पीपरछेड़ी सिंचाई परियोजना से 10 से अधिक गांवों के 5,000 किसान होंगे लाभान्वित, सीएम ने कहा- क्षेत्र की बदलेगी तस्वीर

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के किसानों को बड़ी सौगात मिली है। जिले के सुदूर वनांचल मड़ेली को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ी घोषणा की है। शुक्रवार को सीएम साय ने ऐतिहासिक घोषणा करते हुए 45 वर्षों से अधूरी पड़ी पीपरछेड़ी सिंचाई परियोजना को पूरा करने को कहा। सीएम ने कहा कि यह घोषणा न केवल एक अधूरे वादे की पूर्णता है, बल्कि क्षेत्र के हजारों किसानों के सपनों की भी पुनर्स्थापना है। 1977 में प्रारंभ हुई इस योजना को घुनघुट्टी नाला पर बांध बनाकर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, लेकिन 1980 में वन अधिनियम लागू होने के कारण वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृति न मिलने से कार्य अधर में लटक गया। इसके बाद की कई सरकारों ने इस ओर गंभीर पहल नहीं की, और किसानों की आशाएं धीरे-धीरे धुंधली पड़ती गईं। जिस कारण किसानों को सिंचाई के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सीएम की घोषणा पर खुश हुए लोग अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मुद्दे को प्राथमिकता में लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पर्यावरणीय स्वीकृति देकर वर्षों पुरानी इस परियोजना को जीवनदान दिया। मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार समाधान शिविर में इस बहुप्रतीक्षित स्वीकृति की घोषणा की, जिसे सुनकर उपस्थित जनसमूह ने खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने सीएम की इस घोषणा पर जमकर ताली बजाई। विकास की नई धारा बहेगी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि किसानों के संघर्ष, प्रतीक्षा और उम्मीद की जीत है। यह सुशासन तिहार का असली अर्थ है लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना। इस निर्णय से न केवल क्षेत्र के किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी, बल्कि फसल उत्पादन और किसानों की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा, जिससे क्षेत्र में समग्र विकास की नई धारा बहेगी। बता दें कि सुशासन तिहार के मौके पर सीएम साय औचक निरीक्षण कर रहे हैं। recent visitors 43

7 दिन बाद शुरू होगा आईपीएल, सात टीमों के बीच प्‍लेऑफ की जंग, 3 टीमे हो चुकी हैं एलिमिनेट

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग 2025 को 7 दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के कारण बीसीसीआई ने शुक्रवार को यह फैसला लिया। बोर्ड की ओर से कहा गया कि हालात नॉर्मल होने पर नया शेड्यूल जारी किया जाएगा। आईपीएल के 18वें सीजन में अब तक 58 मुकाबले खेले जा चुके हैं। ऐसे में 16 मुकाबले अभी खेले जाने हैं। इनमें लीग स्‍टेज के 12 मैच हैं। IPL 2025 में कुल 74 मुकाबले होने थे। इस बीच आइए जानते हैं कि प्‍लेऑफ का समीकरण क्‍या कहता है। 3 टीमे हो चुकी हैं एलिमिनेट 58 मैच के बाद 3 टीम प्‍लेऑफ की रेस से बाहर हो गई हैं। साथ ही 7 टीमें अभी भी प्‍लेऑफ की दौड़ में शामिल हैं। चेन्‍नई सुपर किंग्‍स, राजस्‍थान रॉयल्‍स और सनराइजर्स हैदराबाद 18वें सीजन से एलिमिनेट हो चुकी हैं। चेन्‍नई और राजस्‍थान ने 12-12 मैच खेले हैं और 3-3 में जीत दर्ज की है। वहीं सनराइजर्स हैदरबाद ने 11 में से 3 मुकाबलों पर कब्‍जा जमाया है। भले ही इन टीमों का प्‍लेऑफ खेलने का सपना चूर हो पर यह अन्‍य टीमों का काम खराब कर सकती हैं। 7 टीम प्‍लेऑफ में जगह बना सकती हैं 7 टीम अभी भी प्‍लेऑफ में जगह बना सकती हैं। इनमें गुजरात टाइटंस, रॉयल चैलेंर्ज बेंगलुरु, पंजाब किंग्‍स, मुंबई इंडियंस, दिल्‍ली कैपिटल्‍स, कोलकाता नाइटराइडर्स और लखनऊ सुपर जायंट्स शामिल हैं। गुजरात टाइटंस ने अब तक 11 मैच खेलकर 8 में जीत प्राप्‍त की है। 