मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक ली

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा हमारा परम धर्म है और ताज़ा हालातों को देखते हुए सभी नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि जरूरी नागरिक सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए, सभी विभाग अपनी-अपनी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करें और सुरक्षा के सभी आवश्यक ऐहतियाती कदम तत्काल प्रभाव से लागू किए जाएं। भारत-पाकिस्तान में तनाव के बीच मध्यप्रदेश में भी अलर्ट जारी किया गया है। सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्‌टी पर रोक लगा दी है। वहीं छुट्‌टी पर गए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को लौटने को कहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि राष्ट्र विरोधी किसी भी प्रचार पर सख्ती से अंकुश लगाया जाए। नागरिकों को अफवाहों पर ध्यान न देने की लिए प्रेरित और सूचित करें। केंद्रीय और राज्य सरकार के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की चहुंओर सुरक्षा पर अत्यंत विशेष ध्यान दिया जाये। आपदा प्रबंधन के सभी उपाय एवं आवश्यकताओं जैसे स्वास्थ्य, अग्निशमन सेवाओं को और मजबूत कर लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की अद्यतन सुरक्षा व्यवस्थाओं, नागरिक सुविधाओं की स्थिति और विभागीय समन्वय की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आपसी तालमेल को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। यह भी कहा कि किन्हीं भी आपातकालीन परिस्थितियों के लिए सभी विभाग तत्परता और सजगता के साथ तैयार रहें। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां सामान्य होने तक नागरिक सुविधाओं की सहज आपूर्ति से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी और फील्ड अमला अवकाश पर न जाये। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव गृह श्री जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय एवं जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, डीजी होमगार्ड श्री अरविंद कुमार, एडीजी गुप्तवार्ता श्री ए. साईं मनोहर, सैन्य अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 34

ड्रोन हमले के बाद एमपी पुलिस सुरक्षा को लेकर बरत रही सतर्कता, सभी जिलों की फोर्स को किया अलर्ट

भोपाल  पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के साथ ही मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को अलर्ट कर दिया है। किसी भी तरह की आपात स्थिति के लिए पुलिस बल को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। सामान्य स्थिति में पुलिसकर्मियों को छुट्टियां नहीं देने को कहा गया है और पहले से अवकाश में चल रहे पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद करने पर विचार किया जा रहा है। सबसे पहले पहलगाम की घटना के बाद पुलिस मुख्यालय ने अलर्ट जारी किया था। इसके बाद तनाव बढ़ने पर फिर अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के बीच लगातार बैठकें चल रही हैं। आंतरिक कानून-व्यवस्था को लेकर भी पुलिस अधीक्षकों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। बुधवार को माकड्रिल के बाद रहीं कमियों को भी दूर किया जा रहा है। इसके लिए अनाउंसमेंट सिस्टम, इंटरनेट मीडिया पर अफवाह फैलने से रोकने जैसे कदम शामिल हैं। उज्जैन में पुलिस ने निकाला फ्लैगमार्च उज्जैन शहर में 150 पुलिसकर्मियों ने फ्लैगमार्च निकाला और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उज्जैन के महाकाल ज्योतिर्लिंग और महाकाल लोक के दर्शन करने बड़ी संख्या में श्रद्धालु देशभर से यहां पहुंचते हैं। ऐसे में शहर में पुलिस हाईअलर्ट पर है। ग्वालियर के हर वार्ड में सायरन लगाने के निर्देश इधर मंत्री तुलसी सिलावट ने ग्वालियर के हर वार्ड में सायरन लगाने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि ग्वालियर में वायुसेना का एयरबेस है। ऐसे में यहां पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। recent visitors 46

