मोदी सरकार ने Starlink को दी ‘हरी झंडी’, Elon Musk के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली Elon Musk की सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस ऑफर करने वाली कंपनी Starlink पिछले लंबे समय से भारत में एंट्री की कोशिश कर रही है, अब कंपनी की राह आसान होती नजर आ रही है क्योंकि भारत सरकार की ओर से स्टारलिंक को लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया है. LoI यानी लेटर ऑफ इंटेंट संभावित समझौते के बारे में बातचीत के लिए एक मार्गदर्शक रूपरेखा की तरह काम करता है, यह इस को दर्शाता है कि दोनों पक्ष सौदे के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं. सूत्रों के मुताबिक, डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम की ओर से स्टारलिंक को लेंटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे पहले जियो सैटेलाइट कम्युनिकेशन और यूटेलसैट वनवेब को भी समान लाइसेंस के लिए अप्रूवल दिया गया है. लेंटर ऑफ इंटेंट मिलने का मतलब ये है कि अब स्टारलिंक अपनी सेवाएं शुरू करने के लिए अगला कदम उठा सकती है, ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि सरकार की ओर से स्टारलिंक को हरी झंडी मिलती नजर आ रही है. DoT ने जारी किया लेटर ऑफ इंटेंट स्टारलिंक सर्विस सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के जरिए दुनिया भर में हाई-स्पीड और लो-लेटेंसी ब्रॉडबैंड इंटरनेट प्रदान करती है. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दूरसंचार विभाग (DoT) ने अब स्टारलिंक को यह लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया है. इससे पहले सरकार ने Eutelsat OneWeb और Jio Satellite Communications को सैटकॉम सर्विस के लिए लाइसेंस जारी किए थे. लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट्स का इस्तेमाल करती है स्टारलिंक पारंपरिक सैटेलाइट सेवाओं के विपरीत, जो पृथ्वी से बहुत दूर स्थित भू-स्थैतिक (Geostationary) उपग्रहों पर निर्भर करती हैं, स्टारलिंक धरती के करीब स्थित लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) उपग्रहों के सबसे बड़े नेटवर्क (550 किमी ऊपर) का इस्तेमाल करती है. वर्तमान में इसके पास करीब 7,000 LEO उपग्रहों का जाल है, जो भविष्य में बढ़कर 40,000 से अधिक हो सकता है. यह नेटवर्क स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग और वीडियो कॉल जैसे कार्यों के लिए सक्षम ब्रॉडबैंड इंटरनेट सर्विस प्रदान करता है. क्या है Starlink का मकसद? 2002 में एलन मस्क ने स्टारलिंक को शुरू किया था, इस कंपना का मकसद सैटेलाइट के जरिए दुनिया के हर कोने तक हाई स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है. स्टारलिंक अन्य सैटेलाइट सर्विस की तुलना थोड़ा अलग है, इंटरनेट देने वाली सैटेलाइट आमतौर पर धरती से 36000 किलोमीटर दूर जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में होती हैं लेकिन स्टारलिंक लो अर्थ ऑर्बिट में मौजूद है जो धरती से केवल 550 किलोमीटर ऊपर स्थित है. फिलहाल स्टारलिंक के पास 7000 सैटेलाइट नेटवर्क है जिसे कंपनी आने वाले समय में 40 हजार तक बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है. कितनी है Starlink Internet Speed? इंटरनेट स्पीड की बात करें तो रेगुलर यूजर्स को 50Mbps से 250Mbps तक की स्पीड मिलती है, वहीं प्रीमियम प्लान चुनने वाले यूजर्स को कंपनी की तरफ से 500Mbps तक की स्पीड दी जाती है. भारत में स्टारलिंक के प्लान्स की कीमत कितनी होगी? फिलहाल इस बात की जानकारी नहीं मिली है.   recent visitors 47