16 अंकों के साथ टीम टॉप पर है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने भी 11 में से 8 मैच जीते हैं और टीम दूसरे नंबर पर है। पंजाब ने 11 में 7 मैच अपने नाम किए हैं। 3 में उन्‍हें हार मिली है और 1 मैच बेनतीजा रहा। 12 में से 7 मैच जीतने वाली मुंबई इंडियंस चौथे, 11 में से 6 मैच जीत चुकी दिल्‍ली 5वें नंबर पर है। कोलकाता 12 में से 5 और लखनऊ सुपर जायंट्स 11 में से 5 मैच जीत पाई है। गुजरात-आरसीबी के 16-16 अंक आईपीएल में आमतौर पर 16 प्‍वाइंट्स में टीम प्‍लेऑफ में जगह बना लेती हैं। ऐसे में गुजरात और बेंगलुरु की जगह लगभग तय नजर आ रही है। पंजाब और मुंबई भी लगभग 1-1 जीत दूर दिख रही हैं। दिल्‍ली को अपने बचे हुए 3 में से 2 मैच जीतने होंगे। कोलकाता के 2 मैच बचे हैं और उनके 11 अंक हैं। अपने दोनों मैच जीतने के बाद भी कोलकाता को भाग्‍य के सहारे रहना होगा। जहां अन्‍य टीमों 18-20 अंक तक पहुंच सकती हैं, ऐसे में 15 प्‍वाइंट पर क्‍वालिफिकेशन काफी मुश्किल है। लखनऊ 11 मैच में 5 जीत चुकी है और उनके 10 अंक हैं। अगले 3 मैच में जीत लखनऊ को 16 अंक तक पहुंचा सकी है। recent visitors 45

India Pakistan Tension के बीच IMF ने पाक को दिए 8500 करोड़ रुपए

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान को 1 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज प्रदान करने की घोषणा की है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय (पीएमओ) ने इसकी पुष्टि की। पीएमओ ने बताया कि आईएमएफ ने शुक्रवार (9 मई, 2025) को मौजूदा विस्तारित निधि सुविधा के तहत पाकिस्तान को तत्काल लगभग 1 अरब डॉलर की राशि देने की मंजूरी दे दी है। PMO के बयान के अनुसार, "प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आईएमएफ द्वारा पाकिस्तान के लिए 1 अरब डॉलर की किस्त को मंजूरी देने और इसके खिलाफ भारत की मनमानी को विफल करने पर संतोष व्यक्त किया है।" बयान में कहा गया कि पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और देश विकास के पथ पर अग्रसर है। भारत ने जताया कड़ा विरोध भारत ने शुक्रवार को आईएमएफ के पाकिस्तान को 2.3 अरब अमेरिकी डॉलर का नया ऋण देने के प्रस्ताव का विरोध किया और कहा कि इस धन का दुरुपयोग राज्य प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए हो सकता है। भारत ने इस मुद्दे पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की महत्वपूर्ण बैठक में मतदान से दूरी बनाए रखी। मतदान के परिणाम पाकिस्तान के पक्ष में रहे और उसे आईएमएफ से ऋण प्राप्त हो गया। भारत ने एक जिम्मेदार सदस्य देश के रूप में पाकिस्तान के खराब पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए आईएमएफ कार्यक्रमों पर चिंता व्यक्त की। वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान को मिलने वाली इस धनराशि का उपयोग राज्य प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए किया जा सकता है। 'आतंकी संगठनों को जा रहा IMF का पैसा' भारत ने यह भी दोहराया कि पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय सहायता अप्रत्यक्ष रूप से उसकी खुफिया एजेंसियों और आतंकी संगठनों जैसे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद की मदद करती है, जो भारत पर हमलों को अंजाम देते रहे हैं. IMF पर निर्भर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बता दें कि कंगाली से जूझ रही पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था IMF सहायता पर बुरी तरह निर्भर है. भारत के इस मतदान से दूरी बनाने को IMF और अन्य बहुपक्षीय वित्तीय संस्थाओं को यह संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है कि पाकिस्तान को बिना ठोस कदम उठाए वित्तीय मदद देना क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हो सकता है. कैसे सोचता है अंतर्राष्ट्रीय