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बढ़े तनाव के बीच भोपाल में मुस्लिम समाज ने एकजुट होकर देशभक्ति का परिचय दिया

भोपाल भारत और पाकिस्तान के बीच 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद बढ़े तनाव के बीच मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मुस्लिम समाज ने एकजुट होकर देशभक्ति का परिचय दिया. शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद भोपाल की ऐतिहासिक ताज-उल-मसाजिद में मुस्लिम समाज के लोग तिरंगा लेकर पहुंचे और भारत की जीत, पाकिस्तान की हार के लिए सामूहिक दुआ की. नमाज के बाद मस्जिद परिसर में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर गुस्सा जाहिर किया.उन्होंने 'हिंदुस्तान जिंदाबाद' और 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे लगाए, साथ ही भारतीय सेना की कार्रवाई की सराहना की. मुस्लिम युवकों ने एक स्वर में कहा कि यदि जरूरत पड़ी, तो वे बॉर्डर पर जाकर न केवल पाकिस्तान को जवाब देंगे, बल्कि उसके क्षेत्र में घुसकर आतंकियों को सबक सिखाने के लिए तैयार हैं. ताज-उल-मसाजिद में नमाज के बाद हुए प्रदर्शन में मुस्लिम समाज ने तिरंगे के साथ अपनी देशभक्ति का प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की करतूतों ने पूरे देश को आक्रोशित किया है. एक युवक ने कहा, "पाकिस्तान ने हमारे भाइयों को निशाना बनाया, लेकिन हमारा मजहब इंसानियत सिखाता है. हम भारतीय सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश की रक्षा करेंगे."  भोपाल में अलर्ट, चौराहों पर पुलिस तैनात, लोगों ने टैंक पर लहराया तिरंगा भारत-पाकिस्तान के बीच बने तनाव की स्थिति के चलते राजधानी भोपाल में भी पुलिस ने अलर्ट जारी कर दिया है। शहर के सभी चौक चौराहों पर पुलिस नजर बनाए हुए है।शहर के 30 पॉइंट पर पुलिस बल तैनात किया गया है। शहर के प्रमुख चौराहे, वीवीआईपी इलाकों को कवर किया गया है। शहर के एंट्री पॉइंट पर चेकिंग शुरू कर दी गई। शहर में प्रवेश करने वाले हर वाहन की तलाशी ली गई। इधर बोट क्लब पर रखे टैंक पर तिरंगा फहराया है। इसी के साथ भोपाल के लोगों ने न सिर्फ भारतीय सेना का उत्साहवर्धन किया बल्कि देशभक्ति का भी जज्बा दिखाया है। सुदर्शन चक्र टैंक पर चढ़कर भोपालियों ने तिरंगा फहराया भोपालियों ने सुदर्शन चक्र टैंक पर चढ़कर तिरंगा फहराया है। भारत-पाकिस्तान युद्ध के बीच अद्भुत तस्वीरें सामने आई है। भोपाल का बच्चा-बच्चा युद्ध भूमि में जाने के लिए तैयार है। भोपाल के बोट क्लब पर सुदर्शन चक्र टैंक खड़ा है। टैंक पर शान से तिरंगा लहराया है। सेना के टैंक पर भोपाल के लोगों ने तिरंगा लहराया है। लोगों ने भारतीय सेना का उत्साहवर्धन किया है। कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरे से हो रही निगरानी राजधानी भोपाल के पुलिस कंट्रोल रूम में बैठे जवान सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर स्थिति पर निगाह बनाए हैं। इससे पहले गुरुवार देर शाम पुलिस अधिकारियों की एक बैठक भी हुई। इसमें आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। पुलिस कमिश्नर हरिनारायणाचारी मिश्र ने बताया कि संदेह होने पर संबंधित व्यक्ति की चेकिंग की जा रही है। जरूरत पड़ने पर पूछताछ भी की जा सकती है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई भोपाल शहर पुलिस ने गुरुवार शाम बैठक में शहर के वीआईपी, व्यस्ततम और संवेदनशील इलाकों और चौराहों को चिह्नित किया। रात 11 बजते-बजते लगभग हर चौराहे पर 4 से 5 पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया। एयरपोर्ट