मालेगांव ब्लास्ट केस का फैसला 31 जुलाई तक टला, NIA कोर्ट ने मुंबई हाईकोर्ट से मांगा समय, साध्वी प्रज्ञा बोलीं-सत्यमेव जयते

भोपाल मालेगांव बम धमाके के मामले में मुंबई की एक विशेष एनआईए कोर्ट का फैसला टल गया है। अब इस मामले में कोर्ट 31 जुलाई को अपना फैसला सुना सकती है। आपको बता दें कि स्पेशल कोर्ट ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से पूर्व सांसद रही साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत अन्य दोषियों को सजा सुनाने के लिए मुंबई हाईकोर्ट से समय मांगा है। इसी के चलते आज सभी आरोपी एनआईए कोर्ट में पेश हुए थे।  आपको बता दें कि, 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में ब्लास्ट हुआ था। इस ब्लास्ट में 6 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 101 आम लोग घायल हुए थे। शुरुआत में मामले की जांच महाराष्ट्र एटीएस ने की थी। साल 2011 में केस नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी को सौंपा गया था। मुख्य आरोपी पूर्व सांसद प्रज्ञा ठाकुर भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर इस केस में मुख्य आरोपी है। उनके अलावा लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत इस आतंकी हमले में कुल 12 आरोपी हैं। इन सभी पर आतंकी साजिश, हत्या, धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप लगे हैं। फिलहाल, देखना दिलचस्प होगा कि क्या मुबई हाईकोर्ट इस मामले में 31 जुलाई 2025 को फैसला सुनाता है या फिर कोई अगली तारीख दी जाएगी। महाराष्ट्र के मालेगांव ब्लास्ट मामले में फैसला टल गया है। गुरुवार को एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने मुंबई हाईकोर्ट से दोषियों को सजा सुनाने के लिए 31 जुलाई तक का समय मांगा है। माना जा रहा है कि अब एनआईए कोर्ट 31 जुलाई को फैसला सुनाएगा। इससे पहले गुरुवार सुबह मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह समेत सभी आरोपी और पीड़ित कोर्ट पहुंचे। केस की मुख्य आरोपी भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर हैं। साध्वी के अलावा लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत कुल 12 आरोपी हैं, जिन पर आतंकी साजिश, हत्या, धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप हैं। 29 सितंबर 2008 को मालेगांव में ब्लास्ट हुआ था। इसमें 6 लोगों की मौत हो गई थी और 101 घायल हुए थे। शुरुआत में मामले की जांच महाराष्ट्र एटीएस ने की थी। साल 2011 में केस नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को सौंप दिया गया। एनआईए ने प्रज्ञा सिंह समेत केस के आरोपियों को क्लीनचिट दे दी थी, लेकिन कोर्ट ने कहा कि आरोपियों को मुकदमे का सामना करना पड़ेगा। अप्रैल 2025 में एनआईए ने यू-टर्न लेते हुए मुंबई की स्पेशल कोर्ट में याचिका दायर करते हुए कहा कि आरोपियों को बेकसूर मानने की बात गलत है, उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साध्वी ने कहा- सत्यमेव जयते पर मेरा विश्वास कोर्ट के बाहर प्रज्ञा ठाकुर ने कहा- आज डिसीजन होना था, ऐसा नहीं है। जज साहब ने तारीख दी थी। अगली तारीख में डिसीजन होगा, ये तय है। जज साहब ने कहा कि इसमें एक लाख से अधिक पेज हैं। बड़ा केस है। इसमें समय लगता है। किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। सबको न्याय मिले। अगली तारीख 31 जुलाई दी है। इसमें सभी को उपस्थित होना चाहिए। ठाकुर ने कहा- सत्यमेव जयते पर मेरा पूर्ण विश्वास है। जिस व्यक्ति पर आरोप लगता है या तो वो जानता है या ईश्वर जानता