समुदाय… जम्मू-कश्मीर के सीए उमर अब्दुल्लाह ने कहा कि मुझे यकीन नहीं है कि "अंतर्राष्ट्रीय समुदाय" कैसे सोचता है कि उपमहाद्वीप में मौजूदा तनाव कम हो जाएगा, जब आईएमएफ अनिवार्य रूप से पाकिस्तान को उन सभी आयुधों के लिए प्रतिपूर्ति करेगा, जिनका उपयोग वह पुंछ, राजौरी, उरी, तंगधार और कई अन्य स्थानों को तबाह करने के लिए कर रहा है। वैश्विक समुदाय के लिए खतरनाक संदेश- बोला भारत गौरतलब है कि विस्तारित निधि सुविधा (ईएफएफ) ऋण कार्यक्रम की समीक्षा के लिए आईएमएफ बोर्ड की शुक्रवार को बैठक हुई, जिसमें भारत ने अपना विरोध दर्ज किया। इस बैठक में पाकिस्तान के लिए एक नए लचीलापन और स्थिरता सुविधा (आरएसएफ) ऋण कार्यक्रम (1.3 अरब डॉलर) पर भी चर्चा हुई। भारत ने कहा कि सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले को बार-बार पुरस्कृत करने से वैश्विक समुदाय को एक खतरनाक संदेश जाता है। इससे वित्तपोषण करने वाली एजेंसियों और दाताओं की प्रतिष्ठा खतरे में पड़ती है तथा वैश्विक मूल्यों का उपहास होता है। recent visitors 51

भारत की जवाबी कार्रवाई के बीच पाकिस्तान एहसास हो गया कि उसकी सबसे भरोसेमंद लाइफ लाइन भी अब छीन ली गई

नई दिल्ली भारत की जवाबी कार्रवाई के बीच पाकिस्तान को यह एहसास हो गया कि उसकी सबसे भरोसेमंद लाइफ लाइन भी अब छीन ली गई है. इतिहास पर गौर करें तो पाकिस्तान इस भरोसे से भारत के साथ टकराव में रहा है कि अगर हालात मुश्किल हुए तो अमेरिका उसकी मदद करेगा, जिसके पास वह SOS लेकर दौड़ा चला आएगा. लेकिन भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद अमेरिका ने भी पाकिस्तान से सॉफ्ट लैंडिंग की सुविधा अब छीन ली है. परमाणु हमले की खोखली धमकी पाकिस्तान की मानसिकता को समझने और अमेरिका पर उसकी निर्भरता को समझने के लिए साल 1999 की गर्मियों को याद करना अहम है, जब पाकिस्तान ने कारगिल की रणनीतिक रूप से अहम मानी जाने वाली पहाड़ियों पर कब्जा करने की कोशिश की थी. पाकिस्तान को सजा दिए बिना जाने देने के लिए तैयार न होते हुए भी भारत ने एक साहसिक कदम उठाया. उस समय सेना की स्ट्राइक टुकड़ियों को अपने बेस कैंप छोड़ने की तैयारी करने को कहा गया था. लगभग उसी वक्त अमेरिकी स्पाई सैटेलाइट ने राजस्थान में ट्रेनों पर लोड किए जा रहे भारतीय टैंकों और भारी तोपों की तस्वीरें कैद कीं. मैसेज साफ था कि भारत कारगिल में घुसपैठ का बदला लेने के लिए पाकिस्तान पर हमला करने वाला था. सेना के इस कदम से पहले पाकिस्तान हमेशा की तरह ही इनकार और धमकी की रणनीति अपना रहा था. सार्वजनिक मंचों पर नवाज शरीफ सरकार कारगिल में पाकिस्तान की भूमिका से इनकार कर रही थी. साथ ही वह यह भी संकेत दे रही थी कि अगर भारत ने संघर्ष को बढ़ाने की हिम्मत की तो परमाणु विकल्प भी अपना सकती है. दूसरों से मदद मांगने की आदत लेकिन जैसे ही शरीफ को भारतीय सीमा पर हलचल के बारे में पता चला, उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से मिलने की इच्छा जताई. बैठक में शरीफ कारगिल से अपने लड़ाकों को वापस बुलाने और नियंत्रण रेखा (LoC) की पर स्थिति बहाल करने पर सहमत हो गए. 12 जुलाई को शरीफ टीवी पर देश को समझा रहे थे कि अब घुसपैठियों का कारगिल में रहना जरूरी नहीं रह गया है. इसके तुरंत बाद कारगिल में संघर्ष खत्म हो गया. कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान के बर्ताव से हमें दो अहम बातें पता चलती हैं. पहली, अपने परमाणु ब्लैकमेल और शेखी बघारने के बावजूद पाकिस्तान भारत के साथ पारंपरिक युद्ध लड़ने से कतराता है. दूसरी, जब भी वह खुद को बचाना चाहता है, तो वह अपनी इज्जत बचाने के लिए वॉशिंगटन (या अंतरराष्ट्रीय समुदाय) पर निर्भर हो जाता है. अमेरिका ने दिया जोर का झटका लेकिन इस बार वॉशिंगटन ने सम्मानजनक तरीके से बाहर निकलने का विकल्प बंद कर दिया है. फॉक्स न्यूज से बात करते हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष में वॉशिंगटन की भागीदारी से इनकार किया. उन्होंने कहा, 'हम जो कर सकते हैं, वह यह है कि इन लोगों को तनाव थोड़ा कम करने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश करें, लेकिन हम युद्ध के बीच में शामिल नहीं होने जा रहे हैं, यह मूल रूप से हमारा कोई काम नहीं है और इसका अमेरिका से कोई लेना-देना नहीं है.' वॉशिंगटन के इस साफ संकेत के बीच कि भारत और पाकिस्तान को मामले को सुलझाने के लिए छोड़ दिया गया है, रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने इस्लामाबाद पर एक और बम गिराया है. ट्रंप की पूर्व सहयोगी हेली ने एक्स पर एक पोस्ट में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के खुद का बचाव करने और जवाबी कार्रवाई करने के अधिकार का बचाव किया. उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान को पीड़ित की भूमिका निभाने का अधिकार नहीं है. पाकिस्तान का मददगार रहा है US इस बार वॉशिंगटन की तटस्थता पिछले संघर्षों के दौरान उसके ऐतिहासिक पाकिस्तान समर्थक रुख के बिल्कुल उलट है. साल 1971 में, अमेरिका ने भारत को रोकने के लिए परमाणु ऊर्जा से चलने वाले एयरक्राफ्ट कैरियर USS एंटरप्राइज के नेतृत्व में अपनी 7वीं फ्लीट को बंगाल की खाड़ी में तैनात किया था. इसी तरह 2001 में, जब भारतीय संसद पर आतंकी हमलों के बाद दोनों देश युद्ध की कगार पर थे, तो वॉशिंगटन ने संकट को कम करने के लिए अपने दूतों को नई दिल्ली भेजा था. कुछ साल पहले, जैसा कि रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी ने एक्स पर बताया था, जो बाइडेन प्रशासन ने F-16 बेड़े को अपग्रेड करने में पाकिस्तान की मदद की थी. लेकिन वेंस का बयान दिखाता है कि 1971 के बाद से वॉशिंगटन कितनी दूर आ गया है और वह भारत के साथ संबंधों को कितना महत्व देता है. अब बचे हैं सिर्फ गिनती के दोस्त अब तक पाकिस्तान का समर्थन सिर्फ कुछ ही सहयोगी देशों तक सीमित रहा है, मुख्य रूप से चीन, तुर्की और अज़रबैजान. यह पाकिस्तान के बढ़ते अलगाव को दर्शाता है, क्योंकि सऊदी अरब और यूएई जैसे पारंपरिक सहयोगियों ने संतुलित या भारत समर्थक रुख अपनाया है. जी-20 और खाड़ी देशों को ब्रीफिंग सहित भारत के कूटनीतिक संपर्क ने उसकी आतंकवाद विरोधी कथनी के लिए काफी सहानुभूति जुटाई है. कारगिल के बाद से भारत ने रक्षात्मक रुख से हटकर आक्रमणकारी और जवाबी रणनीति अपनाई है, जैसा कि 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के बालाकोट एयर स्ट्राइक में देखा गया. सीधी कार्रवाई की इस रणनीति ने भारत को हिम्मत दी है और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता पर उसकी निर्भरता कम की है. इस बीच पाकिस्तान अपने सहयोगियों पर बहुत ज़्यादा निर्भर हो गया है. उसकी कमज़ोर अर्थव्यवस्था, बढ़ते कर्ज का बोझ, ख़ैबर पख़्तूनख़्वा और बलूचिस्तान में अशांति और कमज़ोर राजनीतिक नेतृत्व ने भारत के साथ पारंपरिक युद्ध को अस्थिर बना दिया है, जिसकी वजह से इस्लामाबाद को कूटनीतिक तरीके से बाहर निकलने की कोशिश करनी पड़ रही है.   recent visitors 54

बुंदेलखंड के किसानों की जिंदगी बदलेगी केन-बेतबा नदी जोड़ो परियोजना से +मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दमोह जिले के जागेश्वरनाथ मंदिर के नवनिर्माण का आज हम संकल्प ले रहे है। आज भगवान देवजागेश्वरनाथ का अभिषेक देश की पवित्र नदियों के जल और पवित्र धार्मिक स्थलों की मिट्टी से शिवलिंग का पूजन हुआ है। देवजागेश्वरनाथ मंदिर में 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कॉरिडोर से भगवान जागेश्वरनाथ मंदिर की भव्यता बढ़ेगी। मंदिर के कॉरिडोर बनने से मंदिर सहित क्षेत्र की भव्यता बढेगी, सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दमोह जिले के सुप्रसिद्ध देवजागेश्ववरनाथ मंदिर में 10 करोड़ की लागत से बनने वाले प्रथम चरण के