रोड पर पुलिस ने आने-जाने वाले हर वाहन को रोककर चेकिंग की। रेलवे स्टेशन और बस अड्डों जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ब्लैकआउट में जिन्होंने लाइट नहीं बंद की उनकी होगी जांच भोपाल में  जिन्होंने ब्लैक आउट में लाइट बंद नहीं की पुलिस उनको चिन्हित कर रही है। मॉक ड्रिल के समय पुलिस ने 34 थानों के बल को अलग-अलग जगह तैनात किया था। पुलिस सिमरी जानकारी के अनुसार हकीकत जानने के लिए कई जगह ड्रोन उड़ाए गए थे। इससे उन लोगों को चिह्नित किया गया है, जिन्होंने लाइट बंद नहीं की। इन सभी को समझाइश देने के साथ सिविल डिफेंस का महत्व बताया जाएगा। पुलिस के पास मौजूद फोटो में सबसे ज्यादा दुकानों के बाहर लगे बोर्ड जलते मिले हैं। इन सभी को बताया जाएगा कि दोबारा ऐसा हुआ तो कार्रवाई होगी।     recent visitors 54

पाकिस्तान से जंग ना करने की ‘इल्तिजा’, मुफ्ती ने PM मोदी से की अपील, विनाश के कगार पर…

श्रीनगर जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच अघोषित युद्ध जैसे हालात हैं. भारत ने पहलगाम हमले में 27 पर्यटकों की मौत का बदला पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों पर हमला कर लिया. भारत की इस सैन्य कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने पिछले दो रात में दो दर्जन से अधिक शहरों पर मिसाइल, ड्रोन अटैक की नाकाम कोशिश की है. भारतीय सेना ने पाकिस्तान के हर हमले को नाकाम किया है, मुंहतोड़ जवाब दिया है. उधर पाकिस्तान जंग पर उतारू है, इधर महबूबा मुफ्ती शांति का राग अलापने लगी हैं. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया को कहते हैं कि युद्ध मत करो. यूक्रेन युद्ध को लेकर पीएम मोदी ने कहा था कि यह युग युद्ध का नहीं, डायलॉग का है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने तब कहा था कि पॉलिटिकल डायलॉग की जरूरत है. पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी को फोन उठाकर शहबाज शरीफ (पाकिस्तान के प्रधानमंत्री) से बात करनी चाहिए. उन्होंने दोनों देशों की लीडरशिप की शांति और बातचीत की अपील की और कहा कि खून बहना बंद होना चाहिए. जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम ने आम नागरिकों के मारे जाने का जिक्र किया और कहा कि इन हालात में महिलाओं और बच्चों का क्या कसूर है. महिलाओं और मासूम बच्चों को क्यों टार्गेट किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि मिलिट्री एक्शन कभी बीमारी की जड़ तक नहीं पहुंच पाता है. पाकिस्तान के हालात भी ठीक नहीं है. इस मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप होना चाहिए. महबूबा मुफ्ती ने युद्ध तुरंत रोकने की अपील करते हुए कहा कि पुलवामा हमले के बाद बालाकोट हुआ था. उससे क्या हुआ? उन्होंने कहा कि भारत ने कहा है कि हमने नौ आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया है, मकसद पूरा हुआ. पाकिस्तान भी भारत के फाइटर जेट मार गिराने, पूंछ में सेना के मुख्यालय को तबाह करने के दावे कर रहा है. महबूबा ने कहा कि दोनों ही देशों के नेतृत्व से अपील करना चाहता हूं कि आपका मकसद जब पूरा हो चुका है, तो फिर हमारा खून क्यों बहाया जा रहा है. यह लड़ाई बंद होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान, दोनों ही देश परमाणु संपन्न देश हैं. खुदा न खास्ता परमाणु हथियारों का उपयोग हुआ तो इस रीजन में कोई नहीं बचेगा. भारत-PAK टेंशन पर महबूबा मुफ्ती की PM मोदी से खास अपील पाकिस्तान के खिलाफ भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दोनों देशों में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. भारत-पाकिस्तान के बीच इस टेंशन को लेकर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने गहरी चिंता जताते हुए दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है. महबूबा