प्रदेश की साढ़े 7 लाख ट्रक सेना के लिए तैयार: ट्रासंपोर्ट एसोसिएशन ने PM मोदी को लिखा पत्र, ड्राइवरों की छुट्टियां भी निरस्त

इंदौर.  भारत-पाकिस्तान युद्ध के बीच मध्य प्रदेश की साढ़े 7 लाख ट्रक सेना के परिवहन के लिए तैयार है. जिसे लेकर ट्रक और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. इसके अलावा ड्राइवरों की छुट्टियां भी निरस्त कर दी गई है. ट्रक एंड ट्रासंपोर्ट एसोसिएशन ने पीएम मोदी को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की बधाई देते हुए लिखा- हमारी भारतीय सेनाओं को सलाम जिन्होंने कंधार से पहलगाम तक के जख्मों को और उजड़ी मांगों के सिंदूर का बदला लिया और आतंकवादियों, पाकिस्तान सेनाओं को घर में जाकर मारा. यह हमारे लिए गर्व का पल है. एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सेना के ट्रांसपोर्ट के लिए अपने ट्रक उपलब्ध कराने की पहल की है। एसोसिएशन ने इस संबंध में 8 मई को पत्र जारी किया है। संगठन के अध्यक्ष सीएल मुकाती का कहना है कि प्रदेश के साढ़े सात लाख ट्रक सेना के परिवहन के लिए तैयार हैं। हमने कारगिल युद्ध में भी सेना को तब एक हजार ट्रक उपलब्ध कराए थे। अब साढ़े 7 लाख ट्रक युद्ध में सेना के की हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने ड्राइवरों और कंडक्टरों की छुट्टियां भी निरस्त कर दी हैं। एसोसिएशन का कहना है कि हम 24 घंटे आपात स्थिति के लिए तैयार हैं। पत्र में आगे लिखा- महोदय, हमारे ट्रक देश सेवा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए भारतीय सेनाओं के सामान को परिवहन करने के लिए तत्पर हैं और उपलब्ध कराना चाहते है. हम सब आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रत्यक्ष रूप से ट्रक लेकर खड़े हैं आप का आदेश सर आंखों पर रखकर हम आपके खड़े हैं. यह लिखा है पत्र में हमारे देश की आन-बान-शान एवं मां, बहन, बेटी के सिंदूर की लाज रखने के लिए किए गए "ऑपरेशन सिंदूर की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं। साथ ही हमारी भारतीय सेनाओं की सलाम, जिन्होंने कंधार से पहलगाम तक के जख्मों का एवं उजड़ी मांगों के सिंदूर का बदला लिया और आतंकवादियों, पाकिस्तान की सेनाओं को घर में जाकर मारा। यह हमारे लिए गर्व का पल है। हमारे ट्रक देश सेवा में "ऑपरेशन सिंदूर" के लिए भारतीय सेनाओं के सामान को परिवहन करने के लिए तत्पर हैं एवं उपलब्ध कराना चाहते हैं। हम सब आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रत्यक्ष रूप से ट्रक लेकर खड़े हैं। आप का आदेश सर आंखों पर रखकर हम आपके साथ खड़े हैं। पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहलगाम हमले में मारे गए इंदौर के सुशील नथानियल की पत्नी जेनिफर ने कहा, भारत ने सही समय पर बदला लिया, अब खौफ आतंकियों के चेहरे पर दिखना चाहिए। शहरवासियों ने सेना के एक्शन का समर्थन किया और कहा कि आतंकवाद को भारत से जड़ से खत्म करना चाहिए। जीत इस की खुशी में 56 दुकान पर आज मिठाइयां बांटी गई और दिनभर खाना भी फी मिलेगा। वहीं शहर के रीगल चौराहे पर संतों शंखनाद किया। पाकिस्तानी झंडे को जलाकर बोले, निर्दोषों की हत्या का बदला सेना ने लिया। recent visitors 42

तीन जिलों की संयुक्त समीक्षा बैठक, सीएम ने अधिकारियों को दिए कई महत्वपूर्ण निर्देश