कॉरिडोर के भूमिपूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वैश्विक नेता हैं। उनके नेतृत्व में बनारस में बाबा विश्वनाथ का धाम भव्य रूप ले चुका है। अयोध्या में भी भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बना है। सनातन संस्कृति में 7 प्रमुख नगरियां हैं। जब अयोध्या का फैसला आया तो यह लोकतंत्र के गौरव का अवसर था, जिसका सभी धर्म के लोगों ने मिलकर स्वागत किया और एकजुटता दिखाई थी। इसी प्रकार आज जब सेना शौर्य दिखा रही है, तब भी देश एकजुट है। यही भारतीय लोकतंत्र की ताकत है, जिसे देखकर दुनिया अचंभित है। कार्यक्रम में पहलगाम आतंकी हमले के शिकार पर्यटकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहे धार्मिक पर्यटन केन्द्र युवाओं के लिए रोजगार के केन्द्र बनकर उभरेंगे। यहां आध्यात्म के साथ, शैक्षणिक और रोजगार मूलक गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी। इन कार्यों के लिए राज्य सरकार बजट की कोई कमी नहीं आने देगी। प्रदेश में जल संरक्षण और संवर्धन के लिए अभियान चल रहा है। बुंदेलखंड के किसानों की स्थिति बेहतर करने और पेयजल संकट को दूर करने के लिए केन्द्र सरकार के सहयोग से केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मना रही है। मंदसौर में 3 मई को किसानों के लिए हुए कृषि मेले के ऐतिहासिक और सफल आयोजन के बाद अब 26 मई को नरसिंहपुर में कृषि मेला आयोजित किया जाएगा। यहां खेती के आधुनिक उपकरण और खाद्य प्र-संस्करण की इकाइयों की जानकारी किसानों को मिलेगी। दमोह एवं निकटवर्ती जिलों के किसान बंधु भी नरसिंहपुर के कृषि मेले में आमंत्रित हैं। किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने दूध उत्पादन बढ़ाने का संकल्प लिया है। अब घर-घर गाय होंगी और हर घर गोकुल होगा। प्रदेश के हर ब्लॉक में एक गांव को आदर्श वृंदावन ग्राम बनाने का संकल्प लिया गया है। भगवान श्रीकृष्ण के आदर्श और ज्ञान का प्रकाश चहुंओर फैलाने के लिए राज्य सरकार ने प्रत्येक नगरीय निकाय में गीता भवन के निर्माण का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गूगल पर सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला ग्रंथ पवित्र गीता है। निश्चित ही गीता एक अद्वितीय ग्रंथ है। पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा प्रसिद्ध तीर्थ स्थल जागेश्वर धाम धार्मिक आस्था का केन्द्र है। कॉरिडोर की सौगात से क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग आज पूरी हुई है। लगभग 10 करोड़ की लागत से बनने वाले कॉरीडोर की नींव आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रखी है। उन्होंने प्रदेश एवं जिले के आम नागरिकों, श्रद्धालुओं को बधाई और शुभकामनायें दी। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक व धर्मस्य विभाग राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा देवजागेश्वरनाथ धाम बहुत ही दिव्य और भव्य बनेगा। कॉरिडोर में दुकान, फूड कोर्ट, संस्कृत विद्यालय और 12 ज्योतिर्लिंगों की  प्रतिकृति भी बनेगी।   पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्य मंत्री लखन पटेल ने कहा सहज और सरल स्वभाव के धनी हमारे मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कुछ मांगने की आवश्यकता नहीं पड़ती, बिना मांगे ही डॉ. यादव इच्छा पूरी कर देते हैं। उन्होंने देव जागेश्वर धाम कॉरिडोर के लिए 100 करोड़ रुपए स्वीकृत करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा देवजागेश्वरनाथ लोक की देश के 13 वें ज्योतिर्लिंग के रूप में पहचान है। प्रथम चरण में लोक के लिए 10 करोड़ रुपए की लागत से आवश्यक कार्य शुरू होगा। उन्होंने कहा कि अभी तक बुंदेलखंड की पहचान खजुराहो से थी आज से 5 साल बाद बुंदेलखंड देवजागेश्वर नाथ धाम के नाम से जाना जायेगा। बुंदेलखंड अब खजुराहो के साथ बांदकपुर धाम के नाम से भी