मुफ्ती ने पीएम मोदी से की अपील न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि शांति और संवाद के जरिए मामले को सुलझाएं ताकि क्षेत्र में शांति बहाल हो सके. महबूबा मुफ्ती ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, '22 अप्रैल को पहलगाम में हुए भीषण हमले ने भारत-पाक संबंधों को 'विनाश के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है.' उन्होंने कहा, 'महिलाओं और बच्चों सहित निर्दोष लोगों की दुखद मौतें और मानवीय कीमत दिल तोड़ देने वाली है. हर पल बढ़ते तनाव के साथ और अधिक जानें खतरे में पड़ती जा रही हैं.' उन्होंने दो टूक कहा कि इस संघर्ष का कोई सैन्य समाधान नहीं हो सकता और इससे केवल और अधिक पीड़ा ही बढ़ेगी. महबूबा मुफ्ती ने भारत और पाकिस्तान के नेतृत्व से शांतिपूर्ण सहअस्तित्व को अपनाने की अपील की. उन्होंने लिखा, 'मैं विशेष रूप से भारत के प्रधानमंत्री से आग्रह करती हूं कि वो बातचीत का रास्ता अपनाएं और इस टेंशन को समाप्त करें. आज, पहले से कहीं अधिक, शांति और बातचीत ही हमारा एकमात्र उपाय होना चाहिए.' भारत के ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए पाकिस्तानी आतंकी उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल 'ईमानदार और निरंतर प्रयासों से ही हम तनाव कम कर सकते हैं और शांति बहाल करने के कठिन कार्य की शुरुआत कर सकते हैं.' बता दें कि पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत का बदला लेने के लिए भारत ने बुधवार की रात को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था. इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक की है. यह कार्रवाई रात डेढ़ बजे के आसपास की गई थी जिसमें कई आतंकी मारे गए हैं.     recent visitors 48

MP में आज बिगड़ेगा मौसम, सनसनाती चलेंगी तेज हवाएं, 12 मई तक आंधी-बारिश का अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मौसम विभाग ने 9 से 12 मई तक पूरे प्रदेश में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक का हाई अलर्ट जारी किया है। अरब सागर से आ रही नमी के कारण प्रदेश में 4 अलग-अलग मौसमी प्रणालियां सक्रिय हो चुकी हैं, जिससे अगले चार दिन मौसम रहस्यमयी और अस्थिर बना रहेगा। कौन से 4 बड़े सिस्टम कर रहे हैं असर? वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ, ऊपरी हवा में चक्रवात, गुजरात तक फैली द्रोणिका और पूर्व-पश्चिम ट्रफ लाइन की वजह से अरब सागर से भारी मात्रा में नमी मध्य प्रदेश की ओर खिंच रही है। इसका असर सबसे ज्यादा इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, धार, श्योपुर, बैतूल और छिंदवाड़ा जिलों में देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कई जिलों के तापमान में आई गिरावट  मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बुधवार को कई शहरों के तापमान में गिरावट देखी गई। इंदौर में तामपान 3.8 डिग्री गिरकर 28.6 डिग्री पर पहुंच गया। इंदौर पचमढ़ी से भी ठंडा रहा। पचमढ़ी में तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।  बुधवार को किसी भी शहर में तापमान 40 डिग्री के पार नहीं पहुंचा। नरसिंहपुर में सबसे ज्यादा 39.6 डिग्री पहुंचा। खजुराहो में 39.4 डिग्री, रीवा में 38.5 डिग्री, सीधी-मंडला में 38.4 डिग्री, उमरिया में 38.1 डिग्री और शिवपुरी-सतना में 38 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 31.4 डिग्री, ग्वालियर में 37 डिग्री, उज्जैन में 29 डिग्री और जबलपुर में पारा 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा। 