है। सरकारी पक्ष की ओर से कैपिटल पनिसमेंट की मांग के सवाल पर प्रज्ञा ने कहा- एटीएस चाहती तो मेरी मुंडी उसी दिन मरोड़ देती। उनकी इतनी दुश्मनी है। पता नहीं क्यों है? मैं विधर्मियों के लिए उनकी दुश्मन हूं और हमेशा रहूंगी। जो देशविरोधी हैं…देश के गद्दार हैं, उनकी मैं दुश्मन हूं। वकील बोले- 31 जुलाई को पता चल जाएगा कि कैसे फंसाया गया साध्वी प्रज्ञा सिंह के वकील जेपी मिश्रा ने बताया- 19 अप्रैल को केस आर्गुमेंट से क्लोज हुआ। कोर्ट ने आज 8 मई को केवल सभी आरोपियों को हाजिर रहने के लिए कहा था। सभी ने हाजिरी लगाई। दीदी (प्रज्ञा) भी मौजूद रहीं। अब 31 जुलाई को जजमेंट आएगा। कोई सबूत हो या न हो, जो प्रॉसिक्यूट करता है, वह कहता है कि सबको सजा दो। हम कहते हैं, सबको छोड़ दो। कोर्ट सबूतों के आधार पर डिसाइड करता है कि छोड़ना है या सजा देना है। उन्होंने कहीं नहीं कहा कि कैपिटल पनिशमेंट दो। फांसी दो, कहीं नहीं है। 31 जुलाई को जजमेंट आएगा तो दुनिया को मालूम पड़ जाएगा कि कौन निर्दोष है और आरोपियों को कैसे फंसाया गया। मिश्रा ने कहा- केस में 17 साल लगे, इसके लिए हम लोग जिम्मेदार नहीं हैं, प्रॉसिक्यूशन जिम्मेदार है। झूठा मकोका लगाया। सुप्रीम कोर्ट ने मकोका कैंसिल किया। इसमें 8 साल लग गए। नौ-नौ साल तक लोगों को जेल में रखा गया। ये उस समय के एटीएस की बदमाशी थी, नहीं तो इतना समय नहीं लगता। 323 गवाहों में से 32 ने बदल दिए थे बयान नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने अदालत से आरोपियों के साथ किसी भी तरह की नरमी न बरतने का आग्रह किया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान 323 गवाहों में से 32 ने अपने बयान वापस ले लिए थे। recent visitors 50

रामेश्वर शर्मा ने सीजफायर उल्लंघन पर दी कड़ी प्रतिक्रिया बोले -औकात में रहोगे तो जिन्दा रहोगे वर्ना जमींदोज कर दिए जाओगे

भोपाल आतंकवादी ठिकानों के ध्वस्त हो जाने से बौखलाया पाकिस्तान अब लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है, पाकिस्तानी सेना ने देर रात जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर गोलाबारी की। इसके बाद रात में ही कुपवाड़ा, बारामूला, उरी और अखनूर इलाकों में फिर गोलाबारी की। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर चलाकर भारत ने पाकिस्तान और पीओके में बने आतंकवादी ठिकानों को ठिकाने लगा दिया उनपर मिसाइल स्ट्राइक पर उन्हें ध्वस्त कर दिया उसके बाद से ही पाकिस्तान बौखला गया है और सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है पाकिस्तान की तरफ से मंगलवार को पूरी रात पाकिस्तानी सेना ने पुंछ, बारामुला, राजोरी जिले की एलओसी  के पास वाले गांवों पर तोपों से भारी गोलाबारी की। पाकिस्तानी गोलाबारी में चार बच्चों समेत 15 नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 57 लोग घायल हो गए, इसमें अभी तक 12 मृतकों के नाम सामने आए हैं। हालाँकि पाकिस्तान की इस हरकत का भारत ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं और गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए डोभाल एवं तीनों सेनाओं के अध्यक्षों और सीडीएस से लगातार संपर्क बने हुए हैं और लगातार मीटिंग कर आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। उधर मध्य प्रदेश के भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पाकिस्तान द्वारा किये जा रहे सीजफायर उल्लंघन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने पाकिस्तान को तीखे लहजे में चेतावनी देते हुए कहा- औकात में रहोगे तो जिन्दा रहोगे वर्ना जमींदोज कर