जाना जाएगा। पूर्व वित्त मंत्री एवं दमोह विधायक जयंत मलैया ने कहा कि देवजागेश्वर नाथ लोक बनने से सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत भी मजबूत होगी। साथ ही रोजगार व व्यापार के नए अवसर का सृजन होगा। मुख्यमंत्री ने भगवान जागेश्वरनाथ का किया पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बांदकपुर में देवजागेश्वर नाथ की पूजा अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि की कामना की। उन्होंने माता पार्वती का आर्शीवाद लिया। मंदिर कमेटी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत कर स्मृति चिन्ह भेंट किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश भर में पवित्र स्थलों पर बनाये गये कॉरीडोर की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर बांदकपुर कॉरीडोर मॉडल को भी सराहा। मुख्यमंत्री ने साधु संतों का आशीर्वाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में साधु संतों का पुष्प वर्षा कर अभिनन्दन किया। उन्होंने संतो का आशीर्वाद भी प्राप्त किया।   recent visitors 21

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा सभी अधिकारी अलर्ट मोड पर रहें, अधिकारी मैदान में दिखें, जनप्रतिनिधियों को भी विश्वास में लिया जाए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय परिस्थितियों और वर्तमान परिदृश्य के दृष्टिगत शुक्रवार शाम एक उच्च स्तरीय बैठक कर वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ सुरक्षा प्रबंधों पर गहन चर्चा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जिलों के कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए। शुक्रवार प्रात: भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में चर्चा कर निर्देश दिए थे। प्रदेश के मैदानी अधिकारियों के साथ शाम को हुई बैठक में विभिन्न प्राथमिकताओं पर चर्चा की। बैठक में भारत सरकार से प्राप्त विस्तृत दिशा-निर्देशों की जानकारी से जिलों को अवगत करवाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी अधिकारी अलर्ट मोड पर रहें। अधिकारी मैदान में दिखें। जनप्रतिनिधियों को भी विश्वास में लिया जाए और आवश्यक जनसहयोग प्राप्त किया जाए। आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने में भी वॉलिंटियर्स का आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में रिटायर्ड फौजियों सहित सामाजिक कार्यों से जुड़े वॉलिंटियर्स की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। अपराधियों के साथ किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाए। घटना घटित होने के पूर्व आवश्यक सावधानी बरती जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि नागरिकों के लिए आवश्यक सेवाएं भी समानांतर रूप से प्रदान करने का कार्य होता रहे। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष के अलावा जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष कार्य करेंगे। सभी नियंत्रण कक्ष वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप संचालित होंगे। फायर ब्रिगेड सेवाएं, स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली की सप्लाई, पेयजल व्यवस्था नियमित रूप से बनी रहे, यह सुनिश्चित किया जाएगा।  सभी जिलों में की जाएगी मॉक ड्रिल, भ्रामक कंटेंट पर होगी सख्त कार्रवाई बैठक में निर्देशित किया गया कि सोशल मीडिया पर भ्रामक कंटेंट भेजने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। वरिष्ठ अधिकारी अवकाश पर नहीं जाएंगे। सभी जिलों में इमरजेंसी सेवाएं सुनिश्चित करते हुए सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा के संबंध में भारत सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन का कार्य होगा। बैठक में जानकारी दी गई कि आवश्यक सायरन की व्यवस्था भी जिलों में रहेगी। निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप नागरिकों को सुरक्षा के लिए सजग किया जा रहा है। आवश्यकता के अनुसार वॉलिंटियर्स एवं नागरिकों को प्रशिक्षित करने का कार्य भी किया जाएगा। जिलों में मॉक ड्रिल भी समय-समय पर होगी और रात्रि गश्त पुलिस की ओर से निरंतर होगी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजय दुबे, होमगार्ड महानिदेशक अरविंद कुमार, एडीजी इंटेलीजेंस ए. साई मनोहर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 34