15 जिलों में बदला रहा मौसम इससे पहले इंदौर, ग्वालियर के साथ बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, श्योपुर, धार, उज्जैन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, मुरैना और शिवपुरी जिलों में गुरुवार को मौसम बदला रहा। यहां बारिश, आकाशीय बिजली चमकने और तेज आंधी का दौर रहा। राजधानी भोपाल में सुबह से ही बादल छाए रहे। शाम को धूप खिली। धार में करीब 1 इंच पानी गिर गया। वहीं, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, शिवपुरी, मंडला और सिवनी में भी हल्की बारिश हुई। तापमान में भारी गिरावट गुरुवार को कई जिलों में तेज हवाएं चलीं और बारिश हुई। भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे और शाम को हल्की धूप निकली। तापमान 31.7 डिग्री रहा, वहीं इंदौर 30.8, उज्जैन 30.4 और जबलपुर 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 30 डिग्री के साथ सबसे ठंडा स्थान रहा। 9 से 12 मई तक कैसा रहेगा मौसम?     9 मई: पूरे प्रदेश में बारिश, गरज-चमक और 40-50 किमी/घंटा की आंधी की चेतावनी।     10 मई: इंदौर, भोपाल, ग्वालियर सहित 20+ जिलों में हलचल।     11 मई: ग्वालियर, जबलपुर, रीवा संभाग में व्यापक असर।     12 मई: प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग समेत सभी जिलों में बारिश का एलर्ट हैं। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रतिघंटा तक की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। मौसम विशेषज्ञतों ने दी क्या चेतावनी? मौसम वैज्ञानिक अजय शुक्ला के अनुसार, "अरब सागर से आ रही नमी और उत्तरी ट्रफ की सक्रियता से यह सिस्टम अगले 4 दिन तक लगातार असर दिखाता रहेगा। किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है।" बारिश के चलते कई शहरों में दिन का तापमान लुढ़क गया। भोपाल में दिनभर बादल रहे। शाम को धूप खिली। यहां पारा 31.7 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में 30.8 डिग्री, ग्वालियर में 35.4 डिग्री, उज्जैन में 30.4 डिग्री और जबलपुर में 35.7 डिग्री सेल्सियस रहा। इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धार में 31.5 डिग्री, शाजापुर में 31.7 डिग्री, खंडवा में 32.1 डिग्री, रतलाम में 32.2 डिग्री, बैतूल में 32.4 डिग्री और नर्मदापुरम में पारा 32.5 डिग्री रहा। गुरुवार को एक भी शहर में तापमान 40 डिग्री या इससे पार नहीं पहुंचा। नरसिंहपुर में सबसे ज्यादा 39.4 डिग्री दर्ज किया गया। चार सिस्टम से बदला मौसम सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस, टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। गुरुवार को कई जिलों में मौसम बदला रहा। 12 मई तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बने रहने का अनुमान है। मई में पड़ेगी सबसे ज्यादा गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मई के महीने में ही सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। पिछले 10 साल का ट्रेंड देखें तो कई शहरों में पारा 47-48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। दिन में हीट वेव चलेगी तो रातें भी गर्म रहेंगी। मई में बारिश का भी ट्रेंड रहता है। इस बार मई की शुरुआत में ही मौसम बदला हुआ है। पहले ही दिन कई जिलों में बारिश हुई। इन जिलों में सबसे ज्यादा गर्मी मौसम विभाग की मानें तो मई महीने में ग्वालियर, छतरपुर, नरसिंहपुर, निवाड़ी, मैहर, टीकमगढ़, भिंड, दतिया, खरगोन, बड़वानी, खंडवा, मुरैना, राजगढ़, रायसेन, शाजापुर, श्योपुरकलां, शिवपुरी और विदिशा जिलों में पारा 45 डिग्री या इससे ज्यादा रहने का अनुमान है। इनमें ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ मालवा-निमाड़ के कुछ शहरों में भी तेज गर्मी रहेगी। छतरपुर के खजुराहो और नौगांव, निवाड़ी के पृथ्वीपुर में पारा 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। भोपाल में पारा 44 से 45 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है जबकि इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में भी पारा इतना रह सकता है। बड़े शहरों में ग्वालियर