रायपुर  सीएम विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज सूरजपुर जिले के जिला पंचायत सभागार में सूरजपुर, कोरिया और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिलों की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित हुई. सीएम ने बैठक में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए. सीएम ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त शिकायतों के अनुसार जिन हैंडपंपों में मरम्मत की आवश्यकता है, उन्हें 10 दिवस के भीतर दुरुस्त कराया जाए. उन्होंने निर्देश दिए कि हैंडपंपों में राइजिंग पाइप का विस्तार कर जल्द मरम्मत की व्यवस्था की जाए, जिससे ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके. सीएम ने अधिकारियों राजस्व प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण करने के साथ ही  स्वामित्व योजना के अंतर्गत अधिकार अभिलेखों का वितरण करने के निर्देश दिए. सीएम ने अधिकारियों को अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और नक्शा बंटांकन जैसे मामलों का शीघ्र निराकरण करने के भी निर्देश दिए. सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना शासन की प्राथमिकता वाली योजना है. इसकी प्रगति पर विशेष ध्यान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए. इस योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि कोई हितग्राही प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करता है तो उसके द्वारा मकान बनाने के लिए परिवहन की जा रही रेत के वाहन को खनिज विभाग द्वारा नहीं रोका जाना चाहिए. प्रधानमंत्री आवास योजना के मामले में किसी भी तरह की कोई भी गड़बड़ी पर संबंधितों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए. सीएम ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि जो आवास मित्र अपने कार्यों में लापरवाही बरत रहे हैं, उनके विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि आगामी में प्रधानमंत्री आवासों की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना है, ऐसे में अधिक से अधिक प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों की आवश्यकता होगी. इसके लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत राजमिस्त्रियों को भवन निर्माण की सेट्रिंग और मेशन का प्रशिक्षण सुनिश्चित दिया जाए, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें और निर्माण कार्य भी तीव्र गति से पूरे होंगे. सीएम ने अधिकारियों को जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आमजन तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता में गांव, गरीब और किसान हैं, जिनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है. बैठक में महिला और बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, जिला पंचायत सूरजपुर की अध्यक्ष इंदुमणी पैकरा, विधायक भैयालाल राजवाड़े, मनेन्द्रगढ़ जिले के प्रभारी सचिव भुवनेश यादव, सरगुजा संभाग के आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर सूरजपुर, कोरिया और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, तीनों जिलों के पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी उपस्थित थे. recent visitors 29

विश्वविद्यालयों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण एवं विश्वविद्यालयीन प्राध्यापकों की नियुक्ति आदि के लिए गठित समितियों ने अंतिम प्रतिवेदन सौंपा

भोपाल उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने गुरुवार को मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में मंत्रि-परिषद के निर्णय के परिपालन में गठित "विश्वविद्यालयों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण के संबंध में गठित समिति" एवं "विश्वविद्यालयीन प्राध्यापकों की भर्ती, नियुक्ति, पेंशन आदि के लिए गठित समिति" की बैठक लेकर विभिन्न बिंदुओं पर व्यापक चर्चा की। "विश्वविद्यालयों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण के संबंध में गठित समिति" ने विश्वविद्यालय की आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ करने एवं अन्य बिंदुओं पर गहन विचार विमर्श कर, अनुशंसाओं के अंतिम प्रतिवेदन का प्रस्तुतीकरण किया। परमार ने कहा कि समिति द्वारा प्राप्त प्रतिवेदन में निहित अनुशंसाओं पर, विभागीय परीक्षण उपरांत प्रभावी क्रियान्वयन का प्रयास किया जाएगा। बैठक में "विश्वविद्यालयीन प्राध्यापकों की भर्ती, नियुक्ति, पदोन्नति, पेंशन आदि के लिए गठित समिति" ने, महाविद्यालयों की तरह विश्वविद्यालयीन प्राध्यापकों की भर्ती, नियुक्ति, पदोन्नति, पेंशन आदि से जुड़े विविध विषयों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मापदंडों के अनुसार एकरूपता रखी जाने को लेकर व्यापक चिंतन-मंथन कर, अंतिम प्रतिवेदन का प्रस्तुतीकरण किया गया। मंत्री परमार ने प्रस्तुत अंतिम प्रतिवेदन के विभिन्न बिंदुओं पर व्यापक विमर्श कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाना, सम्पूर्ण देश का प्रण है। शिक्षा के माध्यम से ही देश को पुनः विश्वमंच पर सिरमौर बनाया जा सकता है। इसके लिए विश्वविद्यालयों को सशक्त एवं सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है। उच्च शिक्षा को उत्तरोत्तर बेहतर बनाने के लिए, विश्वविद्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। परमार ने कहा कि विश्वविद्यालय, स्वायत्त आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए आदर्श रेवेन्यू मॉडल तैयार करें। निधि का, लघु अवधि एवं दीर्घ अवधि के लिए निवेश करने की कार्ययोजना बनाने को लेकर भी चर्चा हुई। परमार ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय रिक्त पदों पर भर्ती एवं नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करें। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों को रिक्त पदों में, नियमानुरूप एवं समस्त आवश्यक मापदंडों एवं मानकों का पालन करते हुए यथाशीघ्र भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, "विश्वविद्यालयों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण के संबंध में गठित समिति" के अध्यक्ष प्रो. आर.पी. तिवारी, कुलपति, पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय एवं "विश्वविद्यालयीन प्राध्यापकों की भर्ती, नियुक्ति, पेंशन आदि के लिए गठित समिति" के अध्यक्ष और महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. भरत मिश्रा सहित 11 सदस्यीय उक्त दोनों समितियों के विभिन्न सदस्य कुलगुरुगण, उनके प्रतिनिधि एवं समन्वय अधिकारी उच्च शिक्षा अनिल पाठक उपस्थित रहे।   recent visitors 29