दिए जाओगे, यदि तुम आतंकवाद पैदा करोगे तो जैसे तुमने हमारी जानें ली हैं हम आतंकवादियों की जानें लेंगे। आतंकियों को मिट्टी में मिला दिया पाकिस्तान और पीओके में भारतीय सेना द्वारा की गई एयर स्ट्राइक 'ऑपरेशन सिंदूर' पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का बयान सामने आया है। उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई को देश की अस्मिता, बेटियों के सम्मान और स्वाभिमान से जुड़ी लड़ाई करार दिया। शर्मा ने कहा कि भारतीय सेना ने उन आतंकियों को मिट्टी में मिला दिया जिन्होंने भारत की बेटियों का सिंदूर उजाड़ा था। विधायक शर्मा ने कहा कि देश की तीनों सेनाओं- थल सेना, जल सेना और वायु सेना ने मिलकर वह जवाब दिया है, जिसकी अपेक्षा हर भारतीय को थी। जिन आतंकियों ने धर्म पूछकर निर्दोष नागरिकों को मारा, आज उन्हें हमारी सेना ने धूल चटा दी है। यह ऑपरेशन इस बात का प्रतीक है कि अगर भारत की बेटियों का सिंदूर उजड़ता है, तो यह देश उसे दुर्गा और चंडी की शक्ति बनकर वापसी में जवाब देता है।  शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत की जनता की ओर से बधाई देते हुए कहा कि यह कार्रवाई उनके संकल्प और नेतृत्व का परिणाम है। यह सिर्फ जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत के स्वाभिमान की लड़ाई है। यह झंडे, राष्ट्रगान और एकता की लड़ाई है,” शर्मा ने कहा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय स्वाभिमान के क्षण में एकजुट रहें और सेना के साथ खड़े हों। शर्मा ने यह भी कहा कि जो आतंकी ठिकाने अब भी बाकी हैं, उन पर भी कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। विधायक ने ऑपरेशन सिंदूर को श्रद्धांजलि बताया उन शहीदों के लिए, जिनकी जान आतंकी हमलों में गई। “जब तक आतंकवाद का पूरी तरह खात्मा नहीं होगा, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।  हम ढूंढ ढूंढ कर केवल आतंकवादी मार रहे हैं उन्होंने पाकिस्तान से कहा ध्यान रखना हमारे सिखों पर या किसी अन्य पर भूल से भी हमला मत कर देना ये बहुत घातक होगा, हम ढूंढ ढूंढ कर केवल आतंकवादी मार रहे हैं अभी हमने एक भी पाकिस्तानी नागरिक को हाथ नहीं लगाया है लेकिन जो आतंकवादी है उनको कब्रिस्तान और जहन्नुम पहुंचने का काम भारत की सेना ने किया है और करती रहेगी। भारत की सेनाओं में जनता का दिल जीत लिया है भाजपा विधायक ने कहा हम दुनिया के नक्शे से आतंकवाद को खत्म कर देंगे और यदि  पाकिस्तान भी अपने आप को आतंकवादी  देश घोषित करेगा तो फिर इसके बारे में भी भारत की सेना विचार करेगी, प्रधानमंत्री मोदी और भारत की सेनाओं में देश की जनता का दिल जीत लिया है। recent visitors 22

पाक का एयर डिफेंस सिस्टम तबाह, कई शहरों में जोरदार ड्रोन अटैक, लाहौर और कराची में हड़कंप

लाहौर / कराची/ सियालकोट पाकिस्तान में एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह तबाह हो गई है. इसका नजारा गुरुवार को देखने को मिला, जब लाहौर से लेकर कराची तक कई बड़े शहरों में धड़ाधड़ ड्रोन के अटैक हुए. पाकिस्तान सरकार के मुताबिक अब तक 25 ड्रोन अटैक हो चुके हैं. लाहौर, कराची और रावलपिंडी में 3 बड़े ड्रोन अटैक हुए हैं.भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार तनातनी की खबरें आ रही हैं. इंडियन आर्मी के द्वारा पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक करते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' लॉन्च किए जाने के बाद पाकिस्तान लगातार बदले की कार्रवाई की बात कर रहा है. इसी बीच खबर आ रही है कि पाकिस्तान के सियालकोट, लाहौर और एक अन्य शहर में पाकिस्तानी सेना की एयर डिफेंस यूनिट को भारी नुकसान हुआ है.सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना के हेडक्वार्टर 9 मिसाइल डिफेंस सिस्टम यूनिट्स को ड्रोन हमलों में भारी नुकसान हुआ है इन तीनों ही शहरों में ड्रोन अटैक से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है. रावलपिंडी, लाहौर और कराची में आर्मी का कैंप है. रावलपिंडी में तो आर्मी कैंप को ही उड़ा दिया गया है. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक कराची में ड्रोन ब्लास्ट हुआ है. ड्रोन ब्लास्ट के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है. सेना ने इलाके को अपने कब्जे में ले लिया है. कराची में ही पाकिस्तान का सभी परमाणु बम स्टोर है. ऐसे में जिस तरह से कराची में ड्रोन ब्लास्ट हुआ है, उसने पाकिस्तान के सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा दिया है. कराची ब्लास्ट को सुरक्षा में बड़ी सेंध बताया जा रहा है. खबरों में कहा गया है कि लाहौर में नेवी बेस के पास और कराची में आर्मी बेस पर धमाके हुए हैं. अब तक 12 शहरों में ड्रोन अटैक पाकिस्तान के कराची, गुंजरावाला, लाहौर, चकवाल और घोटकी समेत 12 में ड्रोन अटैक हुआ है. ड्रोन अटैक की वजह से इन इलाकों में इमरजेंसी के हालात हैं. यह ड्रोन कहां से आया है, अब तक पाकिस्तान ने इस पर कुछ नहीं कहा है. न ही ड्रोन अटैक को लेकर किसी ने जिम्मेदारी ली है. सबसे ज्यादा 3 ड्रोन ब्लास्ट लाहौर में हुआ है. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक कुल 12 धमाके अब तक पाकिस्तान में हो चुके हैं. लाहौर में सैन्य ठिकाने के पास ही ड्रोन ब्लास्ट की खबर है. एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह से फेल ड्रोन धमाके को रोकने में पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह फेल नजर आ रहा है. दिलचस्प बात है कि बुधवार को भरी सदन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान के वायुसेना की जमकर तारीफ की थी. शहबाज का कहना था कि पाकिस्तान की वायुसेना मजबूती से मैदान में डटी है. पीएम की तारीफ के तुरंत बाद पाक के वायुसेना चीफ से असीम मुनीर ने मुलाकात की थी. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने दावा किया कि हमने 12 हैरप ड्रोन्स को मार गिराया है। इन्हें लाहौर और कराची में मार गिराया गया। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में ड्रोन्स की कुछ तस्वीरें भी दिखाईं। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। इस तरह पाकिस्तान ने खुद स्वीकार किया है कि एक दिन पहले ही उसके यहां ऐक्टिव 9 आतंकी ठिकाने नेस्तनाबूद करने के बाद भारत ने 9 शहरों पर ड्रोन अटैक किए हैं। पाक सेना ने कहा कि भारत का यह ऐक्शन गंभीर है और हमें उकसाने वाली कार्रवाई है। जनरल चौधरी ने कहा कि यह खुले तौर पर हमें उकसाने वाली कार्रवाई है। उन्होंने कहा कि हमारी सेना पूरी तरह से अलर्ट पर है। दरअसल हैरप ड्रोन्स को इजरायल की कंपनी MBT मिसाइल डिविजन ने तैयार किया है। यह कंपनी इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज की एक ब्रांच है। इजरायली कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक ये ड्रोन्स युद्ध के दौरान टारगेट अटैक करने में माहिर हैं। इन्हें ऑपरेटर्स की कमांड के साथ कहीं भी भेजा जा सकता है। इन ड्रोन्स को दुश्मन के एयर डिफेंस को मार गिराने और अन्य टारगेट्स को निपटाने में सक्षम है। दरअसल इन ड्रोन्स की खासियत यह है कि इसमें एक तरह की छोटी मिसाइल भी होती है। इसके अलावा इन ड्रोन्स को पूरी तरह ऑटोमेटिक या फिर सेमी-मैनुअल तरीके से भी संचालित किया जा सकता है। इजरायल के इन ड्रोन्स की भारत और अजरबैजान ने बड़े पैमाने पर खरीद की है। बता दें कि पाकिस्तान ने खुद ही पंजाब के अमृतसर और उसके आसपास के इलाकों में ड्रोन और मिसाइलों से हमले की कोशिश की थी, जिसे भारत ने नाकाम कर दिया। अमृतसर के कई इलाकों में खेतों में पाकिस्तानी ड्रोन्स और मिसाइलों के टुकड़े पाए गए हैं। इनका निरीक्षण करने के लिए सेना के भी कई अधिकारी आज मौके पर पहुंचे।   