में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ेगी। यहां पारा 46-47 डिग्री के बीच पहुंचने का अनुमान है। अबकी बार ऐसा रहा अप्रैल का महीना अप्रैल के पहले, दूसरे और तीसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश का दौर बना रहा। पहले सप्ताह में सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पहले सप्ताह रतलाम में लू चल चुकी है। वहीं, बाकी शहरों में गर्म हवाओं से गर्मी बढ़ी रही। दूसरे सप्ताह में पूरे प्रदेश में तेज आंधी, बारिश, ओले और गरज-चमक की स्थिति बनी रही। प्रदेश के 80 प्रतिशत हिस्से में बारिश हुई। दूसरी ओर, … Read more

बलूचिस्तान का लोकतांत्रिक गणराज्य दावा, भारत की धमाकेदार कार्रवाई के बीच दिल्ली में दूतावास खोलने की मांग

क्वेटा भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, एक मशहूर बलूच लेखक मीर यार बलूच ने पाकिस्तान से बलूचिस्तान की आजादी का दावा किया है. उन्होंने भारत सरकार से नई दिल्ली में बलूच दूतावास खोलने की अनुमति देने का आह्वान किया है. बलूच लोगों की वकालत करने के लिए जाने जाने वाले मीर यार बलूच ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट करते हुए ऐलान किया. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से बलूचिस्तान में शांति सेना भेजने की गुजारिश की और मांग की है कि पाकिस्तानी सेना इस इलाके से चली जाए. मीर यार का यह बयान भारत और पाकिस्तान के बीच गंभीर टकराव के बीच आया है. 7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकी शिविरों को निशाना बनाया. इसमें साफ किया गया कि किसी भी पाकिस्तानी सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाया गया. इसके जवाब में, पाकिस्तान ने गुरुवार को नागरिक और सैन्य इलाकों को ड्रोन, मिसाइलों और तोपखाने की गोलाबारी से निशाना बनाकर तनावपूर्ण स्थिति को बढ़ा दिया. भारत ने जवाब में आते हुए ड्रोनों और मिसाइलों को मार गिराया. इसने पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों और एक एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) विमान को भी नष्ट कर दिया. 'हमने अपनी आजादी का दावा किया है' मीर यार बलूच ने दावा किया कि बलूच स्वतंत्रता सेनानियों ने डेरा बुगती में पाकिस्तान के गैस क्षेत्रों पर हमला किया था, जहां 100 से ज्यादा गैस कुएं स्थित हैं. अपनी एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "मुमकिन है कि जल्द ही एक ऐलान किया जाना चाहिए क्योंकि आतंकवादी पाकिस्तान का पतन निकट है. हमने अपनी आजादी का दावा किया है और हम भारत से गुजारिश करते हैं कि वह दिल्ली में बलूचिस्तान के आधिकारिक कार्यालय और दूतावास की अनुमति दे." उन्होंने इंटरनेशनल सपोर्ट की मांग करते हुए कहा, "हम संयुक्त राष्ट्र से बलूचिस्तान लोकतांत्रिक गणराज्य की आजादी को मान्यता देने और मान्यता के लिए समर्थन देने के लिए सभी संयुक्त राष्ट्र सदस्यों की बैठक बुलाने का भी गुजारिश करते हैं." उन्होंने कहा कि करेंसी और पासपोर्ट प्रिंटिंग के लिए अरबों डॉलर के फंड जारी किए जाने चाहिए. 'बलूचिस्तान का कंट्रोल…' मीर यार बलूच ने संयुक्त राष्ट्र से बलूचिस्तान में तत्काल शांति सैनिक भेजने की भी गुजारिश की है. उन्होंने कहा, "हम संयुक्त राष्ट्र से गुजारिश करते हैं कि वह बलूचिस्तान में तुरंत अपने शांति मिशन भेजे और पाकिस्तान की कब्जे वाली सेना से बलूचिस्तान के इलाकों, हवाई क्षेत्र और समुद्र को खाली करने और सभी हथियार और संपत्ति बलूचिस्तान में छोड़ने के लिए कहे." उन्होंने आगे कहा कि सेना, सीमा कोर, पुलिस, सैन्य खुफिया, आईएसआई और नागरिक प्रशासन में सभी गैर-बलूच कर्मियों को तुरंत बलूचिस्तान छोड़ देना चाहिए. मीर यार ने आगे कहा, "बलूचिस्तान का कंट्रोल जल्द ही आजाद बलूचिस्तान स्टेट की नई सरकार को सौंप दिया जाएगा और जल्द ही एक ट्रांजिशनल कंक्लूजिंग