भारत-पाक तनाव के बीच प्रदेश में पुलिस समेत 13 सरकारी विभागों की छुट्टियां निरस्त, मंत्रालय से आदेश जारी

भोपाल भारत और पाकिस्तान के बीच 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद बढ़े तनाव को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाया है. मंत्रालय से जारी एक आदेश में पुलिस सहित 13 सरकारी विभागों के कर्मचारियों की सभी छुट्टियां तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई हैं. साथ ही, छुट्टी पर गए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत अपने मुख्यालय लौटने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों पर चर्चा हुई. आदेश में कहा गया है कि सभी शासकीय सेवक अपने मुख्यालय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे. विशेष परिस्थितियों, जैसे स्वयं या परिवार में विवाह, प्रसव, संतान पालन, गंभीर बीमारी, दुर्घटना, या अप्रत्याशित घटना के मामलों में ही जिला स्तर पर कलेक्टर और राज्य स्तर पर विभाग के भारसाधक सचिव द्वारा अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा. अन्य विभागों के कर्मचारियों के अवकाश आवेदनों पर भी केवल अति आवश्यक स्थिति में ही सक्षम स्तर से स्वीकृति दी जाएगी. यह कदम भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव और संभावित आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारियों के तहत उठाया गया है. सरकार ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने और जरूरी सेवाओं को निर्बाध रूप से चलाने के निर्देश दिए हैं. इस 13 विभागों की छुट्टियां निरस्त:-   लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग   गृह विभाग   ऊर्जा विभाग   नगरीय विकास एवं आवास विभाग   पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग   लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग   खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग   लोक निर्माण विभाग   राजस्व विभाग   सामान्य प्रशासन विभाग   जल संसाधन विभाग   नर्मदा घाटी विकास विभाग   परिवहन विभाग इन परिस्थितियों में मिलेगी छुट्टी     आवश्यक चिकित्सा उपचार या बीमरी     दुर्घटना या आपातकालीन स्वास्थ्य कारण     परिवार में विवाह या अत्यावश्यक घरेलू कारण नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति के लिए सभी विभाग सजगता के साथ तैयार रहें। नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। जरूरी नागरिक सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। सभी विभाग अपनी-अपनी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करें और सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम तत्काल प्रभाव से लागू करें। राष्ट्र विरोधी किसी भी प्रचार पर सख्ती से अंकुश लगाएं। नागरिकों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की लिए प्रेरित और सूचित करें। इंटरनेट मीडिया पर पुलिस नजर रखे। वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग ने कलेक्टरों को आदेश दिए कि सभी अधिकारी मुख्यालय पर रहें। केवल स्वयं या स्वयं के परिवार में विवाह, प्रसूति एवं संतान पालन, गंभीर बीमारी, दुर्घटना, स्वयं के परिवार में घटित अप्रत्याशित घटना आदि के संबंध में कलेक्टर एवं राज्य स्तर पर विभाग के सचिव द्वारा ही अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा। महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर ध्यान दें मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्रीय और राज्य सरकार के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की चहुंओर सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश न हो। आसपास पुलिस बल तैनात किया जाए। स्वास्थ्य, अग्निशमन सेवाओं के साथ आपदा प्रबंधन से जुड़ी आवश्यकताओं को मजबूत कर लें। आपात स्थिति से निपटने के लिए सूक्ष्म स्तर पर तैयारी रखें और अधिकारी हाई अलर्ट पर रहें। आवश्यकता पर सेवानिवृत्त सैनिकों और स्वयंसेवियों की सेवाएं भी लें। उन्हें पहले से चिह्नित करके रखें। समय-समय पर माकड्रिल आयोजित की जाए जनप्रतिनिधियों को भी विश्वास में लिया जाए। अपराधियों के साथ किसी तरह नरमी नहीं बरती जाए। जिलों में माकड्रिल भी समय-समय पर आयोजित की जाए। केंद्र सरकार के निर्देशों का पूरी तरह से पालन होना चाहिए। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाए जा रहे हैं। फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली-पानी की आपूर्ति नियमित रूप से बनी रहे, इसका प्रबंध किया जाएगा। पुलिस लगातार रात्रि गश्त करेगी। आपात स्थिति में पर्याप्त खाद्य सामग्री, पेट्रोल-डीजल व दवाओं का रखें भंडार उधर, गृह विभाग ने देर रात सभी कलेक्टरों को दिशानिर्देश जारी किए। इसमें कहा गया कि अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाइयां व उपकरण उपलब्ध रहें। डॉक्टर मय स्टाफ उपस्थित रहें। ब्लड बैंक में सभी ग्रुपों के रक्त की पर्याप्त उपलब्धता रहे। सायरन व्यवस्था सहित माकड्रिल में रही कमियों को दूर किया जाए। आपात स्थिति में पर्याप्त खाद्य सामग्री, पेट्रोल-डीजल, घरेलू गैस इत्यादि उपलब्ध रहें। लोग खाद्य सामग्री एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं का अनावश्यक भंडारण नहीं करें। यह करना होगा     जिन अस्पतालों व स्कूलों में रहने की अस्थायी सुविधा हो सकती है, वहां जनरेटरों की व्यवस्था करें।     पीएचई विभाग की जिम्मेदारी होगी कि आपात स्थिति में पेयजल की पूर्ण व्यवस्था रहे।     जिलों के अतिसंवेदनशील स्थल जैसे अस्पताल, पावर प्लांट, तेल एवं गैस के डिपो, धार्मिक स्थल, भारत सरकार के संस्थान की जानकारी अद्यतन कर रखी जाए। उनकी सुरक्षा बढ़ाई जाए।     ग्राम पंचायत स्तर पर नागरिक सुरक्षा से संबंधित जानकारी दी जाए।     अग्निशमन, संचार सेवा, सार्वजनिक उद्घोषणा व्यवस्था दुरुस्त रखें। असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई करें : डीजीपी पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने सभी जोनल आइजी, डीआइजी और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग पर चर्चा कर तैयारियां रखने के लिए कहा। उन्होंने कहा-सायरन व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए। असामाजिक तत्वों और माहौल खराब करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। जिले के प्रमुख स्थानों की सुरक्षा बढ़ाई जाए। दीपावली के खिलौनों की तरह दुश्मनों के मिसाइल नष्ट कर रहा एयर डिफेंस सिस्टम उधर, भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के दुश्मन पाकिस्तान और सभी आतंकवादी द्वारा छोड़े गए घातक मिसाइल, राकेट को हमारे एयर डिफेंस सिस्टम ने दीपावली के खिलौनों की तरह हवा में ही नष्ट कर दिए। अभी हमारे जवान अपनी मर्यादा में हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकवाद को जमीन में गाड़ने की जो बात कही थी, उसी क्रम में आतंकी अजहर मसूद के खानदान को मिट्टी में मिलाने का काम किया है। हमारी सेना आधुनिक तकनीक से सुसज्जित है और पाकिस्तान की नापाक हरकतों का मुंहतोड़ जवाब देकर अद्भुत शौर्य और पराक्रम का परिचय दे रही है। दुश्मनों को सबक सिखाने के लिए पूरा देश एकजुट है।   recent visitors 25