recent visitors 51

उज्जैन में युवतियों के साथ हैवानियत के आरोपियों का पुलिस ने जुलूस निकाला

उज्जैन उज्जैन के बिछड़ौद में नाबालिग लड़कियों को फंसा उनके साथ गंदी साजिश करने वाले आरोपियों का पुलिस ने गुरूवार को जुलूस निकाला। इस दौरान वहां भारी सुरक्षा बल मौजूद था। बता दें कि बिछड़ौद के लोगों की मांग थी कि जिन आरोपियों ने उनकी बहन बेटियों को झांसे में ले दोस्ती की और उनके अश्लील वीडियो बनाए उनका गांव में जुलूस निकाला जाए। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल से 9 लड़कियों के 16 अश्लील वीडियो और फोटो मिले हैं। फिलहाल पुलिस गंभीरता से मामले की जांच कर रही है। 9 लड़कियों के 16 वीडियो फोटो आए सामने बता दे कि, आरोपी(Ujjain Love Jihad) इकरार, उजैर पठान, राजा रंगरेज, जुबेर मंसूरी, जुनेद मंसूरी, फेज खान को कोर्ट में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। उनके गिरोह में और कितने युवक शामिल हैं। साथ ही एक-एक आरोपी के मोबाइल डेटा सहित उनका सोशल प्लेटफार्म प्रोफाइल खंगाला जा रहा है। आशंका है कि आरोपियों ने इसी तरह गांव व आसपास की अन्य लड़कियों को भी टॉरगेट किया हो। अब तक 7 आरोपियों के मोबाइल से गांव की 9 लड़कियों के 16 वीडियो और अश्लील फोटो मिले हैं। इसमें एक महिला का वीडियो भी सामने आया है। वहीं चार लड़कियों की शिकायत पर एफआइआर दर्ज हो सकी। पुलिस ने किया था शॉर्ट एनकाउंटर बुधवार तड़के 4 बजे लव जिहाद मामले में आरोपा फरमान मंसूरी ने बहाने से पुलिस आरक्षक की राइफल छीनकर दो फायर कर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस पुलिस शॉर्ट एनकाउंटर कर उसके पैर के नीचले हिस्से में गोली मारी और उसे पकड़ लिया। recent visitors 40

सुकमा में सुरक्षाबलों ने 8 नक्सलियों को किया ढेर, 5 जवान शहीद

सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई. इस ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने दो डिवीजनल कमेटी (डीवीसी) के वरिष्ठ सदस्य समेत 8 नक्सलियों को मार गिराया. हालांकि, इस मुठभेड़ में तेलंगाना की 'ग्रीन फाइटर' टीम के 5 जवान भी शहीद हो गए. ये एनकाउंटर तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमाओं के संगम पर स्थित कर्रिगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र में हुआ. इस ऑपरेशन में सुकमा पुलिस और अन्य सुरक्षाबल शामिल रहे. खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किए गए इस अभियान का मकसद नक्सलियों के गढ़ में उनकी गतिविधियों को कुचलना था. कर्रिगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र नक्सलियों का मजबूत ठिकाना माना जाता है, जहां वे लंबे समय से सक्रिय हैं. ऑपरेशन मं नक्सलियों को बड़ा नुकसान मुठभेड़ के दौरान भारी गोलीबारी हुई, जिसमें सुरक्षाबलों ने नक्सलियों को घेर लिया. इस ऑपरेशन में नक्सलियों को बड़ा नुकसान हुआ. मारे गए डीवीसी सदस्य संगठन के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिकार थे. 5 जवान हुए शहीद तेलंगाना की 'ग्रीन फाइटर' टीम के 5 जवानों ने इस मुठभेड़ में अपनी जान गंवाई है. 