कराची समेत पूरा पाकिस्तान कुछ ही मिनटों में तबाह कर सकता है INS Vikrant जानिए ताकत

नई दिल्ली पहलगाम आंतकी हमले के भारतीय नौसेना ने अपने पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत INS Vikrant को अरब सागर में करवर तट के पास तैनात किया है. इस युद्धपोत के स्ट्राइक ग्रुप में  एक विमानवाहक पोत, विध्वंसक, फ्रिगेट, पनडुब्बी रोधी युद्धपोत और अन्य सहायक जहाज शामिल हैं. यह समूह एक शक्तिशाली इकाई के रूप में काम करता है, जो विभिन्न समुद्री अभियानों में भाग ले सकता है. ये ग्रुप एक मजबूत सुरक्षा कवच बनाती हैं जो वायु, सतह और पनडुब्बी से बचाव करती हैं. अगर ये स्ट्राइक ग्रुप किसी भी समय पाकिस्तानी नौसेना के छक्के छुड़ा सकती है. कराची और ग्वादर बंदरगाह तक और पूरे पाकिस्तान को तबाह कर सकता है. कितने युद्धपोत हैं इस स्ट्राइक ग्रुप में? आईएनएस विक्रांत का डिस्प्लेसमेंट 45 हजार टन है. यह 262 मीटर लंबा और 59 मीटर चौड़ा है. यह अपने ऊपर 40 फाइटर जेट्स को लेकर चल सकता है. INS विक्रांत में जनरल इलेक्ट्रिक के ताकतवर टरबाइन लगे हैं. जो इसे 1.10 लाख हॉर्सपावर की ताकत देते हैं. इस पर MiG-29K लड़ाकू विमान और 10 Kmaov Ka-31 हेलिकॉप्टर के दो स्क्वॉड्रन हैं. इस विमानवाहक पोत की स्ट्राइक फोर्स रेंज 1500 km है. इसपर 64 बराक मिसाइलें लगी हैं. जो पोत से हवा में मार करने में सक्षम हैं. ब्रह्मोस मिसाइलें भी लैस हैं, जिनसे पाकिस्तान डरता है. कोलकाता क्लास का पहला विध्वंसक. 2014 से नौसेना में तैनात. मोटो है हमेशा युद्द के लिए तैयार. 7500 टन डिस्प्लेसमेंट वाले इस जंगी जहाज की लंबाई 535 फीट है. बीम 57 फीट की है. अधिकतम 56 km/hr की गति से चल सकता है. छह तरह के आधुनिक सेंसर्स से लैस. तीन तरह के इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और डेकॉय सिस्टम से लैस. 32 बराक-8 और 16 ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस. 1 ओटो मेलारा 76 mm नेवल गन, 4 एके-630 CIWS, 4 टॉरपीडो ट्यूब्स, 2 आरबीयू-6000 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर से लैस. इस पर दो सी किंग या ध्रुव हेलिकॉप्टर तैनात हो सकते हैं.   विशाखापट्टनम क्लास का पहला स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक. 2021 से नौसेना में तैनात. 7400 टन का डिस्प्लेसमेंट. लंबाई 535 फीट. बीम 57 फीट है. अधिकतम गति 56 km/hr. रेंज 7400 km है. समंदर में 45 दिन रहने की क्षमता. 50 अधिकारी और 250 नौसैनिक इसमें सवार हो सकते हैं. 6 कवच डिकॉय लॉन्चर्स लगे हैं. इसमें 32 बराक 8 मिसाइलें, 16 ब्रह्मोस एंटी शिप मिसाइल 4 टॉरपीडो ट्यूब्स, 2 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर्स, 7 प्रकार के गन्स होते हैं. ध्रुव और सी किंग हेलिकॉप्टर तैनात हैं. 