अंतरिम सरकार का ऐलान किया जाएगा. मंत्रिमंडल में बलूच महिलाओं का प्रतिनिधित्व हमारे राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता की पूर्ति है." उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान की आजादी सरकार का राजकीय समारोह जल्द ही होगा. हम अपने मित्र देशों के राष्ट्राध्यक्षों को नेशनल परेड देखने और हमें दुआएं देने के लिए बुलाते हैं." एक अन्य मैसेज में मीर यार बलूच ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "अरे ना-पाकिस्तान. अगर तुम्हारे पास सेना है, तो हमारे पास भी सेना है. बलूच स्वतंत्रता सेनानी हमला करते हैं." इससे पहले इंटरनेट पर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों को ले जा रहे एक वाहन को बाहर ले जाते हुए दिखाया गया था. धमाके की जिम्मेदारी लेते हुए बीएलए ने कहा कि इस घटना में इस्लामाबाद ने 14 सैनिक खो दिए. बलूचिस्तान – दिल्ली में एम्बेसी खोलने की मांग आतंकियों का अड्डा बने पाकिस्तान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक ओर जहां पाकिस्तान भारत से पिट रहा है, वहीं बलूचिस्तान की आजादी के लिए काम कर रहे लोग हर मोर्चे पर उस पर हमला कर रहे हैं। अब बलोच लेखक मीर यार बलोच ने एक्स पर पोस्ट कर बलूचिस्तान की पाकिस्तान से आजादी का एलान कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ को बलूचिस्तान में अपना शांति मिशन जल्द से जल्द भेजना चाहिए। लेखक मीर यार ने इसके साथ भारत की राजधानी दिल्ली में बलूचिस्तान की एम्बेसी की खोलने की भी मांग की है। बलूचिस्तान की आजादी के लिए लड़ रहे लोग लगातार पाकिस्तानी सेना को निशाना बना रहे हैं। हाल ही में हमले में पाकिस्तान के 12 सैनिकों को मार गिराया गया था। पाक सेना अब एक तरफ भारत तो दूसरी ओर बलूचिस्तानी लड़ाकों से घिर गई है। पाकिस्तान की पतन करीब मीर यार बलोच ने लिखा है कि पाकिस्तान का पतन अब बहुत ही करीब है, अब जल्द ही इस बात की घोषणा हो जाएगी। उन्होंने इस पर अपनी आजादी का दावा करते हुए भारत सरकार से अपने देश का दूतावास दिल्ली में खोलने की मांग की है।   recent visitors 39

सीमा पर ताजा स्थिति और सुरक्षा तैयारियों पर चर्चा हुई, समीक्षा की, राजनाथ ने सीडीएस, तीनों सेना प्रमुखों के साथ की बैठक

नई दिल्ली पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज CDS और तीनों सेना प्रमुखों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक लगभग दो घंटे तक चली, जिसमें सीमा पर ताजा स्थिति और सुरक्षा तैयारियों पर चर्चा हुई। सेना प्रमुख ने दी जमीनी हालात की जानकारी- बैठक के दौरान, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान के साथ लगे सीमावर्ती क्षेत्रों के मौजूदा हालात से रक्षा मंत्री को अवगत कराया। वहीं, एयरफोर्स प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने भारतीय वायुसेना द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी। भारतीय सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले की कोशिश भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' से बुरी तरह बौखलाए पाकिस्तान की सेना ने गुरुवार रात भारत के उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों में स्थित कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। पाकिस्तानी सेना ने इन हमलों के लिए ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया। भारत ने S-400 ने नाकाम किए हमले पाकिस्तान की इन नापाक कोशिशों को भारत के अत्याधुनिक S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने पूरी तरह से विफल कर दिया। भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने दुश्मन के ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, जिससे किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। recent visitors 35