'ग्रीन फाइटर' टीम नक्सल विरोधी अभियानों में अपनी बहादुरी के लिए जानी जाती है. सुकमा पुलिस ने क्षेत्र में स्थिति को नियंत्रण में बताया है और फिलहाल वहां शांति बनी हुई है. पहले 22 से अधिक नक्सलियों को किया ढेर वहीं, 7 मई को छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर बीजापुर जिले के कर्रिगुट्टा पहाड़ियों के जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी. इस ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने 22 से अधिक नक्सलियों को मार गिराया. यह कार्रवाई 'ऑपरेशन संकल्प' के तहत हुई, जो 21 अप्रैल से शुरू हुआ है और नक्सलियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान माना जा रहा है. ड्रोन की मदद से हुई पुष्टि इस ऑपरेशन में लगभग 24,000 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं, जिनमें जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और कोबरा यूनिट के जवान हैं. इस मुठभेड़ के दौरान ड्रोन की मदद से नक्सलियों की मौजूदगी की पुष्टि की गई थी. recent visitors 30

बुंदेलखंड में पली-बढ़ी कर्नल सोफिया कुरैशी, इस स्कूल में हासिल की प्राथमिक शिक्षा, तीन पीढ़ियों से सेना में कुरैशी खानदान

 छतरपुर  भारतीय सेना ने बीती रात पाकिस्तान में अलग-अलग 9 ठिकानों में एयर स्ट्राइक कर जवाबी हमला किया। इस हमले की जानकारी देने के लिए सेना ने बुधवार की सुबह प्रेस ब्रीफिंग की। प्रेस को ब्रीफ करने के दौरान सेना में कर्नल सोफिया कुरैशी (Sophia Qureshi), विंग कमांडर व्योमिका सिंह (Vyomika Singh) के साथ विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री मौजूद रहे। प्रेस ब्रीफिंग करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी का संबंध छतरपुर के नौगांव बुंदेलखंड (Madhya Pradesh) से है। कर्नल सोफिया कुरैशी का जन्म 1976 में पुणे में हुआ। जन्म के बाद सोफिया के पिता परिवार को लेकर मध्य प्रदेश के छतरपुर के नौगांव में शिफ्ट हो गए। इनका पुस्तैनी मकान नौगांव में ही है। सोफिया ने प्राथमिक शिक्षा नौगांव में ही हासिल की। उन्होंने पहली से तीसरी कक्षा तक नौगांव के जीटीसी स्कूल से पढ़ाई की। कर्नल सोफिया नौगांव में पली बढ़ी। पिता फौज में होने के कारण उनका स्थानांतरण होता रहा। कर्नल सोफिया कुरैशी का नाम चर्चा में आते ही मध्य प्रदेश का सीना भी गर्व से फूल गया। जैसे ही ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की प्रेस ब्रीफिंग हुई और सोफिया कुरैशी ने पत्रकारों को संबोधित किया तो पूरे नौगांव के साथ ही प्रदेशभर में खुशी की लहर दौड़ गई। चचेरे भाई मोहम्मद रिजवान कुरैशी ने बताया कि सोफिया ने नौगांव के शासकीय आदर्श प्राथमिक शाला जीटीसी में पढ़ाई की है। वहीं रिजवान कुरैशी ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की और ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत ने मुहंतोड़ जवाब दिया है। हमें गर्म है। सोफिया कुरैशी ने बड़ौदा में आगे की पढ़ाई कर सेना ज्वाइन की। सोफिया की शादी सेना में कर्नल तजुद्दीन से हुई है। सोफिया के पिता ताज मोहम्मद कुरैशी भी आर्मी में थे। पिता से लेकर चाचा, दादा, चचेरी बहन और चचेरा भाई सेना के माध्यम से देश की सेवा कर रहे हैं। मिशन पूरा हुआ, कैसा लगा, धमाका कर दिया न। कर्नल सोफिया कुरैशी का जन्म रंगरेज मोहल्ले में 12 दिसंबर 1975 को हुआ। उनकी प्राथमिक शिक्षा नौगांव के शासकीय जीटीसी प्राथमिक स्कूल से हुई। नौगांव में उनके चाचा का परिवार रहता है। बहन ने परिवार का सम्मान बढ़ाया सोफिया के चचेरे