21 इंच के 4 टॉरपीडो ट्यूब्स हैं. साथ ही 2 आरबीयू-6000 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर्स भी लगाए गए हैं. यह विशाखापट्टनम क्लास का स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर है. 24 नवंबर 2022 से नौसेना में तैनात. यह 7400 टन डिस्प्लेसमेंट का जंगी जहाज है. 535 फीट लंबे इस युद्धपोत की अधिकतम गति 56 KM प्रतिघंटा है. इस पर 300 नौसैनिक रह सकते हैं. 6 कवच डिकॉय लॉन्चर्स लगे हैं. इसमें 32 बराक 8 मिसाइलें, 16 ब्रह्मोस एंटी शिप मिसाइल 4 टॉरपीडो ट्यूब्स, 2 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर्स, 7 प्रकार के गन्स होते हैं. ध्रुव और सी किंग हेलिकॉप्टर तैनात हैं. 21 इंच के 4 टॉरपीडो ट्यूब्स हैं. साथ ही 2 आरबीयू-6000 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर्स भी लगाए गए हैं.   कोलकाता क्लास का स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर. 2016 से नौसेना की ताकत बना हुआ है. मोटो है शत्रु संहारक. 7500 टन डिस्प्लेसमेंट वाले इस जंगी जहाज की लंबाई 535 फीट है. बीम 57 फीट की है. अधिकतम 56 km/hr की गति से चल सकता है. छह तरह के आधुनिक सेंसर्स से लैस. तीन तरह के इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और डेकॉय सिस्टम से लैस. 32 बराक-8 और 16 ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस. 1 ओटो मेलारा 76 mm नेवल गन, 4 एके-630 CIWS, 4 टॉरपीडो ट्यूब्स, 2 आरबीयू-6000 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर से लैस. इस पर दो सी किंग या ध्रुव हेलिकॉप्टर तैनात हो सकते हैं.   तलवार क्लास के सभी जंगी जहाज असल में स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट हैं. इन जंगी जहाजों का समंदर में डिस्प्लेसमेंट 3850 टन होता है. इनकी लंबाई 409.5 फीट, बीम 49.10 फीट और ड्रॉट 13.9 फीट है. ये जंगी जहाज समंदर में अधिकतम 59 km/hr की रफ्तार से चलते हैं. अगर इनकी गति को 26 km/hrकिया जाएगा तो ये 4850 km की रेंज कवर करते हैं. INS Talwar 18 अधिकारियों समेत 180 सैनिकों को लेकर 30 दिन तक समंदर में रह सकता है. उसके बाद इसमें रसद और ईंधन डलवाना पड़ता है. ये जंगी जहाज इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम से लैस हैं. साथ ही 4 केटी-216 डिकॉय लॉन्चर्स लगे हैं. इसके अलावा इसमें 24 Shtil-1 मीडियम रेंज की मिसाइलें तैनात हैं. 8 इगला-1ई, 8 वर्टिकल लॉन्च एंटी-शिप मिसाइल क्लब, 8 वर्टिकल लॉन्च एंटी-शिप और लैंड अटैक ब्रह्मोस मिसाइल भी तैनात है. इसमें एक 100 मिलिमीटर की A-190E नेवल गन लगी है. इसके अलावा एक 76 mm की ओटो मेलारा नेवल गन लगी है. 2 AK-630 CIWS और 2 काश्तान CIWS गन लगी हैं. इन खतरनाक बंदूकों के अलावा दो 533 मिलिमीटर की टॉरपीडो ट्यूब्स हैं. एक रॉकेट लॉन्चर भी तैनात की गई है. इस जंगी जहाज पर एक कामोव-28 या एक कामोव-31 या ध्रुव हेलिकॉप्टर लैस हो सकता है.   recent visitors 33

