिए दोनों पक्षों को निर्देश दिए गए हैं। वे 12 मई को 12 बजे फिर से बात करेंगे।" भारत-पाक युद्धविराम समझौते के बाद कमोडोर रघु आर नायर, विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। अब आगे क्‍या होगा दिल्ली: कमोडोर रघु आर नायर ने कहा, "समुद्र, हवा और जमीन पर सभी सैन्य गतिविधियों को रोकने के लिए सहमति बन गई है। भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेनाओं को इस सहमति का पालन करने का निर्देश दिया गया है…"। कर्नल सोफिया कुरैशी ने किया पाक के तमाम दावों का खंडन     कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा, "पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने अपने JF 17 से हमारे S400 और ब्रह्मोस मिसाइल बेस को नुकसान पहुंचाया, जो पूरी तरह से गलत है।     दूसरे, उसने एक गलत सूचना अभियान भी चलाया कि सिरसा, जम्मू, पठानकोट, भटिंडा, नलिया और भुज में हमारे हवाई अड्डों को नुकसान पहुंचाया गया, और उसकी यह गलत सूचना भी पूरी तरह से गलत है।     तीसरे, पाकिस्तान के गलत सूचना अभियान के अनुसार, चंडीगढ़ और व्यास में हमारे गोला-बारूद डिपो को नुकसान पहुंचाया गया, जो भी पूरी तरह से गलत है।     पाकिस्तान ने झूठे आरोप लगाए कि भारतीय सेना ने मस्जिदों को नुकसान पहुंचाया।     मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है और हमारी सेना भारत के संवैधानिक मूल्य का एक बहुत ही सुंदर प्रतिबिंब है…" विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने कहा, "सर्वोच्च सम्मान के साथ, हमारे अभियान विशेष रूप से भारत विरोधी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे आतंकवादी शिविरों और सुविधाओं पर लक्षित हैं। भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा किसी भी धार्मिक स्थल को निशाना नहीं बनाया गया है…" recent visitors 57

एमपी-महाराष्ट्र के बीच एमओयू, मध्यप्रदेश के लिए 10 मई का दिन बेहद खास रहा

भोपाल मध्यप्रदेश के लिए 10 मई का दिन बेहद खास रहा। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने ज्ञान (गरीब-युवा-अन्नदाता-नारी शक्ति) को लेकर एक और ठोस कदम उठाया। दरअसल, शनिवार को मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र ने 'तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना' पर एमओयू साइन साइन किया। इस परियोजना से मध्यप्रदेश में एक लाख और महाराष्ट्र में 2 लाख से ज्यादा हैक्टेयर जमीन पर सिंचाई होगी। मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की इस संयुक्त परियोजना से हजारों किसानों को फायदा पहुंचेगा। दोनों सरकारों के बीच ये एमओयू महाराष्ट्र अंतरराज्यीय नियंत्रण मंडल की 28वीं बैठक के बाद हुआ। यह बैठक राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ कंवेंशन सेंटर में हुई। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ-साथ महाराष्ट्र के सीएम देवेन्द्र फडणवीस भी मौजूद थे।   दोनों मुख्यमंत्रियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद दोनों मुख्यमंत्रियों ने एमओयू साइन कर एक-दूसरे के साथ फाइलों का आदान प्रदान किया। इस मौके पर सीएम यादव ने कहा कि आज महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के रिश्तों के नए अध्याय की शुरुआत हुई है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने दो राज्यों के बीच होने वाले नदी के समझौतों को गंभीरता से लिया और उसके लिए कोष की व्यवस्था की। गोदावरी और ताप्ती नदी को लेकर हमारा और महाराष्ट्र का अलग संबंध है। ताप्ती नदी का महत्व मां नर्मदा की तरह है। मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। यहां से 247 से ज्यादा नदियां बहती हैं। हमारे प्रदेश में कोई ग्लैशियर नहीं है, लेकिन उसके बाद जलराशि इतनी ज्यादा है कि वो गंगा-यमुना से ज्यादा पानी दूसरे प्रदेशों को देती है। हमारी नदियां देश के हर राज्य की नदी से जुड़ी हैं और उन्हें लाभ प्रदान कर रही हैं। इससे लागत मे बचत होगी। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर को नासिक के त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर और घृष्णेश्वर से जोड़कर धार्मिक पर्यटन का सर्किट बनाएंगे। राज्यों की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी- महाराष्ट्र सीएम फडणवीस     कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि आज का दिन एतिहासिक है, क्योंकि, कई वर्षों से तापी रीचार्ज का प्रोजेक्ट संकल्पित हुआ था। लेकिन, किन्हीं कारणों से पीछे रहा था।     आज दोनों राज्यों ने उस पर सहमति व्यक्त की है। हमने उस पर आज हस्ताक्षर भी कर दिए। 25 साल बाद आज अंतरराज्यीय नियंत्रण बोर्ड की मीटिंग हुई।     साल 2016 में मोदी सरकार आने के बाद अंतरराज्यीय पानी के समझौतों को एक बल दिया गया। और, उसके तहत हमने फिर इस पर विचार शुरू किया।     मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने इसमें तेजी दिखाई और प्रोजेक्ट को इस स्तर तक ले आए। तापी मेगा प्रोजेक्ट दुनिया का अजूबा है।     हम जब साइट पर गए तो लगा कि एक गुप्त नदी आती है और पानी कूएं में जाता है। लगातार 24 घंटे तक पानी जाने के बावजूद भी कूएं का जलस्तर ओवरफ्लो नहीं होता।     इसलिए इस प्रोजेक्ट से मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र को बड़ा फायदा होने वाला है। इससे ओकाला, बुलढाणा, अमरावती की सूरत बदल जाएगी। लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।     किसानों का जीवन बदल जाएगा। ये दोनों राज्यों की अर्थव्यस्था को भी गति देगा। मैं नागपुर से आता हूं।     नागपुर विदर्भ का हिस्सा है और विदर्भ प्रदेश की राजधानी हुआ करती थी। इस तरह हमारा और मध्यप्रदेश का गहरा नाता है।   recent visitors 60