भाई मैकेनिकल इंजीनियर मोहम्मद रिजवान ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहा, सोफिया कर्नल बन चुकी है। उसने नौगांव में रहकर एक से पांच तक जीटी स्कूल में पढ़ाई की। नौगांव शहर के लोगों को बेटी पर गर्व है। रिजवान ने कहा, भारतीय सेना ने पाकिस्तान को जो मुंहतोड़ जवाब दिया है, उससे हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। पूरी दुनिया को आपरेशन सिंदूर की जानकारी बहन सोफिया ने दी, इससे परिवार का सम्मान और बढ़ गया है। आतंकवादियों ने हमारे टूरिस्ट्स को मारा था। भारत ने 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल दागी हैं। यह बहुत जरूरी था। पुलवामा आतंकी हमले में भी हमारे कई जवान शहीद हुए थे। भारत ने बहुत सुन लिया, अब हमारी सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है। सोफिया का पूरा परिवार भारतीय सेना में सोफिया के पिता ताज मुहम्मद कुरैशी बीएसएफ में सूबेदार के पद से रिटायर्ड हैं। उनके चाचा इस्माइल कुरैशी और वली मुहम्मद भी बीएसएफ में सूबेदार रहे हैं। पिता की नौकरी के कारण सोफिया की आगे की पढ़ाई बड़ौदा और रांची में हुई। बड़ौदा में पढ़ाई पूरी होने के बाद सोफिया का चयन भारतीय सेना में हुआ। वे लेफ्टिनेंट से कैप्टन, फिर झांसी में मेजर और गांधीनगर में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर रहीं। वर्तमान में वे कर्नल के पद पर सेवारत हैं। उनके पति ताजुद्दीन कुरैशी भी सेना में मेजर हैं। 'बेटी ने बहनों-माताओं के सिंदूर का बदला लिया' सोफिया के पिता ताज मोहम्मद कुरैशी ने कहा, हमारी बेटी ने देश के लिए बहुत बड़ा काम किया है, हमें उस पर गर्व है। पाकिस्तान को नष्ट कर देना चाहिए। मेरे दादा, पिता और मैं सभी सेना में था। अब बेटी सेना में है। मां हलीमा कुरैशी ने कहा, बेटी ने बहनों और माताओं के सिंदूर का बदला ले लिया है। सोफिया पिता और दादा के पदचिह्नों पर चलना चाहती थीं। बचपन में ही कहती थी कि सेना में जाना है। सोफिया ने पहले भी किया देश का नेतृत्व सोफिया ने 2016 में एक्सरसाइज फोर्स-18 में भारतीय टीम का नेतृत्व किया। यह भारत का सबसे बड़ा विदेशी सैन्य अभियान था। इसमें वह एकमात्र महिला कमांडर थीं। सोफिया ने 6 साल तक संयुक्त राष्ट्र के शांति रक्षा अभियानों (Peacekeeping Operations) में सेवा दी। नौगांव से सोफिया का रिश्ता मल्टीनेशनल फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज में भारतीय सेना का नेतृत्व कर चुकीं सोफिया कुरैशी का जन्म नौगांव के रंगरेज मोहल्ले में हुआ. उनके पिता ताज मोहम्मद कुरैशी BSF में सूबेदार के पद से रिटायर हुए हैं. सोफिया का जन्म 12 दिसंबर 1975 को हुआ. उनकी प्राथमिक शिक्षा नौगांव के शासकीय जीटीसी प्राथमिक स्कूल में हुई. इसके बाद उनके पिता का स्थानांतरण बड़ौदा, रांची और फिर बड़ौदा हुआ, जिसके कारण सोफिया की शिक्षा तमाम स्थानों पर हुई. सोफिया के चाचा इस्माइल कुरैशी और वली मोहम्मद भी बीएसएफ में सूबेदार के पद पर कार्यरत थे, जबकि उनके पिता ताज मोहम्मद भी सेना से रिटायर हुए. इस कारण उनके घर में शुरू से ही देशभक्ति का माहौल रहा. सेना में जाने की प्रेरणा सोफिया को उनके परिवार से मिली. सोफिया कुरैशी ने बड़ौदा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होकर सेना में चयन प्राप्त किया. इसके बाद वे लेफ्टिनेंट बनीं, फिर पदोन्नति के साथ कैप्टन, झांसी में मेजर और गांधीनगर में लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में कार्यरत रहीं. वर्तमान में वे कर्नल के पद पर सेना में देश की सेवा कर रही हैं. recent visitors 46