आईपीएल 2025: भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच बीसीसीआई का बड़ा फैसला, अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच शुक्रवार को बड़ा फैसला लिया है। बीसीसीआई ने तनाव को देखते हुए आईपीएल 2025 का सत्र बीच में ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। इससे पहले, आईपीएल के चेयरमैन अरुण धूमल ने गुरुवार रात बताया था कि मौजूदा स्थिति में आईपीएल का 18वां सत्र जारी रहेगा, लेकिन अब बोर्ड में इसे स्थगित करने का फैसला किया है। इससे पहले, धर्मशाला में दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के बीच खेला गया मुकाबला रद्द कर दिया गया था। फ्लड लाइट्स में खराबी के कारण मैच को रोका गया था और दर्शकों तथा खिलाड़ियों को मैदान से बाहर ले जाया गया था। बीसीसीआई ने बताया था कि धर्मशाला में तकीनी खामी के चलते मैच रद्द किया गया है। हालांकि, गुरुवार से ही आईपीएल 2025 को लेकर संशय चल रहा था। 16 मुकाबले थे शेष बीसीसीआई अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई के हवाले से कहा, 'यह अच्छा नहीं लगता कि जब देश युद्ध में है तब क्रिकेट चल रहा है।' आईपीएल 2025 का सत्र अपने अंतिम पड़ाव पर चल रहा था और इसमें फाइनल सहित कुल 16 मुकाबले खेले जाने शेष थे। आईपीएल 2025 सत्र का फाइनल मुकाबला 25 मई को कोलकाता में खेला जाना था, लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए इस अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। इससे पहले, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने भी पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) को यूएई स्थानांतरित करने का फैसला किया था।   recent visitors 39

एनएचएलएमएल के सहयोग से रोपवे का निर्माण कराया जाएगा- अब मध्यप्रदेश में बनेंगे 17 नए रोपवे

भोपाल भारत सरकार की पर्वतमाला परियोजना के तहत मध्य प्रदेश में 17 स्थानों पर रोपवे बनाए जाएंगे। रोपवे परियोजनाओं में रानी रूपमति पवेलियन मांडू, सिद्धवारकट जैन मंदिर (ओमकारेश्वर), सैलानी आइलेंड खंडवा, रायसेन किला, पातालकोट तामिया, रामराजा मंदिर ओरछा, रनेह फाल खजुराहो, चौरागढ़ महादेव मंदिर पचमढ़ी और दुग्ध धारा अमरकंटक में रोपवे निर्माण किया जाएगा। नेशनल हाइवे लाजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के सहयोग से रोपवे का निर्माण कराया जाएगा। इसको लेकर एमपीआरडीसी ने टेंडर की तैयारी शुरू कर दी है। मप्र सड़क विकास निगम रोपवे निर्माण में एनएचएआइ के साथ समन्वय का काम करेगा। जहां भूमि की आवश्यकता है तो राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी। पहले चरण में जबलपुर, सागर, उज्जैन सहित चार जगहों पर रोपवे बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इनमें उज्जैन में रोपवे को लेकर काम शुरू हो गया हैं। सिंहस्थ से पहले इसे पूरा करने की योजना है। प्रदेश में ये सभी रोपवे पर्वतमाला परियोजना के तहत बनाए जाएंगे। इनके लिए रेलवे से भूमि अधिग्रहण भी किया जा रहा है। उज्जैन के अलावा टिकिटोरिया माता मंदिर सागर में फनीकुलर रोपवे, एमपायर स्टेडियम से गुरुद्वारा जबलपुर एवं सिविक सेंटर से बलदेव बाग जबलपुर में रोपवे निर्माण किया जाएगा। शेष प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं में रानी रूपमति पवेलियन मांडू, सिद्धवारकट जैन मंदिर (ओमकारेश्वर), सैलानी आइलेंड खंडवा, रायसेन किला, पातालकोट तामिया एवं राजवाड़ा चौराहा इंदौर, ग्वालियर किले से फूलबाग चौराहा, रामराजा मंदिर ओरछा, भोपाल में गोल जोड तिराहा से न्यू मार्केट, कोकता ट्रांसपोर्ट नगर से नादरा बस स्टैंड, रनेह फाल खजुराहो, चौरागढ़ महादेव मंदिर पचमढ़ी और दुग्ध धारा अमरकंटक में रोपवे निर्माण किया जाएगा। नेशनल हाइवे लाजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के सहयोग से रोपवे का निर्माण कराया जाएगा। प्रथम चरण निर्मित किए जाने वाले रोपवे उज्जैन रेलवे स्टेशन से श्री महाकाल मंदिर तक रोपवे निर्माण परियोजना में 199 करोड़ रुपये से 1.762 किलोमीटर लंबा रोपवे बनाया जा रहा है। सागर जिले के टिकिटोरिया माता मंदिर पर फनिकुलर रेलवे स्टेशन तक रोपवे निर्माण परियोजना में 17.28 करोड़ रुपये से 15 मीटर लंबा रोपवे निर्मित किया जाएगा। जबलपुर के एमपायर स्टेडियम से गुरुद्वारा तक एवं सिविक सेंटर से बलदेव बाग तक रोपवे निर्माण परियोजना के लिए प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट प्रस्तुत की जा चुकी है।   recent visitors 38

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष सागर में स्वास्थ्य विभाग के अधोसंरचना विकास संबंधी कार्यों की वृहद की समीक्षा

सागर उप मुख्यमंत्री एवं सागर ज़िले के प्रभारी राजेन्द्र शुक्ल ने स्वास्थ्य अधोसंरचना निर्माण कार्यों में गति लाने और समानांतर रूप से आवश्यक उपकरण और फर्नीचर खरीदने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का प्रदाय शीघ्र प्रारंभ हो सके इसके लिए आवश्यक उपकरण और फर्नीचर की उपलब्धता भी साथ ही सुनिश्चित की जाए। इसके लिए सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर संचालन के लिए मैनपॉवर की उपलब्धता बढ़ाने पर सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष सागर में स्वास्थ्य विभाग के अधोसंरचना विकास संबंधी कार्यों की वृहद समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी परियोजनाओं के बारे में जनप्रतिनिधियों से पूर्व में ही चर्चा की जाए तथा उनके साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किए जाएं। उन्होंने उपस्थित विधायक गण से भी कहा कि वे उनके क्षेत्र विशेष के कार्यों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति आदि से समय-समय पर अवगत कराएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए निर्माण कार्यों, अधोसंरचना विकास कार्यों में गति अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य  सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए बजट का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए तथा निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने  निर्देश दिए कि निर्माण एजेंसियों द्वारा किए गए कार्यों के भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो, ताकि कार्यों की गति बनी रहे और गुणवत्ता भी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने लैंड एलॉटमेंट की प्रक्रिया यथासंभव शीघ्रता से करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी बुनियादी और जनहितकारी व्यवस्थाओं पर संबंधित अधिकारी प्राथमिकता पर ध्यान दें। उन्होंने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्‍द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र/आरोग्य मंदिर से संबंधित विभिन्न पूर्ण हो चुके तथा निर्माणाधीन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। सागर जिले में उक्त सभी कार्यों की अनुमानित लागत लगभग 447 करोड़ रुपए है जो विभिन्न निर्माण एजेंसियों जैसे पीडब्ल्यूडी, पीआईएयू, हाउसिंग बोर्ड आदि से संबंधित हैं। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने जिला चिकित्सालय के अंतर्गत 100 बिस्तरीय नवीन भवन के शीघ्र लोकार्पण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिला चिकित्सालय में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के भी निर्देश दिए। इसी प्रकार बीना अस्पताल के रिनोवेशन /नवीनीकरण तथा वहां डॉक्टर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बंडा पीएचसी में बाउंड्री वॉल को प्रस्ताव शामिल करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार 15वें वित्त के तहत कार्यों को शीघ्रता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह संवेदनशील रहकर कार्य करें और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम लाने की दिशा में हर संभव प्रयास करें। उन्होंने कहा कि टेलीमेडिसिन एक प्रभावी योजना है जिसका सीएचसी, पीएचसी और आरोग्य केन्‍द्रों के माध्यम से प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक , सशक्त और जनहितकारी बनाने के लिए अधोसंरचना, मानव संसाधन, उपकरण, प्रबंधन और तकनीकी सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कार्यों की सतत निगरानी करें और सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूरा करें। विधायक शैलेंद्र जैन, वीरेंद्र लोधी, श्रीमती निर्मला सप्रे, महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत, कलेक्टर संदीप जी.आर., पुलिस अधीक्षक विकास शाहवाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी मौजूद थे। recent visitors 46